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भेलवापानी डंडाईखेडा सहित तमाम जगह रेत माफिया का आतंक, नदियों का सीना चीरकर खुलेआम हो रही तस्करी; प्रशासन मौन…..रिपोर्टर:-विरेन्द्र कुमार रावटे।।

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भेलवापानी डंडाईखेडा सहित तमाम जगह रेत माफिया का आतंक, नदियों का सीना चीरकर खुलेआम हो रही तस्करी; प्रशासन मौन…..रिपोर्टर:-विरेन्द्र कुमार रावटे।।

कांकेर:-

उत्तर बस्तर कांकेर के दुर्गकोंडल, दंडाईखेड़ा भेलवापनी ,चारामा और कांकेर ब्लॉक में इन दिनों रेत का अवैध कारोबार अपनी चरम सीमा पर है। राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक मिलीभगत के चलते रेत माफिया ने क्षेत्र की नदियों को तबाह करना शुरू कर दिया है। हजारों की संख्या में हाइवा प्रतिदिन रायपुर, भिलाई और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र भेजे जा रहे हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है, बल्कि शासन को करोड़ों के राजस्व का चूना भी लग रहा है।*

*दिखावे की लीज, खेल कहीं और का*

स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का आरोप है कि रेत माफिया के पास लीज और रॉयल्टी की पर्चियां तो होती हैं, लेकिन वे महज़ दिखावे के लिए हैं। वास्तविकता यह है कि लीज कहीं की, खनन कहीं और: जिस घाट की लीज आवंटित है, वहां के बजाय माफिया उन जगहों से रेत निकाल रहे हैं जहां खनन प्रतिबंधित है।

फर्जी रॉयल्टी: रॉयल्टी पर्चियां दूसरे जिलों या अन्य घाटों की इस्तेमाल की जा रही हैं।

खनिज विभाग पर सांठगांठ के आरोप: आरोप है कि खनिज विभाग के अधिकारी इस पूरे खेल में शामिल हैं और मोटी कमीशन लेकर अवैध उत्खनन को अपनी मूक सहमति दे रहे हैं।

बर्बाद हो रही पीएमजीएसवाई (PMGSY) सड़कें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें, जो हल्के वाहनों के लिए डिजाइन की गई हैं, आज रेत से लदे 60 से 70 टन के भारी-भरकम हाइवा के नीचे दबकर दम तोड़ रही हैं। इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और ग्रामीणों का चलना दूभर हो गया है।

विरोध करने पर ‘फर्जी केस’ और धमकियां

इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और ग्रामीणों को दबाने के लिए माफिया दमनकारी नीति अपना रहा है।

“अगर कोई विरोध करता है, तो उसे भाजपा-कांग्रेस के रसूखदार नेताओं का डर दिखाया जाता है। इतना ही नहीं, विरोध करने वालों के खिलाफ फर्जी शिकायतें दर्ज कराकर उन्हें बदनाम करने और डराने का प्रयास किया जा रहा है।”

— स्थानीय निवासी

गांवों में गुटबाजी और अशांति

रेत माफिया ने अपने स्वार्थ के लिए शांत गांवों में गुटबाजी पैदा कर दी है। पैसों के लालच में कुछ लोगों को अपने पाले में लेकर ग्रामीणों के बीच ही विवाद और उपद्रव कराया जा रहा है, जिससे सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है।

*प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग*

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क्षेत्र की जनता और निष्पक्ष जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध उत्खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

भारी वाहनों के प्रवेश से ग्रामीण सड़कों को बचाया जाए।

लीज और रॉयल्टी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और माफियाओं पर एफआईआर दर्ज की जाए।

यदि प्रशासन समय रहते नहीं चेता, तो नदियों के तटीय कटाव और पर्यावरण असंतुलन के कारण भविष्य में क्षेत्र को गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।

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*माओवादियों का गढ़ कहे जाने वाला तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*माओवादियों का गढ़ कहे जाने वाला तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

बीजापुर 05 मई 2026- विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर स्थित ग्राम तर्रेम में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा है।

राज्य सरकार की पहल से क्षेत्र में पहुंच आसान हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव हुआ। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों की ओपीडी, सुरक्षित प्रसव सेवाएं तथा लैब जांच की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और 102 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रभावी संचालन के साथ आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।

कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी के नेतृत्व में आकांक्षी विकासखंड उसूर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक NQAS प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी 2026 से वर्चुअल मूल्यांकन किया गया जिसमें 12 सेवाओं के आधार पर कुल 88.19ः अंक प्राप्त हुए। मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ सीएचओ, आरएचओ महिला एवं पुरुष से राष्ट्रीय कार्यक्रमों और ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं पर विस्तार से जानकारी ली गई, जिसमें सभी कर्मी सफल रहे।

इस उपलब्धि में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री वरुण साहू, नर्सिंग ऑफिसर मानसी ताटपल्ली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश ठाकुर, सेक्टर प्रभारी डॉ शिवा गौरी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्रवण नेताम, डाटा प्रबंधक निरंजन भोई सहित समस्त स्वास्थ्य स्टाफ, सीएचओ, आरएचओ, एएनएम एवं मितानिनों का विशेष योगदान रहा।

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शिक्षक राजू पुजारी आत्महत्या मामला: न्याय की मांग को लेकर 6 मई को तेलंगा समाज का प्रदर्शन,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

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शिक्षक राजू पुजारी आत्महत्या मामला: न्याय की मांग को लेकर 6 मई को तेलंगा समाज का प्रदर्शन,,,,,,,,,,,,,,,

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सर्व आदिवासी समाज और महार, महारा, कलार समाज का समर्थन, आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से बढ़ा आक्रोश

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,, पालनार में पदस्थ शिक्षक राजू पुजारी के आत्महत्या मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। आदिम तेलंगा समाज ने इस मामले में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर 6 मई को बीजापुर में रैली और प्रदर्शन करने की घोषणा की है। प्रस्तावित आंदोलन को सर्व आदिवासी समाज और महार, महारा, कलार समाज ने भी अपना समर्थन दिया है, जिससे यह आंदोलन और व्यापक होता नजर आ रहा है।
तेलंगा समाज के जिला अध्यक्ष आदिनारायण पुजारी के अनुसार, 22 अप्रैल को चेरपाल निवासी एवं प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ शिक्षक राजू पुजारी ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें मृतक ने तीन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
घटना के डेढ़ हफ्ते बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
बताया गया कि स्वर्गीय राजू पुजारी तेलंगा समाज में जिला सचिव के पद पर भी कार्यरत थे और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभाते थे। उनके निधन से समाज में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि 6 मई को आयोजित प्रदर्शन के दौरान रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की जाएग।

*बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद की विजय — महेश गागड़ा*,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,

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*बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद की विजय — महेश गागड़ा*,,,,,,,,,,,,,,

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*तीन राज्यों में भाजपा-एनडीए की बड़ी जीत: कार्यकर्ताओं के संघर्ष और नेतृत्व की रणनीति का असर*

बीजापुर /,,,,,,,,,,,,,पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की ऐतिहासिक जीत का परिणाम विकासवाद और सुशासन की शुरुआत है। यह पश्चिम बंगाल के एक-एक कार्यकर्ता की जीत हैं। कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने बंगाल के लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों में भाजपा और एनडीए को शानदार जीत मिली । इस जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने इसे लाखों सनातनी ‘विकास और राष्ट्रवाद’ की जीत बताया है। पश्चिम बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनना एक ऐतिहासिक कदम है। महेश गागड़ा ने असम में भाजपा की लगातार तीसरी बार जीत को सुशासन, संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और शीर्ष नेतृत्व के प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अटूट विश्वास ने असम को विकास के नया आयाम, जनता का विश्वास और सुशासन महत्व ने बड़ी जीत दिलाई। साथ ही पुडुचेरी में पार्टी का शानदार प्रदर्शन ने भाजपा शानदार जीत का परिणाम हैं। इन तीनों जगह का शानदार जीत पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर विधानसभा में पूर्व मंत्री एवं छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ के प्रदेश अध्यक्ष महेश गागड़ा ने भैरमगढ़ में कार्यकर्ताओं के संग मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। सभी कार्यकर्ताओं को बधाई शुभकामनाएं दीं ।

*खाद-बीज, रसोई गैस और नेटवर्क की समस्या को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने खोला मोर्चा, अशोक तलांडी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*खाद-बीज, रसोई गैस और नेटवर्क की समस्या को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने खोला मोर्चा, अशोक तलांडी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

बीजापुर जिले के रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष बीजापुर अशोक कुमार तलांडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि किसान अन्नदाताओं को समय पर खाद्य बीज नहीं देने से मजबूरन तेलंगाना आंध्र प्रदेश महाराष्ट्र से ऊंचे दामों में खाद्य बीज लेते हैं ,जबकि छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार कहती हैं कि राज्य के हर वर्ग को शासन की महत्व कांक्षी योजनाएं का लाभ नियमित दे रहे हैं यह सरासर झूठ है।

 

विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार को सोचने की आवश्यकता है कि कि समय पर किसानों को खाद्य बीज नहीं देने के स्थिति में यहां के किसान अन्नदाता अन्यत्र राज्यों से ऊंचे दामों में खाद्य बीज क्रय कर ला रहे हैं, इस खरीफ फसल सीजन में ऐसा न हो जितने भी पूर्व एवं वर्तमान पंजीकृत किसानों के मांग अनुरूप खाद्य बीज व किसानों से संबंधित योजनाओं का लाभ अविलंब पूरा किया जाए ।

 

तलांडी ने यह भी कहा राज्य व केंद्र सरकार एक ओर कहती हैं कि एक पेड़ मां के नाम पर ऐसा नहीं है केवल से केवल कारपोरेट जगत को लाभ पहुंचाने जल जंगल जमीन व लाखों हजारों पेड कटवा रही यह बताने की आवश्कता नहीं..

 

तलांडी ने यह भी कहा कि आवश्यकता अनुसार गांव गरीब माध्यम साक्षम लोगों को गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है कि आज़ के दिनांक में रसोई गैस की आवश्यकता को जनता के मांग अनुरूप गैस सिलेंडर न देकर 45 दिनों में देने से तब तक क्या करेंगे वर्तमान में गैस सिलेंडर के अलावा दुसरा विकल्प नहीं पूर्व की तरह कैरोसिन मिट्टी तेल भी उपलब्ध होता तो स्टोव के माध्यम से पकवान बना सकते थे लेकिन राज्य व केंद्र सरकार के नाकामियों के वजह से खाद्य बीज के लिए किसान अन्नदाताओं व घरेलू गैस सिलेंडर के हितग्राही परेशान हैं ।

तलांडी ने सरकार को चेताते कहा कि गैस सिलेंडर 45 दिनों में दे पर विकल्प तो बता दें रसोई गैस के बगैर विकल्प के 45 दिनों की फरमान को वापस लिया जाकर रसोई गैस सिलेंडर हितग्राहियों को कम-से-कम 30 दिनों में गैस सिलेंडर दिया जाए, जबकि देश भर में विभिन्न राजनीतिक दलों व समाजिक संगठन आम जनता माता बहनें दिन ब दिन बढ़ती मंहगाई और खाद्य बीज गैस सिलेंडर के लिए कभी चक्का जाम तो कभी रैली आम सभा, नुक्कड़ सभा के माध्यम से मांग कर रहे हैं, राज्य व केंद्र सरकार को जूं तक नहीं रेंग रहा है। और तो और प्रारंभिक तौर पर जियो जियो जियो और जियो फाइबर के निर्माण से लोगों को नेटवर्क सुविधा बेहतर की बजाय जियो मर गया जैसे है। चुंकि हम जियो नेटवर्क के नियमित उपभोक्ता हैं पर जियो के बजाय मरने जैसे है।

 

आज जहां जियो टावर का निर्माण हुआ वहां लगभग जियो नेटवर्क के शत् प्रतिशत उपभोक्ता हैं जिन्होंने कूली भूती छोटे मोटे धंधा खेती किसानी कर एक विश्वास के साथ जियो को चुना और नियमित रिचार्ज करते हैं।

 

जियो नेटवर्क कि सुविधा बेहतर नहीं है कम से कम जियो नेटवर्क के मालिक को सोचना है कि लोग खून पसीना के मेहनत से प्रति दिन माह के हिसाब से नियमित रिचार्ज करते हैं। क्या जियो मालिक या कंपनी को बैगैर नेटवर्क के घर बैठे पैसे देना है।

 

भोपाल पटनम में तो जियो नेटवर्क का शर्मसार हैं।

 

कंपनी वालों को प्रति दिन फोन के माध्यम से शिकायतों का अंबार है।

 

शिकायतों का निराकरण का नाम ही नहीं जनता पसीना का पैसा है जरा जियो वाले मानवीय अनुरोध को समझिए जियो नेटवर्क कंपनी का छ ग राज्य के बीजापुर जिले के अंतर्गत जहां कहीं भी जियो टावर का निर्माण हुआ है वहां नेटवर्क नियमित सुविधा दिया जाए अन्यथा सर्व समाज उग्र आंदोलन करेगी जिसके जिम्मेदार शासन प्रशासन जियो नेटवर्क कंपनी की होगी ।

*शिक्षक राजू पुजारी आत्महत्या मामला: न्याय की मांग को लेकर 6 मई को तेलंगा समाज का प्रदर्शन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*शिक्षक राजू पुजारी आत्महत्या मामला: न्याय की मांग को लेकर 6 मई को तेलंगा समाज का प्रदर्शन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

*सर्व आदिवासी समाज और महार, महारा, कलार समाज का समर्थन, आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से बढ़ा आक्रोश*

 

बीजापुर दिनांक 04  मई 2026

बीजापुर जिले के पालनार में पदस्थ शिक्षक राजू पुजारी के आत्महत्या मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है।

आदिम तेलंगा समाज ने इस मामले में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर 6 मई को बीजापुर में रैली और प्रदर्शन करने की घोषणा की है। प्रस्तावित आंदोलन को सर्व आदिवासी समाज और महार, महारा, कलार समाज ने भी अपना समर्थन दिया है, जिससे यह आंदोलन और व्यापक होता नजर आ रहा है।

तेलंगा समाज के जिला अध्यक्ष आदिनारायण पुजारी के अनुसार, 22 अप्रैल को चेरपाल निवासी एवं प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ शिक्षक राजू पुजारी ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें मृतक ने तीन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

घटना के डेढ़ हफ्ते बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

बताया गया कि स्वर्गीय राजू पुजारी तेलंगा समाज में जिला सचिव के पद पर भी कार्यरत थे और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभाते थे। उनके निधन से समाज में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है।

समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि 6 मई को आयोजित प्रदर्शन के दौरान रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।

 

*रुढ़ि जन्य परंपरागत आदिवासी समाज ने नेशनल पार्क क्षेत्र में  दस सूत्रीय मांगों के साथ भरी हुंकार*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

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*रुढ़ि जन्य परंपरागत आदिवासी समाज ने नेशनल पार्क क्षेत्र में  दस सूत्रीय मांगों के साथ भरी हुंकार*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर, भोपाल पटनम 01 मई 2026

 

*रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज नेशनल पार्क क्षेत्र सेंड्रा ग्राम एडापल्ली में 01 मई 2026 को एक दिवसीय सामाजिक सांस्कृतिक संवैधानिक वैचारिक ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए आम सभा आयोजित किया गया जिसमें सर्व प्रथम रूढ़ि जन्य परंपरागत पटेल पुजारी वडडे गुनिया पेरमा गायता द्वारा ग्राम देवताओं का पूजा अर्चना कर अतिथियों द्वारा संविधान दाता डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के छाया चित्र पर पारंपारिक हल्दी चन्दन द्वीप प्रज्ज्वलित कर जय संविधान जय सेवा जय जोहार सेवा जोहार जय नेशनल पार्क के नारों के के साथ कार्यक्रम की शादी की तत्पश्चात नेशनल पार्क कार्यक्रम आयोजन समिति के समाज प्रमुखों सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि एवं जिला अध्यक्ष तरुमाल अशोक तलांडी जी का हल्दी चन्दन एवं पीला गमछा से स्वागत करते हुए वहां से विशिष्ट अतिथि, कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य मडे दिनेश व विशिष्ट अतिथियों समाज प्रमुखों तिरूमाल नरेंद्र बुरका प्रदेश उपाध्यक्ष एवं हमर राज पार्टी के जिलाध्यक्ष, डाक्टर बी आर पुजारी, तिरूमाल बी एस नागेश संरक्षक, तिरुमाल दशरथ कश्यप भतरा समाज जिलाध्यक्ष, डाक्टर शोभित, तिरूमाल संतोष यालम सरपंच सेंड्रा, तिरूमाल इगुसियस तिर्की कूडुक उरांव समाज जिलाध्यक्ष बीजापुर, तिरूमाल दीपक मरकाम समाज प्रमुख मददेड, तिरुमाल रामलाल मेट्टा समाज प्रमुख सेंड्रा तिरूमाल दिनेश मडे जनपद सदस्य एवं अन्य समाज प्रमुखों का स्वागत किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोक तलांडी ने कहा कि अब तक इस क्षेत्र में शासन की योजनाएं शुन्य है क्यों न अब हम सब मिलकर शासन का योजनाओं का लाभ लेना सबसे पहले तो वहां के जनता से अपील किए कि जब कभी भी सर्वे होता है बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए और हाल में महत्वपूर्ण जनगणना सर्वे हो रही है। हम पुरखों से यहां रह जल जंगल जमीन बोली भाषा रीति रिवाज नेंग टोटम व्यवस्था को मानने वाले और परंपराओं प्राकृतिक को संजोए रखे आदिवासियों को निश्चित रूप से इस जनगणना में आदिवासी धर्म, अपनी जाति व बोली लिखवाना आवश्यक है। साथ ही साथ ( बस्तर मुन्ने) सर्वे में भी सहयोग आवश्यक करिए ऐसे आवश्यक सर्वे से वंचित होने से नपा तुला नुकसान अपने को होगा शासन का योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा तलांडी ने स्वास्थ्य शिक्षा पेयजल आपूर्ति पर जोर देते शासन प्रशासन 10 सूत्रीय मांगों की ज्ञापन सौंपा,,

 

*केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार यह अत्यंत जनहित के 10 बिन्दुओं को अमल लाकर त्वरित निराकरण करें अन्यथा समाज उग्र आंदोलन करेगी जिसके जिम्मेदार शासन प्रशासन की होगी वहां उपस्थित अतिथियों समाज प्रमुखों ने भी अपने सार गर्भित उद्बोधन में हाल के जनगणना में आदिवासी धर्म अपनी जाति, बोली अंकित कराते हुए बस्तर मुन्ने सर्वे में भाग लेवे तथा हम सब को मिलकर स्वास्थ्य शिक्षा पेयजल मुलभूत आवश्यकताओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने पर जोर दिया कार्यक्रम में उपस्थित मैक संचालक तिरूमाल तलांडी कांतैया एवं कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे दिनेश मडे जनपद सदस्य ने वहां की ज्वलंत मुद्दों को उठाया और कहा कि हमें आपार खुशी हुई कि रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में हमारे अति संवेदनशील नेशनल पार्क क्षेत्र में पूरकों से इस प्रकार की सामाजिक सांस्कृतिक संवैधानिक वैचारिक मूल भूत आवश्यकताएं पूरी करने कभी इतनी बड़ी सभा नहीं हुई यह पहली बार है।

रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व मे एवं गोंड समाज,मुरिया समाज दोरला समाज परधान समाज हल्बा समाज माडिया समाज भतरा समाज कूडक उरांव समाज समाज प्रमुखों डाक्टर पुजारी ने अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य के संदर्भ में ज़ोर देते कहा कि स्वास्थ्य से संबंधित जैसे भी समस्या हो प्रथम दृष्टया मितानिन, नर्स,एम पी डब्ल्यू डाक्टर को बताइए या सीधे मुझे हर हाल में हमारी पूरी कोशिश होगी कि स्वास्थ्य लाभ देयेंगे वहीं नरेंद्र बुरका ने रूढ़ि जन्य परंपरागत पर आधारित द्वारा नेशनल पार्क क्षेत्र के 60 गांवों के माता बहनों युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम कुछ कारणों से सामाजिक संगठन को मजबूत करने में वंचित रहे पर अब समय आ गया मावा नाटे मावा राज स्थापित करने का वहीं बी एस नागेश संरक्षक ने विशेष कर शिक्षा के बिना हम अधूरे हैं के नारे के साथ सभी को अनिवार्यतः शिक्षा ग्रहण करने कहा सभा को इगुसियस तिर्की,मेटटा रामलाल संतोष यालम सरपंच सेंड्रा, ने भी संबोधित किया और सेवा जोहार जय सेवा बूढ़ा देव के जयकारों के साथ सभा की समाप्ति की घोषणा की*

*उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*रायपुर से दीपक मरकाम की खबर*

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*उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*रायपुर से दीपक मरकाम की खबर*

 

*भोरमदेव जंगल सफारी: घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर*

 

*वन्यजीव, पहाड़ और झरनों के बीच पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव*

 

*भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा से शुरू होगी 36 किमी की जंगल सफारी*

 

रायपुर, 3 मई 2026। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।

शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री लोकचंद साहू, अध्यक्ष, संयुक्त वन प्रबंधन समिति थवरझोल श्री जग्गू सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा श्रीमती दुर्गा लांझे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन रायपुर श्री अरुण कुमार पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर श्री गुरूनाथन एन., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफारी के संचालन में वाहन चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। सफारी प्रारंभ होने से अब प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ आकर विभिन्न वन्यजीवों और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगे। सांसद श्री पाण्डेय ने भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ पर सभी जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से कबीरधाम को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोड़ना है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है। सफारी मार्ग को इस प्रकार विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाड़ियों, नदियों और घास के मैदानों के बीच प्रकृति को उसके वास्तविक स्वरूप में अनुभव कर सकें।

भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।

 

*सफारी के दौरान पर्यटकों को विभिन्न इन आकर्षक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा*

 

*टेडगा सालेह ग्रास लैंड* – जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं।

 

*जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड* – संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग।

 

*बर खोल्हा व्यू प्वाइंट* – चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव।

 

*बकोदा ग्रासलैंड* – साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं।

 

*दूरदूरी झरना* – जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है।

 

*भाई-बहन कोरा* – स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल।

 

*बाज़ार डोंगरी* – सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है।

 

*कारियाआमा* – प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।

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