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*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष कार्यशाला संपन्न, सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना पर हुआ मंथन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष कार्यशाला संपन्न, सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना पर हुआ मंथन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक  09 मई 2026

बीजापुर _ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय बीजापुर के शारदा सिनेमा हाल में एक दिवसीय प्रमुख जन गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जिलेभर से सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवाओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया।

कार्यशाला में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सेवा कार्य एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय कणिराम जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र साधना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपरा और हिंदू दर्शन आज पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है तथा समाज के सामूहिक पुरुषार्थ से राष्ट्र चेतना निरंतर मजबूत हो रही है।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में आगे आएं तथा सेवा, संस्कार और संगठन की भावना को आत्मसात करें।

कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने सामाजिक विषयों, समरसता, ग्राम विकास, शिक्षा और संस्कार आधारित समाज निर्माण को लेकर अपने विचार भी साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान संघ के शताब्दी वर्ष में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा एवं जनजागरण अभियानों की जानकारी दी गई।

वक्ताओं ने कहा कि संघ केवल संगठन नहीं बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का एक सतत अभियान है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति गीत वंदे मातरम् एवं आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में संघ के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : जग्गूराम तेलामी*,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : जग्गूराम तेलामी*,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,, 09 मई। भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोटाईगुड़ा में ग्रामसभा द्वारा सामुदायिक उपयोग की भूमि संरक्षण संबंधी लिए गए निर्णय के बाद पंचायत सचिव एवं पटेल को तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने जारी बयान में कहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा को संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं पेसा कानून के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं। ग्रामसभा द्वारा पारित प्रस्ताव और सामुदायिक हित में लिए गए निर्णयों की अनदेखी करना आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

जग्गूराम तेलामी ने कहा कि ग्राम गोटाईगुड़ा की संबंधित भूमि को पूर्व से ही सामाजिक भवन, पारंपरिक कार्यक्रमों एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए ग्रामसभा द्वारा संरक्षित रखा गया है। ऐसे में ग्रामसभा की सहमति के बिना भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करना स्थानीय परंपराओं और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।
सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि ग्रामसभा द्वारा अपनी बात रखने और संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देने को “शासकीय कार्य में बाधा” बताकर नोटिस जारी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को अनुसूचित क्षेत्रों में कार्य करते समय स्थानीय समुदायों की भावनाओं एवं अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने मांग की है कि जारी नोटिस को तत्काल वापस लिया जाए तथा भविष्य में अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी भूमि आवंटन अथवा विकास कार्य से पूर्व ग्रामसभा की सहमति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो सर्व आदिवासी समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

*क्या है मामला?*

मामला भोपालपटनम के ग्राम गोटाईगुड़ा की भूमि खसरा नंबर 61/12 से 0.400 हेक्टेयर भूमि के आवंटन से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार जिला खेल अधिकारी द्वारा जिला एवं विकासखंड मुख्यालय में कार्यालय संचालन एवं विभागीय गतिविधियों के लिए उक्त भूमि आबंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र और ग्राम पंचायत प्रस्ताव मांगा गया था।
इस पर ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, पटेल और माटी पुजारी ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि संबंधित भूमि को पूर्व से ही आदिवासी सामाजिक भवन एवं शादी-विवाह जैसे सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए ग्रामसभा द्वारा संरक्षित किया गया है। इसके बाद आयोजित ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर भूमि आवंटन संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की गई।
तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा संविधान की पांचवीं अनुसूची तथा छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2022 के प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रशासनिक आदेश का विरोध किया गया, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। प्रशासन ने इसे शासकीय कार्य में बाधा मानते हुए संबंधित पंचायत पदाधिकारियों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जारी नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

जनजातीय हितों की बुलंद आवाज बनेंगी सावित्री मंडावी, राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद में मिली बड़ी जिम्मेदारी।

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जनजातीय हितों की बुलंद आवाज बनेंगी सावित्री मंडावी, राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद में मिली बड़ी जिम्मेदारी

भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद की सदस्य नियुक्त

आदिवासी समाज के विकास को मिलेगी नई दिशा : सावित्री मंडावी

 

कांग्रेस ने सावित्री मंडावी पर जताया भरोसा, जनजातीय परिषद में दी अहम जिम्मेदारी

 

दुर्गूकोदल 9 मई 2026 । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए गठित राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद में भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मंडावी को सदस्य नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी की लहर है तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने उन्हें बधाई दी है।

नियुक्ति के बाद विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह जनजातीय समाज की सेवा के लिए और अधिक प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी तथा आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के मार्गदर्शन में गठित यह परिषद दूरदर्शी सोच और आदिवासी हितों के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

विधायक मंडावी ने कहा कि राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद अनुसूचित क्षेत्रों एवं जनजातीय समाज के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए प्रभावी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परिषद के माध्यम से आदिवासी समाज की समस्याओं, जरूरतों और अधिकारों को सरकार एवं संगठन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह परिषद एक सशक्त मंच साबित होगी। साथ ही वन अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मुद्दों पर विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाएगा।

सावित्री मंडावी ने विश्वास जताया कि परिषद के गठन से जनजातीय समाज की आवाज को नई ताकत मिलेगी और समाज के हितों से जुड़े विषयों पर ठोस पहल की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी तथा क्षेत्र और समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।

अंत में उन्होंने “जय जोहार, जय आदिवासी” का संदेश देते हुए सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

✍️आर एल कुलदीप मो.

*नवपदस्थ कलेक्टर श्री विश्वदीप ने संभाली कमान*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*नवपदस्थ कलेक्टर श्री विश्वदीप ने संभाली कमान*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

 

*“शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे” — अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्य निष्पादन के निर्देश*

 

बीजापुर 09 मई 2026

बीजापुर: कलेक्टर श्री विश्वदीप ने पदभार ग्रहण करने के बाद शनिवार को इन्द्रावती सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक लेकर जिले के प्रशासनिक कार्यों, विभागीय योजनाओं तथा वर्तमान चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि बीजापुर जैसे चुनौतीपूर्ण जिले में कार्य कर रहे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बेहतर कार्य कर रहे हैं, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभाग पूरी तन्मयता और उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

 

*सुशासन तिहार शिविरों में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश*

 

बैठक में वर्तमान में संचालित सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक नागरिक लाभान्वित हो सकें। उन्होंने मौके पर ही अधिकाधिक प्रकरणों के निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

*“बस्तर मुन्ने” और “नियद नेल्लानार 2.0” की हुई समीक्षा*

 

 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने “बस्तर मुन्ने” एवं “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि शत-प्रतिशत सैचुरेशन प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने शिविरों के दौरान पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

*जनगणना 2026 और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस*

 

बैठक में जनगणना 2026 की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

बैठक में अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी, सभी अनुभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित

शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ।

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शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

कोलकाता

शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं की मौजूदगी में बांग्ला भाषा में शपथ ली

उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली

*इससे पहले सुबह शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट किया, “पश्चिम बंगाल के लिए यह सचमुच एक ऐतिहासिक सुबह है. ‘सिटी ऑफ़ जॉय’ में दूरदर्शी नेता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करना गर्व और हर्ष का क्षण है. आज, आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने।

 

✍️आर एल कुलदीप 6267855262/9479083919

*अमित शाह के जगदलपुर दौरे पर सर्व आदिवासी समाज रखेगा “नक्सल मुक्त बस्तर” के विकास का विजन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*अमित शाह के जगदलपुर दौरे पर सर्व आदिवासी समाज रखेगा “नक्सल मुक्त बस्तर” के विकास का विजन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक 09 मई 2026

*सुरक्षा के बाद अब समृद्धि, रोजगार, संस्कृति और ग्रामसभा आधारित विकास मॉडल पर केंद्र से होगी चर्चा*

 

बीजापुर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 19 मई को प्रस्तावित जगदलपुर प्रवास को लेकर बस्तर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल गृहमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर “नक्सल मुक्त बस्तर” के लिए संतुलित और समावेशी विकास मॉडल का प्रस्ताव रखेगा।

समाज का कहना है कि अब बस्तर को केवल सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि देश के सामने आदिवासी नेतृत्व वाले विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का समय आ गया है।

समाज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से बस्तर में नक्सल हिंसा में कमी आई है। ऐसे में अब सबसे बड़ी जरूरत विकास को गांवों तक पहुंचाने और उसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने की है। प्रतिनिधिमंडल गृहमंत्री के समक्ष यह मांग रखेगा कि विकास योजनाओं का स्वरूप बस्तर की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना और आदिवासी अस्मिता के अनुरूप हो।

समाज ने स्पष्ट किया है कि सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ गोटूल, पेन स्थल, आदिवासी बोली और परंपरागत वन अधिकारों का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। विकास की प्रक्रिया में बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखने की मांग की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति में स्थानीय रोजगार और आजीविका के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया है। समाज का कहना है कि लघु वनोपज, पर्यटन, काष्ठकला और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसी सांस्कृतिक धरोहरों को रोजगार से जोड़कर स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। बाहर से ठेकेदारों को लाने के बजाय स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल अंदरूनी और नक्सल प्रभावित गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाएगा। स्कूलों और अस्पतालों में स्थायी शिक्षक एवं डॉक्टरों की नियुक्ति तथा आदिवासी भाषाओं में शिक्षा व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा भूमि, जल और वन संसाधनों से जुड़ी विकास परियोजनाओं में ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य करने और पीवीटीजी समुदायों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की जाएगी।

प्रकाश ठाकुर ने कहा कि जगदलपुर में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बस्तर के बदलाव का प्रतीक बन सकती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की सफलता को अब विकास की ठोस नींव में बदलने की जरूरत है और यह विकास स्थानीय आदिवासी समाज की सहमति, भागीदारी और नेतृत्व में होना चाहिए।

*मददेड के श्री राम सीता मन्दिर में गूंजी शहनाइयां, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 40 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में, जन प्रति निधियों ने दिया आशीर्वाद*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर, भोपाल पटनम मद्देड़ से दीपक मरकाम की खबर*

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*मददेड के श्री राम सीता मन्दिर में गूंजी शहनाइयां, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 40 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में, जन प्रति निधियों ने दिया आशीर्वाद*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर, भोपाल पटनम मद्देड़ से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर,भोपाल पटनम,मद्देड़, दिनांक 09 मई 2026

 

बीजापुर,मद्देड़ बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत मद्देड़ में आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का भव्य आयोजन 8 मई को संपन्न हुआ।

 

इस गरिमामयी समारोह में सर्वधर्म सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ एक ही पंडाल  के नीचे 40 जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की।

विविध परंपराओं का संगम

परियोजना बीजापुर/भोपालपटनम के तत्वावधान में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 40 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।

 

आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें सामाजिक समरसता की झलक दिखी—

 

• 25 हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फेरे लिए।

 

• 11 आदिवासी जोड़ों ने अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह रचाया।

 

• 04 ईसाई जोड़ों ने पवित्र प्रार्थना के बीच एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया।

 

जन-प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस मांगलिक अवसर पर नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए क्षेत्र के प्रमुख जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष (बीजापुर) श्री पैरे पुलैय्या जी ने नव-दंपत्तियों को सुखद जीवन की शुभकामनाएं देते हुए शासन की इस योजना को निर्धन परिवारों के लिए वरदान बताया।

 

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता कूड़ेम जी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति तनुजा कुम्मर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री सत्येंद्र ठाकुर जी तथा सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष श्री अशोक तालांडी जी विशेष रूप से मौजूद रहे।

 

सभी अतिथियों ने कन्यादान को महादान बताते हुए जोड़ों को उपहार भेंट किए।

 

प्रशासनिक मुस्तैदी और व्यवस्था कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

समारोह के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार महोदय उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

 

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी विस्मिता पाटिल, परियोजना अधिकारी श्रीमती कल्पना रथ, सेक्टर सुपरवाइजर मद्देड़ सावित्री मिरि, उजाला बंजारे, समस्त सुपरवाइजर एवं महिला बाल विकास विभाग भोपालपटनम का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

 

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शांता मरकाम, सरिता मोरला, पदमा श्री, कुसुमा मोरला तथा सहायिका पूनम, जया, सरिता सहित सेक्टर मद्देड़ की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

 

उपहारों के साथ हुई विदाई

शासन की योजना के अनुरूप प्रत्येक जोड़े को गृहस्थी स्थापना हेतु आवश्यक सामग्री और चेक प्रदान किए गए।

 

अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल फिजूलखर्ची पर रोक लगती है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी जाता है।

*श्री राम सिता मंदिर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 40 जोड़ों ने लिए सात फेरे सभी धर्म रीति रिवाज के साथ संपन्न हुआ*,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*श्री राम सिता मंदिर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 40 जोड़ों ने लिए सात फेरे सभी धर्म रीति रिवाज के साथ संपन्न हुआ*,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

भोपालपटनम। ,,,,,,,,,,,,,मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत भोपालपटनम ब्लॉक के मद्देड़ सेक्टर में महिला एवं बाल विकास परियोजना द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 40 जोड़े विवाह बंधन में बंधे।
सामूहिक विवाह में विभिन्न धर्मों और परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार 25 जोड़ों ने सात फेरे लिए, आदिवासी परंपरा से 11 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जबकि 4 जोड़े क्रिश्चियन रीति-रिवाज के अनुसार परिणय सूत्र में बंधे।
कार्यक्रम में दूल्हा-दुल्हन पक्ष के परिजनों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी जोड़ों का विवाह उनकी परंपरा और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। शासन की ओर से नवविवाहित जोड़ों को कपड़े, प्रसाधन सामग्री, अंगूठी और बिछिया प्रदान की गई। इसके साथ ही विवाह उपरांत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक भी दिया गया।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, क्योंकि कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों का विवाह धूमधाम से नहीं कर पाते। शासन की इस पहल की लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम स्थल पर गाजे-बाजे और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। विवाह समारोह को देखने और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देने विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास परियोजना की प्रभारी अधिकारी, सुपरवाइजर, सहायिकाएं और विभागीय कर्मचारी पिछले कई दिनों से लगातार तैयारियों में जुटे हुए थे।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैया, जनपद अध्यक्ष सरिता कुडेम, अशोक तालांडी, साई चेट्टी , भाजपा के जनप्रतिनिधि,कार्यकर्ता, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी विस्मिता पाटिल, परियोजना अधिकारी श्री मती कल्पना रथ, सेक्टर सुपर वाइजर मद्देड़ सावित्री मिरी, उजाला बंजारे, समस्त सुपर वाइजर स्टाफ, महिला बाल विकास विभाग भोपाल पटनम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शांता मरकाम, सरिता मोरला, पदमश्री कुसुमा मोरला, सहायिका पूनम, जया, सरिता व सेक्टर मददेड के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका उपस्थित रहे।
विवाह उपरांत सभी अतिथियों और ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

*अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : जग्गूराम तेलामी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : जग्गूराम तेलामी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर, भोपाल पटनम,दिनांक 09 मई 2026

भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोटाईगुड़ा में ग्रामसभा द्वारा सामुदायिक उपयोग की भूमि संरक्षण संबंधी लिए गए निर्णय के बाद पंचायत सचिव एवं पटेल को तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है।

 

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने जारी बयान में कहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा को संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं पेसा कानून के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं। ग्रामसभा द्वारा पारित प्रस्ताव और सामुदायिक हित में लिए गए निर्णयों की अनदेखी करना आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

 

जग्गूराम तेलामी ने कहा कि ग्राम गोटाईगुड़ा की संबंधित भूमि को पूर्व से ही सामाजिक भवन, पारंपरिक कार्यक्रमों एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए ग्रामसभा द्वारा संरक्षित रखा गया है। ऐसे में ग्रामसभा की सहमति के बिना भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करना स्थानीय परंपराओं और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।

सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि ग्रामसभा द्वारा अपनी बात रखने और संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देने को “शासकीय कार्य में बाधा” बताकर नोटिस जारी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को अनुसूचित क्षेत्रों में कार्य करते समय स्थानीय समुदायों की भावनाओं एवं अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।

जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने मांग की है कि जारी नोटिस को तत्काल वापस लिया जाए तथा भविष्य में अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी भूमि आवंटन अथवा विकास कार्य से पूर्व ग्रामसभा की सहमति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो सर्व आदिवासी समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

*क्या है मामला?*

मामला भोपालपटनम के ग्राम गोटाईगुड़ा की भूमि खसरा नंबर 61/12 से 0.400 हेक्टेयर भूमि के आवंटन से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार जिला खेल अधिकारी द्वारा जिला एवं विकासखंड मुख्यालय में कार्यालय संचालन एवं विभागीय गतिविधियों के लिए उक्त भूमि आबंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र और ग्राम पंचायत प्रस्ताव मांगा गया था।

इस पर ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, पटेल और माटी पुजारी ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि संबंधित भूमि को पूर्व से ही आदिवासी सामाजिक भवन एवं शादी-विवाह जैसे सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए ग्रामसभा द्वारा संरक्षित किया गया है। इसके बाद आयोजित ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर भूमि आवंटन संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की गई।

तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा संविधान की पांचवीं अनुसूची तथा छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2022 के प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रशासनिक आदेश का विरोध किया गया, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। प्रशासन ने इसे शासकीय कार्य में बाधा मानते हुए संबंधित पंचायत पदाधिकारियों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जारी नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

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