Home Blog

महासमुंद मे विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त

0

 

महासमुंद।,13 जून ।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पटवारी संघ के हड़ताल को मिला भारतीय किसान यूनियन का समर्थन,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

0

पटवारी संघ के हड़ताल को मिला भारतीय किसान यूनियन का समर्थन,,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

*गिरदावरी के नए नए नियमों पर जताई चिंता, दर्ज की कड़ी आपत्ति*, *किसानों के हित में होगी किसान रैली.
बीजापुर,,

13 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ प्रदेश की समस्त पटवारी अनिश्चितकाल हड़ताल पर 3 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। शासन द्वारा धान खरीदी के पूर्व गिरदावरी में किए जा रहे नए-नए प्रयोगों से हो रहे परेशानियों को देखते हुए तथा बिना कोई प्रशिक्षण के सीधे ऐप को लांच कर पीवीएफ के माध्यम से फसल का सत्यापन पॉलीग्राम आदि बनाकर धान के रकबे का सत्यापन कार्य करने तथा शासन पटवारी पर दबाव पूर्वक कम समय में टारगेट पूरा करने प्रेशर देकर काम कराया जा रहा है जिससे प्रदेश भर के पटवारी मानसिक तनाव की स्थिति से गुजर रहे हैं एवं किसानों को भी इससे धान बिक्री में परेशानी होगी । इन्हीं सब विषय को लेकर प्रांतीय संगठन ने अपने 3 सूत्र मांगों में पहली मांग यह रखा की पीवीएफ के माध्यम से सत्यापन कार्य बंद किया जाए क्योंकि वर्तमान में खेतों में फसल लगी हुई है तथा खेत के मेड पर तीन से चार फीट घास है, सर्वे के दौरान विषैले सर्प,बिच्छू ,कीट ,पतंगे काटने तथा प्रत्येक खेत में पहुंचने के लिए दुर्गम रस्ते, कीचड़,पानी, नदी,नाला, पहाड़, जंगल आदि की पार कर विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे यह कार्य बहुत ही जटिल हो चुका है । गिरदावरी को लेकर नए-नए संशोधन एवं नियम शासन द्वारा बिना पटवारी संघ को विश्वास में लिए एक तरफा निर्णय लेकर किया जा रहा है जिससे मैपिंग के दौरान कई खसरे भूमि स्वामी के द्वारा किए जा रहे नियत स्थान से हटकर अन्यत्र प्रदर्शित हैं जिसे प्राइवेट सर्वेयरो के द्वारा डी सी एस सत्यापन कराया जा रहा है जो की निर्धारित स्थल का अक्षांश देशात की अनिवार्यता से मैपिंग स्थान पर ही सत्यापन होने के कारण खसरे का रकबा कटने या उस खसरे का पूरा रकबा फसल से वंचित रहने की स्थिति निर्मित हुई है एवं एप्रूवल उपरांत पुनः सुधार का कोई विकल्प भी नहीं है। उक्त सारे विषयों को जानने के लिए भारतीय किसान यूनियन संघ ब्लॉक उसूर के ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चापा का संगठन के प्रतिनिधियों के साथ उपस्थिति पटवारियों के धरना स्थल पर हुई । किसान संगठन ने पूरे कार्य को जिला अध्यक्ष शंकरलाल रतलाम, जिला सचिव यशवंत के जी के द्वारा विस्तार से बताया गया और पीवीएफ सत्यापन में होने वाले अव्यवहारिक बातों को भी बड़ी बारीकी से समझाया गया । किसान यूनियन संघ ने इसे बड़ी गंभीरता से सुना और यह कहा कि पटवारी संघ द्वारा किए जा रहे हड़ताल किसान हित में है और किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी ना हो इसके लिए भारतीय किसान यूनियन उक्त बातों को सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेगा और शासन से यह मांग भी करेगा की नए-नए प्रयोगों से किसानों का किसी भी तरह का अहित न हो यदि किसी भी किसान का धान बेचने से किसान यदि वंचित रहता है तो वह उसके लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगा क्योंकि बहुत सारे किसान कर्जा लेकर खेती करते हैं । नए नए नियमों से धान का रकबा कटता है और किसान धान बेचने से वंचित रहेगा तो यह उचित नहीं होगा। किसान संघ के नेताओं ने बाकी विभागों में पदोन्नतियां बराबर होती है किंतु आपके विभाग में पटवारी पद पर ही सालों से कार्यरत हैं उन्हें प्रभारी राजस्व निरीक्षक के रूप में अतिरिक्त प्रभार देकर कार्य किया जा रहा है जबकि उन्हें प्रमोशन दिया जाना चाहिए , वेतन विसंगति की मांग को भी उन्होंने जायज बताया समर्थन पत्र देकर भारतीय किसान यूनियन ने राजस्व पटवारी संघ की हड़ताल का समर्थन दिया और किसान यूनियन जिंदाबाद, राजस्व पटवारी संघ जिंदाबाद के नारे लगाए गए। आगामी दिनों में किसान संगठन के माध्यम से शासन तक उपरोक्त विषयों को ध्यान आकर्षण करने के लिए जिला स्तर पर ज्ञापन रैली दिया जाएगा और सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे, उक्त बातें अध्यक्ष शंकर चापा, जनपद सदस्य भीमा कट्टम, भीम कुमार गटपल्ली, गजेन्द्र गतपल्ली, महेन्द्र गटपल्ली, गंगा पूनेम, समैया बारसे, विरैया धुर्वा, गुजा कुड़ियम ने कही। धरना स्थल पर जिला संरक्षक पनेश्वर ठाकुर, जीवन सिंह कुंजाम, संगठन सचिव, भानुप्रताप चिड़ियम, इन्द्र कुमार झाड़ी, मीडिया प्रभारी और छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष बीरा राजबाबू ब्लॉक अध्यक्ष सेवती शाह, सचिव राजू हपका, ऋषि कोरटे, तड़कल सांब शिवराम, रविंद्र पुजारी, जयंत हेमला, मंजू मंडावी, मनीषा नागेश आदि उपस्थित रहे और समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया।

* बस्तर दशहरा में दिखी भोपालपट्टनम ज़मींदारी परिवार की सक्रिय सहभागिता, भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई भाइयों सहित रहे उपस्थित*

0

* बस्तर दशहरा में दिखी भोपालपट्टनम ज़मींदारी परिवार की सक्रिय सहभागिता, भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई भाइयों सहित रहे उपस्थित*

 

*काचनगादी से बाहार रैनी तक विभिन्न पारंपरिक रस्मों में हुए शामिल, महाराजा कमलचंद भंजदेव के साथ कुम्हड़ाकोट में निभाई नयाखानी की परंपरा*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 23 अक्टूबर 2026

जगदलपुर : विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा में भोपालपट्टनम ज़मींदारी परिवार के भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई अपने भाइयों क्षितिज पामभोई, मानस पामभोई एवं साहित्य राज पामभोई के साथ लगातार विभिन्न पारंपरिक आयोजनों में शामिल हुए।

काचनगादी से लेकर बाहार रैनी तक उनकी उपस्थिति बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव के रूप में सामने आई।

 

बस्तर राजपरिवार के महाराजा श्री कमलचंद भंजदेव के साथ भाग्यांश एवं उनके भाइयों ने कुम्हड़ाकोट में आयोजित नयाखानी की पारंपरिक रस्म में सहभागिता निभाई।

इसके बाद रथ से जुड़ी पारंपरिक रस्मों और अन्य आयोजनों में भी वे उपस्थित रहे।

इस दौरान बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक आयोजनों और आने वाली पीढ़ी की भूमिका जैसे विषयों का महत्व प्रमुखता से सामने आया।

 

*परंपरा के साथ जनसेवा और सामाजिक जुड़ाव का संदेश*

 

बस्तर दशहरा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर के जनजातीय समाज की आस्था, सामूहिक सहभागिता और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है।

इस महापर्व में भोपालपट्टनम ज़मींदारी परिवार की सहभागिता क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को दर्शाती है।

 

भाग्यांश की सक्रिय उपस्थिति को नई पीढ़ी के सामाजिक जीवन और पारंपरिक आयोजनों से जुड़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

क्षेत्र की जनता से संवाद, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण, युवाओं की भागीदारी और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

 

*नई पीढ़ी की भूमिका पर जोर*

 

भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई अपने भाइयों के साथ बस्तर दशहरा के विभिन्न आयोजनों में शामिल होकर पारिवारिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित करते नजर आए।

क्षेत्र के सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और स्थानीय परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना भी ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण संदेश है।

 

बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को सहेजते हुए स्थानीय समाज से संबंध मजबूत करना और क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देना सार्वजनिक जीवन में सकारात्मक सहभागिता के महत्वपूर्ण आधार हैं।

भोपालपट्टनम ज़मींदारी परिवार की इस सहभागिता ने बस्तर और भोपालपट्टनम के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।

*मोहला–कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नशे के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा की*

0

मनीष कौशिक

मोहला —कलेक्टर तनुजा सलाम एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एनकॉर्ड, जिला सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था से संबंधित समितियों की बैठक लेकर विभिन्न विषयों की समीक्षा की। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों का पालन, नशे के विरुद्ध कार्रवाई, आगामी त्योहारों में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा साइबर अपराधों पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, संयुक्त कलेक्टर श्री सुमीत गर्ग सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एसडीएम एवं तहसीलदार उपस्थित रहे बैठक में जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए साइन बोर्ड लगाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक संकेतक एवं चेतावनी बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से प्रभावी कार्यवाही करने निर्देश दिया गया।जिला सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान हेलमेट की अनिवार्यता, शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव) तथा तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमित निगरानी रखने तथा नियमों के पालन के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यातायात नियमों का पालन केवल कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए इसे जनसामान्य की आदत बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएं। एनकॉर्ड की बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं उनके अवैध कारोबार पर नियंत्रण के संबंध में समीक्षा की गई। स्कूलों एवं अन्य शैक्षणिक परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कोटपा अधिनियम के तहत तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।आगामी त्योहारों के मद्देनजर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें बैठक में साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, संदिग्ध कॉल एवं लिंक से सतर्क रहने तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसीलदार एवं थाना प्रभारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा क्षेत्र में कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सकता है। संवेदनशील मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने, मैदानी स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने तथा जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

 

*अंबागढ़ चौकी—डाकघर की बचत योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर सवाल, अब्दुल अमीन की जमा राशि का हिसाब नहीं मिलने का आरोप*

0

मनीष कौशिक

अंबागढ़ चौकी— डाकघर की बचत योजनाओं में राशि जमा करने और निकासी की प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर खाताधारक अब्दुल अमीन सिद्दिकी ने अपनी जमा राशि का हिसाब नहीं मिलने और खाता बंद पाए जाने की शिकायत की है, वहीं दूसरी ओर डाकघर के कुछ एजेंटों की कार्यप्रणाली को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।अब्दुल अमीन सिद्दिकी के अनुसार, वह राजेश लाटा को प्रतिदिन पैसा जमा करने के लिए देता था। उसकी पासबुक भी राजेश लाटा के पास रहती थी। वर्ष 2021 में वह अपने खाते की जानकारी प्राप्त नहीं कर सका। वर्ष 2024 में अंबागढ़ चौकी वापस आने के बाद जब उसने अपनी जमा राशि निकालने का प्रयास किया, तब उसे पता चला कि खाता बंद हो चुका है और उसमें जमा राशि निकाली जा चुकी है।शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पास वर्तमान में खाते का नंबर और पासबुक उपलब्ध नहीं है। उसने संबंधित डाकघर में आवेदन देकर खाते का विवरण, जमा राशि तथा निकासी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन उसके अनुसार उसे बताया गया कि खाता बंद होने के कारण खाता नंबर और स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।अब्दुल अमीन को आशंका है कि उसकी जानकारी एवं सहमति के बिना राशि निकाली गई हो सकती है। हालांकि, राशि की वास्तविक स्थिति और निकासी की परिस्थितियाँ संबंधित अभिलेखों की जाँच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

*एजेंटों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल*

क्षेत्र में डाकघर की बचत योजनाओं से जुड़े कुछ एजेंटों की कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि कुछ मामलों में लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होता है, जबकि ग्राहकों से पैसा वसूलने, डाकघर में जमा करने और अन्य कार्यों को दूसरे व्यक्ति द्वारा किया जाता है। कुछ ग्राहकों की पासबुक एजेंट या अन्य व्यक्तियों के पास रखे जाने की शिकायत भी की गई है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ऐसी व्यवस्था में खाताधारकों को अपनी जमा राशि, खाते में हुए लेन-देन और शेष रकम की जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, कुछ एजेंटों द्वारा पैसा निकालने के समय कमीशन मांगे जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की सत्यता और संबंधित कार्यों की वैधता की जाँच आवश्यक है।

*पुलिस अधीक्षक, थाना और डाकघर में शिकायत*

अब्दुल अमीन सिद्दिकी के अनुसार, उसने थाना अंबागढ़ चौकी, पुलिस अधीक्षक, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा संबंधित डाकघर में आवेदन प्रस्तुत किए हैं। उसके अनुसार, आवेदन जमा करने की पावती भी प्राप्त की गई है। शिकायत में पुराने खाते का पता लगाने, जमा राशि का विवरण प्राप्त करने, खाता बंद करने के दस्तावेजों की जाँच करने तथा राशि किसने और किन आधारों पर निकाली, इसका पता लगाने की मांग की गई है।

*व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय लाटा ने उठाई जाँच की मांग*

व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय लाटा ने डाकघर की बचत योजनाओं से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की मेहनत की कमाई से जुड़े प्रत्येक लेन-देन का स्पष्ट हिसाब होना चाहिए और खाताधारकों को अपने खाते की जानकारी प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने मांग की कि संबंधित एजेंटों के लाइसेंस, वास्तविक रूप से काम करने वाले व्यक्तियों, ग्राहकों से राशि वसूलने की प्रक्रिया, जमा रसीदों, पासबुक रखने की व्यवस्था तथा निकासी के समय कथित कमीशन मांगने के आरोपों की जाँच कराई जाए। साथ ही, अब्दुल अमीन सिद्दिकी के मामले में संबंधित डाकघर से पुराने खाते के अभिलेख प्राप्त कर जमा राशि और निकासी की पूरी जानकारी सामने लाई जाए।

*शिकायतों पर कार्रवाई की मांग*

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित डाक विभाग के अधिकारी पुराने खातों के अभिलेखों की जाँच करें और ग्राहकों की जमा राशि का स्पष्ट हिसाब उपलब्ध कराएँ। यदि जाँच में धोखाधड़ी, अनधिकृत निकासी अथवा विभागीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि संबंधित पुलिस एवं डाक विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं और अब्दुल अमीन

सिद्धिकी की जमा राशि के संबंध में वास्तविक स्थिति कब स्पष्ट होती है।

*संजय लाटा, अध्यक्ष, व्यापारी संघ, अंबागढ़ चौकी*

* कोटवार संघ का पुरानी कृषि उपज मंडी में धरना-प्रदर्शन, चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

0

* कोटवार संघ का पुरानी कृषि उपज मंडी में धरना-प्रदर्शन, चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 23 अक्टूबर 2026

जगदलपुर  कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़, जिला बस्तर के तत्वावधान में प्रांतीय कोटवार संघ के आह्वान पर जगदलपुर के पुरानी कृषि उपज मंडी प्रांगण में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान कोटवारों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाई और बस्तर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की।*

 

संघ का कहना है कि इससे पहले 3 जुलाई 2026 को प्रदेश की सभी तहसीलों में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के चलते आंदोलन के दूसरे चरण में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया।

 

*नियमितीकरण से लेकर 15 हजार रुपये मानदेय तक की मांग*

 

कोटवार संघ ने कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन करने, महंगाई के अनुरूप मासिक पारिश्रमिक बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने, कोटवार पद पर वंशानुगत नियुक्ति की व्यवस्था बहाल करने तथा नगर पालिका निगम क्षेत्र में नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की है।

 

संघ ने शासन से चारों मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संघ के अनुसार, इन मांगों के पूरा होने से प्रदेश के लगभग 16 हजार कोटवार परिवारों को राहत मिल सकती है।धरना-प्रदर्शन के दौरान कोटवार एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कोटवार उपस्थित रहे।

रीढ़ की गंभीर समस्याओं के इलाज में आधुनिक तकनीक, बसना के अग्रवाल हॉस्पिटल में एंडोस्कोपी स्पाइन सर्जरी की सुविधा

0

कमर दर्द, पैरों में सुन्नपन, चलने-फिरने में परेशानी और स्लिप डिस्क जैसी रीढ़ संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीक राहत का विकल्प बन रही है। बसना स्थित अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एंडोस्कोपी स्पाइन सर्जरी के माध्यम से रीढ़ की समस्याओं के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

अस्पताल के अनुसार, इस तकनीक में छोटे चीरे के माध्यम से सर्जरी की जाती है, जिससे पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कुछ मरीजों में दर्द, रक्तस्राव और घाव से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं। मरीज की स्थिति और सर्जरी की प्रकृति के आधार पर अस्पताल में रहने की अवधि तथा काम पर लौटने का समय अलग-अलग हो सकता है।

अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. वैभव धवली (MBBS, MS, MCh – Neurosurgery) मरीजों को परामर्श एवं उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। यह तकनीक स्लिप डिस्क, साइटिका और स्पाइनल स्टेनोसिस जैसी चुनिंदा समस्याओं में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, हर मरीज के लिए सर्जरी आवश्यक नहीं होती। उचित जांच के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक उपचार का निर्णय लेते हैं।

अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, यहां आयुष्मान कार्ड, TPA और CGHS के माध्यम से उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। मरीज रीढ़ संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेकर अपनी स्थिति के अनुसार उपचार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

संपर्क: अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)

मोबाइल: 84618-11000, 77730-86100

*आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं का फूटा गुस्सा: 27 अक्टूबर की एक दिवसीय हड़ताल के बाद होगा अनिश्चितकालीन भव्य धरना-प्रदर्शन!*

0

*आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ,सहायिकाओं का फूटा गुस्सा: 27 अक्टूबर की एक दिवसीय हड़ताल के बाद होगा ,अनिश्चितकालीन भव्य धरना-प्रदर्शन!*

 

बीजापुर

*अपनी जायज़ मांगों को लेकर आंगनबाड़ी  कार्यकर्ता/ सहायिका  का संघर्ष अब और उग्र हो गया है*

आज दिनांक 22 अक्टूबर को जिला अध्यक्ष रेहाना खान के नेतृत्व में माननीय एस डी एम, साहब ,सीडीपीओ (CDPO), डीपीओ (DPO), एस पी साहब और थाना प्रभारी बीजापुर को आगामी 27 अक्टूबर को होने वाली एक दिवसीय हड़ताल की आधिकारिक सूचना सौंप दी गई है।

 

“*अब नहीं सहेंगे शोषण और अत्याचार!”*

 

जिला अध्यक्ष रेहाना खान ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि 27 अक्टूबर की एक दिवसीय चेतावनी के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका अनिश्चितकालीन भव्य धरना-प्रदर्शन के लिए मैदान में उतरेंगी।

इसके लिए सभी बहनों को अब अपनी कमर कस लेनी होगी।

सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि, “भीख मांग कर खाएंगे, पर ऐसी सरकार की गुलामी अब बर्दाश्त नहीं होगी। 10 हजार रुपए के नाम पर मात्र 5500 रुपए दिए जा रहे हैं और दिन-रात कोलू के बैल की तरह काम लेकर गुलाम बनाकर रखा गया है। न हम जी पा रहे हैं और न ही मर पा रहे हैं।”

*परिवार से दूर रहकर तरसती आंगनवाड़ी बहनें,*

कार्यकर्ता सहायिका का दर्द झलकते हुए कहा गया कि इस काम ने उन्हें उनके परिवार से दूर कर दिया है।

 

बच्चे माँ के प्यार को तरस रहे हैं और अपने परिवार को देने के लिए समय तक नहीं बचा है।

 

सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि मोदी और सरकार के पास जनता को देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन अपने नाम को अमर करने और दीये जलाने के लिए अरबों रुपए मौजूद हैं।

 

हर बहन को लेना होगा कड़ा संकल्प जिला अध्यक्ष ने सभी आंगनवाड़ी  कार्यकर्ताओं /सहायिकाओं बहनों से आह्वान किया है कि अब जागने का वक्त आ गया है।

इस बार जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, मैदान से पीछे नहीं हटना है—ऐसा कड़ा संकल्प हर किसी को लेना होगा। तभी हम अपने परिवार को दो वक्त की सुख की रोटी खिला पाएंगे, वरना जीवन भर ऐसे ही घुट-घुट कर मरना पड़ेगा।

 

क्या आप सभी अनिश्चितकालीन लड़ाई के लिए तैयार हैं?

“आंगनवाड़ी कर्मियों की एकता जिंदाबाद,,,

 *हड़ताली पटवारियों को मिला कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का साथ, फेडरेशन ने कहा पटवारियों को तंग करना बंद करें शासन -प्रशासन*

0

*हड़ताली पटवारियों को मिला कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का साथ, फेडरेशन ने कहा पटवारियों को तंग करना बंद करें शासन -प्रशासन*

दक्षिण बस्तर बीजापुर 23 अक्टूबर 2026

जिला बीजापुर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारियों के बीच पहुंचकर हड़ताल के दसवें दिन कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाकिर खान एवं जिला सचिव कैलाश रामटेके ने पहुंचकर पटवारियों की समस्याएं सुनी ।

पटवारी संघ के प्रतिनिधियों जिसमे महिला पटवारी आदि ने अवगत कराया की वे विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं । बरसात के दिनों में भी शासन -प्रशासन द्वारा जो भी कार्य सौंपा गया उसे वह पूरी निष्ठा से कर रहे हैं ।

इस दरमियान उन्हें सर्प डांस,बिच्छू आदि का खतरा होने के बावजूद भारी बारिश में उनके द्वारा शासन प्रशासन द्वारा सौंपे गए कार्यों को अंजाम दिया ज़ा रहा है ।इसके बावजूद शासन प्रशासन उनकी मांगों को सुन नहीं रहा है ।

उनकी प्रमुख मांगों में 25 वर्षों से वह एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं ।उनका प्रमोशन नहीं हो रहा है ।उनकी वेतन विसंगति दूर नहीं हो रही है । उन्होंने पीवी एप मे सुधार की मांग की है ।

हड़ताली पटवारी को स्थानांतरण किया जा रहा है कारण बताओं नोटिस जारी किया जा रहा है उन्हें निलंबित किया जा रहा है ।

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है यदि पटवारियों की मांगों को इसी तरह नजरअंदाज किया जाएगा उन्हें परेशान किया जाएगा तो कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन करेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ।

कर्मचारी फैडरेशन के पदाधिकारियों ने शासन -प्रशासन से निवेदन किया है जल्द ही उनकी मांगों को पूरा किया जावे । प्रति, श्रीमान ब्यारो चीफ एवं स्थानीय संवाददाता महोदय की ओर प्रकाशन हेतु सादर सूचनार्थ । विनीत कैलाश रामटेके जिला सचिव कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन बीजापुर ।

* राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को बस्तर प्रवास*  

0

* राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को बस्तर प्रवास*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

जगदलपुर, राष्ट्रपति के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास का दूसरा दिन शुक्रवार , 23 अक्टूबर, बस्तर अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आस्था और जन-संवाद के नाम समर्पित रहेगा।

इस दिन राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से जगदलपुर के लिए उड़ान भरकर सुबह 10:30 बजे पहुंचेंगी।

इसके बाद वे शक्तिपीठ माँ दंतेश्वरी मंदिर में बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी की विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना कर राष्ट्र और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगी।

माँ दंतेश्वरी के पावन दर्शन के उपरांत राष्ट्रपति सिरहासार भवन पहुँचेंगी, जहाँ वे बस्तर की सदियों पुरानी पारंपरिक लोकतांत्रिक पंचायत व्यवस्था ‘मुरिया दरबार’ के गरिमामयी आयोजन की साक्षी बनेंगी।

यहाँ से उनका अगला पड़ाव लाल बाग मैदान होगा, जहाँ वे सबसे पहले बस्तर दशहरा प्रदर्शनी का गहनता से अवलोकन करेंगी और तत्पश्चात यहां आयोजित विशाल आमसभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करेंगी।

 

इस ऐतिहासिक प्रवास का एक अत्यंत संवेदनशील और आत्मीय पहलू तब सामने आएगा, जब जनसभा के बाद राष्ट्रपति बस्तर के पारंपरिक जनजातीय प्रतिनिधियों—मांझी और चालकियों—के साथ बैठकर दोपहर का भोजन करेंगी।

स्थानीय प्रतिनिधियों से इस आत्मीय संवाद और भोज के बाद वे लाल बाग मैदान से प्रस्थान कर जगदलपुर एयरपोर्ट पहुँचेंगी, जहाँ से विशेष विमान द्वारा रायपुर होकर नई दिल्ली के लिए उनकी वापसी होगी।

*भारतीय जनता पार्टी मंडल दुर्गूकोंदल की मासिक बैठक संपन्न*

0

*भारतीय जनता पार्टी मंडल दुर्गूकोंदल की मासिक बैठक संपन्न*

 

*बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर हुई चर्चा*

 

संवाददाता।। विरेन्द्र कुमार रावटे।।

 

*दुर्गूकोंदल।* भारतीय जनता पार्टी मंडल दुर्गूकोंदल की मासिक बैठक बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दुर्गूकोंदल रेस्ट हाउस में मंडल प्रभारी श्री गौतम उयके एवं मंडल अध्यक्ष श्री बिदेसिंग कल्लो की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

 

बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने तथा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

 

मंडल प्रभारी श्री गौतम उयके एवं मंडल अध्यक्ष श्री बिदेसिंग कल्लो ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती के लिए बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाना आवश्यक है। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को शक्ति केंद्र स्तर पर आपसी समन्वय स्थापित कर गांव-गांव और बूथ-बूथ तक पहुंचकर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देनी होगी।

 

उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रियता एवं समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में प्रत्येक बूथ पर संगठन की गतिविधियों को तेज करने, जनता से निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

 

*बैठक में ये रहे उपस्थित*

 

इस अवसर पर कंगलू कुम्हार, महाविद्यालय अध्यक्ष श्री विजय पटेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष पिलम नरेटी, मंडल महामंत्री रामचंद्र कल्लो एवं शकुंतला नरेटी, मंडल उपाध्यक्ष सिरों कोमरे, तुकाराम पटेल, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष तुलसी मतलमी, किसान मोर्चा अध्यक्ष नागसाय तुलावी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमित्रा दुग्गा, नरेश कोमरा, समदेर उशारे, सरपंच शिवलाल धुर्वा, मुकेश नरेटी, बहादुर तुलावी, चिमन यादव, अनिल उयके, मंडल मीडिया प्रभारी संजय उयके सहित मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

* राष्ट्रपति के बस्तर दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*

0

* राष्ट्रपति के बस्तर दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*

 

* जगदलपुर एयरपोर्ट, सिरहासार भवन और दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र ‘नो ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 22अक्टूबर 2026

जगदलपुर, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के 23 अक्टूबर को निर्धारित बस्तर प्रवास को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। वीवीआईपी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों को नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

 

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर से 25 किलोमीटर की परिधि में 23 अक्टूबर को सुबह 06 बजे से शाम 04 बजे तक किसी भी प्रकार के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है। इसी क्रम में सुरक्षा घेरे को और अधिक सुदृढ़ करते हुए सिरहासार भवन एवं दंतेश्वरी मंदिर परिसर से 03 किलोमीटर के दायरे में भी 23 अक्टूबर को सुबह 07 बजे से शाम 05 बजे तक ड्रोन संचालन को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। उक्त दोनों आदेश तत्काल प्रभावशील कर दिए गए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

* भारत की राष्ट्रपति 22 से 23 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी*

0

* भारत की राष्ट्रपति 22 से 23 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी*

 

 

*भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 से 23 अक्टूबर, 2026 तक छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 22अक्टूबर 2026

राष्ट्रपति 22 अक्टूबर को रायपुर स्थित लोक भवन में पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसी दिन वह रायपुर में नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ एवं ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल होंगी।

 

23 अक्टूबर को राष्ट्रपति जगदलपुर में मुरिया दरबार में शामिल होंगी तथा बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी।

नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2026ः भैरमगढ़ एवं भोपालपटनम नगर पंचायतों की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर को,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

0

नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2026ः भैरमगढ़ एवं भोपालपटनम नगर पंचायतों की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर को,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए 30 अक्टूबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,, नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2026 नगर पंचायत भैरमगढ़/भोपालपटनम की प्रारंभिक (प्रारूप) निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची) तैयार कर 23 अक्टूबर 2026 को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, नगर पंचायत तथा संबंधित वार्ड के निर्धारित स्थल पर आम लोगों के निरीक्षण हेतु उपलब्ध है। उक्त मतदाता सूची के संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई दावा या आपत्ति पेश करना हो, नया नाम जुड़वाना हो, किसी नाम को संशोधित करना हो या कोई नाम हटाना हो तो वह संबंधित रजिस्ट्रीकरण/सहायक रजिस्ट्रीकरण/ नगरपालिका/वार्ड के प्राधिकृत कर्मचारी के समक्ष उपस्थित होकर निर्धारित फार्म (नया नाम जोडने के लिए प्रारूप-क, नाम संशोधित करवाने के लिए प्रारूप-ख तथा नाम हटाने के लिए प्रारूप-ग) में 23 अक्टूबर 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तुत कर सकता है। अंतिम तिथि के पश्चात् किसी भी प्रकार का दावा/आपत्ति स्वीकार नही किया जावेगा।
इस विज्ञप्ति के माध्यम से यह भी सूचित किया जाता है कि निर्वाचन नियमों में शासन द्वारा संशोधन के फलस्वरूप संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम होने पर ही संबंधित नगर पंचायत की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया जा सकता है। ऐसे व्यक्ति जिनका नाम संबंधित विधानसभा की निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है वे 11 नवम्बर 2026 से पूर्व विधानसभा की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा लिये जाने के उपरांत नगर पंचायत की निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित किये जाने हेतु प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को आवेदन कर सकते है। अंतिम तिथि के पश्चात् किसी भी प्रकार का दावा/आपत्ति स्वीकार नही किया जावेगा।

*मद्देड़ में धूमधाम से मना विजयादशमी पर्व, 20 फीट के रावण का दहन*

0

*मद्देड़ में धूमधाम से मना विजयादशमी पर्व, 20 फीट के रावण का दहन*

 

*रावण दहन देखने उमड़े ग्रामीण, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश*

 

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम मददेड में विजयादशमी का पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया।

 

दशहरा उत्सव के अवसर पर गांव में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए।

 

मुख्य समारोह गैर्रागुड हनुमान मंदिर के समीप में हुआ, जहां 20 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।

 

इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भगवान श्रीराम की विजय के प्रसंग का आनंद उठाया।

 

कार्यक्रम रावण दहन से पहले सीता राम सेवा समिति मंदिर प्रांगण से शोभायात्रा मेन सड़क मार्ग चौक-चौराहों से होकर निकली।

 

इस दौरान भगवान श्रीराम शोभा यात्रा में ग्रामीण महिला पुरुषों युवक युवतियों द्वारा मद्देड़ शहनाई बाजा पर थिरकते नाचते दिखे।

 

शोभायात्रा  गैररागुडा मैदान पहुंचने पर लंका द्वार ध्वस्त करने की परंपरा निभाई गई रावण के पुतले दहन के साथ की गई आतिशबाजी ने उत्सव के माहौल को और भी आकर्षक बना दिया।

 

 

*रामलीला और रावण दहन देखने उमड़े ग्रामीण*

 

दशहरा उत्सव को लेकर बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

 

शाम होते ही आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।

 

ग्रामीणों ने परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचकर रामलीला का आनंद लिया और एक-दूसरे को  छोटे ने सोना पत्र भेंट कर बड़ों का आशीर्वाद लिया, तो बराबर उम्र वाले सोने पत्र भेंट कर एक दूसरे से गले मिलने लगे दशहरा विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।

 

मद्देड़ क्षेत्र में एक स्थान  पर रावण दहन की परंपरा कई वर्षों से चलते पर्व का उत्साह पूरे क्षेत्र में देखने को मिला।

 

विजयादशमी पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है।

 

भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय की कथा हमें अहंकार, अन्याय और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करने की प्रेरणा देती है।

 

मद्देड़ में आयोजित इस उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करने का संदेश दिया।*

*मद्देड़ में नौ दिनों तक गूंजे माता के जसगीत, शोभायात्रा के साथ दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन संपन्न*

0

*मद्देड़ में नौ दिनों तक गूंजे माता के जसगीत, शोभायात्रा के साथ दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन संपन्न*

 

*दुर्गा उत्सव समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शारदीय नवरात्र पर्व, बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल*

 

बीजापुर जिले अंतर्गत भोपाल पटनम विकास खण्ड ग्राम पंचायत मद्देड़ में शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर दुर्गा उत्सव समिति एवं ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में नौ दिनों तक दुर्गा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।

 

नवरात्र के दौरान धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा।

 

पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, जसगीत, रामधुनी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा गांव भक्तिमय रहा।

 

मंगलवार को दसवें दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया।

 

नवरात्र पर्व के दौरान प्रतिदिन विधि विधान से सुबह शाम पूजा आरती प्रसाद वितरण ki कर माता की पूजा-अर्चना एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

 

जसगीत, रामधुनी और अन्य भक्ति आयोजनों में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

 

नौ दिनों तक चले इस उत्सव में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर परिवार एवं गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

 

मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई।

 

इसमें महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।

 

श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में माता की विदाई देने के लिए नाचते गाते, डीजे की धुन पर शोभायात्रा के साथ चले।

 

इसके पश्चात गांव के तालाब में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

 

इस दौरान भक्त गण श्रद्धालुओं महिलाओं पुरूषों युवक युवतियों बड़े बुजुर्ग बच्चों दूर दूर गांव के ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

 

माता की विदाई के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की।

 

दुर्गा उत्सव समितियों के अध्यक्षों समिति सभी सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामों में दुर्गा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

 

आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।

 

उन्होंने समिति के सदस्यों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

 

 

दुर्गा विसर्जन कार्यक्रम में दुर्गा उत्सव समितियों सहित समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

 

नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन माता की प्रतिमा के विसर्जन के साथ हुआ। उत्सव ने गांव में धार्मिक आस्था, आपसी सहयोग और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत किया।

बण्डापाल में विजयदशमी पर DJ डांस प्रतियोगिता 22 अक्टूबर को*

0
{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":["local"],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{"transform":1},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":true,"containsFTESticker":false}

*बण्डापाल में विजयदशमी पर DJ डांस प्रतियोगिता 22 अक्टूबर को*

नवयुवक रामलीला उत्सव समिति बण्डापाल द्वारा विजयदशमी पर ग्रामीण स्तरीय डीजे डांस प्रतियोगिता का आयोजन 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार शाम 8 बजे से बण्डापाल स्कूल मैदान में किया जा रहा है।

प्रतियोगिता तीन श्रेणियों में होगी – सामूहिक नृत्य (5+ सदस्य) शुल्क 300 रु, प्रथम 2000 रु, द्वितीय 1500 रु। युगल नृत्य (2 सदस्य) शुल्क 200 रु, प्रथम 1500 रु, द्वितीय 1000 रु। एकल नृत्य शुल्क 100 रु, प्रथम 1000 रु, द्वितीय 500 रु।

पंजीकरण स्थल पर ही होगा, समय पर रिपोर्ट करना अनिवार्य है। अश्लील गीतों व हाव-भाव पर प्रतिबंध रहेगा। समय सीमा सामूहिक 4-6, युगल 3-4 और एकल 2-3 मिनट रहेगी। निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा।
संपर्क – मनीष पांडे 6265146735, जगन्नाथ सलाम 7803818377। समिति अध्यक्ष ललित गावड़े ने बताया कि अंतागढ़ विकासखंड के समस्त कलाकार आमंत्रित हैं।

बसना में अब मिलेंगी पेट और आंत संबंधी बीमारियों की विशेषज्ञ डॉक्टर, 22 अक्टूबर को लगेगा विशेष परामर्श

0

बसना में अब मिलेंगी पेट और आंत संबंधी बीमारियों की विशेषज्ञ डॉक्टर, 22 अक्टूबर को लगेगा विशेष परामर्श

बसना। क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पेट, आंत और लिवर से संबंधित बीमारियों के विशेषज्ञ उपचार के लिए अब मरीजों को बेहतर चिकित्सा परामर्श की सुविधा बसना में ही उपलब्ध होगी। अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. नादिया मुदिन मरीजों को परामर्श देंगी।

डॉ. नादिया मुदिन ने MBBS की पढ़ाई JIPMER से, MD (इंटरनल मेडिसिन) PGI चंडीगढ़ से तथा DM (इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी) SMS जयपुर से किया है। उन्हें 11 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

विशेषज्ञ परामर्श के दौरान खाना न पचना, बार-बार दस्त होना, एसिडिटी, पेट में जलन व दर्द, पेट में घाव, कब्ज, गैस और बार-बार उल्टी जैसी समस्याओं से परेशान मरीज परामर्श ले सकेंगे। इसके अलावा लिवर में चर्बी जमना (फैटी लिवर), पीलिया, लिवर खराब होना, रक्त में एंजाइम बढ़ना, पैंक्रियास में सूजन, पेट में पानी आना, पित्त की नली में पथरी और यकृत प्रत्यारोपण संबंधी परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस दौरान एंडोस्कोपी जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एंडोस्कोपी कराने वाले मरीजों को अस्पताल के निर्देशानुसार खाली पेट पहुंचना होगा।

शिविर का विवरण

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़

दिनांक: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार

समय: सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक

संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

पेट, आंत और लिवर संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीज इस अवसर पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उचित उपचार के लिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

*नक्सल मुक्त बीजापुर में अब जुए का खेल?*

0

*नक्सल मुक्त बीजापुर में अब जुए का खेल?*

 

*विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से पूछा—क्या आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास से ज्यादा जरूरी हो गया जुआ?*

 

 

*“अनुमति किसने दी, ठेकेदार कौन है? विक्रम ने तीमेड़ के जुआ घर पर सरकार से मांगा जवाब”*

 

 

बीजापुर – 20-अक्टूबर-2026

बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बीजापुर जिले के ग्राम तीमेड़ में कुछ लोगों द्वारा मिनी कैसिनो/जुआ घर खोलने की सूचना मिली है, जहां बड़े पैमाने पर जुआ खेलाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह सूचना सही है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक और चिंताजनक है।

मंडावी ने कहा, “बस्तर का बीजापुर पहले नक्सलवाद के दंश को झेल चुका है। अब जब क्षेत्र नक्सल मुक्त हो गया है, तब यहां जुए के कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। आखिर यह सब किसके इशारे और किसके संरक्षण में हो रहा है? इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं? इसका खुलासा किया जाना अत्यंत आवश्यक है।”

उन्होंने आगे कहा कि आज प्रदेश का युवा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। रोजगार के अभाव में युवा पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ऐसे में बीजापुर जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में जुआ घरों का निर्माण किया जाना और शासन-प्रशासन का इस पर मौन रहना गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार से सवाल करते हुए पूछा है कि आखिर इस निर्माण की अनुमति किसने दी?, इस निर्माण का ठेकदार कौन था?, कैसिनो/जुआ घर चलाने का लाइसेंस किस विभाग ने जारी किया?, क्या इसके लिए विधिवत मंजूरी ली गई है?, यदि अनुमति मिली है, तो किस नियम के तहत? और यदि अनुमति नहीं है, तो यह निर्माण किसके संरक्षण में हो रहा है?

विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से मांग की कि ग्राम तीमेड़ में हो रहे मिनी कैसिनो/जुआ घर को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए तथा इसमें लिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे आदिवासी क्षेत्र में जुए को बढ़ावा देना क्षेत्र के आदिवासी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

*पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजली*

0

*पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजली*

 

*आंतरिक सुरक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों के नामों के वाचन उपरान्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों एवं शहीद के परिजनों के द्वारा दी गई श्रद्धांजली*

 

*शहीदों के परिजनों को श्रीफल एवं साल भेंठ कर किया गया सम्मान *

 

*जिला बीजापुर में निवासरत शहीद जवानों के स्कूलों में दी गई शहीद जवानों को श्रद्धांजली*

 

बीजापुर 21 अक्टूबर 2026

पुलिस स्मृति दिवस पर (01 सितम्बर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक) सम्पूर्ण भारत मे सशस्त्र एवं अर्द्धसैनिक बल के जवान जिन्होने आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में अपने प्राण न्यौछावर किये है, उन शहीद जवानों को श्रद्धांजली दी जाती है। उक्त अवधि में कुल 154 जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किये, छत्तीसगढ से 06 जवान शहीद हुये। जिला बीजापुर में माओवादी घटना में जिला बल-02 जवान शहीद हुये । थाना नैमेड़ क्षेत्रान्तर्गत कचिलवार के जंगल में माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में शहीद प्रधान आरक्षक बड़दी मोहन एवं शहीद आरक्षक दुकारू राम गोंदे शामिल है । पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा शहीद जवानों की नामावाली का वाचन किया गया, नामावली के वाचन उपरान्त नामावली शहीद स्मारक को अर्पित की गई, शहीदों को सलामी उपरान्त शहीदों की याद में 02 मिनट का मौन धारण किया गया ।

 

सलामी उपरान्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारी/ कर्मचरियों एवं शहीद परिवार द्वारा शहीद स्मारक पर रिथ एवं पुष्प अर्पण कर शहीद जवानों को श्रद्धांजली दी गई । पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री उमेश प्रसाद गुप्ता, वन मण्डलाधिकारी इन्द्रावती टाईगर रिजर्व बीजापुर श्री सुमेद सुरवाड़े, अति0पुलिस अधीक्षक ऑप्स श्री रविन्द्र कुमार मीणा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बीजापुर श्रीमति नम्रता चौबे, , एसडीएम श्री राकेश साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री घासीराम नाग शहीद परिवार से रूबरू हुये उन्हे सम्मान स्वरूप श्रीफल एवं साल भेंट किया गया। शहीद परिवारों के स्वत्वों के भुगतान संबंधी जानकारी लेकर समस्याओं के निराकरण हेतु हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया। साथ ही, शहीद परिजनों के बच्चों की छात्रवृत्ति हेतु आवेदन शिक्षा विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पुलिस विभाग, अर्द्धसैनिक बल, जिला प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।

 

जिला बीजापुर अन्तर्गत थाना क्षेत्र में निवासरत शहीद जवानों ने जिन स्कूलो में अपनी शिक्षा ग्रहण किये है उन स्कूलों में शहीद को श्रद्धांजली गई।

महासमुंद पुलिस लाईन मे शहीद स्मृति दिवस पर शहीदों को दी गयी श्रद्धांजलि..।

0

राहुल भोई महासमुंद. 

महासमुंद जिले के पुलिस लाइन परसदा (ब) में आज 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद जवानों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शहीद जवानों के अदम्य साहस, वीरता और देश के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए..कार्यक्रम में महासमुंद पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, सरायपाली विधायक चातुरी नंद सहित शहीद जवानों के परिजन और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद जवानों के बलिदान को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शहीद जवानों के परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। कार्यक्रम में 19 शहीद परिवारों के परिजनों को सम्मानित किया गया। साथ ही परिजनों की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। वहीं, सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने शहीद जवानों की वीरता और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनके त्याग और समर्पण से आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा की प्रेरणा मिलती रहेगी।

गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करने का अवसर है। महासमुंद में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ उनके परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया…।
—————————————-

माँ कन्हाई परमेश्वरी के आशीर्वाद से समाज ने जताया आभार

0

राहुल भोई महासमुंद..

माँ कन्हाई परमेश्वरी के आशीर्वाद से समाज ने जताया आभार
महासमुंद। माँ कन्हाई परमेश्वरी की कृपा और आशीर्वाद सभी पर बना रहे, इसी मंगलकामना के साथ कहार भोई समाज, महासमुंद राज की ओर से सभी सहयोगियों, समाजजनों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। समाज ने धार्मिक, सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए समाज की एकता, भाईचारे और सेवा भावना को बनाए रखने की अपील की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कहार भोई समाज महासभा के कोषाध्यक्ष एवं महासमुंद राज के अध्यक्ष श्री मिथिलेश बोयर, सचिव श्री शिवम बनवासी, कोषाध्यक्ष श्री रोशन औसर एवं मंदिर प्रभारी श्री मिकुन औसर ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वहीं, माँ कन्हाई परमेश्वरी जागृति महिला मंडल की अध्यक्ष आरती गौतम, सचिव स्मिता सैनिक एवं कोषाध्यक्ष अंतिम औसर सहित युवा मंच महासमुंद और समाजसेवक फेकू बनवासी ने भी सामाजिक एकजुटता एवं सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
समाजजनों ने माँ कन्हाई परमेश्वरी से सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी सहयोग, प्रेम और एकता बेहद जरूरी है।
जय माँ कन्हाई परमेश्वरी! जय जोहार! जय कहार!

नक्सल मुक्त बीजापुर में अब जुए का खेल? विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से पूछा—क्या आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास से ज्यादा जरूरी हो गया जुआ?,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

0

नक्सल मुक्त बीजापुर में अब जुए का खेल?

विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से पूछा—क्या आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास से ज्यादा जरूरी हो गया जुआ?,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

“अनुमति किसने दी, ठेकेदार कौन है? विक्रम ने तीमेड़ के जुआ घर पर सरकार से मांगा जवाब”

बीजापुर,,,,,,,,,,
बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बीजापुर जिले के ग्राम तीमेड़ में कुछ लोगों द्वारा मिनी कैसिनो/जुआ घर खोलने की सूचना मिली है, जहां बड़े पैमाने पर जुआ खेलाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह सूचना सही है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक और चिंताजनक है।
मंडावी ने कहा, “बस्तर का बीजापुर पहले नक्सलवाद के दंश को झेल चुका है। अब जब क्षेत्र नक्सल मुक्त हो गया है, तब यहां जुए के कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। आखिर यह सब किसके इशारे और किसके संरक्षण में हो रहा है? इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं? इसका खुलासा किया जाना अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने आगे कहा कि आज प्रदेश का युवा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। रोजगार के अभाव में युवा पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ऐसे में बीजापुर जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में जुआ घरों का निर्माण किया जाना और शासन-प्रशासन का इस पर मौन रहना गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार से सवाल करते हुए पूछा है कि आखिर इस निर्माण की अनुमति किसने दी?, इस निर्माण का ठेकदार कौन था?, कैसिनो/जुआ घर चलाने का लाइसेंस किस विभाग ने जारी किया?, क्या इसके लिए विधिवत मंजूरी ली गई है?, यदि अनुमति मिली है, तो किस नियम के तहत? और यदि अनुमति नहीं है, तो यह निर्माण किसके संरक्षण में हो रहा है?
विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से मांग की कि ग्राम तीमेड़ में हो रहे मिनी कैसिनो/जुआ घर को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए तथा इसमें लिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे आदिवासी क्षेत्र में जुए को बढ़ावा देना क्षेत्र के आदिवासी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बसना में अब पेट और आंत रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर की मिलेगी सुविधा, 22 अक्टूबर को होगा परामर्श..

0

बसना में अब पेट और आंत रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर की मिलेगी सुविधा, 22 अक्टूबर को होगा परामर्श

महासमुंद/बसना। बसना और आसपास के क्षेत्र के लोगों को पेट एवं आंत संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अब बड़े शहरों का रुख करने से राहत मिल सकती है। अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को पेट, आंत, लिवर और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. नादिया मुदिन मरीजों को परामर्श देंगी।

डॉ. नादिया मुदिन ने MBBS की पढ़ाई JIPMER से की है। उन्होंने PGI चंडीगढ़ से इंटरनल मेडिसिन में MD तथा SMS जयपुर से इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी में DM की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें 11 वर्ष से अधिक का अनुभव है।

डॉक्टर से उन मरीजों को परामर्श लेने का अवसर मिलेगा, जिन्हें खाना पचने में परेशानी, भोजन के बाद दस्त, एसिडिटी, पेट में जलन या दर्द, पेट में घाव, कब्ज, बार-बार दस्त या उल्टी और पेट में गैस जैसी समस्याएं हैं। इसके अलावा लिवर में चर्बी जमा होना यानी फैटी लिवर, पीलिया, लिवर खराब होने, खून में एंजाइम बढ़ने, पैंक्रियास में सूजन, पेट में पानी भरने, पित्त की नली में पथरी और यकृत से जुड़ी अन्य समस्याओं के मरीज भी परामर्श ले सकेंगे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस दौरान एंडोस्कोपी जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एंडोस्कोपी कराने वाले मरीजों को अस्पताल के निर्देशानुसार खाली पेट पहुंचना होगा।

कब और कहां मिलेगी सुविधा?

विशेषज्ञ डॉक्टर का परामर्श 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, जिला महासमुंद में उपलब्ध रहेगा।

अपॉइंटमेंट एवं अधिक जानकारी के लिए अस्पताल के संपर्क नंबर 84618-11000, 77708-68473 और 77730-86100 पर संपर्क किया जा सकता है।

इस पहल से बसना और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को पेट, आंत और लिवर संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त करने में सुविधा मिल सकती है।

बीजापुर में बथुकम्मा उत्सव की रंगारंग धूम: विधायक विक्रम मंडावी ने बिखेरा उत्साह,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

0

बीजापुर में बथुकम्मा उत्सव की रंगारंग धूम: विधायक विक्रम मंडावी ने बिखेरा उत्साह,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

“माँ बथुकम्मा हमारी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक” – विक्रम मंडावी

बीजापुर,,,,,,,,
बीजापुर जिले में नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ बथुकम्मा उत्सव ने सांस्कृतिक रंग बिखेरे। इस उत्सव को और भी खास बनाया है बीजापुर के लोकप्रिय विधायक विक्रम मंडावी ने, जिन्होंने अपने चार दिवसीय भोपालपटनम और उसूर क्षेत्र के दौरे में 341 से अधिक माँ बथुकम्मा पूजा स्थलों में पहुंचे। उन्होंने माँ बथुकम्मा का आशीर्वाद लिया और समुदाय के साथ उत्सव की खुशियों में शरीक हुए।माँ बथुकम्मा उत्सव अब बीजापुर की पहचान बन चुका है। इस उत्सव में महिलाएँ और युवतियाँ पारंपरिक परिधानों में सजकर गुनुगु, तंगेडु और चमंती जैसे रंग-बिरंगे जंगली फूलों से माँ बथुकम्मा की खूबसूरत रचनाएँ बनाती हैं। ये शंकु आकार की रचनाएँ प्रकृति और जीवन की देवी माँ बथुकम्मा को समर्पित होती हैं। गाँव की गलियों में लोकगीतों और तालियों की थाप के साथ सामूहिक नृत्य ने उत्सव को जीवंत किया। महिलाओं और युवतियों ने विधायक विक्रम मंडावी का स्वागत किया, जिससे उत्सव की रौनक दोगुनी हो गई।
विधायक विक्रम मंडावी ने अपने दौरे में हर गाँव में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने माँ बथुकम्मा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की और ग्रामीणों के साथ उत्सव की खुशियाँ साझा कीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा,
“माँ बथुकम्मा उत्सव हमारी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका को दर्शाता है। बीजापुर में इस उत्सव का बढ़ता दायरा हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।”
माँ बथुकम्मा उत्सव में हर वर्ग के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पुरुष, महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने मिलकर इसे महाउत्सव बनाया। फूलों से सजी बथुकम्मा को जलाशयों में विसर्जित करने की परंपरा प्रकृति के प्रति सम्मान और जीवन के चक्रीय स्वरूप को दर्शाती है। भोपालपटनम क्षेत्र में कई गाँवों में देर रात तक गीत और नृत्य का दौर चला।
बीजापुर में माँ बथुकम्मा का बढ़ता प्रभाव तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक मेलजोल का शानदार उदाहरण है। विधायक विक्रम मंडावी के योगदान ने इस उत्सव को और व्यापक बनाया है। यह उत्सव स्थानीय समुदायों को एकजुट करने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को भी समृद्ध कर रहा है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

भोपालपटनम के शिव मंदिर में चोरी, दो दान पेटियों के ताले तोड़कर नकदी ले उड़े अज्ञात चोर,,,,,,,, ,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

0

भोपालपटनम के शिव मंदिर में चोरी, दो दान पेटियों के ताले तोड़कर नकदी ले उड़े अज्ञात चोर,,,,,,,,

,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

शिवरात्रि के बाद से दान पेटियों में जमा राशि की नहीं हुई थी निकासी, समिति ने लाखों रुपये होने का जताया अनुमान; पुलिस ने शुरू की जांच

भोपालपटनम।,,,,,,,,,, नगर के शिव मंदिर में रविवार रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद मंदिर में रखी दो दान पेटियों के ताले तोड़कर उनमें जमा दान की पूरी राशि लेकर फरार हो गए। सोमवार सुबह जब मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हुआ, तब चोरी की घटना का पता चला। मंदिर में चोरी की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं और नगरवासियों में हैरानी के साथ नाराजगी भी देखने को मिली।

मिली जानकारी के अनुसार, अज्ञात चोरों ने सबसे पहले मंदिर के सामने मुख्य गेट पर लगे ताले को तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। इसके बाद मंदिर परिसर में रखी दोनों दान पेटियों को निशाना बनाते हुए उनके ताले तोड़ दिए और उनमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि लेकर फरार हो गए। सुबह मंदिर पहुंचने पर जब लोगों ने ताले टूटे हुए देखे, तब घटना की जानकारी सामने आई।

शिवरात्रि के बाद से जमा थी दान की राशि

मंदिर समिति के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार, महाशिवरात्रि के बाद से दान पेटियों में जमा राशि को निकाला नहीं गया था। ऐसे में दोनों दान पेटियों में काफी रकम जमा होने की संभावना है। समिति के सदस्यों ने अनुमान जताया है कि चोरी गई राशि लाखों रुपये में हो सकती है। हालांकि, दान पेटियों में कितनी रकम थी, इसका वास्तविक आकलन जांच और उपलब्ध जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

गौड़ी पूजा के विसर्जन के बीच चोरी की घटना से लोग हैरान

नगर में रविवार रात गौड़ी पूजा के विसर्जन का कार्यक्रम भी चल रहा था। इस दौरान देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा हुआ था। परंपरा के अनुसार, गौड़ी पूजा के अंतिम दिन महिलाएं फूलों से सजी गौड़ी माता को दर्शन के लिए मंदिर लेकर आती हैं। इसके बाद तालाब में प्रतिमा का विसर्जन कर अपने घर लौटती हैं। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहता है।

ऐसे में नगर में लोगों की आवाजाही के बीच शिव मंदिर में चोरी की घटना सामने आने से नगरवासियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों के लिए यह समझ से परे है कि देर रात तक चहल-पहल रहने के बावजूद अज्ञात चोर मंदिर के गेट और दान पेटियों के ताले तोड़कर नकदी लेकर कैसे फरार हो गए।

समिति ने थाने में दर्ज कराई लिखित शिकायत

घटना के बाद मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने थाने पहुंचकर चोरी के संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी ने मामले में तत्काल कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। पुलिस ने घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल शिव मंदिर में हुई इस चोरी की घटना से श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, ताकि चोरी की वारदात का खुलासा हो सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

*विजयादशमी विशेष: शमी पूजन, सोना बांटने की परंपरा और नीलकंठ पक्षी के दर्शन का रहस्य** विजयदशमी पर नीलकंठ, शमी पत्र,विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम *

0

*विजयादशमी विशेष: शमी पूजन, सोना बांटने की परंपरा और नीलकंठ पक्षी के दर्शन का रहस्य** विजयदशमी पर नीलकंठ, शमी पत्र,विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम *

*छत्तीसगढ़ बीजापुर 20 अक्टूबर 2026*

सनातन धर्म में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला विजयादशमी (दशहरा) का पर्व अधर्म पर धर्म, और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इस पावन पर्व पर रावण दहन के साथ-साथ शमी वृक्ष की पूजा, एक-दूसरे को ‘शमी के पत्ते’ (सोना) बांटने और नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने की बेहद प्राचीन, भव्य और आध्यात्मिक परंपरा है।

आइए जानते हैं कि इन परंपराओं का रामायण व महाभारत काल से क्या ऐतिहासिक संबंध है और दशहरे पर नीलकंठ पक्षी को देखना इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है।

1. शमी के पत्तों का रामायण और महाभारत काल से गहरा संबंध,

*. रामायण काल और भगवान श्रीराम की कथा,*

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लंकापति रावण पर आक्रमण करने और युद्ध में विजय प्राप्त करने से पहले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने आश्विन शुक्ल दशमी से पूर्व शमी वृक्ष की पूजा कर अपनी विजय का आशीर्वाद मांगा था।

इसके अलावा, एक अन्य पौराणिक कथा रघुकुल के प्रतापी राजा रघु और गुरु भक्त कौत्स से जुड़ी है। मान्यता है कि जब कौत्स ने गुरु दक्षिणा के लिए राजा रघु से स्वर्ण मुद्राएं मांगीं, तब कुबेर देव ने राजा रघु की प्रार्थना पर शमी के वृक्षों से स्वर्ण मुद्राओं की वर्षा कर दी थी। तभी से शमी के पत्तों को ‘सोने’ (समृद्धि के प्रतीक) का दर्जा मिल गया।

* महाभारत काल और पांडवों का अज्ञातवास*

महाभारत काल से जुड़ी कथा के अनुसार, जब पांडवों को 13 वर्ष का वनवास और 1 वर्ष का अज्ञातवास मिला था, तब अज्ञातवास के अंतिम समय में उन्होंने अपने शक्तिशाली अस्त्र-शस्त्रों को सुरक्षित रखने के लिए एक शमी के पेड़ की कोटर (शाखाओं के बीच) में छिपा दिया था।

अज्ञातवास पूरा होने के बाद विजयादशमी के दिन ही पांडवों ने शमी वृक्ष के पास जाकर अपने अस्त्र-शस्त्र वापस प्राप्त किए थे और उनकी पूजा की थी। इसके बाद उन्होंने कौरवों पर धर्मयुद्ध में विजय प्राप्त की। यही कारण है कि शमी को शौर्य, शक्ति और विजय का प्रतीक माना गया है।

2. क्यों बांटे जाते हैं शमी के पत्ते? (सोना लेने-देने की परंपरा)

दशहरे के दिन रावण दहन के बाद लोग जब घर लौटते हैं, तो एक-दूसरे को शमी या अपटा के ताजे पत्ते भेंट करते हैं। इन्हें वास्तविक सोना न मानकर समृद्धि, विजय, आत्मीयता और स्नेह का प्रतीक माना जाता है।

लोग आपस में गले मिलते हैं, शमी की पत्तियां देकर “सोना लो, सोने की तरह जीवन में चमक और तरक्की पाओ” जैसी मंगलकामनाएं देते हैं।

3. विजयादशमी पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन इतने शुभ क्यों हैं?

दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन को अत्यंत दुर्लभ, शुभ और सौभाग्यशाली माना जाता है। इसके पीछे कई प्रमुख पौराणिक और आध्यात्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं:

* भगवान शिव का स्वरूप: नीलकंठ पक्षी को सीधा भगवान शिव का प्रतिनिधि या स्वरूप माना जाता है। चूंकि समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विषपान किया था और उनका कंठ नीला पड़ गया था, इसलिए उन्हें ‘नीलकंठ’ कहा जाता है। इस पक्षी का नीला गला भी उसी देवत्व और कल्याणकारी रूप की याद दिलाता है।

* श्रीराम की विजय का संकेत: पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण वध और लंका विजय के लिए प्रस्थान करते समय भगवान राम को नीलकंठ पक्षी के दर्शन हुए थे, जिसे उनकी विजय का बड़ा संकेत माना गया था।

* ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति: एक अन्य कथा के अनुसार, रावण एक प्रकांड विद्वान और ब्राह्मण था, इसलिए उसका वध करने के बाद भगवान राम को ब्रह्म हत्या का पाप लगा था। इस पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम और लक्ष्मण ने महादेव का स्मरण किया था, और भगवान शिव ने नीलकंठ पक्षी के रूप में आकर उन्हें दर्शन दिए थे।

यही वजह है कि विजयादशमी के दिन नीलकंठ के दर्शन मात्र से व्यक्ति के जीवन के संकट दूर होने, सोई किस्मत जागने और सालभर सुख-समृद्धि बने रहने की मान्यता है। यदि इस दिन नीलकंठ पक्षी दिख जाए, तो मन ही मन भगवान शिव और श्रीराम का स्मरण करते हुए इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए:

* नीलग्रीव शुभग्रीव सर्वकामफलप्रद*

* पृथ्वियामवतीर्णोसि खञ्जरीट नमोस्तु ते*

*. विजयादशमी पर शमी पूजन की विधि-विधान*

शमी के पौधे की पूजा मुख्य रूप से अपराह्न काल (दोपहर बाद से संध्या के बीच) में करना अति शुभ माना जाता है:

* शुभ मुहूर्त एवं तैयारी: दशमी तिथि के दिन अपराह्न काल में स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

* वृक्ष के पास पूजन: यदि आपके घर या आस-पास शमी का पौधा या वृक्ष है, तो वहां जाएं। वृक्ष के पास की भूमि को स्वच्छ कर जल अर्पित करें।

* षोडशोपचार पूजा: शमी की जड़ में जल, रोली, अक्षत (चावल), फूल और धूप-दीप अर्पित करें। यदि आपने शस्त्र या औजार रखे हैं, तो उनकी भी विधिपूर्वक पूजा करें।

* विशेष मंत्र का पाठ: पूजा के दौरान शमी वृक्ष के इस पवित्र मंत्र का उच्चारण अवश्य करें:

*शमी शम्यते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी*

*अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी*

* प्रसाद स्वरूप प्राप्ति: पूजा के पश्चात शमी के पेड़ से स्वतः गिरे हुए पत्तों या कुछ पत्तियों को आदरपूर्वक उठाकर अपने घर के मंदिर या तिजोरी में रखें। इसके बाद परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लेकर अपनों को शमी के पत्ते (‘सोना’) भेंट करें।

*शारदीय नवरात्र की नवमी पर विशेष: मंदिरों और पंडालों में गूंजे मंत्र, हवन और कन्या भोज के साथ संपन्न हुआ नौ दिवसीय अनुष्ठान*

0

*शारदीय नवरात्र की नवमी पर विशेष: मंदिरों और पंडालों में गूंजे मंत्र, हवन और कन्या भोज के साथ संपन्न हुआ नौ दिवसीय अनुष्ठान*

दिनांक 19 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़, बीजापुर, भोपाल पटनम मद्देड़ ,

 

 

शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि के पावन अवसर पर आज सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही।

 

सुबह की पहली किरण के साथ ही हवन और पूर्णाहुति के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात कन्या पूजन  आरंभ की गई, सर्व प्रथम कन्याओं के पैर धुलाए गए, पैरों में मेहंदी लगा कर अच्छे से तैयारी की गई, नव कन्या माताओं को आसन स्वरूप बिछाई गई, सभी कन्याओं थाली में खीर हलवा पूड़ी, आलू चने की सब्जी और सर्व प्रथम सभी नव दिनो तक दीक्षा लीन दीक्षार्थियों  के द्वारा बारी बारी से सभी और कन्याओ को भोग,भोज का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

सभी माताओं की उपहार स्वरूप रुपए पैसे, सिंगार, चूड़ी, आदि भेंट किया गया

*नौ दिनों के व्रत और संकल्प का समापन*

गत नौ दिनों से चल रहे इस पवित्र अनुष्ठान के दौरान भक्तों ने विधि-विधान से माता की आराधना की।

 

पुरोहितों के मंत्रोच्चारण के बीच भक्तों ने रक्षा सूत्र बांधकर नौ दिनों तक सुबह-शाम व्रत रखने, अन्न का त्याग करने और पूर्ण रूप से पूजा-पाठ में लीन रहने का संकल्प लिया था।

 

नवमी के दिन दोपहर के समय पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ इस संकल्प को पूर्ण कराया गया, जिसके बाद भक्तों ने अपना व्रत खोला और अन्न ग्रहण किया।

सुहाग चढ़ावा कार्यक्रम का आयोजन

दोपहर बाद से ही मंदिरों और पंडालों में महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

 

इस दौरान मां दुर्गा को सुहाग का सामान (श्रृंगार सामग्री) अर्पित करने के लिए विशेष ‘सुहाग चढ़ावा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

 

बड़ी संख्या में माताएँ और बहनें मां के चरणों में सुहाग अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना कर रही हैं।

 

इस पावन आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है और चारों तरफ माता के जयकारे गूंज रहे हैं।

*मद्देड़ में भक्ति की बयार, मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा बनी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण*

0

*मद्देड़ में भक्ति की बयार, मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा बनी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण*

बीजापुर/मद्देड़:19 अक्टूबर 2026

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मद्देड़ क्षेत्र में चारों ओर भक्तिमय माहौल और अभूतपूर्व उत्साह है। इस वर्ष मद्देड़ के सीताराम शिवालय परिसर और यापा पारा दुर्गा उत्सव समिति द्वारा स्थापित मां दुर्गा की भव्य एवं अलौकिक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

*छिंदवाड़ा की उत्कृष्ट कलाकृति ने जीता सबका मन*

शारदीय नवरात्र समिति द्वारा मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से लाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा की कलाकृति इतनी जीवंत और मनमोहक है कि पहली नज़र में देखने पर ऐसा प्रतीत ही नहीं होता कि यह कोई मूर्ति है। इसकी अति उत्तम शिल्पकारी और सुंदर स्वरूप को निहारने के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। भक्तगण इन मनमोहक पलों को अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर भी जमकर साझा कर रहे हैं।

*वैदिक रीती-रिवाज और कलश यात्रा से हुई शुरुआत*

पंचांग के अनुसार मां दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापना से पूर्व भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया था। इसके पश्चात पुरोहित पंडित जी द्वारा पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता रानी की स्थापना कराई गई। नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम पंडित जी द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ, विधिवत पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न कराया जा रहा है। इन नौ दिनों में माता जी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की नाम-मंत्रों से विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।

*कुमकुम पूजा, दीप यज्ञ और महाष्टमी महाआरती का विशेष आयोजन*

उत्सव के दौरान पंचमी और सप्तमी तिथि को विशेष रूप से ‘कुमकुम पूजा’ और ‘दीप यज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वहीं अष्टमी के पावन अवसर पर भव्य ‘महाष्टमी महाआरती’ आयोजित की गई।

*भजन मंडली की गूंज और श्रद्धालुओं का जनसैलाब*

मंदिर परिसर में प्रतिदिन स्थानीय एवं आमंत्रित भजन मंडलियों द्वारा देर रात्रि तक मनमोहक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। संध्या आरती के समय महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की अपार भीड़ उमड़ रही है। माता रानी के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा है।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों, मंदिर प्रमुखों,  और समस्त क्षेत्रवासियों का सराहनीय योगदान एवं सक्रिय सहयोग मिल रहा है।

 

* रोटी-बेटी के अटूट रिश्ते और सांस्कृतिक मेल का प्रतीक: दक्षिण बस्तर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ नौ दिवसीय ‘बतुकम्मा’ महापर्व** नवरात्रि बतकम्मा विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

0
{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":["local"],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":false,"containsFTESticker":false}

* रोटी-बेटी के अटूट रिश्ते और सांस्कृतिक मेल का प्रतीक: दक्षिण बस्तर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ नौ दिवसीय ‘बतुकम्मा’ महापर्व** नवरात्रि बतकम्मा विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

*छत्तीसगढ़,दक्षिण बस्तर,बीजापुर,19 अक्टूबर 2026*

छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर—विशेषकर बीजापुर और इसके आसपास के सीमावर्ती जिलों—में सांस्कृतिक विविधता, प्रकृति प्रेम और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। पिछले नौ दिनों से क्षेत्र में मातृशक्ति और प्रकृति की आराधना का पावन महापर्व ‘बतुकम्मा’  अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा था, जिसका समापन अंतिम रात्रि ‘सदुदुल बतुकम्मा’  के साथ हर्षोल्लास पूर्वक हुआ।

नौ दिनों तक पंचांग और पूर्ण विधि-विधान के अनुसार मां गौरी (गौरी-गौरा) की स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।

*त्रि-राज्यीय सीमा और सांस्कृतिक समन्वय का केंद्र*

दक्षिण बस्तर की भौगोलिक स्थिति इसे बेहद खास और समृद्ध बनाती है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़, , तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमाओं के मुहाने पर स्थित है। बीजापुर जिले की सीमाएं सीधे तेलंगाना और महाराष्ट्र से सटी हुई हैं, जहां जीवनदायिनी इंद्रावती नदी इस क्षेत्र की प्राकृतिक और भौगोलिक रेखा तय करती है। नदी के एक छोर पर छत्तीसगढ़ है, तो दूसरे छोर पर तेलंगाना और महाराष्ट्र राज्यों की सीमाएं शुरू हो जाती हैं।

सीमाएं भले ही अलग हों, लेकिन यहां के निवासियों के दिलों में कभी दूरियां नहीं रहीं। पड़ोसी राज्यों से निकटता के कारण दक्षिण बस्तर में मनाए जाने वाले अधिकांश तीज-त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम तेलंगाना व महाराष्ट्र की पंचांग तिथियों और परंपराओं की तर्ज पर ही मनाए जाते हैं।

*’रोटी और बेटी’ का सदियों पुराना अटूट रिश्ता*

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच केवल व्यापारिक या भौगोलिक साझापन ही नहीं है, बल्कि यह रिश्ता सदियों से ‘रोटी और बेटी’ का रहा है:

* वैवाहिक एवं सामाजिक संबंध: छत्तीसगढ़ की बेटियों का विवाह तेलंगाना और महाराष्ट्र में होता है, वहीं वहां की बेटियां बस्तर के घरों की बहुएं बनती हैं। इस पारिवारिक और सामाजिक आदान-प्रदान ने तीनों राज्यों के रिश्तों को एक अटूट डोर में पिरो दिया है।

* व्यापारिक व सांस्कृतिक लेन-देन: स्थानीय बाजारों और दैनिक व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी दक्षिण बस्तर के लोग पड़ोसी राज्यों पर निर्भर रहते हैं। पीढ़ियों से आकर बसे तेलंगाना और महाराष्ट्र के परिवारों का गहरा प्रभाव यहां की भाषा, खान-पान, रहन-सहन और त्योहारों में साफ झलकता है।

*क्या है ‘बतुकम्मा’ और इसका सांस्कृतिक-पौराणिक महत्त्व?*

तेलुगू भाषा में ‘बतुकम्मा’ का अर्थ “मां, जीवित हो जाओ” या “देवी मां जीवित रहें” होता है। यह पर्व मुख्य रूप से प्रकृति, जल-स्रोतों और नारी शक्ति का उत्सव है।

* फूलों की दिव्य सजावट: इस पर्व में मूर्तियों के स्थान पर प्राकृतिक और औषधीय फूलों से पूजा की जाती है। गेंदा, कमल, चमेली और स्थानीय जंगली फूलों को बांस की टोकरी या थाली पर वृत्ताकार व पिरामिड (गुंबद) के आकार में परत-दर-परत सजाया जाता है। इसके शीर्ष पर हल्दी से बनी ‘मां गौरी’ को स्थापित किया जाता है।

* अंतिम दिन का विशेष पर्व — ‘सदुदुल बतुकम्मा’: नौ दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन को ‘सदुदुल बतुकम्मा’ (या पेड्डा बतुकम्मा) कहा जाता है। इस दिन चावल के आटे, दाल और गुड़ से पारंपरिक विशेष प्रसाद (नैवेद्य) तैयार किए जाते हैं।

* सामूहिक नृत्य और विसर्जन: अंतिम रात्रि में पारंपरिक साड़ियों में सजी-धजी महिलाओं और युवतियों ने चौराहों और प्रांगणों में फूलों से सजे बतुकम्मा को बीच में रखकर तालियों की थाप पर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए सामूहिक नृत्य किया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ बतुकम्मा को नदी व तालाबों में भक्तिभाव से विसर्जित किया गया।

*सांस्कृतिक एकता की मिसाल*

जल में विसर्जन के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को प्रसाद बांटकर परिवार की सुख-समृद्धि और सुहाग की दीर्घायु की कामना की। ‘बतुकम्मा’ पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की साझा संस्कृति और अटूट आत्मीयता का एक जीवंत उदाहरण भी है।

सरायपाली में 20 अक्टूबर को उपलब्ध रहेगी अग्रवाल नर्सिंग होम की पीडियाट्रिक टीम, बच्चों को मिलेगा विशेषज्ञों से परामर्श..

0

सरायपाली में 20 अक्टूबर को उपलब्ध रहेगी अग्रवाल नर्सिंग होम की पीडियाट्रिक टीम, बच्चों को मिलेगा विशेषज्ञों से परामर्श

सरायपाली। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उपचार की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना की पीडियाट्रिक टीम 20 अक्टूबर 2026 को सरायपाली में उपलब्ध रहेगी। इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार के लिए अनुभवी शिशु रोग विशेषज्ञों से परामर्श लेने की सुविधा मिलेगी।

अग्रवाल नर्सिंग होम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, टीम में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. मुकेश ठाकुर, डॉ. संतोष घोरमारे और डॉ. दीक्षित जे. राम शामिल हैं। टीम बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराएगी।

यह सुविधा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से सरायपाली और आसपास के क्षेत्रों के अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगे।

अग्रवाल डेंटल एंड पॉलीक्लिनिक में यह सुविधा मेन रोड, IDBI बैंक एवं संतोषी माता मंदिर के पास, सरायपाली में उपलब्ध रहेगी।

संपर्क नंबर: 91743-35366, 91313-44252, 93036-23130 एवं 77730-86100।

बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों के लिए यह सुविधा स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करने का एक अवसर है।

* महानवमी  मां सिद्धिदात्री की उपासना, विधि-विधान, हवन, कन्या पूजन और व्रत पारण की संपूर्ण जानकारी* * नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

0

* महानवमी  मां सिद्धिदात्री की उपासना, विधि-विधान, हवन, कन्या पूजन और व्रत पारण की संपूर्ण जानकारी*

* नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

19  अक्टूबर 2026

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण दिन महानवमी का होता है। इस दिन जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इनकी आराधना से भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियों, मोक्ष, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

पंचांग और शास्त्र सम्मत विधान के अनुसार आज की विशेष पूजा, हवन, भोग और कन्या पूजन से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे प्रस्तुत है:

1. आज का पंचांग एवं विशेष मुहूर्त ,

पंचांगीय गणना के अनुसार, इस वर्ष नवमी तिथि का प्रारंभ और पावन मुहूर्त इस प्रकार है:

* महानवमी तिथि एवं हवन का समय: आज सुबह से ही नवमी तिथि का पूर्ण प्रभाव है, जिसके चलते पूरे दिन हवन, पूजन और अनुष्ठान करना अत्यंत फलदायी रहेगा।

* ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:43 AM से 05:34 AM तक

* अमृत काल: सुबह 08:29 AM से 10:16 AM तक

* अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:29 PM तक

* विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 PM से 02:45 PM तक

* विशेष ध्यान दें (राहुकाल): सुबह 07:50 AM से 09:15 AM के बीच राहुकाल रहेगा, इस दौरान कोई नया या मुख्य कार्य शुरू करने से बचें।

2. मां सिद्धिदात्री स्वरूप और रंग महत्व

* रूप व स्वभाव: मां सिद्धिदात्री कमल के आसन पर विराजमान हैं और उनके चार हाथों में गदा, चक्र, त्रिशूल और शंख सुशोभित है। यह अपने भक्तों को हर प्रकार के संताप और कष्ट से मुक्ति दिलाती हैं।

* विशेष रंग: आज के दिन बैंगनी या जामुनी , रंग के वस्त्र पहनना या इस रंग का प्रयोग पूजा में करना बहुत शुभ माना जाता है।

3. महानवमी पूजा-पाठ एवं हवन विधि ,

नवरात्रि का अनुष्ठान महानवमी के दिन हवन के बिना अधूरा माना जाता है। घर पर सरल विधि से हवन इस प्रकार करें:

* शुद्धिकरण: प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माता के दरबार को गंगाजल से पवित्र करें।

* हवन कुंड की स्थापना: घर के ईशान कोण या सुरक्षित स्थान पर हवन कुंड (तांबे या लोहे का पात्र) रखें।

* अग्नि प्रज्वलन: आम की लकड़ी और कपूर की सहायता से पवित्र अग्नि प्रज्वलित करें।

* आहुति: शुद्ध घी, हवन सामग्री, काले तिल, जौ और शक्कर का मिश्रण तैयार करें। गणेश जी, नवग्रहों और “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा” मंत्र का उच्चारण करते हुए माता को कम से कम 108 आहुतियां दें।

* पूर्णाहुति: अंत में सूखे नारियल (गोला) में घी भरकर, पान का पत्ता, लौंग और बताशा रखकर पूर्ण आहुति दें और माता की आरती उतारें।

4. कन्या पूजन और विशेष भोग,

* कन्या पूजन: महानवमी के पावन अवसर पर 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनके चरण धोए जाते हैं, माथे पर कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया जाता है और कलाई पर कलावा बांधा जाता है। साथ ही एक बटुक (बालक) को भैरव का रूप मानकर बैठाया जाता है।

* विशेष भोग: माता सिद्धिदात्री को हलवा, पूरी, काले चने और नारियल का भोग अत्यंत प्रिय है। यही प्रसाद कन्याओं को आदर सहित परोसा जाता है।

* उपहार व दक्षिणा: भोजन के बाद कन्याओं को अपनी श्रद्धा उपहार (जैसे फल, स्टेशनरी, चुनरी या दक्षिणा) देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

5. नवरात्रि व्रत का पारण ,

जो श्रद्धालु नौ दिनों का व्रत रखते हैं, वे महानवमी की पूजा, हवन और कन्या पूजन संपन्न करने के बाद पारिवारिक परंपरा और पंचांग के अनुसार अपने व्रत का पारण (व्रत खोलना) करते हैं। कई परिवारों में दशमी तिथि यानी विजयादशमी के दिन भी पारण का विधान होता है।

 

विशेष संदेश: माता रानी की कृपा आप और आपके पूरे परिवार पर सदैव बनी रहे। आपके घर में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का वास हो—यही हमारी मंगलकामना है।

 

*नवरात्रि की अष्टमी पर मां दुर्गा के दरबार पहुंचीं जिला पंचायत सभापति सुशीला सिन्हा**सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

0

*नवरात्रि की अष्टमी पर मां दुर्गा के दरबार पहुंचीं जिला पंचायत सभापति सुशीला सिन्हा**सम्पादक आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट*

 

*धमनी में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना, ग्रामवासियों ने मां दुर्गा से लिया आशीर्वाद; गांव की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि के लिए की प्रार्थना*

शक्ती 18  अक्टूबर 2026

सक्ती // धमनी शारदीय नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत धमनी में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर जिला पंचायत सभापति सुश्री सुशीला सिन्हा ग्राम पंचायत धमनी पहुंचीं, जहां उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा से क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए सभी के जीवन में सुखद एवं मंगलमय वातावरण बनाए रखने की प्रार्थना की।

 

नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, शक्ति की उपासना और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर ग्राम पंचायत धमनी में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना में भाग लिया। अष्टमी के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों की सहभागिता रही। सभी ने मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर ग्राम पंचायत की उन्नति, खुशहाली और क्षेत्र में सुख-शांति कायम रहने की कामना की।

 

इस अवसर पर ग्राम पंचायत धमनी के सरपंच श्री नेतराम मधुकर भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर ग्रामवासियों के सुखमय जीवन और गांव की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। धार्मिक आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों ने नवरात्रि पर्व की महत्ता को आत्मसात करते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा की आराधना की।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत सभापति सुश्री सुशीला सिन्हा, ग्राम पंचायत धमनी के सरपंच श्री नेतराम मधुकर, दीपक मधुकर, उपसरपंच युवराज साहू, पंचगण, दुर्गा पूजा समिति के समस्त सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता निभाते हुए मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

नवरात्रि की अष्टमी पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने ग्राम पंचायत धमनी में आस्था और भक्ति के वातावरण को और भी मजबूत किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों ने गांव की सुख-समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और क्षेत्र की निरंतर उन्नति के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की।

*माटी पुत्र और हर घर के लाल: बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी बतकम्मा और नवरात्रि पर्व पर पहुंचे गांव-गांव, माता-बहनों के साथ साझा की खुशियां*

0

*माटी पुत्र और हर घर के लाल: बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी बतकम्मा और नवरात्रि पर्व पर पहुंचे गांव-गांव, माता-बहनों के साथ साझा की खुशियां*

बीजापुर: 18 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में इन दिनों चारों तरफ आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक परंपराओं की अद्भुत छटा बिखरी हुई है। जिले के हर गांव में पारंपरिक बतकम्मा पर्व की धूम मची हुई है।

इस पावन अवसर पर जिले के माटी पुत्र, हर घर के चहेते और लोकप्रिय विधायक विक्रम शाह मंडावी माता-बहनों की खुशियों में शामिल होने के लिए खुद गांवों में पहुंच रहे हैं।

बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के, केवल अपनेपन और पारिवारिक आत्मीयता के साथ विक्रम मंडावी रात के अंधेरे, खराब मौसम, या कड़ाके की धूप की परवाह किए बिना दूर-दराज के गांवों तक पहुंच रहे हैं। क्षेत्र के लोग उन्हें प्यार से अपना नेता जी जो सुख दुःख’ का साथी  और हर संकट में तुरंत हाजिर होने वाला अपना नेता मानते हैं।

*हर घर को अपना घर मानते हैं विधायक विक्रम मंडावी*

विक्रम शाह मंडावी की सबसे बड़ी खूबी उनका ‘अपनापन’ है, वे राजनीति को बाद में और अपनेपन को हमेशा पहले रखते हैं, जिले के हर घर को वे अपना ही घर मानते हैं।

यही कारण है कि बतकम्मा पर्व के दौरान वे देर रात तक गांवों का दौरा कर रहे हैं, माता-बहनों को शुभकामनाएं दे रहे हैं और मां गौरी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद ले रहे हैं।

*दुर्गा पंडालों में पहुंचकर लिया माता रानी का आशीर्वाद*

बतकम्मा उत्सव के साथ-साथ विधायक विक्रम मंडावी जिले के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में भी लगातार पहुंच रहे हैं। उन्होंने नवरात्रि की इस पवित्र बेला में मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया तथा पंडालों में मौजूद श्रद्धालुओं, माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों से भेंट कर उन्हें पर्व की बधाइयां दीं।

*सुख-दुख के सच्चे साथी क्षेत्रवासियों का कहना है कि विक्रम मंडावी केवल चुनावों में वोट मांगने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर परिस्थिति में जनता के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले जननेता हैं। जब भी किसी गांव या घर पर कोई विपत्ति आती है, वे सुरक्षा और मदद का जिम्मा खुद उठा लेते हैं।

विधायक के इस जन-सरोकार और मिलनसार स्वभाव से पूरे जिले के ग्रामीण अंचलों में खुशी का माहौल है।

माटी पुत्र विक्रम मंडावी की यह सादगी और जनता के प्रति समर्पण पूरे बस्तर संभाग में एक मिसाल बन चुकी है।

*बस्तर की 150 साल पुरानी मुरिया दरबार परंपरा को मिटाने की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी — विधायक विक्रम मंडावी*

0

*बस्तर की 150 साल पुरानी मुरिया दरबार परंपरा को मिटाने की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी — विधायक विक्रम मंडावी*

 

 

बीजापुर -18/ अक्टूबर /2025

75 दिन तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के समापन पर होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार का नाम बदलने की कोशिश बस्तर की आदिम परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान को मिटाने का घृणित और सुनियोजित षड्यंत्र है।

यह भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं की ओर से बस्तर के आदिवासियों के अस्तित्व पर सीधा हमला है।

विधायक विक्रम मंडावी ने अपने विज्ञप्ति में कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बस्तर के आदिवासियों की आस्था, अस्मिता और जीवन का आधार है।

विधायक विक्रम मंडावी ने अपने विज्ञप्ति में आगे कहा कि सिरहासार में लगने वाला मुरिया दरबार बस्तर रियासत की उस जीवंत लोक परंपरा का प्रतीक है, जिसमें मांझी-चालकी और आदिवासी समाज अपनी बात प्रशासन के सामने रखते थे।

आज इसे “आम दरबार” कहकर मिटाने की कोशिश न केवल आदिवासियों का अपमान है, बल्कि माँ दंतेश्वरी का भी अपमान है।

विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि भाजपा की यह सोच उसी मानसिकता का हिस्सा है, जो बस्तर की जल-जंगल-जमीन और आदिवासी संस्कृति को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ कर बदलना चाहती है।

उन्होंने यह भी कहा इससे पहले जगदलपुर का मशहूर माड़िया चौक का नाम बदला गया अब मुरिया दरबार का नाम बदला जा रहा है, नाम बदलना कोई छोटी बात नहीं है यह आदिवासियों के ऐतिहासिक पहचान को मिटाने का पहला कदम है।

विधायक विक्रम मंडावी ने प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि मुरिया दरबार का नाम बदलने का निर्णय तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सभी आधिकारिक दस्तावेजों, आमंत्रण पत्रों और कार्यक्रम सूची में केवल “मुरिया दरबार” ही लिखा जाए।अन्यथा इसे लेकर उग्र आंदोलन करेगा।

 

 

 

*महाअष्टमी  में जगत जननी मां महागौरी की आराधना,  पूजा-विधि, मंत्र, भोग और संपूर्ण अनुष्ठान* * नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

0

*महाअष्टमी  में जगत जननी मां महागौरी की आराधना,  पूजा-विधि, मंत्र, भोग और संपूर्ण अनुष्ठान*

* नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में शारदीय और चैत्र नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महाअष्टमी या दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस पावन दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां की विधिवत पूजा करने से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

*1. मां महागौरी का स्वरूप और नाम का महत्व*

* स्वरूप: मां महागौरी का वर्ण अत्यंत गौर (श्वेत) है, इसीलिए इन्हें ‘महागौरी’ कहा जाता है। इनकी तुलना शंख, चंद्र और कुंद के फूल से की जाती है। इनके वस्त्र और आभूषण भी श्वेत रंग के ही हैं।

* वाहन: मां महागौरी का वाहन वृषभ (बैल) है, इसीलिए इन्हें ‘वृषारूढ़ा’ भी कहा जाता है।

* चतुर्भुज रूप: मां के चार हाथ हैं। इनके ऊपर वाले दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपर वाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे वाले बाएं हाथ में वरद मुद्रा है।

* कथा: भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए इन्होंने कठोर तपस्या की थी, जिससे इनका शरीर काला पड़ गया था। इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने जब गंगा के पवित्र जल से इनका अभिषेक किया, तब इनका शरीर विद्युत के समान कांतिवान और अत्यंत गौर हो गया, तभी से इनका नाम महागौरी पड़ा।

*2. पंचांग अनुसार महत्व एवं तिथि*

पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी का दिन महासंयोग और विशेष ऊर्जा का प्रतीक होता है। इस दिन माता के दर्शन मात्र से ही कई यज्ञों के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कई घरों और मंदिरों में इस दिन कन्या पूजन (कंजक) का विशेष विधान है, जिसमें 2 वर्ष से 10 वर्ष तक की कन्याओं को मां का रूप मानकर पूजा जाता है।

3. वस्त्र और रंग (विशेष चढ़ावा)

* प्रिय रंग: मां महागौरी को सफेद (श्वेत) या गुलाबी रंग अत्यंत प्रिय है।

* वस्त्र: इस दिन साधक को स्नान के बाद श्वेत या गुलाबी वस्त्र धारण कर, मां को भी इसी रंग के वस्त्र या चुनरी अर्पित करनी चाहिए।

* विशेष चढ़ावा: मां को शृंगार का सामान (लाल सिंदूर, महावर, चूड़ियां, बिंदी, आलता, इत्र और लाल चुनरी) अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा सुहाग की पिटारी चढ़ाने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

*4. महाभोग और प्रसाद*

मां महागौरी को उनकी प्रसन्नता के लिए विशेष व्यंजनों का भोग लगाया जाता है:

* मुख्य भोग: मां को नारियल या नारियल से बनी मिठाई का भोग अत्यंत प्रिय है।

* कन्या पूजन भोग: महाअष्टमी के दिन विशेष रूप से हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद बनाकर मां को भोग लगाया जाता है और यही प्रसाद कन्याओं को परोसा जाता है।

*5. पूजा-पाठ विधि एवं विधान*

* ब्रह्म मुहूर्त स्नान: प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

* कलश स्थापना पूजन: यदि घर में घटस्थापना की गई है, तो सबसे पहले गणेश-अंबिका, नवग्रह और कलश देवताओं की पूजा करें।

* चौकी सजाएं: लकड़ी की चौकी पर श्वेत वस्त्र बिछाकर मां महागौरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

* षोडशोपचार पूजा: मां को रोक्षत, अक्षत, सफेद फूल, चमेली या रात की रानी के पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

* मंत्र जाप: रुद्राक्ष की माला से मां के मूल मंत्र का कम से कम एक या पांच माला जाप करें।

* दुर्गा सप्तशती पाठ: इस दिन दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ या संपूर्ण पाठ करना बहुत फलदायी माना जाता है।

*6. अचूक मंत्र एवं स्तुति*

ध्यान मंत्र

> पूर्णेंदु निभा गौरी मनेवृषसंस्थिता हस्तत्रिशूल डमरूधरां भजेम्।

 

मूल मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौरी नमः

 

देवी प्रार्थना (सर्वमंगलकारी)

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

 

*7. महाअष्टमी के विशेष क्रिया-कलाप एवं अनुष्ठान*

* संधि पूजा (विशेष समय): अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल (संधि काल) में मां दुर्गा की विशेष पूजा और बलि (प्रतीकात्मक रूप से फल या खीर की आहुति) दी जाती है। इस समय 108 दीपक जलाने की परंपरा है।

* हवन: कई स्थानों पर महाअष्टमी के दिन या नवमी के दिन विधि-विधान से हवन किया जाता है। अग्नि में आहुति देकर नवरात्रि व्रत की पूर्णता की कामना की जाती है।

* कन्या पूजन एवं लंगूरा पूजा: कन्याओं के चरण धोकर उन्हें आसन पर बैठाएं, उनके माथे पर रोली-अक्षत लगाएं, भोजन कराएं और अंत में दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद लें। इसके साथ एक बालक (बटुक भैरव) को भी भोजन अवश्य कराएं।

*8. महाआरती*

संध्या के समय या पूजा के अंत में कपूर और घी के दीपक से मां महागौरी की आरती करें:

जय महागौरी जगत की माया। जै उमा भवानी जय महामाया॥

हरिद्वार मन कि आसन है मेरा। महा शक्ति रूप में डेरा तेरा॥

कठिन तपस्या तुमने की जब। भयों प्रकट वरदान तब॥

चतुरभुज रूप विराजित सोहे। रूप देख सुर-मुनि मन मोहे॥

जो कोई आवे तेरी द्वारे। सब की विपत मिटावें सारे॥

मार्कण्डेय पूजत पद सेवा। महिमा तेरी गावे देवा॥

महागौरी मां की आरती जो गावे। सुख-समृद्धि घर में पावे॥

 

विशेष नोट: महाअष्टमी की रात्रि को मां भगवती की जागरण या भजन-कीर्तन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मकता एवं माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

 

*राष्ट्र सेवा के साथ सेहत की अलख: CRPF की A/22 बटालियन ने संगमपल्ली में चलाया ‘फिट इंडिया’ अभियान, ग्रामीणों को दिया तंदुरुस्ती का संदेश*

0

*राष्ट्र सेवा के साथ सेहत की अलख: CRPF की A/22 बटालियन ने संगमपल्ली में चलाया ‘फिट इंडिया’ अभियान, ग्रामीणों को दिया तंदुरुस्ती का संदेश*

 

 

बीजापुर मद्देड़, 17 अक्टूबर 2026

 

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने के साथ-साथ आम जनता के कल्याण और उनके स्वास्थ्य के प्रति भी पूरी तरह समर्पित हैं।

 

इसी कड़ी में, सीआरपीएफ की 22 वीं वाहिनी की ए/कंपनी के अधिकारियों और जवानों द्वारा बीजापुर जिले के संगमपल्ली क्षेत्र में एक विशेष और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

 

 

स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यहाँ ‘फिट इंडिया’ अभियान के तहत ” फिटनेस को डोज आधा घंटा रोज ” कार्यक्रम चलाया गया ।

 

इस पहल का मुख्य मकसद सुदूर ग्रामीण अंचलों के लोगों को शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रेरित करना था।

 

युवाओं और बच्चों में दिखा भारी उत्साह

कार्यक्रम के दौरान संगमपल्ली के स्थानीय युवाओं और स्कूली बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिला।

 

उनकी सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को बेहद सफल बना दिया ।

 

सीआरपीएफ जवानों के साथ कदम से कदम मिलाकर युवाओं और बच्चों ने लंबी दौड़ लगाई और विभिन्न शारीरिक व्यायाम किये ।

 

खेलकूद और फिटनेस के इस माहौल ने पूरे गांव में एक नया जोश भर दिया ।

 

जवानों ने दिए सेहत और खान-पान से जुड़े जरूरी टिप्स

व्यायाम और दौड़ के बाद, ए/22 बटालियन के सीआरपीएफ अधिकारियों ने उपस्थित युवाओं और ग्रामीणों को स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया ।

 

जवानों ने बल देकर निम्नलिखित बातों पर चर्चा की:

* नियमित व्यायाम: जीवन में रोजाना कसरत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी ।

 

* संतुलित आहार: शरीर को ऊर्जावान और मजबूत बनाए रखने के लिए पौष्टिक व संतुलित भोजन करने के लिए प्रेरित किया ।

 

* पर्याप्त पानी: शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की बात कही ।

 

* जंक फूड से बचाव: फास्ट फूड और अस्वस्थ खान-पान से दूर रहने की हिदायत दी, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं ।

 

सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच मजबूत हो रहे हैं प्रगाढ़ संबंध

इस अनूठी पहल में स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।

 

इस प्रकार के आयोजनों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, बल्कि सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच आपसी विश्वास, भाईचारा और मधुर संबंध भी और अधिक मजबूत हो रहे हैं ।

 

सीआरपीएफ का यह मानवीय चेहरा बस्तर अंचल में सुरक्षा के साथ-साथ सकारात्मक बदलाव की एक नई कहानी लिख रहा है ।

 *मददेड दुर्गा मंदिर में नवरात्रि की सप्तमी पर भव्य दीप यज्ञ का आयोजन, गायत्री परिवार की अगवानी में गूंजे मंत्र*

0

*मददेड दुर्गा मंदिर में नवरात्रि की सप्तमी पर भव्य दीप यज्ञ का आयोजन, गायत्री परिवार की अगवानी में गूंजे मंत्र*

 

बीजापुर,भोपालपटनम, मद्देड़,18 अक्टूबर 2026,

 

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर बस्तर अंचल के बीजापुर जिले के भोपालपटनम तहसील अंतर्गत ऐतिहासिक और धार्मिक गांव मददेड स्थित दुर्गा मंदिर में नवरात्रि की महासप्तमी के अवसर पर एक भव्य और दिव्य दीप यज्ञ का आयोजन किया गया।

 

इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में पहुंचे महिला भक्त गण,श्रद्धालुओं और अन्य ग्राम के महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मां दुर्गा व वेदमाता गायत्री की आराधना की।

 

*विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान,*

 

दीप यज्ञ का शुभारंभ गायत्री परिवार की प्रतिष्ठित पुरोहित गुरु माता शांता मरकाम के मार्गदर्शन में पूरी विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ किया गया।

 

*यज्ञ की शुरुआत से लेकर पूर्णाहुति तक की संपूर्ण प्रक्रिया वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुई:*

 

* गुरु वंदना और ध्यान: अनुष्ठान के आरंभ में सर्वप्रथम गुरु माता और गुरु पिता का ध्यान किया गया, इसके पश्चात जगत जननी वेदमाता गायत्री माता का स्मरण कर पूजन की शुरुआत हुई।

 

* कलश पूजन व रक्षा सूत्र: कार्यक्रम के दौरान कलश पूजन किया गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे के हाथों में रक्षा सूत्र (कलावा) बांधकर आपसी सौहार्द, स्नेह और भाईचारे का संदेश दिया। साथ ही माथे पर तिलक लगाकर परस्पर मंगलकामनाएं की गईं।

 

* दीप प्रज्वलन और संकल्प: इस विशेष दीप यज्ञ में महिलाओं, युवतियों और भक्तगणों द्वारा घरों से लाए गए आटे के दीपकों को पंक्तिबद्ध कर अगरबती की लव से प्रज्वलित किया गया।

 

*दुर्गा मंदिर ,परिसर दीपों की अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा ऐसा प्रतीत हो पूरा ग्राम जगमगा हो*

 

*जनकल्याण और बुराइयों को त्यागने का संकल्प*

यज्ञ के दौरान पुरोहित गुरु माता शांता मरकाम ने श्रद्धालुओं को वेदमंत्रों के माध्यम से अपने परिवार, रिश्तेदारों, सगा-संबंधियों, पड़ोसियों और खास मित्रों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना कराई।

 

इस दौरान गुरु माता शांता मरकाम ने एक बेहद प्रेरणादायी संदेश दिया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और दुर्गुणों का संकल्प पूर्वक त्याग करना चाहिए, ताकि एक सकारात्मक और आदर्श समाज का निर्माण हो सके।

 

*आरती के साथ पूर्ण हुआ अनुष्ठान,*

 

कार्यक्रम के अंतिम चरण में गायत्री माता की आरती और मां दुर्गा जी की भव्य आरती की गई, जिसके पश्चात प्रसाद वितरण के साथ इस पावन दीप यज्ञ का समापन हुआ।

 

इस धार्मिक आयोजन से पूरा मददेड क्षेत्र भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

बसना वासियों के लिए अच्छी खबर: अब बच्चों के दिल की जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा..

0

बसना वासियों के लिए अच्छी खबर: अब बच्चों केदिल की जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा

बसना (महासमुंद) – क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब बाल हृदय रोगों के इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में पहली बार बाल हृदय रोग विशेषज्ञ की विशेष ओपीडी लगने जा रही है।

 

इस विशेष शिविर में रायपुर और अन्य बड़े शहरों में अपनी सेवाएं दे चुके प्रसिद्ध बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल चौहान अपनी सेवाएं देंगे। डॉ. चौहान MBBS, M.D. (VNSGU, सूरत), Fellowship in Pediatrics Cardiology हैं और उन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

इन बीमारियों का होगा विशेष परीक्षण:

• जन्म से दिल में छेद या बनावट की समस्या • बच्चों में नीला पड़ना या जल्दी साँस फूलना • बार-बार थक जाना या दूध ठीक से न पी पाना • बच्चों में दिल की धड़कन का तेज़ या अनियमित होना • दिल के वाल्व से जुड़ी समस्या • बच्चों में सीने में दर्द या चक्कर आना • दिल के संक्रमण या सूजन • पहले हुए दिल के ऑपरेशन या इलाज से जुड़ी परेशानियाँ 

शिविर का विवरण:

स्थान – अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना

दिनांक – 18 अक्टूबर 2026, रविवार

समय – सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक

 

अस्पताल प्रबंधन ने अपील की है कि जिन बच्चों में इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं, वे समय पर पहुंचकर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। यह बसना क्षेत्र के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा है।

संपर्क के लिए: अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला – महासमुंद (छ.ग.)

मो. 84618-11000, 77730-86100

* 40 साल बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व, 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी* * बीजापुर के जंगलों में फिर गूंजेगी पर्यटन की हलचल, शांति बहाली के बाद वन विभाग ने शुरू की तैयारियां; स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते* *बस्तर सम्भाग जगदलपुर बीजापुर* * बीजापुर जिले से तेज नारायण सिंह की रिपोर्ट*,,,,

0

* 40 साल बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व, 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी*

* बीजापुर के जंगलों में फिर गूंजेगी पर्यटन की हलचल, शांति बहाली के बाद वन विभाग ने शुरू की तैयारियां; स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते*

*बस्तर सम्भाग जगदलपुर बीजापुर*

* बीजापुर जिले से तेज नारायण सिंह की रिपोर्ट*,,,,

*बीजापुर।,,,,,, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व से पर्यटन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 40 साल के लंबे इंतजार के बाद यह टाइगर रिजर्व 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए फिर से खोले जाने की तैयारी है। इससे बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों और घने जंगलों को करीब से देखने के इच्छुक पर्यटकों को नया अवसर मिलने की उम्मीद है।*

*शांति बहाली के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी*

लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण प्रभावित रहे इस क्षेत्र में शांति बहाली के बाद पर्यटन की संभावनाओं को फिर से विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नए सफारी रूट तैयार करने में जुटा है। इन तैयारियों का उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से जंगल सफारी का अनुभव उपलब्ध कराना है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के दोबारा खुलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सफारी संचालन, स्थानीय गाइड, वाहन सेवा और पर्यटकों से जुड़ी अन्य सुविधाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

बस्तर के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां पर्यटन की शुरुआत होने से बस्तर को प्राकृतिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है।

हालांकि, सफारी शुरू होने की अंतिम तारीख, बुकिंग प्रक्रिया, निर्धारित रूट और पर्यटकों के लिए जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की ओर से होना बाकी है। पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

*स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिला संपत्ति पर अधिकार, ग्राम भट्टीगुड़ा में अधिकार अभिलेखों का वितरण* ,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

0

*स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिला संपत्ति पर अधिकार, ग्राम भट्टीगुड़ा में अधिकार अभिलेखों का वितरण*

,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

**कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में ग्रामीणों को मिला अधिकार अभिलेख, संपत्ति संबंधी अधिकारों को मिलेगी मजबूती**

**ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं संपत्ति के दस्तावेजीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल**

**बीजापुर,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम भट्टीगुड़ा में स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीणों को अधिकार अभिलेखों का वितरण किया गया। इस पहल से ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्तियों के संबंध में वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध होने के साथ ही संपत्ति संबंधी अधिकारों को मजबूती मिलेगी।

स्वामित्व योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में स्थित आवासीय संपत्तियों का आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण कर उनका सटीक अभिलेखीकरण करना तथा पात्र संपत्ति धारकों को अधिकार अभिलेख प्रदान करना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवादों में कमी लाने तथा ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।

**संपत्ति का अधिकार अभिलेख बनेगा आर्थिक सशक्तिकरण का आधार**

स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्राप्त अधिकार अभिलेख ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होंगे। इससे संपत्ति के स्वामित्व की पहचान स्पष्ट होगी तथा पात्र हितग्राही नियमानुसार अपनी संपत्ति का उपयोग बैंक ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए कर सकेंगे। इसके साथ ही संपत्ति के क्रय-विक्रय, उत्तराधिकार एवं अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

**ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और पारदर्शिता को मिल रहा बढ़ावा**

कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी की संपत्तियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण होने से राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा ग्रामीणों को अपनी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा होगी।

ग्राम भट्टीगुड़ा में अधिकार अभिलेखों का वितरण ग्रामीण परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि योजना के अंतर्गत सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाभान्वित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सुशासन को नई मजबूती मिल सके।

*महासप्तमी पर पंडालों के खुलेंगे पट, मां कालरात्रि के जयकारों से गूंजेंगे मंदिर और दरबार* *नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

0

*महासप्तमी पर पंडालों के खुलेंगे पट, मां कालरात्रि के जयकारों से गूंजेंगे मंदिर और दरबार*

*नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम*

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर आज सप्तमी तिथि (महासप्तमी) के अवसर पर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी । महासप्तमी के इस पावन दिन के साथ ही मंदिरों और भव्य दुर्गा पंडालों के पट आज आम भक्तों के दर्शन के लिए पूरी तरह खोल दिए गए हैं, जिससे आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

*पंडालों के खुले पट और गूंजते मंत्र*

सप्तमी तिथि की प्रात:कालीन बेला में मां दुर्गा के नेत्र खोले जाने के साथ ही भक्तों के लिए दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है। मंदिरों और पंडालों में ‘या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता…’ के मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और शंख-घंटियों की गूंज से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय  होगा।

*मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप और महिमा*

* शुभंकरी स्वरूप: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का यह स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली और दुष्टों का संहार करने वाला है, जो भक्तों के लिए हमेशा ‘शुभंकरी’ (कल्याणकारी) होता है।

* भय और बाधाओं से मुक्ति: इनकी आराधना करने से सभी प्रकार के भय, बाधाएं, रोग और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। साथ ही जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

*आज की विशेष पूजा-विधि, भोग और रंग*

* प्रिय भोग: मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग अत्यंत प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि इससे माता प्रसन्न होकर आरोग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

* रंग का महत्व: सप्तमी तिथि के दिन स्लेटी (ग्रे) रंग को संतुलन और शुभता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए आज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक परिधानों में माता की आराधना की।

*भक्तों में भारी उत्साह*

महासप्तमी के साथ ही सप्तमी, अष्टमी,नवमी, मां दुर्गा की त्रिदिवसीय विशेष पूजा का मुख्य चरण आरंभ हो चुका है। उत्सव के इस उल्लासपूर्ण माहौल के बीच श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर अपने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना कर रहे हैं।

 

*विभाग का नाम बदलने के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने सौंपा ज्ञापन*

0

*विभाग का नाम बदलने के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने सौंपा ज्ञापन*

 

*15 दिन में जवाब देने की मांग, निर्णय वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी*

 

बीजापुर 16 अक्टूबर 2026

 

आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को सर्व आदिवासी समाज ने एसडीएम राकेश साहू के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने विभाग का पुराना नाम यथावत रखने और नाम परिवर्तन के औचित्य को सार्वजनिक करने की मांग की है।

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में समाज ने कहा कि आदिवासी समाज के कल्याण, शिक्षा और विकास के उद्देश्य से स्थापित विभाग के नाम से ‘कल्याण’ और ‘विकास’ जैसे शब्द हटाने से समाज में असंतोष है। समाज ने सरकार से निर्णय के पीछे का कारण स्पष्ट करने और इस संबंध में आदिवासी प्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों से चर्चा करने की मांग की है।

ज्ञापन में आश्रम शालाओं और छात्रावासों की व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, रोजगार, कुपोषण उन्मूलन तथा पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी उठाया गया। समाज ने विभागीय बदलावों, बजट और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

सर्व आदिवासी समाज ने ज्ञापन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और नाम परिवर्तन वापस लेने की दिशा में कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। समाज ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, गरिमा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

इस दौरान शंकर कुडियम, कुंवर सिंह मज्जी, पांडु तेलम, मंगू लेकम, मासा लेकम, बुधराम लेकम, सु ताती, लक्ष्मण मिच्चा, लक्ष्मण कड़ती, गणपत यालम, जितेंद्र हेमला, सुखराम, कश्मीर एक्का, मुन्ना मिच्चा, गुड्डू मोडियाम, राकेश तेलम, विनोद काका सहित अन्य सामाजिक पदाधिकारी मौजूद थे।

*विभाग के नाम परिवर्तन का आधार स्पष्ट करे सरकार: सर्व आदिवासी समाज*

 

सरकार बताए कि ‘आदिम जाति कल्याण विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने का निर्णय किन प्रशासनिक, नीतिगत अथवा वैधानिक आधारों पर लिया गया है। नाम परिवर्तन से आदिवासी समाज को क्या ठोस लाभ मिलेगा और इस निर्णय से पहले समाज के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से विचार-विमर्श क्यों नहीं किया गया? सर्व आदिवासी समाज ने सरकार से नाम परिवर्तन का औचित्य सार्वजनिक करने और पूर्व नाम ‘आदिम जाति कल्याण विभाग’ को यथावत रखने की मांग की है।

* 40 साल बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व, 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी*

0

* 40 साल बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व, 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी*

 

*बीजापुर के जंगलों में फिर गूंजेगी पर्यटन की हलचल, शांति बहाली के बाद वन विभाग ने शुरू की तैयारियां; स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते*

बस्तर सम्भाग, जगदलपुर,बीजापुर

*बीजापुर :::छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व से पर्यटन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 40 साल के लंबे इंतजार के बाद यह टाइगर रिजर्व 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए फिर से खोले जाने की तैयारी है। इससे बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों और घने जंगलों को करीब से देखने के इच्छुक पर्यटकों को नया अवसर मिलने की उम्मीद है।*

 

*शांति बहाली के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी*

 

लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण प्रभावित रहे इस क्षेत्र में शांति बहाली के बाद पर्यटन की संभावनाओं को फिर से विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नए सफारी रूट तैयार करने में जुटा है। इन तैयारियों का उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से जंगल सफारी का अनुभव उपलब्ध कराना है।

 

*स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर*

 

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के दोबारा खुलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सफारी संचालन, स्थानीय गाइड, वाहन सेवा और पर्यटकों से जुड़ी अन्य सुविधाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

 

*बस्तर के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान*

 

इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां पर्यटन की शुरुआत होने से बस्तर को प्राकृतिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है।

 

हालांकि, सफारी शुरू होने की अंतिम तारीख, बुकिंग प्रक्रिया, निर्धारित रूट और पर्यटकों के लिए जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की ओर से होना बाकी है। पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

*  जामताड़ा के साइबर ठगों पर बस्तर पुलिस का शिकंजा, 5.90 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार*

0

*  जामताड़ा के साइबर ठगों पर बस्तर पुलिस का शिकंजा, 5.90 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार*

 

*फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन देकर सेवानिवृत्त शिक्षक को बनाया निशाना, 82 एटीएम कार्ड सहित मोबाइल और नकदी बरामद*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर,

बस्तर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के जामताड़ा जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सेवानिवृत्त शिक्षक को पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से 5 लाख 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 25 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की है।

*गिरफ्तार आरोपियों की पहचान*

सहबाज अंसारी (34 वर्ष), पिता इजराइल मिया, निवासी कोरीडी, नारायणपुर, जिला जामताड़ा, झारखंड।

जियाउल हक (36 वर्ष), पिता नफील मिया, निवासी मानपुर, कोईडीह-2, जिला जामताड़ा, झारखंड।

 

 

*फेसबुक पर विज्ञापन देखकर किया था संपर्क*

 

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फेसबुक पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने से संबंधित विज्ञापन देखकर उन्होंने लिंक पर क्लिक किया था। इसके बाद खुले ऑनलाइन फॉर्म में नाम, पता, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भरने का विकल्प दिया गया। फॉर्म में अधूरी जानकारी छोड़ने के बाद अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। ठगों ने पीड़ित की व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी हासिल करVOB उनके खाते से 5.90 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए।

 

मामले में थाना फ्रेजरपुर (परपा) में अपराध क्रमांक 241/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के पर्यवेक्षण में नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे और साइबर सेल के उप पुलिस अधीक्षक चंद्रहास के मार्गदर्शन में अलग-अलग टीमें गठित की गईं।

 

*तकनीकी जांच में जामताड़ा के आरोपियों का मिला सुराग*

 

जांच के दौरान VOB पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, रकम ट्रांसफर किए गए बैंक खातों और एटीएम से निकासी की जानकारी जुटाई। तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों का संबंध झारखंड के जामताड़ा से सामने आया। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे, लेकिन पुलिस ने जांच के दौरान उनकी लोकेशन कोलकाता में ट्रेस कर ली।

 

इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षक सागर पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम को कोलकाता, पश्चिम बंगाल भेजा गया। टीम ने पार्क स्ट्रीट क्षेत्र के करीब 200 होटलों में जानकारी जुटाते हुए स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

 

*82 एटीएम कार्ड सहित कई सामान जब्त*

 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 25 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बस्तर लाया गया है।

 

पुलिस अब आरोपियों से बरामद एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबरों के आधार पर अन्य जिलों तथा राज्यों में हुई साइबर ठगी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है। पुलिस को इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

बसना में 17 अक्टूबर को लगेगा नेत्र जांच शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे आंखों की जांच

0

बसना में 17 अक्टूबर को लगेगा नेत्र जांच शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे आंखों की जांच

महासमुंद/बसना। आंखों से जुड़ी समस्याओं की पहचान और समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को नेत्र जांच एवं परामर्श की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों की आंखों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। शिविर में आंखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं की जांच और उपचार के लिए मरीज पहुंच सकेंगे।

अस्पताल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनीष सक्सेना, एमबीबीएस, एमएस, एफएमआरएफ (चेन्नई), जो अरविंद नेत्रालय, रायपुर से जुड़े हैं, अपनी टीम के साथ सेवाएं देंगे। पोस्टर के अनुसार, शिविर में सुबह 10 बजे से मरीजों की जांच की जाएगी।

शिविर में मोतियाबिंद, कालामोतिया यानी ग्लूकोमा, रेटिना संबंधी समस्याएं, डायबिटिक रेटिनोपैथी, आंखों में चोट, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम, नवजात एवं बच्चों की आंखों की जांच और आरओपी स्क्रीनिंग जैसी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा आंखों में सूखापन, जलन, खुजली, कम दिखाई देना, चश्मे एवं कॉन्टैक्ट लेंस से संबंधित परामर्श और अन्य नेत्र समस्याओं की जांच की सुविधा भी पोस्टर में दर्शाई गई है।

वहीं, अस्पताल में प्रत्येक रविवार को भी नेत्र रोग संबंधी जांच एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश अग्रवाल, एमबीबीएस, डीओ, एफसीओ, एफओओ, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं फैको तथा ऑकुलोप्लास्टी सर्जन के रूप में सेवाएं देते हैं। अस्पताल के अनुसार, उनकी ओपीडी में आंखों के पर्दे की जांच, पुतली की जांच, ड्राई आईज, आंखों की एलर्जी, कम दिखाई देना, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, तिरछी आंख और आंखों की सर्जरी से संबंधित परामर्श एवं जांच की सुविधा उपलब्ध है।

अस्पताल की ओर से जारी पोस्टर में आयुष्मान कार्ड, टीपीए, इंश्योरेंस, सीजीएचएस और सीएसपीडीएल के माध्यम से पात्र मरीजों के लिए निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, संबंधित योजना की पात्रता और उपचार की उपलब्धता के संबंध में मरीज अस्पताल से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने नेत्र संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों से जांच एवं परामर्श का लाभ लेने की अपील की है। समय पर आंखों की जांच कराने से कई समस्याओं की पहचान शुरुआती अवस्था में की जा सकती है, जिससे उचित उपचार में मदद मिलती है।

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़।

संपर्क नंबर: 9303623130, 9039645760, 7773086100। रविवार की नियमित ओपीडी के लिए पोस्टर पर 9131276828 और 7773086100 नंबर भी दिए गए हैं।.

महासमुंद डेढ़ साल तक अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग, नाबालिग से जुड़े मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार..

0

राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद डेढ़ साल तक अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग, नाबालिग से जुड़े मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार

बसना पुलिस की कार्रवाई, दो मुख्य आरोपियों समेत तीन सह-आरोपियों पर शिकंजा; BNS, POCSO और IT एक्ट के तहत कार्रवाई, सभी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए..

महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने, ब्लैकमेलिंग करने और पैसे की मांग करने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि यह सिलसिला करीब डेढ़ साल से चल रहा था। मामले में दुष्कर्म के आरोप भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रकरण में दो मुख्य आरोपियों के साथ तीन अन्य सह-आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट (POCSO) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

डेढ़ साल तक ब्लैकमेलिंग करने का आरोप..

इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों पर नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो के जरिए उसे लगातार धमकाने का आरोप है। फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर पैसों की मांग की जाती थी। करीब डेढ़ साल तक ब्लैकमेलिंग किए जाने की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस इस प्रकरण में उपलब्ध शिकायत, साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

मामले में दुष्कर्म, अश्लील सामग्री के जरिए धमकी और जबरन वसूली से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

एसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देशन में मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों सहित तीन सह-आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ BNS, POCSO और IT एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। सभी पांच आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं..

प्रभात कुमार पुलिस अधीक्षक महासमुंद

 

स्कूल में बड़ा हादसा, झूला बना मौत का फंदा स्कूल परिसर में पेड़ से बने झूले में फंसने से चौथी कक्षा के छात्र की मौत, गांव में पसरा मातम..

0

राहुल भोई महासमुंद..

– स्कूल में बड़ा हादसा, झूला बना मौत का फंदा

स्कूल परिसर में पेड़ से बने झूले में फंसने से चौथी कक्षा के छात्र की मौत, गांव में पसरा मातम..

 

महासमुंद: जिले के बसना थाना क्षेत्र के मुड़ीडीह गांव से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में खेल-खेल में हुए हादसे में चौथी कक्षा के छात्र की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

 

कैसे हुआ हादसा –

 

मृतक छात्र की पहचान तरुण चौहान के रूप में हुई है, जो प्राथमिक शाला मुड़ीडीह में कक्षा चौथी में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि रोज की तरह बच्चे स्कूल खुलने से पहले स्कूल परिसर में पहुंचकर खेल रहे थे। स्कूल प्रांगण में लगे पेड़ पर बच्चों ने ही साड़ियों को बांधकर एक झूला बना रखा था।

तरुण अपने 8-9 अन्य साथियों के साथ उसी झूले पर पेड़ पर चढ़कर झूल रहा था। झूलने के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिरने लगा, तभी साड़ी से बना झूला उसके गले में फंस गया। गले में फंदा लगने से वह वहीं झूल गया। बच्चों ने शोर मचाया तब तक उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

इस पूरे मामले पर भंवरपुर चौकी प्रभारी अंजना चंद्रा ने बताया कि,

 

“स्कूल करीब 10:00 बजे खुलता है, लेकिन 9:30 बजे ही रोज की भांति बच्चे स्कूल में आकर खेलने लगते हैं। आज भी स्कूल की सहायिका 9:30 बजे स्कूल खोलकर चली गई थी, तब तक कोई भी टीचर स्कूल नहीं पहुंचा था। इसी दरमियान स्कूल प्रांगण में बच्चों ने मौजूद पेड़ पर साड़ियों का एक झूला बनाया हुआ था। करीब 9 बच्चे खेल-खेल में पेड़ पर चढ़कर झूला झूल रहे थे। तभी एक बच्चे का पैर अचानक पेड़ से फिसला और वह नीचे गिरने लगा, तभी साड़ियों से बनाया हुआ झूला उसके गले में अचानक फंस गया और वह बच्चा सीधे नीचे झूल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल मामले पर जांच जारी है और बच्चे के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।”

घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में जांच जारी है..

*मोहला—महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल, जिला पंचायत से पुलिस थाना तक समझीं प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा की बारीकियां ,प्रशासन की कार्यप्रणाली से रूबरू हुईं सेजेस की 50 बालिकाएं, सरकारी कार्यालयों का किया शैक्षणिक भ्रमण*

0

मनीष कौशिक

मोहला– महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में सेजेस स्कूल की 50 बालिकाओं को विभिन्न शासकीय कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक व्यवस्था, शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली, जनसेवा तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था भ्रमण के दौरान बालिकाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, रक्षित आरक्षी केंद्र तथा पुलिस थाना का अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, विभागीय जिम्मेदारियों, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, पुलिस अधीक्षक, रक्षित आरक्षी केंद्र के आरआई तथा थाना प्रभारी (टीआई) ने बालिकाओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से अवगत कराया। अधिकारियों ने बालिकाओं के सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न विभागों की भूमिका एवं कार्यप्रणाली को सरल तरीके से समझाया इस शैक्षणिक भ्रमण से बालिकाओं को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर शासन-प्रशासन की व्यवस्था को करीब से जानने और समझने का अवसर मिला। साथ ही उन्हें विभिन्न शासकीय सेवाओं, प्रशासनिक दायित्वों तथा जनहित में संचालित योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।चार शासकीय कार्यालयों के भ्रमण के बाद बालिकाओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई अधिकारियों एवं आयोजनकर्ताओं की उपस्थिति में बालिकाओं ने भोजन ग्रहण किया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल बालिकाओं में प्रशासनिक जागरूकता बढ़ाने और उन्हें शासन की कार्यप्रणाली से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।

समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज ने जताया विरोध, तीन सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति ,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

0

समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज ने जताया विरोध, तीन सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

यूसीसी के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं; 27 प्रतिशत आरक्षण का पालन, समाज के भवन और संगठन के विस्तार पर हुई चर्चा – रामलाल यादव

बीजापुर ,,,,,,,- जिला मुख्यालय बीजापुर में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज की बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के साथ समाज के अधिकारों, संगठन के विस्तार और सामाजिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए समाज के प्रतिनिधिमंडल को भेजने पर सहमति बनी।छत्तीसगढ़ सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के जिला अध्यक्ष रामलाल यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने के नाम पर समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं सांस्कृतिक हितों का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यूसीसी के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए विरोध दर्ज कराया। समाज के संरक्षक ए. सुधाकर ने कहा कि समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और अधिकारों से जुड़े विषयों पर कोई भी निर्णय लेने से पहले संबंधित समुदायों की भावनाओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर व्यापक चर्चा और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

*समाज के विस्तार और 27 प्रतिशत आरक्षण पर जोर*

बैठक में केवल यूसीसी ही नहीं, बल्कि बीजापुर जिले में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के संगठन को मजबूत बनाने और उसका विस्तार करने पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़कर सामाजिक एकजुटता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का शासकीय भर्ती के साथ राजनीति, सरकारी योजनाओ में रोस्टर का पालन सुनिश्चित करने का विषय प्रमुखता से उठाया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि पात्र वर्ग को आरक्षण का लाभ नियमानुसार मिले और रोस्टर में निर्धारित प्रावधानों का पालन हो।

*समाज के भवन के लिए भी उठी आवाज*

बैठक में बीजापुर जिला मुख्यालय में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के लिए भवन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के भवन से सामाजिक बैठकों, सामुदायिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी। इस विषय को भी समाज की प्रमुख मांगों में शामिल करने पर सहमति बनी। युवा प्रदेश अध्यक्ष कोमल निषाद ने कहा कि युवाओं को समाज की जिम्मेदारियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का संगठन तभी मजबूत होगा, जब प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और विशेषकर युवा पीढ़ी सामाजिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगी। समाज की एकजुटता को शिक्षा, जागरूकता और रचनात्मक कार्यों की ताकत बनाना होगा। वही मीडिया प्रभारी के. संतोष कुमार ने कहा कि समाज की समस्याओं, मांगों और उपलब्धियों को जिम्मेदारी के साथ शासन-प्रशासन तथा आम जनता तक पहुंचाना आवश्यक है। संगठन का उद्देश्य केवल समस्याएं उठाना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल करना भी होना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा, रोजगार, संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

*मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल*

बैठक में समाज के विस्तार, 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का नियमानुसार पालन तथा बीजापुर में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के भवन से संबंधित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी दिनों में समाज का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात करेगा। बैठक में इस संबंध में सहमति बनी और मांगों को संबंधित स्तर पर उठाने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।बैठक में वैचारिक विरोध के साथ समाज के संगठनात्मक विस्तार और स्थानीय आवश्यकताओं को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें समाज की एकजुटता, अधिकारों की पैरवी और मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर सहमति बनी। बैठक में संरक्षक नीलम गणपत, तेलंगा समाज में अध्यक्ष आदिनारायण पुजारी , उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी , मधु कटला , माधव कोड्रा समेत भोपालपटनम, उसूर, भैरमगढ़ और बीजापुर विकासखंड के पदाधिकारी और सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

*  सांसद महेश कश्यप का न्योता, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया स्वीकार, ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होने आएंगी 23 अक्टूबर को जगदलपुर *

0

*  सांसद महेश कश्यप का न्योता, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया स्वीकार, ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होने आएंगी 23 अक्टूबर को जगदलपुर *

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगामी बस्तर प्रवास को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 23 अक्टूबर को बस्तर प्रवास पर रहेंगी, जहां वे ऐतिहासिक ‘मुरिया दरबार’ में शिरकत करेंगी और लालबाग मैदान में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित करेंगी।

 

महामहिम राष्ट्रपति के प्रवास कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने कलेक्टोरेट स्थित ‘प्रेरणा कक्ष’ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, बैठक व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयपूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

बैठक के पश्चात कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सीधे लालबाग मैदान जाकर चल रही जमीनी तैयारियों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी व आम जनता के प्रवेश एवं निकास द्वार, पेयजल, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तथा पार्किंग प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने आयोजन स्थल पर सभी नागरिक सुविधाएं चाक-चौबंद रखने पर जोर दिया वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के संबंध में चर्चा की। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री सुमित कुमार, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर, नगर निगम आयुक्त श्री प्रवीण वर्मा सहित सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।