Home Blog

*शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले, शिक्षकों ने समर कैंप ब्रिज कोर्स एवं अन्य गैर शिक्षकीय कार्य को बंद करने ,नव पदस्थ जिला कलेक्टर का पुष्प गुच्छ भेंट कर किया स्वागत सत्कार, साथ ही सौंपा ज्ञापन जिला पंचायत CEO व DEO को भी सौंपा ज्ञापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

0

*शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले, शिक्षकों ने समर कैंप ब्रिज कोर्स एवं अन्य गैर शिक्षकीय कार्य को बंद करने ,नव पदस्थ जिला कलेक्टर का पुष्प गुच्छ भेंट कर किया स्वागत सत्कार, साथ ही सौंपा ज्ञापन जिला पंचायत CEO व DEO को भी सौंपा ज्ञापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

बीजापुर :- शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षको के विभिन्न संगठनों ने आज नव पदस्थ कलेक्टर श्रीमान विश्वदीप का सर्व शिक्षक संघ ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत सत्कार किया एवं ज्ञापन सौंपा।

दिनाँक 11 मई को समर कैंप,ब्रीज कोर्स व अन्य गैर शिक्षकीय कार्यो को बंद करने जिला कलेक्टर, जिला पंचायत CEO व जिला शिक्षा अधिकारी बीजापुर को सौंपा ज्ञापन।

 

शिक्षकों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी व लू के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय अनुदान प्राप्त गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं हेतु ग्रीष्मकालीन अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए दिनांक 20.04.2026 से 15.06.2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है साथ ही राज्य शासन के द्वारा 01.05.2026 से 16 जून 2026 तक शिक्षकों का भी ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित है किंतु जिला शिक्षा कार्यालय से जारी विभिन्न आदेश के तहत बच्चो को समर कैंप में लाकर खेल,योग,डांस, इत्यादि की गतिविधियां कराने और शिक्षकों की ड्यूटी समर कैंप संचालन हेतु लगाई गई है।जो कि राज्य शासन के आदेश की अवहेलना है। जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

 

शिक्षकों ने आगे कहा कि वर्तमान में जनगणना जैसा राष्ट्रीय कार्यक्रम चल रहा है।

जिसमें अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है।इसके साथ ही बस्तर मुन्ने,स्कूल वेंडे दयाकल, तेंदूपत्ता जैसे गैर शिक्षकीय कार्य भी शिक्षकों से लिए जा रहे हैं।

एक ही शिक्षक की ड्यूटी दो या तीन कार्यों में लगा दी गई है।

इस तपती गर्मी में फील्ड में कार्य करना अत्यंत ही कठिन और दुष्कर है।

अभी वर्तमान में हमारे दो शिक्षक मानसिक दबाव और गर्मी के कारण ब्रेन हेमरेज और मृत्यु के शिकार हुए है।

शासन के आदेश के विरुद्ध समर कैंप, ब्रिजकोर्स का आदेश निकालना अत्यंत पीड़ादाई और चिंताजनक है. बीजापुर को छोड़कर किसी भी जिले में इस तरह का समर कैंप नहीं चल रहा।इस आदेश से प्रतीत होता है कि राज्य शासन के आदेश जिले में मान्य नहीं होते।

 

शिक्षको ने मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द समर कैंप और ब्रिज कोर्स को बंद करने का आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए अन्यथा शासन के आदेश के प्रतिकूल आदेश जारी करने की शिकायत राज्य संगठन, उच्च कार्यालय और सचिवालय में करने हेतु संघ बाध्य होगा।

 

ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख रूप से कामेश्वर दुब्बा,कैलाश रामटेके,राजेश मिश्रा,बृजलाल पूजारी,महेश यालम,रमन झा,विजय चापड़ी,सुरेश गोटा,प्रदीप साहनी,नागेश गोरला,मोहसिन खान,पुरषोत्तम कुड़मूल,बीरा रामचंद्रम,रमेश कारम,हितेंद्र दुर्गम,व अन्य शिक्षक साथी उपस्थित थे ।

न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) क्या है? समझिये अग्रवाल नर्सिंग होम के डॉक्टर अमित अग्रवाल से..।

0

न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) क्या है?

न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) नवजात शिशु के जन्म के शुरुआती दिनों में किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण जांच समूह है, जिससे कई गंभीर बीमारियों का समय पर पता चलाकर इलाज किया जा सकता है और बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

जल्द जांच, सुरक्षित भविष्य

छोटी सी जांच, बड़ी बीमारियों से सुरक्षा की गारंटी

NBS में कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?

1. ब्लड ग्रुप (Blood Group)

बच्चे का ब्लड ग्रुप जानना आवश्यक है, जो आपात स्थिति में जीवनरक्षक हो सकता है।

2. बिलुरुबिन (Serum Bilirubin / TCB)

पीलिया शुरुआती दिनों में सामान्य है, लेकिन अधिक मात्रा में बढ़ने पर ब्रेन डैमेज का खतरा होता है। समय पर जांच और इलाज से बच्चे को सुरक्षित रखा जा सकता है।

3. थायराइड फंक्शन टेस्ट (TFT)

जन्म के तीसरे दिन किया जाने वाला यह टेस्ट बच्चे के थायराइड हार्मोन की जांच करता है। इसकी कमी से मानसिक व शारीरिक विकास प्रभावित होकर मंदबुद्धि होने का खतरा रहता है।

4. ओएई (OAE – Autoacoustic Emission Test)

यह टेस्ट बच्चे की सुनने की क्षमता की जांच करता है और सुनिश्चित करता है कि बच्चा सुन पा रहा है। सुनने में कमी होने पर बच्चे के बोलने और भाषा विकास पर असर पड़ सकता है।

5. मेटाबोलिक स्क्रीनिंग (TMS Test)

यह टेस्ट रक्त से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का पता लगाता है जैसे –

G6PD Deficiency, Phenylketonuria, Sickle Cell, और अन्य मेटाबोलिक विकार।

NBS के फायदे

✔ बीमारी का जल्दी पता चलता है

✔ समय पर इलाज शुरू होता है

✔ ब्रेन डैमेज, मानसिक विकास में रुकावट और गंभीर बीमारियों से बचाव

✔ बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित होता है

हर स्वस्थ शुरुआत

एक खुशहाल भविष्य की

पहली सीढ़ी है।

डॉ. अमित अग्रवाल

नवजात शिशु एवं बच्चों के विशेषज्ञ

MBBS, DCH

सभी माताओं एवं पिताओं से अनुरोध है कि

न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) जल्द से जल्द कराएं

और अपने बच्चे को सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य दें।

📍 बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)

📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

कपड़ा फेरीवालों की आड़ में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 378 किलो गांजा जब्त रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

0

राहुल भोई महासमुंद…

रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने “ऑपरेशन निश्चय” के तहत गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में नाकेबंदी कर 378.060 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजा की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 89 लाख 03 हजार रुपये बताई गई है। वहीं घटना में प्रयुक्त 11 वाहनों सहित कुल जब्त संपत्ति की कीमत लगभग 1 करोड़ 98 लाख 05 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई में 12 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार तस्करों ने गांजा तस्करी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपी बाहर से कपड़ा फेरीवाले (स्ट्रीट वेंडर्स) बनकर घूमते थे, जबकि मोटरसाइकिलों की पिछली सीट पर कपड़ों के ढेर के पीछे विशेष लोहे का कम्पार्टमेंट बनाकर गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि गांजा उड़ीसा के बालिगुड़ा और तितरी रायगढ़ा क्षेत्र से लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की योजना थी।

रायपुर रेंज पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी एम्बुलेंस, केला परिवहन, मूवर्स एंड पैकर्स, ऑटो, बस ट्रेवल्स और ट्रेन के जरिए गांजा तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। अब कपड़ा फेरीवालों के रूप में तस्करी की कोशिश को भी पुलिस ने नाकाम कर दिया है।

महासमुंद में 247 किलो गांजा जब्त

महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने 5 मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपियों को पकड़ा। सभी आरोपी कपड़ा विक्रेता बनकर गांजा तस्करी कर रहे थे। बाइक की पिछली सीट पर लोहे की जालीदार संरचना बनाकर गांजा छिपाया गया था।

इसके अलावा एक अन्य मामले में 23 किलो गांजा के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं कोमाखान पुलिस ने टेमरी जांच नाका पर होंडा साइन मोटरसाइकिल से 9 किलो 60 ग्राम गांजा जब्त किया।

महासमुंद जिले में कुल 247 किलो गांजा, 7 मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल जब्त किए गए। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपये बताई गई है।

धमतरी में 131 किलो गांजा बरामद

धमतरी जिले में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 131.005 किलो गांजा के साथ 2 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

यहां भी आरोपी कपड़ा फेरीवाले बनकर 3 मोटरसाइकिलों से गांजा तस्करी कर रहे थे। मोटरसाइकिलों में विशेष लोहे का कम्पार्टमेंट बनाया गया था, जिसमें गांजा छिपाया गया था।

धमतरी पुलिस ने 131 किलो गांजा, 3 मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल और नकदी जब्त की। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 69 लाख 61 हजार रुपये आंकी गई है।

पुलिस का कहना है कि ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर लगातार सघन वाहन जांच अभियान जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बस्तर में तेंदूपत्ता खरीदी ने पकड़ी रफ्तार,अब तक 10,704 मानक बोरा से अधिक खरीदी पूरी

0

बस्तर जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं खरीदी कार्य ने तेज़ी पकड़ ली है। वन विभाग एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से जिलेभर में सुचारु रूप से तेंदूपत्ता खरीदी की जा रही है। अब तक जिले में 10,704 मानक बोरा से अधिक तेंदूपत्ता की खरीदी पूरी की जा चुकी है।

तेंदूपत्ता खरीदी केंद्रों में संग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के संग्राहक बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता विक्रय हेतु केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। खरीदी कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ ही भुगतान प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन द्वारा सभी खरीदी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि संग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। तेंदूपत्ता खरीदी से क्षेत्र के हजारों परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

*सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा शिवभक्ति का स्वर*,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

0

*सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा शिवभक्ति का स्वर*,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*पेरमापारा के प्राचीन शिव मंदिर में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का भव्य आयोजन*

बीजापुर,,,,,,,,,
भारत की सांस्कृतिक एकता, धार्मिक गौरव और सनातन आस्था के प्रतीक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026” के तहत बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित पेरमापारा के प्राचीन शिव मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिवभक्तों एवं ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की तथा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।

*सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास का स्मरण*

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में गुजरात के प्रभास पाटन स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी द्वारा किए गए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता, आत्मगौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है।
सोमनाथ मंदिर 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रतिष्ठित है, जिसका उल्लेख शिवपुराण, स्कंदपुराण, श्रीमद्भागवत तथा ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। यह वही पावन स्थल है, जहां से भगवान श्रीकृष्ण ने निजधाम प्रस्थान किया था।

*राष्ट्रीय पुनरुत्थान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर*

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में किया गया था। देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने वर्ष 1947 में इसके पुनर्निर्माण की पहल की थी, जबकि 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई थी। महान चिंतक स्वामी विवेकानंद ने भी सोमनाथ को भारत की अमर सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया था।

*शिवभक्ति में लीन हुए श्रद्धालु*

पेरमापारा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भजन, पूजा-अर्चना और शिव आराधना में लीन नजर आए। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धर्म और आस्था को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।

*प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित*

कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय प्रशासन के एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे। आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।

*सुशासन तिहार में उमड़ा जनसैलाब : भद्रकाली शिविर में ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ*,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

0

*सुशासन तिहार में उमड़ा जनसैलाब : भद्रकाली शिविर में ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ*,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

*24 विभागों के स्टॉल लगे, कलेक्टर और एसपी ने किया निरीक्षण, मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,
सुशासन तिहार के अंतर्गत भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम पंचायत भद्रकाली में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के ग्राम पंचायत कोत्तूर, चंदूर, भद्रकाली, बामनपुर, अर्जुनल्ली, रुद्रारम, चेरपल्ली एवं संण्ड्रापल्ली के हजारों ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही समस्याओं का समाधान भी किया गया।

*जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं का लाभ लेने किया प्रेरित*

शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता कुड़ेम एवं जनपद उपाध्यक्ष श्री नीलम गनपत ने ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं।

*कलेक्टर ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश*

शिविर में कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री विश्वदीप ने शिविर में लगाए गए 24 विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही सुनिश्चित किया जाए।

*“गांव-गांव तक पहुंचा सुशासन तिहार” — कलेक्टर*

शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुशासन तिहार को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं और मांगों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पूरा अमला शिविर में मौजूद है, इसलिए ग्रामीण अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर में सुधार लाएं।

*श्रमिक पंजीयन और दस्तावेज बनाने पर दिया जोर*

कलेक्टर ने श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिकों को बच्चों के जन्म पर सहायता राशि, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, बीमा, सिलाई मशीन सहित कई सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को श्रमिक पंजीयन एवं श्रम कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने पीएम किसान योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, महतारी वंदन योजना तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक जैसी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही कहा कि शासन की अधिकांश योजनाओं में डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, इसलिए आधार कार्ड एवं बैंक खाता होना अनिवार्य है।
कलेक्टर ने बताया कि जिन ग्रामीणों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, वे “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम के तहत घर बैठे दस्तावेज बनवा सकते हैं।

*जल जीवन मिशन और सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश*

कलेक्टर ने अधिकारियों को जल जीवन मिशन, एग्रीस्टेक में शत-प्रतिशत पंजीयन तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना के व्यापक क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।

*“बीजापुर अब नक्सल मुक्त, विकास में सबकी भागीदारी जरूरी” — एसपी*

पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने कहा कि बीजापुर अब नक्सल मुक्त हो चुका है और वर्षों से रुके विकास कार्यों को अब नई गति मिल रही है। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा शासन-प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग लेने की अपील की।

*गोद भराई, अन्नप्राशन और बाल विवाह मुक्त बीजापुर का संकल्प*

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिविर में गर्भवती माताओं की गोद भराई एवं छह माह पूर्ण कर चुके शिशुओं का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीप ने उपस्थित जनसमुदाय को “बाल विवाह मुक्त बीजापुर” का संकल्प भी दिलाया।

*दिव्यांग हितग्राहियों को मिले सहायक उपकरण*

समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को व्हील चेयर, वॉकिंग स्टिक सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। वहीं शिविर में प्रधानमंत्री आवास, मत्स्य विभाग द्वारा जाल एवं आईस बाक्स,श्रम कार्ड, जॉब कार्ड, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बी-1 खसरा सहित विभिन्न प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य जांच और उपचार की भी रही व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसका बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया।

*वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति*

शिविर में जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित

महिला कबड्डी प्रतियोगिता 2026 का सफल आयोजन – नारी शक्ति, साहस और खेल भावना का अद्भुत संगम।

0

महिला कबड्डी प्रतियोगिता 2026 का सफल आयोजन – नारी शक्ति, साहस और खेल भावना का अद्भुत संगम।

रायपुर,–

क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के तत्वावधान में महिला कबड्डी प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन झूलेलाल धाम, कैनल रोड, रायपुर में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में नारी शक्ति, साहस, आत्मविश्वास एवं खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शकों एवं खेल प्रेमियों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक श्री सुनील सोनी जी, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा जी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी, प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी जी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्रीमती अनामिका सिंह, पार्षद श्री मनोज वर्मा जी, श्रीमती नीता डुमरे जी, श्रीमती हर्षा साहू जी, भारवी वैष्णव, पद्मा शर्मा, सुमन यादव, खुशबू शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त अवस्थी सर, श्री जितेंद्र बड़वानी (पूर्व पार्षद), श्रीमती सीमा संतोष साहू जी (पार्षद), श्री सचिन मेघानी जी (पार्षद), क्रीड़ा भारती अध्यक्ष श्री संजय शर्मा जी, प्रांत मंत्री श्री सुमित उपाध्याय जी, सोनवानी जी, भरत बरेट, भूषण साहू, नीरज शुक्ला, रोहित द्विवेदी एवं अन्नू कंवर जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा समाज में नारी सशक्तिकरण के संदेश को मजबूत करना रहा। प्रतिभागी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खेल भावना का परिचय दिया।

कार्यक्रम का सफल आयोजन क्रीड़ा भारती की टीम एवं सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुआ।

तेलीन सत्ती माता जी के आशीर्वाद से और वरिष्ठ सियानों के अनुग्रह से जिला युवा प्रकोष्ठ साहू संघ कांकेर के द्वारा कार्यशाला का एवं सम्मान समारोह का आयोजन सफल रहा।

0

तेलीन सत्ती माता जी के आशीर्वाद से और वरिष्ठ सियानों के अनुग्रह से जिला युवा प्रकोष्ठ साहू संघ कांकेर के द्वारा कार्यशाला का एवं सम्मान समारोह का आयोजन सफल रहा।

कांकेर:-

तेलीन सत्ती माता जी के आशीर्वाद से और वरिष्ठ सियानों के अनुग्रह से जिला युवा प्रकोष्ठ साहू संघ कांकेर के द्वारा कार्यशाला का एवं सम्मान समारोह का आयोजन।

किया गया था जिसमें जिलाध्यक्ष महोदय जी, जिला पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन सफल रहा, कार्यक्रम में हमारे ग्रामीण, परिक्षेत्री, तहसील, जिला के पदाधिकारीगण, ममतामयी माताएं, एवं मेरे ऊर्जावान युवा साथिओं का सहयोग रहा!साथ ही हमारे केशकाल कोंडागांव से आये अतिथि बड़े भैया गजेंद्र साहू,महेश साहू, खेमराज साहू, रोशन साहू, बंटी साहू, जागेश साहू, कमल साहू जैलेन्द्र साहू जी उपस्थित रहे*!

 

*कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य*—

1. *ग्रामीण, परिक्षेत्रीय स्तर में युवाओं को निर्वाचित कर संगठित करना और जिम्मेदारी देना

2. *माता तेलीन सत्ती महोत्सव में युवाओं को संगठित कर विशेष दायित्व देना*

3. *विशेष प्रतिभावान युवा साथिओं की तलाश*

4. *युवाओं में कौशल विकास , आत्मनिर्भरता,नेतृत्व क्षमता,जागरूकता लाना*

 

विशेष प्रतिभावान युवा साथी जो की समाज में समर्पित होकर काम करते है रोशन साहूजी , संजू गोपाल साहू जी,रूपेंद्र साहू जी, नितराज साहू जी, लोकेश साहू जी,यानु साहूजी ,सोमेश्वर गंजीरजी ,तुमेश्वरी साहूजी जिनका विशेष योगदान रहा!

 

कार्यक्रम में शुरुवात से अंतिम तक जिनका साथ रहा , तुला राम साहू,रोशन साहू, कृतिका साहू,छवि साहू,,जागृति साहू,तान्या साहू,भावना साहू,युक्ति साहू,सतीश साहू,तिलक साहू,महेंद्र साहू,हेमदेव साहू ,गिरवर साहू,रुपेश साहू,चीकू साहू, भव्यरत्न साहू, सोहन साहू, नोकेश साहू, टीकू साहू, कुम्भज हिरवानी,तोसीकांत साहू, नितराज साहू, लोकेश साहू,बालमुकुंद साहू, आशीष साहू, भार्गव साहू,पूनमचंद साहू, परमेश्वर सार्वा, हेमंत साहू,डोमन साहू, गोपेश साहू, सुनील साहू,महेंद्र गंजीर, देवेंद्र साहू दिनेश साहू, व्यास साहू, आधार साहू और बहुत सारे मेरे युवा साथी जिनका नाम नहीं लिख पा रहा हूँ जिनका प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग रहा है आप सभी का हृदय से धन्यवाद, साधुवाद*!

 

आप सभी के सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफल हो पाया है एक बार पुनः धन्यवाद, साधुवाद इसी उम्मीद से की आगे आप सभी का साथ मार्गदर्शन यूँही मिलता रहे*

 

विष्णु साहू

जिला संयोजक

युवा प्रकोष्ठ साहू संघ कांकेर

दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण ने पकड़ी रफ्तार, लक्ष्य के करीब पहुंचा वन विभाग 26 हजार से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित, संग्रहण केंद्रों में ग्रामीणों की उमड़ी भीड़।

0

दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण ने पकड़ी रफ्तार, लक्ष्य के करीब पहुंचा वन विभाग 26 हजार से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित, संग्रहण केंद्रों में ग्रामीणों की उमड़ी भीड़

 

दुर्गूकोंदल, 11 मई 2026।

वन मंडल भानुप्रतापपुर अंतर्गत दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। विकासखंड दुर्गूकोंदल की 18 समितियों के विभिन्न संग्रहण केंद्रों में इन दिनों बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता पहुंच रहा है। ग्रामीणों, महिला समूहों और वन समितियों की सक्रिय भागीदारी से क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता सीजन के लिए दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र को कुल 38,700 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य मिला है। विभाग को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में यह लक्ष्य समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। विभागीय दैनिक प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार 11 मई 2026 तक कुल 26,802.645 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रह किया जा चुका है, जो लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ते कदम को दर्शाता है।

दुर्गूकोंदल क्षेत्र के कोदापाखा, मेडो, चिखली, हिम्मतवाही, गुमड़ीडीही, कोण्डे, साधुमिचगांव, दुर्गूकोंदल ‘अ’ एवं ‘ब’, करकापाल, कोडेकुर्से, सुरूंगदोह, गोडपाल, कराकी, कोडरूंज, पेडावारी, लोहत्तर ‘अ’ एवं ‘ब’, दमकसा ‘अ’ एवं ‘ब’ तथा हाटकोंदल संग्रहण केंद्रों में सुबह से ही ग्रामीण तेंदूपत्ता लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पत्तों की जांच, छनाई और सुखाने का कार्य लगातार जारी है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण तेंदूपत्ता की गुणवत्ता बेहतर है, जिससे संग्राहकों को अच्छे लाभ की उम्मीद है। विभाग द्वारा सभी संग्रहण केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि कई क्षेत्रों में पत्ता तोड़ाई अभी जारी है, जबकि कुछ स्थानों पर सोमवार या मंगलवार तक फड़ बंद हो सकते हैं। अगले दो दिनों के भीतर अधिकांश संग्रहण केंद्रों में कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता सीजन उनके लिए अतिरिक्त आय का बड़ा साधन है। हर वर्ष हजारों परिवार इस कार्य से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं। वन विभाग ने संग्राहकों से गुणवत्ता युक्त तेंदूपत्ता ही फड़ केंद्रों में जमा करने की अपील की है, ताकि बेहतर मूल्य मिल सके और लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सके।

*  सादगी भरे इज्तेमाई निकाह से समाज को नई दिशा, दहेज प्रथा के खिलाफ दिया मजबूत संदेश*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बस्तर सम्भाग जगदलपुर हैडिंग से दीपक मरकाम की खबर*

0

*  सादगी भरे इज्तेमाई निकाह से समाज को नई दिशा, दहेज प्रथा के खिलाफ दिया मजबूत संदेश*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बस्तर सम्भाग जगदलपुर हैडिंग से दीपक मरकाम की खबर*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 11  मई 2026

जगदलपुर :  बस्तर मुस्लिम डेवलपमेंट सोसाइटी एवं संगम उर्स कमेटी द्वारा आयोजित इज्तेमाई निकाह कार्यक्रम ने समाज को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया। इस आयोजन में कई जोड़ों का सादगीपूर्ण निकाह संपन्न कराया गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वसीम अहमद ने कहा कि यह आयोजन केवल निकाह तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास है। आज के समय में जहां निकाह को दिखावे, दहेज और फिजूलखर्ची ने कठिन बना दिया है, वहीं इस तरह के आयोजन “निकाह को आसान करो” के पैगाम को साकार करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि इस्लाम में निकाह को इबादत और रहमत बताया गया है, लेकिन सामाजिक कुरीतियों के कारण गरीब परिवारों के लिए यह एक बोझ बनता जा रहा है। कई घरों में बेटियां केवल आर्थिक कमजोरी के कारण विवाह से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में इज्तेमाई निकाह जैसे प्रयास समाज के लिए राहत लेकर आते हैं।

 

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि “सादगी में बरकत है और आसान निकाह में रहमत है।” साथ ही दहेज प्रथा का विरोध करने और सुन्नत के अनुसार सादगीपूर्ण निकाह को बढ़ावा देने की अपील की गई।

 

आयोजन में जुटे जिम्मेदार साथियों की सराहना करते हुए कहा गया कि किसी का घर बसाना बहुत बड़ी नेकी का काम है। अगर ऐसे आयोजन हर क्षेत्र में होने लगें तो गरीब परिवारों की बेटियां भी सम्मानपूर्वक अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकेंगी।

 

अंत में नवविवाहित जोड़ों के लिए खुशहाल जीवन, मोहब्बत और बरकत की दुआ की गई तथा समाज से निकाह को सरल बनाने, दहेज का विरोध करने और फिजूलखर्ची से बचने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।