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*नक्सल मुक्त दावे के बीच छत्तीसगढ़ में पत्रकार असुरक्षित, सूरजपुर की घटना ने खोली पोल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* रायपुर से दीपक मरकाम की खबर*

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*नक्सल मुक्त दावे के बीच छत्तीसगढ़ में पत्रकार असुरक्षित, सूरजपुर की घटना ने खोली पोल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* रायपुर से दीपक मरकाम की खबर*

 

*छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ ने पत्रकारों पर हुए आघात को बेहद निंदनीय, चिंताजनक एवं लोकतन्त्र की हत्या होना कहा है*

 

रायपुर दिनांक 24  अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज गोस्वामी ने सूरजपुर जिले में प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड की भास्कर पारा कोयला खदान में पत्रकारों के साथ हुई घटना को बेहद गंभीर, चिंताजनक और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार प्रदेश को नक्सल मुक्त बताकर अपनी उपलब्धियां गिनाने में लगी है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि अब पत्रकारों को सच दिखाने और जनता की आवाज उठाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

 

राज गोस्वामी ने बताया कि 19 अप्रैल 2026 को चंद्र प्रकाश साहू, लोकेश गोस्वामी और मनीष जायसवाल जब भास्कर पारा खदान क्षेत्र के पास सार्वजनिक स्थान से रिपोर्टिंग कर रहे थे, तब वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने उन्हें रोककर विवाद किया, उनके साथ मारपीट की, उनके कैमरे और मोबाइल छीन लिए, रिकॉर्ड किए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए और करीब तीन घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा। इस दौरान गाली-गलौज, धमकी और लूटपाट जैसी घटनाएं भी हुई, जो पूरी तरह से गैरकानूनी और अस्वीकार्य हैं।

 

राज गोस्वामी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इसे एक सामान्य घटना माना जाए, या फिर यह संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षित नहीं है। पत्रकारों के ऊपर हुई घटना के चार दिन बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन का चार कदम आगे नहीं बढ़ाना क्या यह भी संकेत है कि अब सरकार उद्योगपतियों और उनके प्रभाव में काम करने वालों के आगे झुकती नजर आ रही है? यह केवल तीन पत्रकारों के साथ हुई ज्यादती नहीं है, असल में यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने की एक सोची-समझी कोशिश दिखाई देती है।

 

श्री गोस्वामी का कहना है कि जब पत्रकारों को ही डराकर, धमकाकर और बंधक बनाकर चुप कराने की कोशिश की जाएगी, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा और सच्चाई सामने कैसे आएगी? यह स्थिति न केवल पत्रकारों के लिए, गहराई से समझा जाए तो यह पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है।

 

उन्होंने कहा कि सूरजपुर वही जिला है जो कभी नक्सल प्रभाव में रहा है और उस दौर में पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खबरें जनता तक पहुंचाईं। शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु का काम किया। आज जब वही क्षेत्र मुख्यधारा में लौट चुका है, तो वहां पत्रकारों के साथ इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या सच में हालात बदले हैं, या सिर्फ खतरे का रूप बदल गया है।

 

राज गोस्वामी ने आगे कहा कि बस्तर के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला अभी लोगों के दिलों से गया नहीं है। उनकी चिता की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई है और इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह डर और गहरा हो जाता है कि अगर प्रकाश कोल इंड्रस्टी के भास्कर पारा में कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता ? क्या पत्रकारों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है यह एक बड़ा सवाल है।

 

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा पीड़ित पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस घटना पर सख्त और स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती है, तो यह संदेश जाएगा कि प्रदेश में सच लिखना और दिखाना अपराध बन गया है और प्रभावशाली लोगों के सामने कानून भी कमजोर पड़ रहा है।

 

अंत में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के मजबूत जड़ आंचलिक क्षेत्र के पत्रकार है वो वे डर कर अपना काम छोड़ने वाले नहीं हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन को यह तय करना होगा कि वे लोकतंत्र और सच के साथ खड़े हैं या उसे दबाने वालों के साथ। यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह न केवल पत्रकारिता बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर संकट बन जाएगा। आंचलिक पत्रकारिता को कमजोर करना मतलब पत्रकारिता के जड़ों को खोखला करने में शासन का सहयोग भी माना जा सकता है।

*मिलीभगत की नींव महज 50 सेंटीमीटर: छत्तीसगढ़ के चिनगेर गांव में स्कूल भवन की खुदाई में घोर लापरवाही, एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर भी उठ रहे सवाल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले भैरमगढ़ से दीपक मरकाम की खबर*

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*मिलीभगत की नींव महज 50 सेंटीमीटर: छत्तीसगढ़ के चिनगेर गांव में स्कूल भवन की खुदाई में घोर लापरवाही, एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर भी उठ रहे सवाल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले भैरमगढ़ से दीपक मरकाम की खबर*

भैरमगढ़ (छत्तीसगढ़)। विकासखंड भैरमगढ़ के चिनगेर गांव में बन रहे स्कूल भवन के निर्माण में बड़ी मिलीभगत और घटिया कारीगरी सामने आई है। पूरे मामले की नींव मात्र 50 सेंटीमीटर की गहराई पर रखी गई है, जो भ्रष्टाचार और अधिकारियों-ठेकेदार के गठजोड़ की साफ तस्वीर पेश कर रही है।

शिकायत के अनुसार, मानक स्तर से कम खुदाई कर कॉलम खड़ा किए गए हैं। फिर भी उन्हीं कॉलमों पर जुड़ाई (निर्माण) का काम शुरू कर दिया गया है। इतनी उथली नींव पर बना भवन किसी भी समय धराशायी हो सकता है, जिससे बच्चों और स्टाफ की जान जोखिम में पड़ जाएगी।

इस संबंध में एसडीएम भैरमगढ़ ने कहा कि जांच कर प्रतिवेदन भेज दिया गया है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इंजीनियर और अधिकारियों की सांठ-गांठ के चलते ढुलमुल जांच की जा रही है। उद्देश्य साफ है – ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए पहले से बनाए गए 50 सेंटीमीटर के कॉलम पर ही जुड़ाई कर भ्रष्टाचार की नींव मजबूत की जा रही है।

सवाल उठ रहा है – आखिर इस मिलीभगत और घटिया निर्माण को किसका संरक्षण प्राप्त है? ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही रोका जा सके।

*सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती: राजनीति से दूरी अनिवार्य, नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई* *दीपक मरकाम की खबर*

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*सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती: राजनीति से दूरी अनिवार्य, नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई*

*दीपक मरकाम की खबर*

रायपुर, 21 अप्रैल 2026।

छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण आदेश में सभी शासकीय सेवकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस आदेश के तहत स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं बन सकता और न ही किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग ले सकता है।

जारी पत्र में यह भी कहा गया है कि शासकीय सेवकों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्पक्षता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ करना अनिवार्य है। इसके अलावा, बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी शासकीय, अशासकीय संस्था, समिति या संगठन में कोई पद धारण करने पर भी रोक लगाई गई है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कर्मचारी ऐसा कोई कार्य या पद ग्रहण नहीं करेगा, जिससे उसकी सरकारी जिम्मेदारियों की निष्पक्षता प्रभावित हो।

*नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई*

सरकार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि कोई शासकीय सेवक इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 एवं सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश उप सचिव अंशिका पांडेय द्वारा जारी किया गया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू माना जा रहा है।:

इस आदेश के जरिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से कर्मचारियों को राजनीति से दूर रहने का स्पष्ट संदेश दिया है।

बीजापुर शांत, सुरक्षित एवं विकसित जिले की दिशा में जैगुर में जनजागरूकता शिविर का सफल आयोजन,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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बीजापुर शांत, सुरक्षित एवं विकसित जिले की दिशा में जैगुर में जनजागरूकता शिविर का सफल आयोजन,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत जैगुर ग्राम में शांति, सुरक्षा एवं विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलित थाना एवं जनजागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम थाना जांगला क्षेत्र के अंतर्गत संपन्न हुआ।
शिविर का आयोजन पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के निर्देशन तथा यातायात नोडल अधिकारी विनीत साहू के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम पुलिस विभाग, यातायात विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं, कानून व्यवस्था, यातायात नियमों तथा सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। साथ ही पुलिस एवं आमजन के बीच संवाद स्थापित कर जनसहभागिता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, सड़क सुरक्षा, बच्चों एवं महिलाओं से जुड़ी शासकीय योजनाओं तथा आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित ग्रामीणों ने शिविर की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी पहल बताया।
जागरूकता शिविर के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि बीजापुर अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

*इस्तीफा दो के नारों से गूंजा दंतेवाड़ा, महिला कांग्रेस ने डीपीओ फूंका पुतला*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* दन्तेवाड़ा जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*इस्तीफा दो के नारों से गूंजा दंतेवाड़ा, महिला कांग्रेस ने डीपीओ फूंका पुतला*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* दन्तेवाड़ा जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

*एक हफ्ते का अल्टीमेटम—कार्रवाई नहीं तो कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी*

दंतेवाड़ा,

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) वरुण नागेश पर उन्हीं के विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों द्वारा अश्लील व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कल महिला कांग्रेस की जांच टीम द्वारा सखी सेंटर एवं विभाग में पहुंच सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज कर कलेक्टर से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग रखी थी।

आज महिला कांग्रेस द्वारा तुलिका कर्मा के नेतृत्व में डीपीओ वरुण नागेश का पुतला दहन किया गया।

पुतला दहन से पहले महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर महिला का शोषण करना बंद करो, वरुण नागेश इस्तीफा दो, शासन-प्रशासन होश में आओ नारे लगाए।

इस दौरान तुलिका कर्मा ने कहा कि यह मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे महिला समाज के सम्मान से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी महिला कर्मचारी के साथ अन्याय होता है, तो महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो महिला कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा।

वहीं महिला शहर अध्यक्ष इंदिरा शर्मा ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

यदि इस तरह के मामलों में ढिलाई बरती जाती है, तो इससे गलत संदेश जाता है और पीड़ित महिलाओं का मनोबल टूटता है।

जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और इसमें किसी भी प्रकार का दबाव या पक्षपात न हो।

साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को तत्काल पद से हटाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुतला दहन के दौरान महिला कांग्रेस एवं पुलिस की हल्की झूमा झटकी भी हुई पर जूतों से सजे वरुण नागेश का पुतला दहन करने में महिला कांग्रेस सफल रही ।

इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष सुमित्रा सोरी,पार्षद राधा नाग, मजिला महासचिव ,अविनाश सरकार,गायन सिंह,वेदांत,कविश समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

ब्रेकिंग न्यूज़ Exclusive दल्लीराजहरा में अवैध ईंट भट्ठा का बड़ा खुलासा।वार्ड नं 15से लेकर…. तमाम जगाहो पर…।तो बने रहिये पत्रकार आर एल कुलदीप के साथ।

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ब्रेकिंग न्यूज़ Exclusive दल्लीराजहरा में अवैध ईंट भट्ठा का बड़ा खुलासा।वार्ड नं 15से लेकर…. तमाम जगाहो पर…।

बालोद/दल्लीराजहरा:-

छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा क्षेत्र में अवैध ईंट भट्ठा कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाके में बिना अनुमति के ईंट भट्ठों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है।

तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि बड़े पैमाने पर ईंटों का भंडारण और भट्ठा संचालन हो रहा है, लेकिन कहीं भी वैध अनुमति या सुरक्षा मानकों का पालन नजर नहीं आ रहा।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों का दावा है कि यह अवैध कारोबार खनन विभाग बालोद के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से चल रहा है। खासतौर पर माइनिंग इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

आरोप है कि:

बिना लाइसेंस ईंट भट्ठा संचालित हो रहा है,पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी

रॉयल्टी और टैक्स की चोरी

प्रशासनिक निगरानी पूरी तरह फेल

प्रशासन पर उठे सवाल…

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी गतिविधि प्रशासन की नजर से कैसे बची रही? क्या अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं?

जिम्मेदार क्या कह रहे हैं?

जब इस मामले में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इससे संदेह और गहरा गया है।

मांग….

तत्काल जांच कर कार्रवाई हो

जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई।

अवैध भट्ठों को सील किया जाए

अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और पर्यावरण नुकसान का उदाहरण बन सकता है।

(खबर अभी जारी है… आगे और खुलासे संभव)तो बने रहिये rkbharatnews पत्रकार आर एल कुलदीप के साथ…..।

महासमुंद वाशियो के लिए बड़ी खुशखबरी..अग्रवाल नर्सिंग होम मे पूर्णतः निशुल्क की जाती है मोतियाबिंद की सर्जरी.

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रहना, दवाई, लेंस,भोजन, सर्जरी. सब कुछ बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध है छत्तीसगढ़ सरकार से मान्यता प्राप्त इस अस्पताल मे..

आज ही अपना पंजीयन कराये.साथ ही आपने क्षेत्र के नोडल अधिकारी से हस्ताक्षरित अनुमति अवश्य लेकर आये..

पंजीयन के लिए संपर्क करे – 8461811000 -7773086100 पर

 

बसना के अग्रवाल मल्टीस्पेसलिटी अस्पताल मे अब प्रतिदिन उपलब्ध है एंडोस्कोपी स्पाइन सर्जरी की सुविधा उपलब्ध..।

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अस्पताल मे एक मरीज का एंडोस्कोपी स्पाइन ऑपरेशन करते हुए डॉक्टर्स की टीम मे डॉ उदय राठी एनस्थिसिया एवं क्रिटिकल केयर ने बताया की कैसे न्यूरो सर्जन डॉ वैभव धवली एवं स्पाइन सर्जर डॉ संदीप सराफ प्रतिदिन अस्पताल मे मौजूद रहते है और उनके द्वारा कैसे एक जटिल स्पाइन के दर्द को एंडोस्कोपी के माध्यम से मरीज का इलाज किया जा रहा है..इसके बाद से ही मरीज को पहले से दर्द नहीं के बराबर रह जाएगा..।

बसना के अग्रवाल मल्टीस्पेसलिटी अस्पताल मे अब प्रतिदिन उपलब्ध है एंडोस्कोपी स्पाइन सर्जरी की सुविधा उपलब्ध..।

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अस्पताल मे एक मरीज का एंडोस्कोपी स्पाइन ऑपरेशन करते हुए डॉक्टर्स की टीम मे डॉ उदय राठी एनस्थिसिया एवं क्रिटिकल केयर ने बताया की कैसे न्यूरो सर्जन डॉ वैभव धवली एवं स्पाइन सर्जर डॉ संदीप सराफ प्रतिदिन अस्पताल मे मौजूद रहते है और उनके द्वारा कैसे एक जटिल स्पाइन के दर्द को एंडोस्कोपी के माध्यम से मरीज का इलाज किया जा रहा है..इसके बाद से ही मरीज को पहले से दर्द नहीं के बराबर रह जाएगा..।

 

*जिले में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए विशेष तकनीकी प्रकोष्ठ का गठन*,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*जिले में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए विशेष तकनीकी प्रकोष्ठ का गठन*,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- जिले में संचालित समस्त निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों एवं सूचनाओं के त्वरित परीक्षण तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर एक विशेष तकनीकी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और पारदर्शिता की निगरानी करेगा। प्रकोष्ठ की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम सिंह पंचारी करेंगे। वहीं, जिला कोषालय अधिकारी श्री महावीर प्रसाद टण्डन को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री डी.कुमार बिसेन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता श्री रमेश नेताम तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री नवीन कुमार टोंडे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

**प्रकोष्ठ के प्रमुख कार्य एवं दायित्व-* प्रकोष्ठ द्वारा जिले में संचालित सभी निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं का परीक्षण किया जाएगा। आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण कर तकनीकी जांच की जाएगी तथा कार्यों की गुणवत्ता, प्राक्कलन और प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या दोष पाया जाता है, तो कारण सहित विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा। प्रत्येक प्रकरण में जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई हेतु अनुशंसा भी की जाएगी।
प्रकोष्ठ को आवश्यकता अनुसार किसी भी तकनीकी विशेषज्ञ को आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाने का अधिकार होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।