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महासमुंद मे विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त

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महासमुंद।,13 जून ।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*मोहला—R.K.भारत न्यूज़ का बड़ा असर खबर ने खींचा ध्यान, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ ने बदली तस्वीर! तिरपेमेटा के नौनिहालों के लिए अधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता, नए आंगनबाड़ी भवन में संचालन का आदेश*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी/तिरपेमेटा—-सरकारी तंत्र पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन जब कोई अधिकारी सवाल को चुनौती नहीं बल्कि जिम्मेदारी समझकर तत्काल समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए, तो तस्वीर बदलते देर नहीं लगती। तिरपेमेटा में आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर सामने आई खबर के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला।नौनिहालों के लिए नया आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार था, लेकिन केंद्र अब भी पंचायत भवन में संचालित हो रहा था। वहीं पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहे थे। मामला खबर के जरिए सामने आया तो जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ ने तत्काल संज्ञान लिया।

सवाल उठा तो अधिकारी ने फाइल नहीं, समाधान देखा

मामला सामने आने के बाद समीर सौरभ ने इसे सामान्य शिकायत मानकर टालने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारी को ग्राम पंचायत को नए आंगनबाड़ी भवन से केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए।यानी जिस भवन को नौनिहालों के लिए बनाया गया था, उसे अब सिर्फ ताला लगे कमरे के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों की चहल-पहल से गुलजार करने की पहल शुरू हो गई है।

R.K. भारत न्यूज़ ने उठाया सवाल, विभाग ने दिखाई तत्परता

तिरपेमेटा में सवाल सीधा था—जब भवन बनकर तैयार है तो नौनिहाल अब भी पुराने ठिकाने पर क्यों?R.K. भारत न्यूज़ ने इसी सवाल को प्रमुखता से उठाया। खबर में यह भी बताया गया कि पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढे बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया।

‘भवन तैयार था, बस फैसले का इंतजार था’

तिरपेमेटा की पूरी कहानी को अगर एक लाइन में कहा जाए तो भवन तैयार था, बच्चे तैयार थे, बस जिम्मेदार फैसले का इंतजार था। खबर के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ की पहल ने इस इंतजार को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।ग्रामीणों के बीच भी अधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई को लेकर सकारात्मक चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों से जुड़ा मामला सामने आते ही जिस तरह विभागीय अधिकारी ने संज्ञान लिया, उससे यह उम्मीद बंधी है कि अब आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन जल्द नए भवन में शुरू होगा।

बच्चों की सुरक्षा पर भी नजर जरूरी

हालांकि नए भवन में संचालन शुरू कराने का आदेश राहत की खबर है, लेकिन पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढों को लेकर भी कार्रवाई जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि इन गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए या सुरक्षित घेराबंदी की जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों के लिए किसी तरह का खतरा न रहे।

समीर सौरभ की ‘तत्काल कार्रवाई’ बनी चर्चा

तिरपेमेटा में खबर के बाद जिस तेजी से जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ समीर ने संज्ञान लेकर निर्देश जारी किए, उसने एक अलग संदेश दिया है सरकारी व्यवस्था में संवेदनशील अधिकारी हों तो खबर सिर्फ खबर नहीं रहती, वह समाधान की वजह भी बन सकती है।अब तिरपेमेटा के नौनिहालों को पंचायत भवन से निकलकर अपने नए आंगनबाड़ी भवन की दहलीज पर पहुंचने का इंतजार है।खबर ने मुद्दा उठाया, अधिकारी ने जिम्मेदारी निभाई अब नए भवन में गूंजेगी नौनिहालों की किलकारी। तिरपेमेटा में सौरभ समीर की पहल ने दिखाया कुर्सी पर बैठना अलग बात है, जिम्मेदारी निभाना अलग!

बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार,,,जुगधर मरापी पूर्व मंडल अध्यक्ष

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*बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार,,,जुगधर मरापी पूर्व मंडल अध्यक्ष

*बड़ेडोंगर/केशकाल -* केशकाल के लोकप्रिय विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी के अथक प्रयासों से बड़ेडोंगर से कोनगुड तक सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति मिल गई है। इस मार्ग के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 8 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

पूर्व मंडल अध्यक्ष बड़ेडोंगर जुगधर मरापी ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख मार्ग पूरी तरह से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका था, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

उन्होंने बताया कि विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी ने इस ज्वलंत मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और शासन से मार्ग निर्माण की मांग की थी। उनके निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप शासन ने इस मांग को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मरापी ने कहा कि यह स्वीकृत कार्य केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आदरणीय विधायक नीलकंठ टेकाम जी जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से उन्होंने विधायक जी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*,, परमेश्वर सेठिया मंडल महामंत्री

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*बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*

*बड़ेडोंगर / कोंडागांव:* केशकाल के लोकप्रिय विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी के अथक प्रयासों से बड़ेडोंगर से कोनगुड तक सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। इस मार्ग के लिए 8 करोड़ 97 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

मंडल महामंत्री श्री फरमेश्वर सेठिया ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख मार्ग पूरी तरह से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और शासन से मार्ग निर्माण की मांग की थी। उनके प्रयासों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ शासन ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सड़क स्वीकृत होने से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है और सभी ने विधायक जी का आभार व्यक्त किया है।

बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*,,,,, हेमचंद देवांगन जिला मंत्री भाजपा

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*बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*,,,,, हेमचंद देवांगन जिला मंत्री भाजपा

*बड़ेडोंगर / कोंडागांव :* लोकप्रिय विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी के अथक प्रयासों से बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।

भाजपा जिला मंत्री श्री हेमचंद देवांगन ने सड़क स्वीकृति पर विधायक जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख मार्ग पूरी तरह जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी।

इस जर्जर सड़क के मुद्दे को विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और शासन से मार्ग निर्माण की मांग की थी। उनके प्रयासों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ शासन ने उक्त सड़क मार्ग के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है।

बहुप्रतीक्षित बड़े डोंगर-कोनगुड़ सड़क के नवीनीकरण को मिली मंजूरी* *विधायक नीलकंठ टेकाम ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था मुद्दा*

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*बहुप्रतीक्षित बड़े डोंगर-कोनगुड़ सड़क के नवीनीकरण को मिली मंजूरी*

*विधायक नीलकंठ टेकाम ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था मुद्दा*

*9 करोड़ से बदलेगी 19 किमी सड़क की तस्वीर*

केशकाल:- लंबे समय से बड़ेडोंगर से कोनगुड़ तक सड़क के नवीनीकरण की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के लगातार प्रयासों से करीब 19 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सड़क के नवीनीकरण के लिए लगभग 9 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल गई है। सड़क की हालत लंबे समय से बेहद जर्जर होने के कारण इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सड़क के नवीनीकरण की स्वीकृति को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। विधायक नीलकंठ टेकाम ने इस सौगात के लिए क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद भी दिया है।

क्षेत्रवासियों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को विधायक नीलकंठ टेकाम ने विधानसभा में भी मजबूती के साथ उठाया था। उन्होंने सदन में सड़क की जर्जर स्थिति, आम लोगों की परेशानियों और इस मार्ग के महत्व को प्रमुखता से रखते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही विधायक ने विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार करने के अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा से भी सड़क के नवीनीकरण को लेकर लगातार पहल की। विधायक के इन निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि अब करीब 9 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर सड़क के नवीनीकरण का रास्ता साफ हो गया है।

विधायक नीलकंठ टेकाम ने बताया कि वर्ष 2017-18 में कोंडागांव कलेक्टर रहते हुए उन्होंने इस सड़क का निर्माण करवाया था। इसके बाद लंबे समय तक सड़क के रखरखाव और नवीनीकरण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। वहीं अंतागढ़- नारायणपुर मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान भारी वाहनों का ट्रैफिक भी इसी मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया था, जिसके चलते सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई। क्षेत्रवासियों ने अपनी समस्याओं से विधायक को अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने के साथ ही सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष लगातार सड़क निर्माण की मांग रखी। सड़क के नवीनीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

इस सौगात के लिए स्थानीय लोगों ने विधायक नीलकंठ टेकाम का आभार जताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने जा रही है। इस सड़क के निर्माण से न केवल बड़े डोंगर और कोंडागांव के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के बीच संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सड़क बनने के बाद हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विधायक ने कहा कि यह सड़क आने वाले समय में तीनों जिलों के लोगों के लिए किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होगी।

*बस्तर मुन्ने के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें : कमिश्नर श्री डोमन सिंह*

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*बस्तर मुन्ने के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें : कमिश्नर श्री डोमन सिंह*

 

*बस्तर कमिश्नर ने बीजापुर जिले की समीक्षा बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*

 

*राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर*

 

बीजापुर, 22 अगस्त 2026

बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बीजापुर प्रवास के दौरान इंद्रावती सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ‘बस्तर मुन्ने’ के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र हितग्राहियों की पोर्टल में एंट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बीवीजी रामजी कार्ड, श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री आवास सहित बस्तर मुन्ने के अंतर्गत चिन्हित सभी 31 सेवाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सैचुरेशन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

 

*राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश*

 

बैठक में कमिश्नर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पत्र प्रदाय स्थिति एवं वनाधिकार मान्यता पत्रों का फौती नामांतरण तथा अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई सहित अन्य राजस्व मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि जिले से बाहर प्रवासित बीजापुर के नागरिक यदि वापस जिले में लौटते हैं, तो उनकी पात्रता के अनुसार उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि उन्हें पुनः मुख्यधारा से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ मिल सके।

 

*विकास कार्यों की प्रगति का प्रस्तुतिकरण*

 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने समीक्षा बैठक में प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

 

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी, सभी अनुभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष अभिषेक का दौर,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष अभिषेक का दौर,,

,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

भोपालपटनम।,,,,,,,,,,नगर के प्राचीन शिव मंदिर में श्रावण मास के दौरान भगवान शिव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी हुई है और श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

बताया जाता है कि पहले श्रावण मास के दौरान कुछ विशेष समाजों के लोग अपने-अपने गोत्र एवं परिवार के नाम से पंडितों के माध्यम से पूरे श्रावण मास में विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक करवाते थे। पिछले कुछ वर्षों में इस धार्मिक परंपरा के प्रति अन्य समाजों के पढ़े-लिखे एवं जागरूक लोगों में भी रुचि बढ़ी है। अब बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए विधि-विधान से भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक करवाने लगे हैं।

इसी क्रम में रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी के द्वारा भी श्रद्धालुओं एवं यजमानों के लिए श्रावण मास में भगवान शिव का विशेष अभिषेक एवं पूजा-अर्चना कराई जा रही है। पूजा में यजमान के परिवार एवं गोत्र के अनुसार धार्मिक विधि-विधान का पालन करते हुए भगवान शिव का अभिषेक किया जा रहा है।
धार्मिक आस्था के साथ बढ़ रहा सकारात्मक संदेश

श्रद्धालुओं का कहना है कि परिवार के लिए पूजा-अर्चना करना भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। अच्छे विचारों, सद्भावना और सकारात्मक सोच के साथ किए गए धार्मिक कार्य लोगों को आत्मिक शांति प्रदान करते हैं। यही कारण है कि समय के साथ अलग-अलग समाजों के लोग भी एक-दूसरे की अच्छी धार्मिक परंपराओं से प्रेरणा लेकर अपने परिवार के लिए पूजा-अर्चना को महत्व दे रहे हैं।

धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आपसी सद्भाव, परिवार के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने आराध्य देवी-देवताओं की श्रद्धा एवं अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करते हुए एक-दूसरे के धर्म और आस्था का सम्मान करना चाहिए। भारत की खूबसूरती भी इसी धार्मिक विविधता और आपसी सम्मान में है।

श्रावण मास में अभिषेक के लिए कर सकते हैं संपर्क
हिंदी पंचांग के अनुसार श्रावण मास के समापन में अब लगभग एक सप्ताह का समय शेष है। वहीं तेलुगु पंचांग के अनुसार श्रावण मास की अवधि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष तक मानी जा रही है।

ऐसे में जो श्रद्धालु अभी तक भगवान शिव का विशेष अभिषेक एवं पूजा-अर्चना नहीं करवा पाए हैं और अपने परिवार की सुख-शांति एवं मंगलकामना के लिए अभिषेक करवाना चाहते हैं, वे पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी से संपर्क कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि अच्छे कर्मों का परिणाम भी अच्छा ही होता है। धार्मिक आस्था के साथ किए गए सेवा, पूजा और सद्कर्म समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का कार्य करते हैं। श्रावण मास के अवसर पर भोपालपटनम शिव मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या नगर की धार्मिक आस्था और भगवान शिव के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शाती है।

*मोहला–तिरपेमेटा में ‘भवन तैयार, संचालन गायब’!पंचायत भवन में मासूम, सामने गड्ढों का जाल,जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी/तिरपेमेटा– गांव में नौनिहालों के लिए बनाया गया नया आंगनबाड़ी भवन तैयार होकर खड़ा है, लेकिन बच्चों को अब भी पंचायत भवन के भीतर संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में बैठना पड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब भवन बनकर तैयार है तो उसका संचालन शुरू कराने में आखिर अड़चन कहां है?मामला केवल भवन के उपयोग तक सीमित नहीं है। पंचायत भवन के सामने पानी टंकी के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं, जहां बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

भवन तैयार, फिर भी बच्चे पुराने ठिकाने पर क्यों?

नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का उपयोग अब तक शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या भवन का हैंडओवर बाकी है, कोई प्रशासनिक औपचारिकता अटकी है या फिर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में मामला ही लंबित पड़ा है? आखिर जिस भवन का निर्माण नौनिहालों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से किया गया, वह तैयार होने के बाद भी उपयोग में नहीं आ रहा है तो निर्माण पर खर्च हुई राशि का वास्तविक लाभ बच्चों को कब मिलेगा?

जिला महिला एवं बाल विकास विभाग से सीधे सवाल

तिरपेमेटा की स्थिति अब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। विभाग के अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाती है, तो फिर नवनिर्मित भवन के संचालन में हो रही देरी अधिकारियों की नजर से कैसे बची रही?

क्या विभाग ने मौके का निरीक्षण किया है?

क्या भवन संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है?

यदि पूरी हो चुकी है तो अब तक केंद्र पुराने परिसर में क्यों चल रहा है?और यदि प्रक्रिया अधूरी है तो उसे पूरा कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?इन सवालों का जवाब ग्रामीण अब संबंधित विभाग से चाहते हैं।

खुले गड्ढे कहीं बड़ी अनहोनी का कारण न बन जाएं

पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढे सबसे गंभीर चिंता का विषय हैं। छोटे बच्चों की नियमित आवाजाही वाले स्थान पर इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि **हादसा होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि खतरे को पहले ही खत्म कर दिया जाए।

ग्रामीणों की मांग—अब कागजी कार्रवाई नहीं, मौके पर कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, संबंधित परियोजना अधिकारी तथा पंचायत प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, खुले गड्ढों को भरवाने अथवा सुरक्षित घेराबंदी कराने और नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।तिरपेमेटा में अब सवाल सीधा है भवन बन गया, फिर बच्चों को पुराने परिसर में क्यों बैठाया जा रहा है? खतरा सामने है तो उसे हटाने के लिए किसी हादसे का इंतजार क्यों?भवन तैयार है, बच्चे तैयार हैं अब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग और जिम्मेदार तंत्र कब तैयार होगा? यही सवाल इन दिनों तिरपेमेटा के ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

*मोहला–तिरपेमेटा में ‘भवन तैयार, संचालन गायब’! पंचायत भवन में मासूम, सामने गड्ढों का जाल कब जागेगा जिम्मेदार तंत्र?*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी तिरपेमेटा— गांव में विकास की तस्वीर इन दिनों सवालों के घेरे में है। नौनिहालों के लिए नया आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र का संचालन अब भी ग्राम पंचायत भवन के भीतर ही किया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहा है कि जब भवन तैयार है तो आखिर उसमें बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी गतिविधियां शुरू क्यों नहीं हो रही हैं?मामला यहीं खत्म नहीं होता। ग्राम पंचायत भवन के सामने बनी पानी टंकी के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। बच्चों की आवाजाही वाले परिसर में इस तरह खुले गड्ढों का होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे के बाद जागने से बेहतर है कि जिम्मेदार तंत्र समय रहते खतरे को दूर करे।

भवन खड़ा, लेकिन उपयोग का इंतजार!

नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन तैयार होने के बावजूद उसका संचालन शुरू नहीं होना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। आखिर किस स्तर पर प्रक्रिया अटकी हुई है? क्या भवन हैंडओवर नहीं हुआ, जरूरी औपचारिकताएं अधूरी हैं या फिर जिम्मेदारों की प्राथमिकता में यह मामला पीछे छूट गया है?

खुले गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता?

पानी टंकी के नीचे बने गड्ढे लंबे समय से खुले पड़े हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए घेराबंदी या भराव क्यों नहीं कराया गया? खासकर तब, जब आसपास छोटे बच्चों की नियमित आवाजाही होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीणों की मांग—अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, खुले गड्ढों को भरवाने अथवा सुरक्षित घेराबंदी कराने तथा नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।तिरपेमेटा में सवाल अब सीधा है जब भवन बनकर तैयार है तो बच्चे पुराने परिसर में क्यों बैठें? और जब खतरा सामने है तो उसे हटाने के लिए किसी अनहोनी का इंतजार क्यों?भवन तैयार है, बच्चे तैयार हैं… अब जिम्मेदार तंत्र कब तैयार होगा? यही सवाल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

*मोहला–स्कूलों में औचक निरीक्षण, सामने आईं खामियां; बीईओ ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश*

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मनीष कौशिक

मोहला—- विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार देवांगन ने शनिवार को विकासखंड मोहला के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण कर स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान सीएसी वासडी रमेश कोर्राम एवं सीएसी मंडावीटोला ललित साहू भी साथ मौजूद रहे।बीईओ ने हाई स्कूल भोजटोला, प्राथमिक शाला अढ़ाई कट्टा, हाई स्कूल एवं पूर्व माध्यमिक शाला पाटन खास तथा वासडी पहुंचकर कक्षाओं में संचालित अध्यापन कार्य, विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का फोकस समयबद्ध अध्यापन, अनुशासन, स्वच्छता, अधोसंरचना तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा।

प्रार्थना से लेकर अध्यापन तक, मिलीं कई खामियां

औचक निरीक्षण में कुछ विद्यालयों में प्रार्थना के समय सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं होने, कुछ शिक्षकों द्वारा अध्यापन डायरी का नियमित संधारण नहीं किए जाने तथा कुछ स्थानों पर साफ-सफाई की व्यवस्था कमजोर पाए जाने जैसी कमियां सामने आईं। इसके अलावा युक्तियुक्तकरण के निर्देशों के पालन में भी लापरवाही की स्थिति मिली।कमियों को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संबंधित संस्था प्रमुखों एवं शिक्षकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शैक्षणिक व्यवस्था को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थित रखना जरूरी है।

पोषक वाटिका और धान की खेती बनी आकर्षण का केंद्र

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला अढ़ाई कट्टा में शिक्षकों की पहल ने विशेष रूप से प्रभावित किया। स्कूल परिसर में बेहतर पोषक वाटिका विकसित करने के साथ ही खाली जमीन का सदुपयोग करते हुए धान की खेती भी की जा रही है। बीईओ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को पढ़ाई के साथ कृषि, पर्यावरण और पोषण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन पर जोर

विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार देवांगन ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला हैं। इसलिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समयबद्ध अध्यापन, शिक्षक उपस्थिति, अनुशासन, स्वच्छता और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विद्यालयों को मिली कमियों को शीघ्र दूर कर बेहतर एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत विभिन्न पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 02 एवं 03 सितम्बर को,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत विभिन्न पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 02 एवं 03 सितम्बर को,,

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बीजापुर ,,,,,,, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्था, बाल गृह बालिका, (जिला प्रशासन द्वारा संचालित) बीजापुर में विभिन्न पदों के लिए कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में 21 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किया गया था। प्राप्त आवेदनों का चयन समिति के समक्ष परीक्षण उपरांत दावा आपत्ति का निराकरण कर वरीयता सूची प्रकाशन किया गया था। परामर्शदाता 01, परिविक्षा अधि./बाल कल्याण, अधि. 01, हाउस मदर 02, पैरामेडिकल स्टॉफ 01, स्टोर कीपर सह लेखापाल 01, एजुकेटर 01, पीटी अनुदेशक सह योग शिक्षक 01, आर्ट क्राफ्ट संगीत शिक्षक 01, रसोईया 02, सहायक सह चौकीदार 02, हाउस कीपर 01 सहित विभिन्न पदों के लिए कौशल परीक्षा लिए जाने हेतु 02 एवं 03 सितम्बर 2026 को समय प्रातः 10 बजे कार्यालय कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रथम तल बीजापुर में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी अपने मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हैं। वरीयता सूची जिले के वेबसाइट www.bijapur.gov.in में उपलब्ध है।

पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम ने मंत्री रामविचार नेताम से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सौंपा मांग पत्र**

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*पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम ने मंत्री रामविचार नेताम से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सौंपा मांग पत्र**

*कोडागांव/, 21 अगस्त -* पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सेवक राम नेताम ने आज छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम से उनके निवास / कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की।

इस दौरान श्री सेवक राम नेताम के साथ क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सरपंच, जनपद सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान श्री सेवक राम नेताम ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं से मंत्री जी को अवगत कराया। उन्होंने मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की जर्जर स्थिति, पेयजल की समस्या, आदिवासी अंचलों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बिजली एवं वन अधिकार पट्टा से जुड़े मामलों को प्रमुखता से रखा।

उन्होंने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यो में तेजी लाने की आवश्यकता है।

इस पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने मंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

पर्यवेक्षक के 218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति और आयु सीमा में छूट की माँग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन*,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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पर्यवेक्षक के 218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति और आयु सीमा में छूट की माँग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन*,,,,,,,

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बीजापुर भोपाल पटनम
21 अगस्त 2026,

महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक) के प्रस्तावित 218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति की माँग को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने मोर्चा खोल दिया है।

संघ ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना, भोपाल पटनम को ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें रखी हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वे वर्षों से जमीनी स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक बाल विकास जैसी महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं का संचालन कर रही हैं।

ऐसे में आगामी पर्यवेक्षक भर्ती प्रक्रिया में बाहरी भर्ती के बजाय विभाग में वर्षों से कार्यरत और अनुभवी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

*संघ की प्रमुख माँगें:*

*218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति*
पर्यवेक्षक के सभी 218 स्वीकृत/रिक्त पदों पर विभागीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ही शत-प्रतिशत पदोन्नति दी जाए।

*आयु सीमा में विशेष छूट*
लंबे समय से सेवारत कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को केवल अधिक आयु के कारण परीक्षा या नियुक्ति से वंचित न किया जाए, उन्हें आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की जाए।

*वर्ष 2023 के वंचित अभ्यर्थियों को न्याय*
वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में जो पात्र कार्यकर्ताएँ परीक्षा में शामिल हुई थीं, किंतु बाद में अधिक आयु का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति/जॉइनिंग से वंचित कर दिया गया, उनके मामलों की पुन: समीक्षा कर न्यायोचित नियुक्ति दी जाए।

*सहायिकाओं की पदोन्नति*
कार्यकर्ताओं के पदोन्नत होने से रिक्त होने वाले पदों पर पात्र व अनुभवी सहायिकाओं को पदोन्नत कर कार्यकर्ता बनाया जाए।

*रिक्त सहायिका पदों पर नई भर्ती*
सहायिकाओं की पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले पदों पर नई नियुक्तियाँ की जाएँ ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

*संघ ने की शीघ्र निर्णय की अपील*
ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ परियोजना-भोपाल पटनम की अध्यक्ष शांता मरकाम, उपाध्यक्ष ललिता यादव,सचिव नरेंद्रा दुर्गम, कोषाध्यक्ष अनीता यालम एवं परियोजना समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/ सहायिका बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों की सेवा, अनुभव और विभागीय योगदान को ध्यान में रखते हुए शासन-प्रशासन को उनकी माँगें जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र कार्यकर्ता अपने हक से वंचित न रहे।

दशकों पुरानी कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रगीत से नफरत यानी देश से घृणा – गागड़ा,,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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दशकों पुरानी कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रगीत से नफरत यानी देश से घृणा – गागड़ा,,,,,,,,

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राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर सवाल,भाजपा जिला महामंत्री ने साधा निशाना

बीजापुर- ,,,,,,जो कांग्रेस पार्टी करीब सात दशकों तक देश की सत्ता में रही, आज उसके शीर्ष नेताओं के आचरण पर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राष्ट्रगीत के सम्मान में शामिल होने से बच रहे हैं और उसके प्रति अपमानजनक रवैया अपना रहे हैं,उक्त वक्तव्य फूलचंद गागड़ा ने दी है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा के जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा ने वर्तमान राजनीति में हलचल मचा रखी राष्ट्र गीत पर अपना वक्तव्य दिया है। कहा कि राष्ट्रगीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय भावना, एकता और गौरव का प्रतीक है। जिस राजनीतिक दल ने लंबे समय तक देश का नेतृत्व किया, उसके नेताओं से राष्ट्रगीत और राष्ट्र के सम्मान के प्रति सर्वोच्च संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है,लेकिन कांग्रेस पार्टी ने देश को निराश किया है।
महामंत्री श्री गागड़ा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेताओं के मन में राष्ट्र के सम्मान और राष्ट्रगीत के प्रति आदर का भाव नहीं है, वह देश के हित और गौरव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा कैसे कर सकती है। देश का दुर्भाग्य है कि आज कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी मानसिकता देखने को मिल रही है। राष्ट्र किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की मातृभूमि है और राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है।
गागड़ा ने आगे कहा कि अब देश की जनता को तय करना है कि भारत का नेतृत्व उन लोगों के हाथों में होना चाहिए जो राष्ट्रगौरव और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करते हैं, या उन लोगों के हाथों में जिन्होंने कथित तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से भी दूरी बना ली है।

*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*,,,,,,,,,,,

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*मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने नीतिकाकलेर क्षेत्र में की कार्रवाई, शिकार सामग्री और वन्यप्राणी का मांस बरामद*

बीजापुर,,,,,,, टाइगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण एवं अवैध शिकार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव शिकार के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन) एवं क्षेत्रीय निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा उप निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर के मार्गदर्शन में की गई।

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान वन्यजीव शिकार से संबंधित मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से वन्यप्राणी के मांस (संभावित नीलगाय) सहित शिकार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

वन विभाग की टीम ने 19 अगस्त 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के उचित मार्गदर्शन, मैदानी अमले की सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और सक्रियता का परिणाम है। मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और आवागमन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वन विभाग के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार पैदल गश्त कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध या वन्यजीवों के शिकार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें।

वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय निवासियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अवैध शिकार के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

इस कार्रवाई के दौरान अधीक्षक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर, परिक्षेत्र अधिकारी फरसेगढ़/पासेवाड़ा, परिक्षेत्र अधिकारी सेण्ड्रा, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू बफर, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू कोर, परिक्षेत्र अधिकारी मद्देड़ बफर सहित इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का मैदानी अमला मौजूद रहा।

*अनिल कुमार सिन्हा के सेवा सम्मान एवं विदाई समारोह में सभी नेत्र सहायक अधिकारी रहे उपस्थित* *आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

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*अनिल कुमार सिन्हा के सेवा सम्मान एवं विदाई समारोह में सभी नेत्र सहायक अधिकारी रहे उपस्थित* *आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

बालोद। जिला बालोद अंधत्व निवारण कार्यक्रम के वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी एवं जिला सहायक नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार सिन्हा के सेवा सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया।

 

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. श्रीमाली, जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलकांत, डॉ. एन.एल. वर्मा, डॉ. मधु ठाकुर तथा घनश्याम पुरी, जिलाध्यक्ष, स्वास्थ्य एवं बहुद्देशीय कर्मचारी संघ बालोद सहित जिले के सभी नेत्र सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

समारोह में उपस्थित नेत्र सहायक अधिकारियों ने श्री अनिल कुमार सिन्हा के सेवाकाल में किए गए कार्यों, कर्तव्यनिष्ठा, सेवाभाव एवं अंधत्व निवारण कार्यक्रम में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सुखमय जीवन की शुभकामनाएं देते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।

 

कार्यक्रम में उपस्थित श्री कुशल सिंह साहू वर्तमान सहायक नोडल अधिकारी, साथ ही समस्त नेत्र सहायक अधिकार अनिल कुमार सोनी,

श्री रोशन प्रजापति,श्री डिगेश कुमार देवदास,श्री छत्रपाल साहू, श्री श्याम सुंदर देवांगन, श्री चेतन राम मराईल, श्री प्रेम लाल साहू, श्रीमती खोम बाई पाल, श्री मोकेश्वर दास, श्री बोधन सिंह बारले, श्री जयपाल सिंह, श्रीमती टकेश्वरी देवांगन, श्रीमती सोनल दीवान, कु. अर्चना ठाकुर, श्री रविन्द्र कुमार वर्मा, श्री राकेश देशमुख, श्री टिकेश्वर साहू, श्री नाकेश्वर नेताम, श्री नोहर सिंह चुरेन्द्र, श्री दिनेश कुमार सिन्हा, श्री मुकेश साहू, श्री दिनेश सिन्हा, श्री दिनेश कुमार सिन्हा सिरसीदा, श्री कोमल देवांगन भंवरमरा, श्री रितेश कुमार देशमुख जेवरसला, श्री पुष्पेन्द्र कुमार साहू मंगचुवा एवं श्री नारद साहू माडुंड-बी सहित श्री चन्द्रप्रकाश मिरी, अन्य नेत्र सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सहकर्मियों ने श्री अनिल कुमार सिन्हा के साथ अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए तथा उनके विभागीय योगदान की सराहना की। समारोह भावुक एवं आत्मीय माहौल में संपन्न हुआ।

*मोहला—मोहला में नई कलेक्टर की एंट्री से प्रशासन में हलचल! तनुजा सलाम ने संभाली कमान, विकास कार्यों पर कसा शिकंजा*

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मनीष कौशिक

**मोहला—जिले में नई कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम की एंट्री के साथ ही प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। पहली ही बैठक में उन्होंने अधिकारियों को टीमवर्क, बेहतर समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम करने का स्पष्ट संदेश दिया।कलेक्टर ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*बैठक खत्म होते ही मैदान में उतरीं कलेक्टर*

अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम सीधे जिले के प्रमुख निर्माण कार्यों के निरीक्षण पर निकल पड़ीं। उन्होंने निर्माणाधीन जिला अस्पताल, संयुक्त जिला कार्यालय, सर्किट हाउस और पीडब्ल्यूडी कॉलोनी का जायजा लिया।जिला अस्पताल के निर्माण कार्य की प्रगति और नक्शे का अवलोकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों से समय-सीमा की जानकारी ली। उन्होंने साफ कहा कि जिला अस्पताल जनसुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्माण है, इसमें किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*फाइलों से निकलकर विकास कार्यों की जमीन पर पहुंचीं*

संयुक्त जिला कार्यालय के निरीक्षण के दौरान भी कलेक्टर ने निर्माण की प्रगति परखी और कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। वहीं सर्किट हाउस एवं पीडब्ल्यूडी कॉलोनी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

नई कलेक्टर के पदभार संभालते ही बैठक से लेकर मैदानी निरीक्षण तक दिखा एक्शन मोड—अब अफसरों की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों की रफ्तार पर रहेगी सीधी नजर।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 218 पर्यवेक्षक पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर उठाई आवाज

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आयु सीमा में विशेष छूट, वर्ष 2023 में वंचित पात्र कार्यकर्ताओं को नियुक्ति और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर नई भर्ती की मांग

भोपालपटनम। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

 

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं विगत कई वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल विकास सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रस्तावित/रिक्त 218 पर्यवेक्षक पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति दिए जाने की प्रमुख मांग रखी है। उनका कहना है कि वर्षों से विभाग में कार्यरत कार्यकर्ताओं के पास विभागीय योजनाओं और मैदानी कार्यों का व्यापक अनुभव है, इसलिए पर्यवेक्षक पदों पर पदोन्नति में उनके अनुभव एवं सेवाकाल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ये हैं प्रमुख मांगें

1. पर्यवेक्षक के सभी 218 पदों पर शीघ्र पदपूर्ति की जाए।

विभाग में प्रस्तावित/रिक्त सभी 218 पर्यवेक्षक पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विभागीय योजनाओं की निगरानी एवं संचालन सुचारू रूप से हो सके।

2. सभी 218 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति दी जाए।

वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके अनुभव एवं सेवाकाल के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर शत-प्रतिशत पदोन्नति का अवसर दिया जाए।

3. आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए।

लंबे समय से विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पर्यवेक्षक पद की भर्ती/पदोन्नति में आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए, ताकि केवल अधिक आयु होने के कारण अनुभवी कार्यकर्ता अवसर से वंचित न हों।

4. वर्ष 2023 में वंचित पात्र कार्यकर्ताओं को न्याय दिया जाए।

वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा में शामिल होने के बावजूद आयु सीमा के कारण नियुक्ति/ज्वाइनिंग से वंचित किए गए पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों की पुनः समीक्षा की जाए तथा उन्हें न्यायोचित नियुक्ति/ज्वाइनिंग प्रदान करने पर विचार किया जाए।

5. पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले कार्यकर्ता पदों पर सहायिकाओं को पदोन्नति दी जाए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद रिक्त होने वाले कार्यकर्ता पदों पर पात्र एवं अनुभवी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को पदोन्नति देकर कार्यकर्ता बनाए जाने की व्यवस्था की जाए।

6. रिक्त सहायिका पदों पर आवश्यकता अनुसार नई नियुक्तियां की जाएं।

सहायिकाओं के कार्यकर्ता पद पर पदोन्नत होने के बाद जो सहायिका पद रिक्त होंगे, उन पदों पर आवश्यकता के अनुसार नई नियुक्तियां की जाएं, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन एवं विभागीय कार्य प्रभावित न हो।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वे वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे में पदोन्नति एवं नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव, सेवाकाल और विभागीय योगदान को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।

कार्यकर्ताओं ने शासन से मांग की है कि उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायोचित निर्णय लिया जाए, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनके अनुभव और सेवा का उचित लाभ मिल सके तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी सुचारू रूप से जारी रहे।

*मोहला–मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम ने किया पदभार ग्रहण*

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मनीष कौशिक

मोहला— मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम ने आज कलेक्टोरेट में जिले की कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2019 बैच की अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे संचालक, खेल एवं युवा कल्याण के पद पर पदस्थ रही हैं। पदभार ग्रहण करने के पश्चात कलेक्टर सुश्री सलाम ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।

नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपी को 20 वर्ष की सजा, 4.90 लाख रुपये अर्थदंड

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राहुल भोई महासमुंद…

नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपी को 20 वर्ष की सजा, 4.90 लाख रुपये अर्थदंड

महासमुंद, 21 अगस्त 2026। नाबालिग पीड़िता के दैहिक शोषण और अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में सरायपाली की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी दीपक देवागंन, पिता खगेश देवागंन, निवासी भंवरपुर, तहसील बसना को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में लगाए गए अर्थदंड सहित आरोपी पर कुल 4 लाख 90 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी करीब तीन वर्ष पहले नाबालिग पीड़िता से मोबाइल नंबर लेकर व्हाट्सएप और फोन के माध्यम से बातचीत करता था। आरोप है कि आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर पीड़िता को बहला-फुसलाकर और धमकाकर उसके साथ जबरदस्ती दैहिक शोषण किया। आरोपी ने घटना का अश्लील वीडियो भी अपने मोबाइल में बना लिया था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा और उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार दैहिक शोषण किया। बाद में जब पीड़िता ने आरोपी से मिलने से इनकार किया तो आरोपी ने कथित रूप से अश्लील वीडियो को व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने थाना बसना में शिकायत दर्ज कराई।

मामले में थाना बसना में 22 अप्रैल 2025 को अपराध क्रमांक 167/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसडीओपी सरायपाली श्रीमती ललिता मेहर ने मामले की विवेचना की।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने निभाई अहम भूमिका

पुलिस ने मामले में गवाहों के बयान के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जुटाया। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर वायरल किए गए वीडियो का प्रयोगशाला से परीक्षण कराया गया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों को जांच में शामिल कर निर्धारित समयावधि में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने में सफल रहा। इसके बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, सरायपाली श्रीमती वंदना दीपक देवागंन की अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।

अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 449 में 10 वर्ष, धारा 506 भाग-2 में 3 वर्ष तथा धारा 509 में 1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 67(ए) में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये अर्थदंड तथा धारा 67(बी) में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया।

बता दे की तत्कालीन एसडीओपी श्रीमती ललिता मेहर द्वारा विवेचना के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद भी प्रकरण की लगातार ट्रायल मॉनिटरिंग की गई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक लोचन प्रसाद साहू एवं वनस्वरूप सेन ने पैरवी की।

गौरतलब है की तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संकलन और प्रभावी न्यायालयीन प्रस्तुतिकरण से आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। न्यायालय के इस फैसले से नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिला है।

टीईटी मुक्ति और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा का आंदोलन तेज

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25 अगस्त को प्रदेशभर में ज्ञापन कार्यक्रम, शिक्षकों से एकजुट होकर शामिल होने की अपील

बीजापुर। टीईटी की अनिवार्यता से मुक्ति एवं पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ की वर्चुअल बैठक प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर के पदाधिकारी शामिल हुए और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 अगस्त को शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर में ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के जिला सचिव एवं शिक्षक संघर्ष मोर्चा बीजापुर के कैलाश रामटेके ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिले के समस्त सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं से 25 अगस्त के आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।

बैठक में शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं शिक्षा विभाग के संचालक के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी भी पदाधिकारियों को दी गई। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों के सामने टीईटी की अनिवार्यता एक गंभीर विषय बनकर सामने आई है। उनका कहना है कि सहायक शिक्षक के लिए एक टीईटी तथा पदोन्नति के लिए मिडिल स्तर की टीईटी की आवश्यकता होने से शिक्षकों के सामने अतिरिक्त चुनौती उत्पन्न हो रही है।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों तथा 17 अगस्त 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। प्रांतीय सचिव धर्मेश शर्मा ने सुझाव दिया कि सरकार इस संबंध में अध्यादेश लाकर आवश्यक संशोधन करे, ताकि पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को राहत मिल सके।

एकता के इतिहास को याद करते हुए आंदोलन का आह्वान

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों के संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है। संजय शर्मा, केदार जैन और वीरेंद्र दुबे सहित शिक्षक नेताओं ने अलग-अलग समय पर शिक्षकों के अधिकारों एवं नियमितीकरण के लिए लगातार संघर्ष किया है।

वर्ष 2017 में संघर्ष मोर्चा के बैनर तले तीनों प्रांताध्यक्षों के नेतृत्व में एकजुट होकर आंदोलन किया गया था। संगठन का दावा है कि इस एकजुट आंदोलन के परिणामस्वरूप शिक्षकों को छठवें वेतनमान सहित वर्ष 2018 से नियमितीकरण का लाभ मिला और उनका भविष्य सुरक्षित हुआ। इसी तरह वर्ष 2008 से शिक्षा कर्मी व्यवस्था को समाप्त कर नियमित शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने को भी लंबे संघर्ष का परिणाम बताया गया।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि वर्तमान समय में एक बार फिर शिक्षकों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे सामने हैं। ऐसे में टीईटी की अनिवार्यता से मुक्ति और पुरानी पेंशन योजना को प्रमुख मांग बनाते हुए तीनों शिक्षक नेतृत्व एक मंच पर आए हैं।

कैलाश रामटेके ने कहा कि “एकता में ही शक्ति है” और शिक्षकों के हितों से जुड़े इन मुद्दों के समाधान के लिए सभी शिक्षक संवर्ग को एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेना चाहिए।

उन्होंने बीजापुर जिले के सभी सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं से अपील की है कि वे 25 अगस्त को आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएं।

बैठक का संचालन प्रांतीय प्रवक्ता जितेंद्र शर्मा ने किया। वर्चुअल बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि जुड़े रहे।

*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*

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*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*

 

*मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने नीतिकाकलेर क्षेत्र में की कार्रवाई, शिकार सामग्री और वन्यप्राणी का मांस बरामद*

 

बीजापुर, 21 अगस्त 2026,

इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण एवं अवैध शिकार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव शिकार के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन) एवं क्षेत्रीय निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा उप निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर के मार्गदर्शन में की गई।

 

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान वन्यजीव शिकार से संबंधित मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से वन्यप्राणी के मांस (संभावित नीलगाय) सहित शिकार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

 

वन विभाग की टीम ने 19 अगस्त 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

 

वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के उचित मार्गदर्शन, मैदानी अमले की सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और सक्रियता का परिणाम है। मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और आवागमन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वन विभाग के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार पैदल गश्त कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

 

इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध या वन्यजीवों के शिकार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें।

 

वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय निवासियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अवैध शिकार के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

 

इस कार्रवाई के दौरान अधीक्षक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर, परिक्षेत्र अधिकारी फरसेगढ़/पासेवाड़ा, परिक्षेत्र अधिकारी सेण्ड्रा, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू बफर, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू कोर, परिक्षेत्र अधिकारी मद्देड़ बफर सहित इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का मैदानी अमला मौजूद रहा।

*जिले में चल रहे 300 से ज्यादा अवैध शराब बिक्री सेंटर और उनको संरक्षण देने वाले जिम्मेदार आबकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करे सरकार – जेसीसीजे *

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*जिले में चल रहे 300 से ज्यादा अवैध शराब बिक्री सेंटर और उनको संरक्षण देने वाले जिम्मेदार आबकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करे सरकार – जेसीसीजे *

 

 

*बीजापुर जिले में ओवररेटिंग और अवैध शराब बिक्री की निष्पक्ष जांच की मांग*

बीजापुर 21अगस्त 2026

बीजापुर::: बीजापुर जिले के अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी शराब दुकानों से कथित रूप से अवैध तरीके से शराब की बिक्री एवं कोचियों के माध्यम से शराब पहुंचाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि जिले में 300 से अधिक अवैध शराब बिक्री केंद्र (कोचियों) संचालित हो रहे हैं।

इन गतिविधियों को लेकर जिला आबकारी अधिकारी, दो आबकारी निरीक्षकों तथा चार सरकारी शराब दुकानों के प्रबंधकों की कथित मिलीभगत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों की जवाबदेही तय हो।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) की मांग है कि बीजापुर जिले की सभी सरकारी शराब दुकानों की बिक्री, स्टॉक, बिलिंग एवं मूल्य निर्धारण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही अंदरूनी क्षेत्रों में संचालित बताए जा रहे अवैध शराब बिक्री केंद्रों की भी जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सरकारी शराब दुकानों में यदि ओवररेटिंग की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों पर आबकारी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जनता को निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराना प्रशासन और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है।

जेसीसीजे ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी अथवा जांच दल से कराई जाए, जांच पूरी होने तक शिकायतों से जुड़े रिकॉर्ड एवं बिक्री विवरण सुरक्षित रखे जाएं तथा दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

सवाल यह है कि यदि 300 से अधिक अवैध बिक्री केंद्र लंबे समय से संचालित होने के आरोप सही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? विभागीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) अध्यक्ष विजय झाड़ी ने कहा कि इस पूरे मामले में जनता के हित में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करती रहेगी।

 

श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में विशेष शिव आराधना, गोत्रानुसार हो रहा अभिषेक,,,,,,, ,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में विशेष शिव आराधना, गोत्रानुसार हो रहा अभिषेक,,,,,,,

,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

भोपालपटनम।,,,,,,,,, श्रावण मास के पावन अवसर पर नगर के शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी के मार्गदर्शन में नगर सहित पूरे ब्लॉक के सैकड़ों श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन एवं अभिषेक करा रहे हैं।

पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी द्वारा श्रद्धालुओं के गोत्र एवं धार्मिक परंपरा के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना कराई जा रही है। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते सुबह से ही शिव मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है।

नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजन एवं विशेष अनुष्ठान करा रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रावण मास में सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

कहीं आप तो नहीं रह गए पूजा से वंचित?

यदि आपने अभी तक श्रावण मास में अपने नाम एवं गोत्र के अनुसार भगवान शिव का विशेष अभिषेक नहीं कराया है, तो इच्छुक श्रद्धालु पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी से संपर्क कर अपने एवं अपने परिवार की मंगलकामना के लिए विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक करा सकते हैं।

श्रावण मास में शिव आराधना को लेकर नगर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जल, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में ‘ह
कोई जरूरी नहीं है कि इसी शिव मंदिर में।आप अपने नजदीकी मंदिर संपर्क कर करा सकते हैं।

अग्रवाल नर्सिंग होम में आज शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैंप, मूत्र एवं पथरी रोगों की होगी जांच

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अग्रवाल नर्सिंग होम में आज शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैंप, मूत्र एवं पथरी रोगों की होगी जांच

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में शुक्रवार 21 अगस्त को विशेष यूरोलॉजी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में शाम 5 बजे से यूरो सर्जन डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh) मरीजों की जांच कर यूरोलॉजी से संबंधित विभिन्न रोगों के उपचार एवं ऑपरेशन को लेकर परामर्श देंगे।

कैंप के दौरान मूत्र एवं पथरी की जांच, किडनी स्टोन का उपचार एवं सर्जरी, प्रोस्टेट संबंधी बीमारी, किडनी में सूजन एवं सिकुड़न, पुरुषों में बांझपन एवं नपुंसकता, मूत्र नली के सिकुड़ने तथा मूत्रकोष के संक्रमण जैसी समस्याओं का परीक्षण एवं उपचार संबंधी सलाह दी जाएगी। इसके अलावा किडनी, प्रोस्टेट एवं टेस्टिस के कैंसर से संबंधित मरीजों को भी विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पेशाब का रुक-रुककर आना, पेशाब में लीकेज या खून आना तथा किडनी में यूरिन ब्लॉकेज जैसी समस्याओं के लिए भी कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी। बच्चों से जुड़ी यूरोलॉजी समस्याओं और ट्रॉमा से लेकर किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक की आपातकालीन यूरोलॉजी सेवाओं के संबंध में भी परामर्श दिया जाएगा।

कैंप में जांच फीस मात्र 700 रुपये रखी गई है। साथ ही बीजू कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट एवं पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने दी है। मरीजों को अपनी पूर्व की सभी जांच रिपोर्ट साथ लाने की सलाह दी गई है।

कैंप के दौरान सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच में 50 प्रतिशत तक की छूट का भी प्रावधान रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने यूरोलॉजी संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों से इस विशेषज्ञ शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद में आयोजित होने वाले इस कैंप के लिए अस्पताल ने संपर्क नंबर 84618-11000, 77708-68473 और 77730-86100 जारी किए हैं।

** पंचायत में सचिव के नदारद रहने से कामकाज ठप, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ीं परेशानियां*आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट,,,,

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** पंचायत में सचिव के नदारद रहने से कामकाज ठप, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ीं परेशानियां*आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट,,,,

 

बड़ेकापसी / पखांजूर:

ग्राम पंचायत बड़ेकापसी में पंचायत सचिव की लगातार अनुपस्थिति के कारण पंचायत का प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

 

सचिव के नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण-पत्रों और शासकीय योजनाओं के लाभ के लिए भटकना पड़ रहा है।

 

इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।

 

बच्चों के जाति, निवास और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित काम अटक जाने के कारण उन्हें और उनके अभिभावकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 

मामले को लेकर ग्राम पंचायत बड़ेकापसी के सरपंच चंदन पोटाई ने कड़ी नाराजगी जताई है।

 

उन्होंने बताया कि सचिव के पंचायत कार्यालय में उपस्थित न रहने से जनहित के सभी विकास और प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं।

 

*विधायक और जनपद CEO से शिकायत*

 

समस्या के समाधान और पंचायत व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सरपंच चंदन पोटाई ने क्षेत्रीय विधायक तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपी है।

 

उन्होंने मांग की है कि सचिव की पंचायत कार्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए तथा लापरवाही बरतने पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।

प्रशासन और व्यापारियों के बीच बनी सहमति, अनिश्चितकालीन दुकान बंद का फैसला वापस,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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प्रशासन और व्यापारियों के बीच बनी सहमति, अनिश्चितकालीन दुकान बंद का फैसला वापस,,,,,,,,,,,,,,

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कलेक्टर श्री विश्वदीप के त्वरित एवं न्यायसंगत कार्रवाई के आश्वासन का व्यापारी संघ ने किया स्वागत

बीजापुर,,,,,,,,,,। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर व्यापारी संघ द्वारा अनिश्चितकालीन दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने त्वरित पहल करते हुए व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की और उनकी समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना।

बैठक में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि व्यापारियों के हितों के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर एवं सजग है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

कलेक्टर के आश्वासन और प्रशासन द्वारा मामले में त्वरित एवं न्यायसंगत कार्रवाई किए जाने की पहल का व्यापारी संघ ने स्वागत किया। व्यापारी संघ ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्णय लेते हुए अनिश्चितकालीन दुकान बंद रखने के फैसले को वापस ले लिया। इसके बाद जिले में व्यापारिक प्रतिष्ठान पुनः खुलने लगे और बाजारों में सामान्य गतिविधियां बहाल होने लगी हैं।

व्यापारी संघ ने प्रशासन के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इस पहल से प्रशासन और व्यापारियों के बीच सकारात्मक संवाद एवं समन्वय का वातावरण बना है।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री ईश्वर सोनी एवं प्रतिनिधिमंडल तथा वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर 15 किसानों से 15.73 लाख की ठगी का आरोप, विधायक ने एसपी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने को लिखा पत्र ।,,,,,,,,, ,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर 15 किसानों से 15.73 लाख की ठगी का आरोप, विधायक ने एसपी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने को लिखा पत्र ।,,,,,,,,,

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भोपालपटनम। ,,,,,,, गंगालूर तहसील के कावरगांव, हिरोली, पुसनार, गंगालूर एवं मेट्टापाल क्षेत्र के किसानों से ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित किसानों ने बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और उनसे न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
ग्रामीणों के अनुसार, शिवम ट्रैक्टर के मैनेजर माधव मंडल द्वारा जानडियर ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के नाम पर किसानों से राशि ली गई। आरोप है कि पांच गांवों के करीब 15 किसानों से कुल 15 लाख 73 हजार रुपये लिए गए। किसानों का कहना है कि रकम जमा करने के कई महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक न तो ट्रैक्टर उपलब्ध कराया गया और न ही उनकी राशि वापस की गई।
किसानों ने बताया कि ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर राशि जमा करने के बाद वे लंबे समय तक ट्रैक्टर मिलने का इंतजार करते रहे। जब काफी समय बीत गया तो उन्होंने संबंधित मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर फोन पर भी उचित जवाब नहीं मिल रहा है। इससे परेशान होकर किसानों का धैर्य जवाब दे गया और वे लगभग 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय कर विधायक विक्रम मंडावी के पास पहुंचे।
पीड़ित किसानों ने विधायक से अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने अथवा उन्हें ट्रैक्टर उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने भरोसा करके राशि जमा की थी, लेकिन अब वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। किसानों ने विधायक से मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
विधायक ने एसपी को लिखा पत्र
किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने तत्काल संज्ञान लिया और मामले में कार्रवाई के लिए बीजापुर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। विधायक ने पुलिस अधीक्षक से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
विधायक ने किसानों को उनकी राशि अथवा उनके हक का ट्रैक्टर दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब पीड़ित किसानों को प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से न्याय मिलने की उम्मीद है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मामला किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के आधार पर सामने आया है। पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब किसानों की नजर जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई ट्रैक्टर लेने की उम्मीद में दी थी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो किसानों का कहना है कि संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी राशि वापस दिलाई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

राष्ट्रीय साधन-सह प्रवीण्यता छात्रवृत्ति परीक्षा की अभ्यास परीक्षा बस्तर ब्लॉक में सफलतापूर्वक संपन्न

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बस्तर। राष्ट्रीय साधन-सह प्रवीण्यता छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) की आगामी मुख्य परीक्षा की तैयारियों को लेकर बस्तर विकासखंड में अभ्यास परीक्षा का आयोजन उत्साहपूर्वक एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए पूरे बस्तर ब्लॉक को 14 जोनों में विभाजित किया गया था, जिसके अंतर्गत विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में सहभागिता की।

परीक्षा के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें स्वतंत्र, निर्भय एवं तनावमुक्त होकर परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अभ्यास परीक्षा विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ उन्हें आगामी मुख्य परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी केंद्राध्यक्षों एवं परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं सकारात्मक वातावरण बना रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं परीक्षा व्यवस्था में लगे शिक्षकों-कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से सभी परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन एवं सुव्यवस्था बनी रही। वहीं विद्यार्थियों में भी परीक्षा को लेकर विशेष उत्साह एवं आत्मविश्वास देखने को मिला।

इस अवसर पर सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुशील कुमार तिवारी, बीआरसी श्री अजम्बर कोर्राम, समस्त संकुल समन्वयक, पर्यवेक्षक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी के सहयोग एवं समन्वय से NMMS अभ्यास परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

एनालॉग पनीर पर खाद्य विभाग की सख्ती, वैद्य फूड्स का पनीर जांच में असुरक्षित

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राहुल भोई महासमुंद..

एनालॉग पनीर पर खाद्य विभाग की सख्ती, वैद्य फूड्स का पनीर जांच में असुरक्षित

महासमुंद। जिले में एनालॉग पनीर और अमानक दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं निर्माण पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच और प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लगेह के निर्देश तथा अभिहित अधिकारी श्री उमेश वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के अलग-अलग प्रतिष्ठानों से पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।

इसी क्रम में महासमुंद स्थित वैद्य फूड्स से लिए गए पनीर के नमूने की जांच रिपोर्ट में उसे असुरक्षित पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने नियमानुसार अधिगृहित खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया। इसके साथ ही संबंधित फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई भी की गई है।

विभाग के अनुसार, इस माह अब तक जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए दुग्ध उत्पादों के नमूनों की जांच कराई जा रही है। क्षीरसागरम स्वीट्स, सरायपाली से लिए गए पनीर एवं पेड़ा, यश फैमिली रेस्टोरेंट, बागबाहरा से लिए गए पनीर तथा हर्षद मिष्ठान से लिए गए पेड़ा की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है।

वहीं कश्यप ऑर्गेनिक, बसना से लिए गए पनीर एवं दही के नमूने जांच में अवमानक पाए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। लंबित नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उनके आधार पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में दूध, पनीर, दही, पेड़ा सहित अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। एनालॉग पनीर और अमानक दुग्ध उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी जांच और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

*मोहला मानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फोड़े पटाखे, नम्रता सिंह के पक्ष में जश्न,उच्च स्तरीय छानबीन समिति के निष्कर्ष की खबर के बाद कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह*

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मनीष कौशिक

मानपुर —- उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की जांच में नम्रता सिंह के गोंड (ST) जाति प्रमाण पत्र की पात्रता स्वीकार किए जाने की खबर सामने आने के बाद मानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी राजू टांडिया एवं प्रकाश मिश्रा की अगुआई में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। इस दौरान “नम्रता सिंह जिंदाबाद” के नारों से मोहला मानपुर गूंज उठा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति द्वारा दस्तावेजों एवं उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद पात्रता स्वीकार किए जाने से लंबे समय से उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने इसे “सत्य और न्याय की जीत” बताते हुए खुशी जाहिर की।कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब विवादों से आगे बढ़कर क्षेत्र के विकास, जनहित और जनसेवा को प्राथमिकता देने का समय है। जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया और सभी ने नम्रता सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर राजू टांडिया, मदन साहू, भोजेश शाह मंडावी, भारती माहौर, समीम तिगाला, यशवंत पटेल, राजहंस मंडावी, ओम प्रकाश चंडाक, धरमु राम, विकास जैन, होरी लाल सोरी, किरण मंडावी, खेमीन साहू, प्रकाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा— “सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं।”

*विभाग से तटस्थ प्रशासनिक अधिकारी की निगरानी में परीक्षा संपन्न कराने की माँग*

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*विभाग से तटस्थ प्रशासनिक अधिकारी की निगरानी में परीक्षा संपन्न कराने की माँग*

बीजापुर 20 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत हो रही एन एच एम की संविदा भर्ती प्रक्रिया में कौशल परीक्षा विभाग से तटस्थ प्रशासनिक अधिकारी की प्रत्यक्ष उपस्थिति एवं निगरानी में संपन्न कराने की माँग श्रीमान कलेक्टर महोदय से की।

 

प्रश्नपत्रों को तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिलीवरी हो या उत्तर पुस्तिका जांचने का कार्य उक्त अधिकारी के निगरानी में विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं दक्ष कर्मचारियों से कराने की माँग संघ ने की।

 

परीक्षा कक्ष में किसी भी अनावश्यक व्यक्ति, चाहे वह विभाग का ही क्यों ना हो, के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ मूल्यांकन कार्य उसी परीक्षा केंद्र में उसी तिथि को संपन्न कराकर अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका दिखाई जाए।

अभ्यर्थियों यदि अंकों से संतुष्ट नहीं होते हैं तो उन्हें आपत्ति दर्ज करने का अवसर प्राप्त हो सके।

 

उक्त सभी बिंदुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए कौशल परीक्षा की गरिमा, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने की दृष्टि से एवं भविष्य में किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति से बचने के लिए उक्त चयन परीक्षा स्वास्थ्य विभाग से तटस्थ प्रशासनिक अधिकारी की प्रत्यक्ष उपस्थिति एवं निगरानी सम्पन्न कराने की माँग संघ ने की।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सदाशिव दुर्गम सहित मुकेश पटेल एवं राजेश यालम उपस्थित रहे।

कोडार डेम में बाढ़ आपदा से निपटने मॉक ड्रिल, एसडीआरएफ और नगर सेना ने किया रेस्क्यू का प्रदर्शन..

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राहुल भोई महासमुंद..

राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को शहीद वीर नारायण सिंह कोडार डेम में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास करना, आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना और आम नागरिकों को बचाव एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।

मॉक ड्रिल का कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दिनेश रावटे के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ और नगर सेना की संयुक्त टीम ने बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

नाव और रस्सी के जरिए किया रेस्क्यू का प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने नाव, मोटरबोट और रस्सियों की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीक का प्रदर्शन किया। तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब और रस्सी के माध्यम से सुरक्षित निकालने का अभ्यास भी कराया गया। मॉक ड्रिल के जरिए यह प्रदर्शित किया गया कि आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग किस तरह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई कर सकते हैं।

स्वास्थ्य से लेकर बिजली सुरक्षा तक विभागों ने दिखाई तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ के दौरान घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। पशुपालन विभाग ने बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

विद्युत विभाग ने बाढ़ के समय विद्युत आपूर्ति बंद करने तथा बिजली के खंभों और तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की। वहीं पीएचई विभाग ने सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।

बाढ़ आने पर इन बातों का रखें ध्यान

मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को बताया गया कि बाढ़ आने की स्थिति में तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें तथा केवल सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। आवश्यकता पड़ने पर पानी को उबालकर पीने की सलाह दी गई।

प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आपदा प्रबंधन दल एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।

मॉक ड्रिल में अपर कलेक्टर रवि साहू, उप पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, एसडीएम अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह ध्रुव, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल सहित स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। अभ्यास के माध्यम से जिले में बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों और विभागों के बीच समन्वय को परखा गया।

जिला पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब चुनाव: 12 नामांकन पत्र हुए जमा, अध्यक्ष पद के लिए 5 दावेदार मैदान में,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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जिला पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब चुनाव: 12 नामांकन पत्र हुए जमा, अध्यक्ष पद के लिए 5 दावेदार मैदान में,,,,,,,,,,,

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नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आबंटन की प्रक्रिया शेष

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,,जिला पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बीजापुर के चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। चुनाव कार्यक्रम के तहत अब तक विभिन्न पदों के लिए कुल 12 नामांकन पत्र जमा किए जा चुके हैं, जिनमें अध्यक्ष पद के लिए सबसे अधिक 5 दावेदार मैदान में हैं।

निर्वाचन अधिकारी अशोक मिश्रा एवं अयूब खान ने बताया कि मतदाता सूची का प्रथम प्रकाशन 1 अगस्त को किया गया था। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में 19 सदस्यों को निष्कासित करते हुए 13 अगस्त को 46 सदस्यों की संशोधित मतदाता सूची जारी की गई थी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 अगस्त से नामांकन पत्रों का वितरण प्रारंभ हुआ था। अध्यक्ष पद के लिए कमलेश पैंकरा, के. संतोष कुमार, गणेश मिश्रा, ईश्वर सोनी और बी. गौतम राव ने नामांकन दाखिल किया है। सचिव पद के लिए इरशाद खान, आशीष पदमवार, बसंत मामडीकर एवं बी. गौतम राव ने नामांकन पत्र जमा किए हैं। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए बी. गौतम राव, सिरोज विश्वकर्मा और प्रशुन शर्मा ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार नामांकन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 19 अगस्त तथा नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त दोपहर 1 बजे तक निर्धारित थी। सभी प्रत्याशियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नामांकन पत्र जमा कर दिए हैं।

अब 21 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। इसके बाद 22 अगस्त को नाम वापसी की प्रक्रिया संपन्न होगी। 23 अगस्त को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 31 अगस्त को होगा तथा उसी दिन मतगणना के बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी।

*निरंकुश अफसरशाही के विरोध में व्यापारियों ने आज किया बंद का ऐलान, कलेक्टर ने गठित की जांच समिति*

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*निरंकुश अफसरशाही के विरोध में व्यापारियों ने आज किया बंद का ऐलान, कलेक्टर ने गठित की जांच समिति*

 

*फूड सेफ्टी अधिकारी पर घर में घुसकर महिला से दुर्व्यवहार का आरोप, एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग*

बीजापुर  20अगस्त 2026

बीजापुर जिले  के फूड सेफ्टी अधिकारी दीपक देवांगन पर लगाए गए कथित दुर्व्यवहार और घर में जबरन प्रवेश के आरोपों को लेकर बीजापुर के व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारी संघ ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करते हुए गुरुवार को बाजार बंद रखने की घोषणा की है।

 

बीजापुर व्यापारी संघ के अध्यक्ष ईश्वर सोनी ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 2 बजे स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारी दीपक देवांगन और सीएमएचओ कार्यालय के कर्मचारी टांडिया होटल व्यवसायी रामु गुप्ता के घर पहुंचे।

आरोप है कि जांच के नाम पर उन्होंने घर में जबरन प्रवेश करने का प्रयास किया तथा घर में मौजूद अकेली महिला के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की की।

घटना के संबंध में कोतवाली थाना में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

 

व्यापारी संघ का कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

संघ ने चेतावनी दी है कि पहले बीजापुर मुख्यालय स्तर पर बंद रखा जाएगा, इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को जिला और संभाग स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

 

*कलेक्टर ने लिया संज्ञान, दो सदस्यीय जांच समिति गठित*

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सहित दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी।

 

समिति को सभी पक्षों के बयान दर्ज करने, उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों का परीक्षण करने तथा सात दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

*रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई*

 

गौरतलब है कि फूड सेफ्टी अधिकारी दीपक देवांगन पर होटल व्यवसायी रामु गुप्ता के घर पहुंचकर महिला के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए गए हैं। इस घटना के बाद व्यापारी वर्ग में रोष फैल गया है और व्यापारी संगठन ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

 

कलेक्टर द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

*व्यापारियों की प्रमुख मांगें*

 

– फूड सेफ्टी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

– मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।

– महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार की जांच हो।

– कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी।

*मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी—जांच के बाद साफ हुआ सच: नम्रता सिंह को गोंड ST जाति प्रमाण पत्र की पात्रता,वरिष्ठ आईएएस अधिकारी स्वर्गीय नारायण सिंह की पुत्री है भाजपा नेत्री नम्रता सिंह*

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मनीष कौशिक

मोहला -मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष तथा भाजपा की कद्दावर नेत्री नम्रता सिंह के जाति प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और शिकायतों पर अब उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के आदेश के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है।उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश में उपलब्ध दस्तावेजों, शासकीय अभिलेखों, प्रस्तुत साक्ष्यों और पूरे मामले की जांच के आधार पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह को छत्तीसगढ़ राज्य में गोंड, अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र की पात्रता मानी गई है।

मामले की जांच शिकायत के आधार पर विजिलेंस सेल को सौंपी गई थी। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की गई तथा विभिन्न तथ्यों पर समिति ने विचार किया।आदेश में समिति ने विभिन्न शासकीय परिपत्रों, अभिलेखों और न्यायालयीन निर्णयों का भी उल्लेख किया है। विशेष रूप से आदेश में वर्ष 1998 के मध्यप्रदेश शासन के परिपत्र तथा छत्तीसगढ़ शासन के वर्ष 2002 के परिपत्र का उल्लेख करते हुए उनके प्रभाव पर विचार किया गया है।

समिति के आदेश का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि:

“उपरोक्त परिपत्रों दस्तावेजों/अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों व गुण-दोष के आधार पर जाति प्रमाण पत्र धारक नम्रता सिंह को छत्तीसगढ़ राज्य में गोंड, अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र की पात्रता आती है।”यानी जिस जाति प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से विवाद और सवाल खड़े किए जा रहे थे, उस पर उच्च स्तरीय छानबीन के बाद समिति ने उपलब्ध रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर नम्रता सिंह की गोंड अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र की पात्रता को स्वीकार किया है।यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल किसी राजनीतिक बयान या सोशल मीडिया दावे पर आधारित नहीं, बल्कि शासकीय स्तर पर गठित उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा की गई जांच के बाद जारी आधिकारिक आदेश है।अब इस फैसले के बाद नम्रता सिंह के जाति प्रमाण पत्र को लेकर चल रही बहस को एक महत्वपूर्ण आधिकारिक आधार मिल गया है।

*बीजापुर प्रेस क्लब चुनाव: नामांकन फार्म का वितरण पूरा, पूर्व अध्यक्षों के बीच कड़े मुकाबले के आसार*,,,,,,,,,, * तेज नारायण सिंह की रिपोर्ट *,,,,,,,,,

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*बीजापुर प्रेस क्लब चुनाव: नामांकन फार्म का वितरण पूरा, पूर्व अध्यक्षों के बीच कड़े मुकाबले के आसार*,,,,,,,,,,

* तेज नारायण सिंह की रिपोर्ट *,,,,,,,,,

भोपालपटनम/बीजापुर,

जिला पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बीजापुर की संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है।

अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पदों के लिए तीन दिनों तक चला नामांकन फार्म वितरण का कार्य 19 अगस्त को संपन्न हो गया। इस दौरान कुल 12 नामांकन फार्म खरीदे गए हैं, जिनमें अध्यक्ष पद के लिए 5, सचिव के लिए 4 और कोषाध्यक्ष पद के लिए 3 दावेदार शामिल हैं।

नामांकन से लेकर मतदान तक का पूरा शेड्यूल
चुनाव समिति द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार:
20 अगस्त: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नामांकन फार्म जमा किए जाएंगे।

21 अगस्त: जमा किए गए नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) होगी।

22 अगस्त: प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे।

23 अगस्त: चुनावी मैदान में डटे अंतिम प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे, जिसके बाद औपचारिक प्रचार-प्रसार शुरू होगा।

31 अगस्त: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक मतदान होगा और इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।

46 मतदाता तय करेंगे नई कार्यकारिणी का भविष्य
प्रेस क्लब में वर्तमान में कुल 46 पंजीकृत सदस्य हैं, जो मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे।

चुनावी सरगर्मियों के बीच नाम वापसी को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है।

संगठन के नियमों के अनुसार, यदि कोई प्रत्याशी नाम वापस लेता है तो उसकी जमा अमानत राशि में से 30 प्रतिशत की कटौती कर शेष राशि लौटाई जाएगी।

पूर्व अध्यक्षों की साख दांव पर, दिलचस्प हुआ मुकाबला
इस बार अध्यक्ष पद की दौड़ सबसे ज्यादा चर्चा में है।

यदि सभी दावेदार मैदान में टिके रहते हैं, तो मुकाबला बेहद रोचक होने की उम्मीद है।

विशेष रूप से पूर्व अध्यक्षों की संभावित भिड़ंत को लेकर पत्रकारों और सदस्यों में भारी उत्सुकता है।

संगठन में अनुभव, पुरानी पकड़ और व्यक्तिगत संपर्क चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि, वास्तविक चुनावी तस्वीर 22 अगस्त को नाम वापसी की सीमा समाप्त होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

*माओवाद की बंदूक से वर्दी की जिम्मेदारी तक: अर्जुन ने सुनाई सब इंस्पेक्टर बनने की प्रेरक कहानी*

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*माओवाद की बंदूक से वर्दी की जिम्मेदारी तक: अर्जुन ने सुनाई सब इंस्पेक्टर बनने की प्रेरक कहानी*

 

*चेन्नई के मीडिया प्रतिनिधियों ने डीआरजी और एसटीएफ जवानों से की चर्चा, नक्सल मुक्त बीजापुर में विकास की नई तस्वीर से हुए रूबरू*

 

बीजापुर, 19 अगस्त 2026

कभी माओवादी संगठन की विचारधारा और हिंसा के साये में जीवन बिताने को मजबूर रहे अर्जुन ने अब उसी क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर शांति और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हुए अपने जीवन की नई इबारत लिखी है। माओवाद से प्रभावित जीवन से आत्मसमर्पण, पुनर्वास और फिर पुलिस विभाग में सेवा करते हुए सब इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचने की उनकी कहानी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव और पुनर्वास नीति की सफलता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई।

 

पीआईबी के डायरेक्टर श्री अरुण कुमार पी के नेतृत्व में चेन्नई से आए मीडिया प्रतिनिधियों की टीम ने 17 अगस्त को बीजापुर प्रवास के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डीआरजी एवं एसटीएफ के जवानों से चर्चा की। इस दौरान जवानों ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बस्तर में माओवाद के प्रभाव, नक्सली आतंक, सुरक्षा बलों के अभियानों, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया तथा नक्सल मुक्त बीजापुर में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुभव साझा किए।

 

*बचपन में संगठन से जुड़ा, विचारधारा से मोहभंग के बाद चुना मुख्यधारा का रास्ता*

 

डीआरजी के सब इंस्पेक्टर अर्जुन ने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि माओवादी आतंक के दौर में ग्रामीण परिवारों पर संगठन से जुड़ने का दबाव रहता था। इसी भय के कारण उन्हें भी बचपन में माओवादी संगठन में शामिल होना पड़ा। समय के साथ संगठन की गतिविधियों और उसकी हिंसक एवं संविधान विरोधी विचारधारा को करीब से देखने के बाद उनका मोहभंग हुआ।

 

उन्होंने बताया कि लंबे समय तक भय के वातावरण में रहने के बावजूद उन्होंने हिम्मत जुटाई और आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास का लाभ मिला और उन्हें डीआरजी में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। शुरुआत में गोपनीय सैनिक के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद लगातार मेहनत और बेहतर कार्य के माध्यम से उनकी पदोन्नति होती गई। वर्तमान में वे सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और शीघ्र ही निरीक्षक पद पर पदोन्नत होने की उम्मीद है।

 

अर्जुन की कहानी सुनकर मीडिया प्रतिनिधियों ने उनके जीवन के संघर्ष, आत्मसमर्पण के निर्णय और पुलिस सेवा तक के सफर को जाना। उन्होंने बताया कि आज वे समाज और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं, यह उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।

 

*ऑपरेशन से लेकर आत्मसमर्पण तक बहुआयामी रणनीति*

 

इस दौरान डीएसपी श्री विनीत साहू ने मीडिया प्रतिनिधियों को बस्तर में माओवाद के प्रभाव, नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों के सामने रही चुनौतियों तथा नक्सल विरोधी अभियानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें क्षेत्र में सुरक्षा की पहुंच बढ़ाने, ग्रामीणों का विश्वास मजबूत करने, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास को प्रोत्साहित करने तथा विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

 

नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों के विभिन्न दस्तों के बीच बेहतर समन्वय, क्षेत्र में सतत निगरानी, प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसे प्रयास किए गए। डीआरजी और एसटीएफ जैसे विशेष बलों ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक एवं परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाई। इसके साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया गया।

 

*31 मार्च 2026 के बाद बदली बीजापुर की तस्वीर*

 

बस्तर को 31 मार्च 2026 को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद बीजापुर में बदलाव की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। लंबे समय तक माओवादी हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में अब सुरक्षा और विकास गतिविधियों को गति मिल रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक पहुंच और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के विस्तार के लिए वातावरण तैयार हुआ है।

 

डीआरजी एवं एसटीएफ के जवानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त बीजापुर को विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ते देखना उनके लिए संतोष और खुशी का विषय है। जवानों ने बताया कि लंबे समय तक जिन क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती थीं, वहां अब लोगों में विश्वास बढ़ रहा है और विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं।

 

*जवानों के अनुभवों से रूबरू हुए मीडिया प्रतिनिधि*

 

चेन्नई से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने जवानों से संवाद के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों के अनुभव, चुनौतियों, आत्मसमर्पण के बाद जीवन में आए बदलाव और नक्सल मुक्त बीजापुर में हो रहे परिवर्तन को समझा। जवानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों में विश्वास और क्षेत्र में विकास की गति बढ़ना नक्सल विरोधी अभियान के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।

 

अर्जुन की कहानी ने इस संवाद को एक मानवीय आयाम दिया—जहां कभी माओवाद के दबाव में एक बच्चे को संगठन में जाना पड़ा था, वहीं आज वही व्यक्ति संविधान और कानून की रक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए पुलिस की वर्दी में सेवा कर रहा है।

* आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदना तिपनपल्ली का दिल्ली में सम्मान: राष्ट्रपति भवन में बनीं अतिथि, पीएम-राष्ट्रपति संग किया लंच*

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* आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदना तिपनपल्ली का दिल्ली में सम्मान: राष्ट्रपति भवन में बनीं अतिथि, पीएम-राष्ट्रपति संग किया लंच*

बीजापुर  20 अगस्त 2026

बीजापुर :::  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल बीजापुर का मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। नीति आयोग के तहत संचालित बासागुड़ा परियोजना (सेक्टर-धर्मारम) के आंगनबाड़ी केंद्र धर्मारम-1 की कार्यकर्ता चंदना तिपनपल्ली को 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से इस गौरवपूर्ण अवसर के लिए चुने जाने वाली वह एकमात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपरांत, 16 अगस्त को चंदना तिपनपल्ली को भारत की राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के साथ लंच (दोपहर के भोजन) में शामिल होने का दुर्लभ और ऐतिहासिक सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं के क्रियान्वयन के अनुभवों को साझा किया।

दिल्ली प्रवास के दौरान 17 अगस्त को उन्हें राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक एवं चर्चित स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके पश्चात् 18 अगस्त को दिल्ली से ट्रेन द्वारा वापसी की यात्रा शुरू कर, आज 20 अगस्त को वे बीजापुर सुरक्षित लौट आई हैं। उनके वापस पहुंचने पर क्षेत्र के नागरिकों और विभागीय सहकर्मियों ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

पक्के स्कूल भवन से बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का आधार,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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पक्के स्कूल भवन से बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का आधार,,

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मद्देड़ में पूर्व माध्यमिक शाला (बालक) का नवीन भवन बनकर तैयार, विद्यार्थियों को मिली स्थायी शैक्षणिक सुविधा

बीजापुर,,,,,,,,,,, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बीजापुर अंतर्गत भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम पंचायत मद्देड़ में पूर्व माध्यमिक शाला (बालक) के लिए नवीन स्कूल भवन का निर्माण पूर्ण हो गया है। अब क्षेत्र के बच्चों को पक्के और स्थायी भवन में अध्ययन की सुविधा मिल रही है।

जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित मद्देड़ क्षेत्र में स्कूल भवन के अभाव के कारण विद्यार्थियों को अध्ययन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डी.पी.आई. (शिक्षा विभाग) योजना के तहत वर्ष 2025-26 में नवीन स्कूल भवन की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके बाद वर्ष 2026-27 में भवन का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया।

नवीन भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हुआ है। पक्के भवन में अध्ययन की सुविधा मिलने से बच्चों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। नवीन स्कूल भवन से मद्देड़ क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर आधार मिलेगा और उनके उज्ज्वल भविष्य की राह और मजबूत होगी।

भोला कश्यप की मौत पर सरकार जवाब दे, स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही तय हो : नवनीत चाँद

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स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड, मेडिकल रिकॉर्ड, PPP समझौते और सार्वजनिक धन के ऑडिट की मांग

जगदलपुर। करकापाल-बड़ेपारा निवासी 28 वर्षीय आदिवासी मजदूर भोला राम कश्यप की मौत पर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बस्तर में मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी की जवाबदेही का गंभीर सवाल है।

परिवार द्वारा उपचार को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए नवनीत चाँद ने कहा—“हम किसी डॉक्टर या अस्पताल को जांच से पहले दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। हमारा सवाल है कि भोला के उपचार की पूरी प्रक्रिया का सच मेडिकल रिकॉर्ड और स्वतंत्र विशेषज्ञ जांच से सामने क्यों नहीं आना चाहिए?”

उपचार की पूरी प्रक्रिया की जांच हो

प्रारंभिक निदान से लेकर उपचार, ब्रेन सर्जरी, स्थिति बिगड़ने, विशाखापट्टनम रेफरल और अंतिम उपचार तक की Treatment Timeline एवं Clinical Decision Making की स्वतंत्र समीक्षा हो। Diagnostic reports, surgery का clinical basis, informed consent, operation/anaesthesia records, nursing notes और referral decision की जांच की जाए।

मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित किए जाएं

Case Sheet, CT/MRI, Investigation Reports, Operation Notes, Anaesthesia Records, Consent Forms, Nursing Records, Referral/Discharge Summary तथा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं और लागू नियमों के अनुसार परिवार को उपलब्ध कराए जाएं। जांच में किसी Registered Medical Practitioner की लापरवाही प्रमाणित होने पर सक्षम चिकित्सा नियामक संस्था के माध्यम से कार्रवाई हो।

PPP और NMDC/CSR की भूमिका की Third-Party Audit हो

डिमरापाल स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े PPP Agreement, contractual obligations, clinical quality monitoring तथा NMDC/CSR या सरकारी धन के उपयोग की स्वतंत्र वित्तीय एवं तकनीकी जांच हो। सार्वजनिक धन कितना आया, कहां खर्च हुआ और उसका मरीजों को कितना लाभ मिला—इसका हिसाब सार्वजनिक किया जाए।

सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन जवाबदेह हों

राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग अस्पताल की regulatory compliance, clinical standards, specialist availability, emergency/referral व्यवस्था और patient rights की समीक्षा कराएं। जिला प्रशासन रिकॉर्ड संरक्षण, जांच समन्वय और शिकायतों की निगरानी सुनिश्चित करे।

अस्पताल प्रबंधन एवं यदि लागू हो तो Board of Directors/Board-level governance की भूमिका भी जांची जाए—विशेषकर patient safety, medical audit, serious adverse events और contractual compliance के संदर्भ में।

बस्तर में स्वास्थ्य अधिकार प्राथमिकता बने

नवनीत चाँद ने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, रेफरल की दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण बस्तर में स्वास्थ्य व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता चाहिए।

बस्तर का गरीब आदिवासी मरीज पहले बीमारी, फिर दूरी और फिर आर्थिक संकट से न लड़े। उसे समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना उसका अधिकार है। संविधान के अनुच्छेद 21 और सार्वजनिक स्वास्थ्य की संवैधानिक भावना के अनुरूप सरकार को जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।”

🚨 बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा की प्रमुख मांगें

  • 1. स्वतंत्र विशेषज्ञ Medical Board से भोला कश्यप प्रकरण की जांच।
  • 2. सभी मूल एवं डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित कर परिवार को उपलब्ध कराना।
  • 3. पूरी Treatment Timeline और Clinical Decision Making का ऑडिट।
  • 4. PPP Agreement की Third-Party Audit।
  • 5. NMDC/CSR एवं सरकारी धन का स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट।
  • 6. अस्पताल की Clinical Quality, Patient Safety और regulatory compliance की जांच।
  • 7. दोष प्रमाणित होने पर चिकित्सकीय, प्रशासनिक या वित्तीय स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई।
  • 8. गरीब एवं आदिवासी मरीजों के लिए उपचार और रेफरल में आर्थिक सुरक्षा।
  • 9. बस्तर में स्थायी Health Accountability एवं Patient Grievance Mechanism।
  • 10. जांच रिपोर्ट और कार्रवाई के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं।

“भोला वापस नहीं आएगा, लेकिन उसकी मौत व्यवस्था बदलने का कारण बननी चाहिए”

 

नवनीत चाँद ने कहा—

“हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या अस्पताल के खिलाफ नहीं, बल्कि सत्य, मरीज के अधिकार और जवाबदेही के लिए है। यदि लापरवाही नहीं हुई है तो स्वतंत्र जांच उसे स्पष्ट करेगी और यदि हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।”

“बस्तर में उद्योग और NMDC का विकास जरूरी है, लेकिन उसके साथ बस्तर के नागरिक का स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान भी मजबूत होना चाहिए। विकास चाहिए—जवाबदेही के साथ; PPP चाहिए—पारदर्शिता के साथ; अस्पताल चाहिए—मरीज की सुरक्षा के साथ।”

  • भोला राम कश्यप को विनम्र श्रद्धांजलि।

सत्य सामने आए, जवाबदेही तय हो और बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हो।

 

— नवनीत चाँद

मुख्य संयोजक, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा

बस्तर संभाग अध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)

एक पेड़ मां के नाम’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विधायक डॉ सम्पत अग्रवाल ने छात्रों से किया पौधों की देखभाल का आह्वान..

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राहुल भोई महासमुंद..
‘एक पेड़ मां के नाम’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विधायक डॉ सम्पत अग्रवाल ने छात्रों से किया पौधों की देखभाल का आह्वान..


बसना। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सांकरा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में वन महोत्सव के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की।


विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पौधरोपण को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। पेड़ आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित पर्यावरण देने का आधार हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ जीवनदायिनी ऑक्सीजन देने के साथ पूरी सृष्टि के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे पढ़ाई के साथ प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी संवेदनशील बनें। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को उन्होंने जन्मदात्री मां और धरती मां के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम बताया। विधायक ने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाने और उसकी जिम्मेदारीपूर्वक देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान बेहद जरूरी हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी से पौधों का संरक्षण संभव है और इससे गांवों में हरियाली बढ़ेगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता ओमप्रकाश चौधरी, जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सिन्हा, एसडीएम बजरंग सिंह वर्मा, एसडीओ वन डिम्पी बैस, रेंजर अंतरंग पांडे, प्राचार्य डॉ. दीपक देवांगन, सरपंच सतपाल सिंह छाबड़ा सहित जिला एवं जनपद पंचायत के प्रतिनिधि और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि पौधा लगाना शुरुआत है, उसकी देखभाल करना असली जिम्मेदारी है। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों को संरक्षित करने का संकल्प लेकर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

लंदन से आए फोटोग्राफर ने देखा बस्तर का बहुभाषी शिक्षा मॉडल

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मुंडकटियापारा स्कूल में स्थानीय भाषा, संस्कृति और परंपराओं का किया अवलोकन

बस्तर विकास खंड के संकुल खड़का-मधोता अंतर्गत माध्यमिक/प्राथमिक शाला मुंडकटियापारा में बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के तहत विशेष शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण आयोजित किया गया। इंग्लैंड के लंदन से पहुंचे ग्लोबल एजुकेशन फोटोग्राफर जोनाथन ब्रोवनिग ने विद्यालय में संचालित बहुभाषी शिक्षा व्यवस्था और बस्तर की स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना।

जोनाथन ब्रोवनिग के साथ राज्य बहुभाषी स्पेशलिस्ट संजय गुलाटी एवं बहुभाषी शिक्षा समन्वयक बस्तर गोकुल नाथ दीवान भी मौजूद रहे। भ्रमण के दौरान दल ने विद्यालय के शाला संग्रहालय का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं, पालकों और स्थानीय जनसमुदाय से संवाद कर स्थानीय भाषा, संस्कृति, परंपराओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

शाला संग्रहालय में संरक्षित बस्तर की सांस्कृतिक वस्तुओं ने विदेशी मेहमान का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्थानीय लोक-संस्कृति, परंपराओं और समुदाय आधारित शिक्षा के प्रयासों को देखा तथा विद्यालय द्वारा स्थानीय संस्कृति को शिक्षा से जोड़ने की पहल की सराहना की।

इस अवसर पर बस्तर मंडल अध्यक्ष सुखदेव मंडावी, संकुल समन्वयक कृष्णा सिंह ठाकुर, लोकेश्वर यदु, सुमेश बघेल, राजेन्द्र सिंह, योगेश कुमार निषाद, रामनिवास देहारी, हरदेव कश्यप सहित शाला परिवार के शिक्षक एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

विद्यालय में हुए इस भ्रमण को बस्तर की बहुभाषी एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक शैक्षणिक पटल पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। स्थानीय भाषा और संस्कृति को शिक्षा से जोड़ने की यह पहल बस्तर की विशिष्ट पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

सरायपाली में हर गुरुवार मिलेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, सांस से लेकर नसों की बीमारी तक का होगा जांच एवं परामर्श

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सरायपाली में हर गुरुवार मिलेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, सांस से लेकर नसों की बीमारी तक का होगा जांच एवं परामर्श

सरायपाली। अग्रवाल नर्सिंग होम एवं मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल, सरायपाली में अब प्रत्येक गुरुवार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। अस्पताल की ओर से 20 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों की जांच एवं परामर्श की सुविधा दी जा रही है।

इस विशेष चिकित्सा शिविर में एमडी रेस्पिरेटरी मेडिसिन एवं चेस्ट फिजिशियन डॉ. श्री रजनी मरीजों की जांच करेंगी। सांस फूलना, दमा, एलर्जी, सीओपीडी, लंबे समय से चली आ रही खांसी, छाती में पानी भरना, निमोनिया, टीबी, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, नींद संबंधी विकार तथा खर्राटे जैसी समस्याओं का जांच एवं परामर्श किया जाएगा। अस्पताल के अनुसार डॉ. रजनी हैदराबाद की प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशियन हैं।

इसी दिन न्यूरो एक्सपर्ट डॉ. वैभव धवली भी मरीजों को परामर्श देंगे। वे एमबीबीएस, एमएस, एमसीएच (न्यूरोसर्जरी) के साथ मिनिमली इनवेसिव एवं एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी में फेलोशिप प्राप्त विशेषज्ञ हैं। उनके माध्यम से मस्तिष्क एवं नसों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं तथा स्पाइन संबंधी रोगों की जांच एवं उपचार संबंधी परामर्श उपलब्ध रहेगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों की सलाह, व्यक्तिगत देखभाल और सटीक जांच के आधार पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी अस्पताल की ओर से दी गई है।

अग्रवाल डेंटल एंड पॉलीक्लिनिक, मेन रोड IDBI बैंक के पास, सरायपाली में आयोजित होने वाली इन विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ लेने के लिए मरीज अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। संपर्क नंबर 9303623130, 7773086100 एवं 9174335366 हैं।

कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी लेंगे शपथ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी लेंगे शपथ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि,,,,,,,,,,

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शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम 22 अगस्त को, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत होगा वृक्षारोपण

बीजापुर ,,,,,,,

रायपुर।,,,,,,,,,,,,,,,, छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति, टाटीबंध रायपुर द्वारा आगामी 22 अगस्त 2026 को शपथ ग्रहण समारोह एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे कृषक सभागार, कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में किया जाएगा, जबकि वृक्षारोपण कार्यक्रम नव निर्माणाधीन कंवर भवन लामाडीह (जोरा) रायपुर में संपन्न होगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार साय करेंगे। वहीं अखिल भारतीय कंवर समाज की केंद्रीय कार्यालय प्रभारी एवं जिला जशपुर की अध्यक्ष कौशल्या देवी साय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर निर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। समाज की महिला, युवा एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़े पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियों का औपचारिक दायित्व सौंपा जाएगा।

कार्यक्रम में समाज के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक एवं संरक्षकगण भी शामिल होंगे। आयोजन के साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। समिति ने समाज के सभी जिलों और चक के पदाधिकारियों और सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

*कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी लेंगे शपथ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि*

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*कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी लेंगे शपथ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि*

 

*शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम 22 अगस्त को, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत होगा वृक्षारोपण*

 

रायपुर  :::::छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति, टाटीबंध रायपुर द्वारा आगामी 22 अगस्त 2026 को शपथ ग्रहण समारोह एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे कृषक सभागार, कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में किया जाएगा, जबकि वृक्षारोपण कार्यक्रम नव निर्माणाधीन कंवर भवन लामाडीह (जोरा) रायपुर में संपन्न होगा।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार साय करेंगे। वहीं अखिल भारतीय कंवर समाज की केंद्रीय कार्यालय प्रभारी एवं जिला जशपुर की अध्यक्ष कौशल्या देवी साय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

 

समिति के प्रदेश अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर निर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। समाज की महिला, युवा एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़े पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियों का औपचारिक दायित्व सौंपा जाएगा।

 

कार्यक्रम में समाज के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक एवं संरक्षकगण भी शामिल होंगे। आयोजन के साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। समिति ने समाज के सभी जिलों और चक के पदाधिकारियों और सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों की होगी मॉक ड्रिल,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों की होगी मॉक ड्रिल,,,,,

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20 अगस्त को भोपालपटनम के तिमेड़ में इन्द्रावती नदी तट पर होगा आयोजन

बीजापुर,,,,,,,,,,,,, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला बीजापुर के संयुक्त तत्वावधान में 20 अगस्त 2026, गुरुवार को प्रातः 10 बजे बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

यह मॉक ड्रिल भोपालपटनम के मंदिरपारा, तिमेड़ स्थित इन्द्रावती नदी तट पर आयोजित होगी। इसका उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन एवं संबंधित बचाव दलों की तैयारियों, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना है।

मॉक ड्रिल के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की भूमिका एवं समन्वय का अभ्यास किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को बाढ़ आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य को मिली शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य को मिली शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति,,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,, छत्तीसगढ़ नक्सलवाद, आत्मसमर्पण, पीड़ित, राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत नक्सल पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की अनुशंसा पर नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य श्री राजेश कुमार आलम को शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है।

कलेक्टर एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, जिला बीजापुर के निर्देशानुसार श्री आलम को नियमित चतुर्थ श्रेणी (अर्दली) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। उन्हें जिला कार्यालय, बीजापुर में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।

यह नियुक्ति नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा पुनर्वास की दिशा में शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

🔳 थाना बेदरे का औचक निरीक्षण,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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🔳 थाना बेदरे का औचक निरीक्षण,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,
🔳 पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा थाना बेदरे का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, अभिलेखों एवं विभिन्न रजिस्टरों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।

🔳 पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना प्रभारी, विवेचकों एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों से थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं लंबित प्रकरणों के संबंध में जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

भोपालपटनम थाना परिसर में शान से लहराया तिरंगा, शहीद जवानों को किया गया नमन,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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भोपालपटनम थाना परिसर में शान से लहराया तिरंगा, शहीद जवानों को किया गया नमन,,,,,,,,,,

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भोपालपटनम।,,,,,,,,,,, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपालपटनम थाना परिसर में देशभक्ति और उत्साह के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री घनश्याम कामड़े ने शान से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी।

इस अवसर पर एसडीओपी घनश्याम कामड़े ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश को अंग्रेजों की गुलामी से 1947 में मिल गई थी, लेकिन बीजापुर जिले के कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक नक्सल समस्या के कारण लोग वास्तविक आजादी का अनुभव नहीं कर पा रहे थे। क्षेत्र के नक्सलमुक्त होने के बाद अब लोगों के जीवन में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है। लोग पहले की तुलना में अब बेखौफ होकर अपने जरूरी कामों के लिए कहीं भी आ-जा पा रहे हैं और रात में चैन से सो पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की सुरक्षा और सेवा के लिए हमेशा तत्पर है। आम नागरिकों को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि अपनी किसी भी समस्या, सुझाव या शिकायत को पुलिस के सामने बेझिझक रखें। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद एवं विश्वास से क्षेत्र में शांति और विकास को और मजबूती मिलेगी।

शहीद जवानों को किया गया याद

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर थाना परिसर में क्षेत्र की सुरक्षा के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। पुलिस अधिकारियों एवं उपस्थित लोगों ने शहीद जवानों के बलिदान को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। इस दौरान शहीद जवानों के परिजनों का सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षिकाएं, थाना स्टाफ, गणमान्य नागरिक तथा क्षेत्र के बड़े संख्या में लोग देखने पहुंचे