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महासमुंद मे विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त

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महासमुंद।,13 जून ।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*घर के हुनर को कारोबार बनाया, अब अचार के स्वाद से आत्मनिर्भर बन रहीं शशिरेखा*,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*घर के हुनर को कारोबार बनाया, अब अचार के स्वाद से आत्मनिर्भर बन रहीं शशिरेखा*,,,,,,,,,

,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

*एनआरएलएम और स्व-सहायता समूह से मिला सहयोग, रुद्रारम की शशिरेखा ने घरेलू हुनर को बनाया आजीविका का मजबूत साधन*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,, कभी घर की रसोई तक सीमित रहने वाला अचार बनाने का हुनर आज श्रीमती शशिरेखा बरचेटटी की पहचान और आय का जरिया बन चुका है। ग्राम रुद्रारम की रहने वाली शशिरेखा ने अपने पारंपरिक हुनर को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और स्व-सहायता समूह से मिले सहयोग के साथ स्वरोजगार में बदला है। आज वे आम, नींबू, मिर्च सहित विभिन्न प्रकार के अचार तैयार कर उनका विक्रय कर रही हैं और परिवार की आर्थिक जरूरतों में अपना योगदान दे रही हैं।

*हुनर पहले से था, बस अवसर की जरूरत थी*

ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी शशिरेखा को घर पर विभिन्न खाद्य पदार्थ और अचार तैयार करने का अनुभव था। यह हुनर उनके लिए हमेशा घरेलू काम का हिस्सा रहा, लेकिन इससे आय अर्जित करने के बारे में उन्होंने कभी गंभीरता से नहीं सोचा था। परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त आय के साधन की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने अपने इसी हुनर को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया।

इसी दौरान वे एनआरएलएम से जुड़ीं और ग्राम रुद्रारम के वैभव लक्ष्मी स्व-सहायता समूह का हिस्सा बनीं। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, ऋण और आजीविका गतिविधियों के संबंध में जानकारी मिली। समूह की महिलाओं से मिले प्रोत्साहन और मार्गदर्शन ने उनके भीतर अपने काम को व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने का विश्वास पैदा किया।

*रसोई से शुरू हुआ सफर, बाजार तक पहुंचा*

शशिरेखा ने छोटे स्तर पर अचार बनाकर इसकी शुरुआत की। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध आम, नींबू, हरी मिर्च और अन्य मौसमी उत्पादों का उपयोग कर वे अलग-अलग स्वाद के अचार तैयार करने लगीं। शुरुआत में उत्पादन सीमित था, लेकिन गुणवत्ता और स्वच्छता पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया।

धीरे-धीरे उनके बनाए अचार की मांग आसपास के गांवों और स्थानीय बाजार में बढ़ने लगी। लोगों को अचार का स्वाद और गुणवत्ता पसंद आने लगी। ग्राहकों की बढ़ती मांग ने शशिरेखा का उत्साह बढ़ाया और उन्होंने उत्पादन का दायरा भी धीरे-धीरे बढ़ाना शुरू किया।

*समूह से मिला सहयोग बना आगे बढ़ने का आधार*

स्व-सहायता समूह से जुड़ना शशिरेखा के लिए केवल बचत और आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं रहा। समूह के माध्यम से उन्हें अपनी आजीविका गतिविधि को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की समझ मिली। बचत, ऋण के उपयोग, व्यवसाय में दोबारा निवेश और उत्पाद की बिक्री जैसे पहलुओं को समझने में समूह की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

अचार की बिक्री से प्राप्त आय का एक हिस्सा वे फिर से अपने काम में लगाती हैं। इस तरह उनका छोटा-सा घरेलू काम धीरे-धीरे नियमित आय की गतिविधि में बदलता गया। आज अचार निर्माण उनके लिए केवल अतिरिक्त काम नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

*कमाई के साथ बढ़ा आत्मविश्वास*

शशिरेखा के लिए इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल आय अर्जित करना नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास हासिल करना है। अब वे अपने हुनर के आधार पर आर्थिक गतिविधि संचालित कर रही हैं और परिवार की जरूरतों में आर्थिक भागीदारी निभा रही हैं।

वे बताती हैं कि पहले जिस काम को वे केवल घर के लिए करती थीं, उसी काम से आज दूसरे लोग उनके बनाए उत्पाद खरीद रहे हैं। इससे उनमें अपने काम को और बेहतर करने तथा आगे बढ़ाने का विश्वास पैदा हुआ है।

*अब बड़े बाजार तक पहुंचने का सपना*

अचार की बढ़ती मांग से उत्साहित शशिरेखा अब अपने व्यवसाय को अगले स्तर तक ले जाने की तैयारी में हैं। उनका लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ आकर्षक और बेहतर पैकेजिंग अपनाना तथा स्थानीय बाजार से आगे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाना है।

उनकी कहानी बताती है कि ग्रामीण महिलाओं के पास मौजूद पारंपरिक कौशल को यदि उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और बाजार से जोड़ने का अवसर मिले, तो वही हुनर परिवार की आय बढ़ाने और महिला आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है।

शशिरेखा कहती हैं—

“एनआरएलएम से जुड़ने और स्व-सहायता समूह का सहयोग मिलने से मुझे अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिला। पहले मैं अचार घर के लिए बनाती थी, लेकिन अब इसी काम से आमदनी हो रही है। इससे मुझे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने का अवसर मिला है और अपने काम को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास भी आया है।”

*बदलाव की कहानी*

शशिरेखा बरचेटटी की कहानी किसी बड़े कारोबार से शुरू नहीं हुई। इसकी शुरुआत घर की रसोई और उनके पारंपरिक हुनर से हुई। एनआरएलएम और स्व-सहायता समूह ने उस हुनर को अवसर दिया और शशिरेखा ने अपनी मेहनत से उसे आजीविका का साधन बना लिया।

यह कहानी बताती है कि आत्मनिर्भरता के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। हुनर, मेहनत और सही अवसर मिल जाए तो घर की चौखट से शुरू हुआ काम भी परिवार की आर्थिक मजबूती और महिला सशक्तिकरण का आधार बन सकता है।

नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई, बेरोजगारी — यही हैं मोदी की उपलब्धियां- लालू राठौर ,,,,,,,,, ,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई, बेरोजगारी — यही हैं मोदी की उपलब्धियां- लालू राठौर ,,,,,,,,,

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कांग्रेस का हमला: मोदी का जन्मदिन सेवा संकल्प नहीं, बेरोजगारी-महंगाई-वादाखिलाफी दिवस के रूप में मनाया जाए- लालू राठौर

मोदी जी जवाब दो: 15 लाख कहां गए, अच्छे दिन कब आएंगे?- लालू राठौर

बीजापुर ,,,,,,,,,,
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला मुख्यालय बीजापुर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन को सेवा और समर्पण के रूप में मनाने के भाजपा के दावे को देश का सबसे बड़ा झूठ बताते हुए कहा है कि इसे बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, वादाखिलाफी दिवस और किसान धोखा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। पत्रकार वार्ता में लालू राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में मोदी का कार्यकाल विवादों और असफलताओं से भरा रहा है। उनके 25 वर्षों के सत्ताकाल को सेवा-जतन बताना जनता से क्रूर मजाक है।
लालू राठौर ने मोदी सरकार की प्रमुख विफलताओं की लंबी सूची पेश की। इनमें 100 दिनों में महंगाई कम करने, हर साल दो करोड़ रोजगार देने, हर घर नल-हर सिर छत, 15 लाख रुपये जमा करने और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे वादे शामिल हैं, जो पूरे नहीं हुए। उल्टे भुखमरी, गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी।
नोटबंदी को ललित राठौर ने असफल बताया। उन्होंने कहा दावा था काला धन खत्म होगा, लेकिन 99 प्रतिशत से अधिक नकदी बैंकों में लौट आई और छोटे उद्योगों को भारी नुकसान हुआ। जीएसटी के जटिल क्रियान्वयन से एमएसएमई क्षेत्र को झटका लगा। पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क कई गुना बढ़ाने से केवल ईंधन से 38 लाख करोड़ रुपये से अधिक वसूली का आरोप लगाया गया। रुपये की डॉलर के मुकाबले गिरावट (2014 में 58-59 से अब 96-97) को भी मोदी राज की बड़ी नाकामी बताया है।
लालू राठौर ने गुजरात मुख्यमंत्री काल का जिक्र करते हुए गोधरा कांड, बेस्ट बेकरी और गुजरात दंगों को ऐसे धब्बे बताया जिन्हें धोया नहीं जा सकता। एक मंत्री के तड़ीपार घोषित होने और दूसरे पर दंगों के आरोप में फांसी की सजा (बाद में अपील में बदलाव) का भी उल्लेख किया गया।
प्रेस वार्ता में लालू राठौर ने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में “मोदी की गारंटी” पर विश्वासघात का आरोप लगाया। एक लाख सरकारी नौकरियां, 500 रुपये में रसोई गैस, अनियमित कर्मचारियों का 100 दिनों में नियमितीकरण, सभी विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन, गांवों में धान का 3100 रुपये नगद भुगतान केंद्र, बेरोजगारी भत्ता, छात्रों का फ्री परिवहन पास और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना जैसे वादे अधूरे बताए गए। गो-सेवा संकल्प के बावजूद गोठान बंद करने का भी आरोप लालू रठौर ने लगाया है।
लालू राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 43 सवाल पूछे। इनमें अच्छे दिन कब आएंगे, 15 लाख किसके खाते में गए, महंगाई-पेट्रोल कब सस्ते होंगे, दो करोड़ रोजगार मिले या नहीं, नोटबंदी से क्या मिला, किसानों की आय दोगुनी हुई या नहीं, बेटियां सुरक्षित क्यों नहीं, स्मार्ट सिटी कितने बने, सरकारी संपत्ति कब तक बिकेगी और भ्रष्टाचार खत्म हुआ या नहीं जैसे प्रश्न शामिल हैं।
पत्रकार वार्ता लालू राठौर ने यह भी कहा कि मोदी की उपलब्धि महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी और असमानता बढ़ाना तथा किसानों को धोखा देना शामिल है। नोटबंदी और जीएसटी के अलावा कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, इसलिए जन्मदिन इन्हीं तथाकथित उपलब्धियों के आधार पर मनाया जाए तभी वह सार्थक होगा।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने भाजपा से अपील की कि सेवा संकल्प के नाम पर जनता को गुमराह करने की बजाय इन सवालों का जवाब दे। प्रेस वार्ता में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, आर. वेणुगोपाल राव, बेनहूर रावतिया, प्रवीण डोंगरे, इम्तियाज ख़ान, सोनू पोटाम, पुरुषोत्तम सल्लूर, संतोष गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, इदरीस खान, श्यामू गुप्ता, गुड्डू कोरसा और बाबूलाल राठी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

मोदी के 76वें जन्मदिन पर भाजपा का सेवा संकल्प अभियान शुरू,,,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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मोदी के 76वें जन्मदिन पर भाजपा का सेवा संकल्प अभियान शुरू,,,,,,,,,

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पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के नेतृत्व में BJYM के 50 युवाओं ने किया रक्तदान, बोले—सेवा के 25 वर्ष देश के लिए समर्पित

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,,, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न सेवा एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बीजापुर में अभियान की शुरुआत जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान कार्यक्रम के साथ हुई। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के नेतृत्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के करीब 50 युवाओं ने रक्तदान कर सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया।

इस दौरान पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन और सेवा काल के पूर्ण होने तथा उनके जन्मदिवस के अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी का 25 वर्षों का सफर देश की जनता के लिए समर्पित रहा है, जो भारतीय जनता पार्टी के लिए गर्व की बात है।

गागड़ा ने कहा कि जिस तरह भारत आज विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है, यह देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बीजापुर की जनता से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आज शाम अपने-अपने घरों में दीपक जलाएं।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीनिवास मुदलियार, भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग, BJYM अध्यक्ष हरिहर साहनी, बीलाल खान सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को किया याद- जया देवी,,,,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को किया याद- जया देवी,,,,,,,,,,

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बीजापुर। ,,,,,,,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तिमेड के शिव मंदिर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्र सेवा के संकल्प को याद किया गया।

इस अवसर पर पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बीजापुर एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महिला मोर्चा जया देवी चिड़ेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा का उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व में सुशासन, गरीब कल्याण, विकसित भारत के संकल्प और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

जया देवी चिड़ेम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उनके जन्मदिवस के अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई तथा विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

क्रेटा और स्विफ्ट कार से 37.3 किलो गांजा बरामद, 17.10 लाख की संपत्ति जब्त..07 आरोपी गिरफ्तार..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत एएनटीएफ और सांकरा पुलिस ने गांजा तस्करी के एक स्थानीय सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने दो कारों में गांजा परिवहन करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 37.300 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत करीब 7 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है, बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, थाना सांकरा क्षेत्र में वाहन चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक क्रेटा और एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में ओडिशा से गांजा लेकर सांकरा के रास्ते रायपुर की ओर जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-53 स्थित बल्दीड़ीह चौक के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू की।

कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार क्रेटा और स्विफ्ट कार वहां पहुंची। पुलिस ने दोनों वाहनों को रोककर चालक और सवार लोगों से पूछताछ की। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से कुल 37.300 किलो गांजा जब्त किया।

ओडिशा से लाकर स्थानीय क्षेत्र में खपाने की थी योजना

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से गांजा लाकर स्थानीय क्षेत्र में खपाने की योजना में थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गांजे के स्रोत की भी जानकारी जुटा रही है। मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना सांकरा में अपराध क्रमांक 160/2026, धारा 20(B) नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

17.10 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस ने गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही क्रेटा कार और स्विफ्ट कार, साथ ही 6 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 17 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है। इसमें 7.40 लाख रुपये का गांजा, 6 लाख रुपये की क्रेटा, 3 लाख रुपये की स्विफ्ट कार और 70 हजार रुपये के 6 मोबाइल शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपी…

पुलिस ने मामले में महेंद्र पटेल उर्फ रितेश, टिके लाल मांझी उर्फ टिक्कू, सुमित शर्मा, देवेंद्र पटेल उर्फ दीपेश, गितेश नायक, नवसागर पटेल उर्फ नूतन और मंसुर खान को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी महासमुंद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक ने बताया कि ऑपरेशन निश्चय के तहत जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार वाहन चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी की जा रही है। इसी कार्रवाई के दौरान सांकरा क्षेत्र में दो वाहनों से 37.300 किलो गांजा बरामद कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में गांजा ओडिशा के सोनपुर से लाकर स्थानीय क्षेत्र में खपाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले में आगे की कड़ियों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

*​कांग्रेसियों की वाचालता मानसिक दिवालिएपन का प्रमाण : जिला अध्यक्ष येतराम साहू

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राहुल भोई महासमुंद 

*जिला अध्यक्ष येतराम साहू का करारा हमला : मोदी जी के जन्मदिन पर अनर्गल प्रलाप करने से पहले कांग्रेस नेता बताएँ— नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया, राहुल और वाड्रा का जन्मदिन किस नाम से मनाना पसंद करेंगे?”*

 

*​महासमुन्द।* भारतीय जनता पार्टी के जिल अध्यक्ष येतराम साहू ने कांग्रेस नेताओं के बयान पर तीखा प्रहार करते हुए इसे उनकी राजनीतिक हताशा और अनर्गल वाचालता करार दिया है।

 

भाजपा जिला अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस को भाजपा हमेशा जनसेवा, रक्तदान, स्वच्छता और जनकल्याणकारी कार्यों के जरिए ‘सेवा पखवाड़ा’ के रूप में मनाती है। लेकिन जिन दलों की संस्कृति केवल एक परिवार की परिक्रमा और भ्रष्टाचार पर टिकी हो, उन्हें जनसेवा का यह भाव कभी समझ नहीं आ सकता।

 

भाजपा जिला अध्यक्ष श्री साहू ने कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस का नामकरण करने की हास्यास्पद कोशिश करने से पहले कांग्रेसी यह स्पष्ट करें कि वे अपने आकाओं का जन्मदिन किन नामों से मनाना पसंद करेंगे :

 

•​ पं. जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन : देश की सीमाओं से समझौता करने, अक्साई चिन गँवाने और कश्मीर समस्या देश पर थोपने के नाम पर मनाया जाए?

• ​इंदिरा गांधी का जन्मदिन : देश पर क्रूर ‘आपातकाल’ थोपने, लोकतंत्र की हत्या करने और नागरिक अधिकारों को कुचलने के ‘तानाशाही दिवस’ के रूप में मनाएंगे?

• ​राजीव गांधी का जन्मदिन : सिखों के नरसंहार, भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी को भगाने और ऐतिहासिक ‘बोफोर्स दलाली दिवस’ के रूप में मनाना चाहेंगे?

• ​एंटोनिया एडविगे अल्बिना माइनो (सोनिया गांधी) का जन्मदिन : सुपर पीएम बनकर 10 वर्षों तक देश को लूटने, टू-जी, कॉमनवेल्थ और कोयला घोटाले के ‘महाघोटाला दिवस’ के रूप में मनाएंगे?

• ​राहुल गांधी का जन्मदिन : देश की गरिमा को विदेशों में बदनाम करने, सेना के शौर्य पर सवाल उठाने और सनातन का अपमान करने के ‘झूठ और भ्रम दिवस’ के नाम पर रखेंगे?

• ​प्रियंका वाड्रा व रॉबर्ट वाड्रा का जन्मदिन : हरियाणा और राजस्थान में किसानों की जमीनों को हड़पने के ‘जमीन हड़प दिवस’ के रूप में मनाएंगे?

 

​भाजपा जिला अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि जिस कांग्रेस ने 60 सालों तक देश को गरीबी, भुखमरी और भ्रष्टाचार की गर्त में धकेला, आज जब मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला, 80 करोड़ जनता को मुफ्त राशन दिया, किसानों को सम्मान निधि दी और भारत को दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाया, तो कांग्रेसियों के पेट में दर्द हो रहा है! केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए कांग्रेस के लोग गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर अपनी शर्मनाक वाचालता प्रदर्शित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस के झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार को पहचानकर उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है। श्री साहू ने नसीहत दी कि कांग्रेस नेता अपनी पार्टी की बची-खुची साख बचाने की चिंता करें और राष्ट्र निर्माण में समर्पित प्रधानमंत्री के प्रति स्तरहीन बयानबाजी से बाज आएँ।

 

महासमुंद मे मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस का हमला, कहा- ‘सेवा दिवस नहीं, बेरोजगारी और महंगाई दिवस मनाएगी कांग्रेस’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भाजपा जहां ‘सेवा और समर्पण’ के रूप में मना रही है, वहीं महासमुंद में कांग्रेस ने इसे ‘बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, वादाखिलाफी दिवस और किसान दगा दिवस’ के रूप में मनाने की बात कही है। कांग्रेस भवन में आयोजित संयुक्त पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर एवं अमरजीत चावला सहित नेताओं ने रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, पेट्रोल-डीजल की कीमत, नोटबंदी और जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि सरकार को जन्मदिन समारोह के साथ जनता से किए गए वादों का भी हिसाब देना चाहिए।कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए एक लाख सरकारी नौकरियां, 500 रुपये में गैस सिलेंडर, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, बेरोजगारी भत्ता और किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान भुगतान जैसे वादों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने महतारी वंदन योजना और गोठान व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दे भी उठाए।

महासमुंद: बसना में 18 सितंबर को यूरोलॉजी कैंप, किडनी स्टोन से लेकर प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं की होगी जांच ..

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महासमुंद: बसना में 18 सितंबर को यूरोलॉजी कैंप, किडनी स्टोन से लेकर प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं की होगी जांच

बसना। Agrawal Nursing Home Multispeciality Hospital बसना में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को यूरोलॉजी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में यूरोसर्जन डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh) मरीजों की जांच एवं परामर्श देंगे। कैंप का समय शाम 5 बजे से निर्धारित किया गया है।

कैंप में किडनी की पथरी, पेशाब संबंधी समस्या, प्रोस्टेट की समस्या, किडनी में सूजन एवं सिकुड़न, पुरुषों में बांझपन एवं नपुंसकता, मूत्रकोष के संक्रमण और मूत्र नली में सिकुड़न जैसी यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं के संबंध में परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा किडनी, प्रोस्टेट और टेस्टिस के कैंसर से संबंधित मामलों में भी चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी।

अस्पताल की ओर से बताया गया है कि जिन लोगों को पेशाब रुक-रुक कर आना, पेशाब की धार पतली होना, बार-बार या बूंद-बूंद पेशाब होना, पेशाब करते समय दर्द या जलन, पेशाब के बाद भी मूत्राशय खाली नहीं होने का एहसास जैसी समस्या है, वे यूरोलॉजी विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं। पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, ऐसे में समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।

कैंप में दूरबीन के माध्यम से जांच और ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध होने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने दी है। अस्पताल की ओर से किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट और पथरी से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा बीपीएल कार्ड/आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है।

कैंप के दौरान जांच शुल्क मात्र 700 रुपये रखा गया है। साथ ही अस्पताल की जानकारी के अनुसार सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान रखा गया है। ऑपरेशन कराने के इच्छुक मरीजों को अपनी पूर्व जांच रिपोर्ट के साथ 17 सितंबर तक भर्ती होने के लिए कहा गया है। परामर्श से पहले सोनोग्राफी एवं PSA की रिपोर्ट अनिवार्य बताई गई है।

अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्र के लोगों से यूरोलॉजी से संबंधित किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करने और विशेषज्ञ चिकित्सक से समय पर परामर्श लेने की अपील की है।

स्थान: agrawal Nursing Home Multispeciality Hospital, बसना, जिला महासमुंद

कैंप: शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

समय: शाम 5 बजे से

संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

*कड़ेनार में वॉलीबॉल का रोमांचक शुरूआत, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने किया प्रतियोगिता का शुभारंभ, पहले मुकाबले में कड़ेनार विजयी*,,,,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*कड़ेनार में वॉलीबॉल का रोमांचक शुरूआत, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने किया प्रतियोगिता का शुभारंभ, पहले मुकाबले में कड़ेनार विजयी*,,,,,,,,,,

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बीजापुर। ,,,,,,,ग्राम पंचायत कड़ेनार की युवा समिति वॉलीबॉल क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व मंत्री एवं वॉलीबॉल संघ के प्रदेश अध्यक्ष महेश गागड़ा ने किया। उन्होंने फीता काटकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया और सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिता का पहला मुकाबला DRG बीजापुर एवं कड़ेनार की टीम के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में कड़ेनार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इस अवसर पर महेश गागड़ा ने विजेता टीम सहित सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खेल भावना के लिए बधाई दी तथा प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना और खेल के प्रति रुचि बढ़ाने का कार्य करती हैं।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष घासीराम नाग, जिला उपाध्यक्ष राजू कलमू, जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा, मंडल अध्यक्ष अशोक राव, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिहर साहनी ग्राम के सरपंच, युवा मोर्चा के साथी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

17 सितंबर को रोशनी के महासंकल्प का साक्षी बनेगा बीजापुर, दो लाख दीपों से गूंजेगा ‘आशीर्वाद का संदेश’,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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17 सितंबर को रोशनी के महासंकल्प का साक्षी बनेगा बीजापुर, दो लाख दीपों से गूंजेगा ‘आशीर्वाद का संदेश’,,,,,,,,,,,,,

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा पर अनूठी पहल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने लिया दो लाख दीप प्रज्वलन का संकल्प

बीजापुर। ,,,,,,,,,17 सितंबर को बीजापुर कुछ अलग अंदाज में नजर आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनकी 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा के अवसर पर जिले में दो लाख दीप प्रज्वलित करने की व्यापक तैयारी की जा रही है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट के आह्वान पर इस पहल को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं और परिवारों को ‘आशीर्वाद का दीप’ भेंट कर रहे हैं।

एक दीप घर से, एक संदेश पूरे बीजापुर के नाम

इस अभियान का उद्देश्य किसी एक स्थान पर दीप जलाना नहीं, बल्कि बीजापुर के घर-घर को इस सामूहिक आयोजन का हिस्सा बनाना है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा नागरिकों से संपर्क किया जा रहा है। लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि 17 सितंबर की शाम अपने घर पर दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करें।

जी. वेंकट की पहल ने दीपोत्सव को बनाया जनभागीदारी का अभियान

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन की लंबी यात्रा को याद करने का यह अवसर बीजापुर के लिए भी विशेष है। दो लाख दीपों का संकल्प इसी भावना के साथ लिया गया है कि जिले का प्रत्येक परिवार इसमें अपनी सहभागिता निभाए।

उन्होंने कहा कि “जब बीजापुर के हजारों घरों में एक साथ दीप जलेंगे, तो यह केवल रोशनी का दृश्य नहीं होगा, बल्कि लोगों की सामूहिक शुभकामनाओं और सहभागिता का संदेश भी सामने आएगा।”

‘आशीर्वाद का दीप’ लेकर घर-घर पहुंच रहे कार्यकर्ता

अभियान को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जी. वेंकट ने बीजापुर के प्रतिष्ठित नागरिक सूर्य कुमार बाजपेयी और मंगल सिंह ठाकुर तथा गांव के पुजारी मेघनाथ मांझी को ‘आशीर्वाद का दीप’ भेंट किया।

दीप भेंट करते हुए जी. वेंकट ने नागरिकों से 17 सितंबर को अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित करने और इस विशेष अवसर को सामूहिक सहभागिता के रूप में मनाने का आह्वान किया।

दीपों की कतार से लेकर बस्तर में बदलती तस्वीर तक

बीजापुर और बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा की चुनौती से प्रभावित रहे हैं। बीते वर्षों में सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। इन प्रयासों के बीच अंदरूनी क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को मजबूत करने की दिशा में भी गतिविधियां बढ़ी हैं।

शांति की ओर बढ़ते बस्तर में दीपोत्सव का अलग संदेश

इसी बदलते परिवेश के बीच बीजापुर में दो लाख दीप जलाने की पहल को एक ऐसे आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उत्सव, जनसंपर्क और सामूहिक सहभागिता तीनों पहलू जुड़ रहे हैं।

17 सितंबर की शाम जब बीजापुर के घरों में दीप प्रज्वलित होंगे, तो आयोजकों का लक्ष्य शहर और गांवों को एक साथ प्रकाश से जोड़ना है।

दो लाख दीपों का संकल्प—बीजापुर से निकलेगा आशीर्वाद का उजाला

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने जिलेवासियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हर परिवार अपने घर में कम से कम एक दीप प्रज्वलित करे और इस सामूहिक पहल का हिस्सा बने।

17 सितंबर को बीजापुर में जलने वाला हर दीप—एक शुभकामना, एक आशीर्वाद और जनभागीदारी की एक नई तस्वीर पेश करेगा।

*भाजपा के वादे का सच: पीएससी में सही-गलत एक समान, युवाओं का भविष्य दांव पर- विक्रम मंडावी *

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*भाजपा के वादे का सच: पीएससी में सही-गलत एक समान, युवाओं का भविष्य दांव पर- विक्रम मंडावी *

 

 

*पीएससी और भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है- विक्रम मंडावी *

 

 

*सही-गलत उत्तर पर बराबर नंबर, कहीं गलत जवाब पर ज्यादा अंक; साक्षात्कार में 1:3 नियम का पालन नहीं- विक्रम मंडावी *

 

 

बीजापुर  16  सितम्बर 2026

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला मुख्यालय बीजापुर में प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस ने कि राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। विधायक विक्रम मंडावी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एक ही प्रश्न के सही और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को बराबर अंक दिए गए हैं, कुछ मामलों में गलत उत्तर लिखने वाले को सही उत्तर वाले से ज्यादा नंबर मिले हैं। आयोग साक्षात्कार में 1:3 के निर्धारित नियम का पालन भी नहीं कर रहा है। उन्होंने आगे कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने वादा किया था कि यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा आयोजित कराई जाएगी, लेकिन पिछले दो वर्षों से परीक्षाओं में गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही हैं।

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा वर्ष 2025 में पीएससी ने कुल 265 पद निकाले थे। मुख्य परीक्षा के बाद पदों की संख्या के तीन गुना, यानी 265 × 3 = 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। लेकिन मात्र 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू तक पहुंच सके। आयोग का तर्क है कि 187 बच्चे न्यूनतम अंक नहीं ला सके। उन्होंने आयोग से मांग की है कि वह साबित करे कि इन 187 अभ्यर्थियों ने न्यूनतम अंक नहीं प्राप्त किए। अभ्यर्थियों का दावा है कि उनका न्यूनतम अंक आया ही होगा। इसलिए आयोग साक्षात्कार से पहले सभी बच्चों की उत्तर-पुस्तिका उपलब्ध कराए।

विधायक विक्रम मंडावी ने 2024 की मुख्य परीक्षा की दो अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा, प्रश्न क्रमांक 5(i) में दोनों अभ्यर्थियों के उत्तर सही और समान थे, फिर भी एक छात्र को 2 में से 0 अंक और दूसरे को 2 में से 2 अंक दिए गए।

“भक्तिन माता राजिम” वाले प्रश्न में सही उत्तर लिखने वाले छात्र को 8 में से 3.5 अंक मिले, जबकि गलत उत्तर (कोण्डागांव व आदिवासी समाज की देवी) लिखने वाले को 1.5 अंक दिए गए। गलत उत्तर पर शून्य मिलना चाहिए था।

छत्तीसगढ़ में होमरूल लीग की स्थापना पर सही उत्तर लिखने वाले को 4 में से 2.5 अंक मिले। दूसरे छात्र ने वर्ष 1923 और स्वराज दल लिखा, जो पूरी तरह गलत था, फिर भी उसे भी 2.5 अंक दिए गए।

घरेलू हिंसा से व्यथित व्यक्ति वाले प्रश्न में गलत उत्तर (पुरुष) लिखने वाले को 2 में से 0.5 अंक मिले और सही उत्तर लिखने वाले को भी 0.5 अंक ही दिए गए।

बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण का दोनों ने सही उत्तर लिखा। एक को 2 में से 0.5 और दूसरे को 1.5 अंक मिले।

उन्होंने कहा कि सही और गलत उत्तर को बराबर नंबर देना मूल्यांकन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

विधायक विक्रम मंडावी का आरोप है कि 2024 में पीएससी अध्यक्ष रीता सांडिल्य के कार्यकाल में गड़बड़ी हुई थी और 2025 में भी उनकी अध्यक्षता में वही स्थिति बनी हुई है। 2024 में उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई। मूल्यांकनकर्ताओं के नाम और नंबर भी सार्वजनिक हो गए, जो भर्ती परीक्षा की गोपनीयता का उल्लंघन है। गोपनीयता भंग करने वालों को सजा देने के बजाय रीता सांडिल्य को कार्यकारी अध्यक्ष से प्रमोट कर अध्यक्ष बना दिया गया। विधायक विक्रम मंडावी कहा कि इन गड़बड़ियों को भारतीय जनता पार्टी और सरकार का संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य सेवा परीक्षा 2024 में भी मुख्य परीक्षा परिणाम के बाद साक्षात्कार के लिए 95 अभ्यर्थी कम लिए गए थे। उस समय भी 1:3 के नियम का पालन नहीं किया गया था।

विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार और आयोग से 1- मामले के निराकरण तक साक्षात्कार स्थगित किए जाने। 2- सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले सार्वजनिक की जाएं; ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कापियां सही जांची गई हैं। 3- इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों के अलावा शेष सभी की कापियां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। 4- मूल्यांकनकर्ताओं के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए जाएं तथा मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी किए जाएं। 5- सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए और साक्षात्कार के लिए 1:3 के नियम का पालन किए जाने, आदि मांगे की है।

विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर है। आयोग और सरकार को इन आरोपों का संतोषजनक जवाब देना चाहिए तथा परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाना चाहिए। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, आर. वेणुगोपाल राव, इम्तियाज खान, बेनहूर रावतिया, प्रवीण डोंगरे, पुरुषोत्तम सल्लूर, राजकुमार गुप्ता, गुड्डू कोरसा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

सरायपाली में हर गुरुवार अग्रवाल नर्सिंग होम के न्यूरो और श्वास संबंधी रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मिलेगी सुविधा..

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सरायपाली में हर गुरुवार न्यूरो और श्वास संबंधी रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मिलेगी सुविधा

सरायपाली। क्षेत्र के मरीजों के लिए राहत की खबर है। अग्रवाल डेंटल एंड पॉलीक्लिनिक, सरायपाली में अब ब्रेन, नसों, रीढ़ और श्वास संबंधी समस्याओं की जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओर से 17 सितंबर 2026, गुरुवार को न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. वैभव धवली (MBBS, MS, MCh Neurosurgery) मरीजों की जांच एवं परामर्श के लिए उपलब्ध रहेंगे। वे ब्रेन, नसों और रीढ़ से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के साथ मिनिमली इनवेसिव एवं एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के विशेषज्ञ हैं।

इसी दिन डॉ. श्री रजनी (MD – Respiratory Medicine) भी मरीजों को परामर्श देंगी। वे खांसी, सांस लेने में परेशानी, अस्थमा, एलर्जी, COPD, निमोनिया, सीने में दर्द, फेफड़ों की समस्या, लंबे समय से चल रही खांसी सहित श्वसन संबंधी विभिन्न समस्याओं की जांच करेंगी।

दोनों विशेषज्ञ डॉक्टर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है।

स्थान: अग्रवाल डेंटल एंड पॉलीक्लिनिक, मेन रोड, IDBI बैंक के पास, सरायपाली।

संपर्क: 9303623130, 7773086100, 9174335366.

 

*सेवा संकल्प अभियान के तहत बीजापुर में घर-घर जलेगा ‘सेवा संकल्प का दीया*’,,,,,,, ,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*सेवा संकल्प अभियान के तहत बीजापुर में घर-घर जलेगा ‘सेवा संकल्प का दीया*’,,,,,,,

,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

*17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, जिले में 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी*

*मुख्य कार्यक्रम मिनी स्टेडियम बीजापुर में होगा आयोजित, सीईओ जिला पंचायत ने समीक्षा बैठक लेकर कार्यक्रम स्थल का किया अवलोकन*

बीजापुर,,,,,,,,,,,, सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में सेवा संकल्प अभियान 2026 का शुभारंभ 17 सितंबर से होने जा रहा है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिलेभर में “घर-घर जलेगा सेवा संकल्प का दीया” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान जिले में 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की जा रही है।

सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और विकास कार्यों को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

*मिनी स्टेडियम में होगा मुख्य कार्यक्रम*

अभियान के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को बीजापुर के मिनी स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, समर्पण और विकास के संकल्प को जनभागीदारी के साथ अभिव्यक्त किया जाएगा। जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में भी नागरिक अपने-अपने घरों में दीप जलाकर इस अभियान से जुड़ेंगे।

*सीईओ ने ली समीक्षा बैठक, कार्यक्रम स्थल का किया अवलोकन*

मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सीईओ जिला पंचायत एवं नोडल अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे ने संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, विभागीय दायित्वों, जनभागीदारी, दीप प्रज्ज्वलन सहित अन्य तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के बाद सीईओ जिला पंचायत ने मिनी स्टेडियम पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने मंच व्यवस्था, दीप प्रज्ज्वलन स्थल, आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए।

*जिलेभर में जनभागीदारी से बनेगा अभियान जनआंदोलन*

सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के तहत नागरिकों को अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और विकास के संकल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जिले में 2 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ग्राम स्तर तक तैयारियां की जा रही हैं और विभिन्न विभागों के माध्यम से लोगों को अभियान की जानकारी देकर अधिक से अधिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बीजापुर में “सेवा से संकल्प और संकल्प से विकास” की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। 17 सितंबर को जलने वाला हर दीप जनभागीदारी, सेवा भावना और विकसित बीजापुर के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

*अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी का आत्मीय स्वागत*

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*अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी का आत्मीय स्वागत*

 

*सर्किट हाउस में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों, विकास और शासकीय योजनाओं पर हुई चर्चा*

 

बीजापुर :::छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त रूपसिंह मंडावी दो दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे। प्रवास के दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में सर्व आदिवासी समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सौजन्य मुलाकात कर आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।

 

बैठक में जनजाति के सामाजिक, शैक्षणिक एवं विकास संबंधी विषयों के साथ-साथ शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा हुई। समाज के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से आयोग अध्यक्ष को अवगत कराया।

 

इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव कमलेश पैंकरा, पांडुराम तेलम, गोंड समाज के अध्यक्ष कामेश्वर दुब्बा, हल्बा समाज के अध्यक्ष भोलाराम अमान, जगबंधु मांझी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकटेश्वर, उर्मिला तोकल, बसंती लिंगम सहित समाज एवं भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

छत्तीसगढ़ जनजाति आयोग अध्यक्ष मंडावी 16 सितंबर को जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे तथा अनुसूचित जनजातियों से संबंधित विषयों की समीक्षा करेंगे।

खैर लकड़ी तस्करी मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, फर्जी इनवॉयस के जरिए होता था करोड़ों का खेल..

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राहुल भोई. महासमुंद..

खैर लकड़ी तस्करी मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, फर्जी इनवॉयस के जरिए होता था करोड़ों का खेल

उड़ीसा से फर्जी कंपनियां संचालित कर तस्करी के नेटवर्क को उपलब्ध कराते थे फेक इनवॉयस, दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया

महासमुंद। खैर लकड़ी की अवैध तस्करी से जुड़े बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ महासमुंद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर फर्जी कंपनियों के जरिए खैर लकड़ी के अवैध कारोबार को कागजों में वैध दिखाने के लिए फेक इनवॉयस उपलब्ध कराने का आरोप है।

पुलिस की तकनीकी विवेचना में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के सिंडीकेट द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़े पैमाने पर खैर लकड़ी का परिवहन किया जा रहा था। जांच में पिछले दो वर्षों में उड़ीसा से हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की तस्करी किए जाने के प्रमाण मिलने का दावा पुलिस ने किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पारितोष मिश्रा (47), संचालक पीयूष इंटरप्राइजेज, बोलांगीर और अखिलेश सिंघल (52), संचालक सिंघल इंटरप्राइजेज, संबलपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने 14 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

8 शेल कंपनियों और 10 से ज्यादा म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह द्वारा अवैध कारोबार को वैध दिखाने के लिए 8 शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन, भुगतान और रकम की लेयरिंग के लिए 10 से ज्यादा म्यूल बैंक खातों का उपयोग किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।

इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने से 81 लाख रुपये नकद जब्त कर चुकी है। अब दो नए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, मामले में अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और वित्तीय ट्रेल की जांच जारी है। साथ ही पुलिस, वन विभाग और वित्तीय एजेंसियों के समन्वय से गिरोह द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों की कुर्की और राजसात की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

 

*एकलव्य विद्यालय प्रकरण में आरोपी शिक्षक, प्राचार्य और निगरानी समिति पर कार्रवाई की मांग*

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*एकलव्य विद्यालय प्रकरण में आरोपी शिक्षक, प्राचार्य और निगरानी समिति पर कार्रवाई की मांग*

 

*बस्तर संभाग बंद सहित सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार की चेतावनी*

 

बीजापुर । सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने एकलव्य आवासीय विद्यालय भोपालपटनम में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ के मामले में आरोपी शिक्षक की तत्काल गिरफ्तारी तथा प्राचार्य एवं विशेष निगरानी समिति के सदस्यों के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

जग्गूराम तेलामी ने कहा कि परिजनों और छात्राओं के अनुसार वर्ष 2024-25 से ही आरोपी शिक्षक द्वारा आपत्तिजनक स्पर्श किए जाने की शिकायतें विद्यालय प्रबंधन को दी जाती रही थीं। इसके बावजूद प्राचार्य एवं निगरानी समिति द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और समिति के सदस्यों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

सर्व आदिवासी समाज ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। समाज का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग बंद सहित विभिन्न लोकतांत्रिक आंदोलनों और सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार पर विचार करेगा।

श्री तेलामी ने आरोप लगाया कि बस्तर क्षेत्र में संचालित कई आदिवासी आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्थाएं चिंताजनक स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि आदिम जाति विभाग के अधिकारी निर्माण और सामग्री सप्लाई में व्यस्त हैं वही जिम्मेदार राजनेता अपने चहेते लोगों को अधीक्षक बनवाने की जुगाड में हैं। आश्रम छात्रावास के छात्रों को मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार तथा नियमित निगरानी की आवश्यकता है।

आदिम जाति कल्याण विभाग से छात्रावासों एवं आश्रमों की समग्र समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

एकलव्य आवासीय विद्यालय की घटना पर आदिवासी समाज ने जताई कड़ी नाराजगी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

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बीजापुर। रूढ़िजन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज बीजापुर के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी ने एकलव्य आवासीय विद्यालय, रुद्रारम में हाल ही में सामने आई घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि संचालित आवासीय आश्रमों, छात्रावासों एवं पोटा केबिनों में इस प्रकार की गंभीर घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के बजाय उनकी पुनरावृत्ति होना बेहद चिंताजनक है।

तलांडी ने कहा कि जब भी इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों को केवल कारण बताओ नोटिस जारी करना और निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित करना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं प्रबंधन के विरुद्ध भी कठोर और दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दैनिक समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया एवं विभिन्न सूत्रों से सामने आई जानकारी के अनुसार कथित घटना लंबे समय से चल रही थी। यदि पीड़ित छात्राओं द्वारा समय रहते स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई थी, तो प्रबंधन की जिम्मेदारी थी कि वह तत्काल संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करता और छात्राओं को सुरक्षा प्रदान करता।

तलांडी ने कहा कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता और उचित कार्रवाई की जाती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर स्कूल प्रबंधन की भूमिका और लापरवाही की भी जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े मामलों में केवल प्रत्यक्ष रूप से कृत्य करने वाले व्यक्ति की ही नहीं, बल्कि उसे संरक्षण या सहयोग देने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

बालिका आवासीय विद्यालयों में महिला कर्मचारियों की हो पदस्थापना

अशोक तलांडी ने केंद्र एवं राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एकलव्य आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। ऐसे संवेदनशील संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बालिका आवासीय विद्यालय में महिला कर्मचारियों की पर्याप्त एवं प्राथमिकता के आधार पर पदस्थापना की जानी चाहिए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं सहज वातावरण मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और निरीक्षण की मांग

तलांडी ने जिला प्रशासन से मांग की कि जिले के सभी स्कूलों, आश्रमों, छात्रावासों एवं पोटा केबिनों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा इन संस्थानों का नियमित एवं औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

घोटुल निर्माण की स्वीकृति पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने विधायक नीलकंठ टेकाम को दी बधाई*

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*घोटुल निर्माण की स्वीकृति पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने विधायक नीलकंठ टेकाम को दी बधाई*

विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से कलेपाल में घोटुल भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने पर धनोरा मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने केशकाल कार्यालय पहुंचकर विधायक टेकाम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
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*इस अवसर पर कलेपाल पंचायत के पूर्व सरपंच सुदराम गावड़े जी, कानागांव* *सरपंच प्रतिनिधि चमरा राम बिझे, सरपंच बादराय पोटाई, धनोरा मंडल अध्यक्ष संतोष सिन्हा, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रमेश यादव, झाड़ीराम सलाम* *सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। साथ ही तीनों ग्रामों के गायता, पटेल एवं पुजारी भी मौजूद रहे।*

*इस दौरान कलेपाल एवं काकोड़ाजुगानार के बीच पुल निर्माण की मांग भी ग्रामीणजनों द्वारा रखी गई।*

महासमुंद में अवैध महुआ शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की लगातार बड़ी कार्रवाई जारी..86.5 लीटर शराब और 1380 किलो महुआ लाहन जब्त..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने लगातार कार्रवाई करते हुए बसना और सरायपाली क्षेत्र में तीन प्रकरण दर्ज किए हैं। कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम ने कुल 86.5 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब और 1380 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब ₹64,300 बताई गई है। वहीं, गणेशपुर जंगल में शराब बनाने के लिए चढ़ाई गई भट्ठी को भी मौके पर नष्ट किया गया।

गणेशपुर जंगल में 60 लीटर शराब जब्त..

 

13 सितंबर को आबकारी विभाग की बसना वृत्त टीम ने गणेशपुर जंगल में कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीराम मिरी (27 वर्ष) के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब जब्त की, जिसकी कीमत ₹12 हजार है। इसके अलावा 860 किलोग्राम महुआ लाहन, जिसकी कीमत ₹43 हजार बताई गई है, बरामद किया गया। मौके पर शराब बनाने के लिए चढ़ाई गई भट्ठी भी मिली, जिसे कार्रवाई के दौरान नष्ट किया गया…

सरायपाली में दो अलग-अलग कार्रवाई..

14 सितंबर को सरायपाली वृत्त क्षेत्र के बारडोली गांव में आबकारी टीम ने भूमिका तांडी के कब्जे से 15.500 लीटर कच्ची महुआ शराब और 100 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया। वहीं नवरंगपुर में टीका बाई साहू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11 लीटर महुआ शराब और 420 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया।

तीनों मामलों में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क)(च), 34(2) और 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अजय पाण्डेय, आबकारी अधिकारी, महासमुंद ने कहा कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से महुआ शराब बनाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मिर्जा जफर बेग, शिवशंकर नेताम, आबकारी आरक्षक देवेश मांझी और सविता भगत सहित नील कुमार यादव, कमल पटेल, ऋषिकेश एवं क्षीरसागर बैरागी का सहयोग रहा…

*मोहला मानपुर–सड़क बदहाल, स्कूल जर्जर और विकास निधि के इस्तेमाल पर सवाल; विधायक इंद्र शाह मंडावी ने सरकार को घेरा*

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मनीष कौशिक

मोहला-मानपुर—- जिले में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और सरकारी मदों के खर्च को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस विधायक इंद्र शाह मंडावी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जिन इलाकों में बच्चे सुरक्षित स्कूल भवन के लिए तरस रहे हैं, जहां सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं और गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां विकास की प्राथमिकताएं कथित तौर पर बदल गई हैं।विधायक ने सवाल उठाया कि क्या विकास का मतलब ओपन जिम, वर्चुअल क्लास और हजारों दीयों तक सीमित रह गया है? उनका कहना है कि यदि सरकारी राशि वास्तव में जनहित के लिए है तो उसकी पहली प्राथमिकता जर्जर स्कूल भवन, शिक्षक, सड़क, पेयजल, नाली और अन्य जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए।

*‘जहां छत नहीं, वहां जिम किस काम का?’*

विधायक ने जिले के 50 से अधिक जर्जर स्कूल भवनों का हवाला देते हुए कहा कि कई स्थानों पर बच्चे किराए के भवन, बरामदे, रंगमंच अथवा पेड़ों की छांव में पढ़ने को मजबूर हैं। ऐसे में स्कूल परिसरों में लाखों रुपये खर्च कर ओपन जिम स्थापित करने के निर्णय पर उन्होंने सवाल खड़ा किया।विधायक के मुताबिक शेरपार, हथरा, ईरागांव, कोसमी, भावसा, कुम्हारी और खड़गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 11.30 लाख रुपये प्रति स्कूल, यानी कुल करीब 79.10 लाख रुपये खर्च किए गए। उन्होंने पूछा कि जब स्कूलों की मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हैं, तब ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता क्यों दी गई?

*वर्चुअल क्लास के नाम पर करोड़ों नहीं, लेकिन लाखों का सवाल जरूर*

कौड़िकसा, गोटाटोला, दनगढ़ और भरीटोला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास के लिए लगभग25-25 लाख रुपये, कुल करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा विधायक ने किया है। उनका आरोप है कि विषय विशेषज्ञ और तकनीकी सहायता की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से इन कक्षाओं की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।यहां सबसे बड़ा सवाल यही है अगर करोड़ों की तकनीक लगाई जा रही है तो उसे चलाने के लिए विशेषज्ञ और व्यवस्था क्यों नहीं?

*DMF की राशि पर विधायक का सीधा सवाल—पहले जरूरत या पहले दिखावा?*

जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि के उपयोग को लेकर विधायक ने सरकार से प्राथमिकताओं पर जवाब मांगा है। उनका कहना है कि खनिज प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित की जरूरत और योजनाओं की प्राथमिकता के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।विधायक ने सरकार और प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि DMF की राशि तय करने के दौरान किन आधारों पर इन कार्यों को प्राथमिकता दी गई।

*दीयों की रोशनी पर सवाल—‘गांवों में विकास की रोशनी कब?’*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पंचायतों में दीये जलाने की तैयारियों को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाए। विधायक के अनुसार जिले में करीब 1.20 लाख दीये जलाने की तैयारी है। उन्होंने अनुमानित तेल और दीयों की लागत का हवाला देते हुए पूछा कि जब पंचायतें आर्थिक दबाव में हैं, तब ऐसे आयोजन के लिए राशि और संसाधन खर्च करना कितना उचित है?विधायक ने कहा कि जनता को प्रतीकात्मक रोशनी से ज्यादा गांव की सड़क, स्कूल, पानी और नाली में वास्तविक रोशनी चाहिए।

*अब सरकार से विधायक के सीधे सवाल*

50 से अधिक जर्जर स्कूलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्राथमिकता कब तय होगी? जिन स्कूलों में वर्चुअल क्लास लगाई गई हैं, वहां विषय विशेषज्ञ और तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था क्यों नहीं? DMF की राशि से ओपन जिम लगाने का आधार क्या था?जर्जर भवनों वाले स्कूलों में पहले भवन जरूरी था या ओपन जिम? निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता और धीमी गति पर जिम्मेदारी किसकी तय होगी? पंचायतों की आर्थिक स्थिति के बीच दीप प्रज्ज्वलन के लिए राशि और संसाधनों का इस्तेमाल किस मद से होगा?क्या सरकार इन खर्चों और स्वीकृतियों का पूरा हिसाब सार्वजनिक करेगी?

*‘दीया जलाने से पहले स्कूल की छत बचाइए’*

विधायक मंडावी ने कहा कि सरकार को योजनाओं और आयोजनों से ज्यादा जमीनी जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि जिस जिले में बच्चे सुरक्षित भवन के अभाव में पेड़ों की छांव और बरामदे में पढ़ रहे हों, वहां विकास की असली कसौटी यह होनी चाहिए कि बच्चों को कब सुरक्षित स्कूल मिलेगा, गांवों की सड़क कब सुधरेगी और शिक्षकों की कमी कब दूर होगी।विधायक का तंज था—“सरकार अगर सचमुच विकास की रोशनी दिखाना चाहती है, तो पहले उन स्कूलों में रोशनी पहुंचाए जहां बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार कर रहे हैं।”

 

लापता पलना की 3 बेटियां सकुशल लौटीं घर, प्रशासन की तत्परता की हो रही सराहना पर 4 महीने की मजदूरी अब भी बख्काया*

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*लापता पलना की 3 बेटियां सकुशल लौटीं घर, प्रशासन की तत्परता की हो रही सराहना पर 4 महीने की मजदूरी अब भी बख्काया*

**पालना /* तमिलनाडु में लापता हुई पालना की तीन बेटियों के सकुशल घर लौट आने से परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। चार महीने से मजदूरी करने गई बेटियों से संपर्क टूटने के बाद परिजन अनहोनी की आशंका से परेशान थे, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीनों बेटियां आज सुरक्षित अपने गांव पालना पहुंच गई हैं।

मामला कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम पालना का है। गांव की तीन युवतियां काम की तलाश में एक एजेंट के माध्यम से तमिलनाडु गई थीं। परिजनों के अनुसार एजेंट ने तीनों को तमिलनाडु में तीन अलग-अलग जगहों पर काम पर लगवा दिया था। पिछले चार महीनों से उन्हें मजदूरी भी नहीं दी गई थी और पिछले कुछ दिनों से उनका परिजनों से संपर्क भी टूट गया था, जिसके बाद परिजनों ने उनके लापता होने की सूचना स्थानीय लोगों को दी थी।

इस मामले को मीडिया टीम ने प्रमुखता से उठाया। खबर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। 3 दिन पूर्व बेटियों के लापता होने की सूचना पर पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव, नगर पंचायत फरसगांव के अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी और वरिष्ठ पत्रकारों ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।

मीडिया में खबर प्रकाशित होते ही केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने भी मामले को गंभीरता से लिया और कोंडागांव कलेक्टर से संपर्क कर मामले में इमीडिएट एक्शन लेने के लिए कहा।

इस पूरे मामले में जिला कोंडागांव प्रशासन एवं नारायणपुर जिला पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। दोनों जिलों के अधिकारियों ने मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से लिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि परिजनों के लिखित आवेदन का इंतजार किए बगैर ही नारायणपुर पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल तमिलनाडु पुलिस से संपर्क साधा और पतासाजी शुरू कर दी।

पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई का ही परिणाम है कि तीनों बेटियां आज सकुशल अपने गांव लौट आई हैं। बेटियों को सकुशल देखकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए। परिजनों ने कोंडागांव जिला प्रशासन, नारायणपुर जिला पुलिस और सहयोग करने वाले सभी जनप्रतिनिधियों व पत्रकार साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

वहीं परिजनों ने मांग की है कि जिन एजेंट के द्वारा बेटियों को बाहर ले जाया गया था और चार महीने की मजदूरी नहीं दी गई है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य बेटी के साथ ऐसी घटना न हो।

*मोहला मानपुर—तालाब किनारे सज रहा था जुए का फड़, औंधी पुलिस ने मारी दबिश,8 जुआरी गिरफ्तार, ₹25,510 नकद और ताश की पत्तियां जब्त*

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मनीष कौशिक

औंधी— अलकनहार रोड स्थित तालाब के पास कथित तौर पर जुए का फड़ सजाकर 52 पत्ती ताश से रुपये-पैसों की हार-जीत का दांव लगा रहे 8 लोगों को औंधी पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से जुआरियों के कब्जे एवं फड़ से कुल ₹25,510 नगद तथा ताश की पत्तियां जब्त की हैं।पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी वाय.पी. सिंह (भापुसे) के निर्देशन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मानपुर विनोद कुमार मिंज के मार्गदर्शन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 11 सितंबर 2026 को थाना औंधी प्रभारी उप निरीक्षक नवल साव को मुखबिर से सूचना मिली कि अलकनहार रोड औंधी स्थित तालाब के पास कुछ लोग रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं।सूचना मिलते ही औंधी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश दी। पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से 8 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे एवं जुआ फड़ से ₹25,510 की नगदी और ताश की पत्तियां बरामद कर जब्त की पुलिस ने राजेश मेश्राम, मुकेश बाला (40), तरुण कुमार शेंडे, दलसाय गोंड, बुर्रा श्रीनिवास, नानेश्वर खोब्रागड़े, अजीत शाह और भूपेन्द्र नरोटे को गिरफ्तार किया।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 17/2026 दर्ज कर धारा 3(2) जुआ अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की। आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जुआ-सट्टे पर पुलिस की नजर पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। कार्रवाई में थाना औंधी के पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

 

 

विधायक नीलकंठ टेकाम ने किया ओपन फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ, मिनी स्टेडियम की घोषणा*

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**विधायक नीलकंठ टेकाम ने किया ओपन फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ, मिनी स्टेडियम की घोषणा*
* राजमन नाग**
*फरसगांव/बोरगांव।* बोरगांव फुटबॉल क्लब के तत्वावधान में स्व. श्री सुशांत सज्जल की स्मृति में आयोजित तीन दिवसीय ओपन फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के मुख्य आतिथ्य में हुआ। विधायक ने मैदान में पहुंचकर स्वयं फुटबॉल को किक मारकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया, जिसके बाद दर्शकों ने तालियों से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

टूर्नामेंट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि फुटबॉल से उनका पुराना नाता रहा है और छात्र जीवन में वे स्वयं फुटबॉल के सक्रिय खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कहा कि फरसगांव और बोरगांव क्षेत्र में फुटबॉल के प्रति युवाओं में खासा उत्साह है, जो इस आयोजन में साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे आयोजनों से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि टीम भावना और अनुशासन भी बढ़ता है।

विधायक टेकाम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए खेल मैदानों का विकास जरूरी है। उन्होंने क्षेत्र के खिलाड़ियों की मांग पर बोरगांव में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की। साथ ही युवाओं के लिए ओपन मिनी जिम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक स्थायी मंच निर्माण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि क्षेत्र के युवाओं को खेल के लिए बेहतर सुविधा मिले ताकि वे जिला और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

उन्होंने टूर्नामेंट में शामिल सभी टीमों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं और आयोजकों को इस तरह के आयोजन के लिए बधाई दी। इस टूर्नामेंट में क्षेत्र की कई नामी फुटबॉल टीमें हिस्सा ले रही हैं।

इस अवसर पर मुख्य रूप से ग्राम पंचायत बोरगांव की सरपंच चंद्रकला सरकार, फरसगांव नगर पंचायत अध्यक्ष प्रशांत पात्र, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रवीण बदेशा, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण साना, स्थानीय जनप्रतिनिधि, फुटबॉल क्लब के पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में खेलप्रेमी ग्रामीण उपस्थित रहे।

*मुख्यमंत्री ने बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत पर लिया संज्ञान : बीजापुर कलेक्टर को दिए कार्रवाई करने के निर्देश*,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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*मुख्यमंत्री ने बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत पर लिया संज्ञान : बीजापुर कलेक्टर को दिए कार्रवाई करने के निर्देश*,,,,

,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

*दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की शिकायत मिलते ही हो तत्काल कार्रवाई, दोषी किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं – मुख्यमंत्री श्री साय*

*बालिका छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों का सभी कलेक्टर नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की करें समीक्षा*

*छात्राओं के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिसमें वे बिना किसी भय और संकोच के अपनी बात रख सकें*

*शिकायतों को दबाने, छिपाने अथवा कार्रवाई में विलंब की स्थिति में संबंधित जिम्मेदारों की भी तय होगी जवाबदेही*

बीजापुर 13 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर श्री विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों के मामले में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को भी यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता गंभीरता से ली जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीड़ित छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

*12 वर्षों की साधना: भोपालपटनम के बद्दी राजू गढ़ रहे हैं आस्था के आकार, तिमेड से लेकर आसपास के गाँवों में भारी माँग*

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*12 वर्षों की साधना: भोपालपटनम के बद्दी राजू गढ़ रहे हैं आस्था के आकार, तिमेड से लेकर आसपास के गाँवों में भारी माँग*

 

 

भोपालपटनम मद्देड़,

कला जब लगन और सही मार्गदर्शन से मिलती है, तो वह न केवल जीवन संवारती है बल्कि संस्कृति और परंपरा को भी सजीव रखती है।

 

भोपालपटनम के तिमेड निवासी 33 वर्षीय बद्दी राजू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बद्दी राजू पिछले 12 वर्षों से लगातार भगवान श्री गणेश और माँ दुर्गा की अत्यंत भव्य व सुंदर मूर्तियाँ बनाने का कार्य कर रहे हैं।

 

 

कला के प्रति रुचि ने पहुँचाया गुरु के द्वार

बद्दी राजू को बचपन से ही चित्रकला में विशेष रुचि थी। जब गीदम में कालाहांडी (ओडिशा) के प्रसिद्ध मूर्तिकार गुरु जयंतो जी मूर्तियाँ बना रहे थे, तब राजू की उत्सुकता उन्हें गुरु जी तक ले गई।

 

राजू ने नम्रतापूर्वक कला सीखने की इच्छा जताई, जिसे गुरु जयंतो जी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। अगले ही दिन से राजू का प्रशिक्षण शुरू हुआ और अपनी अटूट मेहनत व प्रतिभा के बल पर उन्होंने मात्र एक ही वर्ष में मूर्ति निर्माण की बारीकियाँ सीख लीं।

 

गणेश चतुर्थी से एक माह पूर्व शुरू होती है तैयारी

गणेश उत्सव से एक माह पहले ही बद्दी राजू मूर्ति निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री जैसे विशेष मिट्टी, पैरा घास, बाँस, लकड़ी और रंगों की व्यवस्था में जुट जाते हैं। वे आधा फीट की छोटी मूर्तियों से लेकर 12 फीट तक की विशाल व मनमोहक गणेश प्रतिमाएँ तैयार करते हैं। वे हर साल गणेश चतुर्थी पर कम से कम 25 से अधिक मूर्तियाँ स्वयं बनाकर बेचते हैं।

 

 

दुर्गा पूजा के लिए 5 से 8 फीट की प्रतिमाएँ

गणेशोत्सव के साथ-साथ बद्दी राजू माँ दुर्गा की भी 5 से 8 फीट ऊँची भव्य मूर्तियों का निर्माण करते हैं। उनकी मूर्तियों की फिनिशिंग और सजीवता इतनी उत्कृष्ट होती है कि उत्सवों से काफी समय पहले ही लोग अग्रिम बुकिंग (एडवांस बुकिंग) करा लेते हैं।

आसपास के इलाकों में राजू की मूर्तियों की भारी माँग

आज तिमेड, भोपालपटनम, चेरपल्ली और मद्देड़ सहित आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों से समिति के सदस्य और श्रद्धालु राजू के पास मूर्तियाँ खरीदने पहुँचते हैं।

 

12 वर्षों का यह सफल सफर बद्दी राजू की कड़ी मेहनत, कला के प्रति समर्पण और उनकी कलात्मक पहचान का जीवंत प्रमाण है।

* गणेशोत्सव को लेकर पुलिस तैयार, समितियों के साथ बैठक में सुरक्षा पर जोर*

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* गणेशोत्सव को लेकर पुलिस तैयार, समितियों के साथ बैठक में सुरक्षा पर जोर*

बीजापुर, भोपाल पटनम मद्देड़,

आगामी गणेशोत्सव एवं विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मद्देड़ पुलिस ने गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और आयोजकों के साथ बैठक की।

 

थाना परिसर में आयोजि इस दौरान थाना प्रभारी डोगेंद्र पॉल पात्रे, सहायक उप निरीक्षक मौजूद रहे।

 

बैठक में गणेश पंडालों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और विसर्जन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

पुलिस ने पंडालों में CCTV, पर्याप्त रोशनी, फायर सेफ्टी और विद्युत सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा।

 

विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग, समय और स्थल का पालन करने के साथ ही यातायात एवं आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

 

वहीं DJ और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में नियमों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अश्लील या आपत्तिजनक गीतों से बचने को कहा गया।

 

पुलिस ने विसर्जन रैली में हथियारों के प्रदर्शन, खतरनाक स्टंट और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक के साथ भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने के निर्देश दिए।

 

पंडाल और विसर्जन मार्ग के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की गई।

 

बैठक में गणेश समितियों ने नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में उत्सव मनाने और पुलिस-प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

 

मद्देड़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि गणेशोत्सव को श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाएं तथा सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

 

“श्रद्धा के साथ उत्सव, जिम्मेदारी के साथ आयोजन।”

*🔳नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में शिक्षक के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज*,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*🔳नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में शिक्षक के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज*,,,,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

*🔳 पुलिस अधीक्षक बीजापुर के निर्देशन में महिला एवं बाल संबंधी अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील वैधानिक कार्रवाई हेतु दिए गए निर्देशों के पालन में थाना भोपालपटनम पुलिस द्वारा नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में अपराध पंजीबद्ध किया गया ।*
बीजापुर,,,,,,
🔳 दिनांक 12.09.2026 को पीड़िता की माता/प्रार्थिया द्वारा थाना भोपालपटनम में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत में बताया गया कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री, जो एकलव्य विद्यालय रुद्रारम में अध्ययनरत है, के साथ विद्यालय में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दय्या द्वारा दिनांक 07.10.2025 को गलत नियत से आपत्तिजनक स्पर्श कर छेड़छाड़ की गई। शिकायत के अनुसार, आरोपी द्वारा अलग-अलग अवसरों पर भी पीड़िता के साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया गया, जिसका पीड़िता द्वारा विरोध किया गया।

🔳 शिकायत के आधार पर थाना भोपालपटनम में आरोपी शिक्षक देवेंद्र दय्या के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं पॉक्सो अधिनियम, 2012 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

🔳 प्रकरण में पुलिस द्वारा नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा विवेचना जारी है।

बसना में रीढ़ और सांस संबंधी बीमारियों के इलाज की सुविधा, अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध..

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बसना में रीढ़ और सांस संबंधी बीमारियों के इलाज की सुविधा, अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध

महासमुंद/बसना। बसना स्थित अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में रीढ़ की हड्डी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. वैभव धवली द्वारा रीढ़ की समस्याओं के लिए एंडोस्कोपी स्पाइन सर्जरी की सुविधा दी जा रही है।

अस्पताल के अनुसार कमर और पैरों में दर्द, सुन्नपन या चलने में परेशानी जैसी समस्याओं में जांच और उचित उपचार की सुविधा उपलब्ध है। एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी में छोटे चीरे के साथ उपचार, कम दर्द और अपेक्षाकृत जल्दी डिस्चार्ज जैसे फायदे बताए गए हैं। यह तकनीक स्लिप डिस्क, सायटिका और स्पाइन स्टेनोसिस जैसी समस्याओं में उपयोगी हो सकती है।

वहीं, सांस और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के लिए डॉ. श्री रजनी, MD-Respiratory Medicine बतौर चेस्ट फिजिशियन सेवाएं दे रही हैं। अस्पताल में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, टीबी, COPD और स्लीप एपनिया जैसी बीमारियों के विशेषज्ञ उपचार की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक आयुष्मान कार्ड के माध्यम से भी उपचार की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल NABH Certified है। मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर अपनी बीमारी के अनुसार जांच और उपचार करा सकते हैं।

स्थान: बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)

संपर्क: 84618-11000, 77730-86100

 

*बैलों के सम्मान में झुकता है किसान का सिर, खेतों के साथी को मिलता है सम्मान कृषि संस्कृति का अनूठा लोकपर्व — बैल पूजा के साथ प्रकृति, धरती और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का संदेश* *पोला पर्व विशेष रिपोर्ट RK bharat news सहायक सम्पादक दीपक मरकाम, संवाददाता तेज नारायण सिंह की खबर,*

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*बैलों के सम्मान में झुकता है किसान का सिर, खेतों के साथी को मिलता है सम्मान
कृषि संस्कृति का अनूठा लोकपर्व — बैल पूजा के साथ प्रकृति, धरती और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का संदेश*

*पोला पर्व विशेष रिपोर्ट RK bharat news सहायक सम्पादक दीपक मरकाम, संवाददाता तेज नारायण सिंह की खबर,*

ग्रामीण अंचल पोला पर्व भारतीय ग्रामीण एवं कृषि संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण लोकपर्व है।

यह त्योहार उन बैलों के सम्मान में मनाया जाता है, जो सदियों से किसान के खेत और कृषि जीवन के अभिन्न साथी रहे हैं। किसान के लिए बैल केवल पशु नहीं, बल्कि खेती-किसानी की मेहनत में साथ देने वाला परिवार का सदस्य माना जाता रहा है।

पोला के अवसर पर बैलों को कृषि कार्य से विश्राम दिया जाता है। उन्हें स्नान कराकर साफ-सुथरा किया जाता है, उनके सींगों को रंग-बिरंगे रंगों से सजाया जाता है तथा गले में घंटियां, फूलों की माला और पारंपरिक सजावटी सामग्री पहनाई जाती है। इसके बाद किसान अपने बैलों की पूजा-अर्चना कर उन्हें विशेष भोजन कराता है।

क्यों मनाया जाता है पोला?
पोला पर्व का मूल उद्देश्य कृषि कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बैलों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। वर्षभर किसान के साथ खेतों में मेहनत करने वाले बैलों को इस दिन आराम दिया जाता है और उनकी विशेष देखभाल की जाती है।

यह पर्व किसान को प्रकृति और पशुधन के साथ अपने रिश्ते को याद करने का अवसर भी देता है। खेत, मिट्टी, पानी, वर्षा, पशुधन और किसान—इन सभी के आपसी संबंध से ही ग्रामीण कृषि जीवन आगे बढ़ता है।

बैल पूजा से जुड़ी सदियों पुरानी परंपरा
पोला के दिन ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही उत्सव का वातावरण दिखाई देने लगता है।

घरों और पशुशालाओं की साफ-सफाई की जाती है।

बैलों को नहलाकर सजाया जाता है और उनके सींगों पर रंग लगाया जाता है।

कई स्थानों पर बैलों की पूजा कर उन्हें तिलक लगाया जाता है और आरती उतारी जाती है। इसके बाद उन्हें गुड़, रोटी, अनाज, चारा तथा स्थानीय परंपरा के अनुसार विभिन्न प्रकार के पकवान खिलाए जाते हैं।

बच्चों में भी रहता है विशेष उत्साह
पोला पर्व का आकर्षण बच्चों में भी देखने को मिलता है।

बच्चे मिट्टी और लकड़ी से बने छोटे बैलों को सजाते हैं तथा पारंपरिक खेलों में हिस्सा लेते हैं।

इस परंपरा के माध्यम से नई पीढ़ी को ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है।
गांवों में दिखता है उत्सव और भाईचारे का रंग
पोला केवल बैल पूजा तक सीमित नहीं है।

यह ग्रामीण समाज में सामूहिकता, भाईचारे और आपसी मेल-जोल का पर्व भी है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देते हैं और पारंपरिक पकवानों का आनंद लेते हैं।

कई गांवों में सजे-धजे बैलों को देखने के लिए ग्रामीण एकत्र होते हैं। इससे पूरे गांव में उत्सव और उमंग का माहौल बन जाता है।
आधुनिक दौर में भी नहीं बदला भाव
आज खेती के क्षेत्र में आधुनिक मशीनों और तकनीक का उपयोग बढ़ गया है।

ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों ने खेती का स्वरूप काफी बदल दिया है। इसके बावजूद पोला पर्व का महत्व ग्रामीण समाज में कायम है।

यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि आधुनिकता के साथ अपनी लोक संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान को भी जीवित रखना जरूरी है।

पोला पर्व का संदेश
“खेत में जिसने किसान का साथ दिया, पोला उसी साथी के सम्मान का पर्व है।”

पोला किसान की मेहनत, बैलों के योगदान और धरती के प्रति कृतज्ञता की ऐसी परंपरा है, जो ग्रामीण भारत की जीवंत संस्कृति को आज भी अपने भीतर संजोए हुए है।

विशेष बॉक्स | पोला में क्या-क्या होता है?

बैलों को कृषि कार्य से विश्राम

बैलों को स्नान कराकर साफ-सफाई

सींगों और शरीर की विशेष सजावट

फूलों की माला एवं घंटियों से श्रृंगार

विधि-विधान से बैल पूजा एवं आरती

गुड़, रोटी, अनाज व चारे का विशेष भोजन

परिवार और ग्रामीण समाज में सामूहिक उत्सव
बच्चों द्वारा मिट्टी/लकड़ी के बैलों से पारंपरिक खेल
लोकसंस्कृति की पहचान
पोला पर्व केवल बैलों की पूजा नहीं, बल्कि किसान और उसके पशुधन के बीच सदियों पुराने आत्मीय रिश्ते, कृषि परंपरा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है।

महासमुंद में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा, कंटेनर से 120 किलो गांजा जब्त.70.08 लाख की संपत्ति जब्त

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत सिंघोड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एनएच-53 पर रेहटीखोल के पास एक कंटेनर वाहन को रोककर उसमें छिपाकर ले जाया जा रहा 120.060 किलो गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 60 लाख 3 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कंटेनर में गांजे की बड़ी खेप ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एनएच-53 पर घेराबंदी कर कंटेनर क्रमांक CG06 AV 4815 को रोका। वाहन में दो लोग सवार थे, जिनकी पहचान वसीम शाह (38) निवासी नडियाद, गुजरात और अय्युब खान (56) निवासी बोरसद, गुजरात के रूप में हुई।

तलाशी के दौरान कंटेनर के पिछले हिस्से में रखी चार प्लास्टिक बोरियों से 120.060 किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने गांजे को संबलपुर, ओडिशा से गुजरात ले जाने की बात पुलिस को बताई।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजे के अलावा दो मोबाइल फोन और कंटेनर वाहन भी जब्त किया। जब्त सामग्री और वाहन की कुल कीमत करीब 70 लाख 8 हजार 500 रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)ii(C) के तहत गिरफ्तार कर सिंघोड़ा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब गांजा तस्करी के सोर्स और डेस्टिनेशन के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियों की भी जांच कर रही है।

 

महासमुंद मे 48 घंटे में खुला परदेशी यादव की मौत का राज, पत्नी से छेड़छाड़ के विवाद में हत्या..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले मे बसना थाना क्षेत्र के भंवरपुर चौकी अंतर्गत बड़े साजापाली गांव में हुई परदेशी यादव की मौत का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब पीने के दौरान पत्नी से छेड़छाड़ की बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि मनोहर कोसरिया और भानूप्रताप लहरे ने परदेशी यादव के साथ मारपीट कर दी। गंभीर चोट लगने के बाद परदेशी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी अस्पताल मेमो के जरिए पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही भंवरपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की आशंका सामने आने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ ही घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। पूछताछ में सामने आया कि घटना से पहले परदेशी यादव, मनोहर कोसरिया और भानूप्रताप लहरे एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान मनोहर की पत्नी से छेड़छाड़ किए जाने की बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इसी बात से नाराज मनोहर ने परदेशी यादव के साथ हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की। गंभीर चोट लगने के बाद परदेशी जमीन पर गिर गया। इसके बाद भी मारपीट जारी रही और वह अचेत हो गया। बाद में मनोहर और भानूप्रताप उसे मोटरसाइकिल से अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने मारपीट करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वारदात के दौरान आरोपियों के कपड़ों पर खून लग गया था। पुलिस से बचने के लिए दोनों ने इन कपड़ों को भंवरपुर शासकीय अस्पताल के सामने एक गड्ढे में छिपा दिया था।

 

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मौके से दोनों के खून लगे कपड़े बरामद किए। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर भंवरपुर चौकी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 492/2026 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी..

भानूप्रताप लहरे (37) निवासी कुदरीपारा, बांकी मोंगरा, जिला कोरबा।

मनोहर कोसरिया (37) निवासी बड़े साजापाली, चौकी भंवरपुर, थाना बसना, जिला महासमुंद।

पुलिस के अनुसार मामले में पुलिस ने घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। आरोपियों की निशानदेही पर खून लगे कपड़े और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

महासमुंद: बसना में आज 12 सितंबर को लगेगा किडनी रोग जांच एवं परामर्श शिविर..

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महासमुंद: बसना में आज 12 सितंबर को लगेगा किडनी रोग जांच एवं परामर्श शिविर

बसना। महासमुंद जिले के बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 12 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे से किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग का विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में किडनी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

शिविर में किडनी रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ. रवि धर मरीजों की जांच और चिकित्सकीय परामर्श देंगे। डॉ. धर MBBS, MD (Internal Medicine) एवं DrNB (Nephrology) हैं।

अस्पताल के अनुसार शिविर में डायबिटिक किडनी, किडनी फेल्योर, किडनी में सूजन एवं संक्रमण, मूत्रमार्ग संक्रमण व पथरी, प्रोस्टेट संबंधी समस्याएं, एक्यूट एवं क्रॉनिक किडनी डिजीज, पेशाब संबंधी शिकायतें, झागदार पेशाब, रक्त अल्पता, कमजोरी और पैरों में सूजन (एडिमा) जैसी समस्याओं से संबंधित मरीजों को परामर्श दिया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से पीड़ित लोगों को समय-समय पर अपनी किडनी की जांच करवानी चाहिए। अग्रवाल नर्सिंग होम में 8 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट भी संचालित है, जहां प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

शिविर का आयोजन अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद में किया जायेगा..

संपर्क: 7773086100, 8461811000, 7770868473

*मोहला–जिले की डिजिटल पहचान को मजबूत करने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स मीट का आयोजन*

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मनीष कौशिक

मोहला—कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम के निर्देशानुसार जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आज डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स मीट का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जिले की डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जिले की सकारात्मक गतिविधियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने तथा आगामी सेवा संकल्प अभियान में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।बैठक में डिप्टी कलेक्टर सुश्री शुंभांगी गुप्ता, जिला जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र आर्य, सोशल मीडिया समन्वयक नितिन ठाकुर सहित विभिन्न सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूब चैनल एवं सोशल मीडिया पेज संचालक तथा अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में प्रशासन द्वारा जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, अभियानों एवं नवाचारों की जानकारी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ साझा की गई। साथ ही जिले की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं, पर्यटन की संभावनाओं, स्थानीय कला एवं परंपराओं, प्रतिभाओं, स्व-सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों एवं सफल हितग्राहियों की कहानियों को डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर चर्चा की गई।बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जिले की डिजिटल पहचान को मजबूत करने के लिए प्रशासन और स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स के बीच सहयोग एवं समन्वय आवश्यक है। क्रिएटर्स को उनकी रुचि, विशेषज्ञता एवं प्लेटफॉर्म की प्रकृति के अनुरूप विभिन्न विषयों पर कंटेंट तैयार करने तथा जिले की सकारात्मक कहानियों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।क्रिएटर्स के साथ जिले में डिजिटल इन्फ्लुएंसर कल्चर को और विकसित करने, नियमित कंटेंट निर्माण, प्रमुख शासकीय गतिविधियों एवं अभियानों के डिजिटल कवरेज, स्थानीय व्यवसाय एवं पर्यटन को बढ़ावा देने तथा भविष्य में संयुक्त डिजिटल अभियानों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि स्थानीय स्तर पर कई बार “जिले में मांग नहीं है, इसलिए नया कुछ नहीं हो पा रहा” जैसी धारणा सामने आती है। इसके विपरीत, डिजिटल माध्यमों के जरिए जिले की संभावनाओं को लोगों तक पहुंचाकर नई मांग और नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इस दिशा में कंटेंट क्रिएटर्स की पहुंच और रचनात्मकता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। “आप मांग उत्पन्न कीजिए, प्रशासन अवसर और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगा” की भावना के साथ मिलकर कार्य करने पर जोर दिया गया।आगामी सेवा संकल्प अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर भी चर्चा की गई तथा सभी क्रिएटर्स को अभियान से जुड़कर इसके उद्देश्यों एवं गतिविधियों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग हेतु आमंत्रित किया गया।बैठक में यह भी कहा गया कि जिला अपेक्षाकृत नया है और अब अपनी विशिष्ट डिजिटल पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने का उपयुक्त समय है। प्रशासन द्वारा स्थानीय क्रिएटर्स के साथ समन्वय, आवश्यक सहयोग एवं उनके सकारात्मक कार्यों को उचित मंच पर प्रोत्साहन एवं पहचान देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।अंत में प्रशासन एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने जिले की सकारात्मक पहचान को नई ऊंचाई देने के लिए “साथ मिलकर जिले की कहानी को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने” की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

*मोहला—संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के दिए निर्देश,कलेक्टर तनुजा सलाम एवं एसएसपी यशपाल सिंह ने एनकॉर्ड समिति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक ली*

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मनीष कौशिक

मोहला—कलेक्टर तनुजा सलाम की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह की उपस्थिति में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एनकॉर्ड समिति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, सामाजिक समरसता तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।एसडीएम मोहला हेमेंद्र भुआर्य समिति सदस्य श्रीमती नेहा पवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पुलिस विभाग के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।कलेक्टर तनुजा सलाम ने जिले में अवैध शराब के विक्रय, भंडारण एवं परिवहन संबंधी शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी, अवैध शराब के कारोबार तथा अन्य मादक पदार्थों की बिक्री एवं परिवहन पर सख्ती से रोक लगाई जाए। प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती पर प्रभावी निगरानी रखते हुए नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए कलेक्टर ने नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग को जागरूकता कार्यक्रमों का मासिक कैलेंडर तैयार कर विद्यालयों में नियमित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, समाज कल्याण एवं शिक्षा विभाग को कोटपा एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक परिसरों एवं उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। मेडिकल स्टोरों में की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिले के सभी मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती सलाम ने जिले की सड़कों पर दुर्घटना संभावित एवं ब्लाइंड स्पॉट की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्थानों का चिन्हांकन कर आवश्यकतानुसार रिफ्लेक्टर एवं सुरक्षा संबंधी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने को कहा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा नशे एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध संयुक्त रूप से कार्रवाई की जा रही है, जिसमें आमजन का सहयोग भी आवश्यक है।एसएसपी ने सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए नशे की हालत में वाहन चलाने वालों एवं नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोपहिया वाहन विक्रेताओं को प्रत्येक वाहन के साथ हेलमेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। कानून व्यवस्था एवं सामाजिक समरसता की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती सलाम ने अधिकारियों को जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक बहिष्कार, सामुदायिक विवाद एवं अन्य संवेदनशील मामलों पर सतत निगरानी रखने तथा ऐसे मामलों में गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

महासमुंद में प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक, अधूरे काम जल्द पूरा करने के निर्देश..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। जिले में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रभारी मंत्री एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में अलग-अलग विभागों की योजनाओं, निर्माण कार्यों और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की विस्तार से समीक्षा की गई।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाए। सड़क, पुल-पुलिया और अन्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पीडीएस और आजीविका डबरी के लिए अधिक से अधिक पात्र प्रकरण तैयार कर स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। वहीं बिहान योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर लगाने और शिविरों में बैंकर्स की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

प्रभारी मंत्री ने पंचायतों में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग करने को कहा। सरकारी राशि के दुरुपयोग या गबन की स्थिति में संबंधितों से नियमानुसार वसूली और कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

खाद्य विभाग की समीक्षा में शेष राशन कार्डों की ई-केवाईसी जल्द पूरी कराने और उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न का समय पर भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि हितग्राहियों को राशन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मौसमी बीमारियों को देखते हुए जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से एंटी-वेनम और रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा टीबी और मलेरिया उन्मूलन के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाइयों के अवैध विक्रय पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों को जल्द पूरा कराने और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। इसके अलावा राजस्व, कृषि, पशुपालन, शिक्षा सहित अन्य विभागों की योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा की गई।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और शासन की योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राही तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद, डीएफओ श्रीनिवास एन.टी. सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

महासमुंद में प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक, अधूरे काम जल्द पूरा करने के निर्देश..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। जिले में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रभारी मंत्री एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में अलग-अलग विभागों की योजनाओं, निर्माण कार्यों और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की विस्तार से समीक्षा की गई।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाए। सड़क, पुल-पुलिया और अन्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पीडीएस और आजीविका डबरी के लिए अधिक से अधिक पात्र प्रकरण तैयार कर स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। वहीं बिहान योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर लगाने और शिविरों में बैंकर्स की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

प्रभारी मंत्री ने पंचायतों में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग करने को कहा। सरकारी राशि के दुरुपयोग या गबन की स्थिति में संबंधितों से नियमानुसार वसूली और कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

खाद्य विभाग की समीक्षा में शेष राशन कार्डों की ई-केवाईसी जल्द पूरी कराने और उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न का समय पर भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि हितग्राहियों को राशन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मौसमी बीमारियों को देखते हुए जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से एंटी-वेनम और रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा टीबी और मलेरिया उन्मूलन के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाइयों के अवैध विक्रय पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों को जल्द पूरा कराने और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। इसके अलावा राजस्व, कृषि, पशुपालन, शिक्षा सहित अन्य विभागों की योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा की गई।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और शासन की योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राही तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद, डीएफओ श्रीनिवास एन.टी. सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

*मोहला—पेसा क्षेत्र में ‘सूद का शिकंजा’! 20 हजार पर हर हफ्ते 1 हजार ब्याज का आरोप,मोहला में निजी साहूकारी को लेकर दो शिकायतों से हड़कंप, खाली चेक-स्टाम्प लेने और दबावपूर्वक वसूली के भी आरोप; प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा*

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मोहला— पांचवीं अनुसूची क्षेत्र मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में कथित निजी साहूकारी और ऊंची ब्याज दरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मोहला में अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व) के समक्ष दिए गए दो अलग-अलग आवेदनों में एक महिला कर्जदाता के खिलाफ अत्यधिक ब्याज वसूली और कर्जदारों पर दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतों के मुताबिक जरूरत के समय छोटी रकम लेने वाले लोग ब्याज चुकाते-चुकाते कथित तौर पर कर्ज के ऐसे जाल में फंस रहे हैं, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।शिकायत में मोहला निवासी कल्पना गुप्ता, पति प्रतीक गुप्ता, गुप्ता दुकान, फव्वारा चौक का नाम सामने आया है। हालांकि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जांच की बात कही है।20 हजार लिए, हर सप्ताह 1 हजार ब्याज का आरोप पहली शिकायत में एक महिला ने बताया कि कपड़े के व्यवसाय के लिए करीब एक वर्ष पहले उसने 20 हजार रुपए उधार लिए थे। शिकायत के अनुसार इस रकम पर हर सप्ताह 1 हजार रुपए ब्याज तय किया गया। आवेदिका का दावा है कि लगातार ब्याज का भुगतान करने के बाद भी कर्ज का हिसाब समाप्त नहीं हुआ और अब भी मूलधन व ब्याज के नाम पर बड़ी रकम की मांग की जा रही है।शिकायतकर्ता के अनुसार ब्याज के रूप में करीब 50 हजार रुपए की मांग की जा रही है, जबकि उसके दावे के मुताबिक मूल रकम से दोगुने से अधिक राशि ब्याज के रूप में दी जा चुकी है।

खाली चेक और स्टाम्प पर हस्ताक्षर कराने का आरोप शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि रकम देते समय कथित रूप से खाली स्टाम्प पेपर और हस्ताक्षर किए हुए खाली चेक लिए जाते हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि भविष्य में रकम को लेकर विवाद होने पर इन दस्तावेजों का इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा सकता है यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल ऊंची ब्याज दर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित तौर पर दस्तावेजों के दुरुपयोग और दबावपूर्वक वसूली के पहलू की भी जांच जरूरी होगी।10 हजार के बदले हर सप्ताह 500 रुपए ब्याज का दावा दूसरी शिकायत में भी इसी तरह का आरोप सामने आया है। आवेदक के मुताबिक जरूरत के समय 10 हजार रुपए उधार लिए गए थे और इसके बदले हर सप्ताह 500 रुपए ब्याज लिया जा रहा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार ब्याज चुकाने के बावजूद कर्ज समाप्त नहीं हुआ। उसने यह भी बताया कि उसकी स्कूटी की आरसी बतौर गिरवी रखी गई है दोनों शिकायतों को साथ रखकर देखा जाए तो प्रशासन के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित लेनदेन कितने लोगों के साथ हुआ, कितनी रकम बांटी गई और कितनी राशि ब्याज के रूप में वसूल की गई 20 प्रतिशत मासिक ब्याज का आरोप, 240 प्रतिशत सालाना तक पहुंचता है हिसाब शिकायतकर्ता पक्ष ने करीब 20 प्रतिशत मासिक ब्याज वसूले जाने का आरोप लगाया है। साधारण गणना में यह दर सालाना 240 प्रतिशत तक पहुंचती है। हालांकि वास्तविक ब्याज दर और वसूली का स्वरूप प्रशासनिक जांच में दस्तावेजों तथा संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही स्पष्ट होगा।लेकिन यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो सवाल बेहद गंभीर है क्या मजबूरी में रकम लेने वाले लोगों को ब्याज के ऐसे जाल में फंसाया जा रहा था, जिसमें मूलधन चुकाने के बाद भी हिसाब खत्म नहीं होता?‘कर्ज’ या मजबूरी का कारोबार? जमीन तक बेचने की चर्चाएं क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ कर्जदार कथित तौर पर कर्ज चुकाने के लिए अपनी जमीन तक बेचने को मजबूर हुए। चिलमटोला निवासी के संबंध में भी जमीन बेचकर कर्ज चुकाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि निजी तौर पर ऊंची ब्याज दर पर रकम देने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है तो अब तक कितने परिवार इस कथित कर्ज-जाल में फंस चुके हैं?क्या किसी के पास चेक हैं? क्या किसी के पास स्टाम्प पेपर हैं? कितने लोगों की जमीन या वाहन गिरवी रखे गए? कितनी रकम दी गई और कितनी वसूली गई? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में साहूकारी पर सवाल मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र से जुड़ा है और यहां आदिवासी हितों की सुरक्षा के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था लागू है।ऐसे में प्रशासन को केवल दो शिकायतों तक सीमित रहने के बजाय यह भी जांचना होगा कि क्या क्षेत्र में कहीं और भी बिना वैध अनुमति निजी स्तर पर ब्याज का कारोबार संचालित हो रहा है?यदि कोई व्यक्ति वैधानिक अनुमति के बिना मनी लेंडिंग का कारोबार कर रहा है, तो संबंधित कानून के तहत कार्रवाई का प्रश्न उठता है। इसलिए शिकायतों की जांच में केवल कर्जदार और कर्जदाता के बीच हिसाब-किताब नहीं, बल्कि कथित साहूकारी की वैधता भी जांच का प्रमुख बिंदु होना चाहिए।ग्रामसभा को जानकारी तक नहीं!ग्राम पंचायत मोहला के सचिव कुबेर राम चोरिया ने बताया कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र ग्राम पंचायत मोहला में साहूकार प्रथा को लेकर ग्रामसभा से किसी प्रकार की अनुमति या जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ब्याज पर निजी तौर पर पैसा दे रहा है तो उसकी वैधता की जांच आवश्यक है।एसडीएम बोले नोटिस देकर होगी जांच अनुविभागीय दंडाधिकारी मोहला हेमेंद्र भूआर्य ने शिकायतें प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित पक्ष को नोटिस तामील कराया गया है। मामले की जांच की जाएगी और जांच में तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी माना कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के कारण मामला गंभीर है।अब असली सवाल मोहला में कितने ‘सूद के जाल’ सक्रिय?दो शिकायतों ने प्रशासन के सामने सिर्फ एक कथित साहूकार का मामला नहीं रखा है, बल्कि पूरे क्षेत्र में निजी साहूकारी की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।क्या यह सिर्फ दो कर्जदारों की कहानी है या फिर इसके पीछे निजी साहूकारी का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?कितने लोगों से खाली चेक लिए गए हैं?कितने स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए हैं?कितनों के वाहन या जमीन कथित तौर पर गिरवी हैं?और सबसे बड़ा सवाल—क्या पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में प्रशासन की नजरों से बचकर ब्याज का ऐसा कारोबार फल-फूल रहा है?अब निगाह प्रशासन की जांच पर है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र में निजी साहूकारी की जांच का रास्ता खोल सकती है।

*अंबागढ़ चौकी—-केकटीटोला में स्वच्छता जागरूकता अभियान, ग्रामीणों ने लिया स्वच्छ ग्राम का संकल्प स्वच्छता रैली से गूंजा केकटीटोला, “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत हुआ पौधारोपण*

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मनीष कौशिक

मोहला—- कलेक्टर तनुजा सलाम के निर्देश एवं सीईओ जिला पंचायत श्री उज्वल पोरवाल के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत अंबागढ़ चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत केकटीटोला में स्वच्छता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान में ग्राम पंचायत के सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य, ग्राम प्रमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।अभियान के तहत ग्राम में स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व तथा गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता शपथ लेकर ग्राम को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प लिया। अभियान के दौरान ग्राम में कचरा डंपिंग स्थल का चयन कर वहां साफ-सफाई की गई। साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया। स्वच्छता दीदियों द्वारा कचरा संग्रहण शेड के समीप भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।इस अवसर पर आसपास के दुकानदारों से अपील की गई कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और अपने प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को स्वच्छता दीदियों को ही सौंपें, ताकि कचरे का नियमित एवं उचित संग्रहण तथा प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से स्वच्छता जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनने तथा सामूहिक सहभागिता से स्वच्छ एवं सुंदर ग्राम के निर्माण का संदेश दिया गया।

 

स्थानीय अवकाश में आंशिक संशोधन*

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*स्थानीय अवकाश में आंशिक संशोधन*

*कोंडागांव, 11 सितम्बर 2026/* कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना द्वारा जिला कोण्डागांव के लिए कैलेण्डर वर्ष 2026 हेतु जारी स्थानीय अवकाश में आंशिक संशोधन किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार कोण्डागांव अनुभाग के लिए नवाखानी

बस्तर नवाखाई (या नवाखानी) छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल का एक प्रमुख पारंपरिक कृषि और आदिवासी त्योहार है, जो नई फसल के आगमन की खुशी में मनाया जाता है। ‘नवाखाई’ का शाब्दिक अर्थ है ‘नया अन्न खाना’ (नवा = नया, खाई = खाना)। यह त्योहार प्रकृति और अपने पूर्वजों के प्रति आभार प्रकट करने का जरिया
इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार कोण्डागांव अनुभाग के लिए नवाखानी
16 सितंबर 2026 दिन बुधवार को एवं केशकाल एवं फरसगांव अनुभाग के लिए 21 सितम्बर 2026 दिन सोमवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

*मोहला—कलेक्टर तनुजा सलाम ने छात्रावासों का किया औचक निरीक्षण एकलव्य बालक छात्रावास में अस्वच्छता पर प्राचार्य एवं अधीक्षक पर जताई नाराजगी, व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश*

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मनीष कौशिक

मोहला—कलेक्टर तनुजा सलाम ने विकासखंड अंबागढ़ चैकी के विभिन्न छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत उज्वल पोरवाल, एसडीएम मोहला हेमेंद्र भुआर्य सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें। कलेक्टर सलाम ने सबसे पहले शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, अंबागढ़ चैकी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर बेड, कुर्सी-टेबल, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की तथा छात्रावास में आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके पश्चात कलेक्टर ने एकलव्य आदर्श बालक आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास, अंबागढ़ चैकी का निरीक्षण किया। छात्रावास परिसर में साफ-सफाई की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने प्राचार्य एवं छात्रावास अधीक्षक को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर भोजन, आवासीय व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही छात्रावास परिसर में स्वच्छता एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।कलेक्टर ने एकलव्य आदर्श बालिका आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का भी निरीक्षण किया। यहां बेहतर साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की तथा छात्राओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के परिजनों से भी चर्चा कर विद्यालय एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया।

*- उद्यान में पौधों की उपलब्धता एवं कार्ययोजना की ली जानकारी*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर तनुजा सलाम ने ग्राम केकतीटोला स्थित उद्यान भी पहुंचीं। उन्होंने उद्यान विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। आगामी दिनों में प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए कार्ययोजना के अनुरूप पौधों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की आगामी कार्ययोजना की भी जानकारी ली।

*- मोेंगरा बैराज के विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश*

कलेक्टर ने मोगरा बैराज का भी अवलोकन किया। उन्होंने बैराज की वर्तमान स्थिति एवं आसपास के क्षेत्र का जायजा लेते हुए इसके बेहतर विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बैराज क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा सके।

*- ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा*

सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को आयोजित होने वाले शुभारंभ एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम ‘आशीर्वाद का दीया’ की तैयारियों का भी कलेक्टर सलाम ने जायजा लिया। उन्होंने बिहरी कला एनीकट का अवलोकन करने के साथ ही कार्यक्रम स्थल बाजार चैक का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के परिसर की साफ-सफाई अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पलना से तीन आदिवासी बेटियां लापता, सुक्कू नाग ने सरकार से पूछा—क्या अब सरकार इन बेटियों को बचा पाएगी?*

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*पलना से तीन आदिवासी बेटियां लापता, सुक्कू नाग ने सरकार से पूछा—क्या अब सरकार इन बेटियों को बचा पाएगी?*
कोंडागांव। फरसगांव ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे ग्राम पलना से तीन आदिवासी बेटियों के लापता होने के मामले ने क्षेत्र में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजनों के अनुसार लापता बेटियों में *सनो (13 वर्ष), अनीता (13 वर्ष) तथा मानबत्ती (18 वर्ष)* शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक एजेंट ने बेटियों को काम दिलाने के नाम पर बुलाया और उनकी जानकारी के बिना उन्हें तमिलनाडु भेज दिया।
जब परिजनों को पता चला फिर परिजनों ने पिछले करीब चार महीनों से अपनी बेटियों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
*AAP जिलाध्यक्ष सुक्कू नाग ने सरकार पर साधा निशाना*
आम आदमी पार्टी के जिला *अध्यक्ष सुक्कू नाग ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि महिलाएं और बेटियां सुरक्षित हैं,* लेकिन ग्राम पलना की तीन बेटियों के लापता होने की घटना ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*सुक्कू नाग ने कहा,*“भाजपा सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है। सरकार तो बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटती है—‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।’ लेकिन आज बस्तर की बेटियां महीनों से लापता हैं और उनके परिवार अपनी बेटियों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। क्या अब सरकार इन बेटियों को बचा पाएगी?”
उन्होंने कहा कि बस्तर के बेरोजगार युवाओं और बेटियों को रोजगार देने में सरकार विफल रही है। रोजगार के अभाव में लोग दूसरे राज्यों की ओर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार बस्तर के युवाओं को उनके ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार नहीं दे पा रही है, तो मजबूरी में होने वाले पलायन और उससे जुड़ी ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
*सुक्कू नाग ने कहा, “हमारे बस्तर के बेरोजगारों को भाजपा सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। उसी का नतीजा है कि हमारे बेटे-बेटियां काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं।* सरकार को बताना चाहिए कि बस्तर के युवाओं को रोजगार कब मिलेगा और हमारी बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
*उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा केवल मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।* सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बस्तर की बेटियों को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और सम्मान उनके अपने क्षेत्र में मिले।
मानव तस्करी की आशंका की गंभीरता से जांच की मांग
*सुक्कू नाग ने कहा कि नाबालिग बेटियों के लापता होने का मामला बेहद संवेदनशील है।* इसमें मानव तस्करी की आशंका सहित हर संभावित पहलू की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी एजेंट या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तीनों बेटियों की तत्काल तलाश कर सकुशल घर वापसी सुनिश्चित की जाए, साथ ही तमिलनाडु पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की जांच तेज की जाए।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
*आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि:*
तीनों लापता बेटियों की तत्काल तलाश कर उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल गठित किया जाए।
नाबालिगों को काम के नाम पर बाहर ले जाने वाले एजेंटों की भूमिका की जांच की जाए।
जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
*सुक्कू नाग ने कहा, “बस्तर की बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार चाहिए—सिर्फ नारे नहीं। सरकार को अब भाषण नहीं, जमीन पर परिणाम दिखाना होगा।”*

फरसगांव ब्लाक के अंतिम छोर पर बसे गांव पलना से 3 आदिवासी बेटियां लापता तमिलनाडु ले जाई गईं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल – दलाल पर कार्रवाई की मांग**

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*फरसगांव ब्लाक के अंतिम छोर पर बसे गांव पलना से 3 आदिवासी बेटियां लापता तमिलनाडु ले जाई गईं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल – दलाल पर कार्रवाई की मांग**

कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के अंतिम गांव पलना से तीन आदिवासी बेटियों के लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक एजेंट ने बहला-फुसलाकर उन्हें काम के बहाने तमिलनाडु ले जाया है।

गुरुवार को मामले की जानकारी मिलने पर हमारी टीम गांव पलना पहुंची। वहां लापता बेटियों के पिता, पंच, पूर्व सरपंच और ग्रामीणों से बातचीत की गई।

परिजनों के अनुसार लापता बेटियों में दो नाबालिग हैं – सनो (13 वर्ष) और अनीता (13 वर्ष) और तीसरी मानबत्ती (18 वर्ष) बताई जा रही है। पिताओं ने बताया कि गांव के ही एजेंट ने बिना बताए बेटियों को बुलाकर तमिलनाडु भेज दिया। शुरू में एजेंट ने जिम्मेदारी लेने की बात कही थी, लेकिन अब वह मुंह मोड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में यह पहला मामला नहीं है। पढ़ाई छोड़ चुकी कुछ अन्य बेटियों और युवकों को भी काम के बहाने तमिलनाडु ले जाने की बात सामने आई है, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव, केशकाल नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारी लाल सोरी और समाजसेवी पत्रकार कृष्ण दत्त उपाध्याय भी आज ग्राम पलना पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर पूरी जानकारी ली।

परिजन पिछले चार महीनों से अपनी बच्चियों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। अनहोनी की आशंका से परिवार दहशत में है। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है।

*पूर्व विधायक ने उठाया मामला*

मामले को गंभीरता से लेते हुए केशकाल के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने कहा कि यह घटना हृदयविदारक और मानव तस्करी की आशंका से जुड़ी है। उन्होंने कहा –
ग्राम पंचायत पलना, जो कि पुलिस क्षेत्राधिकार थाना बेनुर जिला पुलिस नारायणपुर के अधीन आता है, तीन नाबालिग युवतियों के अचानक लापता होने की घटना बेहद हृदयविदारक, संवेदनशील और गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने नारायणपुर पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और तमिलनाडु पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर तीनों बच्चियों की सकुशल बरामदगी की जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि लापता बेटियों को तत्काल तलाश कर सुरक्षित वापस लाया जाए और गांव से नाबालिगों को बाहर ले जाने वाले दलालों / एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

*तैराकी में बीजापुर के खिलाड़ियों ने लहराया परचम*,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

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*तैराकी में बीजापुर के खिलाड़ियों ने लहराया परचम*,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

*राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में 8 स्वर्ण, 14 रजत और 8 कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया जिले का मान*

बीजापुर।,,,,,,,, 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026-27 में बीजापुर स्पोर्ट्स अकैडमी के तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। बिलासपुर में 3 से 6 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता की तैराकी स्पर्धा में बीजापुर के खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों में 8 स्वर्ण, 14 रजत और 8 कांस्य सहित कुल 30 पदक अपने नाम किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अंडर-19 छात्राओं ने द्वितीय तथा अंडर-14 छात्राओं ने तृतीय स्थान प्राप्त कर बस्तर संभाग का नाम रोशन किया।

अंडर-14 वर्ग में सपना ने 2 स्वर्ण और 2 रजत पदक हासिल किए। अक्षय ने 1 रजत, सुभाष ने 1 कांस्य तथा तमन्ना ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक जीता।

अंडर-17 वर्ग में बबलू ने 3 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सरैया ने 1 रजत और 1 कांस्य, संदीप ने 1 कांस्य, रीता ने 3 रजत, गुंजन ने 1 रजत और 1 कांस्य, रमादेवी ने 1 रजत और 1 कांस्य तथा साधना ने 1 रजत पदक अपने नाम किया।

अंडर-19 वर्ग में साधना ने 2 स्वर्ण और 2 रजत, जबकि अक्षिता ने 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे उनकी नियमित अभ्यास, कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ प्रशिक्षक दीप्ति वर्मा के तकनीकी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। खिलाड़ियों की सफलता से बीजापुर स्पोर्ट्स अकैडमी और जिले में उत्साह का माहौल है।

कलेक्टर श्री विश्वदीप एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ते हुए जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पाण्डेय, डीएमसी श्री भवानी शंकर रेड्डी,सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र कुमार पटले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बीजापुर के तैराकों की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि संसाधनों और अवसरों के साथ सही प्रशिक्षण एवं निरंतर मेहनत मिले तो जिले की प्रतिभाएं राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम मे आज 11 सितंबर को लगेगा विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर, जोड़ एवं गठिया के साथ यूरोलॉजी की मिलेगी सुविधा..

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बसना में 11 सितंबर को लगेगा विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर, जोड़ एवं गठिया के साथ यूरोलॉजी की मिलेगी सुविधा

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में शुक्रवार 11 सितंबर 2026 को मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के सुप्रसिद्ध जोड़ एवं गठिया रोग विशेषज्ञ (रूमेटोलॉजिस्ट) डॉ. नमन जैन मरीजों को परामर्श एवं उपचार की सुविधा देंगे। वे सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।

शिविर में जोड़ दर्द, सूजन, अकड़न, टेढ़ापन, कमर व गर्दन दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी या दर्द, गठिया, वात, ऑटोइम्यून बीमारियों, त्वचा के कड़क होने तथा SLE और Sjögren जैसी बीमारियों से संबंधित मरीज परामर्श ले सकेंगे।

इसी दिन अस्पताल में यूरोलॉजी कैंप का भी आयोजन किया जा रहा है। यूरो सर्जन डॉ. तुषार दानी सुबह 10 बजे से मरीजों की जांच एवं परामर्श करेंगे। शिविर में किडनी की पथरी, प्रोस्टेट, किडनी में सूजन एवं सिकुड़न, पुरुषों में बांझपन एवं नपुंसकता, मूत्र संक्रमण, मूत्र नली की समस्या, किडनी-प्रोस्टेट एवं टेस्टिस कैंसर सहित अन्य यूरोलॉजी संबंधी समस्याओं का उपचार एवं ऑपरेशन संबंधी परामर्श दिया जाएगा।

शिविर में सिटी स्कैन के माध्यम से पथरी की जांच, किडनी, प्रोस्टेट एवं पथरी संबंधी ऑपरेशन की सुविधा तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए अन्य उपचार सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी। यूरोलॉजी कैंप में जांच फीस मात्र 700 रुपये रखी गई है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों से अग्रिम पंजीयन कराने की अपील की है।

अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में आयोजित इस संयुक्त विशेषज्ञ शिविर से क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से स्थानीय स्तर पर परामर्श और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

*ग्राम तारूड में जवानों के स्वास्थ्य की हुई जांच, 70 जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण*,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*ग्राम तारूड में जवानों के स्वास्थ्य की हुई जांच, 70 जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण*,,,,,,,

,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

*चिकित्सा शिविर में विभिन्न बीमारियों की पहचान कर दिया गया आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,14वीं वाहिनी (भा/र) छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा सेनानी श्रीमती मोनिका ठाकुर के तत्वावधान में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बीजापुर डॉ. बी.आर. पुजारी के मार्गदर्शन में विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम तारूड में एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य जवानों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर चिन्हांकन एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करना रहा।

शिविर में जिला चिकित्सालय बीजापुर से सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर, आरएमओ एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण कंवर, एम.डी. मेडिसिन डॉ. राहुल राठौर सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। चिकित्सा दल ने शिविर में उपस्थित जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।

शिविर के दौरान कुल 70 जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में आर्थराइटिस के 08, हाइपरटेंशन के 03, डायबिटीज के 02, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस का 01, शोल्डर ज्वाइंट मूवमेंट में प्रतिबंध का 01 तथा डायबिटिक रेटिनोपैथी का 01 प्रकरण चिन्हांकित किया गया।

चिन्हांकित जवानों को संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। जिन जवानों को आगे की जांच अथवा उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें उसके संबंध में भी उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

चिकित्सा शिविर के माध्यम से जवानों के स्वास्थ्य की जांच के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान और उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस तरह के शिविर जवानों के बेहतर स्वास्थ्य, नियमित स्वास्थ्य निगरानी और कार्यक्षमता बनाए रखने में उपयोगी साबित हो रहे हैं।

*10 वर्षों से लगातार प्रतिमाएं बना रहे दुष्यंत देहारी, पूरे भोपालपटनम ब्लॉक की मांग अकेले कर रहे पूरी*,,,, ,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*10 वर्षों से लगातार प्रतिमाएं बना रहे दुष्यंत देहारी, पूरे भोपालपटनम ब्लॉक की मांग अकेले कर रहे पूरी*,,,,

,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

*विरासत का हुनर: पिता से सीखी मूर्तिकला, अब दुष्यंत के हाथों आकार ले रहे विघ्नहर्ता*

*जगदलपुर पर निर्भरता खत्म; धरती माता की पूजा के बाद जंगल से मिट्टी लाकर शुरू होती है निर्माण प्रक्रिया*

भोपालपटनम। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां जोरों पर हैं। विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की स्थापना के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। वहीं, भोपालपटनम के युवा मूर्तिकार दुष्यंत देहारी पिछले एक महीने से गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं। पर्व नजदीक आते ही उनकी कार्यशाला में रंग-रोगन और बारीक कारीगरी का काम तेजी से चल रहा है।

*10 वर्षों से अकेले संभाल रहे पूरे क्षेत्र की जिम्मेदारी*

युवा दुष्यंत देहारी पिछले 10 वर्षों से स्वयं गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। वे छोटे से लेकर विशाल आकार तक की प्रतिमाएं बनाते हैं और पूरे ब्लॉक में गणेश उत्सव के लिए लगने वाली अधिकांश मांग को अकेले पूरा करते हैं।

*पिता से विरासत में मिली कला*

दुष्यंत ने यह कला अपने पिता भरत देहारी से सीखी है। लगभग 35-40 वर्ष पूर्व भरत देहारी एक शिक्षक के रूप में इस क्षेत्र में आए थे। उन्होंने यहां धार्मिक आयोजनों के लिए प्रतिमाएं बनाना शुरू किया। पिता के साथ काम करते-करते दुष्यंत ने भी मूर्ति निर्माण की बारीकियां सीखीं और अब इस कला को आधुनिक निखार के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

*बाहरी शहरों पर निर्भरता हुई खत्म*

स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले भोपालपटनम और आसपास के गांवों में प्रतिमाएं जगदलपुर से मंगवानी पड़ती थीं। देहारी परिवार द्वारा मूर्ति निर्माण कार्य शुरू करने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। अब क्षेत्रवासियों को किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ता।

*परंपरा और आस्था: धरती माता की पूजा से शुरुआत*

दुष्यंत बताते हैं कि मूर्ति निर्माण केवल मिट्टी को आकार देना नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा कार्य है। जंगल से मिट्टी लाने से पहले धरती माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद ही मिट्टी तैयार कर प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है।

*14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप*

14 सितंबर को आयोजित होने वाले गणेश चतुर्थी पर्व के लिए अब कुछ ही दिन शेष हैं। दुष्यंत प्रतिमाओं के चेहरे, आभूषण और वस्त्रों पर रंग-रोगन व बारीक कारीगरी करने में जुटे हैं। उनके लिए यह कार्य केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि पिता से मिली सांस्कृतिक विरासत को श्रद्धा और लगन के साथ सहेजने का संकल्प है।

भंगाराम माई दरबार में 12 सितंबर को भव्य भादों जातरा

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*भंगाराम माई दरबार में 12 सितंबर को भव्य भादों जातरा*

केशकाल। अंचल की आराध्य देवी माँ भंगाराम के दरबार में इस वर्ष की ऐतिहासिक भादों जातरा 12 सितंबर, शनिवार को आयोजित होगी।

यह जातरा बस्तर की आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ मानी जाती है। अपनी पुरातन परंपरा का निर्वाह करते हुए नौ परगना के सैकड़ों गाँवों से हजारों श्रद्धालु अपने गाँव के देवी-देवताओं, आंगा-देव, छत्र और डोली के साथ माई के दरबार में पहुँचते हैं।

श्रद्धालु अपने घर-परिवार और गाँव को दैहिक-दैविक आपदा से बचाए रखने और सुख-समृद्धि व अच्छी फसल की कामना लेकर अगाध आस्था के साथ माता की सेवा-पूजा करते हैं। सावन माह से शुरू हुई सात शनिवार की विशेष पूजा का समापन इसी भादों जातरा के रूप में होता है।

इस जातरा का सबसे खास आकर्षण है – देवी-देवताओं की अदालत। मान्यता है कि दूसरे दिन माई के समक्ष उन देवी-देवताओं पर लगे आरोपों की सुनवाई होती है जो अपने गाँव की रक्षा में चूक गए हों। दोषी पाए जाने पर देवताओं को मंदिर से हटाकर निर्वासन की प्रतीकात्मक सजा भी दी जाती है।

अपने आप में बेहद खास, आकर्षक और रोमांचक यह जातरा देखने देश-विदेश से भी लोग पहुँचते हैं।

ग्राम पंचायत पावड़ा में नल-जल योजना सिर्फ दिखावा, 4 साल बाद भी नहीं बनी पानी टंकी

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*कोंडागांव: ग्राम पंचायत पावड़ा में नल-जल योजना सिर्फ दिखावा, 4 साल बाद भी नहीं बनी पानी टंकी*
राजमन नाग

-* केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्राम पंचायत पावड़ा में पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है। यहां नल जल योजना के नाम पर सिर्फ पाइप लाइन बिछाकर खानापूर्ति कर दी गई है, जबकि योजना की सबसे अहम कड़ी पानी टंकी का निर्माण आज चार साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है।

ग्रामीणों के अनुसार पावड़ा पंचायत में लगभग 4 वर्ष पूर्व नल-जल योजना का कार्य शुरू हुआ था। ठेकेदार द्वारा गांव में जगह-जगह पाइप लाइन बिछा दी गई और घरों में नल कनेक्शन भी लगा दिए गए, लेकिन पानी टंकी का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। टंकी के बिना पाइप लाइन और नल सिर्फ शोपीस बने हुए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सरपंच और पंच प्रतिनिधियों द्वारा कई बार संबंधित ठेकेदार को इसकी जानकारी दी गई, उसे अवगत कराया गया, लेकिन आज तक ठेकेदार मौके पर देखने तक नहीं आया। उसकी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सबसे ज्यादा परेशानी पनका पारा के लोगों को उठानी पड़ रही है। टंकी नहीं बनने से उन्हें आज भी थोर्रा-झरिया और अन्य गंदे स्रोतों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पहले के ठेकेदार ने अपना काम पूर्ण बताकर पोस्टर-बैनर में योजना को कंप्लीट दिखा दिया है। मौके पर लगे सूचना पटल पर योजना की लागत 72.465 लाख रुपये दर्शायी गई है, लेकिन धरातल पर टंकी का नामोनिशान तक नहीं है। अधूरे काम को ही पूर्ण दिखाकर राशि का बंदरबांट करने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि इतने सालों में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा भी इस पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया। न तो ठेकेदार पर कार्रवाई हुई और न ही टंकी निर्माण के लिए कोई नई पहल शुरू की गई।

ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर कोंडागांव से मांग की है कि मामले की जांच कर लापरवाह ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द पानी टंकी का निर्माण कर गांव में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

*योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने कलेक्टर श्री विश्वदीप ने दिए निर्देश*,, ,,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

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*योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने कलेक्टर श्री विश्वदीप ने दिए निर्देश*,,

,,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

*साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में ‘बस्तर मुन्ने’, वीबी-जी राम जी, आवासीय संस्थानों, कृषि और स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,। कलेक्टर श्री विश्वदीप ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जिले में संचालित शासन की विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के साथ योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक शत-प्रतिशत पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में वीबी-जी राम जी, ‘बस्तर मुन्ने’, आवासीय शैक्षणिक संस्थानों, धान पंजीयन, एग्रीस्टैक, पीएमजीएसवाई, टीबी स्क्रीनिंग एवं HPV वैक्सीनेशन सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।

*1000 आजीविका डबरी निर्माण की बनेगी कार्ययोजना*

बैठक में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत जिले में 1000 आजीविका डबरी निर्माण की कार्ययोजना के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे ने कलेक्टर को अवगत कराया। उन्होंने प्रस्तावित कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की रूपरेखा की जानकारी दी।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने निर्देशित किया कि डबरी निर्माण के कार्यों का चयन ग्रामीण परिवारों की आजीविका एवं स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने डबरी के माध्यम से सिंचाई, मत्स्य पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही बालिका शौचालय, आंगनबाड़ी तथा जल संरक्षण के लिए स्ट्रेंच निर्माण जैसे आवश्यक कार्यों की भी कार्ययोजना तैयार कर प्राथमिकता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*‘बस्तर मुन्ने’ में सभी सेवाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन हो सुनिश्चित*

कलेक्टर ने ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान की समीक्षा करते हुए जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र, वनाधिकार पत्र सहित अभियान के तहत उपलब्ध कराई जा रही सभी सेवाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को सेवाओं का लाभ मिलने के साथ संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एंट्री भी सुनिश्चित की जाए। मैदानी अमले के माध्यम से छूटे हुए हितग्राहियों की पहचान कर उनके आवेदन एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराने के निर्देश भी दिए गए।

*आवासीय संस्थानों में बिजली-पानी सहित सभी सुविधाओं की नियमित निगरानी*

जिले के सभी आवासीय शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बिजली, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय सहित सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने तथा कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

*धान पंजीयन और एग्रीस्टैक के लिए किसानों को करें जागरूक*

कलेक्टर ने धान पंजीयन से संबंधित खसरा पंजीयन एवं एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को पंजीयन की आवश्यकता एवं प्रक्रिया के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक करने तथा पात्र किसानों का समय-सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*सड़कों के निरीक्षण और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी हुई समीक्षा*

बैठक में पीएमजीएसवाई सड़कों के निर्माण एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं कार्यों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान टीबी स्क्रीनिंग एवं HPV वैक्सीनेशन की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने लक्षित हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने अधिकारियों से कहा कि समय-सीमा बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन और उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय योजनाओं को केवल कागजी प्रगति तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक लाभ को नागरिकों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल, संयुक्त कलेक्टर श्री उत्तम सिंह पंचारी सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी गण समस्त अनुभाग के एसडीएम डिप्टी कलेक्टर तहसीलदार सीईओ जनपद पंचायत एवं सीएमओ नगरीय निकाय उपस्थित थे।

खाद्य प्रतिष्ठान में अनियमितताओं पर बिट्टू फैमिली ढाबे की खाद्य अनुज्ञप्ति 10 दिनों के लिए निलंबित,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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खाद्य प्रतिष्ठान में अनियमितताओं पर बिट्टू फैमिली ढाबे की खाद्य अनुज्ञप्ति 10 दिनों के लिए निलंबित,,,,,,,,

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साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई

बीजापुर ,,,,,,,- नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की निरंतर जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री अंकित गुप्ता द्वारा बीजापुर जिले में स्थित थाना के सामने, मेन रोड किनारे संचालित मेसर्स बिट्टू फैमिली ढाबा का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई, स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के समय खाद्य अनुज्ञप्ति प्रदर्शित नहीं की गई थी। खाद्य सामग्री एवं रॉ-मटेरियल के भंडारण के लिए उचित व्यवस्था नहीं पाई गई। खाना बनाने के स्थान पर ही शाक-सब्जियों की सफाई की जा रही थी तथा निकलने वाला कचरा फर्श पर गिरा हुआ पाया गया।
इसी प्रकार बर्तन धोने के स्थान पर खाद्य सामग्रियों का भंडारण एवं प्रसंस्करण किया जाना पाया गया। रसोई में रखा डस्टबिन कचरे से भरा, गंदा एवं बिना ढक्कन के खुला हुआ था। वेज एवं नॉनवेज खाद्य सामग्रियों को एक ही डीप फ्रीजर में रखा गया था तथा डीप फ्रीजर की लिड के किनारों पर गंदगी जमी हुई पाई गई। डायनिंग टेबल भी साफ नहीं थी। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्रियों को चूहों एवं अन्य कीटों से बचाने के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए जाने तथा रसोई में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यशैली में भी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप कमी पाई गई।
उक्त अनियमितताएं खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञापन और रजिस्ट्रीकरण) विनियम, 2011 के प्रावधानों के उल्लंघन की श्रेणी में पाई गईं। अनियमितताओं को दूर करने के लिए मेसर्स बिट्टू फैमिली ढाबा के प्रोप्राइटर श्री डोमेन्द्र देवांगन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समयावधि में उनके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इस पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई करते हुए मेसर्स बिट्टू फैमिली ढाबा की खाद्य अनुज्ञप्ति 10 दिवस के लिए निलंबित कर दी गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।