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*मोहला–जिला पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 75 लाख से अधिक की अवैध शराब और ट्रक जब्त*

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मनीष कौशिक

मानपुर–थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए इस जिले में अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र खपाने ले जाई जा रही लगभग 800 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा और तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया मुखबिर की सटीक सूचना पर मानपुर पुलिस ने एसडीएम कार्यालय के पास चेकिंग पॉइंट लगाकर संदिग्ध वाहन CG 15 DZ 4515 को रोका। पुलिस को देखते ही चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम की फुर्ती और रणनीति के आगे उसकी एक न चली। आरोपी बलराम सिंह डांगी को दौड़ाकर गिरफ्तार किया गया।

जांच में ट्रक से लगभग 800 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 50.28 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं जब्त ट्रक की कीमत 25 लाख रुपये है। कुल मिलाकर पुलिस ने 75.28 लाख रुपये की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि शराब मध्यप्रदेश के बैतूल-मुलताई क्षेत्र से लोड कर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली बॉर्डर क्षेत्र में खपाने ले जाई जा रही थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े तस्करों और सप्लायरों की तलाश में जुटी हुई है कभी हमने कहा था जहां कपिल देव चंद्रा रहेंगे, वहां अपराध का खत्म होना निश्चित है। मानपुर में उनकी ताबड़तोड़ कार्रवाई ने एक बार फिर इस बात पर मुहर लगा दी है। अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर लें, कानून के लंबे हाथों से बच पाना अब मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन होता जा रहा है

*मानपुर पुलिस की इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने अवैध शराब तस्करों में हड़कंप मचा दिया है और जिले में कानून व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।*

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान का आयोजन

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिनांक 05 जून 2026 को 199वीं वाहिनी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), पातुरपारा, भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) तथा इसकी अधीनस्थ कंपनियों द्वारा कमांडेंट श्री आनंद कुमार के मार्गदर्शन में व्यापक वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया।

इस अभियान के दौरान वाहिनी मुख्यालय पातुरपारा तथा विभिन्न कंपनी मुख्यालयों (पेदिया, कोप्पागुड़ा, भैरमगढ़, पिनाकोंडा, कोडोली एवं केशकुटुल) में लगभग 600 पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, बाल छात्रावासों एवं विद्यालयों के बच्चों, वाहिनी के अधिकारियों तथा जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर अधिकारियों, जवानों, स्थानीय नागरिकों एवं स्कूली बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरित आवरण बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा, देखभाल एवं उनके समुचित विकास को सुनिश्चित करने का भी प्रण किया।

जवानों, स्थानीय नागरिकों एवं स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री आनंद कुमार तथा अन्य कंपनी कमांडरों ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण को कम करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वाहिनी के अधिकारियों एवं जवानों ने स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस कार्यक्रम से वाहिनी और स्थानीय समुदाय के बीच आपसी सहयोग, भाईचारा एवं एकता को भी और अधिक मजबूती मिली।

कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र मे 4633 क्विंटल धान का हिसाब गायब,,,,,,,,,,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

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कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र मे 4633 क्विंटल धान का हिसाब गायब,,,,,,,,,,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

कोयलीबेड़ा /

कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र में 4633 क्विंटल धान का हिसाब नहीं, 1.43 करोड़ रुपये की अनियमितता की आशंका

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र में बड़ी अनियमितता सामने आई है। रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के मिलान में 4633.32 क्विंटल धान गायब पाया गया है। प्रारंभिक जांच में इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 43 लाख रुपये आंकी गई है।

खरीदी केंद्र में कुल 58,642.40 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज है।

इनमें से 38,700.48 क्विंटल धान मिलरों को और 15,308.60 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया।

रिकॉर्ड के अनुसार 4,633.32 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था, लेकिन सत्यापन के दौरान मौके पर धान नहीं मिला।

जांच में कमी सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य खरीदी केंद्रों का भी सत्यापन शुरू कर दिया है।,,,,,

मौसम अलर्ट प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल, समीक्षा की आवश्यकता : रोहित सिंह आर्य

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मौसम पूर्वानुमान प्रणाली की सटीकता को लेकर लोगों में गंभीर संदेह

जगदलपुर, बस्तर। पिछले कुछ समय से बस्तर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लगातार “अत्यंत गंभीर” (Extremely Severe) अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। इन अलर्टों में तेज आंधी, बिजली गिरने, भारी वर्षा एवं अन्य आपदाजनक परिस्थितियों की चेतावनी दी जाती है। लेकिन जमीनी स्तर पर बार-बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है जिससे इन चेतावनियों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।

पब्लिक वॉइस के संयोजक रोहित सिंह आर्य ने कहा कि कई अवसरों पर अलर्ट तब जारी हुआ जब आंधी-तूफान और बारिश पहले ही गुजर चुके थे। वहीं अनेक बार “अत्यंत गंभीर” चेतावनी जारी होने के बावजूद न तो कोई विशेष मौसमीय घटना हुई और न ही वैसी परिस्थितियां निर्मित हुईं जैसा अलर्ट में बताया गया था। इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह भी है कि कई बार तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश जैसी घटनाएं घटित हो जाती हैं, लेकिन उससे पहले कोई प्रभावी चेतावनी या अलर्ट जनता तक नहीं पहुंचता। जबकि कई बार वास्तविक घटना न होने पर भी लगातार अलर्ट जारी किए जाते हैं। इस विरोधाभास ने लोगों के मन में मौसम पूर्वानुमान प्रणाली की सटीकता को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

रोहित सिंह आर्य ने कहा कि वर्तमान स्थिति में मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। कई नागरिक इन अलर्टों को लेकर मजाक करने लगे हैं और सोशल मीडिया पर भी इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि यदि जनता का भरोसा चेतावनी प्रणाली से उठ गया तो वास्तविक आपदा के समय भी लोग अलर्ट को नजरअंदाज कर सकते हैं, जिसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए समय पर चेतावनी जारी करना आवश्यक है, लेकिन चेतावनी का समय, उसकी सटीकता और विश्वसनीयता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बार-बार गलत या विलंबित अलर्ट जारी होना किसी भी आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रणाली के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए।

पब्लिक वॉइस मौसम विभाग एवं संबंधित एजेंसियों से मांग करता है कि—

बस्तर संभाग में जारी किए जा रहे अलर्टों की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।

अलर्ट जारी करने के वैज्ञानिक मानदंड सार्वजनिक किए जाएं।

यह बताया जाए कि कितने अलर्ट वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप साबित हुए।

कई मामलों में आंधी-तूफान गुजर जाने के बाद अलर्ट जारी होने के कारणों को स्पष्ट किया जाए।

ऐसी तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जाए जिससे जनता को समय पर और अधिक सटीक जानकारी मिल सके।रोहित सिंह आर्य ने कहा कि जनता को भयभीत करना नहीं, बल्कि सही समय पर सही जानकारी देकर सुरक्षित रखना शासन और प्रशासन का दायित्व है। मौसम संबंधी चेतावनियों की विश्वसनीयता बनाए रखना जनहित और जनसुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।

पब्लिक वॉइस

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण*,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण*,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) डॉ.जाधव सागर रामचंद्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा हर व्यक्ति को वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और हरित विकास के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित किया।

पोस्ट आफिस बीजापुर में 6 व 7 जून को लगेगा विशेष आधार शिविर,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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पोस्ट आफिस बीजापुर में 6 व 7 जून को लगेगा विशेष आधार शिविर,,,,,,,,,,,,,,,,,

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नया आधार पंजीयन, मोबाइल नंबर अपडेट और अन्य सुधार कार्य होंगे; रविवार को भी मिलेगी सुविधा

बीजापुर ,,,,,,,,,,,,,,,- आम नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग द्वारा बीजापुर पोस्ट ऑफिस में दो दिवसीय विशेष आधार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 6 जून एवं 7 जून को आयोजित होगा, जहां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिक आधार कार्ड बनवाने तथा उसमें आवश्यक सुधार संबंधी कार्य आसानी से करा सकेंगे।

शिविर में नया आधार पंजीयन, मोबाइल नंबर अपडेट, नाम, पता एवं अन्य विवरणों में सुधार जैसी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। विभाग ने बताया कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार को भी आधार सेवाएं जारी रहेंगी, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालों को राहत मिलेगी।

पोस्ट मास्टर वी.के. परमार ने बताया कि आधार कार्ड आज विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में जिन नागरिकों को आधार कार्ड बनवाना है अथवा उसमें किसी प्रकार का संशोधन कराना है, वे निर्धारित तिथियों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त डाकघर द्वारा बचत खाता, सुकन्या समृद्धि खाता, फिक्स डिपॉजिट (सावधि जमा) सहित विभिन्न बचत योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वहीं “हर घर सुरक्षा, हर घर बीमा” अभियान के तहत डाक जीवन बीमा योजनाओं को भी प्राथमिकता के साथ आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। डाक विभाग लोगों को वित्तीय सुरक्षा एवं बचत के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य केवल डाक सेवाएं प्रदान करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी भावना के साथ विभाग “डाक सेवा, जन सेवा” के संकल्प को साकार करने में जुटा हुआ है।

भारतीय डाक विभाग ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में शामिल होने और इस विशेष सुविधा का लाभ लेने की अपील की है। आधार संबंधी कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की भी बचत होगी।

जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,, जिला बीजापुर के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं बीजापुर, उसूर, भैरमगढ, एवं भोपालपटनम में प्रवेश हेतु संचालित व्यवसायों में एक वर्षीय व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल एवं द्विवर्षीय व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार में प्रवेश के लिये 29 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता हैं। प्रवेश के इच्छुक आवेदक स्वयं विभागीय वेबसाइट cgiti.admission.nic.in पर लॉगिन कर अथवा किसी भी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

* बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की जिम्मेदारी-अनवर खान* दीपक मरकाम की खबर 

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* बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की जिम्मेदारी-अनवर खान*

दीपक मरकाम की खबर

 

* सुशासन त्यौहार की खुली पोल प्रदेश में तहसीलदार सहित नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ढप हुआ काम… अब कैसे होगा ग्रामवासियों के समस्या का निदान….

 

सरकार की कार्य प्रणाली पर उठने लगे सवाल… एक तरफ सुशासन का ढकोसला त्यौहार… और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दुराचार….

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व सदस्य अनवर खान ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है  ।

आम जनता समस्याओं से जूझ रही है सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है मगर प्रदेश की जनता को जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के अलावा अपनी जरूरतों की आपूर्ति के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

पंचायत से सुशासन त्यौहार के लिए अवैध वसूली की जा रही है शहरी सहित पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ढप पड़े हुए हैं कई पंचायत के जनप्रतिनिधि संसाधनों एवं बजट की कमी से चिंतित व परेशान है प्रदेश भर में पंचायत व्यवस्था कमजोर हो रही है जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा सुशासन त्योहार से सरपंच परेशान व हताश होकर सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं इस पर सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं है सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए सुशासन त्योहारों के माध्यम से ध्यान भटकने का कार्य कर रही है।

,राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने में पूरी तरह विफल साबित हुई।

अनवर खान के बताया कि सीतापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट घटना के विरोध में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार से तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने भी मियादी हड़ताल शुरू कर दी है,।

अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद से राजस्व व शासकीय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

एक तरफ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार सुशासन त्यौहार मना रही है और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों का कलम बंद हड़ताल जारी है।

, सरकार की कार्य प्रणाली पर उठ रहे है सवाल एक तरफ सुशासन का ढकोसला त्यौहार और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी दुराचार के शिकार हो रहे है।

*  सुशासन तिहार भाजपा कि नाकामी छुपाने का मंच,बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रही जनता, धरातल पर चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था- रेखचंद जैन.पूर्व विधायक* दीपक मरकाम की खबर 

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*  सुशासन तिहार भाजपा कि नाकामी छुपाने का मंच,बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रही जनता, धरातल पर चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था- रेखचंद जैन.पूर्व विधायक* दीपक मरकाम की खबर

 

पंचायतों में 16वें वित्त की राशि का नहीं हुआ आज पर्यंत तक भुगतान,ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य प्रभावित,सरपंच जनपद सदस्य दे रहे इस्तीफा …

 

पंचायतों से हो रही सुशासन तिहार के लिए वसूली,राजस्व सहित हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर, भाजपा सरकार सिर्फ आयोजनों व विज्ञापनों में पीट रही सुशासन का ढोल ….

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

जगदलपुर विधानसभा के पूर्व कांग्रेसी विधायक रेखचंद जैन ने प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत को छुपाने और अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा सरकार इस तरह के तड़क-भड़क वाले आयोजनों का सहारा ले रही है। आज धरातल पर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और आम जनता पानी, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने सीधे तौर पर सरकार की वित्तीय नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाली पंचायतों को 16वें वित्त आयोग की राशि आज पर्यंत तक जारी नहीं की गई है।राशि के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण और विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि बुनियादी काम न करा पाने के कारण जनता के प्रति जवाबदेह सरपंच और जनपद सदस्य भारी मानसिक दबाव में हैं और लगातार अपने पदों से इस्तीफे दे रहे हैं।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए फूटी कौड़ी नहीं है,वहीं दूसरी तरफ तथाकथित ‘सुशासन तिहार’ के भव्य आयोजनों का खर्च निकालने के लिए पंचायतों से जबरन वसूली की जा रही है।यह सुशासन नहीं बल्कि शासकीय तंत्र का घोर दुरुपयोग और भाजपा के कुशासन का जीता-जागता उदाहरण है।

*ठेकेदार , इंजीनियर की लापरवाही से भैरमगढ़ तालाब निर्माण कार्य में उठे रहे सवाल, किसान की 3.80 एकड़ जमीन डूबने के कगार पर*, दीपक मरकाम की खबर,

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*ठेकेदार , इंजीनियर की लापरवाही से भैरमगढ़ तालाब निर्माण कार्य में उठे रहे सवाल, किसान की 3.80 एकड़ जमीन डूबने के कगार पर*, दीपक मरकाम की खबर,

 

खेत में मेड़ बनाकर बंद किया पानी का रास्ता, कार्य का निरीक्षण हुआ या कागजों में निपट रहा काम?

 

 

बीजापुर – जल संसाधन विभाग द्वारा भैरमगढ़ में लगभग 2 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से तालाब जीर्णोद्धार एवं नहर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य 69 प्रतिशत पूरा हो चुका है और करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। लेकिन इसी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्य ने एक किसान की खेती और आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। किसान का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना सूचना और बिना सहमति के उसके पट्टे की खेत में बड़ा मेड़ का निर्माण कर दिया, जिससे वर्षों पुराना पानी निकलने का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।

 

भैरमगढ़ निवासी किसान सुखनाथ लेकामी ने बताया कि हर वर्ष पहाड़ी क्षेत्र से आने वाला बारिश का पानी उनके खेत से होकर तालाब में पहुंचता था। यह प्राकृतिक पानी निकलने का मार्ग वर्षों से बना हुआ था लेकिन ठेकेदार द्वारा खेत के किनारे मिट्टी की बड़ी मेड़ खड़ी कर देने से पानी के निकलने का रास्ता समाप्त हो गया है। अब आगामी बारिश में पूरा पानी खेत में भरने की आशंका है, जिससे उनकी लगभग 3.80 एकड़ कृषि भूमि पानी से भर जायेगी।

 

किसान का कहना है कि वह पिछले एक महीने से ठेकेदार के मुंशी को लगातार समस्या बता रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। न तो मौके पर कोई सुधार कार्य किया गया और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल की गई।

 

मामले में सबसे बड़ा सवाल जल संसाधन विभाग के देखरेख और इंजीनियर के निरीक्षण प्रक्रिया पर खड़ा हो रहा है। जिस स्थान पर मेड़ निर्माण किया गया है, वहां से पानी के निकला पूरी तरह बन्द होगा। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विभागीय इंजीनियरों ने निर्माण कार्य का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया था? यदि निरीक्षण किया गया था तो किसान के खेत और पानी निकलने के मार्ग पर पड़ने वाले प्रभाव को क्यों नहीं देखा गया? और यदि यह स्थिति निरीक्षण के दौरान नहीं दिखी, तो क्या निर्माण कार्यों का मूल्यांकन ए सी कमरें में बैठकर कागजों में किया जा रहा है?

 

करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य के कारण एक किसान की पूरी खेत डूबने की स्थिति में आ गई है तो यह ठेकेदार की लापरवाही और विभाग के जिम्मेदारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ए.ए. लाल से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि वे पहले निर्माण स्थल का निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही मामले में कोई प्रतिक्रिया देंगे।

 

अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की इस कार्य में किसानों के हितों और जमीनी वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर आखिर किस आधार पर निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और भुगतान किया जा रहा है। यदि समय रहते पानी के निकलने की व्यवस्था नहीं की गई तो बारिश शुरू होते ही एक किसान की खेत पानी में डूब सकती है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली और निरीक्षण व्यवस्था दोनों कटघरे में खड़ी नजर आ रही हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर गूंजा संदेश – “एक पेड़ माँ के नाम”, वन विद्यालय महासमुंद में हुआ वृहद वृक्षारोपण..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामान्य वन मंडल महासमुंद द्वारा वन परिक्षेत्र महासमुंद के अंतर्गत वन विद्यालय महासमुंद में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की शपथ, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा रहे। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू, पूर्व विधायक विमल चोपड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पौधरोपण कर किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सभी ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण देने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी महासमुंद, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन विद्यालय के प्रशिक्षु, वनकर्मी, सुरक्षा श्रमिक एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सामान्य वन मंडल महासमुंद ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जनभागीदारी का सशक्त संदेश देते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*दीपक मरकाम की खबर,

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*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*दीपक मरकाम की खबर,

 

बीजापुर, 05 जून 2026

बीजापुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।

 

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) डॉ.जाधव सागर रामचंद्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

 

अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा हर व्यक्ति को वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।

 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और हरित विकास के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित किया।

*माँ के नाम रोपे गए जीवन के वृक्ष, मद्देंड़ में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,

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*माँ के नाम रोपे गए जीवन के वृक्ष, मद्देंड़ में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,

 

नारा, पर्यावरण की रक्षा, मानवता की सुरक्षा,

 

*विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृहद वृक्षारोपण*

 

 

बीजापुर मद्देंड़, 5 जून 2026

 

मद्देड़ : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कार्यालय मद्देंड़ में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

 

इस विशेष अभियान के अंतर्गत उपस्थित सभी लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया।

 

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार माँ अपने बच्चों का निःस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन और पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपनी माँ के नाम कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।

 

इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय चुनौतियों, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

 

ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

 

इस अवसर पर प्रमुख जनप्रतिनिधियों में श्री मती शारदा संड्रा सरपंच, उप सरपंच चि, श्याम बाबू,मिरंजा खान सचिव, जागर मोहनराव रोजगार सहायक, वार्ड के पंच गण उपस्थित रहे।

 

वन विभाग की ओर से प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी नक्का सुरेश,  उप वनक्षेत्रपाल सुखदेव कश्यप, पी. गणपत राव , विभाग स्टाफ में वनरक्षक पी. संदीप, सुखलाल मांझी, नवल किशोर जब्बा,गोपाल यालम, वासुदेव अल्लुर, शैलेश कावटी, , कुमारी रोजारानी जब्बा कार्यक्रम में मौजूद रहे।

 

साथ जन प्रति निधि, ग्रामीण जनो,पत्रकार बंधुओं की सहभागिता रही।

 

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अग्रवाल नर्सिंग होम मे डॉ. साकेत अग्रवाल 06 जून को करेंगे पेट,आंत एवं लीवर से संबंधित सभी बीमारियों एवं समस्याओं की जांच एवं इलाज..।

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पेट, आंत एवं लीवर से संबंधित सभी बीमारियों एवं समस्याओं की जांच एवं इलाज

जांच एवं इलाज की सुविधाएं

पेट में छाले एवं घाव (अल्सर)

आमाशय एवं अग्नाशय की बीमारियां

खून की उल्टी एवं पेट में पानी भरना

पेट और आंत में कैंसर एवं टी.बी. रोग

लीवर की जटिल बीमारियों का इलाज

पित्ताशय एवं पित्त नली की पथरी

छोटी एवं बड़ी आंत की बीमारियां

फंगल इंफेक्शन एवं आंतों का सूजन

पीलिया एवं हेपेटाइटिस जनित समस्याएं

पेट में गैस एवं एसिडिटी की समस्या

एंडोस्कोपी एवं कोलोनोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध

डॉ. साकेत अग्रवाल

MD, DNB Gastroenterology

Consultant Gastroenterologist

Hepatologist, Endoscopist

Ramkrishna Care Hospital, Raipur

प्रदेश के प्रख्यात पेट एवं लीवर रोग विशेषज्ञ

उपलब्ध

06 जून 2026

दोपहर 02 बजे से

महत्वपूर्ण निर्देश

अग्रिम पंजीयन अनिवार्य

पुरानी रिपोर्ट साथ अवश्य लाएं

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

बसना, जिला- महासमुंद (छ.ग.)

📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

 

*खेत बचाओं अभियान 1 जून से 30 जून तक*,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*खेत बचाओं अभियान 1 जून से 30 जून तक*,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*गांव-गांव जायेंगे कृषि विशेषज्ञ*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, बीजापुर जिले में खेती को अधिक टिकाऊ का लागत वाली और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उददेश्य से खेत बचाओ अभियान की शुरुआत हो चुकी है। कृषि विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों को मिटटी की बिगड़ती सेहत, रासायनिक उर्वरको के बढ़ते उपयोग, कृषि जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में जागरुक कर रही है। 1 जून से 30 जून तक इस अभियान के तहत् जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान संगोष्ठियों और जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

बीजापुर जिला पूर्णतः कृषि पर आधारित है। ऐसे में कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखना और खेती को भविष्य के लिए सुरक्षित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लगातार रासायनिक उर्वरकों और कृषि दवाओं के उपयोग से मिटटी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है जिसका असर उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर प्रेषित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान आयोजित किसान संगोष्ठियों में रासायनिक उर्वरकों और कृषि आदानों के मिटटी तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर कृषि अधिकारी आकर व्याख्यान देंगे।

*इनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी*

प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का स्वरुप देने अभियान में कृषि सखी, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), बीआरसी समूह, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। किसान फील्ड स्कूलों में अनुभवी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को शामिल कर किसान से किसान सीखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटरों के माध्यम से मिटटी को उपजाऊ बनाए रखने वाले जैव-अणुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

*हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने उपाय बताएंगे*

कार्यक्रमों में हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने, मिटटी को जैविक संरचना को मजबूत करने तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र एवं अन्य जैविक और प्राकृतिक कृषि उत्पादों को प्रदर्शन कर उनके उपयोग और लाभों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उन्नत बीजों के चयन, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रो के बेहतर एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी ताकि किसान उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठा सकें।

प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।

भैरमगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रैक्टर नाली में घुसा, चालक की मौके पर मौत

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बीजापुर जिले के भैरमगढ़ नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर स्कूल के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत उत्ला का एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा घुसा। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं पुलिस एवं प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का कारण ट्रैक्टर का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

इस दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा मामले की जांच जारी है।

डौंडी..भालू के हमले के बाद सिस्टम फेल: PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं, जनपद उपाध्यक्ष भड़के।

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भालू के हमले के बाद सिस्टम फेल:

PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं, जनपद उपाध्यक्ष भड़के

 

📍 डौंडी |

 

📸 फोटो-01: भालू हमले में घायल रोहित नेताम

📸 फोटो-02: उपचार के दौरान रोहित नेताम

 

डौंडी। ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में रविवार सुबह भालू के हमले में रोहित नेताम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को प्राथमिक उपचार के लिए PHC घोठिया लाया गया, लेकिन यहां रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

 

घटना की जानकारी मिलते ही जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ने वन विभाग के अधिकारियों एवं तहसीलदार से तत्काल चर्चा कर घायल को उचित उपचार दिलाने की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भालू प्रभावित क्षेत्र में रेबीज इंजेक्शन का उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

 

🌲 वन विभाग अलर्ट, गांवों में मुनादी

 

घटना के बाद डिप्टी रेंजर अनुराग राय वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुकड़ीगुहान, सिंघोला, कंजेली, आमाँबहरा एवं परकाल क्षेत्र में मुनादी कर ग्रामीणों को सुबह-शाम जंगल में अकेले न जाने की हिदायत दी गई।

 

⚠️ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

 

✅ भालू हमले में युवक गंभीर रूप से घायल

✅ PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं मिला

✅ जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ने जताई नाराजगी

✅ वन विभाग ने गांवों में अलर्ट जारी किया

✅ वनांचल क्षेत्र की सभी PHC में रेबीज इंजेक्शन रखने की मांग

 

🗣️ भोला राम नेताम ने कहा:

 

“वनांचल क्षेत्र की प्रत्येक PHC में रेबीज इंजेक्शन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

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👤 प्रधान संपादक : आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

 

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कोयलीबेड़ा क्षेत्र की 68 गांव की जनता को ऐतिहासिक एकजुटता और संघर्ष को मिली सफलता।कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट,,

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कोयलीबेड़ा क्षेत्र की 68 गांव की जनता को ऐतिहासिक एकजुटता और संघर्ष को मिली सफलता।कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट,,

कोयलीबेड़ा /

कोयलीबेडा़ क्षेत्र की 18 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं 68 ग्रामों की जनता अपनी 10 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत थी। क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर चल रहे इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, गायता, पटेल एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

जनता की एकजुटता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सकारात्मक पहल की गई। कांकेर कलेक्टर के निर्देश पर अन्तागढ़ एसडीएम श्री राहुल रजक आंदोलन स्थल पहुंचे और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 25 अगस्त 2026 तक कोयलीबेड़ा में ब्लॉक मुख्यालय का पूर्ण रूप से संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

कोयलीबेड़ा क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलन समाप्त किया है, किन्तु साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि 25 अगस्त 2026 तक आश्वासन पर अमल नहीं किया जाता है, तो 26 अगस्त 2026 को 18 पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र की जनता अपने स्वयं के संसाधनों और व्यवस्था से जनपद कार्यालय को पखांजुर से कोयलीबेड़ा लाने का कार्य करेगी।

आंदोलनकारियों ने कहा है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर उससे संबंधित समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

यह संघर्ष केवल एक कार्यालय के स्थानांतरण का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अधिकार,सम्मान,विकास और जनता की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कराने का संघर्ष है। कोयलीबेड़ा की जनता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है,तो प्रशासन को भी जनता की भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है।

*क्षेत्रीय सांसद,विधायक के आंदोलन स्थल में नही आने से ग्रामीणों में नाराजगी….*

*”जनता की एकता, संघर्ष की शक्ति और विकास का संकल्प — यही कोयलीबेड़ा आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।” ,,,,,

प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।

*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल*,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल*,,,

,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

*डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*

बीजापुर,,,,,,

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अतिदुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 मई 2026 को विकासखंड बीजापुर के अंतर्गत डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। अभियान के तहत पहली बार जिला स्तर के अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं संचालन में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सफल संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी स्वयं स्वास्थ्य दल के साथ डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) पहुंचे। स्वास्थ्य जांच दल द्वारा ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, शुगर, गर्भवती माताओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों का उपचार किया गया। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।
इसी शिविर के दौरान डोड़ी तुमनार निवासी 10 वर्षीय सोमलू मोड़ियम की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पहचान की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चा नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया एवं मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित था तथा उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी द्वारा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कराया गया।
जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचने पर सोमलू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया, मिर्गी के दौरे, पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन, पेट में अत्यधिक पानी भरने तथा सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसी जटिल समस्याएं थीं। 10 वर्ष की आयु में उसका वजन 50 किलोग्राम तक पहुंच गया था। पेट में जमा पानी फेफड़ों पर दबाव बना रहा था, जिससे उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल, डॉ. आसिफा, डॉ. मनी, डॉ. हर्षवर्धन एवं डॉ. प्रशांत की टीम द्वारा बच्चे का गहन उपचार किया गया। उपचार के दौरान शिशुरोग विभाग एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा 24 घंटे निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की गई।
चिकित्सकीय टीम द्वारा नेफ्रोटिक सिंड्रोम के उपचार हेतु स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन एवं डाइयुरेटिक्स दिए गए, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव और सूजन को नियंत्रित किया जा सका। मलेरिया संक्रमण के उपचार के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं तथा मिर्गी के दौरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं। सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई और बच्चे को लगातार उच्च प्रोटीन युक्त आहार पर रखा गया। उपचार अवधि के दौरान फ्लूइड बैलेंस, ऑक्सीजन स्तर, वजन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की गई।
लगातार 17 दिनों तक चले गहन उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसके शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया, सांस सामान्य हो गई तथा स्वास्थ्य में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 01 जून 2026 को जब सोमलू को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था। लगभग 22 किलोग्राम अतिरिक्त सूजन एवं शरीर में जमा द्रव सफलतापूर्वक कम किया गया।
यह सफलता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के सकारात्मक प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि डोड़ी तुमनार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित शिविर के दौरान सोमलू की समय पर पहचान नहीं होती और उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर नहीं किया जाता, तो उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। अभियान के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य जांच की जा रही है, बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय बीजापुर की चिकित्सकीय टीम तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदान किया।

*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल ,डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*दीपक मरकाम की खबर,

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*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल ,डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*दीपक मरकाम की खबर,

 

 

 

 

बीजापुर, 04 जून 2026

 

 

 

 

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अतिदुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 मई 2026 को विकासखंड बीजापुर के अंतर्गत डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। अभियान के तहत पहली बार जिला स्तर के अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं संचालन में शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सफल संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

 

शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी स्वयं स्वास्थ्य दल के साथ डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) पहुंचे। स्वास्थ्य जांच दल द्वारा ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, शुगर, गर्भवती माताओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों का उपचार किया गया। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।

 

इसी शिविर के दौरान डोड़ी तुमनार निवासी 10 वर्षीय सोमलू मोड़ियम की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पहचान की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चा नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया एवं मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित था तथा उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी द्वारा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कराया गया।

 

जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचने पर सोमलू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया, मिर्गी के दौरे, पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन, पेट में अत्यधिक पानी भरने तथा सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसी जटिल समस्याएं थीं। 10 वर्ष की आयु में उसका वजन 50 किलोग्राम तक पहुंच गया था। पेट में जमा पानी फेफड़ों पर दबाव बना रहा था, जिससे उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।

 

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल, डॉ. आसिफा, डॉ. मनी, डॉ. हर्षवर्धन एवं डॉ. प्रशांत की टीम द्वारा बच्चे का गहन उपचार किया गया। उपचार के दौरान शिशुरोग विभाग एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा 24 घंटे निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की गई।

 

चिकित्सकीय टीम द्वारा नेफ्रोटिक सिंड्रोम के उपचार हेतु स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन एवं डाइयुरेटिक्स दिए गए, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव और सूजन को नियंत्रित किया जा सका। मलेरिया संक्रमण के उपचार के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं तथा मिर्गी के दौरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं। सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई और बच्चे को लगातार उच्च प्रोटीन युक्त आहार पर रखा गया। उपचार अवधि के दौरान फ्लूइड बैलेंस, ऑक्सीजन स्तर, वजन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की गई।

 

लगातार 17 दिनों तक चले गहन उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसके शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया, सांस सामान्य हो गई तथा स्वास्थ्य में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 01 जून 2026 को जब सोमलू को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था। लगभग 22 किलोग्राम अतिरिक्त सूजन एवं शरीर में जमा द्रव सफलतापूर्वक कम किया गया।

 

यह सफलता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के सकारात्मक प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि डोड़ी तुमनार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित शिविर के दौरान सोमलू की समय पर पहचान नहीं होती और उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर नहीं किया जाता, तो उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। अभियान के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य जांच की जा रही है, बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय बीजापुर की चिकित्सकीय टीम तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदान किया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के युग-निर्माता, माननीय वित्त मंत्री यशस्वी श्री ओ.पी. चौधरी जी को उनके 45 वें जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं।*_,,, *सेवक राम नेताम भाजपा जिलाध्यक्ष*

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_*छत्तीसगढ़ प्रदेश के युग-निर्माता, माननीय वित्त मंत्री यशस्वी श्री ओ.पी. चौधरी जी को उनके 45 वें जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं।*_,,, *सेवक राम नेताम भाजपा जिलाध्यक्ष*
राजमन नाग

छत्तीसगढ़ शासन में वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी का कल 2 जुन को 45 वां जन्मदिवस ‘अवतरण दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर वात्सल्य शैक्षिक एवं आध्यात्मिक समिति, रायपुर के तत्वाधान में अध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव द्वारा प्रयागराज गंगा स्थल से गंगा जल लाकर निःशुल्क गंगाजल का वितरण किया जाएगा।

*कार्यक्रम का विवरण:* गंगाजल वितरण *कल सुबह 07:00 बजे से बुढीमाई मंदिर रायगढ़* में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जी के हाथो कर कमलों से प्रारंभ होगा।

समिति के अध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव ने बताया, _”वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जी ने जिस तरह अपने जीवन में पवित्रता और सेवा का संगम दिखाया है, उसी भाव से हमने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से गंगाजल लाकर जनता में वितरित करने का संकल्प लिया। यह उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना है। सभी श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं।”_

*किसान पुत्र से युग-निर्माता तक का सफर*
रायगढ़ जिले के बायंग गांव में 2 जून 1981 को जन्मे ओ.पी. चौधरी ने 2005 में UPSC में 13 वीं रैंक हासिल कर IAS बने। रायपुर कलेक्टर रहते ‘नालंदा परिसर’ 24×7 लाइब्रेरी और दंतेवाड़ा में ‘ननवा दंतेवाड़ा’ जैसे नवाचारों के लिए उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर एक्सीलेंस अवार्ड’ मिला।

*IAS से इस्तीफा, वित्त मंत्री तक*
अगस्त 2018 में IAS से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आए। 2023 में रायगढ़ से 64,443 मतों से विधायक बने और दिसंबर 2023 से विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री हैं। उन्होंने 2047 तक छत्तीसगढ़ को 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।

*प्रदेशभर से शुभकामनाएं*
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा, _”युवा सोच और प्रशासनिक अनुभव के संगम श्री ओ.पी. चौधरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।”_

महासमुंद मे छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की जिला इकाई ने जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसीलद कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगो से संबंधित ज्ञापन सौंपा..

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राहुल भोई महासमुंद…

छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की जिला इकाई ने जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसीलद कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगो से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन से पहले जिले के किसान खाद, बीज और डीजल जैसी बुनियादी कृषि आवश्यकताओं के लिए भटकने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं किसानों की परेशानियां कम करने के बजाय उन्हें और बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जिले का छोटा और सीमांत किसान सुबह से उम्मीद लेकर सोसायटियों और बाजारों की ओर निकलता है, लेकिन दिनभर लंबी कतारों, टोकन व्यवस्था और खाद की कमी से जूझने के बाद निराश होकर घर लौटता है। जिस अन्नदाता की मेहनत से देश की मंडियां भरती हैं, वही किसान आज खाद के एक-एक कट्टे के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े-बड़े राजनीतिक आयोजन और स्वागत समारोह किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। जरूरत जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने की है। किसानों के इसी समस्या को लेकर किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश में जाकर किसानों की आवाज को बुलंद कर रही है और रैली व घेराव कर रही है। आज जिले में 9 सूत्रीय मांग को लेकर तहसील कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम कि ज्ञापन सौंपा । उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इनकी प्रमुख मांगे है कि किसान कांग्रेस ने मांगपत्र में प्रति एकड़ एक बोरी खाद देने की व्यवस्था को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने , 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद वितरण की व्यवस्था समाप्त कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद उपलब्ध कराने, आवश्यकता के अनुसार खाद और बीज लेने की स्वतंत्रता देने, पेट्रोल पंपों में जरीकैन में डीजल देने पर लगी पाबंदी हटाने तथा कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, अघोषित बिजली कटौती रोकने, कृषि बिजली की बढती दर वापस लेने, किसानों को मुफ्त बिजली देने , खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे प्रदेश में एक समान दर लागू करने, सहकारी समितियों से मिलने वाले कृषि ऋण (केसीसी) की सीमा बढ़ाकर 40 हजार प्रति एकड़ करने तथा वर्तमान ऋण वितरण व्यवस्था में सुधार, किसानों को धान की राशि एवं बोनस सहित बकाया अंतर राशि का भुगतान एकमुश्त करने, वहीं उद्यानिकी, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लंबित अनुदान एवं सब्सिडी राशि का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग की

। कांग्रेसी कांग्रेस भवन से नारेबाजी करते हुवे तहसील कार्यालय पहुंचे और घेराव पश्चात एसडीएम को‌ ज्ञापन सौंपा ।

 

 

दृष्टि नियंत्रित करने वाले हिस्से तक पहुंचा था खीला, अग्रवाल नर्सिंग होम के विशेषज्ञ न्यूरोसर्जरी से बची आंखों की रोशनी और मरीज की जान”

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“दृष्टि नियंत्रित करने वाले हिस्से तक पहुंचा था खीला, विशेषज्ञ न्यूरोसर्जरी से बची आंखों की रोशनी और मरीज की जान”

उच्च जोखिम वाली न्यूरोसर्जरी ने बचाई मरीज की दृष्टि और जीवन

31 वर्षीय युवक के मस्तिष्क में दुर्घटना के दौरान लोहे का खीला सिर के पिछले हिस्से से कपाल को भेदते हुए अंदर तक पहुंच गया था। चोट के दो दिन बाद जब मरीज दृष्टि संबंधी परेशानी लेकर अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना पहुंचा, तब जांच में एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति सामने आई।

CT Scan में पाया गया कि खीला मस्तिष्क के उस अत्यंत संवेदनशील हिस्से में फंसा हुआ था, जहां दृष्टि नियंत्रित करने वाले केंद्र और महत्वपूर्ण रक्त वाहिनियां मौजूद होती हैं। थोड़ी सी चूक भी गंभीर ब्रेन हेमरेज, स्थायी दृष्टिहानि या जान के लिए खतरा बन सकती थी।

👨‍⚕️ न्यूरोसर्जन डॉ. वैभव धवली एवं विशेषज्ञ ट्रॉमा टीम ने तत्काल जटिल आपातकालीन सर्जरी कर खीले को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला।

सफलता के परिणाम

✅ मरीज की दृष्टि पूरी तरह सुरक्षित रही

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*मोहला–महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सड़क पर भटकते बच्चों के पुनर्वास के लिए चला विशेष अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी गई जानकारी*

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मनीष कौशिक

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी– बालकों के संरक्षण एवं उनके स्थायी पुनर्वास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। *बाल सक्षम नीति-2022* के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत विकासखंड अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।माननीय जिला कलेक्टर के नेतृत्व, जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेश तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में टीम द्वारा बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय, होटल, रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर, कपड़ा दुकान, किराना दुकान एवं बाजार क्षेत्रों का भ्रमण कर आम नागरिकों और व्यापारियों को सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों की पहचान एवं संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई।अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि यदि कोई बालक या बालिका सड़क पर भटकते, भीख मांगते, असुरक्षित परिस्थितियों में रहते अथवा संरक्षण की आवश्यकता वाली स्थिति में दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तत्काल **चाइल्ड हेल्पलाइन 1098** पर दी जाए। इसके साथ ही विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चाइल्ड हेल्पलाइन से संबंधित पाम्पलेट एवं स्टीकर भी लगाए गए ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके।अभियान के संबंध में संबंधित थाना प्रभारियों से भी चर्चा कर उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान की गई तथा बाल संरक्षण के मामलों में समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की गई।जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जरूरतमंद, बेसहारा अथवा संकटग्रस्त बच्चे की जानकारी छिपाने के बजाय तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि ऐसे बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।

*”हर बच्चे का बचपन सुरक्षित हो, यही इस अभियान का उद्देश्य है।”*

अबुझमाड़ में विकास की नई दस्तक: मंत्री केदार कश्यप ने किया आधुनिक थाना भवन का लोकार्पण

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अबुझमाड़ में विकास और विश्वास का नया अध्याय: कोहकामेटा के नवीन थाना भवन का लोकार्पण

अबुझमाड़ क्षेत्र में विकास, सुशासन और जनविश्वास को नई मजबूती प्रदान करते हुए माननीय मंत्री श्री केदार कश्यप ने नवीन थाना कोहकामेटा भवन का लोकार्पण किया। यह अवसर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रशासनिक पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।

वर्ष 1980 में एक पुलिस चौकी के रूप में शुरू हुई कोहकामेटा की यह यात्रा आज आधुनिक सुविधाओं से युक्त थाना भवन के रूप में नई पहचान प्राप्त कर रही है। नवीन भवन न केवल पुलिस अधोसंरचना के विस्तार का प्रतीक है, बल्कि अबुझमाड़ में बढ़ते विकास, सुशासन और जनसहभागिता का भी सशक्त उदाहरण है।

इस अवसर पर कहा गया कि सरकार का उद्देश्य दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक प्रशासन की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना तथा नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है। आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं से सुसज्जित यह थाना भवन कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आमजन को सहज, पारदर्शी एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अबुझमाड़ क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्यों से लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। नवीन थाना भवन का लोकार्पण इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

आज का अबुझमाड़ परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। विकास और विश्वास के मजबूत आधार पर यह क्षेत्र तेजी से मुख्यधारा से जुड़ते हुए नई संभावनाओं और अवसरों की ओर अग्रसर है।

“अबुझमाड़ बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है और विकास की नई इबारत लिख रहा है।”

विधायक सावित्री मनोज मंडावी की पहल रंग लाई: दुर्गूकोदल तहसील व सहकारी बैंक में लगा वाटर कूलर, ग्रामीणों-किसानों को मिली राहत।

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*विधायक सावित्री मनोज मंडावी की पहल रंग लाई: दुर्गूकोदल तहसील व सहकारी बैंक में लगा वाटर कूलर, ग्रामीणों-किसानों को मिली राहत*

 

*ग्रामीणों की समस्या पर विधायक की तत्परता, दुर्गूकोदल में वाटर कूलर की हुई व्यवस्था*

 

*निरीक्षण के दौरान उठी मांग, विधायक के प्रयास से तहसील व बैंक में मिला शीतल पेयजल*

 

*सावित्री मंडावी की पहल पर श्री बजरंग आयरन ओर माइंस ने लगाया वाटर कूलर*

 

दुर्गूकोदल, 3 जून 2026।

भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी की सक्रिय पहल से दुर्गूकोदल तहसील कार्यालय एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिसर में शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विधायक के प्रयासों से आज 3 जून 2026 को दोनों कार्यालयों में वाटर कूलर स्थापित किए गए, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

गौरतलब है कि विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने 29 मई 2026 को दुर्गूकोदल प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपस्थित ग्रामीणों, किसानों तथा आम नागरिकों से भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान किसानों एवं क्षेत्रवासियों ने खाद-बीज की उपलब्धता तथा भीषण गर्मी के बीच शीतल पेयजल की समस्या से विधायक को अवगत कराया।

समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक श्रीमती मंडावी ने तत्काल हाहालददी, दुर्गूकोदल में संचालित श्री बजरंग आयरन ओर माइंस के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री सुरेश अग्रवाल से दूरभाष पर चर्चा की और तहसील कार्यालय एवं जिला सहकारी बैंक परिसर में वाटर कूलर स्थापित करने का अनुरोध किया। विधायक की मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए कंपनी प्रबंधन ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अल्प समय में दोनों स्थानों पर वाटर कूलर उपलब्ध करा दिए।

आज वाटर कूलर स्थापना के बाद तहसील कार्यालय और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक आने वाले किसानों एवं ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए विधायक सावित्री मनोज मंडावी के प्रति आभार जताया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कहा कि गर्मी के मौसम में शीतल पेयजल की व्यवस्था से आम नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी।

क्षेत्रवासियों ने विधायक की जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल से आम जनता की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं का भी समय पर समाधान हो रहा है। विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुविधा और समस्याओं के निराकरण के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध हैं तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाता रहेगा।

महासमुंद आबकारी विभाग की धर पकड़..उड़ीसा की शराब पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार, 37 लीटर से अधिक शराब जब्त.

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहारा और पिथौरा क्षेत्र में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई में उड़ीसा राज्य की शराब के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, बागबहारा क्षेत्र के खेमड़ा में आबकारी टीम ने दबिश देकर आरोपी संतोष कुमार और रंजन कुमार को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से उड़ीसा निर्मित 04 नग मैकडोवेल पाव, 04 नग रॉयल स्टैग पाव, 02 बीयर, 01 कैन बीयर तथा 154 नग हिरण छाप पाउच बरामद किए गए। जब्त शराब की कुल मात्रा 30.8 लीटर बताई गई है।

वहीं दूसरी कार्रवाई में पिथौरा क्षेत्र के सोहागपुर निवासी अशोक ठाकुर के कब्जे से उड़ीसा निर्मित 32 नग शराब पाउच बरामद किए गए, जिसकी कुल मात्रा 6.4 लीटर है।

आबकारी विभाग ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 59(क) एवं 36 के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर की गई। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी अजय पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और अवैध शराब जब्त की।

आबकारी विभाग की ओर से जिला आबकारी अधिकारी अजय पांडेय ने स्पष्ट किया है कि उड़ीसा प्रांत से लाई जा रही अवैध शराब, महुआ शराब तथा अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा..

 

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, जिले का बढ़ाया मान..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, शिक्षा और एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला सम्मान

महासमुंद। जिले के लिए गौरव का विषय है कि शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के छात्र एवं 27 सीजी बटालियन एनसीसी के जूनियर अंडर ऑफिसर (जेयूओ) नवैद्य कुमार बोयर को शिक्षा एवं एनसीसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिष्ठित “शिक्षा पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

नवैद्य कुमार बोयर ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया है। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण को देखते हुए राज्य स्तर पर यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

नवैद्य ने एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शिविरों और सामाजिक जागरूकता गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे महाविद्यालय और एनसीसी इकाई के प्रतिभाशाली एवं अनुशासित कैडेटों में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार, एनसीसी अधिकारी, साथी कैडेटों तथा पूरे महासमुंद जिले में खुशी का माहौल है।

महाविद्यालय प्रबंधन एवं एनसीसी अधिकारियों ने नवैद्य को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नवैद्य भविष्य में भी शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

नवैद्य के पिता मिथिलेश कुमार बोयर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके पुत्र की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी समाजजनो, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, एनसीसी अधिकारियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

इस मौके पर नवैद्य कुमार बोयर का कहना है की

“यह सम्मान मेरे लिए बेहद गर्व और प्रेरणा का विषय है। मैं इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, एनसीसी अधिकारियों समाजजनो और साथियों को देना चाहता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। यह पुरस्कार मुझे भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा शिक्षा एवं राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।”

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, जिले का बढ़ाया मान..एनसीसी कैडेट नवैद्य कुमार बोयर राज्य स्तरीय शिक्षा पुरस्कार से होंगे सम्मानित..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, शिक्षा और एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला सम्मान

महासमुंद। जिले के लिए गौरव का विषय है कि शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के छात्र एवं 27 सीजी बटालियन एनसीसी के जूनियर अंडर ऑफिसर (जेयूओ) नवैद्य कुमार बोयर को शिक्षा एवं एनसीसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिष्ठित “शिक्षा पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

नवैद्य कुमार बोयर ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया है। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण को देखते हुए राज्य स्तर पर यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

नवैद्य ने एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शिविरों और सामाजिक जागरूकता गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे महाविद्यालय और एनसीसी इकाई के प्रतिभाशाली एवं अनुशासित कैडेटों में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार, एनसीसी अधिकारी, साथी कैडेटों तथा पूरे महासमुंद जिले में खुशी का माहौल है।

महाविद्यालय प्रबंधन एवं एनसीसी अधिकारियों ने नवैद्य को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नवैद्य भविष्य में भी शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

नवैद्य के पिता मिथिलेश कुमार बोयर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके पुत्र की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी समाजजनो, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, एनसीसी अधिकारियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

इस मौके पर नवैद्य कुमार बोयर का कहना है की

“यह सम्मान मेरे लिए बेहद गर्व और प्रेरणा का विषय है। मैं इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, एनसीसी अधिकारियों समाजजनो और साथियों को देना चाहता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। यह पुरस्कार मुझे भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा शिक्षा एवं राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।”

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, जिले का बढ़ाया मान..एनसीसी कैडेट नवैद्य कुमार बोयर राज्य स्तरीय शिक्षा पुरस्कार से होंगे सम्मानित..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, शिक्षा और एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला सम्मान

महासमुंद। जिले के लिए गौरव का विषय है कि शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के छात्र एवं 27 सीजी बटालियन एनसीसी के जूनियर अंडर ऑफिसर (जेयूओ) नवैद्य कुमार बोयर को शिक्षा एवं एनसीसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिष्ठित “शिक्षा पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

नवैद्य कुमार बोयर ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया है। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण को देखते हुए राज्य स्तर पर यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

नवैद्य ने एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शिविरों और सामाजिक जागरूकता गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे महाविद्यालय और एनसीसी इकाई के प्रतिभाशाली एवं अनुशासित कैडेटों में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार, एनसीसी अधिकारी, साथी कैडेटों तथा पूरे महासमुंद जिले में खुशी का माहौल है।

महाविद्यालय प्रबंधन एवं एनसीसी अधिकारियों ने नवैद्य को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नवैद्य भविष्य में भी शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

नवैद्य के पिता मिथिलेश कुमार बोयर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके पुत्र की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी समाजजनो, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, एनसीसी अधिकारियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

इस मौके पर नवैद्य कुमार बोयर का कहना है की

“यह सम्मान मेरे लिए बेहद गर्व और प्रेरणा का विषय है। मैं इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, एनसीसी अधिकारियों समाजजनो और साथियों को देना चाहता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। यह पुरस्कार मुझे भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा शिक्षा एवं राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।”

प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों के शोषण का आरोप, उचित भुगतान की मांग तेज।जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सिरों कोमरे ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग।

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प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों के शोषण का आरोप, उचित भुगतान की मांग तेज।जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सिरों कोमरे ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग।

 

दुर्गूकोंदल।

क्षेत्र में चल रहे प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों और वाहन चालकों को पर्याप्त भुगतान नहीं मिलने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सिरों कोमरे ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर परिवहन दरों की समीक्षा करने तथा वास्तविक लागत के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

सिरों कोमरे ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में लगे स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को मात्र 500 मीटर दूरी तक सामग्री परिवहन के लिए 130 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जो वर्तमान परिस्थितियों में बेहद कम और अव्यावहारिक है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई, डीजल-पेट्रोल की कीमतों, वाहनों के रखरखाव खर्च तथा श्रमिकों की मजदूरी को देखते हुए यह दर किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं कही जा सकती। उनका कहना है कि स्थानीय वाहन मालिक निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत और संसाधनों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक प्राप्त हो। यदि परिवहन दरें वास्तविक लागत से काफी कम रहेंगी तो इसका सीधा असर स्थानीय वाहन मालिकों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। सिरों कोमरे ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन दरों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और सभी वाहन मालिकों को उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

 

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रभावित ट्रैक्टर मालिकों, वाहन चालकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाना है।

 

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित पक्ष ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को निर्धारित कार्य के अनुरूप उचित भुगतान नहीं मिल रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार की मंशा केवल आधारभूत संरचना का विकास करना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर और उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना भी है।

 

उन्होंने कहा कि मामले की वस्तुस्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से जानकारी प्राप्त की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी तथा नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप उचित दर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थानीय वाहन मालिक के साथ अन्याय न हो।

 

क्षेत्र के ट्रैक्टर मालिकों और ग्रामीणों को अब प्रशासन की पहल का इंतजार है। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान किया जाता है तो न केवल निर्माण कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा और उन्हें उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सकेगा।

सुकड़ीगुहान में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़, ग्रामीणों को मिल रहा शुद्ध पेयजल।सोलर जलप्रदाय योजना, बोरवेल, आईआरपी एवं स्टॉपडेम निर्माण से बढ़ी सुविधा.. आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

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सुकड़ीगुहान में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़, ग्रामीणों को मिल रहा शुद्ध पेयजल।सोलर जलप्रदाय योजना, बोरवेल, आईआरपी एवं स्टॉपडेम निर्माण से बढ़ी सुविधा.. आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

बालोद।

विकासखंड डौंडी अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में ग्रामीणों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन एवं पंचायत द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है। लगभग 70 परिवारों एवं 250 की आबादी वाले इस गांव में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

जनपद पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में सोलर पैनल आधारित पेयजल प्रणाली संचालित है, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा एक बड़ी सिंटेक्स टंकी तथा एक आईआरपी (आयरन रिमूवल प्लांट) भी क्रियाशील है। पंचायत द्वारा अतिरिक्त व्यवस्था के रूप में दो अन्य बोरवेल में मोटर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे पानी की उपलब्धता और बेहतर हुई है।

हाल ही में अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में गांव में पर्याप्त पेयजल स्रोत उपलब्ध पाए गए। निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा नलों में नई टोंटियां (टैप) लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई, जिससे पानी की बर्बादी को रोका जा सके।

ग्रामीणों की निस्तारी एवं दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा एक नए स्टॉपडेम का निर्माण भी कराया जा रहा है। निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में जल उपलब्धता और मजबूत होगी।

ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कौशिल्या बाई ठाकुर ग्रामीणों के साथ लगातार संपर्क में रहकर पेयजल व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। वहीं किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सिंघोला मुख्यालय में एक पानी का टैंकर भी आरक्षित रखा गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुकड़ीगुहान भेजा जा सकता है।

प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से गांव में पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

✍️ आर. एल. कुलदीप मो. 6267855263 / 9479083919 📧 kuldeeprama80@gmail.com

 

मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता और बचाव की सीएमएचओ ने की अपील।आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

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मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता और बचाव की सीएमएचओ ने की अपील।आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

उत्तर बस्तर कांकेर, 03 जून 2026 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने जिले के नागरिकों से आगामी मानसून में मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता एवं बचाव की अपील करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में उल्टी दस्त, मलेरिया, पीलिया, व अन्य संक्रामक रोग होने का अंदेशा बना रहता है, जिससे पूर्व में उचित रोकथाम के लिए प्रबंध नहीं होने पर जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि दस्त में बार-बार शौच जाना पड़ता है या मल ढीला व तरल होता है, दस्त ज्यादातर 02 से 03 दिन तक या इससे अधिक समय तक रहता है, तो यह अन्य समस्याओं की निशानी हो सकती है। यदि दस्त 03 दिन में ठीक नहीं होता है या आपकी तबियत और खराब हो जाती हैं तो प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द से निःशुल्क परामर्श लिया जावे या निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जरूरी सलाह लिया जाए। उन्होंने बताया कि संक्रमण जैसे वायरस बैक्टिरिया, दूषित भोजन, जल एवं अस्वच्छता, अधपके भोजन के सेवन, आंत की बीमारियां इत्यादि इसका मुख्य कारण है ।

बचाव के उपाय

खाने-पीने की वस्तुओं और पानी को ढंककर रखें।

बासी भोजन, सड़े गले फलांे का सेवन न करें व हमेशा ताजा भोजन करें।

दस्त होने पर ओ.आर.एस. (जीवन रक्षक घोल) बनाकर थोड़ी-थोड़ी देर में पीते रहे।

पानी को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर ही पीने के लिए उपयोग में लायें।

भोजन से पूर्व और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोयंे।

प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द से निःशुल्क परामर्श लिया जावे या निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जरूरी सलाह लिया जावें । दस्त होने ही तुरन्त घरेलू उपचार आरंभ करें:-नारियल का पानी, नमकीन लस्सी, नींबू की शिकंजी, चावल का मांड, हल्की चाय, दाल का पानी आदि शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते है, इनका सेवन लगातार करते रहना चाहिए।

 

स्टेट हाईवे पर जाम – 68 गांवों का आक्रोश, कोयलीबेड़ा से ट्रैक्टरों में अंतागढ़ पहुंचे, चारों तरफ से किया चक्काजाम,,,,,,,, कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

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स्टेट हाईवे पर जाम – 68 गांवों का आक्रोश, कोयलीबेड़ा से ट्रैक्टरों में अंतागढ़ पहुंचे, चारों तरफ से किया चक्काजाम,,,,,,,, कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

कोयलीबेड़ा /

विकासखंड मुख्यालय के सरकारी दफ्तरों को वापस लाने 8 दिनों से चल रहा आंदोलन को नजरअंदाज करने से गुस्साए ग्रामीण कोयलीबेड़ा से 25 _ 30 किमी दूर – अंतागढ़ पहुंच गए। सभी मार्गों में चक्काजाम कर दिया। अंतागढ़ को चारों ओर से सील कर दिया। स्टेट हाइवे समेत सभी रास्ते बंद होने से नगरवासियों की दिक्कतें बढ़ गईं। किसी भी वाहन को गुजरने नहीं दिया जा रहा है। 5 आंदोलनकारियों का कहना है, यह प्रदर्शन अनिश्चितकालीन है। जब तक मांग पूरी नहीं होती, चक्काजाम जारी रहेगा।

कोयलीबेड़ा के 18 ग्राम पंचायतों के 68 गांव के ग्रामीण 26 मई से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन व मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बार-बार ध्यानाकर्षण के बाद भी जब ध्यान नहीं दिया गया, तो मंगलवार सुबह 9 बजे सभी ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर अंतागढ़ पहुंचे। छोटे बच्चों के साथ महिलाएं, पुरुष, युवक-युवतियां बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। गांव के बुजुर्गों को गांव कोयलीबेड़ा में ही छोड़ दिया गया। उद्वेलित ग्रामीणों ने पहले नगर के दो मुख्य मार्गों पर चक्काजाम किया। अंतागढ़-नारायणपुर स्टेट हाईवे पर कुहचे मोड़ में बैठे। अंतागढ़-भानुप्रतापपुर मार्ग पर इमलीपदर मोड़ में भी बैठ गए। इसके बाद अंतागढ़-आमाबेड़ा व अन्य सभी छोटे-बड़े गांवों की ओर जाने वाले मागों में भी चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर यात्री बसों, ट्रकों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। शाम 5 बजे तक कुहचे मोड़ स्थित प्रदर्शन स्थल पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी चर्चा करने नहीं पहुंचा। आंदोलनरत ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा, इस बार किसी भी तरह के आश्वासन को मानने तैयार नहीं हैं। शाम 5 बजे तक प्रदर्शन स्थल पर कोई भी अधिकारी चर्चा करने नहीं पहुंचा कांकेर। अंतागढ़ के कुहचे मोड़ में सड़क पर टेंट लगाकर चक्काजाम करते ग्रामीण। प्रदर्शनकारियों ने चार दिन पहले दफ्तरों में लगाए थे ताले चार दिन पहले,

*29 मई को प्रदर्शनकारियों ने* कोयलीबेड़ा में जनपद पंचायत कार्यालय, बीईओ व कृषि कार्यालय में घुसकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी दफ्तरों में बाहर से ताला जड़ दिया। इस दौरान कर्मचारी व अफसर अंदर थे। काफी समझाइश के बाद भी नहीं माने। बातचीत भी विफल रही। प्रशासन को चाबी मिलने के बाद ताला खोला गया। अंदर बंद कर्मचारियों व अधिकारियों को बाहर निकाला गया। सड़क पर उतरने प्रशासन ने मजबूर किया आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सहदेव उसेंडी, बसंत ध्रुव, स्त्तीराम दुग्गा, मोहन हुपेंडी, पीलू उसेंडी, समलू उसेंडी, कमलूराम मंडावी, दिनेश आंचला ने कहा,

कोयलीबेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है। यहां का विकासखंड मुख्यालय भी पखांजूर में लगाया जा रहा है। कोयलीबेड़ा पिछड़ गया है। अपनी मांग को लेकर वे शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे। प्रशासन को जगाने के लिए हर संभव प्रयास किया। हमारे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को नजरअंदाज कर दिया गया। हमें मजबूरीवश यह कदम उठाना पड़ा। अब यह आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं। प्रशासन का जिम्मेदार अधिकारी आए। हमसे चर्चा करे। सांसद के खिलाफ लगाए नारे-नींबू काटना बंद करो आंदोलन के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर जमकर फूटा। ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद व विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद नेता क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को भूल चुके हैं। नींबू काटना बंद करो जैसे स्थानीय,,,,,,

 

✍️हर खबर पर नजर

आर एल कुलदीप

6267855263/9479083919

हर खबर पर नजर डौंडी-बालोद 49.70 लाख का स्टॉपडेम 2 साल से अधूरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल।

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हर खबर पर नजर

डौंडी-बालोद 49.70 लाख का स्टॉपडेम 2 साल से अधूरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल

नाला की रेत, 8MM सरिया और 10 लाख से अधिक भुगतान का मामला, ग्रामीणों ने मांगी जांच

डौंडी। आदिवासी विकासखंड डौंडी के वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत सिंगोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में जल संरक्षण के लिए स्वीकृत 49 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बन रहा स्टॉपडेम कम रपटा निर्माण कार्य दो वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। मनरेगा एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के कन्वर्जेन्स से संचालित इस निर्माण कार्य की प्रगति बेहद धीमी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। उपलब्ध निर्माण स्थल में केवल दीवारें खड़ी दिखाई दे रही हैं, जबकि पूरा ढांचा अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।

गुणवत्ता पर गंभीर आरोप

ग्रामीण जागेश्वर ठाकुर, तुलाराम मडावी, अमित नेताम सहित अन्य लोगों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। उनके अनुसार दीवार निर्माण में 8 एमएम सरिया का उपयोग किया गया है तथा सरियों के बीच कहीं 1 फीट तो कहीं डेढ़ फीट तक की दूरी रखी गई है। साथ ही कंक्रीट मिश्रण के लिए नाले की रेत का उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पहली ही बारिश में संरचना को नुकसान पहुंच सकता है। उनका आरोप है कि सामग्री के उपयोग में मनमानी की जा रही है और निर्माण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।

भुगतान का खेल भी सवालों के घेरे में

आरईएस बालोद के कार्यपालन अभियंता जी. मार्कण्डेय के अनुसार जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से मनरेगा और आरईएस के 50-50 प्रतिशत कन्वर्जेन्स से यह कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण कार्य में विलंब हुआ है।

वहीं एसडीओ जेपी चंद्राकर ने बताया कि यह चेकडेम कम रपटा है तथा दीवार निर्माण के बाद स्लैब ढलाई की जानी है।

जानकारी के अनुसार अब तक सामग्री आपूर्तिकर्ता एजेंसी को लगभग 6 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है तथा 4 लाख रुपये का अतिरिक्त बिल लंबित है। वहीं मनरेगा मद से मजदूरी के नाम पर 4 लाख 11 हजार रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।

कलेक्टर से जांच की मांग

सरपंच श्रीमती कौशल्या ठाकुर सहित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी टीम द्वारा सरिया, सीमेंट और रेत की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए भुगतान की रिकवरी की जाए।

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हर खबर पर नजर

✍️ आर. एल. कुलदीप

मो. 6267855263 / 9479083919

*कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज*,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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*कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज*,,,

,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

*कोण्डापल्ली के स्कूल पहुंचे मुख्यमंत्री, नन्हे छात्र ने कहा— “बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा”*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/ कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में रहने वाला बीजापुर का सुदूर ग्राम कोण्डापल्ली अब विकास, शिक्षा और नई उम्मीदों की मिसाल बन रहा है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जब कोण्डापल्ली के प्राथमिक शाला पहुंचे तो वहां का दृश्य बदलते बस्तर की नई तस्वीर बयां कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने स्कूल का निरीक्षण कर बच्चों और शिक्षकों से आत्मीय बातचीत की। उन्हें बताया गया कि विद्यालय में वर्तमान में 56 छात्र अध्ययनरत हैं तथा 3 शिक्षक पदस्थ हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा, “स्कूल में यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब और पेन मिल रहा है न?” इस पर बच्चों ने मुस्कुराते हुए एक स्वर में कहा, “हां सर, सब मिल रहा है।”

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने एक छात्र से पूछा, “बड़े होकर क्या बनोगे?” नन्हे छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “डॉक्टर बनूंगा।” बच्चे का यह जवाब सुनकर मुख्यमंत्री ने उसकी पीठ थपथपाई और मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।

*बदलते बस्तर की नई तस्वीर*

कोण्डापल्ली जैसे गांव कभी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और संचार सुविधाओं का अभाव यहां के लोगों की बड़ी चुनौती थी। लेकिन आज हालात तेजी से बदल रहे हैं। गांव में स्कूल, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

*डर नहीं, सपनों का भविष्य गढ़ रहा है बस्तर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि बस्तर के अंतिम गांव तक विकास और शिक्षा की रोशनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपने ही विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नींव हैं।

कोण्डापल्ली के इस छोटे से स्कूल में मुख्यमंत्री और बच्चों के बीच हुई यह बातचीत केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि उस बदलते बस्तर की कहानी थी, जहां कभी बंदूकों की गूंज सुनाई देती थी और आज बच्चों के सपने, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की बातें सुनाई दे रही हैं।

कोण्डापल्ली का यह दृश्य स्पष्ट संदेश देता है— अब बस्तर भय से नहीं, शिक्षा, विकास और नई पीढ़ी के सपनों से पहचाना जाएगा।

कल 04 जून को रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, रायपुर एवं अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के संयुक्त तत्वावधान द्वारा आयोजित होगी गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण जांच परामर्श ओपीडी सेवाएं..।

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रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, रायपुर

एवं अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के संयुक्त तत्वावधान द्वारा आयोजित

गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण

जांच परामर्श ओपीडी सेवाएं

डॉ. संदीप सिंघल

MBBS, MD General Medicine,

DrNB Nephrology (MPUH Nadiad)

Consultant Nephrologist & Kidney Transplant Physician

04 जून 2026

दिन गुरुवार को बसना में ओपीडी सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

समय : सुबह 11 से 02 बजे तक

स्थान : अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, महासमुंद (छ.ग.)

क्या आप निम्नलिखित समस्याओं से पीड़ित हैं?

• चेहरे और पैरों में सूजन आना।

• बार-बार पेशाब आना विशेष कर रात में।

• कम उम्र में उच्च रक्त चाप होना।

• पेशाब कम मात्रा में आना।

• पैदल चलने पर सांस फूलना, जल्दी थक जाना।

• पेशाब करने में तकलीफ होना, बूंद-बूंद पेशाब उतरना।

• मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग से ग्रसित मरीजों में यह समस्या होना आम बात है।

स्मार्ट कार्ड / राशन कार्ड से

किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है

सभी बीमा (इंश्योरेंस) कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें :

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल

बसना, जिला- महासमुंद (छ.ग.)

📞 9303623130, 7773086100, 7770868473

* भीषण गर्मी का प्रकोप,बार बार बिजली गुल की समस्या व जियो मरो जियो नेटवर्क से त्रस्त जनता,भाजपा नेतृत्व केवल वाहवाही लूटने में मस्त व्यस्त- अशोक तलांडी *दीपक मरकाम की खबर,

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* भीषण गर्मी का प्रकोप,बार बार बिजली गुल की समस्या व जियो मरो जियो नेटवर्क से त्रस्त जनता,भाजपा नेतृत्व केवल वाहवाही लूटने में मस्त व्यस्त- अशोक तलांडी *दीपक मरकाम की खबर,

बीजापुर जिला, भोपाल पटनम दिनांक 02 जून 2026

बीजापुर : भाजपा के जनप्रतिनिधि ले रहे AC की ठंडी हवा और जियो मरो प्राइवेट लिमिटेड जियो व नामी गिरामी भारतीय दुर संचार विभाग बी एस एन एल नेटवर्क से जनता की तकलीफों व समस्या के समाधान के प्रति इन्हें कोई सरोकार नहीं जबकि यहां के नियमित उपभोक्ता हैं।

जियो,बी एस एन एल बिजली विभाग को जनता गरीबों का खून पसीने का पैसा लेना आता है समस्या का समाधान तो धूर भला जियो,बी,एस,एन.एल कम से कम जनता का तो ध्यान रखें ,

 

जब कभी भी जनता द्वारा तीनों संस्थानों के संदर्भ में शिकवा शिकायत दर्ज करने पर अधिकारी बिजली मेंटेनेंस या मोबाइल से तकनीकी खाराबी का हवाला देकर पल्ला झाड़ते है।

हम शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि  जनता का खून पसीने का पैसा को आप नियमित सेवा नहीं दे सकते ओर गरीब जनता से सेवा निरंतर महीने या छः महीने साल भर के पैसे रिचार्ज करा कर नहीं देना मानवीयता का शर्मसार कर रहे हो ।

आप को समझना होगा कि जब आप नियमित बिजली या मोबाइल सेवा का पैसा ले रहे हो तो नियमित सेवा दो या जब जब जनता के लिए आपके मोबाइल सेवाओं से वंचित किए उसका तथि बढ़ाओ या अगला रिचार्ज में जोड़कर संदेश भेजिए जैसे आप नेटवर्क नहीं रहने के स्थिति में भी आपका मोबाइल रिचार्ज जल्द खत्म हो रहा है,

 

आप पुनः नेटवर्क का आनंद लेने रिचार्ज करिए वहां तक ठीक है।

भोपाल पटनम क्षेत्र में नेटवर्क का अता पता नहीं है कम से कम जियो,बी एस एन एल नेटवर्क वाले  जनता द्वारा बिजली बिल या मोबाइल नेटवर्क की अदायगी नहीं करने पर नोटिस पे नोटिस वाट्सएप या मोबाइल सन्देश पर सन्देश देते हैं ।

बिजली कटौती, के बावजूद व्यवस्था में कोई भी सुधार न होना विद्युत विभाग व सरकार की निष्क्रियता का प्रमाण

 

भोपाल पटनम। बीजापुर जिला के रुढ़ी जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष अशोक तलांडी ने भोपाल पटनम ब्लॉक में बार बार बिजली गुल की समस्या को लेकर विद्युत विभाग व भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा शहर में पड़ रही भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच चरमराई विद्युत व्यवस्था ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।

 

एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ अघोषित बिजली कटौती और बार-बार बिजली गुल ने नागरिकों को दोहरे संकट में डाल दिया है।

 

आज भोपाल पटनम का हर पंचायत हर गांव के ग्रामीणजन भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रही है रात-रात भर बिजली गायब रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का बुरा हाल है।

 

तलांडी ने कहा जनता की सुध लेने के बजाय भाजपा के जनप्रतिनिधि और नेतागण अपने AC कमरों में बैठकर ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं।

 

भाजपाइयों को धरातल पर तड़पती जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है।

 

सरकार के कुर्सी पर आसन जिम्मेदार लोग जमीनी समस्याओं का समाधान ढूंढने के बजाय सिर्फ झूठी वाहवाही लूटने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।

 

तलांडी ने कहा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा गया कि विद्युत विभाग द्वारा साल के बारह महीने ‘मेंटेनेंस’ के नाम पर घंटों बिजली कटौती की जाती है।

 

जनता इस उम्मीद में उस कटौती को सहती है कि शायद गर्मी के दिनों में उन्हें निर्बाध बिजली मिलेगी।

 

लेकिन जैसे ही गर्मी का सीजन आया, विभाग के सारे दावे और तैयारियां ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं।

 

साल भर मेंटेनेंस के नाम पर की गई कटौती के बावजूद आज व्यवस्था में रत्ती भर भी सुधार न होना, सीधे तौर पर विद्युत विभाग की घोर लापरवाही और राज्य की भाजपा सरकार की प्रशासनिक निष्क्रियता का जीता-जागता प्रमाण है।

 

बिजली की इस आंख-मिचौली के कारण न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, बल्कि छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों और रोज कमाने-खाने वालों का धंधा भी चौपट हो गया है।

 

अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान पर बन आई है।

 

लगातार हो रहे पावर कट से पानी की सप्लाई भी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है, जिससे शहर में जल संकट भी गहरा गया है।

 

 

तलांडी ने आगे कहा हमारी मांग है कि अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए।

जनता को इस भीषण गर्मी में चौबीस घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

*  डब्बे-जार में डीजल नहीं मिलने से किसान परेशान, ट्रैक्टर रस्सी से खींचकर पहुंचे एसडीएम कार्यालय* दीपक मरकाम की खबर,

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*  डब्बे-जार में डीजल नहीं मिलने से किसान परेशान, ट्रैक्टर रस्सी से खींचकर पहुंचे एसडीएम कार्यालय*

दीपक मरकाम की खबर,

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 02  जून 2026

बस्तर  : खेती-किसानी के महत्वपूर्ण सीजन में डीजल, खाद और बीज की किल्लत को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

नारायणपाल, आड़ावाल एवं आसपास के गांवों के किसान डीजल नहीं मिलने से आक्रोशित होकर ट्रैक्टर के साथ एसडीएम कार्यालय बस्तर पहुंच गए।

 

किसानों का कहना है कि पेट्रोल पंपों में डब्बे या जार में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे खेतों में काम प्रभावित हो रहा है।

कई किसानों के ट्रैक्टर खेतों में खड़े हैं तो कहीं जनरेटर बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई और अन्य कृषि कार्य ठप हो गए हैं।

 

इसी बीच नारायणपाल क्षेत्र का एक मामला सामने आया, जहां खेत में काम करते समय ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो गया।

पेट्रोल पंप से डीजल नहीं मिलने पर ग्रामीणों को ट्रैक्टर को रस्सी से बांधकर करीब 5 किलोमीटर तक खींचते हुए एसडीएम कार्यालय तक लाना पड़ा।

 

इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल, खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की।

किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

*जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी*,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी*,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। जनचौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।

यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी।

मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

*बंदूक से रोजगार तक का सफर*

मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया।

उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया।

लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

*पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार*

बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया।

राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।

इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।

*अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है*

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।

उन्होंने कहा कि कभी उन्होंने नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।

*बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

कोण्डापल्ली की उस छोटी-सी दुकान पर कुछ मिनटों का यह संवाद सुशासन तिहार का सबसे भावनात्मक पल बन गया। यह दृश्य बता रहा था कि बस्तर अब भय और हिंसा की नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और नई उम्मीदों की धरती बन रहा है।

मासा तामो और जयमोती आज उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो अंधेरे से निकलकर उजाले की राह चुनना चाहते हैं। उनकी कहानी संदेश देती है कि वापसी का रास्ता हमेशा खुला होता है और एक नया जीवन हमेशा संभव होता है।

*मोहला–खाकी का हरित संकल्प: अपराधियों में सख्ती, पौधों के प्रति ममता,थाना प्रभारी संजय कुमार यादव की अनूठी पहचान*

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मनीष कौशिक

मोहला–एक ओर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की चुनौती, दूसरी ओर प्रकृति के प्रति गहरा लगाव। इन दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए पुलिस निरीक्षक संजय कुमार यादव ने यह साबित कर दिया है कि जनसेवा केवल वर्दी तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उसका अहम हिस्सा है।जनवरी 2025 से मई 2026 तक थाना खड़गांव के प्रभारी रहते हुए निरीक्षक संजय कुमार यादव ने पुलिसिंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपना मिशन बना लिया। जिले में बरगद और पीपल जैसे जीवनदायी वृक्षों के पौधे उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने स्वयं दुर्ग की नर्सरी से लगभग 20 पौधे मंगवाए और राष्ट्रीय राजमार्ग-930 के किनारे, तालाबों के पार तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर उनका रोपण कराया।खास बात यह रही कि यह अभियान केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा। पौधों को जीवित रखने और सुरक्षित करने के लिए थाना स्टाफ की मदद से प्रत्येक पौधे के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार कराया गया। हर सप्ताह पौधों को पानी दिया गया, खाद डाली गई और उनकी नियमित निगरानी की गई। यही वजह है कि आज ये पौधे स्वस्थ होकर बढ़ रहे हैं और आने वाले वर्षों में विशाल वृक्ष बनकर क्षेत्र को छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेंगे।निरीक्षक यादव ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए। उन्होंने थाना स्टाफ, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और युवाओं को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया तथा उन्हें यह संदेश दिया कि “पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसकी देखभाल करना है।”अब थाना सीतागांव का प्रभार संभालने के बाद भी उनका यह हरित अभियान जारी रहेगा। वे यहां भी पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के कार्यों को नई गति देने की तैयारी में हैं।आज जब जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, तब एक पुलिस अधिकारी का पौधों को अपने बच्चों की तरह सहेजना और उनकी रक्षा के लिए लगातार प्रयास करना समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।

विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज को मिली ऐतिहासिक सौगात* *3-3 करोड़ के बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह भवन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा* राजमन नाग

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*विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज को मिली ऐतिहासिक सौगात*
*3-3 करोड़ के बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह भवन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा*
राजमन नाग
केशकाल:- केशकाल विधानसभा क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान विधायक नीलकंठ टेकाम की दो महत्वपूर्ण मांगों पर तत्काल सहमति प्रदान करते हुए केशकाल में सर्व आदिवासी समाज के लिए बहुउद्देश्यीय काम्प्लेक्स सह विश्राम गृह तथा विश्रामपुरी में गोंडवाना समाज के लिए 3 करोड़ रुपये की लागत से गोंडवाना भवन सह कॉम्प्लेक्स के निर्माण की घोषणा की। बताया जा रहा है कि यह मांग लंबे समय से क्षेत्र की जनता एवं आदिवासी समाज द्वारा उठाई जा रही थी, लेकिन अब तक इसे मूर्त रूप नहीं मिल पाया था। विधायक नीलकंठ टेकाम के लगातार प्रयासों और पहल के परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री ने मंच से ही दोनों भवनों की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है।
*जानिए क्या है बहुउद्देश्यीय मल्टीकाम्प्लेक्स-*
इस संबंध में विधायक नीलकंठ टेकाम ने बताया कि यह कोई सामान्य सामुदायिक भवन नहीं होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भवन के सबसे निचले तल में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं और समाज के लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके ऊपर के तल में आदिवासी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक प्रदर्शनी केंद्र तथा आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जहां विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी। भवन के तीसरे तल में विश्रामगृह एवं विशाल मीटिंग हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिसका उपयोग आदिवासी समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए कर सकेंगे। विधायक टेकाम ने कहा कि इन भवनों का उद्देश्य केवल समाज विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सर्वसमाज के उपयोग के लिए तैयार किए जाने वाले आधुनिक सामाजिक केंद्र होंगे।
*भाजपा जिलाध्यक्ष व मंडल अध्यक्षों ने भी जताया आभार-*
बता दें कि इन दोनों भवनों के लिए विधायक नीलकंठ टेकाम के साथ साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सेवकराम नेताम एवं सभी 6 मंडल अध्यक्षों ने भी सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। जिसमें केशकाल- लंबोधर सलाम, विश्रामपुरी- मनाराम मरकाम, बडेराजपुर- लालाराम मरकाम, बड़ेडोंगर- महेंद्र सलाम, फरसगांव- धनराज पांडे, धनोरा- संतोष सिन्हा शामिल हैं।
*विधायक टेकाम ने समाज की ओर से जताया आभार-*
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन भवनों के निर्माण से जहां आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का स्थायी केंद्र मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, विद्यार्थियों के लिए अध्ययन संसाधन और आम जनता के लिए सामाजिक गतिविधियों का एक बेहतर मंच उपलब्ध होगा। विधायक टेकाम ने मुख्यमंत्री के प्रति आदिवासी समाज की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का विशेष स्नेह और सहयोग केशकाल विधानसभा क्षेत्र को लगातार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी क्षेत्र को इसी प्रकार विकास कार्यों की नई-नई सौगातें मिलती रहेंगी।

जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन नोडल अधिकारी नियुक्त,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

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जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन नोडल अधिकारी नियुक्त,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,, छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में आगामी मानसून 2026 में जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसमें जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनका मोबाईल नम्बर 7974547030, 7587291848 है। इसी तरह तहसील स्तर पर श्री पंचराम सलामें तहसीलदार बीजापुर मोबाईल नम्बर 9425558879, श्रीमती प्रियंका बंजारा तहसीलदार भैरमगढ़ संपर्क नम्बर 9406216885, श्री लक्ष्मण राठिया तहसीलदार भोपालपटनम संपर्क नम्बर 8871196750, श्री देवनंदन टंडन तहसीलदार उसूर संपर्क नम्बर 9131768799, श्री सूर्यकांत धरत प्रभारी तहसीलदार कुटरू संपर्क नम्बर 9479108608 एवं श्री भोज कुमार डहरिया तहसीलदार गंगालूर संपर्क नम्बर 6267323260 बाढ़ अथवा अन्य आपदा संबंधी किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

वयस्क एवं बाल्य रोग न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अर्पित अग्रवाल..अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे 04 जून रहेंगे उपलब्ध समय सुबह 10 बजे से..

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वयस्क एवं बाल्य रोग

न्यूरोलॉजिस्ट

डॉ. अर्पित अग्रवाल

• एम.बी.बी.एस एवं एम.डी. मेडिसिन, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी

• एम.डी., डी.एम. न्यूरोलॉजी एस (दिल्ली) गोल्ड मेडलिस्ट

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*दिवंगत पुत्र की स्मृति में ,भैरमगढ़ को मिली एम्बुलेंस की सौगात, जनसेवा का अनूठा संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,

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*दिवंगत पुत्र की स्मृति में ,भैरमगढ़ को मिली एम्बुलेंस की सौगात, जनसेवा का अनूठा संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,

बीजापुर भैरमगढ़ दिनांक 02 जून 2026

भैरमगढ़ : बीजापुर जिले के  भैरमगढ़ निवासी अजय सिंह ठाकुर ने अपने दिवंगत पुत्र दिशांत सिंह ठाकुर की स्मृति में उनके 02 जून जन्मदिवस के अवसर पर जनसेवा का सराहनीय कार्य करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ को एक एम्बुलेंस भेंट की है।

इस अवसर पर अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि उनके पुत्र की स्मृतियों को समाज हित एवं जनकल्याण से जोड़ना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्वास्थ्य केंद्र को मिली इस एम्बुलेंस से क्षेत्र के ग्रामीणों एवं मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी सुविधा मिलेगी।

स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में यह एम्बुलेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पुत्र की जन्मदिन की अवसर पर अस्पताल के मरीजों को फल फुल भेंट किया गया।

 

 

“बस्तर में धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल: क्या संविधान का अनुच्छेद 25 केवल कागज़ों तक सीमित?”

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बस्तर में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता पर गंभीर प्रश्न:

आज दिनांक 31 मई 2026, ग्राम सदरापाल, ग्राम पंचायत पालेम, थाना तोंगपाल, जिला सुकमा से प्राप्त अत्यंत चिंताजनक घटना ने पूरे बस्तर को झकझोर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आदिवासी ग्रामीण घर में शांतिपूर्वक प्रार्थना कर रहे लोगों पर हिंसक हमला किया गया। यदि यह तथ्य सत्य हैं, तो यह केवल कुछ व्यक्तियों पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपनी अंतरात्मा की स्वतंत्रता तथा किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। यदि किसी व्यक्ति को केवल उसके धार्मिक विश्वास के कारण सामाजिक बहिष्कार, मारपीट, धमकी या हिंसा का सामना करना पड़ रहा है, तो यह संविधान, विधि के शासन और मानवाधिकारों की मूल भावना का खुला उल्लंघन है।

सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि आखिर बस्तर में ऐसी परिस्थितियाँ क्यों निर्मित की जा रही हैं जहाँ

– गांवों में भाईचारा टूट रहा है,

– परिवारों के बीच विभाजन बढ़ रहा है,

– और विकास के मूल मुद्दों को पीछे धकेलकर धार्मिक तनाव को हवा दी जा रही है?

बस्तर आज जिन वास्तविक चुनौतियों से जूझ रहा है, वे हैं —

जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा, खनिज संपदा पर स्थानीय अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, संचार, युवाओं के अवसर और आदिवासी स्वाभिमान की रक्षा।

यह अत्यंत चिंता का विषय है कि इन मूलभूत प्रश्नों पर गंभीर जनसंवाद और संघर्ष के बजाय कुछ शक्तियाँ गांव-गांव तक पहुँचकर धर्म और पहचान के नाम पर विभाजन की रेखाएँ खींच रही हैं।

प्रश्न यह उठता है कि:

जब बस्तर के संसाधनों की रक्षा की बात होती है तो ये संगठन मौन क्यों हो जाते हैं?

जब शिक्षा और स्वास्थ्य की दुर्दशा पर आवाज़ उठानी होती है तो ये सक्रिय क्यों नहीं दिखते?

क्यों केवल धर्म आधारित ध्रुवीकरण को ही सामाजिक जागरण का नाम दिया जा रहा है?

यह बस्तर की परंपरा नहीं है।

बस्तर की पहचान सदियों से सह-अस्तित्व, विविधता, सहिष्णुता और सामुदायिक सौहार्द रही है।

देश की आज़ादी से लेकर लंबे समय तक बस्तर ने अनेक चुनौतियाँ देखीं, लेकिन आज जिस प्रकार धार्मिक आधार पर सामाजिक तनाव और भय का वातावरण निर्मित हो रहा है, वह अत्यंत खतरनाक संकेत है।

हम छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से स्पष्ट प्रश्न पूछते हैं:

1. क्या बस्तर में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं?

2. क्या अनुच्छेद 25 ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू है?

3. ऐसे मामलों में त्वरित निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं होती?

4. पर्दे के पीछे कार्यरत उन तत्वों की पहचान कब होगी जो समाज को बाँटने का कार्य कर रहे हैं?

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की मांगें:

1. घटना की न्यायिक/स्वतंत्र जांच

2. दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी

3. पीड़ितों की सुरक्षा और उपचार

4. धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी का कड़ाई से पालन

5. बस्तर में सामाजिक सौहार्द हेतु सर्वधर्म शांति संवाद

हम स्पष्ट कहना चाहते हैं —

बस्तर को नक्सलवाद से धर्मवाद की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बस्तर को चाहिए

विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और संवैधानिक न्याय;

न कि भय, विभाजन और नफरत।

आज आवश्यकता है कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, प्रशासन और जागरूक नागरिक वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर शांति, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएँ।

बस्तर का भविष्य धार्मिक संघर्ष नहीं, संवैधानिक सह-अस्तित्व में है।

जारीकर्ता:

नवनीत चाँद

मुख्य संयोजक — बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा

बस्तर संभाग अध्यक्ष — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)

* राष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप के लिए बस्तर के खिलाड़ी देहरादून रवाना*दीपक मरकाम की खबर,

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* राष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप के लिए बस्तर के खिलाड़ी देहरादून रवाना*दीपक मरकाम की खबर,

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 02 जून 2026

 

जगदलपुर: उत्तराखंड के देहरादून में 3 से 7 जून 2026 तक आयोजित होने वाली 5 वीं KIO नेशनल सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराते चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए बस्तर जिले के खिलाड़ी छत्तीसगढ़ कराते दल के साथ रवाना हो गए हैं।

 

इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बस्तर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बालिका वर्ग में कु. अनमोल गौतम ,कु. जे. अभिन्याश्री, जबकि बालक वर्ग में शिवेश सिंह, जे. नवीन कृष्णा, परीक्षित मतवाल, नक्ष देवांगन , अभ्युदय देव शामिल हैं।

 

खिलाड़ियों के साथ श्रीमती निशा गौतम , गुरप्रीत कौर सैनी भी देहरादून के लिए रवाना हुई हैं।

खिलाड़ियों का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार मेहनत का परिणाम माना जा रहा है, जिससे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

 

रवाना होने से पहले बस्तर मार्शल आर्ट अकादमी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

अकादमी के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, सचिव भगत सोनी, संरक्षक गौतम कुंडू सहित अन्य पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

 

सभी ने विश्वास जताया कि बस्तर के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल करेंगे और छत्तीसगढ़ व बस्तर का नाम रोशन करेंगे।

*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु *”Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान* 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।

*”बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए”*
कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। *अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक* एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।

*क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ?*
1. *पहचान एवं रेस्क्यू:* सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
2. *पुनर्वास:* बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
3. *परिवार से मिलन:* संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
4. *संरक्षण:* बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।

*’चिन्हांकन की पंचशक्ति’ से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण*
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, “इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए *प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों* को ‘चिन्हांकन की पंचशक्ति’ के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।”

*जिला प्रशासन की अपील: एक कॉल बदल सकती है तकदीर*
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो *तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098* अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

*”हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही अभियान”* के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।