*विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज को मिली ऐतिहासिक सौगात*
*3-3 करोड़ के बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह भवन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा*
राजमन नाग
केशकाल:- केशकाल विधानसभा क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान विधायक नीलकंठ टेकाम की दो महत्वपूर्ण मांगों पर तत्काल सहमति प्रदान करते हुए केशकाल में सर्व आदिवासी समाज के लिए बहुउद्देश्यीय काम्प्लेक्स सह विश्राम गृह तथा विश्रामपुरी में गोंडवाना समाज के लिए 3 करोड़ रुपये की लागत से गोंडवाना भवन सह कॉम्प्लेक्स के निर्माण की घोषणा की। बताया जा रहा है कि यह मांग लंबे समय से क्षेत्र की जनता एवं आदिवासी समाज द्वारा उठाई जा रही थी, लेकिन अब तक इसे मूर्त रूप नहीं मिल पाया था। विधायक नीलकंठ टेकाम के लगातार प्रयासों और पहल के परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री ने मंच से ही दोनों भवनों की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है।
*जानिए क्या है बहुउद्देश्यीय मल्टीकाम्प्लेक्स-*
इस संबंध में विधायक नीलकंठ टेकाम ने बताया कि यह कोई सामान्य सामुदायिक भवन नहीं होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भवन के सबसे निचले तल में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं और समाज के लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके ऊपर के तल में आदिवासी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक प्रदर्शनी केंद्र तथा आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जहां विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी। भवन के तीसरे तल में विश्रामगृह एवं विशाल मीटिंग हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिसका उपयोग आदिवासी समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए कर सकेंगे। विधायक टेकाम ने कहा कि इन भवनों का उद्देश्य केवल समाज विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सर्वसमाज के उपयोग के लिए तैयार किए जाने वाले आधुनिक सामाजिक केंद्र होंगे।
*भाजपा जिलाध्यक्ष व मंडल अध्यक्षों ने भी जताया आभार-*
बता दें कि इन दोनों भवनों के लिए विधायक नीलकंठ टेकाम के साथ साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सेवकराम नेताम एवं सभी 6 मंडल अध्यक्षों ने भी सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। जिसमें केशकाल- लंबोधर सलाम, विश्रामपुरी- मनाराम मरकाम, बडेराजपुर- लालाराम मरकाम, बड़ेडोंगर- महेंद्र सलाम, फरसगांव- धनराज पांडे, धनोरा- संतोष सिन्हा शामिल हैं।
*विधायक टेकाम ने समाज की ओर से जताया आभार-*
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन भवनों के निर्माण से जहां आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का स्थायी केंद्र मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, विद्यार्थियों के लिए अध्ययन संसाधन और आम जनता के लिए सामाजिक गतिविधियों का एक बेहतर मंच उपलब्ध होगा। विधायक टेकाम ने मुख्यमंत्री के प्रति आदिवासी समाज की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का विशेष स्नेह और सहयोग केशकाल विधानसभा क्षेत्र को लगातार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी क्षेत्र को इसी प्रकार विकास कार्यों की नई-नई सौगातें मिलती रहेंगी।
विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज को मिली ऐतिहासिक सौगात* *3-3 करोड़ के बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह भवन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा* राजमन नाग
जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन नोडल अधिकारी नियुक्त,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,
जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन नोडल अधिकारी नियुक्त,,,,,,,,,,,,,
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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,, छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में आगामी मानसून 2026 में जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसमें जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनका मोबाईल नम्बर 7974547030, 7587291848 है। इसी तरह तहसील स्तर पर श्री पंचराम सलामें तहसीलदार बीजापुर मोबाईल नम्बर 9425558879, श्रीमती प्रियंका बंजारा तहसीलदार भैरमगढ़ संपर्क नम्बर 9406216885, श्री लक्ष्मण राठिया तहसीलदार भोपालपटनम संपर्क नम्बर 8871196750, श्री देवनंदन टंडन तहसीलदार उसूर संपर्क नम्बर 9131768799, श्री सूर्यकांत धरत प्रभारी तहसीलदार कुटरू संपर्क नम्बर 9479108608 एवं श्री भोज कुमार डहरिया तहसीलदार गंगालूर संपर्क नम्बर 6267323260 बाढ़ अथवा अन्य आपदा संबंधी किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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• पूर्व सहायक प्राध्यापक (डी.के.एस. हॉस्पिटल रायपुर)
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*दिवंगत पुत्र की स्मृति में ,भैरमगढ़ को मिली एम्बुलेंस की सौगात, जनसेवा का अनूठा संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,
*दिवंगत पुत्र की स्मृति में ,भैरमगढ़ को मिली एम्बुलेंस की सौगात, जनसेवा का अनूठा संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,
बीजापुर भैरमगढ़ दिनांक 02 जून 2026
भैरमगढ़ : बीजापुर जिले के भैरमगढ़ निवासी अजय सिंह ठाकुर ने अपने दिवंगत पुत्र दिशांत सिंह ठाकुर की स्मृति में उनके 02 जून जन्मदिवस के अवसर पर जनसेवा का सराहनीय कार्य करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ को एक एम्बुलेंस भेंट की है।
इस अवसर पर अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि उनके पुत्र की स्मृतियों को समाज हित एवं जनकल्याण से जोड़ना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
स्वास्थ्य केंद्र को मिली इस एम्बुलेंस से क्षेत्र के ग्रामीणों एवं मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में यह एम्बुलेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुत्र की जन्मदिन की अवसर पर अस्पताल के मरीजों को फल फुल भेंट किया गया।
“बस्तर में धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल: क्या संविधान का अनुच्छेद 25 केवल कागज़ों तक सीमित?”
बस्तर में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता पर गंभीर प्रश्न:
आज दिनांक 31 मई 2026, ग्राम सदरापाल, ग्राम पंचायत पालेम, थाना तोंगपाल, जिला सुकमा से प्राप्त अत्यंत चिंताजनक घटना ने पूरे बस्तर को झकझोर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आदिवासी ग्रामीण घर में शांतिपूर्वक प्रार्थना कर रहे लोगों पर हिंसक हमला किया गया। यदि यह तथ्य सत्य हैं, तो यह केवल कुछ व्यक्तियों पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपनी अंतरात्मा की स्वतंत्रता तथा किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। यदि किसी व्यक्ति को केवल उसके धार्मिक विश्वास के कारण सामाजिक बहिष्कार, मारपीट, धमकी या हिंसा का सामना करना पड़ रहा है, तो यह संविधान, विधि के शासन और मानवाधिकारों की मूल भावना का खुला उल्लंघन है।
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि आखिर बस्तर में ऐसी परिस्थितियाँ क्यों निर्मित की जा रही हैं जहाँ
– गांवों में भाईचारा टूट रहा है,
– परिवारों के बीच विभाजन बढ़ रहा है,
– और विकास के मूल मुद्दों को पीछे धकेलकर धार्मिक तनाव को हवा दी जा रही है?
बस्तर आज जिन वास्तविक चुनौतियों से जूझ रहा है, वे हैं —
जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा, खनिज संपदा पर स्थानीय अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, संचार, युवाओं के अवसर और आदिवासी स्वाभिमान की रक्षा।
यह अत्यंत चिंता का विषय है कि इन मूलभूत प्रश्नों पर गंभीर जनसंवाद और संघर्ष के बजाय कुछ शक्तियाँ गांव-गांव तक पहुँचकर धर्म और पहचान के नाम पर विभाजन की रेखाएँ खींच रही हैं।
प्रश्न यह उठता है कि:
जब बस्तर के संसाधनों की रक्षा की बात होती है तो ये संगठन मौन क्यों हो जाते हैं?
जब शिक्षा और स्वास्थ्य की दुर्दशा पर आवाज़ उठानी होती है तो ये सक्रिय क्यों नहीं दिखते?
क्यों केवल धर्म आधारित ध्रुवीकरण को ही सामाजिक जागरण का नाम दिया जा रहा है?
यह बस्तर की परंपरा नहीं है।
बस्तर की पहचान सदियों से सह-अस्तित्व, विविधता, सहिष्णुता और सामुदायिक सौहार्द रही है।
देश की आज़ादी से लेकर लंबे समय तक बस्तर ने अनेक चुनौतियाँ देखीं, लेकिन आज जिस प्रकार धार्मिक आधार पर सामाजिक तनाव और भय का वातावरण निर्मित हो रहा है, वह अत्यंत खतरनाक संकेत है।
हम छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से स्पष्ट प्रश्न पूछते हैं:
1. क्या बस्तर में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं?
2. क्या अनुच्छेद 25 ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू है?
3. ऐसे मामलों में त्वरित निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं होती?
4. पर्दे के पीछे कार्यरत उन तत्वों की पहचान कब होगी जो समाज को बाँटने का कार्य कर रहे हैं?
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की मांगें:
1. घटना की न्यायिक/स्वतंत्र जांच
2. दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी
3. पीड़ितों की सुरक्षा और उपचार
4. धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी का कड़ाई से पालन
5. बस्तर में सामाजिक सौहार्द हेतु सर्वधर्म शांति संवाद
हम स्पष्ट कहना चाहते हैं —
बस्तर को नक्सलवाद से धर्मवाद की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बस्तर को चाहिए
विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और संवैधानिक न्याय;
न कि भय, विभाजन और नफरत।
आज आवश्यकता है कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, प्रशासन और जागरूक नागरिक वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर शांति, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएँ।
बस्तर का भविष्य धार्मिक संघर्ष नहीं, संवैधानिक सह-अस्तित्व में है।
जारीकर्ता:
नवनीत चाँद
मुख्य संयोजक — बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा
बस्तर संभाग अध्यक्ष — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
* राष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप के लिए बस्तर के खिलाड़ी देहरादून रवाना*दीपक मरकाम की खबर,
* राष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप के लिए बस्तर के खिलाड़ी देहरादून रवाना*दीपक मरकाम की खबर,
बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 02 जून 2026
जगदलपुर: उत्तराखंड के देहरादून में 3 से 7 जून 2026 तक आयोजित होने वाली 5 वीं KIO नेशनल सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराते चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए बस्तर जिले के खिलाड़ी छत्तीसगढ़ कराते दल के साथ रवाना हो गए हैं।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बस्तर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बालिका वर्ग में कु. अनमोल गौतम ,कु. जे. अभिन्याश्री, जबकि बालक वर्ग में शिवेश सिंह, जे. नवीन कृष्णा, परीक्षित मतवाल, नक्ष देवांगन , अभ्युदय देव शामिल हैं।
खिलाड़ियों के साथ श्रीमती निशा गौतम , गुरप्रीत कौर सैनी भी देहरादून के लिए रवाना हुई हैं।
खिलाड़ियों का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार मेहनत का परिणाम माना जा रहा है, जिससे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
रवाना होने से पहले बस्तर मार्शल आर्ट अकादमी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
अकादमी के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, सचिव भगत सोनी, संरक्षक गौतम कुंडू सहित अन्य पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
सभी ने विश्वास जताया कि बस्तर के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल करेंगे और छत्तीसगढ़ व बस्तर का नाम रोशन करेंगे।
*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,
*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु *”Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान* 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।
*”बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए”*
कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। *अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक* एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।
*क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ?*
1. *पहचान एवं रेस्क्यू:* सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
2. *पुनर्वास:* बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
3. *परिवार से मिलन:* संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
4. *संरक्षण:* बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।
*’चिन्हांकन की पंचशक्ति’ से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण*
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, “इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए *प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों* को ‘चिन्हांकन की पंचशक्ति’ के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।”
*जिला प्रशासन की अपील: एक कॉल बदल सकती है तकदीर*
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो *तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098* अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
*”हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही अभियान”* के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।
बकावंड विकासखंड के आश्रमों एवं छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग
युवा कांग्रेस बस्तर के पूर्व उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज आदिवासी विकास विभाग, बस्तर के सहायक आयुक्त के नाम अपर कलेक्टर बस्तर श्री सी.पी. बघेल को ज्ञापन सौंपकर बकावंड विकासखंड अंतर्गत संचालित आश्रमों एवं छात्रावासों की जर्जर स्थिति तथा वहां व्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र के अनेक आश्रमों एवं छात्रावासों में भवनों की स्थिति अत्यंत खराब है। छात्र-छात्राओं को पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र एवं वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए इन संस्थानों में तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की आवश्यकता है।
हेमंत कश्यप ने कहा कि आदिवासी अंचल के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने के लिए आश्रमों एवं छात्रावासों पर निर्भर हैं। यदि समय रहते आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य नहीं किए गए तो विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बकावंड विकासखंड के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, विद्युत व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।
अपर कलेक्टर श्री सी.पी. बघेल ने ज्ञापन प्राप्त कर विषय पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणजन एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ता विजय भारती, सुनील बिसाई, रामदास बघेल, हादमो कश्यप, सुदर कश्यप, सुखदेव कश्यप, तोरका बघेल, रामलाल मंडावी, देवनाथ ठाकुर, एकादशी बघेल, रामचंद्र बघेल एवं मुकेश देवागन उपस्थित रहे।
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,
बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के अंतर्गत जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में 40 हजार 716 संग्राहकों द्वारा कुल 65,430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है।
भुगतान प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की गई है। इसमें प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुडमा के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
इसी प्रकार संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली एवं चेरपल्ली समितियों के संग्राहकों के खातों में भी लाखों रुपये की राशि ऑनलाइन जमा की गई है। शेष समितियों में संग्राहकों द्वारा संग्रहित तेन्दूपत्ता की मात्रा का ऑनलाइन सत्यापन एवं प्रविष्टि कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार सभी संग्राहकों को ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जाएगा। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग संग्राहक खेती-किसानी, घरेलू आवश्यकताओं एवं अन्य आजीविका गतिविधियों में करते हैं। मानसून पूर्व भुगतान मिलने से संग्राहकों को कृषि कार्यों की तैयारी में राहत मिलेगी।
जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,
जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,,,,
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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- जिला बीजापुर के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं बीजापुर, उसूर, भैरमगढ, एवं भोपालपटनम में प्रवेश हेतु संचालित व्यवसायों में एक वर्षीय व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल एवं द्विवर्षीय व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार में प्रवेश के लिये 29 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता हैं। प्रवेश के इच्छुक आवेदक स्वयं विभागीय वेबसाइट cgiti.admission.nic.in पर लॉगिन कर अथवा किसी भी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।










