मनीष कौशिक
मोहला—सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 25 मई को जनपद पंचायत मोहला के ग्राम पंचायत आमाडुला में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विभिन्न मांगों एवं शिकायतों के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। शिविर का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करना रहा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार शासन की जनहितकारी सोच का प्रतीक है, जिसके माध्यम से प्रशासन गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने तथा अपने गांव के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती गैंदकुंवर ठाकुर, सदस्य श्रीमती सीता देवी कोमरे, सदस्य श्रीमती लक्ष्मी कोला, सदस्य श्री तीरथ रावटे, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंचगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
*13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे शिविर*
आमाडुला क्लस्टर अंतर्गत आमाडुला, जोबटोला, सोमाटोला, दनगढ़, बोगाटोला, मचांदूर, पिडिंगपार, बिरझुटोला, कोडेमरा, मोतीपुर, पुत्तरगोंदीकला, डुमरटोला एवं मुनगाडीह सहित कुल 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शिविर में पहुंचे। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मांग एवं शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के साथ कार्रवाई प्रारंभ की गई।
*विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ हितग्राहियों को मिला लाभ*
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं, पात्रता एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पात्र हितग्राहियों को मौके पर प्रमाण पत्र, सहायता राशि, सामग्री एवं अन्य लाभ वितरित किए गए। स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों ने ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने एवं जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन की सक्रिय पहल से ग्रामीणों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण देखने को मिला।













