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विश्व पर्यावरण दिवस पर गूंजा संदेश – “एक पेड़ माँ के नाम”, वन विद्यालय महासमुंद में हुआ वृहद वृक्षारोपण..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामान्य वन मंडल महासमुंद द्वारा वन परिक्षेत्र महासमुंद के अंतर्गत वन विद्यालय महासमुंद में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की शपथ, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा रहे। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू, पूर्व विधायक विमल चोपड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पौधरोपण कर किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सभी ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण देने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी महासमुंद, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन विद्यालय के प्रशिक्षु, वनकर्मी, सुरक्षा श्रमिक एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सामान्य वन मंडल महासमुंद ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जनभागीदारी का सशक्त संदेश देते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*दीपक मरकाम की खबर,

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*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*दीपक मरकाम की खबर,

 

बीजापुर, 05 जून 2026

बीजापुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।

 

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) डॉ.जाधव सागर रामचंद्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

 

अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा हर व्यक्ति को वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।

 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और हरित विकास के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित किया।

*माँ के नाम रोपे गए जीवन के वृक्ष, मद्देंड़ में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,

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*माँ के नाम रोपे गए जीवन के वृक्ष, मद्देंड़ में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,

 

नारा, पर्यावरण की रक्षा, मानवता की सुरक्षा,

 

*विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृहद वृक्षारोपण*

 

 

बीजापुर मद्देंड़, 5 जून 2026

 

मद्देड़ : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कार्यालय मद्देंड़ में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

 

इस विशेष अभियान के अंतर्गत उपस्थित सभी लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया।

 

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार माँ अपने बच्चों का निःस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन और पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपनी माँ के नाम कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।

 

इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय चुनौतियों, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

 

ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

 

इस अवसर पर प्रमुख जनप्रतिनिधियों में श्री मती शारदा संड्रा सरपंच, उप सरपंच चि, श्याम बाबू,मिरंजा खान सचिव, जागर मोहनराव रोजगार सहायक, वार्ड के पंच गण उपस्थित रहे।

 

वन विभाग की ओर से प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी नक्का सुरेश,  उप वनक्षेत्रपाल सुखदेव कश्यप, पी. गणपत राव , विभाग स्टाफ में वनरक्षक पी. संदीप, सुखलाल मांझी, नवल किशोर जब्बा,गोपाल यालम, वासुदेव अल्लुर, शैलेश कावटी, , कुमारी रोजारानी जब्बा कार्यक्रम में मौजूद रहे।

 

साथ जन प्रति निधि, ग्रामीण जनो,पत्रकार बंधुओं की सहभागिता रही।

 

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अग्रवाल नर्सिंग होम मे डॉ. साकेत अग्रवाल 06 जून को करेंगे पेट,आंत एवं लीवर से संबंधित सभी बीमारियों एवं समस्याओं की जांच एवं इलाज..।

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पेट, आंत एवं लीवर से संबंधित सभी बीमारियों एवं समस्याओं की जांच एवं इलाज

जांच एवं इलाज की सुविधाएं

पेट में छाले एवं घाव (अल्सर)

आमाशय एवं अग्नाशय की बीमारियां

खून की उल्टी एवं पेट में पानी भरना

पेट और आंत में कैंसर एवं टी.बी. रोग

लीवर की जटिल बीमारियों का इलाज

पित्ताशय एवं पित्त नली की पथरी

छोटी एवं बड़ी आंत की बीमारियां

फंगल इंफेक्शन एवं आंतों का सूजन

पीलिया एवं हेपेटाइटिस जनित समस्याएं

पेट में गैस एवं एसिडिटी की समस्या

एंडोस्कोपी एवं कोलोनोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध

डॉ. साकेत अग्रवाल

MD, DNB Gastroenterology

Consultant Gastroenterologist

Hepatologist, Endoscopist

Ramkrishna Care Hospital, Raipur

प्रदेश के प्रख्यात पेट एवं लीवर रोग विशेषज्ञ

उपलब्ध

06 जून 2026

दोपहर 02 बजे से

महत्वपूर्ण निर्देश

अग्रिम पंजीयन अनिवार्य

पुरानी रिपोर्ट साथ अवश्य लाएं

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

बसना, जिला- महासमुंद (छ.ग.)

📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

 

*खेत बचाओं अभियान 1 जून से 30 जून तक*,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*खेत बचाओं अभियान 1 जून से 30 जून तक*,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*गांव-गांव जायेंगे कृषि विशेषज्ञ*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, बीजापुर जिले में खेती को अधिक टिकाऊ का लागत वाली और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उददेश्य से खेत बचाओ अभियान की शुरुआत हो चुकी है। कृषि विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों को मिटटी की बिगड़ती सेहत, रासायनिक उर्वरको के बढ़ते उपयोग, कृषि जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में जागरुक कर रही है। 1 जून से 30 जून तक इस अभियान के तहत् जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान संगोष्ठियों और जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

बीजापुर जिला पूर्णतः कृषि पर आधारित है। ऐसे में कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखना और खेती को भविष्य के लिए सुरक्षित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लगातार रासायनिक उर्वरकों और कृषि दवाओं के उपयोग से मिटटी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है जिसका असर उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर प्रेषित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान आयोजित किसान संगोष्ठियों में रासायनिक उर्वरकों और कृषि आदानों के मिटटी तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर कृषि अधिकारी आकर व्याख्यान देंगे।

*इनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी*

प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का स्वरुप देने अभियान में कृषि सखी, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), बीआरसी समूह, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। किसान फील्ड स्कूलों में अनुभवी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को शामिल कर किसान से किसान सीखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटरों के माध्यम से मिटटी को उपजाऊ बनाए रखने वाले जैव-अणुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

*हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने उपाय बताएंगे*

कार्यक्रमों में हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने, मिटटी को जैविक संरचना को मजबूत करने तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र एवं अन्य जैविक और प्राकृतिक कृषि उत्पादों को प्रदर्शन कर उनके उपयोग और लाभों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उन्नत बीजों के चयन, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रो के बेहतर एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी ताकि किसान उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठा सकें।

प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।

भैरमगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रैक्टर नाली में घुसा, चालक की मौके पर मौत

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बीजापुर जिले के भैरमगढ़ नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर स्कूल के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत उत्ला का एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा घुसा। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं पुलिस एवं प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का कारण ट्रैक्टर का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

इस दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा मामले की जांच जारी है।

डौंडी..भालू के हमले के बाद सिस्टम फेल: PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं, जनपद उपाध्यक्ष भड़के।

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भालू के हमले के बाद सिस्टम फेल:

PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं, जनपद उपाध्यक्ष भड़के

 

📍 डौंडी |

 

📸 फोटो-01: भालू हमले में घायल रोहित नेताम

📸 फोटो-02: उपचार के दौरान रोहित नेताम

 

डौंडी। ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में रविवार सुबह भालू के हमले में रोहित नेताम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को प्राथमिक उपचार के लिए PHC घोठिया लाया गया, लेकिन यहां रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

 

घटना की जानकारी मिलते ही जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ने वन विभाग के अधिकारियों एवं तहसीलदार से तत्काल चर्चा कर घायल को उचित उपचार दिलाने की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भालू प्रभावित क्षेत्र में रेबीज इंजेक्शन का उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

 

🌲 वन विभाग अलर्ट, गांवों में मुनादी

 

घटना के बाद डिप्टी रेंजर अनुराग राय वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुकड़ीगुहान, सिंघोला, कंजेली, आमाँबहरा एवं परकाल क्षेत्र में मुनादी कर ग्रामीणों को सुबह-शाम जंगल में अकेले न जाने की हिदायत दी गई।

 

⚠️ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

 

✅ भालू हमले में युवक गंभीर रूप से घायल

✅ PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं मिला

✅ जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ने जताई नाराजगी

✅ वन विभाग ने गांवों में अलर्ट जारी किया

✅ वनांचल क्षेत्र की सभी PHC में रेबीज इंजेक्शन रखने की मांग

 

🗣️ भोला राम नेताम ने कहा:

 

“वनांचल क्षेत्र की प्रत्येक PHC में रेबीज इंजेक्शन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

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👤 प्रधान संपादक : आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

 

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कोयलीबेड़ा क्षेत्र की 68 गांव की जनता को ऐतिहासिक एकजुटता और संघर्ष को मिली सफलता।कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट,,

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कोयलीबेड़ा क्षेत्र की 68 गांव की जनता को ऐतिहासिक एकजुटता और संघर्ष को मिली सफलता।कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट,,

कोयलीबेड़ा /

कोयलीबेडा़ क्षेत्र की 18 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं 68 ग्रामों की जनता अपनी 10 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत थी। क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर चल रहे इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, गायता, पटेल एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

जनता की एकजुटता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सकारात्मक पहल की गई। कांकेर कलेक्टर के निर्देश पर अन्तागढ़ एसडीएम श्री राहुल रजक आंदोलन स्थल पहुंचे और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 25 अगस्त 2026 तक कोयलीबेड़ा में ब्लॉक मुख्यालय का पूर्ण रूप से संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

कोयलीबेड़ा क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलन समाप्त किया है, किन्तु साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि 25 अगस्त 2026 तक आश्वासन पर अमल नहीं किया जाता है, तो 26 अगस्त 2026 को 18 पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र की जनता अपने स्वयं के संसाधनों और व्यवस्था से जनपद कार्यालय को पखांजुर से कोयलीबेड़ा लाने का कार्य करेगी।

आंदोलनकारियों ने कहा है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर उससे संबंधित समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

यह संघर्ष केवल एक कार्यालय के स्थानांतरण का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अधिकार,सम्मान,विकास और जनता की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कराने का संघर्ष है। कोयलीबेड़ा की जनता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है,तो प्रशासन को भी जनता की भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है।

*क्षेत्रीय सांसद,विधायक के आंदोलन स्थल में नही आने से ग्रामीणों में नाराजगी….*

*”जनता की एकता, संघर्ष की शक्ति और विकास का संकल्प — यही कोयलीबेड़ा आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।” ,,,,,

प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।