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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।

*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल*,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल*,,,

,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

*डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*

बीजापुर,,,,,,

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अतिदुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 मई 2026 को विकासखंड बीजापुर के अंतर्गत डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। अभियान के तहत पहली बार जिला स्तर के अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं संचालन में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सफल संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी स्वयं स्वास्थ्य दल के साथ डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) पहुंचे। स्वास्थ्य जांच दल द्वारा ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, शुगर, गर्भवती माताओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों का उपचार किया गया। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।
इसी शिविर के दौरान डोड़ी तुमनार निवासी 10 वर्षीय सोमलू मोड़ियम की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पहचान की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चा नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया एवं मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित था तथा उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी द्वारा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कराया गया।
जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचने पर सोमलू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया, मिर्गी के दौरे, पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन, पेट में अत्यधिक पानी भरने तथा सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसी जटिल समस्याएं थीं। 10 वर्ष की आयु में उसका वजन 50 किलोग्राम तक पहुंच गया था। पेट में जमा पानी फेफड़ों पर दबाव बना रहा था, जिससे उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल, डॉ. आसिफा, डॉ. मनी, डॉ. हर्षवर्धन एवं डॉ. प्रशांत की टीम द्वारा बच्चे का गहन उपचार किया गया। उपचार के दौरान शिशुरोग विभाग एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा 24 घंटे निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की गई।
चिकित्सकीय टीम द्वारा नेफ्रोटिक सिंड्रोम के उपचार हेतु स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन एवं डाइयुरेटिक्स दिए गए, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव और सूजन को नियंत्रित किया जा सका। मलेरिया संक्रमण के उपचार के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं तथा मिर्गी के दौरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं। सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई और बच्चे को लगातार उच्च प्रोटीन युक्त आहार पर रखा गया। उपचार अवधि के दौरान फ्लूइड बैलेंस, ऑक्सीजन स्तर, वजन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की गई।
लगातार 17 दिनों तक चले गहन उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसके शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया, सांस सामान्य हो गई तथा स्वास्थ्य में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 01 जून 2026 को जब सोमलू को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था। लगभग 22 किलोग्राम अतिरिक्त सूजन एवं शरीर में जमा द्रव सफलतापूर्वक कम किया गया।
यह सफलता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के सकारात्मक प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि डोड़ी तुमनार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित शिविर के दौरान सोमलू की समय पर पहचान नहीं होती और उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर नहीं किया जाता, तो उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। अभियान के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य जांच की जा रही है, बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय बीजापुर की चिकित्सकीय टीम तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदान किया।

*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल ,डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*दीपक मरकाम की खबर,

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*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल ,डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*दीपक मरकाम की खबर,

 

 

 

 

बीजापुर, 04 जून 2026

 

 

 

 

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अतिदुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 मई 2026 को विकासखंड बीजापुर के अंतर्गत डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। अभियान के तहत पहली बार जिला स्तर के अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं संचालन में शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सफल संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

 

शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी स्वयं स्वास्थ्य दल के साथ डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) पहुंचे। स्वास्थ्य जांच दल द्वारा ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, शुगर, गर्भवती माताओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों का उपचार किया गया। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।

 

इसी शिविर के दौरान डोड़ी तुमनार निवासी 10 वर्षीय सोमलू मोड़ियम की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पहचान की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चा नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया एवं मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित था तथा उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी द्वारा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कराया गया।

 

जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचने पर सोमलू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया, मिर्गी के दौरे, पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन, पेट में अत्यधिक पानी भरने तथा सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसी जटिल समस्याएं थीं। 10 वर्ष की आयु में उसका वजन 50 किलोग्राम तक पहुंच गया था। पेट में जमा पानी फेफड़ों पर दबाव बना रहा था, जिससे उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।

 

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल, डॉ. आसिफा, डॉ. मनी, डॉ. हर्षवर्धन एवं डॉ. प्रशांत की टीम द्वारा बच्चे का गहन उपचार किया गया। उपचार के दौरान शिशुरोग विभाग एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा 24 घंटे निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की गई।

 

चिकित्सकीय टीम द्वारा नेफ्रोटिक सिंड्रोम के उपचार हेतु स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन एवं डाइयुरेटिक्स दिए गए, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव और सूजन को नियंत्रित किया जा सका। मलेरिया संक्रमण के उपचार के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं तथा मिर्गी के दौरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं। सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई और बच्चे को लगातार उच्च प्रोटीन युक्त आहार पर रखा गया। उपचार अवधि के दौरान फ्लूइड बैलेंस, ऑक्सीजन स्तर, वजन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की गई।

 

लगातार 17 दिनों तक चले गहन उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसके शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया, सांस सामान्य हो गई तथा स्वास्थ्य में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 01 जून 2026 को जब सोमलू को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था। लगभग 22 किलोग्राम अतिरिक्त सूजन एवं शरीर में जमा द्रव सफलतापूर्वक कम किया गया।

 

यह सफलता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के सकारात्मक प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि डोड़ी तुमनार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित शिविर के दौरान सोमलू की समय पर पहचान नहीं होती और उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर नहीं किया जाता, तो उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। अभियान के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य जांच की जा रही है, बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय बीजापुर की चिकित्सकीय टीम तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदान किया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के युग-निर्माता, माननीय वित्त मंत्री यशस्वी श्री ओ.पी. चौधरी जी को उनके 45 वें जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं।*_,,, *सेवक राम नेताम भाजपा जिलाध्यक्ष*

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_*छत्तीसगढ़ प्रदेश के युग-निर्माता, माननीय वित्त मंत्री यशस्वी श्री ओ.पी. चौधरी जी को उनके 45 वें जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं।*_,,, *सेवक राम नेताम भाजपा जिलाध्यक्ष*
राजमन नाग

छत्तीसगढ़ शासन में वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी का कल 2 जुन को 45 वां जन्मदिवस ‘अवतरण दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर वात्सल्य शैक्षिक एवं आध्यात्मिक समिति, रायपुर के तत्वाधान में अध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव द्वारा प्रयागराज गंगा स्थल से गंगा जल लाकर निःशुल्क गंगाजल का वितरण किया जाएगा।

*कार्यक्रम का विवरण:* गंगाजल वितरण *कल सुबह 07:00 बजे से बुढीमाई मंदिर रायगढ़* में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जी के हाथो कर कमलों से प्रारंभ होगा।

समिति के अध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव ने बताया, _”वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जी ने जिस तरह अपने जीवन में पवित्रता और सेवा का संगम दिखाया है, उसी भाव से हमने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से गंगाजल लाकर जनता में वितरित करने का संकल्प लिया। यह उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना है। सभी श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं।”_

*किसान पुत्र से युग-निर्माता तक का सफर*
रायगढ़ जिले के बायंग गांव में 2 जून 1981 को जन्मे ओ.पी. चौधरी ने 2005 में UPSC में 13 वीं रैंक हासिल कर IAS बने। रायपुर कलेक्टर रहते ‘नालंदा परिसर’ 24×7 लाइब्रेरी और दंतेवाड़ा में ‘ननवा दंतेवाड़ा’ जैसे नवाचारों के लिए उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर एक्सीलेंस अवार्ड’ मिला।

*IAS से इस्तीफा, वित्त मंत्री तक*
अगस्त 2018 में IAS से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आए। 2023 में रायगढ़ से 64,443 मतों से विधायक बने और दिसंबर 2023 से विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री हैं। उन्होंने 2047 तक छत्तीसगढ़ को 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।

*प्रदेशभर से शुभकामनाएं*
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा, _”युवा सोच और प्रशासनिक अनुभव के संगम श्री ओ.पी. चौधरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।”_

महासमुंद मे छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की जिला इकाई ने जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसीलद कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगो से संबंधित ज्ञापन सौंपा..

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राहुल भोई महासमुंद…

छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की जिला इकाई ने जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसीलद कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगो से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन से पहले जिले के किसान खाद, बीज और डीजल जैसी बुनियादी कृषि आवश्यकताओं के लिए भटकने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं किसानों की परेशानियां कम करने के बजाय उन्हें और बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जिले का छोटा और सीमांत किसान सुबह से उम्मीद लेकर सोसायटियों और बाजारों की ओर निकलता है, लेकिन दिनभर लंबी कतारों, टोकन व्यवस्था और खाद की कमी से जूझने के बाद निराश होकर घर लौटता है। जिस अन्नदाता की मेहनत से देश की मंडियां भरती हैं, वही किसान आज खाद के एक-एक कट्टे के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े-बड़े राजनीतिक आयोजन और स्वागत समारोह किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। जरूरत जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने की है। किसानों के इसी समस्या को लेकर किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश में जाकर किसानों की आवाज को बुलंद कर रही है और रैली व घेराव कर रही है। आज जिले में 9 सूत्रीय मांग को लेकर तहसील कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम कि ज्ञापन सौंपा । उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इनकी प्रमुख मांगे है कि किसान कांग्रेस ने मांगपत्र में प्रति एकड़ एक बोरी खाद देने की व्यवस्था को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने , 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद वितरण की व्यवस्था समाप्त कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद उपलब्ध कराने, आवश्यकता के अनुसार खाद और बीज लेने की स्वतंत्रता देने, पेट्रोल पंपों में जरीकैन में डीजल देने पर लगी पाबंदी हटाने तथा कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, अघोषित बिजली कटौती रोकने, कृषि बिजली की बढती दर वापस लेने, किसानों को मुफ्त बिजली देने , खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे प्रदेश में एक समान दर लागू करने, सहकारी समितियों से मिलने वाले कृषि ऋण (केसीसी) की सीमा बढ़ाकर 40 हजार प्रति एकड़ करने तथा वर्तमान ऋण वितरण व्यवस्था में सुधार, किसानों को धान की राशि एवं बोनस सहित बकाया अंतर राशि का भुगतान एकमुश्त करने, वहीं उद्यानिकी, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लंबित अनुदान एवं सब्सिडी राशि का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग की

। कांग्रेसी कांग्रेस भवन से नारेबाजी करते हुवे तहसील कार्यालय पहुंचे और घेराव पश्चात एसडीएम को‌ ज्ञापन सौंपा ।

 

 

दृष्टि नियंत्रित करने वाले हिस्से तक पहुंचा था खीला, अग्रवाल नर्सिंग होम के विशेषज्ञ न्यूरोसर्जरी से बची आंखों की रोशनी और मरीज की जान”

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“दृष्टि नियंत्रित करने वाले हिस्से तक पहुंचा था खीला, विशेषज्ञ न्यूरोसर्जरी से बची आंखों की रोशनी और मरीज की जान”

उच्च जोखिम वाली न्यूरोसर्जरी ने बचाई मरीज की दृष्टि और जीवन

31 वर्षीय युवक के मस्तिष्क में दुर्घटना के दौरान लोहे का खीला सिर के पिछले हिस्से से कपाल को भेदते हुए अंदर तक पहुंच गया था। चोट के दो दिन बाद जब मरीज दृष्टि संबंधी परेशानी लेकर अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना पहुंचा, तब जांच में एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति सामने आई।

CT Scan में पाया गया कि खीला मस्तिष्क के उस अत्यंत संवेदनशील हिस्से में फंसा हुआ था, जहां दृष्टि नियंत्रित करने वाले केंद्र और महत्वपूर्ण रक्त वाहिनियां मौजूद होती हैं। थोड़ी सी चूक भी गंभीर ब्रेन हेमरेज, स्थायी दृष्टिहानि या जान के लिए खतरा बन सकती थी।

👨‍⚕️ न्यूरोसर्जन डॉ. वैभव धवली एवं विशेषज्ञ ट्रॉमा टीम ने तत्काल जटिल आपातकालीन सर्जरी कर खीले को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला।

सफलता के परिणाम

✅ मरीज की दृष्टि पूरी तरह सुरक्षित रही

✅ कोई गंभीर न्यूरोलॉजिकल क्षति नहीं हुई

✅ मरीज स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट आया

अब विशेषज्ञ न्यूरोसर्जरी बसना में

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“विश्वास, विशेषज्ञता और आधुनिक उपचार का भरोसा”

 

*मोहला–महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सड़क पर भटकते बच्चों के पुनर्वास के लिए चला विशेष अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी गई जानकारी*

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मनीष कौशिक

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी– बालकों के संरक्षण एवं उनके स्थायी पुनर्वास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। *बाल सक्षम नीति-2022* के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत विकासखंड अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।माननीय जिला कलेक्टर के नेतृत्व, जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेश तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में टीम द्वारा बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय, होटल, रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर, कपड़ा दुकान, किराना दुकान एवं बाजार क्षेत्रों का भ्रमण कर आम नागरिकों और व्यापारियों को सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों की पहचान एवं संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई।अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि यदि कोई बालक या बालिका सड़क पर भटकते, भीख मांगते, असुरक्षित परिस्थितियों में रहते अथवा संरक्षण की आवश्यकता वाली स्थिति में दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तत्काल **चाइल्ड हेल्पलाइन 1098** पर दी जाए। इसके साथ ही विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चाइल्ड हेल्पलाइन से संबंधित पाम्पलेट एवं स्टीकर भी लगाए गए ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके।अभियान के संबंध में संबंधित थाना प्रभारियों से भी चर्चा कर उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान की गई तथा बाल संरक्षण के मामलों में समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की गई।जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जरूरतमंद, बेसहारा अथवा संकटग्रस्त बच्चे की जानकारी छिपाने के बजाय तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि ऐसे बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।

*”हर बच्चे का बचपन सुरक्षित हो, यही इस अभियान का उद्देश्य है।”*

अबुझमाड़ में विकास की नई दस्तक: मंत्री केदार कश्यप ने किया आधुनिक थाना भवन का लोकार्पण

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अबुझमाड़ में विकास और विश्वास का नया अध्याय: कोहकामेटा के नवीन थाना भवन का लोकार्पण

अबुझमाड़ क्षेत्र में विकास, सुशासन और जनविश्वास को नई मजबूती प्रदान करते हुए माननीय मंत्री श्री केदार कश्यप ने नवीन थाना कोहकामेटा भवन का लोकार्पण किया। यह अवसर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रशासनिक पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।

वर्ष 1980 में एक पुलिस चौकी के रूप में शुरू हुई कोहकामेटा की यह यात्रा आज आधुनिक सुविधाओं से युक्त थाना भवन के रूप में नई पहचान प्राप्त कर रही है। नवीन भवन न केवल पुलिस अधोसंरचना के विस्तार का प्रतीक है, बल्कि अबुझमाड़ में बढ़ते विकास, सुशासन और जनसहभागिता का भी सशक्त उदाहरण है।

इस अवसर पर कहा गया कि सरकार का उद्देश्य दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक प्रशासन की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना तथा नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है। आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं से सुसज्जित यह थाना भवन कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आमजन को सहज, पारदर्शी एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अबुझमाड़ क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्यों से लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। नवीन थाना भवन का लोकार्पण इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

आज का अबुझमाड़ परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। विकास और विश्वास के मजबूत आधार पर यह क्षेत्र तेजी से मुख्यधारा से जुड़ते हुए नई संभावनाओं और अवसरों की ओर अग्रसर है।

“अबुझमाड़ बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है और विकास की नई इबारत लिख रहा है।”

विधायक सावित्री मनोज मंडावी की पहल रंग लाई: दुर्गूकोदल तहसील व सहकारी बैंक में लगा वाटर कूलर, ग्रामीणों-किसानों को मिली राहत।

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*विधायक सावित्री मनोज मंडावी की पहल रंग लाई: दुर्गूकोदल तहसील व सहकारी बैंक में लगा वाटर कूलर, ग्रामीणों-किसानों को मिली राहत*

 

*ग्रामीणों की समस्या पर विधायक की तत्परता, दुर्गूकोदल में वाटर कूलर की हुई व्यवस्था*

 

*निरीक्षण के दौरान उठी मांग, विधायक के प्रयास से तहसील व बैंक में मिला शीतल पेयजल*

 

*सावित्री मंडावी की पहल पर श्री बजरंग आयरन ओर माइंस ने लगाया वाटर कूलर*

 

दुर्गूकोदल, 3 जून 2026।

भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी की सक्रिय पहल से दुर्गूकोदल तहसील कार्यालय एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिसर में शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विधायक के प्रयासों से आज 3 जून 2026 को दोनों कार्यालयों में वाटर कूलर स्थापित किए गए, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

गौरतलब है कि विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने 29 मई 2026 को दुर्गूकोदल प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपस्थित ग्रामीणों, किसानों तथा आम नागरिकों से भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान किसानों एवं क्षेत्रवासियों ने खाद-बीज की उपलब्धता तथा भीषण गर्मी के बीच शीतल पेयजल की समस्या से विधायक को अवगत कराया।

समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक श्रीमती मंडावी ने तत्काल हाहालददी, दुर्गूकोदल में संचालित श्री बजरंग आयरन ओर माइंस के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री सुरेश अग्रवाल से दूरभाष पर चर्चा की और तहसील कार्यालय एवं जिला सहकारी बैंक परिसर में वाटर कूलर स्थापित करने का अनुरोध किया। विधायक की मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए कंपनी प्रबंधन ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अल्प समय में दोनों स्थानों पर वाटर कूलर उपलब्ध करा दिए।

आज वाटर कूलर स्थापना के बाद तहसील कार्यालय और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक आने वाले किसानों एवं ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए विधायक सावित्री मनोज मंडावी के प्रति आभार जताया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कहा कि गर्मी के मौसम में शीतल पेयजल की व्यवस्था से आम नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी।

क्षेत्रवासियों ने विधायक की जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल से आम जनता की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं का भी समय पर समाधान हो रहा है। विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुविधा और समस्याओं के निराकरण के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध हैं तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाता रहेगा।

महासमुंद आबकारी विभाग की धर पकड़..उड़ीसा की शराब पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार, 37 लीटर से अधिक शराब जब्त.

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहारा और पिथौरा क्षेत्र में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई में उड़ीसा राज्य की शराब के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, बागबहारा क्षेत्र के खेमड़ा में आबकारी टीम ने दबिश देकर आरोपी संतोष कुमार और रंजन कुमार को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से उड़ीसा निर्मित 04 नग मैकडोवेल पाव, 04 नग रॉयल स्टैग पाव, 02 बीयर, 01 कैन बीयर तथा 154 नग हिरण छाप पाउच बरामद किए गए। जब्त शराब की कुल मात्रा 30.8 लीटर बताई गई है।

वहीं दूसरी कार्रवाई में पिथौरा क्षेत्र के सोहागपुर निवासी अशोक ठाकुर के कब्जे से उड़ीसा निर्मित 32 नग शराब पाउच बरामद किए गए, जिसकी कुल मात्रा 6.4 लीटर है।

आबकारी विभाग ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 59(क) एवं 36 के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर की गई। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी अजय पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और अवैध शराब जब्त की।

आबकारी विभाग की ओर से जिला आबकारी अधिकारी अजय पांडेय ने स्पष्ट किया है कि उड़ीसा प्रांत से लाई जा रही अवैध शराब, महुआ शराब तथा अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा..