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महासमुंद मे विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त

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महासमुंद।,13 जून ।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

भोपालपटनम में भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा की स्थापना, नवरात्रि महोत्सव का हुआ शुभारंभ,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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भोपालपटनम में भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा की स्थापना, नवरात्रि महोत्सव का हुआ शुभारंभ,,,,,,,

,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

**सार्वजनिक नवदुर्गा समिति द्वारा श्री कृष्णा पामभोई क्लब में विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना, सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल**

**भोपालपटनम।** नगर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना धूमधाम और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। सार्वजनिक नवदुर्गा समिति द्वारा नगर के हृदय स्थल स्थित श्री कृष्णा पामभोई क्लब में विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। पूजा-अर्चना में नगर की सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित पूजा-अर्चना में यजमान के रूप में उगेंद्र वासम ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा की। बताया जाता है कि उगेंद्र वासम को वर्षों से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिलता रहा है। वे इस धार्मिक जिम्मेदारी को पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ निभाते आ रहे हैं।

पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां दुर्गा की स्थापना के साथ ही नगर में नवरात्रि महोत्सव का उल्लास छा गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। महिलाओं और पुरुषों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।

**लगभग 40 वर्षों से चली आ रही है नवरात्रि आयोजन की परंपरा**

भोपालपटनम नगर में सार्वजनिक नवदुर्गा समिति द्वारा नवरात्रि महोत्सव का आयोजन लगभग 40 वर्षों से किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में नगरवासी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ श्रद्धालुओं में धार्मिक आस्था, उत्साह और सामूहिक सहभागिता का विशेष माहौल रहता है।

नगरवासियों के सहयोग और श्रद्धालुओं की भागीदारी से यह आयोजन स्थानीय धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। मां दुर्गा की स्थापना के साथ ही भोपालपटनम में नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह और उमंग का माहौल है।

*शक्ति स्वरूपा माँ शैलपुत्री की पूजा से हुई शारदीय नवरात्रि की अलौकिक शुरुआत* *नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

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*शक्ति स्वरूपा माँ शैलपुत्री की पूजा से हुई शारदीय नवरात्रि की अलौकिक शुरुआत* *नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

 

*जानिए घटस्थापना, विधि-विधान और पंचांग*

 

देशभर में आज आस्था और उल्लास के साथ गूंजे माता के जयकारे, जानिए पहले दिन का पूरा महत्व और अनुष्ठान विधि,

 

भारतीय संस्कृति में सनातन धर्म के सबसे बड़े और पावन पर्वों में से एक शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है।

 

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय अनुष्ठान के पहले दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की अराधना की जाती है।

 

पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें ‘शैलपुत्री’ कहा गया है।

 

आज पहले दिन देश भर के मंदिरों और घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ माँ की पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया है।

 

पंचांग एवं घटस्थापना मुहूर्त

* तिथि: आश्विन शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा तिथि

* नक्षत्र: हस्त / चित्रा (पंचांगीय गणना के अनुसार)

* घटस्थापना का महत्व: नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित करके वरुण देव, समस्त देवी-देवताओं और नौ माताओं का आह्वान किया जाता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का संचार करता है।

 

माँ शैलपुत्री का स्वरूप और महिमा,

माँ शैलपुत्री का वाहन वृषभ (नंदी) है और इनके दाहिने हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित रहता है।

 

यह देवी प्रकृति, स्थिरता, धैर्य और असीम शक्ति की प्रतीक हैं।

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सच्चे मन से पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा करता है, उसे जीवन में दृढ़ता, आरोग्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 

विधि-विधान: ऐसे करें माँ शैलपुत्री की पूजा,

* ब्रह्म मुहूर्त और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माँ के व्रत व पूजन का संकल्प लें।

 

* घटस्थापना (कलश स्थापना):

* एक साफ चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर माँ शैलपुत्री की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।

 

 

 

* षोडशोपचार पूजन: माँ को रोली, अक्षत, सिंदूर, लाल फूल, धूप, दीप और नैवेद्य (भोग) अर्पित करें।

* विशेष भोग: माँ शैलपुत्री को गाय के घी का भोग अतिप्रिय माना जाता है।

 

मान्यता है कि घी का भोग लगाने से आरोग्य की प्राप्ति होती है।

 

* मंत्र जाप और आरती: पूजा के दौरान माँ के बीज मंत्र का जाप करें और अंत में कपूर जलाकर आरती करें।

 

माँ शैलपुत्री का मंत्र एवं प्रार्थना

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः।

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्

वृषारूढाम शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

शुभ मुहूर्त में माँ कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में हुई ज्योति स्थापना, 64 ज्योत से जगमगाया मंदिर..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद के इमली भाठा में विराजमान माँ कन्हाई परमेश्वरी की धार्मिक आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुई पूजा-अर्चना और आरती..

महासमुंद। शहर के इमली भाठा स्थित माँ कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में शुभ मुहूर्त में ज्योति स्थापना का पावन कार्य संपन्न हुआ। इस अवसर पर कहार भोई समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर विधि-विधान से माँ कन्हाई परमेश्वरी की पूजा-अर्चना की और आरती कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर में कुल 64 ज्योत प्रज्वलित की गईं, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से आलोकित हो उठा।

शुभ मुहूर्त में संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज के लोगों ने माता रानी के समक्ष श्रद्धापूर्वक शीश नवाया और परिवार, समाज एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना की। महिलाओं और पुरुषों ने सामूहिक रूप से आरती एवं पूजा-अर्चना में भाग लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

माँ कन्हाई परमेश्वरी के प्रति समाज की आस्था को दर्शाते इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। ज्योति स्थापना के पावन अवसर पर समाज के लोगों ने धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

मंदिर एवं समाज की ओर से समस्त श्रद्धालु भक्तजनों से अपील की गई है कि वे अपने पूरे परिवार के साथ माँ कन्हाई परमेश्वरी मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कहार भोई समाज महासभा के कोषाध्यक्ष एवं महासमुंद राज कहार भोई समाज के अध्यक्ष मिथिलेश बोयर, सचिव शिवम बनवासी, कोषाध्यक्ष रोशन औसर तथा मंदिर प्रभारी मिकुन औसर सहित समाज के अनेक सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

जय माँ कन्हाई परमेश्वरी!

*शक्ति की उपासना का महापर्व: आज से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि, जानिए पंचांग, घटस्थापना मुहूर्त और संपूर्ण विधि-विधान* *नव रात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

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*शक्ति की उपासना का महापर्व: आज से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि, जानिए पंचांग, घटस्थापना मुहूर्त और संपूर्ण विधि-विधान*

 

*नव रात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

 

भारतीय सनातन संस्कृति में शक्ति और साधना के सबसे बड़े पर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है।

 

हिंदू पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और वर्ष 2026 के इस पावन पर्व का प्रथम दिन है।

 

नवरात्रि के इस पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है।

 

आइए जानते हैं पंचांग के हिसाब से इस बार की तिथियों, घटस्थापना के शुभ मुहूर्तों और पूजा की पूरी विधि के बारे में,

 

पंचांग और तिथि विवरण

* माह और पक्ष: आश्विन मास, शुक्ल पक्ष,

* प्रतिपदा तिथि आरंभ: 10 अक्टूबर 2026 की रात्रि 09:19 बजे से,

* प्रतिपदा तिथि समापन: 11 अक्टूबर 2026 की रात्रि 09:30 बजे तक,

* उदया तिथि के अनुसार: नवरात्रि और घटस्थापना मुख्य रूप से 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) को मान्य है।,

 

* माता का आगमन: इस वर्ष रविवार के दिन नवरात्रि का आरंभ होने के कारण माता दुर्गा का आगमन ‘हाथी’ पर हुआ है, जिसे शास्त्रों में बेहद शुभ, उत्तम वर्षा और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है।

 

घटस्थापना (कलश स्थापना) के शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व है।

 

आज कलश स्थापित करने के लिए प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं:

* प्रातःकाल मुख्य मुहूर्त: सुबह 06:19 बजे से सुबह 10:12 बजे तक (पूजा के लिए यह सबसे लंबी और उत्तम अवधि है)

 

* अभिजीत मुहूर्त (दोपहर का शुभ समय): सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक (यदि आप सुबह ना कर पाएं, तो इस दौरान कलश स्थापित कर सकते हैं),

 

घटस्थापना और पूजा की संपूर्ण विधि-विधान

* सफाई और मंडप सजावट: सबसे पहले अपने घर के मंदिर या पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें।

* जौ (खेती) बोना: एक साफ मिट्टी के बर्तन या वेदी में पवित्र मिट्टी बिछाएं और उसमें जौ के बीज बोएं।

 

इसमें प्रतिदिन हल्का जल छिड़कना होता है।

* कलश स्थापना: तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश (घड़े) में शुद्ध जल भरें। उसमें एक सिक्का, सुपारी, अक्षत (चावल) और दूर्वा डालें।

* आम के पत्ते और नारियल: कलश के मुख पर आम या अशोक के 5 पत्ते लगाएं। इसके बाद कलश के ऊपर लाल कपड़े में लिपटा हुआ जटावाला नारियल रखें। इस तैयार कलश को जौ वाले मिट्टी के पात्र के ठीक पास स्थापित करें।

 

* माता का आह्वान: अब गणेश जी और मां शैलपुत्री का ध्यान करते हुए कलश पर रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।

* अखंड दीप प्रज्वलन: यदि आपके यहां परंपरा है, तो पूजा स्थल पर घी या तेल का अखंड दीपक प्रज्वलित करें।

 

* प्रथम स्वरूप की पूजा: मां शैलपुत्री को सफेद वस्तुएं

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन यानी आज माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री को मुख्य रूप से गाय के शुद्ध घी का भोग लगाया जाता है।

 

इसके अलावा आप माता को उनकी पसंद की निम्नलिखित चीजें भी अर्पित कर सकते हैं:

* सफेद वस्तुएं व मिठाइयाँ: चूँकि माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अतिप्रिय है, इसलिए आप उन्हें दूध और चावल से बनी खीर, सफेद बर्फी, पेड़ा, या मावा (खोया) से बनी शुद्ध सात्विक मिठाइयों का भोग लगा सकते हैं।

 

* फल और मिश्री: माता को ताजे फल और मिश्री का भोग भी बेहद प्रिय है।

 

* विशेष फूल: पूजा के दौरान माँ शैलपुत्री को चमेली का फूल अवश्य अर्पित करें, यह उन्हें बहुत पसंद है।

 

उनके प्रिय भोग अर्पित करें, धूप-दीप दिखाएं और दुर्गा चालीसा या ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ मंत्र का जाप करें।

 

माता रानी की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और ऐश्वर्य का संचार हो।

 

*जय माता दी! 💐🙏🙏🙏*

* ब्रेकिंग न्यूज: बस्तर दशहरा में इस बार शामिल नहीं होंगे मुंडा बाजा वादक! ,6 साल से मानदेय का इंतजार, प्रशासन को लिखित आश्वासन देने की मांग*

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* ब्रेकिंग न्यूज: बस्तर दशहरा में इस बार शामिल नहीं होंगे मुंडा बाजा वादक! ,6 साल से मानदेय का इंतजार, प्रशासन को लिखित आश्वासन देने की मांग*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

*एक महीने पहले बस्तर महाराजा कमलचंद्र भंजदेव, दशहरा समिति अध्यक्ष एवं सांसद महेश कश्यप, कलेक्टर और तहसीलदार को दिया था आवेदन; कार्रवाई नहीं होने से वादकों में नाराजगी*

 

जगदलपुर ::::बस्तर की ऐतिहासिक और पारंपरिक पहचान बस्तर दशहरा में इस बार मुंडा बाजा वादकों की भागीदारी पर संकट खड़ा हो गया है।

पिछले छह वर्षों से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए 30 मुंडा बाजा वादकों ने इस बार दशहरा में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है।

वादकों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। अब वे प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने पर ही दशहरा में शामिल होने को तैयार हैं।

 

*एक महीने पहले दिया आवेदन, फिर भी कार्रवाई नहीं*

मुंडा बाजा वादकों के अनुसार, मानदेय की समस्या से संबंधित आवेदन एक महीने पहले बस्तर महाराजा कमलचंद्र भंजदेव, बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप, बस्तर कलेक्टर और जगदलपुर तहसीलदार को सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया गया था।

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वादकों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई भरोसेमंद आश्वासन भी नहीं मिला है, जिसके आधार पर वे अपनी परंपरागत जिम्मेदारी निभाने का निर्णय ले सकें।

 

* छह साल से आश्वासन, लेकिन मानदेय नहीं मिलने का आरोप*

वादकों ने बताया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा मांझी, मेम्बरिन और मुंडा बाजा वादकों को प्रतिमाह 2,000 रुपये मानदेय देने की घोषणा किए जाने की बात कही गई थी। उनका आरोप है कि छह वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिला है। वादकों का कहना है कि अन्य संबंधित वर्गों को मानदेय मिल रहा है, लेकिन मुंडा बाजा वादक इससे वंचित हैं। इस भेदभाव को लेकर उन्होंने दुख जताया है।

 

* लिखित आश्वासन मिलने पर ही दशहरा में शामिल होंगे वादक*

मुंडा बाजा वादकों ने स्पष्ट किया है कि वे बस्तर दशहरा की परंपरा और अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं, लेकिन वर्षों से लंबित मांग को लेकर अब केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं कर सकते। उनका कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिया जाता है, तो वे दशहरा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। अन्यथा इस बार आयोजन में शामिल नहीं होने का निर्णय कायम रहेगा।

 

*परंपरा से जुड़े वादकों में मायूसी*

बस्तर दशहरा आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे में 30 मुंडा बाजा वादकों का आयोजन में शामिल होने से इनकार करना परंपरा से जुड़े इस विवाद को और महत्वपूर्ण बना रहा है।

वादकों ने दुख जताते हुए कहा कि वे वर्षों से अपनी पारंपरिक सेवाएं देते आए हैं, लेकिन मानदेय के मामले में उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई। उनका कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें इस बार दशहरा से दूर रहने जैसा कदम उठाना पड़ रहा है।

 

*मनाने पहुंचे अधिकारी, फिर भी नहीं माने वादक*

मुंडा बाजा वादकों को मनाने के लिए एसडीएम और आरआई साहब भी पहुंचे, लेकिन उनकी समझाइश के बावजूद वादक अपने फैसले पर अडिग रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि छह साल से लंबित मानदेय की मांग पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे बस्तर दशहरा में शामिल होंगे।

 

अब निगाहें जिला प्रशासन, दशहरा समिति और संबंधित जिम्मेदारों पर टिकी हैं कि वे वादकों की मांग पर क्या पहल करते हैं और क्या लिखित आश्वासन देकर उन्हें बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए तैयार कर पाते हैं।

महासमुंद: बसना में आज न्यूरोलॉजी और नेत्र रोग विशेषज्ञ देंगे परामर्श, अग्रवाल नर्सिंग होम में विशेष चिकित्सा सुविधा..

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बसना। महासमुंद जिले के बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 11 अक्टूबर को मस्तिष्क एवं स्पाइन संबंधी समस्याओं के साथ-साथ आंखों की जांच और उपचार के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। अस्पताल में न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. पंकज शाह और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश अग्रवाल मरीजों को परामर्श देंगे। इस पहल से क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी।

मस्तिष्क एवं स्पाइन रोगों के परामर्श के लिए उपलब्ध डॉ. पंकज शाह (MBBS, MD, DNB Neurology) सिरदर्द, माइग्रेन, चक्कर आने, नसों एवं मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं, मिर्गी, स्ट्रोक (लकवा), डिस्क संबंधी परेशानी, पार्किंसन, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन ट्यूमर, कमर दर्द, झुनझुनी और रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के मरीजों को परामर्श देंगे।

वहीं, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं फेको तथा ऑकुलोप्लास्टी सर्जन डॉ. देवेश अग्रवाल (MBBS, DO, FCO, FOO) आंखों की विभिन्न समस्याओं की जांच और उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे। अस्पताल में आंखों के पर्दे और पुतली की जांच, ड्राई आई, आंखों में एलर्जी, कम दिखाई देने, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा (कालाबिंद), तिरछी आंख (भेंगापन) और आंखों की सर्जरी से संबंधित परामर्श की सुविधा दी जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नेत्र संबंधी जांच एवं उपचार की सुविधा प्रत्येक रविवार को उपलब्ध रहती है। आयुष्मान कार्ड, टीपीए, इंश्योरेंस, CGHS और CSPDCL के माध्यम से पात्र मरीजों को नियमानुसार निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

विशेषज्ञों से परामर्श के लिए मरीज अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद पहुंच सकते हैं। नेत्र चिकित्सा संबंधी जानकारी एवं पंजीयन के लिए 91312-76828 और 77730-86100 पर संपर्क किया जा सकता है। न्यूरोलॉजी परामर्श के लिए 84618-11000, 77708-68473 और 77730-86100 पर संपर्क किया जा सकता है।

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)।

तिथि: आज ही 11 अक्टूबर 2026।

 

* शराब तस्करी पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 180 लीटर विदेशी शराब जब्त*

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* शराब तस्करी पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 180 लीटर विदेशी शराब जब्त*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

जगदलपुर: मुखबिर की सूचना पर आबकारी विभाग ने नाकाबंदी कर शराब तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान 180 लीटर विदेशी शराब से भरी टाटा आरिया गाड़ी जब्त की गई। जब्त शराब की बाजार कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है। वहीं वाहन की कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है।

 

आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा और कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी अमन सिंह के मार्गदर्शन में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कुंभारपाल चौक के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान सफेद रंग की संदिग्ध टाटा आरिया गाड़ी आती दिखाई दी। चौक के पास पहुंचने से पहले ही चालक वाहन मोड़कर भागने लगा। टीम ने पीछा करते हुए रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर ग्राम सोनारपाल के बोर्ड के पास वाहन को रोक लिया, लेकिन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

 

मौके पर मौजूद दूसरे व्यक्ति से पूछताछ में उसकी पहचान देवेंद्र कुमार जांगड़े (33 वर्ष), निवासी सुपेला, भिलाई, जिला दुर्ग के रूप में हुई। उसने वाहन में शराब होने की बात स्वीकार की। पूछताछ में बताया गया कि वाहन में जोगेंद्र कश्यप उर्फ जोगी शराब लोड कर परिवहन कर रहा था।

 

कार्टून में छिपाकर रखी गई थी शराब

 

वाहन की तलाशी लेने पर पीछे की सीट पर पांच कार्टून और डिक्की में 15 कार्टून मिले। इनमें कुल 20 कार्टूनों में 1000 नग कांच की पाव शीशियां रखी थीं। प्रत्येक शीशी में 180 एमएल विदेशी मदिरा भरी थी। शराब पर ‘गोवा स्पिरिट्स ऑफ स्मूथनेस ब्रांड’ का लेबल लगा था। विभाग के अनुसार, शराब मध्यप्रदेश में निर्मित थी और बिक्री के लिए नॉन ड्यूटी पेड थी।

 

आबकारी विभाग ने मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2), 36 और 59-क के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

 

इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक अंकित सिंह राठौर, आबकारी उप निरीक्षक, श्री मुख्य आरक्षक शैलेष पाण्डेय, श्याम सुन्दर केशरी, आरक्षक कविश यादव, वाहन चालक देवेन्द्र पटेल, राज बघेल एवं अश्वनी नाईक शामिल रहे। कार्रवाई में भानपुरी पुलिस का भी योगदान रहा।

*  विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व मनाने के लिए अनुमति पूजा विधान में दिखी अपार उत्साह  ,कांटों के झूले पर विराजीं मां काछनदेवी, महापर्व आयोजन की मिली अनुमति*

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*  विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व मनाने के लिए अनुमति पूजा विधान में दिखी अपार उत्साह  ,कांटों के झूले पर विराजीं मां काछनदेवी, महापर्व आयोजन की मिली अनुमति*

 

बस्तर सम्भाग,जगदलपुर, 10 अक्टूबर 2026

अपनी अनूठी, प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में विशेष पहचान रखने वाले बस्तर के ऐतिहासिक महापर्व बस्तर दशहरा की विभिन्न पूजा विधान हर्षोल्लास और गहरी आस्था के साथ शुरू हो गई हैं। करीब सात सदियों पुरानी इस गौरवशाली परंपरा का शुभारंभ हर साल की तरह इस बार भी परम्परागत पूजा विधान ‘काछन गादी’ के साथ संपन्न हुआ। इसके तहत पनका समाज की नाबालिग कुंवारी कन्या पीहू ने ‘मां काछनदेवी’ का स्वरूप धारण किया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अनुष्ठान के दौरान कन्या के शरीर में स्वयं मां काछनदेवी का वास होता है।

जब देवी रूपी बालिका को बेल के नुकीले कांटों से तैयार किए गए झूले पर लिटाया गया, तो वहां मौजूद जनसमूह अपार श्रद्धा एवं उत्साह से भर उठा। कांटों के इस नाजुक और कठिन झूले पर विराजित होकर देवी ने बस्तर राजपरिवार, बस्तर अंचल की जनता और प्रशासन को आगामी कार्यक्रमों को निर्बाध व सकुशल संपन्न कराने तथा 75 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व के आयोजन की अनुमति प्रदान की।

 

अनुष्ठान के दौरान बस्तर राजपरिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी श्री कमलचंद भंजदेव ने काछन देवी के समक्ष शीश झुकाकर उनका आशीर्वाद लिया और इसके पश्चात उन्होंने गोलबाजार पहुंचकर मिरगान समुदाय की इष्ट देवी मां रैला देवी की विधिवत पूजा-अर्चना कर उनका भी आशीर्वाद प्राप्त किया। जैसे ही यह ऐतिहासिक और पारंपरिक रस्म पूरी हुई।

इस दौरान पूरा काछन गुड़ी और गोलबाजार इलाका पारंपरिक वाद्य-ध्वनियों मोहरी बाजा की गूंज से गुंजायमान हो उठा।

 

इस ऐतिहासिक और पावन क्षण के साक्षी बनने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और देश-विदेश से पहुंचे हजारों सैलानियों तथा समूचे बस्तर अंचल के श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

कार्यक्रम में सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष श्री बलराम मांझी, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा तथा पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित मांझी-चालकी, नाइक-पाइक और मेंबर-मेंबरिन, पुजारी, गायता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 

बस्तर दशहरा पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यहां की जीवंत आदिवासी संस्कृति और अटूट आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है, जो बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित एवं उनकी अगाध श्रद्धा को दर्शाता है। इस महापर्व में यहाँ के हर समुदाय की सहकार एवं सक्रिय सहभागिता जुड़ा हुआ है और इस भव्य शुरुआत के साथ ही अब विश्व प्रसिद्ध महापर्व के विविध अनुष्ठानों का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।

*प्रकृति और संस्कृति का अनूठा महाकुंभ: दक्षिण भारत में आज से शुरू हुआ फूलों का पर्व ‘बथुकम्मा’, पहले दिन सजी भव्य गंवई चौपालें* *विशेष रिपोर्ट , दीपक मरकाम, दक्षिण बस्तर बतकम्मा*

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*प्रकृति और संस्कृति का अनूठा महाकुंभ: दक्षिण भारत में आज से शुरू हुआ फूलों का पर्व ‘बथुकम्मा’, पहले दिन सजी भव्य गंवई चौपालें*

*विशेष रिपोर्ट , दीपक मरकाम, दक्षिण बस्तर बतकम्मा*

देशभर में शारदीय नवरात्रि और मां दुर्गा की आराधना के ठीक एक दिन पूर्व, दक्षिण भारत के तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों, दक्षिण बस्तर में प्रकृति, जल और नारी शक्ति के अद्भुत प्रतीक लोक पर्व ‘बथुकम्मा’ का आज भव्य आगाज हो गया है। पितृ अमावस्या (महालय अमावस्या) के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह नौ दिवसीय फूलों का उत्सव अपनी अनूठी सांस्कृतिक छटा बिखेर रहा है।

*पहले दिन ‘इंगीली पुला बथुकम्मा’ की धूम*

पर्व के पहले दिन को ‘इंगीली पुला बथुकम्मा’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर  सुबह से ही गांवों और शहरों की बस्तियों में युवतियों और महिलाओं में भारी उत्साह देखा गया। महिलाओं ने तंगेडु, गुनुक और गेंदे जैसे रंग-बिरंगे मौसमी और जंगली फूलों को चुनकर उन्हें बड़े करीने से मंदिर के शिखरों (गोपुरम) की तर्ज पर वृत्ताकार रूप में सजाया। इन सुंदर फूलों की रचनाओं के केंद्र में हल्दी से मां गौरी के प्रतीक रूप ‘गौराम्मा’ की स्थापना की गई।

*प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक*

बथुकम्मा का शाब्दिक अर्थ है— “माँ गौरी, जीवित हो उठिए”। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जल स्रोतों, कृषि और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का एक प्राचीन लोक उत्सव है। पहले दिन घरों और मंदिरों में तिल और चावल के आटे से बने प्रसाद (नैवेद्य) का भोग लगाकर मां गौरी से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

*शाम को गूंजे पारंपरिक लोकगीत*

शाम ढलते ही आंगन, चौपालों और   पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सजाई गई ‘बथुकम्मा’ के चारों ओर घेरा बनाकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया है।

आने वाले नौ दिनों तक चलने वाले इस महाउत्सव में रोजाना अलग-अलग व्यंजनों का भोग लगेगा, जो अंततः नौवें दिन यानी ‘सड्डुला बथुकम्मा’ के भव्य समापन के साथ जलीय स्रोतों में विसर्जन के बाद संपन्न होगा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहरा की ऐतिहासिक उपलब्धि: एक ही दिन में 10 प्रसव, 7 सी-सेक्शन एवं 3 सामान्य प्रसव सफल..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहरा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में एक ही दिन में 07 अक्टूबर को कुल 10 प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए, जिनमें 7 सी-सेक्शन (ऑपरेशन द्वारा प्रसव) तथा 3 सामान्य प्रसव शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल में एक हिस्टेकटॉमी (बच्चा दानी आपरेशन )भी सफलतापूर्वक की गई। यह उपलब्धि क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। सभी जच्चा बच्चा स्वस्थ है |

 

इस उपलब्धि से बागबहरा सहित आसपास के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष लाभ मिल रहा है। अब उन्हें प्रसव संबंधी आवश्यक सुविधाओं के लिए दूरस्थ अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो रही है। शासकीय अस्पताल में सी-सेक्शन एवं सामान्य प्रसव की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है तथा निजी अस्पतालों में होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिल रही है।

 

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रेवेन्द्र साहू के नेतृत्व में प्रसव संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहरा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. बढ़ई के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महासमुंद डॉ. आर.के. सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिले के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहरा में सी-सेक्शन एवं सामान्य प्रसव की सुविधाओं का निरंतर संचालन ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए राहतकारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहरा की यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों का शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा और सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

* माहारा समाज के द्वारा निर्मित कांटों के झूले पर सवार होगी देवी काछन , और देंगी दशहरा की अनुमति* 

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* माहारा समाज के द्वारा निर्मित कांटों के झूले पर सवार होगी देवी काछन , और देंगी दशहरा की अनुमति*

* काछन गादी पूजा विधान, माहरा समाज ने सुबह दंतेश्वरी मंदिर परिसर में की कांटे के झूले की पूजा-अर्चना*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर,10 अक्टूबर 2026

विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण पारंपरिक विधानों में शामिल काछन गादी पूजा विधान का आयोजन शनिवार की संध्या को किया गया।

इस विधान में माहरा समाज द्वारा निर्मित कांटों के झूले पर पनका समाज की एक बालिका सवार होकर झूलेगी और बस्तर दशहरा निर्बिघ्न संम्पन्न कराने का अनुमति प्रदान करती है।

मान्यता है कि बालिका में मां काछन देवी की सवारी होती है और इस विधान के माध्यम से ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के आयोजन की अनुमति प्रदान की जाती है। इस परंपरा के संपन्न होने के बाद दशहरा के आगामी धार्मिक विधान आगे बढ़ते हैं।

काछनगादी पूजा विधान को लेकर शनिवार सुबह माहरा समाज के अध्यक्ष राजू बघेल के नेतृत्व में समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने मां दंतेश्वरी मंदिर के समक्ष पहुंचकर कांटे के झूले की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद शाम को निर्धारित परंपरा के अनुसार कांटों के झूले पर पनका समाज की बालिका सवार होगी। इस अनुष्ठान को बस्तर दशहरा की प्राचीन परंपराओं में विशेष महत्व प्राप्त है।

*काछनगादी पूजा विधान के बाद आगे बढ़ेंगे दशहरा के अन्य विधान अनुष्ठान*

बस्तर दशहरा लगभग 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक पर्व है। इसकी शुरुआत अमावस्या के दिन टुरलु खोटला के पूजा और अन्य परंपरागत विधानों से होती है।

वहीं काछन गादी पूजा विधान को भी दशहरा के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जाता है। इसके पश्चात जोगी बिठाई और कलश स्थापना सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं।

आगे चलकर रथ परिक्रमा समेत दशहरा के विभिन्न पारंपरिक विधान पूरे होते हैं।

 

*बस्तर की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है माहरा समाज*

 

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा में सदियों से चली आ रही परंपराओं का आज भी उसी विधि-विधान के अनुरूप निर्वहन किया जा रहा है। माहरा समाज द्वारा कांटे के झूले का निर्माण और उसकी पूजा-अर्चना इसी ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा है।

उन्होंने माहरा समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि जगदलपुर क्षेत्र जगतु माहरा और धरमु माहरा दो भाइयों की थी।

समाज से जुड़ी मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, तत्कालीन राजा को राजधानी बसाने और महल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने में भी समाज की भूमिका रही थी।

वर्तमान में माहरा समाज के इन विभूतियों के नाम से क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत होना भी समाज की ऐतिहासिक पहचान और विरासत को रेखांकित करता है।

साथ ही सांसद महेश कश्यप ने कहा कि समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को देखते हुए मुरिया दरबार जैसे प्रमुख आयोजन में भी समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ।

 

*प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत*

 

माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष राजू बघेल ने बताया कि विधायक किरण देव की अनुशंसा पर समाज की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करने और क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि धरमपुरा और आमागुड़ा चौक में प्रवेश द्वार निर्माण का प्रस्ताव है। समाज की ओर से इस पहल को अपनी ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

 

कंछनगादी पूजा विधान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बस्तर की सदियों पुरानी परंपराओं, जनजातीय आस्था और विभिन्न समाजों की ऐतिहासिक सहभागिता का प्रतीक भी है।

* काछनगादी की तैयारियां पूरी-अपनी 22 पीढ़ियों की परंपरा निभाते हुए नेताम परिवार तैयार कर रहा बेल कांटे का झूला*

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* काछन गादी की तैयारियां पूरी-अपनी 22 पीढ़ियों की परंपरा निभाते हुए नेताम परिवार तैयार कर रहा बेल कांटे का झूला*

 

* 11 वर्षीय पीहू पर सवार होंगी देवी काछन*

 

जगदलपुर, 09 अक्टूबर 2026

ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के निर्विघ्न और सफल आयोजन की औपचारिक अनुमति लेने की पारंपरिक रस्म ‘काछन गादी’ को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

सदियों पुरानी इस अनूठी परंपरा के अनुसार बस्तर राज परिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी श्री कमलचंद भंजदेव दल बल के साथ शनिवार को काछन गुड़ी पहुंचेगे और बेल के काँटो से बने झूले में सवार रण की देवी काछन से पर्व के निर्विघ्न संपादन की अनुमति मांगेंगे।

 

इस अलौकिक अनुष्ठान का सबसे मुख्य आकर्षण बेल के कांटों से तैयार किया जाने वाला विशेष झूला होता है, जिसे बनाने का जिम्मा लामनी स्कूलपारा निवासी जगत राम नेताम के परिवार पर है।

परिवार के सदस्य जयराम नेताम ने बताया कि उनकी 22 पीढ़ियां निष्ठापूर्वक इस पवित्र सेवा कार्य को निभाती आ रही हैं और तय परंपरा के अनुसार यह कांटों का झूला शनिवार को पूरी श्रद्धा के साथ काछन गुड़ी पहुंचा दिया जाएगा।

 

इस वर्ष आयोजित होने वाली रस्म में बैला बाजार पारा निवासी लगभग 11 वर्षीय बालिका पीहू दास पर देवी काछन सवार होंगी।

विद्या ज्योति स्कूल में कक्षा पांचवीं की छात्रा पीहू कांटेदार झूले पर बैठकर बस्तर दशहरा के सफल आयोजन का आशीर्वाद देंगी। इसके साथ न के अंतर्गत काछन देवी की बहन रैला देवी स्रू में बालिका गुनगुन की भी विधिवत पूजा-अर्चना  की जाएगी।

काछनगादी की इस पावन रस्संमसम्पन्न होते ही बस्तर दशहरा के पारंपरिक कार्यक्रम का विधि वध आगाज हो जाएगा जिसके साक्षी बनने के लिए समूचे बस्तर अंचल से बड़ी संख्या में  श्रद्धालु   काछन गुड़ी पहुंचेंगे।

 

 

 

 

 

*अंबागढ़ चौकी–नवरात्रि पर अंबागढ़ चौकी में सजेगा मीना बाजार, मौत का कुआं और रोमांचक झूले होंगे आकर्षण*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी— नवरात्रि के पावन पर्व पर अंबागढ़ चौकी में मनोरंजन और रोमांच का रंग जमने जा रहा है। शिवनाथ नदी के पास भव्य मीना बाजार मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ पहली नवरात्रि, रविवार से होगा। मेले में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजन और खरीदारी के विभिन्न आकर्षण उपलब्ध रहेंगे।मीना बाजार में मौत का कुआं, ड्रैगन राइड, ब्रेक डांस और नाव की सवारी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। इसके साथ ही बच्चों के लिए रंग-बिरंगे झूले और मनोरंजक गतिविधियां भी रहेंगी। महिलाओं के लिए खरीदारी के विभिन्न विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे परिवार के सभी सदस्य मेले का आनंद उठा सकेंगे।नवरात्रि के दौरान लगने वाला यह मीना बाजार शहरवासियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए मनोरंजन का विशेष अवसर होगा। मेले में रोमांचक करतबों, झूलों और विभिन्न आकर्षणों के माध्यम से उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा।आयोजन के साथ अंबागढ़ चौकी में नवरात्रि की रौनक और बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों से अपने परिवार और दोस्तों के साथ मेले में पहुंचकर मनोरंजन का आनंद लेने की अपील की गई है।

स्थान: शिवनाथ नदी के पास, अंबागढ़ चौकी।

शुभारंभ: पहली नवरात्रि, रविवार से।

*इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह का समापन, वन मंत्री केदार कश्यप ने बाघ रथ को दिखाई थी हरी झंडी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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*इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह का समापन, वन मंत्री केदार कश्यप ने बाघ रथ को दिखाई थी हरी झंडी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक ‘वन्यजीव सप्ताह’ का भव्य व सफल आयोजन किया गया। वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस सप्ताह का शुभारंभ माननीय वन मंत्री श्री केदार कश्यप जी द्वारा ‘बाघ रथ यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर किया गया।
बाघ रथ के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण का संदेश प्रसारित करने की यह नई व अभिनव पहल मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देशन एवं इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री सुमेध संजय सुरवाड़े के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई है। यह विशेष बाघ रथ बीजापुर जिले के अति संवेदनशील और अंदरूनी ग्रामों में पहुंचा, जहां इसने ग्रामीणों के बीच वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं उनके संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश सफलतापूर्वक प्रसारित किया।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान इंद्रावती टाइगर रिजर्व के सभी परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राओं को प्रकृति व वन्यजीवों से जोड़ने के लिए पेंटिंग, क्विज और रील बनाने जैसी रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके पश्चात जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का अंतिम चयन किया गया।
सप्ताह के अंतिम दिवस (8 अक्टूबर) को समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री सुमेध संजय सुरवाड़े द्वारा डिवीजन स्तर पर चयनित सभी विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण और वन्यजीवों की रक्षा के संकल्प के साथ इस सात दिवसीय जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

लोकल प्रतिभाओं को मंच देने नवरात्रि पर लव कुश क्षेत्रीय मानस संघ का भव्य आयोजन, मोदे बेड़मा में 13 अक्टूबर को होगा एक दिवसीय मानसगान*

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*लोकल प्रतिभाओं को मंच देने नवरात्रि पर लव कुश क्षेत्रीय मानस संघ का भव्य आयोजन, मोदे बेड़मा में 13 अक्टूबर को होगा एक दिवसीय मानसगान*
राजमन नाग
*फरसगांव** लोकल क्षेत्र को आगे लाने और स्थानीय कलाकारों को एक मंच देने के उद्देश्य से नवरात्रि के पावन पर्व पर लव कुश क्षेत्रीय मानस संघ द्वारा भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह एक दिवसीय मानसगान तीर्थ स्थल पावड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोदे बेड़मा में 13 अक्टूबर को आयोजित होगा।

लव कुश क्षेत्रीय मानस संघ के अध्यक्ष *सोपसिंह नाग* ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की लोकल मानस मंडलियों को आगे लाना है। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में कई प्रतिभावान मानस मंडलियां हैं, लेकिन उन्हें बड़ा मंच नहीं मिल पाता। इसलिए नवरात्रि के शुभ अवसर पर हमने सभी मंडलियों को एक ही मंच पर लाने का निर्णय लिया है ताकि वे मानस की अमृत वाणी से लोगों के जीवन को धन्य बना सकें।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम *13 अक्टूबर 2026, दिन मंगलवार को सुबह 9 बजे से ग्राम पंचायत मोदे बेड़मा* में प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में क्षेत्र की कुल 22 मानस मंडलियां शामिल होंगी।

जिसमें माँ आदिशक्ति प्रज्ञा मानस मंडली कन्हारगाँव, गंगा सागर मानस परिवार छुईंपारा (तोड़ा सी), नव जागरण मानस मंडली देवगाँव, जय माँ शीतला मानस मंडली कुम्हार पारा बंजोड़ा, जय माँ दुर्गे भजन मंडली, दया के सागर मानस परिवार, जय भोले शिवशंकर परिवार, शिव सागर मानस परिवार पावड़ा, प्रज्ञा मानस मंडली बंड़ापाल, राम लखन मानस परिवार, जय श्रीराम मानस मंडली बड़गई, आया दंतेश्वरी मानस मंडली खेतारपाल, विचार क्रांति मानस मंडली भोगापाल, नव ज्योति, दुर्गा मानस मंडली, श्रीराम मानस परिवार, राम कृपा मानस परिवार, संजीवनी मानस मंडली आमगांव, जय माँ शीतला मानस परिवार कुलानार, माँ गायत्री मानस मंडली मोदेबेड़मा और विश्वामित्र मानस मंडली कोनगुण की प्रस्तुति होगी।
अध्यक्ष *सोपसिंह नाग* ने सभी ग्रामवासी, क्षेत्रवासी, मानस प्रेमी एवं श्रद्धालु जनों से अपील की है कि इस एक दिवसीय मानसगान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

*वीर सीताराम कंवर के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि*

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*वीर सीताराम कंवर के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि*

 

*गोंडवाना भवन में जुटे कंवर समाज और सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों के योगदान को किया याद*

 

बीजापुर  09 अक्टूबर 2026

वीर आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी सीताराम कंवर के बलिदान दिवस पर शुक्रवार संध्या गोंडवाना भवन बीजापुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कंवर समाज और सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने वीर सीताराम कंवर को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और वीर आदिवासी शहीदों के जयकारों के साथ हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने वीर सीताराम कंवर के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में आदिवासी नायकों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके संघर्ष और बलिदान को सदैव याद रखा जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि वीर सीताराम कंवर का बलिदान दिवस प्रतिवर्ष 9 अक्टूबर को मनाया जाता है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, उनका जन्म मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र के खरगोन जिले के डंग गांव में हुआ था। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था।

09 अक्टूबर 1858 को अंग्रेजी सेना ने डंग गांव को घेर लिया था। इस संघर्ष में 20 क्रांतिकारी शहीद हुए, जबकि 58 वीरों को बंदी बनाकर तोप से उड़ाए जाने का उल्लेख मिलता है। इस तरह कुल 78 क्रांतिकारियों के बलिदान की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित समाज के पदाधिकारियों ने वीर सीताराम कंवर के आदर्शों को आत्मसात करने और नई पीढ़ी तक आदिवासी वीरों के इतिहास, संघर्ष और बलिदान की गाथा पहुंचाने का संकल्प लिया।

इस दौरान कंवर समाज के अध्यक्ष कमलेश पैंकरा, गोंड समाज अध्यक्ष कामेश्वर दुब्बा, गोंडवाना समन्वय समिति अध्यक्ष अमित कोरसा, डॉ. तरुण कंवर, सर्व आदिवासी समाज जिला उपाध्यक्ष पाकलू तेलम, दीपक साय, गुड्डू मोडीयम, राजू कुरसम, मोहन कुरसम, दिनेश, सहदेव कोवासी, साधना पैंकरा, श्रेयांश पैंकरा सहित अन्य सामाजिक पदाधिकारी मौजूद थे।

बड़गई में दो दिवसीय 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ नवीन प्रज्ञा मंडल का भव्य लोकार्पण, 193 लोगों के विविध संस्कार संपन्न*

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*बड़गई में दो दिवसीय 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ नवीन प्रज्ञा मंडल का भव्य लोकार्पण, 193 लोगों के विविध संस्कार संपन्न*
राजमन नाग
*बड़गई -* तीर्थ स्थल पावड़ा के अंतर्गत हीरक मंडल भोंगापाल आश्रित प्रज्ञा मंडल बड़गई में दो दिवसीय 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इसी महायज्ञ के साथ विधि-विधान से हवन-पूजन कर नवीन प्रज्ञा मंडल का लोकार्पण भी किया गया। दो दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा और वैदिक मंत्रों से पूरा परिसर गूंजता रहा।

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित इस महायज्ञ में गायत्री परिवार की टोली द्वारा विभिन्न संस्कारों को संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार इस दौरान कुल 193 लोगों के संस्कार कराए गए, जिसमें 129 नन्हे बच्चों का विद्या संस्कार, 28 लोगों का दीक्षा संस्कार, 25 बच्चों का मुंडन संस्कार और 11 गर्भवती माताओं का पुंसवन संस्कार शामिल है। विद्या संस्कार के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया तो वहीं दीक्षा संस्कार के द्वारा लोगों को गायत्री मंत्र से जोड़कर जीवन में सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।

इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। महिला मंडल, युवा मंडल और प्रज्ञा मंडल के सभी कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर व्यवस्था को संभाला। यज्ञ में आहुति देने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।

महायज्ञ के पश्चात चारों हीरक मंडलों की संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, प्रत्येक गांव में प्रज्ञा मंडल का विस्तार करने और परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के बताए सिद्धांतों – हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा और हम बदलेंगे, युग बदलेगा पर सक्रिय रूप से कार्य करने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने नशामुक्ति और अंधविश्वास उन्मूलन के लिए कार्य करने का संकल्प भी लिया।

चारों हीरक मंडल के प्रमुख *श्री सत्येंद्र मरापी जी* ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इतने कम समय में 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का सफल आयोजन करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे संस्कारों की बहुत आवश्यकता है। विद्या संस्कार से बच्चों में बुद्धि का विकास होता है, मुंडन और पुंसवन संस्कार का वैज्ञानिक महत्व है, वहीं दीक्षा संस्कार व्यक्ति को एक नई ऊर्जा प्रदान करता है।

कार्यक्रम के अंत में एक भावुक क्षण देखने को मिला जब चिकलपुट्टी केंद्रीय कार्यालय के संस्थापक वनवासी बाबू जी की भावभीनी विदाई की गई। सभी कार्यकर्ताओं ने पीले चावल और पुष्पों की वर्षा कर उन्हें सम्मानित किया और उनके योगदान को याद किया। बाबू जी ने अपने आशीर्वचन में सभी कार्यकर्ताओं को संगठित रहकर कार्य करने की प्रेरणा दी, जिसे सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं।

महासमुंद में 560 किलो गांजा जब्त, महाराष्ट्र के दो तस्कर गिरफ्तार; 2.95 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन निश्चय के तहत एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर रेहटीखोल चेक पोस्ट के पास नाकेबंदी कर 560 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल आयशर माजदा वाहन और दो मोबाइल फोन सहित कुल 2 करोड़ 95 लाख 8 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार वाहनों की जांच और निगरानी की जा रही है। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आयशर माजदा प्रो 3015 वाहन क्रमांक MH 18 BG 7546 में गांजा भरकर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने NH-53 पर रेहटीखोल के पास नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।

कैरेट के नीचे छिपाकर रखी थीं 16 बोरियां

वाहन में दो व्यक्ति सवार थे। पूछताछ के दौरान दोनों के जवाब संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने वाहन की तलाशी ली। तलाशी में डाले में रखे कैरेट के नीचे छिपाकर रखी गई 16 बोरियों से गांजा बरामद हुआ। प्रत्येक बोरी में 35-35 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इस तरह कुल 560 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत 2 करोड़ 80 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा के बरहमपुर से लोड कर महाराष्ट्र के जलगांव जिले ले जाने की बात बताई। पुलिस अब तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गांजे के स्रोत तथा गंतव्य के संबंध में जांच कर रही है।

महाराष्ट्र के दोनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने गांजा परिवहन के आरोप में अजय रविन्द्र पवार (30 वर्ष), निवासी सोनबरक्षी, थाना एरंडोल, जिला जलगांव तथा स्वराज महाजन (25 वर्ष), निवासी कसोदा आडगांव, थाना कासोदा, जिला जलगांव, महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया है।

2.95 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 560 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत 2 करोड़ 80 लाख रुपये है, तस्करी में इस्तेमाल आयशर माजदा वाहन, जिसकी कीमत 15 लाख रुपये बताई गई है, और दो मोबाइल फोन, जिनकी कीमत 8 हजार रुपये है, जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त संपत्ति का कुल मूल्य 2 करोड़ 95 लाख 8 हजार रुपये है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिंघोड़ा में अपराध क्रमांक 120/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) में मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

 

*इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह का समापन, वन मंत्री केदार कश्यप ने बाघ रथ को दिखाई थी हरी झंडी* 

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*इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह का समापन, वन मंत्री केदार कश्यप ने बाघ रथ को दिखाई थी हरी झंडी*

बीजापुर 09 अक्टूबर 2026/

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक ‘वन्यजीव सप्ताह’ का भव्य व सफल आयोजन किया गया। वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस सप्ताह का शुभारंभ माननीय वन मंत्री श्री केदार कश्यप जी द्वारा ‘बाघ रथ यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर किया गया।

बाघ रथ के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण का संदेश प्रसारित करने की यह नई व अभिनव पहल मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देशन एवं इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री सुमेध संजय सुरवाड़े के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई है। यह विशेष बाघ रथ बीजापुर जिले के अति संवेदनशील और अंदरूनी ग्रामों में पहुंचा, जहां इसने ग्रामीणों के बीच वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं उनके संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश सफलतापूर्वक प्रसारित किया।

वन्यजीव सप्ताह के दौरान इंद्रावती टाइगर रिजर्व के सभी परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राओं को प्रकृति व वन्यजीवों से जोड़ने के लिए पेंटिंग, क्विज और रील बनाने जैसी रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके पश्चात जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का अंतिम चयन किया गया।

सप्ताह के अंतिम दिवस (8 अक्टूबर) को समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री सुमेध संजय सुरवाड़े द्वारा डिवीजन स्तर पर चयनित सभी विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण और वन्यजीवों की रक्षा के संकल्प के साथ इस सात दिवसीय जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

* सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति ने मुख्यमंत्री साय को दिया बस्तर दशहरा का आमंत्रण*

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* सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति ने मुख्यमंत्री साय को दिया बस्तर दशहरा का आमंत्रण*

 

* पारंपरिक पागा पहनाकर किया मुख्यमंत्री का सम्मान,मुख्यमंत्री साय ने आयोजन की सफलता के लिए दी शुभकामनाएं*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 09 अक्टूबर 2026

जगदलपुर : राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया।

इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पारंपरिक पागा पहनाकर सम्मानित किया गया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर दशहरा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बस्तर दशहरा हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, आस्था और सामूहिक सहभागिता की अमूल्य विरासत है।

75 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक पर्व माँ दंतेश्वरी की आराधना और बस्तर की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम है।

 

उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।

यह पर्व देश दुनिया के सामने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करता है।

 

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण रस्म ‘मुरिया दरबार’ में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का आगमन हुआ था।

वहीं इस वर्ष देश की प्रथम नागरिक एवं महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के मुरिया दरबार में शामिल होने की संभावना है।

राष्ट्रपति महोदया को मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल तथा बस्तर लोकसभा सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप द्वारा नई दिल्ली में आमंत्रित किया गया है।

 

बस्तर दशहरा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को बस्तर दशहरा की आगामी रस्मों,आयोजन की तैयारियों एवं परंपरागत कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।

मुख्यमंत्री ने बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आयोजन की सफलता की कामना की।

*बस्तर दशहरा पर आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के निर्माण में जुटे ग्रामीण कारीगर, तैयारियां जोरों पर*

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*बस्तर दशहरा पर आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के निर्माण में जुटे ग्रामीण कारीगर, तैयारियां जोरों पर*

 

*बस्तर सम्भाग जगदलपुर, 8 अक्टूबर 2026

ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व को लेकर इन दिनों उत्साह अपने चरम पर है और पर्व के मुख्य आकर्षण के रूप में आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ का निर्माण कार्य पूरी गति से चल रहा है। इस भव्य रथ को नियत समय पर आकार देने के लिए झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के पारंपरिक कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। बिना किसी आधुनिक मशीन और तकनीकी माप-जोख के, ये हुनरमंद कारीगर अपनी पीढ़ियों पुरानी शिल्पकला और गहरी आस्था के बल पर भारी-भरकम काष्ठ लट्ठों को तराश कर इस विशालकाय स्वरूप में ढाल रहे हैं।

बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा के अनुसार तैयार हो रहे इस आठ पहियों वाले विजय रथ की परिक्रमा के लिए किलेपाल क्षेत्र के माड़िया समुदाय के युवाओं को जिम्मेदारी दी जाती है। प्रशासन और आयोजन समिति भी सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।

* बदलते बस्तर को देखकर बोले 11 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, यह एक नए दौर का बस्तर*

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* बदलते बस्तर को देखकर बोले 11 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, यह एक नए दौर का बस्तर*

 

*शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास ने बस्तर में खोलीं नई संभावनाएं, कहा-आने वाले समय में बनेगा देश का अग्रणी संभाग*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर , 8 अक्टूबर 2026

अविभाजित मध्यप्रदेश के समय प्रशासनिक सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके 11 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने बस्तर के बदलते स्वरूप को करीब से देखा। बस्तर प्रवास के दौरान शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास की दिशा में हो रहे बदलावों से रूबरू होकर उन्होंने कहा कि बस्तर अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। यहां विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं और आने वाले समय में बस्तर देश के अग्रणी संभागों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

इन सेवानिवृत्त अधिकारियों में श्री बीएल कुरिल, श्रीमति रेणु तिवारी, श्री मनोहर दुबे, श्री सुरेन्द्र उपाध्याय, श्री एसएन रूपला, श्री भरत अग्रवाल, श्री टीसी महावर, श्री डीडी सिंह, श्रीमति जयश्री कियावत, श्रीमति सुनीता त्रिपाठी, श्री उल्हास तेलंग शामिल रहे।

 

सेवानिवृत्त अधिकारियों ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और यहां के जनजीवन को करीब से जाना-समझा। उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जलप्रपात सहित बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। प्रकृति की अनुपम छटा से अभिभूत अधिकारियों ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ सांस्कृतिक और मानवीय विविधताओं से भी समृद्ध क्षेत्र है। यहां की लोक परंपराएं, कला-संस्कृति और विरासत इसकी विशिष्ट पहचान हैं।यह सब बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

 

*सरल-सहज और मेहनतकश हैं बस्तर के लोग*

 

बस्तर के ग्रामीण अंचलों और लोगों के जीवन को करीब से देखने के बाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने कहा कि यहां के लोग बेहद सीधे-सरल, सहज और मेहनती हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर रखा है। अधिकारियों ने कहा कि बस्तर की सबसे बड़ी ताकत यहां के लोग हैं, जिनकी मेहनत, सहजता और अपनी संस्कृति के प्रति गहरा जुड़ाव क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

*मां दंतेश्वरी के दर्शन कर मांगा बस्तर की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद*

 

बस्तर प्रवास के दौरान सेवानिवृत्त अधिकारियों ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। उन्होंने मां दंतेश्वरी से बस्तर वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान पूरे देश में विशिष्ट है, जिसे संरक्षित रखते हुए विकास की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

 

*अमर वाटिका में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि*

 

इन सेवानिवृत्त अधिकारियों ने जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर कर्तव्यपथ पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और सुरक्षा स्थापित करने में सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके बलिदान के कारण आज बस्तर विकास और विश्वास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

 

*पुनर्वासित युवाओं का बढ़ाया हौसला*

 

जगदलपुर स्थित पण्डुम कैफे में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं से भी मुलाकात की। उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए उनके अनुभव जाने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर विकास की राह पर आगे बढ़ने के उनके संकल्प की सराहना की। अधिकारियों ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नई शुरुआत के साथ अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान देना ही भविष्य को बेहतर बनाने का सबसे मजबूत रास्ता है। इस दौरान कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने इन सेवानिवृत्त अधिकारियों से भेंटकर बस्तर में आकर यहां के लोगों का हौसला-अफजाई करने आभार जताया।

 

*माओवाद का खात्मा बस्तर के भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि*

 

उक्त सेवानिवृत्त अधिकारियों ने बस्तर में माओवाद के खात्मे को क्षेत्र के भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा के वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं खुली हैं। बस्तर में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है और इसका सकारात्मक प्रभाव आमजन के जीवन में दिखाई दे रहा है।

 

उन्होंने बस्तर वासियों को इस बदलाव के लिए बधाई देते हुए कहा कि शांति और विकास की यह यात्रा बस्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। प्राकृतिक संपदा, समृद्ध संस्कृति, मेहनतकश जनसमुदाय और तेजी से मजबूत हो रही अधोसंरचना के साथ बस्तर आने वाले समय में विकास का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

* बस्तर से सहकारिता का नया सूर्योदय ,जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशाॅप का शुभारंभ, राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद*

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* बस्तर से सहकारिता का नया सूर्योदय ,जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशाॅप का शुभारंभ, राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद*

 

*अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाना ही सहकारिता की सार्थकता-सचिव सहकारिता भारत सरकार डाॅ. आशीष भूटानी*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर,

जगदलपुर, मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशाॅप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के सुझाव और मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।

 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।

 

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से काम जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।

 

सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।

 

सत्र के शुभारंभ पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर के जीवट और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रभावशाली खाका खींचा। उन्होंने साझा किया कि मात्र पंद्रह दिन पहले ही यह पूरा क्षेत्र भारी जलभराव से जूझ रहा था और सम्मेलन का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा, लेकिन प्रशासन और पूरी टीम ने इस प्राकृतिक आपदा को चुनौती मानकर बहुत कम समय में परिसर का कायाकल्प कर इसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि अतीत के संघर्षों को पीछे छोड़कर बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई देंगी। सम्मेलन के शुरूआत में देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लघु फिल्म के द्वारा प्रदर्शित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों एवं संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों से संबंधित स्टाॅल लगाया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा करने सहित सहकारिता के क्षेत्र में नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में अवगत कराया जाएगा।

 

बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह दो दिवसीय मंथन देश भर में सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति और दिशा देने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।

*चेंबर ऑफ कॉमर्स भानुप्रतापपुर इकाई के नए सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए*सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

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*चेंबर ऑफ कॉमर्स भानुप्रतापपुर इकाई के नए सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए*सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

 

 

 

भानुप्रतापपुर

*चेंबर ऑफ कॉमर्स भानुप्रतापपुर इकाई द्वारा संगठन से जुड़े नवीन 50 सदस्यों को आजीवन सदस्यता प्रमाण पत्र वितरित किया गया हैं। व नए सदस्य बनने हेतु कुछ और व्यापारियों ने भी सहमति दी है इस अवसर पर चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया।*

*भानुप्रतापपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी ने चेंबर आपकी कॉमर्स की पूर्व में सदस्यता 3500 में की गई थी अब जो नई सदस्यता होगी वह 5100 की होगी जो की 15 अगस्त से लागू हो चुकी है भानुप्रतापपुर इकाई अपने सदस्य को की संख्या लगातार बढ़ा रही है कुछ नए व्यापारियों ने भी सदस्यता लेने की सहमति दी है*

 

*पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने और व्यापारियों के हितों को आगे बढ़ाने में प्रत्येक सदस्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। आजीवन सदस्यता के माध्यम से अधिक से अधिक व्यापारियों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। चेंबर ऑफ कॉमर्स भानुप्रतापपुर इकाई व्यापारिक हित,सामाजिक कार्य के लिए हमेशा आगे रहती।*

 

 

*नवीन सदस्यता प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्य रूप से चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, व्यापारी संघ के अध्यक्ष चैंबर, जिला मंत्री राकेश रामानी ,अध्यक्ष यश कुथुरिया ,महामंत्री नमन जैन, उपाध्यक्ष प्रदीप नवलानी, मंत्री अजय लखानी, मंत्री लक्ष्मण मखीजा, विवेक गुप्ता,मोंटी कुलदीप, व अन्य सदस्य शामिल थे*

महासमुंद: संबल चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा, अब हर रविवार निःशुल्क योगाभ्यास..

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महासमुंद: संबल चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा, अब हर रविवार निःशुल्क योगाभ्यास

बसना। महासमुंद जिले के बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की इकाई संबल चाइल्ड डेवलपमेंट एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में बच्चों के विकास, पुनर्वास और फिजियोथेरेपी के साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में सेंटर द्वारा अब सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए निःशुल्क सुबह योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

सेंटर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, योगाभ्यास प्रत्येक रविवार को सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने, मानसिक तनाव कम करने और दिनचर्या में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हो सकते हैं।

बच्चों के विकास और पुनर्वास पर विशेष ध्यान

संबल चाइल्ड डेवलपमेंट एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में बच्चों की न्यूरोलॉजिकल एवं विकासात्मक चुनौतियों की पहचान, उपचार और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वहीं, फिजियोथेरेपी के माध्यम से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को शारीरिक गतिविधियों, चलने-फिरने और गतिशीलता से जुड़ी समस्याओं में सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।

सेंटर की इस पहल के माध्यम से लोगों को नियमित योग, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ दिनचर्या के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, शरीर को लचीला बनाए रखने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

यहां आयोजित होगा निःशुल्क योगाभ्यास

निःशुल्क योगाभ्यास कार्यक्रम संबल सेंटर, पुरानी अशोक आयल मिल, जगदीशपुर रोड, बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगा। इच्छुक लोग निर्धारित समय पर पहुंचकर इसमें शामिल हो सकते हैं। प्रतिभागियों को अपने साथ योगा मैट, पानी की बोतल और तौलिया लाने की सलाह दी गई है।

अधिक जानकारी और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 84618-11000, 77730-86100 और 80872-72710 जारी किए गए हैं।

सेंटर का संदेश है— “स्वस्थ शरीर, शांत मन और बेहतर जीवन की शुरुआत अपने लिए थोड़ा समय निकालने से होती है।”

 

वन समिति बकोदागुड़ा की बैठक में तालाब निर्माण, पौधारोपण एवं नाली निर्माण कार्यों पर हुई चर्चा – उदय भंडारी

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कोंडागांव। वन समिति बकोदागुड़ा द्वारा ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों की उपस्थिति में विभिन्न विषयों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों, विशेष रूप से तालाब निर्माण, पौधारोपण तथा नाली निर्माण कार्यों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक के दौरान ग्रामीणों और वन समिति के सदस्यों ने इन कार्यों से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं, विकास कार्यों के महत्व तथा ग्रामीणों की सहभागिता को लेकर भी चर्चा की गई।

इस बैठक में बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिला कोंडागांव अध्यक्ष श्री उदय भंडारी सहित रामसाय मंडावी, सोनू कश्यप, पदम कश्यप, बिजू कश्यप, शंकर पटेल, पंच आयतु बघेल, धनुराम बघेल, रुकनाथ कश्यप, बैजु कश्यप, बबलू कश्यप, धनीराम मंडावी, दौवल कश्यप, रामलाल पटेल, जेयनु पटेल, राजू भंडारी, रुकनाथ बघेल, महेश भंडारी, गना पटेल सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।

बैठक में ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों की सहभागिता के साथ वन विभाग के कार्यों और गांव से जुड़े विकास संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

* शिवसेना (यूबीटी) का केंद्र सरकार पर हमला: “वोट चोरी के आरोपों से घिरे चुनाव आयुक्त को क्यों बचा रही है भाजपा?”** सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

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* शिवसेना (यूबीटी) का केंद्र सरकार पर हमला: “वोट चोरी के आरोपों से घिरे चुनाव आयुक्त को क्यों बचा रही है भाजपा?”** सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

रायपुर:

शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि देश की जनता इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वोट चोरी के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार और भाजपा उन्हें बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं।

शिवसेना (यूबीटी) का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा एसआईआर (SIR) और अन्य तरीकों के जरिए वोट चोरी कर देश और विभिन्न राज्यों में भाजपा की सरकारें बनाई गईं। पार्टी ने कहा कि इसी वजह से आज देश भर के नागरिकों में भारी आक्रोश है और लोग वोट चोरी में कथित तौर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले चुनाव आयुक्त को जेल भेजने की मांग कर रहे हैं।

विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि आम जनता के इस विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पूरी भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव में खड़ी दिख रही है। शिवसेना के अनुसार, भाजपा का यह रुख इस बात को स्पष्ट करता है कि वर्तमान सरकार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि चुनाव में हुई कथित धांधली और षड्यंत्र के बल पर सत्ता में आई है।

पार्टी ने देश की आम जनता से अपील की है कि वे इस सरकार के खिलाफ एकजुट हों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरे समर्पण के साथ आंदोलन कर इस सरकार को दिल्ली और राज्यों की सत्ता से बेदखल करें।

*सलनी पंचायत के 17 लाख पर उठे सवाल, जांच में सामने आई गड़बड़ी** सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

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*सलनी पंचायत के 17 लाख पर उठे सवाल, जांच में सामने आई गड़बड़ी** सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

 

*कागजों में विकास के दावे, मौके पर कई काम नदारद; पुराने बोर को नया बताकर भुगतान का आरोप*

 

*जनपद की जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता ने जिला सीईओ से की शिकायत, जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उपअभियंता, सरपंच-सचिव को नोटिस*

 

 

जैजैपुर – जैजैपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सलनी में सरकारी विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। पंचायत में अलग-अलग निर्माण एवं विकास कार्यों के नाम पर करीब 16.76 लाख रुपये की राशि आहरित कर व्यय किए जाने का मामला जांच में सामने आया है, जबकि जांच के दौरान कई कार्य मौके पर दिखाई नहीं दिए। यानी सरकारी रिकॉर्ड में विकास, लेकिन जमीन पर काम नदारद होने के आरोपों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

*पुराने बोर को नया बताकर राशि निकालने का आरोप*

 

मामला बोर खनन, पंप स्थापना, शौचालय निर्माण, नाली निर्माण, चबूतरा मरम्मत सहित विभिन्न विकास कार्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता वर्तमान उपसरपंच एवं पूर्व जनपद सदस्य जय चन्द्रा ने आरोप लगाया था कि कई कार्य कराए बिना ही सरकारी राशि निकाल ली गई। इतना ही नहीं, पूर्व में खनन किए जा चुके पुराने बोर को नया बोर बताकर राशि आहरित करने का भी आरोप लगाया गया।

 

शिकायत के बाद जब कार्यों का मौके पर सत्यापन किया गया तो दस्तावेजों में दर्ज कार्य और धरातल की स्थिति में अंतर सामने आने की बात जांच प्रतिवेदन में कही गई है।

 

*जनपद की जांच पर भी उठे सवाल*

 

शिकायतकर्ता जय चन्द्रा के अनुसार उन्होंने सबसे पहले मामले की शिकायत जैजैपुर जनपद पंचायत में की थी। आरोप है कि जनपद स्तर पर गठित जांच टीम ने मामले की गंभीरता से जांच करने के बजाय इसे रफा-दफा करने का प्रयास किया।

 

जनपद स्तर की जांच से असंतुष्ट होकर शिकायतकर्ता ने मामले को जिला पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस वासु जैन के समक्ष रखा। इसके बाद जिला स्तर पर जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार जिला स्तर की जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।

 

*उपअभियंता की भूमिका भी सवालों के घेरे में*

 

मामले में सबसे बड़ा सवाल तकनीकी सत्यापन और माप पुस्तिका को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि किसी कार्य का धरातल पर अस्तित्व नहीं था या कार्य पूर्ण नहीं हुआ था, तो उसकी माप किस आधार पर की गई? पुराने बोर को नया दर्शाए जाने की शिकायत है तो उसका तकनीकी सत्यापन किस स्तर पर हुआ?

 

इसी कारण अब संबंधित उपअभियंता वेद प्रकाश डनसेना और एसडीओ आर. ई.एस की भूमिका भी जांच के केंद्र में आ गई है। निर्माण कार्यों की माप एवं तकनीकी सत्यापन में उपअभियंता की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण जिला स्तर की कार्रवाई के बाद उनकी जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

*17 लाख रुपये आहरित, अब रिकवरी और कार्रवाई पर नजर*

 

जिला पंचायत सीईओ आईएएस वासु जैन द्वारा मामले में संबंधित उपअभियंता, सरपंच एवं सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जांच के अनुसार पूर्व सरपंच टंकेश्वर चन्द्रा के संबंध में भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

 

जांच प्रतिवेदन के अनुसार विभिन्न कार्यों को पूर्ण कराए बिना 16,76,389 रुपये की राशि आहरण कर व्यय किया जाना पाया गया है। यह राशि पूर्व सचिव लक्ष्मण बंजारे तथा वर्तमान सचिव संतरा सिदार के कार्यकाल में व्यय की गई बताई गई है।

 

*अब बड़ा सवाल—17 लाख गए कहां?*

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कई विकास कार्य मौके पर मिले ही नहीं, तो सरकारी खजाने से करीब 17 लाख रुपये की राशि आखिर किस आधार पर निकाली गई? यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों से राशि की रिकवरी के साथ विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई होगी या मामला केवल नोटिस तक सीमित रहेगा, यह देखने वाली बात होगी।

 

सलनी पंचायत का मामला केवल एक पंचायत में हुई कथित अनियमितता का सवाल नहीं है, बल्कि यह जैजैपुर जनपद की तकनीकी जांच और निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। खासकर तब, जब शिकायतकर्ता का दावा है कि जनपद स्तर पर शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई और जिला स्तर पर जांच के बाद शिकायत सही पाई गई।

 

मैंने ई पंचायत पोर्टल में शिकायत किया था जनपद स्तर से जांच टीम आई और मामला को दबा दिया गया था। इसके बाद मैंने जिला सीईओ वासु जैन से शिकायत की और जिला की टीम के द्वारा इतने बड़े भ्रष्टाचार का उजागर हुआ। अब मुझे न्याय की उम्मीद जगी है।

जय चन्द्रा

उपसरपंच सलनी

 

 

मामले में जिला स्तरीय जांच के बाद सम्बंधित सरपंच, सचिव, उप अभियंता को नोटिश जारी किया गया है, जल्द ही सम्बंधितो पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

 

वासु जैन

जिला पंचायत सीईओ सक्ति

*मद्देड़ वन परिक्षेत्र में ‘वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह’ की धूम: संगमपल्ली में निकली जागरूकता रैली* विशेष वल्वा की रिपोर्ट*

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*मद्देड़ वन परिक्षेत्र में ‘वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह’ की धूम: संगमपल्ली में निकली जागरूकता रैली* विशेष वल्वा की रिपोर्ट*

भोपालपटनम मद्देड़

छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग एवं बीजापुर वन मण्डल के मद्देड़ सामान्य वन परिक्षेत्र के तत्वावधान में 02 अक्टूबर से 08 अक्टूबर तक ‘वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह’ का भव्य आयोजन किया गया  ।इस अभियान के तहत मद्देड़ क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और ग्राम संगमपल्ली बालक आश्रम में विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और वन अमले ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

*जागरूकता रैली और संदेश*

वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मार्गदर्शन में  बालक आश्रम संगमपल्ली के विद्यार्थियों द्वारा भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए बच्चों ने “वन्य प्राणी हैं तो जीवन है” तथा “प्रकृति का संतुलन वन्य प्राणियों के संरक्षण से ही संभव है” जैसे नारों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। रैली के जरिए वन्यजीवों की सुरक्षा, वनों के संवर्धन और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया गया।

 

अवैध कटाई, दावानल और शिकार रोकने पर बल

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों व विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी:

वन्यप्राणी सुरक्षा: बाघ, हाथी, भालू सहित सभी वन्यजीवों के संरक्षण में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता।

अवैध कटाई पर रोक: जंगलों की अंधाधुंध कटाई रोकने और नए पौधारोपण हेतु प्रेरित करना।

वनाग्नि (दावानल) रोकथाम: जंगलों में लगने वाली आग से होने वाले भारी नुकसान से बचाव के उपाय बताना।

“पर्यावरण की रक्षा ही मानवता की सुरक्षा”

कार्यक्रम के दौरान वन अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र और प्रकृति के अभिन्न अंग हैं। इनके बिना पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना संभव नहीं है। वन्यप्राणियों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से वनों व वन्यजीवों के संरक्षण में आगे आने की अपील की।

अधिकारियों व कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस जागरूकता कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री एन. सुरेश, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी श्री पी. गणपतराव, श्री योगेश्वर ध्रुव, बीटगार्ड श्री वासुदेव अल्लूर, कुमारी रोजारानी जब्बा सहित समस्त वन अमला, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, बालक आश्रम के विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

*नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

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*नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

 

*गंभीर अपराध, जनहानि और यूएपीए से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी पर जोर*

 

*5 नवंबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश, जिलावार प्रत्येक प्रकरण की हुई समीक्षा*

 

*पुनर्वासितों को भूमि, आवास, रोजगार और शासन की सभी सुविधाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें – उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा*

 

*अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटे लगभग 900 पुनर्वासितों पर जताया हर्ष, आजीविकापरक प्रशिक्षण और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश*

 

*नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों और मृत नागरिकों की स्मृति में बनेंगे सार्वजनिक उपयोग के स्मारक, शहीदों के नाम पर होंगे सार्वजनिक स्थलों के नामकरण*

 

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में नक्सल प्रकरणों की वापसी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित जवानों एवं नागरिकों के परिवारों को दी जा रही सहायता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध एवं न्यायालयों में प्रक्रियाधीन लोगों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। गंभीर अपराध, जनहानि तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों की वापसी की कार्रवाई नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाए।

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में सभी जिलों से प्राप्त प्रकरण वापसी संबंधी आवेदनों की जिलावार एवं प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने प्रकरण वापसी के लिए प्रस्तावित संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसे जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित जिलों में जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक अगले 15 दिनों के भीतर आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही राज्य स्तरीय समिति की बैठक 5 नवंबर तक संपन्न कराने के निर्देश दिए।

 

*अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों की वापसी और पुनर्वास पर विशेष जोर*

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों को वापस राज्य में लाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे व्यक्तियों की वापसी के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। राज्य लौटने वाले आत्मसमर्पित व्यक्तियों को पुनर्वास केंद्रों में रखकर उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आजीविकापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अब तक लगभग 900 पुनर्वासितों के राज्य वापस लौटने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने सभी पुनर्वासितों को मोबाइल फोन और प्रशिक्षण किट उपलब्ध कराने के साथ उनके आवश्यक पहचान पत्र एवं राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं के साथ हथियारों की मैपिंग के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 

*पुनर्वासितों को भूमि आवंटन, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता का पूरा लाभ मिले*

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली सहायता एवं सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण पर अलग-अलग चर्चा करते हुए भूमि आवंटन, रोजगार उपलब्ध कराने, आवास वितरण और अन्य पुनर्वास सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराए जाएं और कोई भी पात्र पुनर्वासित सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने पुनर्वासितों को मिलने वाली इनाम राशि के लंबित भुगतान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रत्येक लंबित प्रकरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले महीने आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक से पहले पुनर्विचार से संबंधित सभी मामलों पर चर्चा कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी पात्र पुनर्वासितों को प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना की। साथ ही सभी पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित जानकारियों को सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए, जिससे आमजन को शासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास प्रयासों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

 

*इलवद पंचायत के लंबित विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हों कार्य स्वीकृत*

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इलवद पंचायत के अंतर्गत लंबित विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रस्तावित एवं लंबित कार्य की स्वीकृति की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की स्वीकृति के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य स्थानीय ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं और उनकी मांग के अनुरूप हों। उन्होंने ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

 

*नक्सल हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों और प्रभावित नागरिकों को मिले सभी निर्धारित लाभ*

 

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने वर्ष 2001 से अब तक नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य निर्धारित लाभ प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक की कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए, ताकि पात्र परिजनों को निर्धारित सहायता एवं सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में जान गंवाने वाले आम नागरिकों की जानकारी भी ली। उन्होंने मृत नागरिकों के आश्रित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों को अनिवार्य रूप से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने नक्सल घटनाओं में घायल जवानों एवं घायल नागरिकों को प्रदान की जा रही सहायता, उपचार और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

 

*शहीदों की स्मृति में बनेंगे जनोपयोगी स्मारक, बड़े घटनास्थलों पर दर्ज होगी वीर सपूतों की गाथा*

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों एवं जान गंवाने वाले आम नागरिकों की स्मृति में स्मारक निर्माण की योजना की समीक्षा की। उन्होंने स्मारकों के लिए तैयार किए गए मानक डिजाइन पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्मारकों को केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रखकर जनोपयोगी स्वरूप भी दिया जाए। उन्होंने स्मारकों को यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को भी इनका लाभ मिल सके।

 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर नक्सल घटनाओं में बड़ी संख्या में जवान या आम नागरिकों की मृत्यु हुई है, वहां बड़े स्मारक बनाए जाएं। ऐसे स्मारक स्थलों पर लोगों के रुकने और ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की जाए। इसके साथ ही संबंधित नक्सल घटना, शहीद जवानों और मृत नागरिकों के संबंध में संपूर्ण जानकारी स्मारक स्थल पर प्रदर्शित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां बस्तर के वीर सपूतों के बलिदान और इतिहास से परिचित हो सकें।

 

*शहीदों के नाम पर होंगे पंचायत भवन, स्कूल मैदान, मार्ग और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण*

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों की स्मृति को स्थायी सम्मान देने के लिए सार्वजनिक स्थलों के नामकरण संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, मार्ग, चौक-चौराहों, बाजार और स्कूल मैदान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई अगले महीने तक पूर्ण की जाए। उन्होंने गांवों में शहीद स्मारकों के निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित मानक प्रारूप के अनुरूप इनका निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

 

*बस्तर के रासायनिक उर्वरक मुक्त गांवों की होगी पहचान, किसानों को मिलेगा उत्पादों का उचित मूल्य*

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर के ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर धान उपार्जन प्रारंभ होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाओं से जोड़ा जाए, ताकि वहां उत्पादित कृषि उपज का किसानों को उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने इस पहल में संबंधित गांवों की महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाकर उनके लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित किए जाएं।

 

*मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के निर्देश*

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नवरात्रि के अवसर पर मां दंतेश्वरी की आराधना एवं दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम किए जाएं।

 

बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर.पी. कल्लूरी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बस्तर, कोण्डागांव, कबीरधाम, राजनांदगांव, महासमुंद, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग एवं बलरामपुर जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

सरायपाली में अब हर गुरुवार मिलती है विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह, जांच और उपचार की सुविधा

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सरायपाली में अब हर गुरुवार मिलती है विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह, जांच और उपचार की सुविधा

सरायपाली। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओर से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी शुरू की गई है। इसके तहत हर गुरुवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक सरायपाली स्थित अग्रवाल डेंटल एंड पॉलीक्लिनिक, मेन रोड IDBI बैंक के पास विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को परामर्श देंगे।

इस विशेष ओपीडी में चेस्ट फिजिशियन डॉ. श्री रजनी (MD-Respiratory Medicine) सांस से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जांच और उपचार करेंगी। इनमें लंबी खांसी, दमा, एलर्जी, COPD, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, निमोनिया, टीबी, नींद में विकार और फेफड़ों से जुड़ी अन्य समस्याएं शामिल हैं।

वहीं न्यूरो एवं स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. वैभव धवली (MBBS, MS, MCh Neurosurgery) ब्रेन और नसों से जुड़ी समस्याओं की जांच एवं परामर्श देंगे। वे न्यूरोसर्जरी के साथ मिनिमली इनवेसिव एवं एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में भी विशेषज्ञता रखते हैं।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों की सलाह, व्यक्तिगत देखभाल और उचित उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है।

8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को दोनों विशेषज्ञ डॉक्टर सरायपाली में मरीजों को परामर्श देंगे।

संपर्क: 9303623130, 7773086100, 9174335366.

*स्वास्थ्य सेवाओं में बीजापुर की बड़ी उपलब्धि: एएएम-पीएचसी चेरपाल को राष्ट्रीय स्तर पर NQAS गुणवत्ता प्रमाणन*,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

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*स्वास्थ्य सेवाओं में बीजापुर की बड़ी उपलब्धि: एएएम-पीएचसी चेरपाल को राष्ट्रीय स्तर पर NQAS गुणवत्ता प्रमाणन*,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

*राष्ट्रीय मूल्यांकन में 92.11 प्रतिशत का उत्कृष्ट स्कोर, छह विभागों में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरा उतरा चेरपाल पीएचसी*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,, जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एएएम-पीएचसी) चेरपाल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली द्वारा National Quality Assurance Standards (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर Quality Certified घोषित किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर किए गए बाह्य मूल्यांकन में एएएम-पीएचसी चेरपाल ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़े 6 विभागों के निर्धारित मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए 92.11 प्रतिशत का उत्कृष्ट ओवरऑल स्कोर प्राप्त किया। यह उपलब्धि स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षित, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमाणित करती है।

*कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन में निरंतर प्रयास*

कलेक्टर श्री विश्वदीप एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी के नेतृत्व में जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ मरीजों को बेहतर उपचार, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इन्हीं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप एएएम-पीएचसी चेरपाल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

*टीमवर्क और बेहतर प्रबंधन का परिणाम*

इस उपलब्धि पर डीपीएम, बीएमओ, बीपीएम, पीएचसी प्रभारी, प्रशासनिक टीम सहित एएएम-पीएचसी चेरपाल के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे टीम के समर्पण, बेहतर प्रबंधन, सेवाओं की नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया है।

NQAS प्रमाणन बीजापुर जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को नई मजबूती मिली है।

*कांकेर में गर्जा लोकतंत्र: ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शीर्ष नेताओं ने अंबेडकर प्रतिमा पर टेक माथा*सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट,*

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*कांकेर में गर्जा लोकतंत्र: ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शीर्ष नेताओं ने अंबेडकर प्रतिमा पर टेक माथा*सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट,*

*संविधान प्रदत्त मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प; कांग्रेस का ऐलान—’वोट की चोरी और लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं’*

कांकेर

लोकतंत्र की बुनियाद ‘वोट के अधिकार’ की रक्षा और मतों की कथित हेराफेरी (वोट चोरी) के विरोध में आज उत्तर बस्तर कांकेर की सड़कें कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन और जन-हुंकार की साक्षी बनीं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांकेर में विशाल “वोट बचाओ–देश बचाओ” पैदल मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए शीर्ष नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हज़ारों कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।

*बाबा साहेब को नमन, संविधान की रक्षा की शपथ*

पदयात्रा की शुरुआत में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में बाबा साहेब द्वारा दिए गए मताधिकार, संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का दृढ़ संकल्प दोहराया।

*दिग्गजों का जमावड़ा: मंच पर दिखी बस्तर से रायपुर तक की एकजुटता*

कांकेर में आयोजित इस महारैली और पदयात्रा में कांग्रेस संगठन और नेतृत्व की अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली। इस ऐतिहासिक मार्च में प्रमुख रूप से शामिल हुए:

श्री सुखदेव भगत जी (माननीय सांसद एवं छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी),

श्री दीपक बैज जी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष)

डॉ. चरणदास महंत जी (नेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा),

श्री भूपेश बघेल जी (पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़),

श्रीमती फूलोदेवी नेताम जी (राज्यसभा सांसद),

श्री एस.ए. संपत जी, जरिता लैतफ्लांग जी एवं श्री विजय जांगिड़ जी (छत्तीसगढ़ सह-प्रभारी),

श्री राजेश तिवारी जी (पूर्व AICC सचिव),

श्री बसंत यादव जी (अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर),

इसके अलावा बस्तर संभाग और आसपास के क्षेत्रों के विधायकगण, पूर्व विधायक, प्रदेश व जिला स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम जनता व कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर पदयात्रा में शामिल हुए।

“*वोट का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा, छीनने नहीं देंगे”*

पदयात्रा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र व राज्य की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने कहा कि वोट देने का अधिकार किसी दल या सरकार की मेहरबानी नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान द्वारा दिया गया हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। जब-जब लोकतंत्र और जनमत को दबाने या वोट चुराने की साजिश होगी, कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक जनता की ढाल बनकर खड़ी रहेगी।

कांकेर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यह पदयात्रा आम नागरिकों के आकर्षण और चर्चा का केंद्र बनी रही। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की सुरक्षा और आम जनता के अधिकारों की बहाली के लिए यह संघर्ष यहीं थमने वाला नहीं है, बल्कि आगे और तेज होगा।

🔳 *मुरदण्डा सरपंच, उपसरपंच एवं ग्रामीण के नाम धमकीपूर्ण पर्चे बरामद ।*,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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🔳 *मुरदण्डा सरपंच, उपसरपंच एवं ग्रामीण के नाम धमकीपूर्ण पर्चे बरामद ।*,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

🔳 *प्रकरण में थाना आवापल्ली द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए धमकीपूर्ण पर्चा तैयार कराने एवं फेकने के मामले में 02 आरोपी गिरफ्तार ।*

बीजापुर,,,,,,,

🔳 थाना आवापल्ली क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत मुरदंडा में दिनांक 07 अक्टूबर 2026 की सुबह ग्रामीणों को नक्सली पर्चे मिले हैं। पर्चों में ग्राम पंचायत मुरदंडा के सरपंच नारायण काका, उपसरपंच नारायण कचलम एवं ग्रामीण जयमूर्ति चापड़ी को धमकी दी गई है।

🔳 ग्राम मुरदंडा निवासी एवं सरपंच नारायण काका दिनांक 07.10.2026 को प्रातः लगभग 07:00 बजे अपने घर से कमारगुड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनके घर के पास रास्ते में उन्हें दो नक्सली पर्चे मिले। पर्चों में सरपंच एवं अन्य ग्रामीणों को धमकी देते हुए स्कूल निर्माण सहित अन्य कार्यों को लेकर चेतावनी दी गई थी । कुल 07 पर्चा मौके से मिली है । सरपंच नारायण काका की रिपोर्ट पर थाना आवापल्ली में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारंभ की गई ।

🔳 पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री उमेश प्रसाद गुप्ता के मर्गदर्शन में थाना आवापल्ली पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र में आवश्यक जांच-पड़ताल तथा पर्चे फेंकने वाले अज्ञात व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई ।

🔳 प्रकरण की बारीकी से विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम मुरदण्डा-बायेगुड़ा निवासी संदीप मड़कम द्वारा उक्त भूमि पर विगत 05 वर्षो से अवैध कब्जा किया गया था। माह जून 2026 में तहसीलदार द्वारा उक्त भूमि का सीमांकन कर वहां स्कूल भवन निर्माण हेतु प्रक्रिया की गई थी तथा अवैध कब्जा हटवाया गया था । इसके बाद संदीप मड़कम द्वारा नागेश बोड़के के साथ मिलकर माओवाद की आड़ में तीनों के नाम से भय का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से धमकीपूर्ण पर्चा तैयार कर मुरदण्डा से कमारगुड़ा जाने वाले रास्ते पर फेंका गया ।

🔳 विवेचना के दौरान पूछताछ एवं प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती गईं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में मुख्य आरोपी संदीप मड़कम एवं नागेश बोड़के को पकड़ा गया है। प्रकरण में दोनों आरोपियों के विरूद्ध बीएनएस एवं छ0ग0 जनसुरक्षा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत् वैधानिक कार्यवाही की गई है । अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

🔳 *आम जनता से अपील*
पुलिस द्वारा आम जनता से अपील की जाती है कि किसी भी प्रकार के धमकी भरे पर्चे, संदिग्ध गतिविधि अथवा भ्रामक सूचना प्राप्त होने पर घबराने अथवा अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय तत्काल इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाना अथवा पुलिस को दें।

किसी भी व्यक्ति द्वारा माओवादी अथवा किसी अन्य प्रतिबंधित संगठन का भय दिखाकर आमजन को डराने-धमकाने अथवा शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जाता है, तो ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध माओवादी गतिविधियों से संबंधित धाराओं एवं अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बीजापुर पुलिस क्षेत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा समाज में अराजकता एवं भय का वातावरण निर्मित करने वाले कृत्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने हेतु प्रतिबद्ध है।

जनता की सुरक्षा तथा क्षेत्र में शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों से अपील है कि अफवाहों से बचें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देकर पुलिस का सहयोग करें।

नवनीत चांद की नई राजनीतिक पारी, JCCJ में मिली बड़ी जिम्मेदारी, प्रदेश के बनाए गये वरिष्ठ उपाध्यक्ष

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नवनीत चांद बने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के उपाध्यक्ष

जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ने वाले जुझारू नेता हैं नवनीत चांद

बस्तर की आवाज को मिली बड़ी जिम्मेदारी,.मजबूत होगा JCCJ 2.0

रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 08 अक्टूबर 2026।। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष श्री अमित जोगी ने बस्तर के जुझारू एवं संघर्षशील नेता श्री नवनीत चांद को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री अमित जोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से उनकी नियुक्ति की जानकारी देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के काम को लगातार आगे बढ़ाते रहने का नवनीत चांद का जुझारू जज्बा ही आज JCCJ 2.0 की सबसे बड़ी जरूरत है।

श्री नवनीत चांद लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में गरीबों, आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद करते रहे हैं। विशेष रूप से बस्तर के आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े सवालों को लेकर उन्होंने लगातार संघर्ष किया है। जनहित के मुद्दों पर सड़क से लेकर शासन-प्रशासन तक आवाज उठाने के कारण उनकी पहचान बस्तर के एक सक्रिय और संघर्षशील जननेता के रूप में बनी है।

पार्टी नेतृत्व द्वारा श्री नवनीत चांद को उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। उनके जमीनी अनुभव, संघर्षशील छवि और आदिवासी अंचल से मजबूत जुड़ाव का लाभ पार्टी को मिलेगा तथा JCCJ 2.0 को प्रदेश में मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में खड़ा करने के अभियान को गति मिलेगी।

यह नियुक्ति इस बात का भी संदेश है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अपने उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को आगे बढ़ा रही है, जिन्होंने कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और छत्तीसगढ़ के जनहित के मुद्दों को लेकर मैदान में संघर्ष जारी रखा।

श्री नवनीत चांद की नियुक्ति पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अब बस्तर के जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों की आवाज अब पार्टी के प्रदेश नेतृत्व में और मजबूती से गूंजेगी।”

जय छत्तीसगढ़!

अधिवक्ता भगवानू नायक 

मुख्य प्रवक्ता -JCCJ

🔳 *लेण्ड्रा-कोरचोली मुठभेड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 60 जवानों को केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक ।*,,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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🔳 *लेण्ड्रा-कोरचोली मुठभेड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 60 जवानों को केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक ।*,,,,,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

🔳*डीआरजी एवं बस्तर फाइटर्स के 50 तथा एसटीएफ के 10 जवानों को प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान कर किया गया सम्मानित ।*

बीजापुर,,,,,,,,,
🔳दिनांक 02 अप्रैल 2024 को थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत लेण्ड्रा-कोरचोली के जंगल में पुलिस एवं माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली थी। अभियान के दौरान 03 महिला सहित कुल 13 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादियों को मार गिराया गया था।

🔳उक्त अभियान में उत्कृष्ट एवं साहसिक प्रदर्शन करने वाले डीआरजी एवं बस्तर फाइटर्स के 50 तथा एसटीएफ के 10 जवानों, कुल 60 जवानों को केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया।

🔳पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा जवानों को केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

🔳इस अवसर पर अति. पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) श्री रविन्द्र कुमार मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) श्री अमन कुमार झा, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री अभिषेक केशरी, उप पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) श्री सिद्धार्थ सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

महासमुंद मे वन अमले पर हमला: रेंजर समेत दो अधिकारियों को पांच घंटे बनाया बंधक, पुलिस ने कराया मुक्त..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद/बागबाहरा। बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण के आरोपियों ने वन अमले को घेरकर मारपीट और अधिकारियों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। घटना में वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। दोनों अधिकारियों को करीब पांच घंटे तक एक छोटे मकान में बंधक बनाकर रखा गया। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

वन विभाग के मुताबिक, 6 अक्टूबर की रात वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा अपने स्टाफ के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस के अवैध विक्रय की सूचना पर रात्रि गश्त कर रहे थे। इसी दौरान तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ लोगों ने वन अमले के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी और लाठी-डंडे लेकर उन्हें घेर लिया।

बताया गया कि संख्या अधिक होने के कारण कुछ वनकर्मी सुरक्षित स्थान की ओर चले गए, जबकि रेंजर नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा मौके पर रह गए। आरोप है कि इसके बाद दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें चोटें आईं और रक्तस्राव हुआ। इस दौरान रेंजर का पर्स और उपवनक्षेत्रपाल का मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है।

इसके बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे खेत में स्थित एक छोटे मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया। वन विभाग के अनुसार, दोनों अधिकारियों को रात करीब 7:30 बजे से 12:30 बजे तक लगभग पांच घंटे बंधक बनाकर रखा गया।

घटना के दौरान रेंजर ने व्हाट्सऐप के माध्यम से उच्च अधिकारियों के साथ-साथ बागबाहरा और खल्लारी थाना प्रभारी को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस और वन अमले ने अधिकारियों को छोड़ने के लिए समझाइश दी, लेकिन आरोपियों ने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया और टीम के साथ भी विवाद किया।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और वन अमले ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। वन विभाग ने घटना को गंभीर बताते हुए शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी, अभद्र व्यवहार, सामान छीनने और अधिकारियों को बंधक बनाने जैसे आरोपों में वैधानिक कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले

वन विभाग के अनुसार, तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण और विभागीय कार्य में बाधा डालने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 25 मार्च 2026 को अतिक्रमण के प्रयासों को लेकर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/12 से 19940/16 तक दर्ज किए गए थे।

वहीं 13 मई 2026 को वृक्षारोपण के लिए क्षेत्र तैयार करने के दौरान वन अमले के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और शासकीय कार्य में बाधा के आरोप में खल्लारी थाने में FIR क्रमांक 0055/2026 दर्ज कराई गई थी।

इसके अलावा 20 जुलाई 2026 को वनभूमि पर दोबारा जुताई कर खेती करने और रोपित बांबू एवं सागौन के पौधों को नुकसान पहुंचाने के प्रयास के मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/17 से 19940/21 तक दर्ज किए गए।

वन विभाग का कहना है कि वनभूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग ने आम लोगों से वन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना वन विभाग या पुलिस को देने की अपील की है।

महासमुंद/बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में यूरोलॉजी और मानसिक रोग विशेषज्ञों का विशेष कैंप, मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा

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राहुल भोई महासमुंद..

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में यूरोलॉजी और मानसिक रोग विशेषज्ञों का विशेष कैंप, मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा

बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में यूरोलॉजी के साथ-साथ मानसिक एवं यौन रोगों से जुड़ी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

9 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैंप आयोजित होगा। इसमें डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh), यूरो सर्जन मरीजों की जांच एवं परामर्श करेंगे। शिविर में किडनी की पथरी, प्रोस्टेट संबंधी बीमारी, किडनी में सूजन एवं सिकुड़न, पुरुषों में बांझपन एवं नपुंसकता, मूत्र संक्रमण, पेशाब की रुकावट, लीक होने जैसी समस्याओं के उपचार की सुविधा रहेगी। इसके अलावा पीडियाट्रिक और इमरजेंसी यूरोलॉजी से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

वहीं 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। वे मानसिक रोग, चिंता, तनाव, घबराहट, नींद की समस्या, OCD, सिजोफ्रेनिया, याददाश्त संबंधी परेशानी, मिर्गी, सिरदर्द, सेक्स संबंधी समस्याओं और नशे की लत सहित विभिन्न समस्याओं के मरीजों को परामर्श देंगे। बच्चों से जुड़ी व्यवहार एवं पढ़ाई संबंधी समस्याओं के लिए भी विशेषज्ञ परामर्श की व्यवस्था रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शिविर के दौरान फैमिली काउंसलिंग, मैरिज काउंसलिंग, चाइल्ड एवं गाइडेंस काउंसलिंग और एजुकेशनल मोटिवेशनल काउंसलिंग की सुविधा भी दी जाएगी।

अस्पताल की ओर से जांच और उपचार को लेकर भी विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। यूरोलॉजी कैंप में जांच फीस 700 रुपये रखी गई है। साथ ही बीजू कार्ड और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट एवं पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच में 50 प्रतिशत छूट की भी जानकारी दी गई है।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद में आयोजित होने वाले इन शिविरों के लिए अग्रिम पंजीयन अनिवार्य बताया गया है। अस्पताल ने मरीजों से अपनी पुरानी जांच रिपोर्ट साथ लाने की अपील की है। संपर्क के लिए 84618-11000, 77708-68473 और 77730-86100 नंबर जारी किए गए हैं।

तीन साल बाद रोनू ने अपने हाथों से पिया पानी… छलक उठीं आंखें

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तीन साल बाद रोनू ने अपने हाथों से पिया पानी… छलक उठीं आंखे

जगदलपुर। कभी एक हादसे ने रोनू से उसका हाथ छीन लिया था, तो उसके साथ रोजमर्रा की जिंदगी की कई छोटी-छोटी आजादियां भी छिन गई थीं। तीन साल तक पानी पीने जैसे सामान्य काम के लिए भी उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी।

लेकिन धरमपुरा क्रीड़ा परिसर, जगदलपुर में आयोजित निःशुल्क दिव्यांगजन सहायता शिविर में रोनू की जिंदगी में उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी। विशेषज्ञों ने उन्हें आधुनिक कृत्रिम हाथ लगाया।

और फिर आया वो पल…

कृत्रिम हाथ लगने के कुछ ही मिनट बाद रोनू ने खुद गिलास उठाया और अपने हाथों से पानी पिया।

गिलास उठाते ही जैसे तीन साल का इंतजार थम गया। अपने हाथ से पानी पीने की इस छोटी-सी खुशी ने रोनू को ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। कई आंखें इस पल की गवाह बनीं और नम हो उठीं।

जिस काम को कभी बेहद सामान्य समझा जाता था, रोनू के लिए वही पल आत्मनिर्भरता की एक बड़ी जीत बन गया।

यह कृत्रिम हाथ सिर्फ शरीर का सहारा नहीं है।
यह रोनू के लिए आत्मविश्वास है, स्वाभिमान है और अपनी जिंदगी को फिर से अपने तरीके से जीने की एक नई शुरुआत है।

तीन साल बाद रोनू ने सिर्फ पानी नहीं पिया…
उन्होंने अपने भीतर लौटता हुआ आत्मविश्वास महसूस किया।

जनसहयोग नहीं होती तो हालात श्रीलंका जैसी निर्मित होती, साधुवाद है शहर की आवाम जिन्होंने एकता, अखण्डता और भाईचारे का पैगाम दिया-अनवर खान

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सभी समाज व समुदाय,विभिन्न संघ संगठन,व्यापारी संस्थाएं,गणमान्यजन सहित मीडिया जिन्होंने मानवता व जनसरोकार की मिसाल कायम की….

भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार इस त्रासदी से निपटने में असहाय साबित हुई, हमारी मांग है नुकसान की भरपाई के लिए शासन द्वारा निर्धारित राशि का वितरण जल्द हो और बस्तर को विशेष पैकेज दी जाए…..

जगदलपुर.

बाढ़ की विपदा में संबल प्रदान करने के लिए विभिन्न समाज के समाजसेवियों,संघ संगठनों,व्यापारी बन्धुओं,जनसेवकों सहित मीडिया के साथियों को जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रशासनिक महामंत्री अनवर खान ने साधुवाद दिया है तथा भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इस विपदा में पूरी तरह असफल बताया है।

वरिष्ठ कांग्रेसी अनवर खान ने कहा कि बाढ़ प्राकृतिक आपदा है इससे इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन शासन प्रशासन की तैयारियां सिर्फ कागजों तक रहती है। तुफान अर्नब और पड़ोसी प्रदेश ओडिशा से छोड़े गए इंद्रावती नदी के कारण आई बाढ़ की विभीषिका ने ट्रीपल इंजन सरकार के दावों की पोल खोल दी। बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए शासन-प्रशासन के पास साजों-सामान ना होना तथा बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त संसाधन ना होना प्रशासनिक लापरवाही उजागर करती है।

वरिष्ठ कांग्रेसी अनवर खान ने कहा कि बाढ़ आपदा में यदि सामाजिक संगठनों ने सामने आकर हाथ नहीं बढ़ाएं होते तो पीड़ितों के सामने भुखों मरने की स्थिति थी जो कि प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। इस बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में सरकार के द्वारा जिस मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य किया जाना चाहिए था उसमें सरकार असफल साबित हुई मुख्यमंत्री के बस्तर प्रवास से बस्तरवासियों को उम्मीद थी की कुछ ठोस घोषणा करेंगे लेकिन उन्होंने निराश किया।

अनवर खान ने शासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराकर ऋण माफ किया जाए और खेती-किसानी के समस्त लाभ व सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि प्रभावित परिवारों का जीविकोपार्जन हो सके. नुकसान की भरपाई के लिए सर्वेक्षण और शासन द्वारा निर्धारित रकम का वितरण जल्द से जल्द की जाय, सरकार बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित लोगों को विशेष राहत पैकेज दें।

बसना और सरायपाली क्षेत्र के लिए दोहरी खुशखबरी: अग्रवाल नर्सिंग होम में अब बच्चों के सुपर-स्पेशलिस्ट और किडनी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं शुरू..

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बसना और सरायपाली क्षेत्र के लिए दोहरी खुशखबरी: अग्रवाल नर्सिंग होम में अब बच्चों के सुपर-स्पेशलिस्ट और किडनी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं शुरू…

बसना और सरायपाली अंचल के लोगों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है..।

अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आपके अपने अग्रवाल नर्सिंग होम, मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना ने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है।

6 अक्टूबर 2026 से दो बड़े विभाग एक साथ शुरू हो रहे हैं।

पहली खुशखबरी बच्चों के लिए –

अब अग्रवाल नर्सिंग होम की Pediatric Team अब सरायपाली में भी उपलब्ध रहेगी।

वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल के नेतृत्व में अनुभवी टीम – डॉ. मुकेश ठाकर, डॉ. संतोष घोरमारे (MD, पीडियाट्रिक) और SMS मेडिकल कॉलेज जयपुर के डॉ. दीक्षित जे. राम अब हर मंगलवार और शुक्रवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक सरायपाली में बच्चों का इलाज करेंगे।

स्थान: अग्रवाल डेंटल & पॉलीक्लिनिक, मेन रोड, IDBI बैंक / संतोषी माता मंदिर के पास, सरायपाली।

संपर्क: 91743 35366, 91313 44252, 93036 23130

दूसरी खुशखबरी किडनी मरीजों के लिए –

जिले के सबसे बड़े और एडवांस 8 बिस्तरों वाले डायलिसिस यूनिट के साथ अब किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग की शुरुआत हो रही है।

किडनी रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ. रवि धर – MBBS, MD, DrNB (Nephrology) अब बसना में प्रतिदिन उपलब्ध रहेंगे।

जहाँ डायबिटिक किडनी, किडनी फेल्योर, सूजन व संक्रमण, पथरी, मूत्रमार्ग संक्रमण, प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या, पेशाब में झाग आना, रक्त अल्पता और पैरों में सूजन जैसी सभी समस्याओं का इलाज एवं सर्जरी होगी।

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से ग्रस्त मरीज अपनी किडनी की जांच अवश्य कराएं।

किडनी विभाग का समय: 6 अक्टूबर 2026 से, दोपहर 2 बजे से, अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में।

संपर्क: 7773086100, 8461811000, 7770868473

सच में, ये है – “आपके बच्चे की बेहतर सेहत, बेहतर भविष्य की ओर एक कदम” और बुजुर्गों के लिए बेहतर जीवन का आधार।

*सर्व आदिवासी समाज का अल्टीमेटम: ‘भोपालपटनम में मुर्गा बाजार के नाम पर बंद हो सट्टा-दारू का खेल, परंपरा का सम्मान रहे बरकरार’*,,,,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*सर्व आदिवासी समाज का अल्टीमेटम: ‘भोपालपटनम में मुर्गा बाजार के नाम पर बंद हो सट्टा-दारू का खेल, परंपरा का सम्मान रहे बरकरार’*,,,,,,,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

भोपालपटनम,04 अक्टूबर 2026

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम क्षेत्र रूद्ररम में पारंपरिक त्यौहारों के नाम पर सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाली गतिविधियों पर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ा रुख अपनाया है।

समाज के प्रमुखों ने भोपालपटनम के रुद्ररम में मुर्गा बाजार की आड़ में धड़ल्ले से चलाए जा रहे सट्टे के कारोबार, अवैध शराब की बिक्री और फैल रही गंदगी पर गहरी आपत्ति जताते हुए शासन-प्रशासन से इस पर तत्काल पूर्ण रोक लगाने की मांग की है।

*परंपरा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां बर्दाश्त नहीं*

सर्व आदिवासी समाज का स्पष्ट कहना है कि पोला, उगादी और दशहरा जैसे प्रमुख पर्वों पर आदिवासी संस्कृति व परंपरा के अनुसार मुर्गा बाजार (मुर्गा लड़ाई) आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

यह हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर का हिस्सा है।

लेकिन दुखद पहलू यह है कि इस पारंपरिक आयोजन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व बड़े पैमाने पर अवैध सट्टा खिला रहे हैं और धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है।

*गांव का माहौल खराब होने से समाज में रोष*

समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मुर्गा बाजार अब परंपरा से भटक कर अनैतिक गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है।

रुद्ररम में सट्टेबाज़ी और शराबखोरी के चलते न केवल क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, बल्कि गांव का शांतिपूर्ण और सांस्कृतिक माहौल भी दूषित हो रहा है। इससे युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।

*प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग*

*सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि:*

परंपरागत आयोजन को संरक्षण: पोला, उगादी और दशहरा के अवसर पर केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मुर्गा बाजार की अनुमति दी जाए।

अवैध गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध: मुर्गा बाजार की आड़ में चलने वाले सट्टा-पट्टी, जुआ और अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस व प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

स्वच्छता व्यवस्था: आयोजन स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर लगाम कसी जाए और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। इस मौके पर ये लोग रहे सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष अशोक तलांडी,अल्वा मदनैया,अनिल पामभोई,कामेश्वर गौतम,सालिक राम नागवंशी,शंकर लाल सड़मेक,मरपेली किसटैया, सऊलम सनटी आदि प्रमुख लोग रहे उपस्थित।

समाज ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया, तो सर्व आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक अस्मिता और ग्रामीण शांति की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

* भोपालपटनम में वर्षों का साम्राज्य:, 15–20 सालों से कस्तूरबा आश्रम में डटी अधीक्षिका शारदा कोंडरा, प्रताड़ना के आरोपों के बाद भी कठोर कार्रवाई का इंतज़ार!*

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* भोपालपटनम में वर्षों का साम्राज्य:, 15–20 सालों से कस्तूरबा आश्रम में डटी अधीक्षिका शारदा कोंडरा, प्रताड़ना के आरोपों के बाद भी कठोर कार्रवाई का इंतज़ार!*

*

*कस्तूरबा आश्रम शाला की अधीक्षिका पर समाज का फूटा गुस्सा: 15-20 वर्षों से एक ही पद पर काबिज शारदा कोंडरा पर छात्राओं से दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप!*

*सिर्फ हटाना काफी नहीं, मिले कड़ी सजा!*

भोपालपटनम कस्तूरबा आश्रम अधीक्षिका शारदा कोंडरा की मनमानी पर उग्र हुआ आदिवासी समाज!*

 

भोपालपटनम

कस्तूरबा आश्रम शाला भोपालपटनम में वर्षों से काबिज आश्रम अधीक्षिका शारदा कोंडरा की कार्यशैली को लेकर आदिवासी समाज और परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शारदा कोंडरा पिछले लगभग 15 से 20 वर्षों से एक ही कस्तूरबा आश्रम शाला में अधीक्षिका के पद पर पदस्थ हैं।

 

इतने लंबे कार्यकाल के बाद अब आश्रम की व्यवस्थाओं और छात्राओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

क्या है मामला?

हाल ही में आश्रम की छात्राओं के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें सामने आई हैं।

 

आरोप है कि एक छात्रा को छोटे कपड़े पहनाकर व्यायाम कराने का दबाव बनाया गया, और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।

 

अन्य बालिकाओं के साथ भी दुर्व्यवहार की बातें सामने आने के बाद आदिवासी समाज एकजुट हो गया है।

 

अधिकारियों के दौरों पर उठे सवाल

घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आश्रम का दौरा किया।

 

समाज का आरोप है कि जांच और राहत देने के बजाय बच्चियों पर ही दबाव बनाने की कोशिश की गई कि उन्होंने पहले शिकायत क्यों दर्ज नहीं कराई।

 

बच्चियों ने स्पष्ट किया कि वे उच्च अधिकारियों को नहीं पहचानती थीं, इसलिए उन्होंने अपने परिजनों और समाज को पूरी सच्चाई बताई।

 

केवल निलंबन या स्थानांतरण मंजूर नहीं

आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इतने लंबे समय (15-20 वर्ष) से एक ही स्थान पर टिके रहने के कारण अधीक्षिका की मनमानी बढ़ती गई।

 

अब केवल नाममात्र के लिए पद से हटाने या स्थानांतरण करने से न्याय नहीं होगा।

 

*समाज की प्रमुख मांगे:*

 

अधीक्षिका शारदा कोंडरा के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

 

आश्रम में वर्षों से जारी अव्यवस्थाओं और प्रताड़ना के मामलों का पूर्ण खुलासा हो।

 

पीड़ित छात्राओं की सुरक्षा एवं न्याय की गारंटी दी जाए।

 

समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कठोर कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होगा।,

*कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बच्चियों से अभद्रता, ,केवल निलंबन से नहीं बनेगी बात; दंडात्मक कानूनी कार्रवाई और FIR की उठी मांग*

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*कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बच्चियों से अभद्रता, ,केवल निलंबन से नहीं बनेगी बात; दंडात्मक कानूनी कार्रवाई और FIR की उठी मांग*

 

*सर्व आदिवासी समाज बीजापुर ने प्रशासन के रवैये पर जताया भारी आक्रोश, लीपापोती का लगाया आरोप*

 

* भोपाल पटनम,04 अक्टूबर 2026*

 

कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास (KGBV) भोपाल पटनम में रहने वाली मासूम आदिवासी छात्राओं के साथ छात्रावास अधीक्षक/वार्डन द्वारा अभद्र व्यवहार एवं दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।

 

इस संवेदनशील और गंभीर घटना से सर्व आदिवासी समाज और पूरे क्षेत्र के नागरिकों में भारी आक्रोश एवं तीव्र जन-आक्रोश व्याप्त है।

 

*निलंबन केवल दिखावा, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल,*

 

सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद प्रशासन ने केवल “निलंबन” जैसी औपचारिक खानापूर्ति करके मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया है।

 

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मासूम बच्चियों के साथ मानसिक, शारीरिक और मौखिक हिंसा (अभद्र व्यवहार) एक गंभीर अक्षम्य अपराध है।

 

आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल हटा देना, प्रशासन द्वारा मामले पर पर्दा डालने जैसा प्रतीत होता है।

 

*सर्व आदिवासी समाज बीजापुर की प्रमुख मांगें:*

 

*तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज हो: *

दोषी छात्रावास अधीक्षक/वार्डन के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कानूनी धाराओं (जैसे बाल संरक्षण/सुसंगत गंभीर धाराओं) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बालिका छात्रावास में बच्चियों के साथ इस तरह के अपमानजनक एवं दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो।

 

सुरक्षा और मानसिक संबल: पीड़ित बच्चियों को उचित मानसिक संबल, उचित परामर्श (कौउंसलिंग) और पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।

 

*उग्र आंदोलन और कानूनी लड़ाई की चेतावनी*

सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने मामले में केवल दिखावटी कार्रवाई या लीपापोती करने का प्रयास जारी रखा, तो सर्व आदिवासी समाज और क्षेत्र की जनता पीड़ित बच्चियों को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने और कानूनी लड़ाई लड़ने को बाध्य होगी।

*भोपाल पटनम: एकलव्य मॉडल आवासीय बालिका विद्यालय मामला: केवल शिक्षक के निलंबन पर भड़का आदिवासी समाज, प्राचार्य पर FIR दर्ज न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी*

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*भोपाल पटनम: एकलव्य मॉडल आवासीय बालिका विद्यालय मामला: केवल शिक्षक के निलंबन पर भड़का आदिवासी समाज, प्राचार्य पर FIR दर्ज न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी*

*भोपाल पटनम 04 अक्टूबर 2026*

एकलव्य आदर्श आवासीय कन्या छात्रावास, गोपालपट्टनम में छात्राओं के साथ हुई अभद्रता और प्रताड़ना के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

इस घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

समाज ने आरोप लगाया है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में केवल शिक्षक पर कार्रवाई करके मुख्य जिम्मेदार प्राचार्य को बचाने का प्रयास कर रहा है।

इस संबंध में सर्व आदिवासी समाज (जिला बीजापुर) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासन की निष्पक्षता और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

*आदिवासी समाज की प्रमुख माँगें एवं चिंताएँ:*

*दोषी प्राचार्य को तुरंत किया जाए निलंबित:*

छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन और देखरेख की संपूर्ण नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी विद्यालय के प्राचार्य की होती है।

इसके बावजूद, इतनी गंभीर घटना के बाद भी दोषी प्राचार्य पर अब तक न तो कोई कानूनी कार्रवाई की गई है और न ही उन्हें निलंबित किया गया है।

*समाज ने अविलंब प्राचार्य के निलंबन की माँग की है*

*उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की माँग:*

*समाज का आरोप है कि रसूखदारों के दबाव और संरक्षण के कारण प्राचार्य का बचाव किया जा रहा है*

इसलिए इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

*बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं:*

आदिवासी बाहुल्य और संवेदनशील क्षेत्रों में बेटियों को शिक्षित और सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने इन विद्यालयों की स्थापना की है।

यदि ऐसी सुरक्षित जगहों पर ही इस तरह की घटनाएँ होंगी और जिम्मेदार अधिकारी अपराधियों को बचाने में लगेंगे, तो समाज अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए बाहर भेजने से कतराएगा।

उग्र आंदोलन और कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने संयुक्त बयान जारी कर प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है।

समाज ने कहा है कि यदि आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर दोषी प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई/मामला (FIR) दर्ज कर उन्हें निलंबित नहीं किया गया, तो सर्व आदिवासी समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन, चक्का जाम और कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।

 

समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि बेटियों के सम्मान और न्याय की इस लड़ाई में पूरा समाज एकजुट होकर अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा।

छत्तीसगढ़ की सियासत में तीसरे मोर्चे की आहट, दलों-सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाने की कवायद

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अनेक राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाने की पहल

रायपुर, 4 अक्टूबर 2026।

छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस से अलग एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच के गठन की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल बेबीलॉन कैपिटल में अनेक राजनीतिक दलों, क्षेत्रीय संगठनों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

बैठक में साझा न्यूनतम कार्यक्रम, संगठनात्मक समन्वय, चुनावी तालमेल और संयुक्त घोषणापत्र को लेकर प्रारंभिक विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न दलों ने अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ के साझा हितों पर एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में जल-जंगल-जमीन, स्थानीय रोजगार, किसान, आदिवासी अधिकार, सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अस्मिता, विकेंद्रीकरण, पारदर्शी शासन और छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय भागीदारी जैसे मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखने पर चर्चा हुई।

बैठक में बहुजन समाज पार्टी, छत्तीसगढ़िया पार्टी, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), हमर राज पार्टी, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की ओर से रायपुर संभाग अध्यक्ष श्री जीतू बंजारे, बस्तर संभाग अध्यक्ष एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक श्री नवनीत चाँद, बस्तर जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्री संतु कश्यप एवं बस्तर संभाग प्रवक्ता श्री ओम मरकाम सहित प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर साझा संघर्ष का संकल्प

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावित मंच का उद्देश्य केवल चुनावी तालमेल तक सीमित न रहकर छत्तीसगढ़ की जनता के वास्तविक सवालों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाना होगा।

बस्तर से सरगुजा तक—जल, जंगल, जमीन, रोजगार, किसान, आदिवासी अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर साझा आवाज मजबूत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक संघर्ष करने की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया गया।

निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

प्रतिनिधियों ने निर्वाचन प्रक्रिया में संवैधानिक पारदर्शिता, निष्पक्षता, समान अवसर और मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी। भारत निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी प्राप्त है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक सूचनाएं एवं प्रक्रियाएं राजनीतिक दलों तथा मतदाताओं के समक्ष पारदर्शी ढंग से उपलब्ध होनी चाहिए।

25 अक्टूबर को अगली बड़ी बैठक

तीसरे मोर्चे की अगली बड़ी बैठक 25 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के बाद प्रस्तावित मोर्चे के स्वरूप, साझा राजनीतिक एजेंडे, संगठनात्मक ढांचे और आगे की रणनीति को अंतिम रूप देकर छत्तीसगढ़ की जनता के समक्ष रखा जाएगा।

प्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजनीतिक दिशा केवल सत्ता परिवर्तन का विषय नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़िया हितों, संवैधानिक अधिकारों और जवाबदेह शासन की मजबूत आवाज तैयार करने का प्रयास है।

“छत्तीसगढ़ का हित—सबसे पहले,

जनता की आवाज—सड़क से सदन तक।”

— संयुक्त बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों एवं संगठनों की ओर से

*सर्व आदिवासी समाज का अल्टीमेटम: ‘भोपालपटनम में मुर्गा बाजार के नाम पर बंद हो सट्टा-दारू का खेल, परंपरा का सम्मान रहे बरकरार’*

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*सर्व आदिवासी समाज का अल्टीमेटम: ‘भोपालपटनम में मुर्गा बाजार के नाम पर बंद हो सट्टा-दारू का खेल, परंपरा का सम्मान रहे बरकरार’*

भोपालपटनम,04 अक्टूबर 2026

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम क्षेत्र रूद्ररम  में पारंपरिक त्यौहारों के नाम पर सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाली गतिविधियों पर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ा रुख अपनाया है।

 

समाज के प्रमुखों ने भोपालपटनम के रुद्ररम में मुर्गा बाजार की आड़ में धड़ल्ले से चलाए जा रहे सट्टे के कारोबार, अवैध शराब की बिक्री और फैल रही गंदगी पर गहरी आपत्ति जताते हुए शासन-प्रशासन से इस पर तत्काल पूर्ण रोक लगाने की मांग की है।

*परंपरा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां बर्दाश्त नहीं*

सर्व आदिवासी समाज का स्पष्ट कहना है कि पोला, उगादी और दशहरा जैसे प्रमुख पर्वों पर आदिवासी संस्कृति व परंपरा के अनुसार मुर्गा बाजार (मुर्गा लड़ाई) आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

यह हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर का हिस्सा है।

लेकिन दुखद पहलू यह है कि इस पारंपरिक आयोजन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व बड़े पैमाने पर अवैध सट्टा खिला रहे हैं और धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है।

*गांव का माहौल खराब होने से समाज में रोष*

समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मुर्गा बाजार अब परंपरा से भटक कर अनैतिक गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है।

रुद्ररम में सट्टेबाज़ी और शराबखोरी के चलते न केवल क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, बल्कि गांव का शांतिपूर्ण और सांस्कृतिक माहौल भी दूषित हो रहा है। इससे युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।

*प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग*

*सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि:*

परंपरागत आयोजन को संरक्षण: पोला, उगादी और दशहरा के अवसर पर केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मुर्गा बाजार की अनुमति दी जाए।

अवैध गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध: मुर्गा बाजार की आड़ में चलने वाले सट्टा-पट्टी, जुआ और अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस व प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

स्वच्छता व्यवस्था: आयोजन स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर लगाम कसी जाए और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।

समाज ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया, तो सर्व आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक अस्मिता और ग्रामीण शांति की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

*  बस्तर दशहरा की परंपरा से छेड़छाड़ न हो, बाहरी आयोजनों पर लगे रोक : माझी-चालकी, पुजारी, पेरमा व पटेल प्रमुखों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

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*  बस्तर दशहरा की परंपरा से छेड़छाड़ न हो, बाहरी आयोजनों पर लगे रोक : माझी-चालकी, पुजारी, पेरमा व पटेल प्रमुखों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 04 अक्टूबर 2026

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को बनाए रखने की मांग को लेकर सर्व माझी, चालकी, पुजारी, पेरमा एवं पटेल प्रमुखों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में दशहरा पर्व की पूरी अवधि के दौरान पारंपरिक व्यवस्था के समानांतर किसी अन्य धार्मिक संगठन अथवा बाहरी सामाजिक संगठन को कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं देने की मांग की गई है।

 

ज्ञापन में कहा गया है कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बस्तर की प्राचीन जनजातीय संस्कृति, आस्था और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है।

सदियों से इसके विभिन्न रस्मों और व्यवस्थाओं का संचालन बस्तर के पारंपरिक समाज प्रमुखों ,माझी, चालकी, पुजारी, पेरमा आदि,द्वारा निर्धारित विधि-विधान के अनुसार किया जाता रहा है।

 

*परंपरागत व्यवस्था के समानांतर आयोजन से धार्मिक भावनाएं प्रभावित होने की आशंका*

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दशहरा पर्व के दौरान कुछ अन्य धर्मों एवं बाहरी सामाजिक संगठनों द्वारा समानांतर कार्यक्रम अथवा अन्य प्रकार के आयोजन किए जाने से पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

इससे पर्व की गरिमा, शांति और स्थानीय जनजातीय परंपराओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

 

पारंपरिक समाज प्रमुखों ने प्रशासन से मांग की है कि बस्तर दशहरा की पूरी अवधि में किसी भी बाहरी सामाजिक अथवा धार्मिक संगठन को किसी भी प्रकार के समानांतर आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए।

साथ ही पर्व के दौरान धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने या माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर कड़ी प्रशासनिक निगरानी रखने का आग्रह किया गया है।

 

ज्ञापन में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय जनजातीय समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए दशहरा पर्व की पारंपरिक गरिमा, शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

तेंदुए का आतंक: झिटकी में घर में घुसकर 6 लोगों पर हमला, 3 गंभीर; दो दिन में दो घटनाओं से दहशत..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले के बागबाहरा वनपरिक्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम झिटकी में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ अचानक एक घर में घुस गया और एक ही परिवार के 6 लोगों पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में 4 पुरुष और 2 महिलाएं घायल हुए हैं। इनमें से 3 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, यादव परिवार के सदस्य रात में घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान उत्तरी बाई यादव देर रात बाथरूम जाने के लिए घर से बाहर निकली थीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बाहर आए, जिसके बाद तेंदुआ घर के अंदर घुस गया और परिवार के दूसरे सदस्यों पर भी हमला कर दिया।

अचानक घर के अंदर तेंदुआ घुसने से परिवार में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। तेंदुए ने एक के बाद एक कई लोगों को अपना निशाना बनाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद तत्काल पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।

6 लोग घायल, 3 की हालत गंभीर..

तेंदुए के हमले में सरजू यादव उम्र 60 वर्ष, उनकी पत्नी उत्तरीबाई यादव उम्र 55 वर्ष, जनकराम उम्र 40 वर्ष, जनकराम के पुत्र मनीष उम्र 18 वर्ष, सुनीता यादव उम्र 34 वर्ष और तुपार उम्र 15 वर्ष समेत कुल 6 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में बुजुर्ग, महिला और किशोर भी शामिल हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद 112 की मदद से सभी घायलों को तत्काल बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान 3 घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

एक दिन पहले भी हुआ था तेंदुए का हमला..

झिटकी में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और बढ़ गई है। खास बात यह है कि झिटकी गांव के समीप पंडरीपानी क्षेत्र में एक दिन पहले भी तेंदुए द्वारा एक व्यक्ति पर हमला किए जाने की घटना सामने आई थी। लगातार दो दिनों में तेंदुए के हमले की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों को आशंका है कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही तेंदुआ हो सकता है, हालांकि वन विभाग की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लगातार तेंदुए की मौजूदगी की खबरों के चलते ग्रामीण रात के समय घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।

वन विभाग की टीम मौके पर, रायपुर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम…

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस का अमला मौके पर पहुंच गया। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों और उसके मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है। तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए रायपुर से विशेष रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई है…

वन विभाग की टीम द्वारा इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और रात के समय अकेले घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी की जा रही है।..

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी से गांव में डर का माहौल है। खासकर रात के समय लोग घरों से बाहर निकलने में भी भय महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द तेंदुए का रेस्क्यू करने की मांग की है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की

रेंजर नवीन वर्मा के मुताबिक, तेंदुए के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। रेस्क्यू के लिए विशेष टीम को भी बुलाया गया है।

फिलहाल वन विभाग और पुलिस की टीम पूरे इलाके में निगरानी कर रही है। झिटकी में एक ही परिवार के 6 लोगों पर तेंदुए के हमले और इससे एक दिन पहले पंडरीपानी में हुई घटना ने वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि वन विभाग की टीम तेंदुए को कब तक रेस्क्यू करती है और इलाके में लोगों की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित की जाती है।

 

*विस्थापित आदिवासियों का दर्द बांटने तेलंगाना पहुँचे विधायक विक्रम मंडावी; गाँव-गाँव जाकर जाना हाल-चाल*

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*विस्थापित आदिवासियों का दर्द बांटने तेलंगाना पहुँचे विधायक विक्रम मंडावी; गाँव-गाँव जाकर जाना हाल-चाल*

*तेलंगाना/बीजापुर (छत्तीसगढ़) 03 अक्टूबर 2026*

बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी ने अपने दो दिवसीय तेलंगाना दौरे के दौरान पड़ोसी राज्य में बस चुके विस्थापित आदिवासी परिवारों से सीधा संवाद स्थापित किया। दौरे के दौरान विधायक मंडावी ने कई अंदरूनी व सीमावर्ती गाँवों का सघन दौरा कर विस्थापित परिवारों की जमीनी समस्याओं, रहन-सहन और जरूरतों का जायजा लिया।

*इन गाँवों में पहुँचे विधायक:*

अपने व्यस्त दौरे में विधायक विक्रम मंडावी ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों का भ्रमण कर आदिवासियों से मुलाकात की:

वेंकटाचेरु एवं कंडीनार,कड़ीपाड़,लक्ष्मी कॉलोनी,चिन्नासमुद्रम,ग्राम कोंडवंगु एवं आयतुवंगु

*समस्याओं को सुनकर दिया सहयोग का भरोसा*

मुलाकात के दौरान विस्थापित परिवारों ने अपनी मूलभूत सुविधाओं, पुनर्वास और दैनिक जीवन से जुड़ी चुनौतियों को विधायक के समक्ष रखा।

विधायक मंडावी ने सभी परिवारों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उन्हें हर संभव सहयोग तथा उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने का पूर्ण आश्वासन दिया।

विधायक ने कहा कि अपनी जड़ों से दूर रहकर जीवन-यापन कर रहे इन आदिवासी परिवारों की भलाई और उनके अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।