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महासमुंद मे विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त

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महासमुंद।,13 जून ।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*मोहला—नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए नई शुरुआत, 5 सदस्यों को मिली सरकारी नौकरी*

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मनीष कौशिक

मोहला —नक्सल हिंसा की पीड़ा झेल चुके परिवारों के लिए जिला प्रशासन ने राहत और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नक्सल पुनर्वास नीति के तहत जिले के 5 नक्सल पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है। जिला कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पीड़ा से आत्मनिर्भरता तक… सरकारी नौकरी ने दी नई उम्मीद

नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए सरकारी नौकरी महज रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती, सामाजिक सम्मान और स्थायी भविष्य की ओर बढ़ता एक अहम कदम है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत की गई इस नियुक्ति से प्रभावित परिवारों को अपने जीवन को नए सिरे से संवारने का अवसर मिला है।इन सभी 5 पात्र सदस्यों की नियुक्ति आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास एवं आश्रमों में भृत्य पद पर की गई है। नियुक्ति प्राप्त करने वालों में रवि दुग्गा, अजय कुमार सलामे,दिलसाय कोरेटी, समीला पूड़ो एवं पायल ईश्वर पूड़ो शामिल हैं।

कलेक्टर ने कहा—जिम्मेदारी के साथ निभाएं दायित्व

नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए कलेक्टर तनुजा सलाम ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है।उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपील की। साथ ही कार्यस्थल पर अनुशासन, समर्पण और बेहतर कार्य संस्कृति के साथ सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया।

परिवार को मिला आर्थिक संबल, भविष्य को मिली मजबूती

नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित परिवारों को केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि उन्हें **स्थायी रूप से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना** भी है। इसी उद्देश्य के तहत पात्र परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा का अवसर दिया गया है।सरकारी नौकरी मिलने से इन परिवारों को नियमित आय के साथ आर्थिक स्थिरता मिलेगी। वहीं परिवार के बच्चों की शिक्षा, बेहतर जीवन और भविष्य की योजनाओं को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पुनर्वास की पहल बनी भरोसे की नई कड़ी

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और विश्वास की स्थापना के लिए पुनर्वास सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा नक्सल पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा में अवसर देना पुनर्वास की प्रक्रिया को जमीन पर मजबूती देने वाली पहल माना जा रहा है।यह नियुक्ति उन परिवारों के लिए एक संदेश भी है कि हिंसा से प्रभावित जीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए शासन उनके साथ खड़ा है। बीते संघर्ष की छाया से निकलकर अब इन पांच परिवारों के सदस्यों ने सरकारी सेवा के जरिए एक नई शुरुआत की है जहां उम्मीद है, आत्मनिर्भरता है और बेहतर भविष्य का रास्ता भी।

*मोहला—संस्थागत जीवन से परिवार की छांव तक पहुंचा मासूम, मोहला में फॉस्टर केयर की ऐतिहासिक शुरुआत,जिले का पहला सफल फॉस्टर केयर पुनर्वास बना बाल संरक्षण की नई मिसाल, प्रशासन की पहल से बालक को मिला अपना परिवार और सुरक्षित भविष्य*

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मनीष कौशिक

मोहला– बाल संरक्षण के क्षेत्र में जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ने एक नई और संवेदनशील मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल कल्याण समिति (CWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में पहली बार फॉस्टर केयर (पोषण देखरेख) के माध्यम से एक बालक का सफल पुनर्वास किया गया है। संस्थागत देखरेख में रह रहे बालक को अब एक सुरक्षित पारिवारिक वातावरण मिला है, जहां वह स्नेह, संरक्षण और नियमित शिक्षा के साथ अपने भविष्य की नई शुरुआत कर रहा है।

रेस्क्यू से पुनर्वास तक चला पूरा अभियान

कलेक्टर तनुजा सलाम के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में 1 जून से 30 जून 2026 तक सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के रेस्क्यू एवं पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसी अभियान के दौरान श्रम विभाग, पुलिस विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने एक स्थानीय ढाबे से बालक को रेस्क्यू किया।जांच के दौरान पता चला कि बालक के माता-पिता और दादा-दादी का निधन हो चुका है। ऐसी परिस्थिति में बालक को तत्काल संरक्षण प्रदान करते हुए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद उसे बालगृह भेजा गया।

बालक ने कहा—संस्था नहीं, परिवार की छांव चाहिए

बालगृह में काउंसलिंग के दौरान बालक ने पारिवारिक माहौल में रहने की इच्छा जताई। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई ने बालक के दूर के रिश्तेदारों से संपर्क स्थापित किया। सामाजिक कार्यकर्ता, संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थागत देखरेख) और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अल्टरनेटिव केयर (इंडिया), दुर्ग संभाग के समन्वय से रिश्तेदारों की काउंसलिंग की गई।रिश्तेदारों ने बालक के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे अपने परिवार में रखने की सहमति दी। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई ने संभावित पोषण परिवार का गृह अध्ययन, साक्षात्कार और पात्रता सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पूरी की।

कानूनी प्रक्रिया पूरी, फिर मिली परिवार की जिम्मेदारी

बालक के आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए गए और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत सभी आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। बाल कल्याण समिति की अनुशंसा और जिला प्रशासन के अनुमोदन के बाद बालक को विधिवत पोषण परिवार के सुपुर्द किया गया।अब यह बालक अपने नए परिवार के साथ सुरक्षित और खुशहाल वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहा है। पोषण परिवार उसकी दैनिक जरूरतों के साथ-साथ शैक्षणिक आवश्यकताओं का भी ध्यान रख रहा है। बालक नियमित रूप से स्कूल जा रहा है और उसे परिवार की स्नेहपूर्ण छांव मिल रही है।

बाल संरक्षण में मोहला की नई पहल

यह सिर्फ एक बच्चे के पुनर्वास की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जिसमें किसी बेसहारा बच्चे को केवल संस्था की चारदीवारी तक सीमित रखने के बजाय परिवार का स्नेह और समाज में सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास किया जाता है।जिले का यह पहला सफल फॉस्टर केयर पुनर्वास बाल अधिकारों, वैकल्पिक देखरेख व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता की मजबूत मिसाल बनकर सामने आया है। एक मासूम के जीवन में आई यह नई रोशनी आने वाले समय में जिले के अन्य जरूरतमंद बच्चों के लिए भी उम्मीद की किरण साबित हो सकती है।

कोंडागांव में भव्य सावन तीज मिलन महोत्सव का आयोजन*

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*कोंडागांव में भव्य सावन तीज मिलन महोत्सव का आयोजन*
राजमन नाग
महिलाओं एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मनोरंजक कार्यक्रमों ने बांधा समां

कोंडागांव, 26 अगस्त 2026। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोंडागांव में भव्य सावन तीज मिलन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, नगर पालिका परिषद कोंडागांव के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम तथा कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना उपस्थित रहीं।

सावन तीज की पारंपरिक खुशियों और लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में महिलाओं एवं युवतियों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में आनंद मेला, फैशन शो, नृत्य, गीत-संगीत, भजन, झूला सहित विभिन्न मनोरंजक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम को आकर्षक एवं यादगार बनाया।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कर रही निरंतर प्रयास : लता उसेंडी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है, जहां सभी बहनें एक साथ बैठकर खुशियां साझा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नल-जल की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत मिशन के माध्यम से नगर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए बाईपास का निर्माण किया गया है तथा बाजार को व्यवस्थित करने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोंडागांव में ट्राइबल म्यूजियम के लिए चार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे पर्यटकों को बस्तर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

विधायक ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। वहीं, लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में कोंडागांव विकास की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेगा।

ऐसे आयोजनों से महिलाओं को मिलता है एकजुट होने का अवसर : नरपति पटेल

नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्री नरपति पटेल ने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार इस तरह के आयोजन आवश्यक हैं, ताकि माताएं और बहनें एक स्थान पर एकत्र होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें तथा आपसी मेल-जोल को बढ़ावा मिले। उन्होंने सावन तीज मिलन महोत्सव के आयोजन की सराहना की।

महिलाएं नई सोच और नई आशा के साथ आगे बढ़ें : कलेक्टर

कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने कहा कि सावन तीज मिलन समारोह में शामिल होकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने महिलाओं से नई सोच और नई आशा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं के हितों की रक्षा तथा उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।

आनंद मेले और रंगारंग प्रस्तुतियों ने बढ़ाई रौनक

महोत्सव के दौरान आनंद मेले में विभिन्न प्रकार के व्यंजन, मनोरंजन की गतिविधियां एवं अन्य आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लकी ड्रा कूपन के माध्यम से प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। महिलाओं, युवतियों, स्थानीय नागरिकों एवं विद्यालय की छात्राओं ने झूले और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आनंद लिया। साथ ही रस्साकस्सी में महिलाओं ने अपना दम दिखाया और कुर्सी दौड़ में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में पार्षद सुश्री सोनामणि पोयाम एवं श्रीमती शिवानी उसेंडी, श्रीमती संतोषी देवांगन, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा रामचंद्र कश्यप, जिला पंचायत सदस्य श्री भगवती नेताम, श्रीमती रामदई नाग, श्रीमती ईना श्रीवास्तव, जनपद सदस्य माकड़ी श्रीमती गायत्री नेताम, श्रीमती लक्ष्मी पोयाम, श्रीमती रेशमा दीवान, श्रीमती सूरजबती नेताम, एल्डरमैन श्रीमती सुरेखा साहू, पार्षद श्रीमती लक्ष्मी ध्रुव, श्रीमती सुषमा खोपागड़े, श्रीमती सती बघेल, श्रीमती संतोषी यादव, श्रीमती ननकी वैष्णव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवतियां एवं विद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।

सावन तीज मिलन महोत्सव ने कोंडागांव में पारंपरिक संस्कृति, महिला सहभागिता और सामाजिक मेल-जोल की भावना को एक साथ मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। आयोजन में शामिल महिलाओं एवं युवतियों ने ऐसे कार्यक्रमों को लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

सड़क सुरक्षा अभियान जारी: 14 वाहनों पर चालानी कार्रवाई, 36 हजार रुपये समन शुल्क वसूला..

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सड़क सुरक्षा अभियान जारी: 14 वाहनों पर चालानी कार्रवाई, 36 हजार रुपये समन शुल्क वसूला

खम्हारपाली। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी है। परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश के निर्देश एवं अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर के आदेश पर खम्हारपाली परिवहन चेकपोस्ट प्रभारी श्री नरेंद्र साहू के नेतृत्व में विभागीय टीम ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई की।

अभियान के तहत परिवहन चेकपोस्ट के आसपास स्थित ढाबों और मुख्य मार्गों पर सड़क किनारे खड़े वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 14 वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान 36 हजार रुपये समन शुल्क वसूला गया।

परिवहन विभाग की टीम ने वाहन चालकों को सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से होने वाले संभावित हादसों और यातायात बाधित होने की स्थिति के संबंध में समझाइश भी दी। वाहन चालकों से अपील की गई कि वे अपने वाहनों को निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों पर ही खड़ा करें और यातायात नियमों का पालन करें।

विभाग ने बताया कि अभियान के दौरान वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। लगातार दो दिनों की कार्रवाई में अब तक कुल 22 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर 56 हजार रुपये समन शुल्क लिया जा चुका है।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। विभाग ने वाहन चालकों से नियमों का पालन कर स्वयं के साथ-साथ अन्य राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है।

महासमुंद जिले की तथाकथित गौरवपथ का चौडीकरण निर्माण आम लोगो के साथ इस बार कांवरियो के लिए भी बना मुसीबत का सबब…

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले की तथाकथित गौरवपथ का चौडीकरण निर्माण आम लोगो के साथ कांवरियो के लिए मुसीबत का सबब बन गया है । करोड़ो की लागत से बनने वाले इस सड़क निर्माण की तय सीमा समाप्त होने के बावजूद पचास प्रतिशत काम अधूरा है । जिससे सड़क पर जगह – जगह अनगिनत गड्ढे हो गये ,जिससे लोगो का चलना दूभर हो गया है । नंगे पैर जल लेकर सिरपुर जाने वाले कांवरियो के पैरो में छाले पड़ जा रहे है ।

 स्क्रीन पर दिखाई दे रही ये बदहाल सड़क महासमुंद शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। इसे गौरव पथ, बीटीआई रोड और कलेक्टोरेट पहुंच मार्ग के नाम से जाना जाता है।करीब 2.3 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने लगभग 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई और विभाग ने मई 2025 में मेसर्स किरण बिल्डकान, बेमेतरा को कार्यादेश जारी किया। निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय-सीमा गुजर जाने के बाद भी काम अधूरा है। बताया जा रहा है कि अब तक करीब 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है।कलेक्टोरेट से बरोंडा चौक तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं।बारिश के कारण सड़क की हालत और खराब हो गई है। पैदल चलना मुश्किल है, तो दोपहिया और चारपहिया वाहन भी गड्ढों के बीच हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं।इसी रास्ते से जिले के आला अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों तक रोजाना आवाजाही होती है। इसके बावजूद सड़क का समय पर निर्माण पूरा नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। सबसे ज्यादा परेशानी इस सावन में उन कांवरियों को हो रही है, जो बम्हनी से जल लेकर करीब 45 किलोमीटर दूर सिरपुर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने पैदल जाते हैं। कांवरियों का कहना है कि खराब सड़क और बिखरे पत्थरों के कारण नंगे पैर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते की वजह से पैरों में छाले पड़ रहे हैं और चोट लगने का भी खतरा बना हुआ है।

युशू पटेल – रुपेश पटेल – कांवरियों ने सिरपुर से लौट कर बताया की रास्ते मे गड्ढे और नुकेले छोटे पत्थरो से उनके पैरो को काफी तकलीफ पहुंची है

सड़क की बदहाली को लेकर जब जिम्मेदार विभागों से सवाल किया गया तो लोक निर्माण विभाग विभाग के अधिकारी अपने तर्क देते नजर आए और कहा की विभिन्न समस्याओ के चलते दिसंबर तक यह सडक पूरी तरह बन पायेगी..

ए. के. अग्रवाल – एसडीओ, लोक निर्माण विभाग

फिलहाल लोक निर्माण विभाग ने दिसंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य बताया है और शासन से निर्माण अवधि बढ़ाने की मांग की है। लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उसे देखते हुए दिसंबर तक काम पूरा होगा या नहीं, यह बड़ा सवाल है।सवाल सिर्फ सड़क निर्माण की समय-सीमा का नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की परेशानी का है जो रोज इस सड़क से गुजरते हैं। खासकर सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए पैदल निकलने वाले कांवरियों के लिए यह रास्ता बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब देखना होगा कि शहर की इस महत्वपूर्ण सड़क को आखिर कब तक उसका गौरव वापस मिलता है और कब आम लोगों को इस बदहाल रास्ते से राहत मिलती है।

 

 

बसना क्षेत्रवासियों के लिए अच्छी खबर: मनोरोग एवं यौन रोग विशेषज्ञ की विशेष सेवा 27 अगस्त को…

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बसना क्षेत्रवासियों के लिए अच्छी खबर: मनोरोग एवं यौन रोग विशेषज्ञ की विशेष सेवा 27 अगस्त को.

बसना। क्षेत्रवासियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है। अब मानसिक स्वास्थ्य, मनोरोग, नशामुक्ति और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के परामर्श के लिए दूर शहरों का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में 27 अगस्त को मनोरोग एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी विशेष रूप से मरीजों को परामर्श देंगे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ. त्रिवेदी की ओपीडी 27 अगस्त, गुरुवार को शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होगी। इस दौरान डिप्रेशन, ओसीडी, आत्महत्या के विचार, सिजोफ्रेनिया, याददाश्त कमजोर होना, हिस्टीरिया, दौरे, मिर्गी, सिरदर्द, नींद न आना, शक करना और सेक्स संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न मानसिक एवं व्यवहार संबंधी परेशानियों पर विशेषज्ञ से परामर्श लिया जा सकता है।

इसके अलावा चिंता, तनाव, घबराहट, डर, चिड़चिड़ापन, बच्चों में अत्यधिक चंचलता, बिस्तर में पेशाब करना, पढ़ाई में कमजोरी तथा अन्य मानसिक समस्याओं के लिए भी विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

नशामुक्ति को लेकर भी विशेष परामर्श दिया जाएगा। अस्पताल की ओर से शराब, स्मैक, हेरोइन, अफीम, भांग, चरस, गांजा, गोलियां, सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू जैसी विभिन्न प्रकार की नशे की आदतों से जुड़ी समस्याओं के उपचार एवं परामर्श की जानकारी दी गई है।

अस्पताल में फैमिली काउंसिलिंग, मैरिज काउंसिलिंग, चाइल्ड एवं गाइडेंस काउंसिलिंग और एजुकेशनल मोटिवेशनल काउंसिलिंग जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

क्षेत्रवासियों के लिए यह पहल खास तौर पर उपयोगी मानी जा रही है, क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं पर लोग अक्सर संकोच के कारण विशेषज्ञ से सलाह नहीं ले पाते। ऐसे में स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ की उपलब्धता से लोगों को समय पर उचित चिकित्सकीय परामर्श लेने में मदद मिल सकती है।

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद

समय: 27 अगस्त, गुरुवार — शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक

संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

सेवा सुरक्षा को लेकर हजारों शिक्षकों ने निकाली हुंकार रैली

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शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सीएम, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव व डीपीआई के नाम कलेक्टर को सौंपा पाँच सूत्रीय ज्ञापन

सरकार जल्द मांग नहीं मानी तो होगा उग्र आंदोलन

जगदलपुर।शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रान्तव्यापी प्रर्शशन के अंतर्गत मंगलवार को जिले भर के शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा गारंटी को लेकर जमकर हल्ला बोला।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के मंच से वक्ताओ ने कहा कि पाँच सूत्रीय मांगो को लेकर शिक्षक संगठन के द्वारा लम्बे समय से मांग किया जाता रहा है, परन्तु शिक्षक मांगो को दरकिनार कर उनकी समस्याओं को सुलझाने के बजाए और उलझाने वाले नये नये आदेश प्रसारित क़रने से प्रदेश के लाखों शिक्षक खासे परेशान हैं। पुराने समय से लंबित मांगो पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण शिक्षक जगत आक्रोशित है, मजबूरन अब शिक्षक स्कूल से चाक- डस्टर छोड़ सडक की लड़ाई लड़ने के लिये मजबूर है। स्थित अब यहाँ तक आन पड़ी है कि सारी योग्यताओं और प्रतिस्पर्धाओं को पार क़र वांछित योग्यताओं पर खरा उतरकर सेवा शर्तों के साथ शिक्षकीय पेशे की सरकारी नौकरी सरकार द्वारा प्रदान की गई, परन्तु आज रिटायरमेंट के कगार पर सेवा में बने रहने के लिये नया नया योग्यता और परीक्षा पास करने की अनिवार्य शर्ते थोपी जा रही है, जो कि अनुचित है। वक्ताओ ने कहा कि इस सारी योग्यताओं को नौकरी पर लेने के समय क्यों अनिवार्य नहीं किया गया? प्रदर्शन में मंच संचालन तुलादास मानिकपुरी ने किया।

सभा के पश्चात् शिक्षकों के द्वारा मंडी प्रांगण से रैली निकाली गई, जो कि चांदनी चौक होते हुये जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर कलेक्टर महोदय को प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव व डीपीआई संचालक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला संचालक शैलेंद्र तिवारी, लुदरसन कश्यप, प्रवीण श्रीवास्तव शिवचंदेल, ताहिर शेख, चंद्रशेखर पांडे, हरदास शांडिल्य, रवींद्र ठाकुर. राहुल ठाकुर, धंनसाय नाग, सुरेन्द्र ठाकुर, संजीव दास, चेतेन्द्र पाणिग्रही, लखेराम बिसाई,मनीष ठाकुर, प्रदीप विश्वास, पद्मम कश्यप , प्रेमनाथ दीवान, संजीव शर्मा रवि नामदेव,बुधराम बघेल, हेमंत मांडवी, शत्रुघ्न कश्यप, अमित अवस्थी, भुवनेश्वर नाग, शरद श्रीवास्तव, सलीम शाह, राम प्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, महेंद्र ठाकुर, राजेश वर्मा, नागेश्वर ठाकुर, माना जानी सहित जिले भर के हजारों शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

इन मांगो के लिये हुआ आंदोलन

शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। पुरानी सेवा अवधि की गणना करते हुए पूर्ण पेंशन और अन्य सेवा लाभ प्रदान किए जाएं। वेतन विसंगति दूर कर राज्य के शिक्षकों को केंद्रीय वेतनमान का लाभ दिया जाए। 13 फरवरी 2026 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शिक्षकों के हित में जरूरी सुधार किए जाएं। पदोन्नति और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के जरिए बीएड कराया जाए।

*मोहला—महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर कलेक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश,गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को पूरक आहार एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश*

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मनीष कौशिक

मोहला–कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने तथा कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति में सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कलेक्टर ने हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक पूरक आहार एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। संबंधित अधिकारी एवं मैदानी अमला बच्चों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कुपोषित एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले बच्चों को बेहतर उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा चिन्हांकित बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। विभागीय अधिकारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती सलाम ने कहा कि अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केवल बालिकाओं तक सीमित न रखते हुए महिलाओं को भी इससे व्यापक रूप से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक ही मंच के माध्यम से एनीमिया, पोषण, स्वास्थ्य, फिटनेस, आत्मनिर्भरता एवं सेल्फ डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक किया जाए। उन्होंने इसके लिए तहसील स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं तक योजनाओं और आवश्यक जानकारी का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय योजनाओं को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए कलेक्टर ने पालना केंद्र तथा चाइल्ड हेल्पलाइन की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती सलाम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

टीईटी मुक्ति, पुरानी पेंशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने निकाली रैली, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, पुरानी पेंशन बहाल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर में रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। इसी क्रम में बीजापुर जिला मुख्यालय में जिले के चारों विकासखंडों से सैकड़ों शिक्षक सांस्कृतिक मैदान में एकत्रित हुए और रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे।

शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव एवं संचालक के नाम तहसीलदार बीजापुर पंचुराम सलामे को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला सचिव कैलाश रामटेके ने बताया कि सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए, ताकि पात्र शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके। साथ ही प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए समस्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, केंद्रीय वेतनमान लागू कर वेतन विसंगतियों को दूर करने तथा 13 फरवरी 2026 के राजपत्र में किए गए संशोधन पर पुनर्विचार कर एलबी संवर्ग के शिक्षकों के हित में आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई।

इसके अलावा सभी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षित कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

रैली में सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता बड़ी संख्या में शामिल हुए। चारों विकासखंडों के ब्लॉक अध्यक्ष शिव पुनेम, विजय चापड़ी, पूर्णचंद बेहरा एवं संजय चिंतुर सहित कमलेश मिश्रा, ए. तिरुपति, महामंत्री वसीम खान, मनोज कावटी, अरुण सिंह, मनोज अल्लूर, भीमचंद साहनी, बुधराम तेलम, यदुनाथ कश्यप समेत बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं ने भी सहभागिता निभाई।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शासन से शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

— कैलाश रामटेके

जिला सचिव, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा, बीजापुर

बस्तर की थाली प्रयोगशाला नहीं—त्योहार से पहले हर खाद्य प्रतिष्ठान की हो जांच : नवनीत चाँद

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एनालॉग दूध-पनीर के कथित मामले में वैज्ञानिक जांच, पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

जगदलपुर। बस्तर में एनालॉग दूध, क्रीम, पनीर एवं चीज के कथित उपयोग से जुड़ी खबरों पर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग से तत्काल निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं पारदर्शी जांच की मांग की है। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि समाचार को बिना जांच अंतिम सत्य मानना उचित नहीं, लेकिन उसे नजरअंदाज करना भी जनता के स्वास्थ्य के साथ न्याय नहीं होगा।

“दोषी बचना नहीं चाहिए, लेकिन निर्दोष बदनाम भी नहीं होना चाहिए”

मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने कहा—

“बस्तर की जनता की थाली प्रयोगशाला नहीं है। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है, इसलिए अभी से विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान चलना चाहिए। दूध-पनीर से लेकर मिठाई, नमकीन, तेल-घी, बेकरी, होटल-रेस्टोरेंट और पैक्ड खाद्य पदार्थों तक हर स्तर पर जांच हो। वैज्ञानिक रिपोर्ट से सच सामने आए और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।”

सिर्फ दूध-पनीर नहीं, हर खाद्य प्रतिष्ठान जांच के दायरे में आए

मोर्चा ने मांग की कि त्योहार से पहले होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, भोजनालय, मिठाई दुकान, डेयरी, दूध विक्रेता, बेकरी, कैटरिंग, फास्ट-फूड, नमकीन निर्माता, किराना, थोक विक्रेता, सप्लायर तथा पैक्ड खाद्य पदार्थों के प्रतिष्ठानों का विशेष निरीक्षण किया जाए।

दुकान से निर्माता तक पूरी सप्लाई चेन की जांच हो

FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग, पैकेजिंग, बैच नंबर, सामग्री सूची, खरीद-बिक्री बिल, निर्माण/समाप्ति तिथि एवं भंडारण व्यवस्था की जांच के साथ संदिग्ध उत्पादों के विधिवत नमूने लेकर अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए। जांच निर्माता और सप्लायर तक पहुंचाई जाए।

सैंपल की संख्या और कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने आए

नवनीत चाँद ने कहा कि प्रशासन यह सार्वजनिक करे कि कितने प्रतिष्ठानों की जांच हुई, कितने नमूने लिए गए, कितने मानक अनुरूप पाए गए, कितने अमानक/मिलावटी पाए गए और कितनों पर कार्रवाई हुई। यदि विभागीय लापरवाही, संरक्षण या जानबूझकर कार्रवाई न करने का तथ्य सामने आए तो संबंधित अधिकारी की भी जवाबदेही तय हो।

नगर मंडल ने कहा—खाद्य सुरक्षा पर समझौता नहीं

जगदलपुर विधानसभा नगर मंडल अध्यक्ष मेहताब सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अलका नादन, महामंत्री संगठन निहारिका सिंह, यूथ प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रतीक जॉन, छात्र संगठन अध्यक्ष हिमांशु आनंद, महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रिया यादव एवं नगर मंडल सचिव किरण नाग ने संयुक्त रूप से कहा कि ईमानदार व्यापारियों का सम्मान और दोषियों पर कार्रवाई—दोनों आवश्यक हैं। किसी को बिना प्रमाण बदनाम न किया जाए, लेकिन प्रभावशाली होने के कारण किसी दोषी को संरक्षण भी न मिले।

मोर्चा की स्पष्ट मांग

त्योहार से पहले विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान → सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण → विधिवत सैंपलिंग → अधिकृत लैब में जांच → पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल → दोषी पर वैधानिक कार्रवाई → विभागीय लापरवाही पर जवाबदेही → जांच रिपोर्ट सार्वजनिक।

“त्योहार खुशियों के लिए हैं, मिलावट के लिए नहीं।

बस्तर की थाली प्रयोगशाला नहीं है—सरकार जांच से भागे नहीं, सच जनता के सामने लाए।”

— नवनीत चाँद

मुख्य संयोजक, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं बस्तर संभाग अध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)

सहित जगदलपुर विधानसभा नगर मंडल पदाधिकारी

पंजीकृत किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराने पर अशोक कुमार तलांडी ने सरकार पर साधा निशाना

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बीजापुर। रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज बीजापुर के जिलाध्यक्ष एवं सीमांत कृषक अशोक कुमार तलांडी ने शासन-प्रशासन को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसान अन्नदाताओं के साथ घोर अन्याय कर रही है और जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल साबित हो रही है।

तलांडी ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम स्वराज, ग्राम सुराज और सुशासन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले में लोगों की समस्याओं के समाधान तथा उनके सुख-दुख में सहभागी बनने का दावा किया जाता है, लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि नियमित रूप से पंजीकृत किसान अन्नदाताओं को अब तक पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है। खाद के लिए किसानों को लैम्प्स समितियों से लेकर अधिकारियों के कार्यालयों तक चक्कर लगाने और सड़क पर उतरकर अपनी मांग रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का शासन की कृषि ऋण व्यवस्था के साथ नियमित लेन-देन है तथा वे शासन के माध्यम से खाद और बीज प्राप्त करते हैं, इसके बावजूद समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराया जाना गंभीर चिंता का विषय है।

अशोक कुमार तलांडी ने कहा कि सरकार के मुखिया स्वयं को गरीब परिवार और किसान का बेटा बताते हैं, लेकिन यदि वास्तव में सरकार किसान हितैषी है तो किसानों को फसल के अनुकूल समय पर खाद उपलब्ध क्यों नहीं कराई जा रही है? उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा लैम्प्स अथवा उच्च अधिकारियों से संपर्क करने पर लगातार डिमांड भेजे जाने और खाद आते ही वितरण किए जाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समय बीतता जा रहा है और किसानों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “भूख मिटने के बाद खाना क्यों और फसल का समय बीत जाने के बाद खाद क्यों?” किसानों को यदि समय पर खाद नहीं मिलेगी तो खेती का पूरा चक्र प्रभावित होगा और इसका सीधा असर उत्पादन तथा किसान की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।

तलांडी ने आरोप लगाया कि खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने के कारण किसान परेशान होकर अन्य राज्यों से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि पंजीकृत किसानों की खाद संबंधी समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसान अपनी फसल का समय पर प्रबंधन कर सकें।

अंत में अशोक कुमार तलांडी ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और उनकी समस्या का यथाशीघ्र समाधान किया जाए। यदि समय रहते खाद की समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो किसान व्यापक आंदोलन एवं जंगी प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की विशेष कार्रवाई, 8 वाहनों पर चालानी कार्रवाई..,

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राहुल भोई महासमुंद..

सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की विशेष कार्रवाई, 8 वाहनों पर चालानी कार्रवाई

खम्हारपाली। परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश के निर्देश एवं अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर के आदेशानुसार खम्हारपाली परिवहन चेकपोस्ट प्रभारी श्री नरेंद्र साहू के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया।

अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीम ने चेकपोस्ट के आसपास स्थित ढाबों एवं मुख्य मार्गों पर सड़क किनारे खड़े वाहनों की जांच की। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 20 हजार रुपये समन शुल्क वसूल किया गया।

जांच के दौरान वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया। विभागीय टीम ने समझाइश देते हुए कहा कि सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

वाहन चालकों से अपील की गई कि वे अपने वाहनों को निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर ही खड़ा करें तथा यातायात और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस तरह के विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन कर स्वयं के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

ओबीसी महासभा की संभाग स्तरीय बैठक में सामाजिक न्याय की हुंकार

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“जय ओबीसी, जय संविधान” के नारों से गूंजा परिसर, आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी और 27 प्रतिशत आरक्षण की उठी मांग

जगदलपुर।ओबीसी महासभा की संभाग स्तरीय कैडर मीटिंग का आयोजन जगदलपुर में किया गया। बैठक की अध्यक्षता बस्तर संभाग अध्यक्ष दिनेश यदु ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू उपस्थित रहे। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पदाधिकारी और कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए। लगातार बारिश के कारण अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ता नहीं पहुंच सके, इसके बावजूद उपस्थित सदस्यों में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम स्थल “जय ओबीसी, जय संविधान” के नारों से गूंजता रहा।

बैठक में ओबीसी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में शासन-प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर उचित प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। मंडल आयोग की सिफारिशों को सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

27 प्रतिशत आरक्षण और शिक्षा पर जोर

बैठक में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। वक्ताओं ने ओबीसी वर्ग के लिए शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग रखी। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, आवासीय विद्यालय और छात्रवृत्ति की सुविधाओं का विस्तार करने तथा समाज में प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई। क्रीमी लेयर और आरक्षण सीमा से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वहीं भूमिहीन ओबीसी परिवारों को अनुपयोगी सरकारी भूमि का नियमानुसार वितरण करने तथा समाज के आर्थिक विकास के लिए विशेष बजट की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई। केंद्र और राज्य स्तर पर ओबीसी समाज के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था और आयोग को मजबूत करने की बात भी कही गई।

खिलेश्वरी साहू को महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी

बैठक के दौरान संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियों की घोषणा भी की गई। खिलेश्वरी साहू को ओबीसी महासभा प्रदेश अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं लच्छिन यादव को ओबीसी महासभा बस्तर संभाग प्रभारी का दायित्व दिया गया। दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों का उपस्थित सदस्यों ने स्वागत करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

गांव-गांव संगठन मजबूत करने का संकल्प

बैठक के समापन पर प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहु ने ओबीसी समाज को जमीनी स्तर पर संगठित और जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना जरूरी है। संगठन को ग्राम, ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर मजबूत करने तथा महिला एवं युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया।

बैठक में सामाजिक समानता, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

बच्चों के उत्साह ने बढ़ाई कांवड़ यात्रा की शोभा, झाड़ेश्वर शिवालय में हुआ जलाभिषेक

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जगदलपुर शहर के डॉ. अब्दुल कलाम वार्ड स्थित झाड़ेश्वर शिवालय में वार्डवासियों के सहयोग से एक भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और गोरिया बाहर से पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा के साथ झाड़ेश्वर शिवालय पहुंचे, जहां विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।

इस यात्रा का मुख्य आकर्षण नन्हे-नन्हे बच्चों की सहभागिता रही। छोटे-छोटे कांवड़ियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा में भाग लिया। बच्चों को कांवड़ उठाए देख हर कोई गदगद नजर आया।

आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति, संस्कार और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

यात्रा के समापन पर मंदिर में भगवान झाड़ेश्वर का जलाभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस सफल आयोजन में वार्ड के सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं का सक्रिय योगदान रहा। सभी ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

सफलता की कहानी* *महतारी वंदन योजना से बेटी के भविष्य को संवार रही भानमती*

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*सफलता की कहानी*
*महतारी वंदन योजना से बेटी के भविष्य को संवार रही भानमती*
राजमन नाग
कोण्डागांव, 24 अगस्त 2026/ राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जो महिलाओं की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।

कोण्डागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा निवासी भानमती बघेल के लिए भी महतारी वंदन योजना आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास का आधार बनी है। भानमती ने बताया कि योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से वह अपनी तीन वर्षीय बेटी देवांशी बघेल के भविष्य के लिए सुरक्षित कर रही हैं। उनका कहना है कि आज की छोटी-सी बचत आने वाले समय में बेटी की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए बड़ा सहारा बनेगी।

भानमती ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें अपने परिवार की जरूरतों के साथ-साथ बेटी के भविष्य के लिए नियमित रूप से बचत करने का अवसर दिया है। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित इस योजना के प्रति आभार व्यक्त किया।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भानमती ने कहा कि “विष्णु भईया” द्वारा महिलाओं को दी जा रही महतारी वंदन योजना की राशि भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह और विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम बन रही है। उनके लिए यह सहायता राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपनी बेटी के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी है।

महासमुंद में 37.400 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, 18.95 लाख की संपत्ति जब्त..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद में 37.400 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, 18.95 लाख की संपत्ति जब्त

महासमुंद जिले के कोमाखान रेलवे स्टेशन में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 37 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 18 लाख 70 हजार रुपये है।

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी ओडिशा के भवानीपटना से गांजा लेकर राजस्थान के कोटा जा रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद कोमाखान पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को पकड़ा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील मेहेर (37), गौतम माखीजा (24) और अर्जुन सरकार (20) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा तीन मोबाइल फोन, कीमत करीब 25 हजार रुपये भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने कुल 18 लाख 95 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में कोमाखान थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C), 29 के तहत अपराध दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

*खाद-बीज की किल्लत से आक्रोशित किसानों का हल्लाबोल: एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*

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*खाद-बीज की किल्लत से आक्रोशित किसानों का हल्लाबोल: एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*

 

*भोपालपटनम मददेड़*

 

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम तहसील अंतर्गत मददेड़ क्षेत्र के किसानों ने खाद और बीज (D.A.P.) की भीषण किल्लत को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

 

प्रदर्शन के उपरांत आक्रोशित किसानों ने मुख्यमंत्री , जिला कलेक्टर महोदय के नाम तहसीलदार भोपालपटनम को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।

 

*बैठक के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति*

किसानों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि दिनांक 21 अगस्त 2026 को मददेड़ में किसानों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें क्षेत्र में व्याप्त खाद की भारी कमी का मुद्दा उठाया गया था।

 

इस दौरान जिला विपणन अधिकारी बीजापुर एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि डबल लॉक गोदाम ,मददेड़ में खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

 

हालांकि, इसके बावजूद भी स्थान पर पर्याप्त मात्रा में भंडारण नहीं किया गया और न ही खाद का वितरण सुचारू रूप से शुरू हो सका।

 

*अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप, 650 किसान वंचित*

किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार कृषि एवं विपणन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सही समय पर किसानों को D.A.P. खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज नहीं मिल पा रहा है।

 

स्थिति यह है कि क्षेत्र के लगभग 650 से अधिक किसान खाद-बीज पाने से वंचित हैं, जिससे उनकी फसल और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

 

*किसानों की प्रमुख मांगें:*

खाद एवं बीज की तत्काल उपलब्धता: मददेड़ क्षेत्र के किसानों के लिए समिति द्वारा तुरंत D.A.P. खाद और बीज का भंडारण व वितरण कराया जाए।

 

500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम: मददेड़ क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले डबल लॉक गोदाम का निर्माण कराया जाए।

 

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई: समय पर खाद-बीज उपलब्ध न कराने वाले जिम्मेदार जिला विपणन अधिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए एवं उन्हें पद से हटाया जाए।

 

टोकन प्रक्रिया में सुधार: नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन टोकन जारी करने की प्रक्रिया बाधित हो रही है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

अतः ऑफलाइन/पूर्व वर्ष की भांति पारदर्शी तरीके से टोकन जारी कर वितरण कराया जाए।

 

क्षेत्रीय गोदाम निर्माण: क्षेत्र की विशालता को देखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त गोदामों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

 

*उग्र आंदोलन की चेतावनी*

ज्ञापन सौंपने पहुंचे समस्त किसानों (मददेड़, कोंगुपल्ली लैंप्स के समस्त किसान ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया और खाद-बीज की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

* उफनती नंदनी नदी और नाला बने ग्रामीणों के लिए काल, टिकनपाल के तीन वार्डों के 100 परिवार घरों में कैद* हर्ष  कुमार ताती  की रिपोर्ट*

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* उफनती नंदनी नदी और नाला बने ग्रामीणों के लिए काल, टिकनपाल के तीन वार्डों के 100 परिवार घरों में कैद* हर्ष  कुमार ताती  की रिपोर्ट*

 

 

 

 

कुआकोंडा (दंतेवाड़ा):

 

दंतेवाड़ा जिले की कुआकोंडा तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिकनपाल में उफनती नंदनी नदी और नाला ग्रामीणों के लिए बड़ी आफत बन चुकी हैं।

 

 

 

 

लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण कोलापारा, डुमापारा और मुंदरापारा जैसे इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

 

 

 

 

इस वजह से करीब 100 से अधिक परिवारों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है और ग्रामीण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

 

 

 

 

 

 

 

एक दिन पहले नदी पार करते समय ग्रामीण की डूबने से मौत,

 

क्षेत्र में सुरक्षा का कोई साधन न होने से ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है।

 

 

 

 

ठीक एक दिन पहले गायतापारा में इसी उफनती नदी को पार करने के दौरान एक ग्रामीण की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी।

 

 

 

 

इस दुखद हादसे के बाद भी कोई प्रशासनिक सुध न लिए जाने से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा व्याप्त है।

 

 

 

 

रोजमर्रा के राशन और मजदूरी के लिए जान जोखिम में कोलापारा, डुमापारा और मुंदरापारा के ग्रामीण रोजाना कुली-मजदूरी, राशन और जरूरी सामान के लिए तहसील मुख्यालय आवागमन करते हैं।

 

 

 

 

पक्का पुल या सुरक्षित रास्ता न होने के कारण महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और नदी को पार करना पड़ता है।

 

 

 

 

हर साल बरसात के दिनों में यही जानलेवा स्थिति निर्मित होती है।

 

 

 

 

चुनाव बीतते ही हवा हो जाते हैं जनप्रतिनिधियों के वादे

 

स्थानीय नागरिकों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े नेता और जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं और नदी पर पक्का पुल बनवाने का झूंठा आश्वासन देकर चले जाते हैं।

 

 

 

 

चुनाव खत्म होते ही सारे वादे हैं ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। आज तक धरातल पर पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा अब निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पक्के पुल के निर्माण और राहत कार्य की मांग की है।

बसना में बच्चों के इलाज की नई सुविधा, 24 घंटे उपलब्ध रहेगी पूरी पीडियाट्रिक टीम

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महासमुंद। बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतर उपचार को लेकर बसना क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा शुरू की गई है। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब बच्चों के इलाज के लिए 24 घंटे पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध रहेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां बच्चों की सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर एवं आपातकालीन स्थितियों तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यहां एक नहीं बल्कि पूरी पीडियाट्रिक टीम बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध है। टीम में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश ठाकुर, डायरेक्टर एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल, MD पीडियाट्रिक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष घोटमारे तथा MD पीडियाट्रिक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीक्षित जे. राम शामिल हैं। डॉ. दीक्षित जे. राम की शैक्षणिक विशेषज्ञता SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर से जुड़ी बताई गई है।

अस्पताल में बच्चों के लिए Critical Pediatric Care, Advance NICU एवं PICU, Growth & Development, Vaccination Guidance, Nutrition Counseling और Diagnostic Support जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे गंभीर स्थिति वाले बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ नवजात एवं छोटे बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जरूरतों का भी बेहतर तरीके से ध्यान रखा जा सकेगा।

पीडियाट्रिक सेवाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की उपलब्धता का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चों को इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में ले जाने की जरूरत कई मामलों में कम हो सकती है। खासकर रात के समय या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार मिलना अभिभावकों के लिए काफी राहत भरा होगा।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर समय पर जांच, सही उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अस्पताल में पीडियाट्रिक सेवाओं को टीम आधारित स्वरूप दिया गया है, ताकि बच्चों की अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं का विशेषज्ञता के साथ उपचार किया जा सके।

24 घंटे पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की उपलब्धता के साथ अस्पताल में बच्चों की गंभीर देखभाल के लिए NICU और PICU जैसी सुविधाओं को भी प्रमुखता दी गई है। वहीं बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक वृद्धि और विकास से संबंधित परामर्श, टीकाकरण संबंधी मार्गदर्शन तथा पोषण परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

बसना एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बच्चों की बीमारी या आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी होता है। अस्पताल में विशेषज्ञों की टीम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाल चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) में स्थित है। अस्पताल से संपर्क के लिए 84618-11000 और 77730-86100 नंबर जारी किए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

बसना में बच्चों के इलाज की नई सुविधा, 24 घंटे उपलब्ध रहेगी पूरी पीडियाट्रिक टीम

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बसना में बच्चों के इलाज की नई सुविधा, 24 घंटे उपलब्ध रहेगी पूरी पीडियाट्रिक टीम

महासमुंद। बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतर उपचार को लेकर बसना क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा शुरू की गई है। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब बच्चों के इलाज के लिए 24 घंटे पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध रहेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां बच्चों की सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर एवं आपातकालीन स्थितियों तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यहां एक नहीं बल्कि पूरी पीडियाट्रिक टीम बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध है। टीम में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश ठाकुर, डायरेक्टर एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल, MD पीडियाट्रिक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष घोटमारे तथा MD पीडियाट्रिक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीक्षित जे. राम शामिल हैं। डॉ. दीक्षित जे. राम की शैक्षणिक विशेषज्ञता SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर से जुड़ी बताई गई है।

अस्पताल में बच्चों के लिए Critical Pediatric Care, Advance NICU एवं PICU, Growth & Development, Vaccination Guidance, Nutrition Counseling और Diagnostic Support जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे गंभीर स्थिति वाले बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ नवजात एवं छोटे बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जरूरतों का भी बेहतर तरीके से ध्यान रखा जा सकेगा।

पीडियाट्रिक सेवाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की उपलब्धता का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चों को इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में ले जाने की जरूरत कई मामलों में कम हो सकती है। खासकर रात के समय या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार मिलना अभिभावकों के लिए काफी राहत भरा होगा।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर समय पर जांच, सही उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अस्पताल में पीडियाट्रिक सेवाओं को टीम आधारित स्वरूप दिया गया है, ताकि बच्चों की अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं का विशेषज्ञता के साथ उपचार किया जा सके।

24 घंटे पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की उपलब्धता के साथ अस्पताल में बच्चों की गंभीर देखभाल के लिए NICU और PICU जैसी सुविधाओं को भी प्रमुखता दी गई है। वहीं बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक वृद्धि और विकास से संबंधित परामर्श, टीकाकरण संबंधी मार्गदर्शन तथा पोषण परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

बसना एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बच्चों की बीमारी या आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी होता है। अस्पताल में विशेषज्ञों की टीम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाल चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) में स्थित है। अस्पताल से संपर्क के लिए 84618-11000 और 77730-86100 नंबर जारी किए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

बसना में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का नया केंद्र बना अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल..,

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बसना में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का नया केंद्र बना अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

बसना, महासमुंद। अब बेहतर इलाज और आधुनिक जांच सुविधाओं के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत नहीं है। बसना स्थित अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं के साथ दंत चिकित्सा की विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अस्पताल में CT स्कैन, 3D/4D सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, ECG, TMT, EEG, PFT, हार्मोन टेस्ट, कल्चर टेस्ट, बायोप्सी एवं FNAC जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा एंडोस्कोपी और ब्रोंकोस्कोपी जैसी विशेष जांच की सुविधा भी दी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आधुनिक मशीनों के माध्यम से तेज और सटीक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के साथ अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में मरीजों का उपचार किया जाता है।

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की एक खासियत यहां उपलब्ध विशेषज्ञ डेंटल टीम भी है। अस्पताल में रूट कैनाल एवं डेंटल इम्प्लांट, टेढ़े-मेढ़े दांतों का आधुनिक उपचार, अकलदाढ़ की सर्जरी, जबड़े के फ्रैक्चर की सर्जरी, पायरिया एवं दांतों की सफाई, मसूड़ों की विभिन्न सर्जरी, स्माइल डिजाइनिंग, बच्चों के दांतों का इलाज तथा मुंह के कैंसर की जांच एवं सर्जरी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।

डेंटल विभाग में MDS विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ 3D Face CT Scan, O.P.G., डिजिटल एक्स-रे, 3D डेंटल स्कैनर, डेंटल लेजर, डेंटल इम्प्लांट, एडवांस डेंटल ऑपरेशन थिएटर और फेशियल ट्रॉमा केयर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उद्देश्य बसना और आसपास के क्षेत्र के लोगों को एक ही स्थान पर आधुनिक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24×7 सेवाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

टीईटी, पुरानी पेंशन एवं पदोन्नति की मांग को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष माननीय सुधीर गौतम के बीजापुर जिले के सामान्य दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिला बीजापुर के पदाधिकारियों ने बीआरसी कार्यालय में सौजन्य भेंट कर उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मोर्चा के जिला सह-संचालक कैलाश रामटेके के नेतृत्व में शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता, पुरानी पेंशन, पदोन्नति, वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। मोर्चा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2010 से लागू हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि किसी भी कानून को उसके लागू होने की तिथि से ही प्रभावी माना जाना चाहिए। वर्षों पूर्व नियुक्त होकर 30 से 35 वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर अब टीईटी की अनिवार्यता लागू किया जाना उचित नहीं है। इससे देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य को लेकर चिंता की स्थिति उत्पन्न हुई है। मोर्चा ने इस संबंध में संसद के माध्यम से आवश्यक संशोधन अथवा अध्यादेश लाकर शिक्षकों को राहत प्रदान करने की मांग की है।

इसके साथ ही मोर्चा ने प्रथम नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने, सभी पात्र एवं प्रशिक्षित शिक्षकों को पदोन्नति देने, वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य लंबित मांगों के निराकरण की मांग की।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा रखी गई मांगों को राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं को आगामी शिक्षा विभाग की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों तथा शिक्षकों की समस्याओं एवं विभिन्न मुद्दों पर समय-समय पर शासन को अपना अभिमत एवं सुझाव देता है।

इस अवसर पर शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी वसीम खान, विजय चापड़ी, पुरुषोत्तम चंद्रकार, अरुण सिंह, राजेश मिश्रा, राजेश यालम, प्रदीप साहनी, रमन झा एवं आशीष पाण्डेय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

*गौ सेवा से जुड़ी कांवड़ यात्रा: कुरंदी धाम में 5,100 रोटी और 51 किलो गुड़ से हुआ गौ  माता को अर्पित बस्तर संभाग में पहली बार आयोजित हुई* ,,,,दीपक मरकाम की खबर*

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*गौ सेवा से जुड़ी कांवड़ यात्रा: कुरंदी धाम में 5,100 रोटी और 51 किलो गुड़ से हुआ गौ  माता को अर्पित बस्तर संभाग में पहली बार आयोजित हुई* ,,,,दीपक मरकाम की खबर*

 

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

जगदलपुर :::: भगवान महादेव की भक्ति और गौ सेवा के संकल्प के साथ आज बस्तर संभाग में पहली बार गौ सेवा संकल्प कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ महादेव घाट से हुआ, जहां से श्रद्धालु पवित्र जल, रोटी एवं गुड़ लेकर कुरंदी स्थित हैप्पी कामधेनु गौ धाम के लिए रवाना हुए।*

 

यात्रा महादेव घाट से सिरहासार, गोलबाजार मेन रोड, कोतवाली, शहीद पार्क, कुम्हारपारा, हाईवे एवं आड़ावाल होते हुए कुरंदी गौ धाम पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव के जयकारों के साथ गौ सेवा और सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

 

कुरंदी गौ धाम पहुंचकर कांवड़ यात्रियों द्वारा शिवलिंग में पवित्र जल अर्पित कर भगवान महादेव का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात 5100 रोटी एवं 51 किलो गुड़ गौ माता को अर्पित किया गया तथा गौ सेवा का संकल्प लिया गया।

 

आयोजकों ने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ कांवड़ यात्रा को गौ सेवा से जोड़कर समाज में सेवा, संवेदना और संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया गया।

 

आयोजकों ने यात्रा में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, गौ सेवकों एवं दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी गौ सेवा और धार्मिक सामाजिक सेवा के ऐसे आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

 

 

इस दौरान दीपक पनपालिया, नरेश कोरी, कैलाश ठाकुर, रोहन कुमार, विक्रम ठाकुर, सुनीता कश्यप, वंशिका पोडाल, जशवंत जोशी, रवि नेताम, नरसिम्हा सिन्हा, रोहन सेठिया, अमन धीवर, आदि ठाकुर, अमित ठाकुर, हर्षा यादव, रीना ठाकुर, उमेश सेन, महेंद्र कश्यप, गीतेश पाणीग्राही, आनंद बघेल, डालेश्वर कश्यप, जितेन्द्र जोशी, कृष ठाकुर, कृष बाजपेयी, विजय ठाकुर, अंशु कुमार सहित बड़ी संख्या में गौ सेवक एवं श्रद्धालु सहभागी रहे। माता का पूजन

बसना में आज 23 अगस्त को नाक-कान-गला और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञों का विशेष परामर्श शिविर समय 10 बजे से शुरू..

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बसना में आज 23 अगस्त को नाक-कान-गला और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञों का विशेष परामर्श शिविर समय 10 बजे से शुरू..

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में 23 अगस्त 2026 को नाक, कान एवं गला तथा मस्तिष्क एवं स्पाइन रोगों से संबंधित मरीजों के लिए विशेष विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार सुविधा उपलब्ध रहेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस दौरान विभिन्न गंभीर एवं सामान्य रोगों से पीड़ित मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।

नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी, MS (ENT) 23 अगस्त को सुबह 10 बजे से मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। अस्पताल में लेजर एवं एंडोस्कोपी पद्धति से नाक, कान एवं गले से संबंधित बीमारियों के उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इनमें नाक के मस्से, टॉन्सिल, नाक की हड्डी का तिरछापन, हैमिकोसिस्टाइटिस, थायरॉयड, घेंघा रोग, कान के पर्दे में छेद, कान से मवाद आना तथा नाक, कान एवं गले के कैंसर जैसी समस्याओं का उपचार शामिल है। मुंह एवं जीभ के कैंसर से संबंधित मरीज भी विशेषज्ञ से परामर्श ले सकेंगे।

वहीं मस्तिष्क एवं स्पाइन रोगों के लिए डॉ. पंकज शाह, MBBS, MD, DNB Neurology 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से मरीजों को परामर्श देंगे। विशेषज्ञ से असामान्य सिरदर्द, माइग्रेन, चक्कर आना, नस एवं मस्तिष्क संबंधी समस्याएं, मिर्गी एवं स्ट्रोक (लकवा), डिस्क प्रोलैप्स, पार्किंसन, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन ट्यूमर, कमर दर्द, झुनझुनी तथा रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं के संबंध में जांच एवं चिकित्सकीय सलाह ली जा सकेगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की उपलब्धता के दिन विशेष परामर्श की व्यवस्था की गई है। ऑपरेशन कराने के इच्छुक मरीजों से 22 अगस्त तक अस्पताल पहुंचकर अपना पंजीयन कराने की अपील की गई है। पंजीयन एवं अधिक जानकारी के लिए अस्पताल के संपर्क नंबर 84618-11000, 77708-68473 एवं 77730-86100 पर संपर्क किया जा सकता है।

स्थान : अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद।

*मोहला—R.K.भारत न्यूज़ का बड़ा असर खबर ने खींचा ध्यान, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ ने बदली तस्वीर! तिरपेमेटा के नौनिहालों के लिए अधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता, नए आंगनबाड़ी भवन में संचालन का आदेश*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी/तिरपेमेटा—-सरकारी तंत्र पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन जब कोई अधिकारी सवाल को चुनौती नहीं बल्कि जिम्मेदारी समझकर तत्काल समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए, तो तस्वीर बदलते देर नहीं लगती। तिरपेमेटा में आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर सामने आई खबर के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला।नौनिहालों के लिए नया आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार था, लेकिन केंद्र अब भी पंचायत भवन में संचालित हो रहा था। वहीं पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहे थे। मामला खबर के जरिए सामने आया तो जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ ने तत्काल संज्ञान लिया।

सवाल उठा तो अधिकारी ने फाइल नहीं, समाधान देखा

मामला सामने आने के बाद समीर सौरभ ने इसे सामान्य शिकायत मानकर टालने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारी को ग्राम पंचायत को नए आंगनबाड़ी भवन से केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए।यानी जिस भवन को नौनिहालों के लिए बनाया गया था, उसे अब सिर्फ ताला लगे कमरे के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों की चहल-पहल से गुलजार करने की पहल शुरू हो गई है।

R.K. भारत न्यूज़ ने उठाया सवाल, विभाग ने दिखाई तत्परता

तिरपेमेटा में सवाल सीधा था—जब भवन बनकर तैयार है तो नौनिहाल अब भी पुराने ठिकाने पर क्यों?R.K. भारत न्यूज़ ने इसी सवाल को प्रमुखता से उठाया। खबर में यह भी बताया गया कि पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढे बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया।

‘भवन तैयार था, बस फैसले का इंतजार था’

तिरपेमेटा की पूरी कहानी को अगर एक लाइन में कहा जाए तो भवन तैयार था, बच्चे तैयार थे, बस जिम्मेदार फैसले का इंतजार था। खबर के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर सौरभ की पहल ने इस इंतजार को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।ग्रामीणों के बीच भी अधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई को लेकर सकारात्मक चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों से जुड़ा मामला सामने आते ही जिस तरह विभागीय अधिकारी ने संज्ञान लिया, उससे यह उम्मीद बंधी है कि अब आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन जल्द नए भवन में शुरू होगा।

बच्चों की सुरक्षा पर भी नजर जरूरी

हालांकि नए भवन में संचालन शुरू कराने का आदेश राहत की खबर है, लेकिन पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढों को लेकर भी कार्रवाई जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि इन गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए या सुरक्षित घेराबंदी की जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों के लिए किसी तरह का खतरा न रहे।

समीर सौरभ की ‘तत्काल कार्रवाई’ बनी चर्चा

तिरपेमेटा में खबर के बाद जिस तेजी से जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ समीर ने संज्ञान लेकर निर्देश जारी किए, उसने एक अलग संदेश दिया है सरकारी व्यवस्था में संवेदनशील अधिकारी हों तो खबर सिर्फ खबर नहीं रहती, वह समाधान की वजह भी बन सकती है।अब तिरपेमेटा के नौनिहालों को पंचायत भवन से निकलकर अपने नए आंगनबाड़ी भवन की दहलीज पर पहुंचने का इंतजार है।खबर ने मुद्दा उठाया, अधिकारी ने जिम्मेदारी निभाई अब नए भवन में गूंजेगी नौनिहालों की किलकारी। तिरपेमेटा में सौरभ समीर की पहल ने दिखाया कुर्सी पर बैठना अलग बात है, जिम्मेदारी निभाना अलग!

बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार,,,जुगधर मरापी पूर्व मंडल अध्यक्ष

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*बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार,,,जुगधर मरापी पूर्व मंडल अध्यक्ष

*बड़ेडोंगर/केशकाल -* केशकाल के लोकप्रिय विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी के अथक प्रयासों से बड़ेडोंगर से कोनगुड तक सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति मिल गई है। इस मार्ग के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 8 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

पूर्व मंडल अध्यक्ष बड़ेडोंगर जुगधर मरापी ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख मार्ग पूरी तरह से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका था, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

उन्होंने बताया कि विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी ने इस ज्वलंत मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और शासन से मार्ग निर्माण की मांग की थी। उनके निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप शासन ने इस मांग को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मरापी ने कहा कि यह स्वीकृत कार्य केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आदरणीय विधायक नीलकंठ टेकाम जी जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से उन्होंने विधायक जी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*,, परमेश्वर सेठिया मंडल महामंत्री

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*बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*

*बड़ेडोंगर / कोंडागांव:* केशकाल के लोकप्रिय विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी के अथक प्रयासों से बड़ेडोंगर से कोनगुड तक सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। इस मार्ग के लिए 8 करोड़ 97 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

मंडल महामंत्री श्री फरमेश्वर सेठिया ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख मार्ग पूरी तरह से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और शासन से मार्ग निर्माण की मांग की थी। उनके प्रयासों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ शासन ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सड़क स्वीकृत होने से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है और सभी ने विधायक जी का आभार व्यक्त किया है।

बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*,,,,, हेमचंद देवांगन जिला मंत्री भाजपा

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*बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग को मिली स्वीकृति, विधायक नीलकंठ टेकाम का जताया आभार*,,,,, हेमचंद देवांगन जिला मंत्री भाजपा

*बड़ेडोंगर / कोंडागांव :* लोकप्रिय विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी के अथक प्रयासों से बड़ेडोंगर से कोनगुड सड़क मार्ग के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।

भाजपा जिला मंत्री श्री हेमचंद देवांगन ने सड़क स्वीकृति पर विधायक जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख मार्ग पूरी तरह जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी।

इस जर्जर सड़क के मुद्दे को विधायक श्री नीलकंठ टेकाम जी ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और शासन से मार्ग निर्माण की मांग की थी। उनके प्रयासों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ शासन ने उक्त सड़क मार्ग के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है।

बहुप्रतीक्षित बड़े डोंगर-कोनगुड़ सड़क के नवीनीकरण को मिली मंजूरी* *विधायक नीलकंठ टेकाम ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था मुद्दा*

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*बहुप्रतीक्षित बड़े डोंगर-कोनगुड़ सड़क के नवीनीकरण को मिली मंजूरी*

*विधायक नीलकंठ टेकाम ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था मुद्दा*

*9 करोड़ से बदलेगी 19 किमी सड़क की तस्वीर*

केशकाल:- लंबे समय से बड़ेडोंगर से कोनगुड़ तक सड़क के नवीनीकरण की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के लगातार प्रयासों से करीब 19 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सड़क के नवीनीकरण के लिए लगभग 9 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल गई है। सड़क की हालत लंबे समय से बेहद जर्जर होने के कारण इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सड़क के नवीनीकरण की स्वीकृति को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। विधायक नीलकंठ टेकाम ने इस सौगात के लिए क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद भी दिया है।

क्षेत्रवासियों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को विधायक नीलकंठ टेकाम ने विधानसभा में भी मजबूती के साथ उठाया था। उन्होंने सदन में सड़क की जर्जर स्थिति, आम लोगों की परेशानियों और इस मार्ग के महत्व को प्रमुखता से रखते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही विधायक ने विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार करने के अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा से भी सड़क के नवीनीकरण को लेकर लगातार पहल की। विधायक के इन निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि अब करीब 9 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर सड़क के नवीनीकरण का रास्ता साफ हो गया है।

विधायक नीलकंठ टेकाम ने बताया कि वर्ष 2017-18 में कोंडागांव कलेक्टर रहते हुए उन्होंने इस सड़क का निर्माण करवाया था। इसके बाद लंबे समय तक सड़क के रखरखाव और नवीनीकरण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। वहीं अंतागढ़- नारायणपुर मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान भारी वाहनों का ट्रैफिक भी इसी मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया था, जिसके चलते सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई। क्षेत्रवासियों ने अपनी समस्याओं से विधायक को अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने के साथ ही सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष लगातार सड़क निर्माण की मांग रखी। सड़क के नवीनीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

इस सौगात के लिए स्थानीय लोगों ने विधायक नीलकंठ टेकाम का आभार जताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने जा रही है। इस सड़क के निर्माण से न केवल बड़े डोंगर और कोंडागांव के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के बीच संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सड़क बनने के बाद हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विधायक ने कहा कि यह सड़क आने वाले समय में तीनों जिलों के लोगों के लिए किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होगी।

*बस्तर मुन्ने के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें : कमिश्नर श्री डोमन सिंह*

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*बस्तर मुन्ने के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें : कमिश्नर श्री डोमन सिंह*

 

*बस्तर कमिश्नर ने बीजापुर जिले की समीक्षा बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*

 

*राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर*

 

बीजापुर, 22 अगस्त 2026

बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बीजापुर प्रवास के दौरान इंद्रावती सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ‘बस्तर मुन्ने’ के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र हितग्राहियों की पोर्टल में एंट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बीवीजी रामजी कार्ड, श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री आवास सहित बस्तर मुन्ने के अंतर्गत चिन्हित सभी 31 सेवाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सैचुरेशन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

 

*राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश*

 

बैठक में कमिश्नर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पत्र प्रदाय स्थिति एवं वनाधिकार मान्यता पत्रों का फौती नामांतरण तथा अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई सहित अन्य राजस्व मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि जिले से बाहर प्रवासित बीजापुर के नागरिक यदि वापस जिले में लौटते हैं, तो उनकी पात्रता के अनुसार उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि उन्हें पुनः मुख्यधारा से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ मिल सके।

 

*विकास कार्यों की प्रगति का प्रस्तुतिकरण*

 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने समीक्षा बैठक में प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

 

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी, सभी अनुभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष अभिषेक का दौर,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष अभिषेक का दौर,,

,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

भोपालपटनम।,,,,,,,,,,नगर के प्राचीन शिव मंदिर में श्रावण मास के दौरान भगवान शिव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी हुई है और श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

बताया जाता है कि पहले श्रावण मास के दौरान कुछ विशेष समाजों के लोग अपने-अपने गोत्र एवं परिवार के नाम से पंडितों के माध्यम से पूरे श्रावण मास में विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक करवाते थे। पिछले कुछ वर्षों में इस धार्मिक परंपरा के प्रति अन्य समाजों के पढ़े-लिखे एवं जागरूक लोगों में भी रुचि बढ़ी है। अब बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए विधि-विधान से भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक करवाने लगे हैं।

इसी क्रम में रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी के द्वारा भी श्रद्धालुओं एवं यजमानों के लिए श्रावण मास में भगवान शिव का विशेष अभिषेक एवं पूजा-अर्चना कराई जा रही है। पूजा में यजमान के परिवार एवं गोत्र के अनुसार धार्मिक विधि-विधान का पालन करते हुए भगवान शिव का अभिषेक किया जा रहा है।
धार्मिक आस्था के साथ बढ़ रहा सकारात्मक संदेश

श्रद्धालुओं का कहना है कि परिवार के लिए पूजा-अर्चना करना भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। अच्छे विचारों, सद्भावना और सकारात्मक सोच के साथ किए गए धार्मिक कार्य लोगों को आत्मिक शांति प्रदान करते हैं। यही कारण है कि समय के साथ अलग-अलग समाजों के लोग भी एक-दूसरे की अच्छी धार्मिक परंपराओं से प्रेरणा लेकर अपने परिवार के लिए पूजा-अर्चना को महत्व दे रहे हैं।

धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आपसी सद्भाव, परिवार के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने आराध्य देवी-देवताओं की श्रद्धा एवं अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करते हुए एक-दूसरे के धर्म और आस्था का सम्मान करना चाहिए। भारत की खूबसूरती भी इसी धार्मिक विविधता और आपसी सम्मान में है।

श्रावण मास में अभिषेक के लिए कर सकते हैं संपर्क
हिंदी पंचांग के अनुसार श्रावण मास के समापन में अब लगभग एक सप्ताह का समय शेष है। वहीं तेलुगु पंचांग के अनुसार श्रावण मास की अवधि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष तक मानी जा रही है।

ऐसे में जो श्रद्धालु अभी तक भगवान शिव का विशेष अभिषेक एवं पूजा-अर्चना नहीं करवा पाए हैं और अपने परिवार की सुख-शांति एवं मंगलकामना के लिए अभिषेक करवाना चाहते हैं, वे पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी से संपर्क कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि अच्छे कर्मों का परिणाम भी अच्छा ही होता है। धार्मिक आस्था के साथ किए गए सेवा, पूजा और सद्कर्म समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का कार्य करते हैं। श्रावण मास के अवसर पर भोपालपटनम शिव मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या नगर की धार्मिक आस्था और भगवान शिव के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शाती है।

*मोहला–तिरपेमेटा में ‘भवन तैयार, संचालन गायब’!पंचायत भवन में मासूम, सामने गड्ढों का जाल,जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी/तिरपेमेटा– गांव में नौनिहालों के लिए बनाया गया नया आंगनबाड़ी भवन तैयार होकर खड़ा है, लेकिन बच्चों को अब भी पंचायत भवन के भीतर संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में बैठना पड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब भवन बनकर तैयार है तो उसका संचालन शुरू कराने में आखिर अड़चन कहां है?मामला केवल भवन के उपयोग तक सीमित नहीं है। पंचायत भवन के सामने पानी टंकी के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं, जहां बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

भवन तैयार, फिर भी बच्चे पुराने ठिकाने पर क्यों?

नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का उपयोग अब तक शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या भवन का हैंडओवर बाकी है, कोई प्रशासनिक औपचारिकता अटकी है या फिर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में मामला ही लंबित पड़ा है? आखिर जिस भवन का निर्माण नौनिहालों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से किया गया, वह तैयार होने के बाद भी उपयोग में नहीं आ रहा है तो निर्माण पर खर्च हुई राशि का वास्तविक लाभ बच्चों को कब मिलेगा?

जिला महिला एवं बाल विकास विभाग से सीधे सवाल

तिरपेमेटा की स्थिति अब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। विभाग के अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाती है, तो फिर नवनिर्मित भवन के संचालन में हो रही देरी अधिकारियों की नजर से कैसे बची रही?

क्या विभाग ने मौके का निरीक्षण किया है?

क्या भवन संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है?

यदि पूरी हो चुकी है तो अब तक केंद्र पुराने परिसर में क्यों चल रहा है?और यदि प्रक्रिया अधूरी है तो उसे पूरा कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?इन सवालों का जवाब ग्रामीण अब संबंधित विभाग से चाहते हैं।

खुले गड्ढे कहीं बड़ी अनहोनी का कारण न बन जाएं

पंचायत भवन परिसर में पानी टंकी के नीचे खुले पड़े गड्ढे सबसे गंभीर चिंता का विषय हैं। छोटे बच्चों की नियमित आवाजाही वाले स्थान पर इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि **हादसा होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि खतरे को पहले ही खत्म कर दिया जाए।

ग्रामीणों की मांग—अब कागजी कार्रवाई नहीं, मौके पर कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, संबंधित परियोजना अधिकारी तथा पंचायत प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, खुले गड्ढों को भरवाने अथवा सुरक्षित घेराबंदी कराने और नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।तिरपेमेटा में अब सवाल सीधा है भवन बन गया, फिर बच्चों को पुराने परिसर में क्यों बैठाया जा रहा है? खतरा सामने है तो उसे हटाने के लिए किसी हादसे का इंतजार क्यों?भवन तैयार है, बच्चे तैयार हैं अब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग और जिम्मेदार तंत्र कब तैयार होगा? यही सवाल इन दिनों तिरपेमेटा के ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

*मोहला–तिरपेमेटा में ‘भवन तैयार, संचालन गायब’! पंचायत भवन में मासूम, सामने गड्ढों का जाल कब जागेगा जिम्मेदार तंत्र?*

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मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी तिरपेमेटा— गांव में विकास की तस्वीर इन दिनों सवालों के घेरे में है। नौनिहालों के लिए नया आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र का संचालन अब भी ग्राम पंचायत भवन के भीतर ही किया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहा है कि जब भवन तैयार है तो आखिर उसमें बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी गतिविधियां शुरू क्यों नहीं हो रही हैं?मामला यहीं खत्म नहीं होता। ग्राम पंचायत भवन के सामने बनी पानी टंकी के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। बच्चों की आवाजाही वाले परिसर में इस तरह खुले गड्ढों का होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे के बाद जागने से बेहतर है कि जिम्मेदार तंत्र समय रहते खतरे को दूर करे।

भवन खड़ा, लेकिन उपयोग का इंतजार!

नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन तैयार होने के बावजूद उसका संचालन शुरू नहीं होना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। आखिर किस स्तर पर प्रक्रिया अटकी हुई है? क्या भवन हैंडओवर नहीं हुआ, जरूरी औपचारिकताएं अधूरी हैं या फिर जिम्मेदारों की प्राथमिकता में यह मामला पीछे छूट गया है?

खुले गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता?

पानी टंकी के नीचे बने गड्ढे लंबे समय से खुले पड़े हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए घेराबंदी या भराव क्यों नहीं कराया गया? खासकर तब, जब आसपास छोटे बच्चों की नियमित आवाजाही होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीणों की मांग—अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, खुले गड्ढों को भरवाने अथवा सुरक्षित घेराबंदी कराने तथा नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।तिरपेमेटा में सवाल अब सीधा है जब भवन बनकर तैयार है तो बच्चे पुराने परिसर में क्यों बैठें? और जब खतरा सामने है तो उसे हटाने के लिए किसी अनहोनी का इंतजार क्यों?भवन तैयार है, बच्चे तैयार हैं… अब जिम्मेदार तंत्र कब तैयार होगा? यही सवाल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

*मोहला–स्कूलों में औचक निरीक्षण, सामने आईं खामियां; बीईओ ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश*

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मनीष कौशिक

मोहला—- विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार देवांगन ने शनिवार को विकासखंड मोहला के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण कर स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान सीएसी वासडी रमेश कोर्राम एवं सीएसी मंडावीटोला ललित साहू भी साथ मौजूद रहे।बीईओ ने हाई स्कूल भोजटोला, प्राथमिक शाला अढ़ाई कट्टा, हाई स्कूल एवं पूर्व माध्यमिक शाला पाटन खास तथा वासडी पहुंचकर कक्षाओं में संचालित अध्यापन कार्य, विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का फोकस समयबद्ध अध्यापन, अनुशासन, स्वच्छता, अधोसंरचना तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा।

प्रार्थना से लेकर अध्यापन तक, मिलीं कई खामियां

औचक निरीक्षण में कुछ विद्यालयों में प्रार्थना के समय सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं होने, कुछ शिक्षकों द्वारा अध्यापन डायरी का नियमित संधारण नहीं किए जाने तथा कुछ स्थानों पर साफ-सफाई की व्यवस्था कमजोर पाए जाने जैसी कमियां सामने आईं। इसके अलावा युक्तियुक्तकरण के निर्देशों के पालन में भी लापरवाही की स्थिति मिली।कमियों को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संबंधित संस्था प्रमुखों एवं शिक्षकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शैक्षणिक व्यवस्था को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थित रखना जरूरी है।

पोषक वाटिका और धान की खेती बनी आकर्षण का केंद्र

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला अढ़ाई कट्टा में शिक्षकों की पहल ने विशेष रूप से प्रभावित किया। स्कूल परिसर में बेहतर पोषक वाटिका विकसित करने के साथ ही खाली जमीन का सदुपयोग करते हुए धान की खेती भी की जा रही है। बीईओ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को पढ़ाई के साथ कृषि, पर्यावरण और पोषण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन पर जोर

विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार देवांगन ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला हैं। इसलिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समयबद्ध अध्यापन, शिक्षक उपस्थिति, अनुशासन, स्वच्छता और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विद्यालयों को मिली कमियों को शीघ्र दूर कर बेहतर एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत विभिन्न पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 02 एवं 03 सितम्बर को,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत विभिन्न पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 02 एवं 03 सितम्बर को,,

,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

बीजापुर ,,,,,,, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्था, बाल गृह बालिका, (जिला प्रशासन द्वारा संचालित) बीजापुर में विभिन्न पदों के लिए कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में 21 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किया गया था। प्राप्त आवेदनों का चयन समिति के समक्ष परीक्षण उपरांत दावा आपत्ति का निराकरण कर वरीयता सूची प्रकाशन किया गया था। परामर्शदाता 01, परिविक्षा अधि./बाल कल्याण, अधि. 01, हाउस मदर 02, पैरामेडिकल स्टॉफ 01, स्टोर कीपर सह लेखापाल 01, एजुकेटर 01, पीटी अनुदेशक सह योग शिक्षक 01, आर्ट क्राफ्ट संगीत शिक्षक 01, रसोईया 02, सहायक सह चौकीदार 02, हाउस कीपर 01 सहित विभिन्न पदों के लिए कौशल परीक्षा लिए जाने हेतु 02 एवं 03 सितम्बर 2026 को समय प्रातः 10 बजे कार्यालय कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रथम तल बीजापुर में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी अपने मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हैं। वरीयता सूची जिले के वेबसाइट www.bijapur.gov.in में उपलब्ध है।

पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम ने मंत्री रामविचार नेताम से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सौंपा मांग पत्र**

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*पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम ने मंत्री रामविचार नेताम से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सौंपा मांग पत्र**

*कोडागांव/, 21 अगस्त -* पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सेवक राम नेताम ने आज छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम से उनके निवास / कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की।

इस दौरान श्री सेवक राम नेताम के साथ क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सरपंच, जनपद सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान श्री सेवक राम नेताम ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं से मंत्री जी को अवगत कराया। उन्होंने मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की जर्जर स्थिति, पेयजल की समस्या, आदिवासी अंचलों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बिजली एवं वन अधिकार पट्टा से जुड़े मामलों को प्रमुखता से रखा।

उन्होंने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यो में तेजी लाने की आवश्यकता है।

इस पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने मंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

पर्यवेक्षक के 218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति और आयु सीमा में छूट की माँग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन*,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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पर्यवेक्षक के 218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति और आयु सीमा में छूट की माँग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन*,,,,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

बीजापुर भोपाल पटनम
21 अगस्त 2026,

महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक) के प्रस्तावित 218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति की माँग को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने मोर्चा खोल दिया है।

संघ ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना, भोपाल पटनम को ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें रखी हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वे वर्षों से जमीनी स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक बाल विकास जैसी महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं का संचालन कर रही हैं।

ऐसे में आगामी पर्यवेक्षक भर्ती प्रक्रिया में बाहरी भर्ती के बजाय विभाग में वर्षों से कार्यरत और अनुभवी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

*संघ की प्रमुख माँगें:*

*218 पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति*
पर्यवेक्षक के सभी 218 स्वीकृत/रिक्त पदों पर विभागीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ही शत-प्रतिशत पदोन्नति दी जाए।

*आयु सीमा में विशेष छूट*
लंबे समय से सेवारत कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को केवल अधिक आयु के कारण परीक्षा या नियुक्ति से वंचित न किया जाए, उन्हें आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की जाए।

*वर्ष 2023 के वंचित अभ्यर्थियों को न्याय*
वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में जो पात्र कार्यकर्ताएँ परीक्षा में शामिल हुई थीं, किंतु बाद में अधिक आयु का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति/जॉइनिंग से वंचित कर दिया गया, उनके मामलों की पुन: समीक्षा कर न्यायोचित नियुक्ति दी जाए।

*सहायिकाओं की पदोन्नति*
कार्यकर्ताओं के पदोन्नत होने से रिक्त होने वाले पदों पर पात्र व अनुभवी सहायिकाओं को पदोन्नत कर कार्यकर्ता बनाया जाए।

*रिक्त सहायिका पदों पर नई भर्ती*
सहायिकाओं की पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले पदों पर नई नियुक्तियाँ की जाएँ ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

*संघ ने की शीघ्र निर्णय की अपील*
ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ परियोजना-भोपाल पटनम की अध्यक्ष शांता मरकाम, उपाध्यक्ष ललिता यादव,सचिव नरेंद्रा दुर्गम, कोषाध्यक्ष अनीता यालम एवं परियोजना समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/ सहायिका बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों की सेवा, अनुभव और विभागीय योगदान को ध्यान में रखते हुए शासन-प्रशासन को उनकी माँगें जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र कार्यकर्ता अपने हक से वंचित न रहे।

दशकों पुरानी कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रगीत से नफरत यानी देश से घृणा – गागड़ा,,,,,,,, ,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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दशकों पुरानी कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रगीत से नफरत यानी देश से घृणा – गागड़ा,,,,,,,,

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राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर सवाल,भाजपा जिला महामंत्री ने साधा निशाना

बीजापुर- ,,,,,,जो कांग्रेस पार्टी करीब सात दशकों तक देश की सत्ता में रही, आज उसके शीर्ष नेताओं के आचरण पर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राष्ट्रगीत के सम्मान में शामिल होने से बच रहे हैं और उसके प्रति अपमानजनक रवैया अपना रहे हैं,उक्त वक्तव्य फूलचंद गागड़ा ने दी है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा के जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा ने वर्तमान राजनीति में हलचल मचा रखी राष्ट्र गीत पर अपना वक्तव्य दिया है। कहा कि राष्ट्रगीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय भावना, एकता और गौरव का प्रतीक है। जिस राजनीतिक दल ने लंबे समय तक देश का नेतृत्व किया, उसके नेताओं से राष्ट्रगीत और राष्ट्र के सम्मान के प्रति सर्वोच्च संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है,लेकिन कांग्रेस पार्टी ने देश को निराश किया है।
महामंत्री श्री गागड़ा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेताओं के मन में राष्ट्र के सम्मान और राष्ट्रगीत के प्रति आदर का भाव नहीं है, वह देश के हित और गौरव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा कैसे कर सकती है। देश का दुर्भाग्य है कि आज कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी मानसिकता देखने को मिल रही है। राष्ट्र किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की मातृभूमि है और राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है।
गागड़ा ने आगे कहा कि अब देश की जनता को तय करना है कि भारत का नेतृत्व उन लोगों के हाथों में होना चाहिए जो राष्ट्रगौरव और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करते हैं, या उन लोगों के हाथों में जिन्होंने कथित तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से भी दूरी बना ली है।

*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*,,,,,,,,,,,

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*मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने नीतिकाकलेर क्षेत्र में की कार्रवाई, शिकार सामग्री और वन्यप्राणी का मांस बरामद*

बीजापुर,,,,,,, टाइगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण एवं अवैध शिकार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव शिकार के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन) एवं क्षेत्रीय निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा उप निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर के मार्गदर्शन में की गई।

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान वन्यजीव शिकार से संबंधित मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से वन्यप्राणी के मांस (संभावित नीलगाय) सहित शिकार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

वन विभाग की टीम ने 19 अगस्त 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के उचित मार्गदर्शन, मैदानी अमले की सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और सक्रियता का परिणाम है। मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और आवागमन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वन विभाग के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार पैदल गश्त कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध या वन्यजीवों के शिकार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें।

वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय निवासियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अवैध शिकार के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

इस कार्रवाई के दौरान अधीक्षक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर, परिक्षेत्र अधिकारी फरसेगढ़/पासेवाड़ा, परिक्षेत्र अधिकारी सेण्ड्रा, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू बफर, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू कोर, परिक्षेत्र अधिकारी मद्देड़ बफर सहित इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का मैदानी अमला मौजूद रहा।

*अनिल कुमार सिन्हा के सेवा सम्मान एवं विदाई समारोह में सभी नेत्र सहायक अधिकारी रहे उपस्थित* *आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

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*अनिल कुमार सिन्हा के सेवा सम्मान एवं विदाई समारोह में सभी नेत्र सहायक अधिकारी रहे उपस्थित* *आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

बालोद। जिला बालोद अंधत्व निवारण कार्यक्रम के वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी एवं जिला सहायक नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार सिन्हा के सेवा सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया।

 

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. श्रीमाली, जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलकांत, डॉ. एन.एल. वर्मा, डॉ. मधु ठाकुर तथा घनश्याम पुरी, जिलाध्यक्ष, स्वास्थ्य एवं बहुद्देशीय कर्मचारी संघ बालोद सहित जिले के सभी नेत्र सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

समारोह में उपस्थित नेत्र सहायक अधिकारियों ने श्री अनिल कुमार सिन्हा के सेवाकाल में किए गए कार्यों, कर्तव्यनिष्ठा, सेवाभाव एवं अंधत्व निवारण कार्यक्रम में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सुखमय जीवन की शुभकामनाएं देते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।

 

कार्यक्रम में उपस्थित श्री कुशल सिंह साहू वर्तमान सहायक नोडल अधिकारी, साथ ही समस्त नेत्र सहायक अधिकार अनिल कुमार सोनी,

श्री रोशन प्रजापति,श्री डिगेश कुमार देवदास,श्री छत्रपाल साहू, श्री श्याम सुंदर देवांगन, श्री चेतन राम मराईल, श्री प्रेम लाल साहू, श्रीमती खोम बाई पाल, श्री मोकेश्वर दास, श्री बोधन सिंह बारले, श्री जयपाल सिंह, श्रीमती टकेश्वरी देवांगन, श्रीमती सोनल दीवान, कु. अर्चना ठाकुर, श्री रविन्द्र कुमार वर्मा, श्री राकेश देशमुख, श्री टिकेश्वर साहू, श्री नाकेश्वर नेताम, श्री नोहर सिंह चुरेन्द्र, श्री दिनेश कुमार सिन्हा, श्री मुकेश साहू, श्री दिनेश सिन्हा, श्री दिनेश कुमार सिन्हा सिरसीदा, श्री कोमल देवांगन भंवरमरा, श्री रितेश कुमार देशमुख जेवरसला, श्री पुष्पेन्द्र कुमार साहू मंगचुवा एवं श्री नारद साहू माडुंड-बी सहित श्री चन्द्रप्रकाश मिरी, अन्य नेत्र सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सहकर्मियों ने श्री अनिल कुमार सिन्हा के साथ अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए तथा उनके विभागीय योगदान की सराहना की। समारोह भावुक एवं आत्मीय माहौल में संपन्न हुआ।

*मोहला—मोहला में नई कलेक्टर की एंट्री से प्रशासन में हलचल! तनुजा सलाम ने संभाली कमान, विकास कार्यों पर कसा शिकंजा*

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मनीष कौशिक

**मोहला—जिले में नई कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम की एंट्री के साथ ही प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। पहली ही बैठक में उन्होंने अधिकारियों को टीमवर्क, बेहतर समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम करने का स्पष्ट संदेश दिया।कलेक्टर ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*बैठक खत्म होते ही मैदान में उतरीं कलेक्टर*

अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम सीधे जिले के प्रमुख निर्माण कार्यों के निरीक्षण पर निकल पड़ीं। उन्होंने निर्माणाधीन जिला अस्पताल, संयुक्त जिला कार्यालय, सर्किट हाउस और पीडब्ल्यूडी कॉलोनी का जायजा लिया।जिला अस्पताल के निर्माण कार्य की प्रगति और नक्शे का अवलोकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों से समय-सीमा की जानकारी ली। उन्होंने साफ कहा कि जिला अस्पताल जनसुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्माण है, इसमें किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*फाइलों से निकलकर विकास कार्यों की जमीन पर पहुंचीं*

संयुक्त जिला कार्यालय के निरीक्षण के दौरान भी कलेक्टर ने निर्माण की प्रगति परखी और कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। वहीं सर्किट हाउस एवं पीडब्ल्यूडी कॉलोनी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

नई कलेक्टर के पदभार संभालते ही बैठक से लेकर मैदानी निरीक्षण तक दिखा एक्शन मोड—अब अफसरों की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों की रफ्तार पर रहेगी सीधी नजर।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 218 पर्यवेक्षक पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर उठाई आवाज

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आयु सीमा में विशेष छूट, वर्ष 2023 में वंचित पात्र कार्यकर्ताओं को नियुक्ति और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर नई भर्ती की मांग

भोपालपटनम। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

 

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं विगत कई वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल विकास सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रस्तावित/रिक्त 218 पर्यवेक्षक पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति दिए जाने की प्रमुख मांग रखी है। उनका कहना है कि वर्षों से विभाग में कार्यरत कार्यकर्ताओं के पास विभागीय योजनाओं और मैदानी कार्यों का व्यापक अनुभव है, इसलिए पर्यवेक्षक पदों पर पदोन्नति में उनके अनुभव एवं सेवाकाल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ये हैं प्रमुख मांगें

1. पर्यवेक्षक के सभी 218 पदों पर शीघ्र पदपूर्ति की जाए।

विभाग में प्रस्तावित/रिक्त सभी 218 पर्यवेक्षक पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विभागीय योजनाओं की निगरानी एवं संचालन सुचारू रूप से हो सके।

2. सभी 218 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति दी जाए।

वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके अनुभव एवं सेवाकाल के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर शत-प्रतिशत पदोन्नति का अवसर दिया जाए।

3. आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए।

लंबे समय से विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पर्यवेक्षक पद की भर्ती/पदोन्नति में आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए, ताकि केवल अधिक आयु होने के कारण अनुभवी कार्यकर्ता अवसर से वंचित न हों।

4. वर्ष 2023 में वंचित पात्र कार्यकर्ताओं को न्याय दिया जाए।

वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा में शामिल होने के बावजूद आयु सीमा के कारण नियुक्ति/ज्वाइनिंग से वंचित किए गए पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों की पुनः समीक्षा की जाए तथा उन्हें न्यायोचित नियुक्ति/ज्वाइनिंग प्रदान करने पर विचार किया जाए।

5. पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले कार्यकर्ता पदों पर सहायिकाओं को पदोन्नति दी जाए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद रिक्त होने वाले कार्यकर्ता पदों पर पात्र एवं अनुभवी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को पदोन्नति देकर कार्यकर्ता बनाए जाने की व्यवस्था की जाए।

6. रिक्त सहायिका पदों पर आवश्यकता अनुसार नई नियुक्तियां की जाएं।

सहायिकाओं के कार्यकर्ता पद पर पदोन्नत होने के बाद जो सहायिका पद रिक्त होंगे, उन पदों पर आवश्यकता के अनुसार नई नियुक्तियां की जाएं, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन एवं विभागीय कार्य प्रभावित न हो।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वे वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे में पदोन्नति एवं नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव, सेवाकाल और विभागीय योगदान को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।

कार्यकर्ताओं ने शासन से मांग की है कि उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायोचित निर्णय लिया जाए, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनके अनुभव और सेवा का उचित लाभ मिल सके तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी सुचारू रूप से जारी रहे।

*मोहला–मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम ने किया पदभार ग्रहण*

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मनीष कौशिक

मोहला— मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम ने आज कलेक्टोरेट में जिले की कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर सुश्री तनुजा सलाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2019 बैच की अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे संचालक, खेल एवं युवा कल्याण के पद पर पदस्थ रही हैं। पदभार ग्रहण करने के पश्चात कलेक्टर सुश्री सलाम ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।

नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपी को 20 वर्ष की सजा, 4.90 लाख रुपये अर्थदंड

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राहुल भोई महासमुंद…

नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपी को 20 वर्ष की सजा, 4.90 लाख रुपये अर्थदंड

महासमुंद, 21 अगस्त 2026। नाबालिग पीड़िता के दैहिक शोषण और अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में सरायपाली की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी दीपक देवागंन, पिता खगेश देवागंन, निवासी भंवरपुर, तहसील बसना को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में लगाए गए अर्थदंड सहित आरोपी पर कुल 4 लाख 90 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी करीब तीन वर्ष पहले नाबालिग पीड़िता से मोबाइल नंबर लेकर व्हाट्सएप और फोन के माध्यम से बातचीत करता था। आरोप है कि आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर पीड़िता को बहला-फुसलाकर और धमकाकर उसके साथ जबरदस्ती दैहिक शोषण किया। आरोपी ने घटना का अश्लील वीडियो भी अपने मोबाइल में बना लिया था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा और उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार दैहिक शोषण किया। बाद में जब पीड़िता ने आरोपी से मिलने से इनकार किया तो आरोपी ने कथित रूप से अश्लील वीडियो को व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने थाना बसना में शिकायत दर्ज कराई।

मामले में थाना बसना में 22 अप्रैल 2025 को अपराध क्रमांक 167/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसडीओपी सरायपाली श्रीमती ललिता मेहर ने मामले की विवेचना की।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने निभाई अहम भूमिका

पुलिस ने मामले में गवाहों के बयान के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जुटाया। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर वायरल किए गए वीडियो का प्रयोगशाला से परीक्षण कराया गया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों को जांच में शामिल कर निर्धारित समयावधि में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने में सफल रहा। इसके बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, सरायपाली श्रीमती वंदना दीपक देवागंन की अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।

अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 449 में 10 वर्ष, धारा 506 भाग-2 में 3 वर्ष तथा धारा 509 में 1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 67(ए) में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये अर्थदंड तथा धारा 67(बी) में 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया।

बता दे की तत्कालीन एसडीओपी श्रीमती ललिता मेहर द्वारा विवेचना के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद भी प्रकरण की लगातार ट्रायल मॉनिटरिंग की गई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक लोचन प्रसाद साहू एवं वनस्वरूप सेन ने पैरवी की।

गौरतलब है की तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संकलन और प्रभावी न्यायालयीन प्रस्तुतिकरण से आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। न्यायालय के इस फैसले से नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिला है।

टीईटी मुक्ति और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा का आंदोलन तेज

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25 अगस्त को प्रदेशभर में ज्ञापन कार्यक्रम, शिक्षकों से एकजुट होकर शामिल होने की अपील

बीजापुर। टीईटी की अनिवार्यता से मुक्ति एवं पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ की वर्चुअल बैठक प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर के पदाधिकारी शामिल हुए और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 अगस्त को शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर में ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के जिला सचिव एवं शिक्षक संघर्ष मोर्चा बीजापुर के कैलाश रामटेके ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिले के समस्त सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं से 25 अगस्त के आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।

बैठक में शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं शिक्षा विभाग के संचालक के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी भी पदाधिकारियों को दी गई। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों के सामने टीईटी की अनिवार्यता एक गंभीर विषय बनकर सामने आई है। उनका कहना है कि सहायक शिक्षक के लिए एक टीईटी तथा पदोन्नति के लिए मिडिल स्तर की टीईटी की आवश्यकता होने से शिक्षकों के सामने अतिरिक्त चुनौती उत्पन्न हो रही है।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों तथा 17 अगस्त 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। प्रांतीय सचिव धर्मेश शर्मा ने सुझाव दिया कि सरकार इस संबंध में अध्यादेश लाकर आवश्यक संशोधन करे, ताकि पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को राहत मिल सके।

एकता के इतिहास को याद करते हुए आंदोलन का आह्वान

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों के संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है। संजय शर्मा, केदार जैन और वीरेंद्र दुबे सहित शिक्षक नेताओं ने अलग-अलग समय पर शिक्षकों के अधिकारों एवं नियमितीकरण के लिए लगातार संघर्ष किया है।

वर्ष 2017 में संघर्ष मोर्चा के बैनर तले तीनों प्रांताध्यक्षों के नेतृत्व में एकजुट होकर आंदोलन किया गया था। संगठन का दावा है कि इस एकजुट आंदोलन के परिणामस्वरूप शिक्षकों को छठवें वेतनमान सहित वर्ष 2018 से नियमितीकरण का लाभ मिला और उनका भविष्य सुरक्षित हुआ। इसी तरह वर्ष 2008 से शिक्षा कर्मी व्यवस्था को समाप्त कर नियमित शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने को भी लंबे संघर्ष का परिणाम बताया गया।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि वर्तमान समय में एक बार फिर शिक्षकों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे सामने हैं। ऐसे में टीईटी की अनिवार्यता से मुक्ति और पुरानी पेंशन योजना को प्रमुख मांग बनाते हुए तीनों शिक्षक नेतृत्व एक मंच पर आए हैं।

कैलाश रामटेके ने कहा कि “एकता में ही शक्ति है” और शिक्षकों के हितों से जुड़े इन मुद्दों के समाधान के लिए सभी शिक्षक संवर्ग को एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेना चाहिए।

उन्होंने बीजापुर जिले के सभी सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं से अपील की है कि वे 25 अगस्त को आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएं।

बैठक का संचालन प्रांतीय प्रवक्ता जितेंद्र शर्मा ने किया। वर्चुअल बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि जुड़े रहे।

*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*

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*इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार*

 

*मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने नीतिकाकलेर क्षेत्र में की कार्रवाई, शिकार सामग्री और वन्यप्राणी का मांस बरामद*

 

बीजापुर, 21 अगस्त 2026,

इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण एवं अवैध शिकार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव शिकार के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन) एवं क्षेत्रीय निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा उप निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर के मार्गदर्शन में की गई।

 

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान वन्यजीव शिकार से संबंधित मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से वन्यप्राणी के मांस (संभावित नीलगाय) सहित शिकार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

 

वन विभाग की टीम ने 19 अगस्त 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

 

वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के उचित मार्गदर्शन, मैदानी अमले की सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और सक्रियता का परिणाम है। मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और आवागमन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वन विभाग के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार पैदल गश्त कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

 

इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध या वन्यजीवों के शिकार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें।

 

वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय निवासियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अवैध शिकार के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

 

इस कार्रवाई के दौरान अधीक्षक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर, परिक्षेत्र अधिकारी फरसेगढ़/पासेवाड़ा, परिक्षेत्र अधिकारी सेण्ड्रा, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू बफर, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू कोर, परिक्षेत्र अधिकारी मद्देड़ बफर सहित इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का मैदानी अमला मौजूद रहा।

*जिले में चल रहे 300 से ज्यादा अवैध शराब बिक्री सेंटर और उनको संरक्षण देने वाले जिम्मेदार आबकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करे सरकार – जेसीसीजे *

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*जिले में चल रहे 300 से ज्यादा अवैध शराब बिक्री सेंटर और उनको संरक्षण देने वाले जिम्मेदार आबकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करे सरकार – जेसीसीजे *

 

 

*बीजापुर जिले में ओवररेटिंग और अवैध शराब बिक्री की निष्पक्ष जांच की मांग*

बीजापुर 21अगस्त 2026

बीजापुर::: बीजापुर जिले के अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी शराब दुकानों से कथित रूप से अवैध तरीके से शराब की बिक्री एवं कोचियों के माध्यम से शराब पहुंचाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि जिले में 300 से अधिक अवैध शराब बिक्री केंद्र (कोचियों) संचालित हो रहे हैं।

इन गतिविधियों को लेकर जिला आबकारी अधिकारी, दो आबकारी निरीक्षकों तथा चार सरकारी शराब दुकानों के प्रबंधकों की कथित मिलीभगत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों की जवाबदेही तय हो।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) की मांग है कि बीजापुर जिले की सभी सरकारी शराब दुकानों की बिक्री, स्टॉक, बिलिंग एवं मूल्य निर्धारण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही अंदरूनी क्षेत्रों में संचालित बताए जा रहे अवैध शराब बिक्री केंद्रों की भी जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सरकारी शराब दुकानों में यदि ओवररेटिंग की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों पर आबकारी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जनता को निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराना प्रशासन और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है।

जेसीसीजे ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी अथवा जांच दल से कराई जाए, जांच पूरी होने तक शिकायतों से जुड़े रिकॉर्ड एवं बिक्री विवरण सुरक्षित रखे जाएं तथा दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

सवाल यह है कि यदि 300 से अधिक अवैध बिक्री केंद्र लंबे समय से संचालित होने के आरोप सही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? विभागीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) अध्यक्ष विजय झाड़ी ने कहा कि इस पूरे मामले में जनता के हित में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करती रहेगी।

 

श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में विशेष शिव आराधना, गोत्रानुसार हो रहा अभिषेक,,,,,,, ,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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श्रावण मास में भोपालपटनम शिव मंदिर में विशेष शिव आराधना, गोत्रानुसार हो रहा अभिषेक,,,,,,,

,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

भोपालपटनम।,,,,,,,,, श्रावण मास के पावन अवसर पर नगर के शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी के मार्गदर्शन में नगर सहित पूरे ब्लॉक के सैकड़ों श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन एवं अभिषेक करा रहे हैं।

पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी द्वारा श्रद्धालुओं के गोत्र एवं धार्मिक परंपरा के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना कराई जा रही है। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते सुबह से ही शिव मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है।

नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजन एवं विशेष अनुष्ठान करा रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रावण मास में सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

कहीं आप तो नहीं रह गए पूजा से वंचित?

यदि आपने अभी तक श्रावण मास में अपने नाम एवं गोत्र के अनुसार भगवान शिव का विशेष अभिषेक नहीं कराया है, तो इच्छुक श्रद्धालु पंडित रामगुण्डम बाल मनोहर महाराज जी से संपर्क कर अपने एवं अपने परिवार की मंगलकामना के लिए विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक करा सकते हैं।

श्रावण मास में शिव आराधना को लेकर नगर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जल, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में ‘ह
कोई जरूरी नहीं है कि इसी शिव मंदिर में।आप अपने नजदीकी मंदिर संपर्क कर करा सकते हैं।

अग्रवाल नर्सिंग होम में आज शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैंप, मूत्र एवं पथरी रोगों की होगी जांच

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अग्रवाल नर्सिंग होम में आज शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैंप, मूत्र एवं पथरी रोगों की होगी जांच

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में शुक्रवार 21 अगस्त को विशेष यूरोलॉजी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में शाम 5 बजे से यूरो सर्जन डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh) मरीजों की जांच कर यूरोलॉजी से संबंधित विभिन्न रोगों के उपचार एवं ऑपरेशन को लेकर परामर्श देंगे।

कैंप के दौरान मूत्र एवं पथरी की जांच, किडनी स्टोन का उपचार एवं सर्जरी, प्रोस्टेट संबंधी बीमारी, किडनी में सूजन एवं सिकुड़न, पुरुषों में बांझपन एवं नपुंसकता, मूत्र नली के सिकुड़ने तथा मूत्रकोष के संक्रमण जैसी समस्याओं का परीक्षण एवं उपचार संबंधी सलाह दी जाएगी। इसके अलावा किडनी, प्रोस्टेट एवं टेस्टिस के कैंसर से संबंधित मरीजों को भी विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पेशाब का रुक-रुककर आना, पेशाब में लीकेज या खून आना तथा किडनी में यूरिन ब्लॉकेज जैसी समस्याओं के लिए भी कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी। बच्चों से जुड़ी यूरोलॉजी समस्याओं और ट्रॉमा से लेकर किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक की आपातकालीन यूरोलॉजी सेवाओं के संबंध में भी परामर्श दिया जाएगा।

कैंप में जांच फीस मात्र 700 रुपये रखी गई है। साथ ही बीजू कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट एवं पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने दी है। मरीजों को अपनी पूर्व की सभी जांच रिपोर्ट साथ लाने की सलाह दी गई है।

कैंप के दौरान सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच में 50 प्रतिशत तक की छूट का भी प्रावधान रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने यूरोलॉजी संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों से इस विशेषज्ञ शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद में आयोजित होने वाले इस कैंप के लिए अस्पताल ने संपर्क नंबर 84618-11000, 77708-68473 और 77730-86100 जारी किए हैं।

** पंचायत में सचिव के नदारद रहने से कामकाज ठप, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ीं परेशानियां*आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट,,,,

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** पंचायत में सचिव के नदारद रहने से कामकाज ठप, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ीं परेशानियां*आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट,,,,

 

बड़ेकापसी / पखांजूर:

ग्राम पंचायत बड़ेकापसी में पंचायत सचिव की लगातार अनुपस्थिति के कारण पंचायत का प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

 

सचिव के नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण-पत्रों और शासकीय योजनाओं के लाभ के लिए भटकना पड़ रहा है।

 

इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।

 

बच्चों के जाति, निवास और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित काम अटक जाने के कारण उन्हें और उनके अभिभावकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 

मामले को लेकर ग्राम पंचायत बड़ेकापसी के सरपंच चंदन पोटाई ने कड़ी नाराजगी जताई है।

 

उन्होंने बताया कि सचिव के पंचायत कार्यालय में उपस्थित न रहने से जनहित के सभी विकास और प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं।

 

*विधायक और जनपद CEO से शिकायत*

 

समस्या के समाधान और पंचायत व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सरपंच चंदन पोटाई ने क्षेत्रीय विधायक तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपी है।

 

उन्होंने मांग की है कि सचिव की पंचायत कार्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए तथा लापरवाही बरतने पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।