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महासमुंद मे विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त

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महासमुंद।,13 जून ।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

महासमुंद में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ओडिशा की 142.60 लीटर अवैध शराब जब्त.. कार्यवाही मे दो गिरफ्तार, एक फरार

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद। जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा प्रांत की 142.60 लीटर अवैध शराब जब्त की है। बागबाहरा वृत्त में की गई इस कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।

पहली कार्रवाई बिहाझर से फुलवारी कच्चे मार्ग पर की गई। यहां तेजुराम निराला (पिता- धरम निराला) को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका साथी संतोष ब्रह्मदेव (पिता- पानदास) मौके से फरार हो गया। टीम ने उनके कब्जे से ओडिशा प्रांत की 75 हिरण छाप शराब पाउच (15 बल्क लीटर) तथा एक मोटरसाइकिल (CG06GW7145) जब्त की। आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

 

दूसरी कार्रवाई मुनगासेर गांव में की गई, जहां मायाराम ढीमर (पिता- माहजन ढीमर) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ओडिशा प्रांत की 638 हिरण छाप शराब पाउच, कुल 127.60 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई। इस मामले में भी आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत कार्रवाई की गई। आबकारी विभाग ने दोनों मामलों में कुल 142.60 बल्क लीटर अवैध ओडिशा निर्मित शराब जब्त की है। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।

इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक ह्रदय कुमार तिरपुड़े, आबकारी उपनिरीक्षक अनिल झारिया, आबकारी उपनिरीक्षक आरती साहू, आबकारी मुख्य आरक्षक संजय मरकाम, आबकारी आरक्षक सैयद इरफान अली, संजय तिवारी तथा महासमुंद आबकारी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्गूकोंदल: पुत्री के विवाह की खुशी आंगनबाड़ी के 40 बच्चों संग बांटी, पारख परिवार ने कराया न्योता भोज।

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पुत्री के विवाह की खुशी नन्हे बच्चों संग बांटी, पारख परिवार ने कराया आंगनबाड़ी में न्योता भोज

दुर्गूकोंदल, 13 जुलाई 2026।

दुर्गूकोंदल के प्रतिष्ठित पारख परिवार ने अपनी सुपुत्री साक्षी पारख के विवाह उपरांत सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 में लगभग 40 नन्हे बच्चों के लिए स्नेहभोज (न्योता भोज) का आयोजन किया। परिवार ने अपनी खुशियों को समाज के बच्चों के साथ साझा कर सेवा और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरणादायी संदेश दिया।

इस अवसर पर बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन प्रेमपूर्वक परोसा गया। नन्हे बच्चों ने बड़े उत्साह और आनंद के साथ भोजन किया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और खुशी साफ दिखाई दी, जिसे देखकर उपस्थित सभी लोग भावुक और प्रसन्न नजर आए।

पारख परिवार के विनोद पारख एवं आरती पारख ने बताया कि पुत्री के विवाह की खुशी को केवल परिवार तक सीमित न रखकर समाज के नौनिहालों के साथ साझा करने की भावना से इस आयोजन का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है और भविष्य में भी परिवार सामाजिक सेवा के ऐसे कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाता रहेगा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी पारख परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग, समरसता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। इससे बच्चों में अपनत्व की भावना बढ़ती है और समाज को सकारात्मक संदेश मिलता है।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कौशिल्या दुग्गा, ओमलता सोनी, जमुना जैन, सहायिका प्रियंका नरेटी, गोदावरी कोरेटी सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पारख परिवार के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि सामाजिक अवसरों पर जरूरतमंद एवं नन्हे बच्चों के साथ खुशियां साझा करना अनुकरणीय पहल है।

दुर्गूकोंदल के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 में पारख परिवार द्वारा आयोजित न्योता भोज में प्रेमपूर्वक भोजन करते नन्हे बच्चे एवं उपस्थित महिलाऐं।

* मददेड  में भीषण सड़क हादसा, स्कॉर्पियो और बाइक की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर, दो गंभीर रूप से घायल*दीपक मरकाम की खबर,,,

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* मददेड  में भीषण सड़क हादसा, स्कॉर्पियो और बाइक की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर, दो गंभीर रूप से घायल*दीपक मरकाम की खबर,,,

बीजापुर, भोपाल पटनम,मददेड

बीजापुर-भोपालपटनम मार्ग  मददेड पर आज दिन के करीब 11:00 बजे के आस पास एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है।

यहाँ एक तेज़ रफ़्तार स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल के बीच इतनी ज़ोरदार भिड़ंत हुई कि दोनों वाहनों के सामने के परखच्चे उड़ गए।

इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत  नाजुक बनी हुई है।

मद्देड़ बस्ती के समीप  आश्रम शाला और जियो टावर के सामने  वाले नेशनल हाईवे सड़क पर हुआ हादसा।

मिली जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा नेशनल हाईवे पर मददेड बस्ती के समीप  आश्रम शाला और जियो टावर के ठीक सामने नेशनल हाईवे सड़क पर घटना घटित हुआ।

स्कॉर्पियो (CG 20 J 3166) बीजापुर से भोपालपटनम की ओर जा रही थी, वहीं भोपालपटनम से बीजापुर की ओर आ रही बाइक (TS 25 G 4937) से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के पुर्जे- अलग होकर हाईवे पर बिखर गए। वहीं स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, उसका मडगार्ड और सामने का नंबर प्लेट टूटकर उखड़ गया।

बिना पीछे की नंबर प्लेट की थी स्कॉर्पियो, पीछे लिखा था ‘किंग’,

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो के पीछे की तरफ कोई  नंबर प्लेट नहीं लगी है, बल्कि नंबर की जगह ऊपर साइड कांच में बड़े अक्षरों में ‘किंग’ (KING) लिखा हुआ है।

व्यस्त नेशनल हाईवे और बस्ती के अंदर इस तरह  की गाड़ी का दौड़ना लापरवाही को बयां करता है।

मददेड  स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बाइक सवार को बीजापुर रेफर किया गया हैं जिसमें, एक की हालत नाजुक बताई जा रही हैं।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। दोनों घायल बाइक सवारों को लहूलुहान हालत में स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत मददेड स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।

जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद दोनों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल बीजापुर रेफर कर दिया है।

घायलों में से एक की हालत  चिंताजनक बनी हुई है, वहीं दूसरा भी बुरी तरह जख्मी है। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है।

बसना में पहली बार रक्त रोग एवं ब्लड कैंसर विशेषज्ञ की ओपीडी, 14 जुलाई को देंगे परामर्श..

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बसना में पहली बार रक्त रोग एवं ब्लड कैंसर विशेषज्ञ की ओपीडी, 14 जुलाई को देंगे परामर्श

बसना के अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में 14 जुलाई (मंगलवार) को रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों और ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए विशेषज्ञ परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रख्यात हेमेटो-ऑन्कोलॉजिस्ट एवं बोन मैरो प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. आदम्य गुप्ता सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों की जांच एवं परामर्श देंगे।

शिविर में खून की कमी (एनीमिया), थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग, प्लेटलेट एवं WBC से जुड़ी समस्याओं के अलावा ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, मल्टीपल मायलोमा, बोन मैरो विकार और अन्य रक्त संबंधी कैंसरों के उपचार एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीजों के लिए कम्पलीट ब्लड जांच, बोन मैरो जांच, मॉलिक्यूलर जांच, कीमोथेरेपी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन सहित आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। इच्छुक मरीज अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए 84618-11000, 77708-68473 एवं 77730-86100 पर संपर्क कर सकते हैं।

*मद्देड में गूंजा हर-हर महादेव, सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ भव्य समापन*,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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*मद्देड में गूंजा हर-हर महादेव, सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ भव्य समापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

*बिलासपुर , उज्जैन, रीवा और कर्नाटक से पहुंचे 11 आचार्यों ने कराया भगवान चंद्र मौलेश्वर महादेव का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान, बीजापुर, जगदलपुर और रायपुर से उमड़े हजारों शिवभक्त*

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,,, मद्देड स्थित नव-निर्मित चंद्र मौलेश्वर महादेव मंदिर में 5 जुलाई से 11 जुलाई तक आयोजित सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हो गया। पूरे सप्ताह मंदिर परिसर शिवमय वातावरण में डूबा रहा। प्रतिदिन रुद्राभिषेक, हवन, पूजन, धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। अंतिम दिन हवन की पूर्णाहुति के साथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।
महोत्सव की विशेषता यह रही कि बिलासपुर , उज्जैन, रीवा और कर्नाटक से आए 11 विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा कराई। आचार्यों के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
पूरे आयोजन में यजमान के रूप में कंदकोरी श्रीनू एवं श्रीमती प्रभा, दिनेश सोनी एवं श्रीमती कुसमा सोनी तथा हेमंत तिवारी एवं श्रीमती कृष्णा तिवारी सातों दिन विधिवत पूजा-अर्चना में शामिल रहे। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात श्रद्धालुओं ने नव-स्थापित चंद्र मौलेश्वर महादेव के दर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
10 जुलाई को विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं कन्याओं एवं महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर पूरे मद्देड क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
इस धार्मिक आयोजन में केवल मद्देड और बीजापुर जिले के ही नहीं, बल्कि जगदलपुर, रायपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र सहित विभिन्न स्थानों से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना की।
आयोजन को सफल बनाने में करनम श्रीनिवास, एम. मिथलेश, हेमंत तिवारी, मंचरला शैलेष, के. धनंजय, आशीष भट्टड़, राहुल, एल्लल धनंजय, पी. सचिन, बी. सचिन तथा प्रसाद सहित अनेक युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने सातों दिन सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वहीं एम. ज्योति, लवण्या सहित महिलाओं ने कलश यात्रा, पूजा व्यवस्था, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया।
महोत्सव के सफल समापन पर श्रद्धालुओं ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उनका कहना है कि नव-निर्मित चंद्र मौलेश्वर महादेव मंदिर आने वाले समय में धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

बडेकापसी नल-जल योजना दम तोड़ती नजर आई, लोग बूंद-बूंद पानी को तरसे….. वहीं दूसरी ओर बडेकापसी में लगातार लो-वोल्टेज की समस्या के कारण घरों में लगे बोरवेल और पानी की मोटर भी सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं।

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बडेकापसी नल-जल योजना दम तोड़ती नजर आई, लोग बूंद-बूंद पानी को तरसे….. वहीं दूसरी ओर बडेकापसी में लगातार लो-वोल्टेज की समस्या के कारण घरों में लगे बोरवेल और पानी की मोटर भी सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं।

कांकेर :-

जिले के बडेकापसी क्षेत्र में नल-जल योजना लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित होती दिखाई दे रही है। एक ओर ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं,

वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में लगातार लो-वोल्टेज की समस्या के कारण घरों में लगे बोरवेल और पानी की मोटर भी सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना से नियमित पानी नहीं मिल रहा है और बिजली की कम वोल्टेज के कारण निजी बोरवेल से भी पानी निकालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की ओर न तो संबंधित अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। लंबे समय से परेशानी झेल रहे लोग अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

RKBHARATNEWS की टीम ने मामले की जानकारी और संबंधित पक्ष का पक्ष जानने के लिए संबंधित अधिकारियों से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो सका। संपर्क होने पर अधिकारियों का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

बडेकापसी टोलापारा में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीण त्रस्त, अलग फीडर की मांग फिर हुई तेज। समाधान नही तो अगला चुनाव जोखिम भरा… सरकार बदलने की मुड पर लोग।

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बडेकापसी टोलापारा में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीण त्रस्त, अलग फीडर की मांग फिर हुई तेज

बडेकापसी (कांकेर)। लगातार हो रही बिजली की आवाजाही ने बडेकापसी के टोलापारा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश के मौसम में बार-बार बिजली गुल होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण रात के समय सर्प एवं बिच्छुओं का खतरा बढ़ गया है, जिससे हर समय भय का माहौल बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार बिजली आने-जाने और लो-वोल्टेज की समस्या के कारण टीवी, फ्रिज, पंखा, कूलर तथा अन्य घरेलू विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विडंबना यह है कि क्षेत्र में पावर स्टेशन होने के बावजूद बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले लगभग पाँच वर्षों से भारदा फीडर से बडेकापसी को अलग फीडर से जोड़ने की मांग की जा रही है। इस दौरान कई कनिष्ठ अभियंता (जेई) आए और उनका स्थानांतरण भी हो गया, लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अलग फीडर की व्यवस्था कर दी जाए तो क्षेत्र की बिजली समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए बडेकापसी की बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए तथा अलग फीडर की वर्षों पुरानी मांग पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

— आर. एल. कुलदीप
संपादक, RKBHARATNEWS

* दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान: “दिशांत संजीवनी वेलफेयर सोसायटी” ने बांटी खुशियां, हर महीने 4 गैस सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान * दीपक मरकाम की खबर,,,

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* दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान: “दिशांत संजीवनी वेलफेयर सोसायटी” ने बांटी खुशियां, हर महीने 4 गैस सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान * दीपक मरकाम की खबर,,,

 

“दिशांत संजीवनी वेलफेयर सोसायटी” ने दिव्यांग छात्रों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान,

 

*38 छात्रों को निःशुल्क स्कूल बैग, अध्ययन सामग्री व पौष्टिक भोजन कराया वितरित, हर माह 4 गैस सिलेंडर मुफ्त देने की भी घोषणा*

 

*बीजापुर 13 जुलाई 2026*

 

बीजापुर: समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय दिशांत संजीवनी वेलफेयर सोसायटी ने रविवार को बीजापुर के एजुकेशन सिटी स्थित समर्थ दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में अध्ययनरत 38 दिव्यांग छात्रों को निःशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पुस्तकें, कम्पास बॉक्स, पेन, पेंसिल सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की।

 

इस अवसर पर बच्चों के लिए विशेष पौष्टिक भोजन की भी व्यवस्था की गई, जिसमें देशी चिकन, पनीर की सब्जी, चावल एवं सलाद परोसा गया।

 

इस दौरान सोसायटी के सदस्य रितेस दास ने पुनर्वास केंद्र के बच्चों के भोजन की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से प्रत्येक माह चार गैस सिलेंडर निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की।

 

उनकी इस पहल का उपस्थित सभी लोगों ने स्वागत किया ।

 

गौरतलब है कि पूर्व युवा आयोग सदस्य अजय सिंह ने अपने पुत्र दिशांत के आकस्मिक निधन के बाद उनकी स्मृति में दिशांत संजीवनी वेलफेयर सोसायटी की स्थापना की थी।

 

स्थापना के बाद से सोसायटी लगातार समाजहित में सेवा कार्य कर रही है।

 

हाल ही में संस्था ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ को सर्वसुविधायुक्त एम्बुलेंस उपलब्ध कराई थी।

 

इसके अलावा अस्पतालों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए नियमित निःशुल्क भोजन वितरण तथा जरूरतमंदों को आवश्यक सहायता प्रदान करने का कार्य भी निरंतर जारी है।

 

इस अवसर पर पुनर्वास केंद्र के बच्चों एवं प्रबंधन ने सोसायटी के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी पहलें समाज में सेवा और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण हैं ।

सरस्वती शिशु मंदिर संबलपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव।संतोष बाजपेयी की खबर..।

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📰 RKBHARATNEWS – हर खबर पर नजर

सरस्वती शिशु मंदिर संबलपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

📍 स्थान: भानुप्रतापपुर, कांकेर (छत्तीसगढ़)

🗓️ संवाददाता: संतोष बाजपेयी

भानुप्रतापपुर। सरस्वती शिशु मंदिर, संबलपुर में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव उत्साह, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षा के नए सफर के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय में प्रवेश लेने वाले भैया-बहनों का तिलक वंदन कर उनका मुँह मीठा कराया गया तथा उन्हें पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।

इस अवसर पर कक्षा आठवीं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं का भी तिलक वंदन, मिष्ठान एवं उपहार देकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि तब रही जब कक्षा चौथी के छात्र सुक्षित बाजपेयी को छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय मेधावी परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। सुक्षित ने अपने माता-पिता, ग्राम संबलपुर तथा विद्यालय का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती अनीता रावटे (सरपंच, संबलपुर), अध्यक्षता सुश्री नलिनी प्रभा बाजपेयी (अध्यक्ष, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति) ने की। विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती गिरिजा देवी साहू (जनपद सदस्य), पारसमल बोथरा (व्यवस्थापक, सरस्वती शिशु मंदिर), भवसार जी (विभाग समन्वयक) तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री खिलावन साहू सहित समस्त आचार्य एवं दीदीजी उपस्थित रहे।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, संस्कार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

✍️ रिपोर्ट: संतोष बाजपेयी

विधानसभा ब्यूरो चीफ, RKBHARATNEWS

📰 संपादक: आर. एल. कुलदीप

विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों में जुटा सर्व आदिवासी समाज, 9 अगस्त को बीजापुर में होगा जिला स्तरीय आयोजन,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों में जुटा सर्व आदिवासी समाज, 9 अगस्त को बीजापुर में होगा जिला स्तरीय आयोजन,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

पूजा पैंकरा आत्महत्या प्रकरण में दोषियों की गिरफ्तारी और निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की उठी मांग

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,,,,, आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर सर्व आदिवासी समाज की जिला स्तरीय बैठक रविवार को गोंडवाना भवन, बीजापुर में आयोजित की गई। बैठक में जिले के गोंड, मुरिया, दोरला, हल्बा, परधान, कुड़ुख उरांव, कंवर, भतरा, उरांव समाज सहित सर्व आदिवासी समाज के विभिन्न प्रभागों के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में विश्व आदिवासी दिवस को हर्षोल्लास और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष जिला स्तरीय आयोजन बीजापुर मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ब्लॉक इकाइयों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्धारण पर भी चर्चा हुई। आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए आगामी 19 जुलाई को पुनः बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में नवगठित कुटरू एवं गंगालूर ब्लॉक इकाइयों के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से परिचर्चा करते हुए समाज को ग्राम स्तर तक संगठित और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सामाजिक सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा कर सर्वेक्षण कार्य को और तेज गति से पूरा करने का आह्वान किया गया।
बैठक के दौरान स्कूलों में मंत्रोच्चारण की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपने तथा विभिन्न जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर भी चर्चा हुई। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समुदाय से जुड़े सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठाई जाएगी।
बैठक में बैकुंठपुर निवासी युवती पूजा पैंकरा आत्महत्या प्रकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समाज के पदाधिकारियों ने मामले में कथित दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पूजा पैंकरा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों का प्रतीक है। इस वर्ष 9 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉकों से आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए समाज के सभी प्रभागों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं तथा आगामी समीक्षा बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में सी.एस. नेताम, कमलेश पैंकरा, कामेश्वर दुब्बा, अमित कोरसा, पोछेराम भगत, भावसिंह भास्कर, शिव कुमार पुनेम, कुंवर सिंह मज्जी, गुड्डू मोडियम, कश्मीर एल्मा, रानी पुनेम, राकेश कुरसम, रमेश मिच्छा, रैनू ओयाम, अजीत लकड़ा, तेलम पांडु, दासूराम कोरसा, बुधराम कोरसा, सन्नू हेमला सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी एवं समाज के लोग मौजूद रहे।

*नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों के रिहाई की मांग को लेकर परिवारजन हुए रायपुर रवाना*  दीपक मरकाम की खबर,,,

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*नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों के रिहाई की मांग को लेकर परिवारजन हुए रायपुर रवाना*  दीपक मरकाम की खबर,,,

 

*आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है- विक्रम मंडावी *

 

 

बीजापुर 12 जुलाई 2026

नक्सली होने के नाम पर जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई को लेकर उनके परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में रायपुर के लिए रवाना हो गया। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल परिवारजन प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे।

परिवारजनों की मुख्य मांग है कि “हार्डकोर नक्सलियों के मामलों को जिस तरह वापस लिया गया, उसी तरह निर्दोष और गरीब आदिवासियों को भी तुरंत जेलों से रिहा किया जाए।”

इससे पहले बीते गुरुवार 9 जुलाई 2026 को जिला मुख्यालय बीजापुर में जेलों में बंद आदिवासियों के परिजनों ने विधायक विक्रम मंडावी के साथ विस्तृत बैठक की थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा गया था।

परिजनों ने आरोप लगाया कि कई निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को बिना ठोस सबूत के नक्सली होने के नाम पर वर्षों से जेलों में बंद रखा गया है। वे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

वहीं विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि अब प्रदेश नक्सल मुक्त हो चुका है ऐसे में निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “बस्तर के आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।” परिवारजनों के प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से सोनाराम बारसा, शांति कोरसा, रोहिता ताती, विनित इरपा, वामन कड़ती, सेवंती गोटा, मुन्ना ओयाम, भीमा मड़कम, विकास अवलम, मंगेस बारसे, बीजू लेकाम और महेश रेंगा के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।

*भैरमगढ़ जनपद में बड़ा खेल: फोनपे से ली ‘रिश्वत’, पोल खुली तो कोरे कागज पर दस्तखत कराने की कोशिश*दीपक मरकाम की खबर,,

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*भैरमगढ़ जनपद में बड़ा खेल: फोनपे से ली ‘रिश्वत’, पोल खुली तो कोरे कागज पर दस्तखत कराने की कोशिश*दीपक मरकाम की खबर,,

*फोनपे से कथित रिश्वत लेने का आरोप: मामला सामने आने के बाद बचाव में कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश का आरोप, अब सरपंच देंगे अधिकारियों के समक्ष बयान*

भैरमगढ़/बीजापुर।

भैरमगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ इंजीनियर राकेश गंधर्व पर निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के नाम पर कथित रूप से कमीशन लेने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि विभिन्न निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के एवज में 48 हजार एवं 50 हजार रुपये फोनपे के माध्यम से लिए गए।

मामले के सार्वजनिक होने के बाद अब कई सरपंच एवं जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जैसे ही कथित अवैध वसूली का मामला मीडिया में उजागर हुआ, संबंधित इंजीनियर ने अपने बचाव के लिए सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर अपने पक्ष में दस्तावेज तैयार कराने तथा कथित रूप से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम रानीबोदली के सरपंच पति से भी ऐसा प्रयास किए जाने का आरोप है।

सरपंच पति रैनु पुंगटी, रमेश मिच्चा तथा सरपंच पेठा दिगंबर तेलम ने आरोप लगाया है कि विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों से मिलाकर करीब दो लाख रुपये तक की कथित वसूली की गई। उनका कहना है कि निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान की प्रक्रिया में दबाव बनाकर कथित रूप से कमीशन लिया जाता था।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे शीघ्र ही जिला प्रशासन, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना विस्तृत बयान दर्ज कराएंगे और अपने पास उपलब्ध दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य जांच के लिए सौंपेंगे।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में बस्तर के माटी द्वारा संबंधित इंजीनियर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया।

इंजीनियर ने कहा कि “हमारे अधिकारी जवाब देंगे।”

वहीं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि बस्तर के माटी के पास एक रिकॉर्डेड बातचीत उपलब्ध है, जिसमें पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के दौरान संबंधित इंजीनियर कथित रूप से राशि को “कमीशन” के रूप में लेने की बात कहते हुए सुनाई देते हैं। हालांकि, इस रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि सक्षम जांच एजेंसी द्वारा की जानी शेष है।

*विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों में जुटा सर्व आदिवासी समाज, 9 अगस्त को बीजापुर में होगा जिला स्तरीय आयोजन* दीपक मरकाम की खबर,,,

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*विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों में जुटा सर्व आदिवासी समाज, 9 अगस्त को बीजापुर में होगा जिला स्तरीय आयोजन* दीपक मरकाम की खबर,,,

 

*पूजा पैंकरा आत्महत्या प्रकरण में दोषियों की गिरफ्तारी और निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की उठी मांग*

 

बीजापुर::  आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर सर्व आदिवासी समाज की जिला स्तरीय बैठक रविवार को गोंडवाना भवन, बीजापुर में आयोजित की गई।

बैठक में जिले के गोंड, मुरिया, दोरला, हल्बा, परधान, कुड़ुख उरांव, कंवर, भतरा, उरांव समाज सहित सर्व आदिवासी समाज के विभिन्न प्रभागों के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक में विश्व आदिवासी दिवस को हर्षोल्लास और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष जिला स्तरीय आयोजन बीजापुर मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ब्लॉक इकाइयों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्धारण पर भी चर्चा हुई।

आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए आगामी 19 जुलाई को पुनः बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में नवगठित कुटरू एवं गंगालूर ब्लॉक इकाइयों के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से परिचर्चा करते हुए समाज को ग्राम स्तर तक संगठित और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सामाजिक सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा कर सर्वेक्षण कार्य को और तेज गति से पूरा करने का आह्वान किया गया।

बैठक के दौरान स्कूलों में मंत्रोच्चारण की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपने तथा विभिन्न जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर भी चर्चा हुई।

समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समुदाय से जुड़े सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठाई जाएगी।

बैठक में बैकुंठपुर निवासी युवती पूजा पैंकरा आत्महत्या प्रकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

समाज के पदाधिकारियों ने मामले में कथित दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने पूजा पैंकरा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की।

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों का प्रतीक है।

इस वर्ष 9 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉकों से आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए समाज के सभी प्रभागों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं तथा आगामी समीक्षा बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बैठक में सी.एस. नेताम, कमलेश पैंकरा, कामेश्वर दुब्बा, अमित कोरसा, पोछेराम भगत, भावसिंह भास्कर, शिव कुमार पुनेम, कुंवर सिंह मज्जी, गुड्डू मोडियम, कश्मीर एल्मा, रानी पुनेम, राकेश कुरसम, रमेश मिच्छा, रैनू ओयाम, अजीत लकड़ा, तेलम पांडु, दासूराम कोरसा, बुधराम कोरसा, सन्नू हेमला सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी एवं समाज के लोग मौजूद रहे।

बसना में अग्रवाल नर्सिंग होम में 12 जुलाई को दंत एवं ईएनटी रोग विशेषज्ञों की विशेष ओपीडी, सर्जरी और इलाज की सुविधा..

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बसना में अग्रवाल नर्सिंग होम में 12 जुलाई को दंत एवं ईएनटी रोग विशेषज्ञों की विशेष ओपीडी, सर्जरी और इलाज की सुविधा

बसना। महासमुंद जिले के बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 12 जुलाई 2026 को दंत रोग एवं नाक, कान और गला (ईएनटी) रोगों के मरीजों के लिए विशेष परामर्श, जांच और सर्जरी शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आधुनिक तकनीक से जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

दंत रोग विभाग में डॉ. स्नेहल बंसोड़ (MDS) एवं डॉ. अभिषेक अग्रवाल (BDS, MDS) मरीजों का परीक्षण करेंगे। अस्पताल में मुख एवं दांतों की विभिन्न सर्जरी, डेंटल इम्प्लांट, रूट कैनाल, डिजिटल एक्स-रे, 3D फेस सीटी स्कैन, डेंटल लेजर तथा फेशियल ट्रॉमा केयर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

विशेषज्ञों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के मुंह या जीभ में लंबे समय तक छाले, मुंह में गांठ, लाल या सफेद धब्बे, मुंह कम खुलना या जलन जैसी समस्याएं हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराएं। अस्पताल में मुख कैंसर, जबड़े की चोट, कटे-फटे होंठ एवं तालु, चेहरे की विकृति और अन्य जटिल रोगों का भी उपचार किया जाएगा।

वहीं ईएनटी विभाग में डॉ. सतीश राठी (एमएस ईएनटी) द्वारा नाक, कान एवं गले से संबंधित रोगों की जांच और ऑपरेशन किए जाएंगे। लेजर एवं एंडोस्कोपी तकनीक के माध्यम से कम दर्द और कम रक्तस्राव के साथ आधुनिक उपचार उपलब्ध रहेगा। शिविर में नाक के मस्से, टॉन्सिल, नाक की टेढ़ी हड्डी, कान के पर्दे में छेद, कान से मवाद आना, थायरॉइड, घेंघा रोग, नाक-कान-गले के कैंसर तथा मुंह एवं जीभ के कैंसर का इलाज किया जाएगा। सुनने की जांच और हियरिंग मशीन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों को पात्रता के अनुसार निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। ऑपरेशन कराने के इच्छुक मरीजों से पूर्व पंजीयन कराने की अपील की गई है।

अस्पताल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की दंत, मुख, नाक, कान या गले से जुड़ी समस्या होने पर समय रहते जांच कराएं, ताकि गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक चरण में ही उपचार संभव हो सके।

विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श एवं पूर्व पंजीयन के लिए संपर्क करें:

दंत रोग विभाग: 07770-868473, 91652-66994, 98931-53699

ईएनटी विभाग: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100।

 

*जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता से बढ़ी बाल यौन शोषण के मामलों की रिपोर्टिंग*,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता से बढ़ी बाल यौन शोषण के मामलों की रिपोर्टिंग*,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*1098 पर मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,कलेक्टर श्री विश्वदीप के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, सखी वन स्टॉप सेंटर बीजापुर द्वारा जिले में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से स्कूलों, पंचायतों और समुदायों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जागरूकता अभियानों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है।

जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रयासों से आमजन अब बच्चों के अधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति अधिक सजग हुए हैं। इसी का असर है कि *”लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम – POCSO Act 2012″* के अंतर्गत बच्चों के साथ हो रहे शोषण की सूचनाएं अब सीधे *चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098* पर प्राप्त हो रही हैं।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में 1098 पर प्राप्त 2 सूचना पर जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने तत्काल संज्ञान लिया। पीड़ित बालक/बालिका को त्वरित सहायता, परामर्श और सुरक्षा प्रदान करते हुए मामले में विभाग द्वारा *प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज* कराई गई है। साथ ही कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पीड़ित को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

*जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि*
“हमारा उद्देश्य है कि जिले का कोई भी बच्चा शोषण का शिकार न हो और यदि ऐसा होता है तो उसे तुरंत न्याय मिले। 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन 24×7 निःशुल्क सेवा है। किसी भी व्यक्ति को बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की जानकारी मिले तो वह बिना डरे 1098 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

*जागरूकता ही सुरक्षा है*
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम या लापता बच्चों की जानकारी तुरंत 1098 पर दें। समय पर सूचना से बच्चों को बचाया जा सकता है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

महासमुंद आबकारी विभाग की दो माह में बड़ी कार्रवाई, 32 गैरजमानती प्रकरण दर्ज, 25 आरोपी गिरफ्तार..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है..पिछले दो महीनों के दौरान आबकारी विभाग महासमुंद ने अभियान चलाकर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत 32 गैरजमानती प्रकरण दर्ज किए हैं..इस दौरान 1294.66 लीटर अवैध शराब जब्त की गई तथा 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया..कार्रवाई के दौरान 8 वाहन भी जब्त किए गए..

विभाग के अनुसार जब्त किए गए वाहनों की अनुमानित कीमत 7 लाख 50 हजार रुपये और शराब की कीमत 3 लाख 23 हजार रुपये है..इस प्रकार कुल 10.73 लाख रुपये की जब्ती की गई है..इसके अलावा झलप क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेचने वाले कोचियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है..आबकारी विभाग का कहना है कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी…

अजय पाण्डेय आबकारी अधिकारी महासमुंद..

बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम में कल 12 जुलाई को ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी देंगे सेवाएं..।

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बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम में 12 जुलाई को ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी देंगे सेवाएं

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में 12 जुलाई 2026 (रविवार) को नाक, कान एवं गला (ईएनटी) रोगों के इलाज और ऑपरेशन के लिए विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी (MS ENT) मरीजों की जांच कर लेजर एवं एंडोस्कोपी तकनीक से आधुनिक उपचार और ऑपरेशन की सुविधा प्रदान करेंगे।

शिविर में नाक के मस्से, टॉन्सिल, नाक की टेढ़ी हड्डी, थायरॉयड, घेंघा, कान के पर्दे में छेद, कान से मवाद, नाक-कान-गला तथा मुंह एवं जीभ के कैंसर सहित विभिन्न रोगों का उपचार किया जाएगा। साथ ही सुनने की जांच और कान की सुनने की मशीन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आयुष्मान कार्डधारकों के लिए पात्रता अनुसार निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ऑपरेशन कराने के इच्छुक मरीजों से 11 जुलाई तक अग्रिम पंजीयन कराने की अपील की गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह 10 बजे से मरीजों का परीक्षण शुरू करेंगे।

विधायक विक्रम मंडावी की सरकार से अपील, सभी निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा किया जाए,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,,

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विधायक विक्रम मंडावी की सरकार से अपील, सभी निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा किया जाए,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,,

ग्रामीणों की मांग “जिस तरह हार्डकोर नक्सलियों के मामले वापस लिए गए, उसी तरह निर्दोष आदिवासियों को भी रिहा किया जाए”

बीजापुर ,,,,,,,,,,,,
बीजापुर जिले में नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई को लेकर उनके परिवारजनों ने गुरुवार को स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर जेलों में बंद निर्दोष ग्रामीणों की रिहाई करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई है।
चर्चा के दौरान परिवारजनों का कहना था कि कई वर्षों से नक्सल मामलों में फंसाए गए उनके निर्दोष परिजन जेलों में बंद हैं, वे इस मामले को लेकर प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात करना चाहते हैं, इसलिए परिवारजनों ने एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन भी किया है, जो आगामी दिनों में प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और नेता प्रतिपक्ष से समय समय पर मुलाकात कर जेलों में बंद इन निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई के लिए प्रयास करेगा।
परिजनों ने यह भी मांग की कि “जिस प्रकार हाल के दिनों में कई बड़े-बड़े और हार्डकोर नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज सभी नक्सल मामलों को वापस ले लिया है, ठीक उसी तरह निर्दोष आदिवासियों के मामलों को भी समाप्त किया जाए” परिजनों ने बैठक में यह भी कहा कि निर्दोष ग्रामीणों को नक्सलियों की श्रेणी में रखकर वर्षों से जेलों में बंद रखना न्यायोचित नहीं है। यह जानकारी बैठक के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी है। प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने यह भी कहा कि “आदिवासी समाज के अधिकांश लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं। उन्हें कानून की प्रक्रियाओं और कोर्ट की कार्यवाही की जानकारी नहीं होती। ऐसे में वे आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियों का सामना करते हुए वर्षों तक अदालतों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। कई परिवार तो इसी वजह से बर्बाद हो चुके हैं। इसलिए ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हमारी सरकार से विशेष अपील है कि बस्तर संभाग में जितने भी निर्दोष आदिवासी नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाए। निर्दोष लोगों को जेल में रखना न सिर्फ उनके परिवारों के साथ अन्याय है, बल्कि समग्र आदिवासी समाज के साथ भी अन्याय है।” विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे खुद भी मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मुलाक़ात करेंगे। बैठक के बाद ग्रामीणों ने निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, भीमा मडकम, सोनाराम वारसा, वामन कड़ती, सुखराम, सरिता गोटा, कड़ती वेंकट, हेमला लक्ष्मण, सन्नू कुरसम, शैलेश मडकम, सोढ़ी रामलू, कुंजाम लक्ष्मा, मंगली अवलम, मोती कोरसा, रमेश लेकाम, पार्वती वेको, रवीना सोढ़ी और रवींद्र उरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

*मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम: 90 आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु 3.74 करोड़ रुपये की स्वीकृति*,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम: 90 आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु 3.74 करोड़ रुपये की स्वीकृति*,,,,,,,

,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*कलेक्टर श्री विश्वदीप ने पुनर्वास नीति के तहत आहरण एवं संवितरण को दी मंजूरी, समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना को मिलेगा बल*

बीजापुर,,,,,,,,
जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर श्री विश्वदीप ने छत्तीसगढ़ नक्सलवाद, आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत 90 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 3 करोड़ 74 लाख रुपये के आहरण एवं संवितरण की स्वीकृति प्रदान की है।

पुनर्वास नीति के तहत स्वीकृत प्रोत्साहन राशि संबंधित आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में तीन वर्ष की सावधि जमा (एफडी) के रूप में जमा की जाएगी। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित आत्मसमर्पित नक्सलियों के आचरण को संतोषजनक प्रमाणित किए जाने के बाद ही उन्हें उक्त राशि आहरित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

शासन का यह पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने, आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। यह पहल जिले में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*मोहला—क्या मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में ‘बेअसर’ हो गया है सूचना का अधिकार? 30 दिन का कानून, महीनों का इंतजार!RTI की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही? सूचना के अधिकार पर उठ रहे गंभीर सवाल!”*

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मनीष कौशिक

मोहला—लोकतंत्र में सूचना का अधिकार (RTI) आम नागरिक का सबसे बड़ा कानूनी हथियार माना जाता है। इसी कानून के दम पर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनाई गई। लेकिन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में कई विभागों में आरटीआई आवेदनों के समयबद्ध निराकरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।जिले में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी आवेदकों को जानकारी का इंतजार करना पड़ा। कई लोगों को प्रथम अपील और फिर द्वितीय अपील तक की प्रक्रिया अपनानी पड़ी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सूचना का अधिकार कानून का पालन किस स्तर तक सुनिश्चित हो रहा है।आरटीआई अधिनियम के अनुसार सामान्य स्थिति में 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद यदि आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं होता, तो नागरिकों का कानून पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि समय पर सूचना उपलब्ध कराना केवल कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि सुशासन की पहचान भी है। यदि विभाग समय-सीमा का पालन करें तो अपीलों की संख्या कम होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता का विश्वास मजबूत होगा।उठ रहे हैं बड़े सवाल क्या जिले के सभी विभाग आरटीआई अधिनियम का पूरी तरह पालन कर रहे हैं? कितने आवेदन 30 दिनों के भीतर निराकृत हुए और कितने लंबित हैं?लंबित मामलों की समीक्षा कौन कर रहा है?क्या जन सूचना अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की कोई प्रभावी व्यवस्था है?सूचना का अधिकार केवल एक आवेदन नहीं, बल्कि नागरिकों का वैधानिक अधिकार है। ऐसे में समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराना हर विभाग की जिम्मेदारी है। यदि कहीं देरी हो रही है, तो उसके कारणों की समीक्षा और सुधार की आवश्यकता है।

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले में सामने आए करीब 17 करोड़ 93 लाख रुपये के धान घोटाले ने अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि खरीदी केंद्रों के रिकॉर्ड में धान का स्टॉक दर्ज है, लेकिन कई केंद्रों पर भौतिक सत्यापन के दौरान एक दाना तक नहीं मिला। इसके बावजूद अब तक केवल 15 सहकारी समिति के प्रभारियों पर ही एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 39 अन्य संदिग्ध खरीदी केंद्रों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

बता दे की जिले में वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सीजन में 182 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 1,01,95,681.20 मीट्रिक टन धान की खरीदी दर्ज की गई थी। मिलिंग के बाद केंद्रों में 57,860.47 क्विंटल धान का स्टॉक मौजूद होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में 54 केंद्रों पर धान पूरी तरह गायब मिला। समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से इसकी कीमत 17 करोड़ 93 लाख 67 हजार 457 रुपये आंकी गई है। धान खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र में नोडल और मॉनिटरिंग अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं तथा समय-समय पर भौतिक सत्यापन भी अनिवार्य होता है। इसके बावजूद करोड़ों रुपये का धान गायब हो जाना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की आशंका को मजबूत करता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि समय रहते निगरानी होती, तो इतना बड़ा घोटाला कैसे हो जाता..वही पुरे मामले पर जिला विपणन अधिकारी ने करोडो रुपयों के धान गायब होने की बात सही बताते हुए कहा हैँ की शुरुआत से अब तक 15 समितियों पर मामले दर्ज कराये जा चुके हैँ. और उच्चाधिकारियो को रिपोर्ट दे दिया गया हैँ..


घोटाले के टॉप-10 केंद्र
जांच में जिन केंद्रों पर सबसे अधिक धान गायब मिला, उनमें प्रमुख हैं—

आरंगी सहकारी समिति – 4437 क्विंटल धान गायब।
बम्हनी सहकारी समिति – 4365 क्विंटल धान गायब।
तोषगांव सहकारी समिति – 2760.80 क्विंटल (करीब 85.58 लाख रुपये)।
बघरपाली सहकारी समिति – 2157.68 क्विंटल (करीब 66.88 लाख रुपये)।
मोगरापाली सहकारी समिति – 1952.40 क्विंटल (करीब 60.52 लाख रुपये)।
समहर सहकारी समिति – 1820.65 क्विंटल (करीब 56.44 लाख रुपये)।
कोटद्वारी सहकारी समिति – 1780.65 क्विंटल (करीब 55.20 लाख रुपये)।
मल्यामाल सहकारी समिति – 1713.25 क्विंटल (करीब 53.11 लाख रुपये)।
बेलसोंडा सहकारी समिति – 1680.41 क्विंटल (करीब 52.09 लाख रुपये)।
खेमड़ा सहकारी समिति – 1551.60 क्विंटल (करीब 48.09 लाख रुपये)।

आशुतोष कोसरिया -जिला विपणन अधिकारी महासमुंद..

जांच में करोड़ों रुपये के धान गायब होने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई केवल 15 समितियों तक सीमित है..ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या बाकी 39 संदिग्ध केंद्रों के जिम्मेदारों पर भी एफआईआर और कड़ी कार्रवाई होगी, या मामला सिर्फ दो केंद्रों तक ही सीमित रह जाएगा। अब पूरे जिले की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

*विधायक विक्रम मंडावी की सरकार से अपील, सभी निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा किया जाए*दीपक मरकाम की खबर,,

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*विधायक विक्रम मंडावी की सरकार से अपील, सभी निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा किया जाए*दीपक मरकाम की खबर,,

 

 

*ग्रामीणों की मांग “जिस तरह हार्डकोर नक्सलियों के मामले वापस लिए गए, उसी तरह निर्दोष आदिवासियों को भी रिहा किया जाए”*

 

 

बीजापुर  09 जुलाई 2026

बीजापुर जिले में नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई को लेकर उनके परिवारजनों ने गुरुवार को स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर जेलों में बंद निर्दोष ग्रामीणों की रिहाई करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई है।

चर्चा के दौरान परिवारजनों का कहना था कि कई वर्षों से नक्सल मामलों में फंसाए गए उनके निर्दोष परिजन जेलों में बंद हैं, वे इस मामले को लेकर प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात करना चाहते हैं, इसलिए परिवारजनों ने एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन भी किया है, जो आगामी दिनों में प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और नेता प्रतिपक्ष से समय समय पर मुलाकात कर जेलों में बंद इन निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई के लिए प्रयास करेगा।

परिजनों ने यह भी मांग की कि “जिस प्रकार हाल के दिनों में कई बड़े-बड़े और हार्डकोर नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज सभी नक्सल मामलों को वापस ले लिया है, ठीक उसी तरह निर्दोष आदिवासियों के मामलों को भी समाप्त किया जाए”।

परिजनों ने बैठक में यह भी कहा कि निर्दोष ग्रामीणों को नक्सलियों की श्रेणी में रखकर वर्षों से जेलों में बंद रखना न्यायोचित नहीं है। यह जानकारी बैठक के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी है।

प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने यह भी कहा कि “आदिवासी समाज के अधिकांश लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं। उन्हें कानून की प्रक्रियाओं और कोर्ट की कार्यवाही की जानकारी नहीं होती। ऐसे में वे आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियों का सामना करते हुए वर्षों तक अदालतों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। कई परिवार तो इसी वजह से बर्बाद हो चुके हैं।

इसलिए ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हमारी सरकार से विशेष अपील है कि बस्तर संभाग में जितने भी निर्दोष आदिवासी नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाए।

निर्दोष लोगों को जेल में रखना न सिर्फ उनके परिवारों के साथ अन्याय है, बल्कि समग्र आदिवासी समाज के साथ भी अन्याय है।” विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे खुद भी मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मुलाक़ात करेंगे।

बैठक के बाद ग्रामीणों ने निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा है।

इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, भीमा मडकम, सोनाराम वारसा, वामन कड़ती, सुखराम, सरिता गोटा, कड़ती वेंकट, हेमला लक्ष्मण, सन्नू कुरसम, शैलेश मडकम, सोढ़ी रामलू, कुंजाम लक्ष्मा, मंगली अवलम, मोती कोरसा, रमेश लेकाम, पार्वती वेको, रवीना सोढ़ी और रवींद्र उरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

*मोहला—सरपंचों का 15 दिन का आंदोलन समाप्त, 185 पंचायतों में लौटेंगे विकास कार्य; सरपंच संघ ने बताया जनता की जीत*

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मनीष कौशिक

मोहला—- जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर के ट्रांसफर के साथ मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पिछले 15 दिनों से जारी सरपंचों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। जिला और जनपद पंचायत की कार्यशैली से नाराज 185 सरपंचों ने अब अपने-अपने पंचायतों में लौटकर विकास कार्य शुरू करने का ऐलान किया है। वन विभाग के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरपंच संघ ने आंदोलन समाप्त करने की औपचारिक घोषणा करते हुए इसे जिले की जनता, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की जीत बताया।सरपंच संघ के अनुसार, जिले के 185 सरपंच बीते 15 दिनों से पंचायतों के विकास कार्यों में आ रही बाधाओं और जिला एवं जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली के विरोध में आंदोलन कर रहे थे। संघ का आरोप था कि प्रशासनिक व्यवस्था के कारण पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था।इसी मांग को लेकर सरपंच संघ का प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा था, जहां विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर जिला पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को हटाने की मांग रखी गई थी। इसके बाद जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ का तबादला होने पर सरपंच संघ ने इसे अपनी प्रमुख मांगों पर हुई कार्रवाई मानते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।वन विभाग के विश्राम गृह में आयोजित प्रेसवार्ता में सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अब सभी सरपंच अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लौटकर रुके हुए विकास कार्यों को गति देंगे। उन्होंने शासन और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में पंचायतों के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा तथा विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।सरपंच संघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र भुआर्य ने कहा कि संघ ने शासन के समक्ष अपनी मांगें रखी थीं और सात दिनों का अल्टीमेटम दिया था। शासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद संघ ने निर्धारित समय का इंतजार किया। उन्होंने कहा कि शासन ने अपने आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई की है, जिससे सरपंच संघ संतुष्ट है। इसी कारण आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।सरपंच संघ का कहना है कि यह केवल सरपंचों की जीत नहीं, बल्कि जिले की सभी 185 ग्राम पंचायतों और वहां रहने वाले ग्रामीणों की जीत है। अब पंचायतों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और जनहित के कार्य प्राथमिकता के साथ पूरे किए जाएंगे।

अग्रवाल नर्सिंग होम में आज 10 जुलाई को नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रवि धर देंगे सेवाएं, किडनी रोगियों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचार..

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अग्रवाल नर्सिंग होम में आज 10 जुलाई को नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रवि धर देंगे सेवाएं, किडनी रोगियों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचार

बसना। किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम में 10 जुलाई 2026, दोपहर 2 बजे से प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रवि धर (MD, DrNB) अपनी सेवाएं देंगे। इस दौरान किडनी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डायबिटिक किडनी रोग, किडनी फेल्योर, किडनी में संक्रमण एवं सूजन, मूत्रमार्ग संक्रमण, पथरी, प्रोस्टेट संबंधी समस्याएं, एक्यूट एवं क्रोनिक किडनी डिजीज, रक्त अल्पता तथा पैरों में सूजन जैसी समस्याओं का विशेषज्ञ उपचार किया जाएगा। साथ ही जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा भी उपलब्ध है।

अग्रवाल नर्सिंग होम में जिले का सबसे बड़ा एवं आधुनिक 8 बिस्तरों वाला डायलिसिस यूनिट संचालित किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने विशेष रूप से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से ग्रस्त लोगों से समय-समय पर किडनी की जांच कराने की अपील की है, ताकि गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाकर प्रभावी उपचार किया जा सके। बीपीएल एवं आयुष्मान कार्डधारकों के लिए भी निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

आदर्श कन्या माध्यमिक आश्रम शाला सनड्रा की गिरी बाउंड्री वॉल एक साल बाद भी नहीं बनी, बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,

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आदर्श कन्या माध्यमिक आश्रम शाला सनड्रा की गिरी बाउंड्री वॉल एक साल बाद भी नहीं बनी, बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल,,

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भोपालपटनम/मद्देड़। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ शासन बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसके लिए विभिन्न योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत मद्देड़ में संचालित आदर्श कन्या माध्यमिक आश्रम शाला सनड्रा की स्थिति प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रही है।
जानकारी के अनुसार, आश्रम शाला की बाउंड्री वॉल वर्ष 2025 के मई-जून माह में गिर गई थी। घटना को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया है। इस दौरान पूरा शैक्षणिक सत्र 2025-26 बीत गया और अब नया सत्र 2026-27 भी शुरू हो चुका है। छात्राएं अपने-अपने घरों से आश्रम में शिक्षा प्राप्त करने पहुंच गई हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक बाउंड्री वॉल अब भी अधूरी पड़ी है।
सबसे गंभीर बात यह है कि आश्रम की अधीक्षिका द्वारा इस संबंध में मंडल संयोजक, नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से सूचना दी जा चुकी है। पिछले एक वर्ष के दौरान निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया गया। हर बार केवल आश्वासन मिला कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब ‘आदर्श’ नाम से संचालित एक कन्या आश्रम शाला की यह स्थिति है, तो दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित अन्य आश्रम एवं छात्रावासों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। इसके अभाव में आश्रम परिसर खुला पड़ा है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।
गौरतलब है कि यह आश्रम भोपालपटनम ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मद्देड़ में संचालित है। जब मुख्य मार्ग पर स्थित इस संस्थान की समस्या का एक वर्ष तक समाधान नहीं हो पाया, तो दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र के नागरिकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आदर्श कन्या माध्यमिक आश्रम शाला सनड्रा की बाउंड्री वॉल का निर्माण तत्काल कराया जाए तथा इस मामले में हुई लापरवाही की भी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
इस सम्बन्ध में मंडल संयोजक से फोन पर जानकारी लिया गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले में मुझे कोई आवेदन नहीं दिया गया है।

इन्फैन्टाइल स्पाज्म्स जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक कर रहा है अग्रवाल नर्सिंग होम..

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महासमुंद बसना….बच्चों में होने वाली गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी इन्फैन्टाइल स्पाज्म्स (Infantile Spasms) के प्रति अभिभावकों को जागरूक करने के उद्देश्य से अग्रवाल नर्सिंग होम द्वारा विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि यह बीमारी सामान्य दिखाई देने वाले छोटे-छोटे झटकों के रूप में शुरू होती है, लेकिन समय पर पहचान और उपचार नहीं मिलने पर बच्चे के मस्तिष्क के विकास पर स्थायी प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि 3 से 12 माह के बच्चे में बार-बार झटके आना, आंखों का ऊपर की ओर घूमना, अचानक हाथ-पैर सिकुड़ना या फैलाना तथा बच्चा अत्यधिक सुस्त दिखाई देना जैसे लक्षण नजर आएं, तो बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बच्चे का मानसिक एवं शारीरिक विकास सामान्य रखा जा सकता है और भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

अग्रवाल नर्सिंग होम ने अभिभावकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर अपने बच्चे को बेहतर एवं सुरक्षित भविष्य दें।

 

समय पर इलाज न होने पर क्या नुकसान हो सकता है?

मानसिक विकास में कमी

सीखने-समझने में कठिनाई

बोलने और चलने में देरी

व्यवहार संबंधी समस्याएं

मस्तिष्क को स्थायी नुकसान

जल्दी पहचानें

समय पर डॉक्टर से मिलें

EEG और MRI जैसी जांच कराएं

देरी न करें, तुरंत इलाज शुरू करें

समय पर इलाज के फायदे

मस्तिष्क को नुकसान से बचाया जा सकता है

मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होता है

बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है

भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है

याद रखें – ये लक्षण दिखें तो सतर्क हो जाएं

बार-बार झटके आना

आंखों का ऊपर की ओर घूमना

अचानक हाथ-पैर फैलाना या सिकुड़ना

बच्चा सुस्त या कम एक्टिव रहना

ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,- जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी नवोदय विद्यालय समिति के आधिकारिक वेबसाईट www.navodaya.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। चयन परीक्षा का आयोजन 28 नवम्बर 2026 (शनिवार) को किया जाएगा।

वर्ष 2026 के लिए डॉक्टर खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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वर्ष 2026 के लिए डॉक्टर खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,- संचालनालय कृषि रायपुर द्वारा वर्ष 2026 में डॉक्टर खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए कृषकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए जा रहे हैं। कृषक आवेदन पत्र उपसंचालक कृषि व वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित प्रपत्र अनुसार भरे गए आवेदन, आवश्यक दस्तावेजों के साथ उप संचालक कृषि व वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं साथ ही साथ आवेदन पत्र के साथ सफलता की कहानी प्रस्तुत करेंगे। कृषकों से आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। उक्त सूचना की संपूर्ण जानकारी कृषि विभाग के वेबसाइट www.agriportal.cg.nic.in पर उपलब्ध है।

बीजापुर को मिलेगा स्थायी पेयजल का संबल, मिंगाचल (बेरूदी नदी) पर बन रहा एनीकट,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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बीजापुर को मिलेगा स्थायी पेयजल का संबल, मिंगाचल (बेरूदी नदी) पर बन रहा एनीकट,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,, जिले में पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बीजापुर आवर्धन जल प्रदाय योजना के अंतर्गत मिंगाचल स्थित बेरूदी नदी पर एनीकट निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है।
इस एनीकट के निर्माण से बीजापुर शहर के लिए वर्षभर पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही नदी में जल संरक्षण बढ़ेगा, जिससे भू-जल स्तर में सुधार, जल संवर्धन तथा स्थानीय लोगों और पशुओं के लिए निस्तारी की बेहतर सुविधा सुनिश्चित होगी। यह परियोजना केवल पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में सतत जल प्रबंधन को भी मजबूत करेगी। एनीकट बनने से वर्षा जल का बेहतर संचयन होगा और आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होने के बाद बीजापुर शहर के नागरिकों को अधिक सुरक्षित, नियमित और बेहतर पेयजल सुविधा प्राप्त होगी, वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

,* आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित शाला,अंदरूनी अंचल में शिक्षा की ‘धूम’: रिमझिम बारिश में  भी धनगोल स्कूल के बच्चों ने पेश की मिसाल,*दीपक मरकाम की खबर,,,,,

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,* आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित शाला,अंदरूनी अंचल में शिक्षा की ‘धूम’: रिमझिम बारिश में  भी धनगोल स्कूल के बच्चों ने पेश की मिसाल,*दीपक मरकाम की खबर,,,,,

 

*कम सुविधाओं के बाद भी प्राथमिक शाला धनगोल में 90% से ज्यादा उपस्थिति, नेशनल हाईवे से लगे स्कूलों की स्थिति चिंताजनक,*

 

बीजापुर,भोपालपटनम, मददेड,

एक ओर जहां रिमझिम बरसते मौसम के बीच अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षक और बच्चे शिक्षा के प्रति अपनी अद्भुत लगन और समर्पण का परिचय दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सभी सुविधाओं से युक्त नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग) से लगे स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति अब एक बड़ा चिंता का विषय बन गई है।

 

सीमित संसाधन, पर हौसले बुलंद बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अंगमपल्ली के धनगोल (संकुल केंद्र: पेगड़ापल्ली, डाइस कोड: 22203611902) के आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में संचालित प्राथमिक शाला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

 

वर्तमान में यह स्कूल धनगोल के स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में संचालित हो रहा है।

संसाधनों की भारी कमी के बावजूद यहाँ बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई करने पहुँच रहे हैं।

धनगोल के आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित शाला में  दर्ज कुल 28 विद्यार्थियों में से 25 बच्चे उपस्थित पाए गए, जो पूरे उत्साह के साथ शिक्षिका बच्चों के पढ़ाई के मार्गदर्शन में जुटे थे।

 

संसाधन के अभाव के साथ  ही शाला में मध्यान्ह भोजन का संचालन भी सुचारू रूप से होता मिला।

 

ग्रामीण अंचल के इन स्कूलों में भले ही शहरी क्षेत्रों जैसी चमक-दमक या पक्की सुविधाएं न हों, लेकिन बच्चों और शिक्षकों की यह प्रतिबद्धता हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।

पालकों का मिल रहा है भरपूर सहयोग

इस संबंध में मीडिया से चर्चा करते हुए प्राथमिक शाला धनगोल की शिक्षिका श्रीमती सपना अड़पा ने बताया कि शाला में वर्तमान में 28 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं और नए दाखिले (प्रवेश) की प्रक्रिया भी लगातार जारी है।

गांव के ग्रामीण और बच्चों के माता-पिता (पालक) लगातार अपनों बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यही वजह है कि क्षेत्र में  हो रही रिमझिम बारिश के बावजूद बच्चों की उपस्थिति शानदार बनी हुई है। हमारा प्रयास है कि इस उपस्थिति को शत-प्रतिशत तक ले जाया जाए।”

प्रशासन के लिए चिंतन का विषय

अंदरूनी क्षेत्रों की यह तस्वीर यह संदेश देती है कि अगर सीखने और सिखाने की इच्छा मजबूत हो, तो कोई भी परिस्थिति बाधा नहीं बन सकती। लेकिन इसके ठीक उलट, नेशनल हाईवे से लगे सुगम रास्तों वाले स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि शासन और प्रशासन को क्षेत्र की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करनी चाहिए, ताकि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावी रूप से पहुंच सके और सुगम क्षेत्रों के स्कूलों में भी उपस्थिति सुधारी जा सके।

*  छत्तीसगढ़ तथा बस्तर पुलिस के लिए गौरव का क्षण , केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बोधघाट थाना छत्तीसगढ़ का “सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना” घोषित*दीपक मरकाम की खबर,,

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*  छत्तीसगढ़ तथा बस्तर पुलिस के लिए गौरव का क्षण , केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बोधघाट थाना छत्तीसगढ़ का “सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना” घोषित*दीपक मरकाम की खबर,,

*पहली बार बस्तर पुलिस के किसी थाना को यह सम्मान मिला है*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 08 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर पुलिस के लिए यह अत्यंत गौरव एवं सम्मान का विषय है कि वर्ष 2025 हेतु भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक पुलिस थाना रैंकिंग में बोधघाट थाना को छत्तीसगढ़ राज्य का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना घोषित किया गया है।

यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सहित बस्तर संभाग तथा बस्तर के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार बस्तर क्षेत्र के किसी पुलिस थाना को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।

 

भारत सरकार का गृह मंत्रालय प्रत्येक वर्ष देशभर के पुलिस थानों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों पर करता है। इनमें अपराध नियंत्रण एवं रोकथाम, अनुसंधान की गुणवत्ता, सामुदायिक पुलिसिंग, जनसहभागिता, पुलिस अधोसंरचना, नवाचार, नागरिक-अनुकूल पुलिसिंग, अभिलेख संधारण तथा समग्र कार्य निष्पादन जैसे महत्वपूर्ण मापदंड सम्मिलित होते हैं। इन सभी बिंदुओं पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बोधघाट थाना को यह सम्मान प्रदान किया गया है।

 

सम्मान समारोह पर केंद्रीय गृह मंत्री माननीय अमित शाह के नाम से जारी प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान बस्तर के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक श्री पी सुंदरराज तथा वर्तमान पुलिस महानिरीक्षक श्री बद्रीनारायण मीना द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक श्री लीलाधर राठौड़ एवं वर्तमान थाना प्रभारी निरीक्षक श्री तामेश्वर चौहान को पुलिस अधीक्षक बस्तर श्री शलभ कुमार सिन्हा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमान महेश्वर नाग की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया ।

, इस अवसर पर तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्री शिमल तथा वर्तमान नगर पुलिस अधीक्षक श्री सुमित कुमार धोत्रे भी उपस्थित रहे।

 

यह उपलब्धि बोधघाट थाना के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वर्षों से किए गए समर्पित, अनुशासित एवं जनोन्मुखी कार्यों का परिणाम है।

पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में थाना द्वारा अपराध नियंत्रण, प्रभावी कानून-व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग, जन विश्वास सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है।

बस्तर पुलिस इस उपलब्धि को अपने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का प्रतीक मानती है। यह सम्मान भविष्य में भी नागरिक-केंद्रित, उत्तरदायी एवं उत्कृष्ट पुलिस सेवा प्रदान करने के लिए संपूर्ण पुलिस बल को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

*अंदरूनी क्षेत्र के नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़: नया सत्र शुरू हुए बीते 20 दिन, पर स्कूल में लटका है ताला*दीपक मरकाम की खबर,,,

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*अंदरूनी क्षेत्र के नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़: नया सत्र शुरू हुए बीते 20 दिन, पर स्कूल में लटका है ताला*दीपक मरकाम की खबर,,,

नेशनल हाईवे से महज 3 किमी अंदर ‘प्राथमिक शाला पे-कोत्तागुड़ा का हाल, शिक्षक नदारद,

पढ़ाई ठप, – बच्चों का भविष्य पर लगा ताला ‘,

मद्देड़ :: राज्य शासन बस्तर के अंदरूनी इलाकों में शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है। चमचमाते नए भवन भी स्वीकृत किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी और लापरवाही के कारण इन योजनाओं को पलीता लगाया जा रहा है।

 

ताजा मामला बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला पे-कोतागुडा (संकुल केंद्र- पेगड़ापल्ली, -डाइस कोड- 22203611901) से सामने आया है ,यहाँ नया शैक्षणिक सत्र 16 जून 2026 से प्रारंभ हो चुका है, परंतु आज 7 जुलाई की स्थिति में भी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लटका पाया गया।

 

अंदरूनी क्षेत्र का उठा रहे फायदा, मनमर्जी का अड्डा बना स्कूल ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह स्कूल नेशनल हाईवे (NH) से महज 3 से 4 किलोमीटर अंदरूनी क्षेत्र में स्थित है।

इसी भौगोलिक स्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए यहाँ पदस्थ शिक्षक अपनी ड्यूटी से पूरी तरह नदारद रहते हैं।

अंदरूनी क्षेत्र होने के कारण उच्च अधिकारियों का औचक निरीक्षण यहाँ न के बराबर होता है, जिसका फायदा उठाकर शिक्षकों ने स्कूल को अपनी मनमर्जी का अड्डा बना लिया है ,जब चाहा स्कूल खोल दिया, जब चाहा ताला लगाकर गायब गए।

शिक्षकों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण क्षेत्र के मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी है।

” मां बाप रोज उम्मीद से भेजते हैं बच्चे, मगर स्कूल के आगे ताला मिलता है”

ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने बच्चों को सुनहरे भविष्य की उम्मीद में रोज स्कूल भेजते हैं, ताकि वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें, लेकिन स्कूल पहुँचने पर पता चलता है कि गुरुजी खुद ही ताला लगाकर गायब हैं।

सही संचालन नहीं होने से पालकों में आक्रोश ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल का संचालन लंबे समय से सही तरीके से नहीं हो रहा है।

शासन की ओर से मिलने वाली मुफ्त किताबें, मध्यान्ह भोजन और अन्य सुविधाएं धरी की धरी रह गई हैं। जब स्कूल का मुख्य द्वार ही बंद है, तो व्यवस्थाओं का अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।

माता-पिता शिक्षा के नाम पर अपने बच्चों को उम्मीद के साथ भेजते हैं, मगर शिक्षा के इस मंदिर में ताले लटके देखकर वे अब ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस अंदरूनी क्षेत्र की सुध ली जाए और नदारद रहने वाले शिक्षकों पर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई कर स्कूल का नियमित संचालन सुनिश्चित कराया जाए।

अग्रवाल नर्सिंग होम में 10 जुलाई को किडनी रोग विशेषज्ञ देंगे सेवाएं, प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध..

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अग्रवाल नर्सिंग होम में 10 जुलाई को किडनी रोग विशेषज्ञ देंगे सेवाएं, प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग के अंतर्गत 10 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे से प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रवि धर (MD, इंटरनल मेडिसिन, DrNB – नेफ्रोलॉजी) मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श देंगे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां सभी प्रकार के किडनी रोगों, किडनी की पथरी, डायबिटिक किडनी, किडनी फेल्योर, किडनी में सूजन व संक्रमण, मूत्रमार्ग संक्रमण, प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं, एक्यूट एवं क्रॉनिक किडनी डिजीज, रक्त अल्पता (एनीमिया) तथा पैरों में सूजन (एडिमा) का आधुनिक उपचार उपलब्ध है। साथ ही मरीजों के लिए प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा भी संचालित की जा रही है।

अस्पताल में जिले की सबसे बड़ी एवं अत्याधुनिक 8 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट उपलब्ध है। बीपीएल एवं आयुष्मान कार्डधारक मरीजों के लिए डायलिसिस की निःशुल्क सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन ने विशेष रूप से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर एवं मोटापे से पीड़ित लोगों से समय-समय पर किडनी की जांच कराने की अपील की है, ताकि गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाकर उचित उपचार किया जा सके।

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले मे बीते दिनों हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया हैँ..इसी बिच एनएच-53 से बावनकेरा होते हुए छिलपावन-झलप जाने वाला प्रमुख मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है..सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने और बह जाने से रामाडबरी सहित करीब 12 गांवों का जिला मुख्यालय और प्रमुख बाजारों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है..

मार्ग बंद होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली विद्यार्थियों, रोजाना काम पर जाने वाले मजदूरों और इलाज के लिए आने-जाने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है..आवागमन ठप होने से आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो गई हैं और लोगों को लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है…

बता दे की यह सड़क पहले से ही जर्जर और अधिकांश हिस्सों में कच्ची थी.. और लगातार हो रही तेज बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण सड़क अपना भार नहीं संभाल सकी और कई जगह धंस गई..यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते थे.. सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद भी संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है..

वही पुरे मामले पर जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा हैँ की मामला संज्ञान मे आते ही उन्होंने सम्बंधित अधिकारियो को व्यवस्था और आवागमन बहाली के निर्देशित कर दिया गया हैँ..

*मोहला—सरपंचों के आंदोलन का बड़ा असर! धरना, ज्ञापन और लगातार विरोध के बाद बड़ा फैसला! जिला पंचायत CEO भारती चंद्राकर का तबादला*

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मनीष कौशिक

मोहला—- जिले की पंचायत राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद के बीच आखिरकार बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)भारती चंद्राकर का स्थानांतरण कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सरपंच संघ ने इसे अपने लंबे संघर्ष और एकजुट आंदोलन की बड़ी सफलता बताया है।गौरतलब है कि कुछ समय पहले जिला सरपंच संघ ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर जिला पंचायत CEO को हटाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। संघ का कहना था कि पंचायतों के विकास कार्यों की फाइलें बिना कारण लंबित रखी जा रही हैं तथा कमीशन नहीं देने पर प्रस्तावों और भुगतान संबंधी फाइलों में अनावश्यक विलंब किया जाता है इन आरोपों को लेकर सरपंचों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी।सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार भूआर्य के नेतृत्व में जिलेभर के सरपंच एक मंच पर आए और पंचायतों के अधिकारों तथा विकास कार्यों में आ रही कथित बाधाओं के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद की। आंदोलन के दौरान सरपंचों ने चेतावनी भी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।अब जिला पंचायत CEO भारती चंद्राकर के स्थानांतरण के आदेश के बाद सरपंच संघ इसे अपने संघर्ष की जीत मान रहे है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि पंचायतों को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराना था। उनका दावा है कि लगातार किए गए लोकतांत्रिक आंदोलन और ज्ञापन का ही परिणाम है कि शासन ने यह निर्णय लिया।जिला पंचायत CEO के तबादले के साथ ही पंचायत राजनीति का एक अध्याय समाप्त और नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। सरपंच संघ इसे अपने संघर्ष की ऐतिहासिक सफलता बता रहे है। अब उम्मीद की जा रही है कि नए नेतृत्व में पंचायतों के विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी और जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

*मोहला—-मोहला से पूरे रेंज को मिला नया पुलिसिंग मॉडल IG बालाजीराव ने समीक्षा बैठक में ई-बीट सिस्टम और डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल बुक की सराहना की, सभी जिलों में लागू करने के दिए निर्देश*

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Manish Kaushik

मोहला — राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव (भा.पु.से.) ने मंगलवार को नव-निर्मित पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर, मोहला में रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित तथा जनोन्मुखी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समयबद्ध समाधान तथा प्रत्येक जिले के सफल नवाचारों को पूरे रेंज में लागू करने के निर्देश दिए।बैठक में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह, राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा सहित रेंज के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

*मोहला का ई-बीट सिस्टम बना पूरे रेंज के लिए मिसाल*

बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पुलिस द्वारा विकसित ई-बीट सिस्टम (E-Beat System)रहा। एसएसपी वाय.पी. सिंहने इसका विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसे पुलिस महानिरीक्षक ने अत्यंत प्रभावी बताते हुए रेंज के सभी जिलों में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर, नक्सल पुनर्वास केंद्र, पुलिस लाइन की आधारभूत सुविधाओं तथा अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी सराहना की गई।

*रेंजभर के नवाचारों को मिलेगा विस्तार*

बैठक में राजनांदगांव जिले के “पहल” अभियान, युवाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग, रीडिंग रूम, सोशल मीडिया नेटवर्क एवं किशोर पंजी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूशन मॉनिटरिंग सेल और डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल, जबकि कबीरधाम जिले की पुलिस बैंक, पुलिस कैंटीन, प्ले स्कूल तथा नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्रस्तुत की गई। आईजी ने इन नवाचारों को भी आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में लागू करने के निर्देश दिए।

*डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल बुक का हुआ विमोचन*

बैठक के दौरान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पुलिस द्वारा तैयार “डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल बुक”का विमोचन भी पुलिस महानिरीक्षक ने किया। उन्होंने इस पहल की प्रशंसा करते हुए रेंज के प्रत्येक जिले में ऐसी प्रोफाइल बुक तैयार करने के निर्देश दिए।

*वृक्षारोपण कर दिया हरित भविष्य का संदेश*

समीक्षा बैठक के बाद रक्षित केंद्र, मोहला परिसर में पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव के मुख्य आतिथ्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर तूलिका प्रजापति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह, रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक एवं अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आईजी ने लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण और नियमित देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

 

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने अग्रवाल नर्सिंग होम की पहल, 9 जुलाई को मनो रोग विशेषज्ञ देंगे परामर्श

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मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने अग्रवाल नर्सिंग होम की पहल, 9 जुलाई को मनो रोग विशेषज्ञ देंगे परामर्श

बसना। मानसिक तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम, बसना द्वारा विशेष परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रसिद्ध मनोरोग एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी (एम.बी.बी.एस., डीएनबी) मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श देंगे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार 9 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक डॉ. त्रिवेदी अस्पताल में उपस्थित रहेंगे। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से परेशान मरीज इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। परामर्श के लिए अग्रिम पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।

डॉ. बी. त्रिवेदी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को घबराहट, बेचैनी, तनाव, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक क्रोध, उदासी, अनिद्रा, काम में मन न लगना, बार-बार नकारात्मक विचार आना, डर या फोबिया, याददाश्त कमजोर होना, अकेलापन महसूस होना या किसी भी प्रकार की मानसिक एवं व्यवहार संबंधी परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने से अधिकांश मानसिक रोगों का प्रभावी उपचार संभव है।

अग्रवाल नर्सिंग होम प्रबंधन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की झिझक न रखें। समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेने से जीवन को बेहतर और तनावमुक्त बनाया जा सकता है। अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए अस्पताल के संपर्क नंबर 77770868473 एवं 84618110000 पर संपर्क किया जा सकता है।

मानसून में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अग्रवाल नर्सिंग होम की अपील..

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मानसून में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अग्रवाल नर्सिंग होम की अपील

बसना। बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम, बसना ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को घर से बाहर निकलते समय पूरे कपड़े पहनाएं, घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों की रोकथाम के लिए नियमित सफाई रखें, दरवाजों और खिड़कियों में जाली लगवाएं तथा मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें। उन्होंने सलाह दी कि शाम के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखें ताकि मच्छरों का घर में प्रवेश न हो।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि बच्चे को तेज बुखार, उल्टी, बेचैनी, शरीर पर चकत्ते या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम, बसना ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

*  8 जुलाई को छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभाओं में ,विधायकों से लिखित सहमति लेने पहुँचेगी आम आदमी पार्टी* दीपक मरकाम की खबर,,,,

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*  8 जुलाई को छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभाओं में ,विधायकों से लिखित सहमति लेने पहुँचेगी आम आदमी पार्टी* दीपक मरकाम की खबर,,,,

 

* विधायक निवास की नींव यदि गरीबों की झोपड़ियों पर रखी जाएगी, तो वह लोकतंत्र नहीं, अन्याय का स्मारक होगा-आम आदमी पार्टी*

 

रायपुर :: आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़ ने रायपुर जिले के नकटी गाँव में हुई बुलडोज़र कार्रवाई को गरीब, किसान और आम नागरिक के सम्मान पर सीधा हमला बताते हुए घोषणा की है कि 08 जुलाई 2026 को प्रदेश की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल संबंधित विधायक से मुलाकात कर उनसे लिखित सहमति-पत्र प्राप्त करने का प्रयास करेगा कि वे गरीबों की ज़मीन और उजड़े हुए आशियानों पर बनने वाले प्रस्तावित विधायक निवास को स्वीकार नहीं करेंगे।

 

पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुनती है कि वे उनके अधिकारों की रक्षा करें, न कि उनके घर उजाड़कर अपने लिए आवास बनवाएँ।

यदि किसी गरीब परिवार की छत छीनकर जनप्रतिनिधियों के लिए भवन बनाए जाते हैं, तो यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध कदम है।

आम आदमी पार्टी ने सभी विधायकों से अपील की है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मानवता का साथ दें, गरीबों के दर्द को समझें और सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करें कि वे ऐसे किसी विधायक निवास को स्वीकार नहीं करेंगे जो किसी गरीब परिवार के उजड़े हुए आशियाने की कीमत पर बनाया जा रहा हो।

 

पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं बल्कि न्याय, संवेदना और संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए है।

प्रत्येक विधानसभा में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिनिधिमंडल विधायक को सहमति-पत्र एवं ज्ञापन सौंपेगा और उनसे स्पष्ट लिखित जवाब माँगेगा।

 

आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के सभी प्रदेश पदाधिकारियों, ज़ोन प्रभारियों, लोकसभा अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों, ब्लॉक अध्यक्षों एवं सभी कार्यकर्ताओं से इस अभियान में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

पार्टी ने निर्देश दिया है कि कार्यक्रम के फोटो, वीडियो एवं संक्षिप्त प्रतिवेदन उसी दिन राज्य कार्यालय को भेजे जाएँ ताकि पूरे प्रदेश की जनता के सामने यह स्पष्ट हो सके कि कौन विधायक गरीबों के साथ खड़ा है और कौन सत्ता के साथ।

 

पार्टी का कहना है कि यह केवल नकटी गाँव की लड़ाई नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर उस गरीब परिवार की लड़ाई है जिसे कभी भी विकास या किसी अन्य योजना के नाम पर उजाड़ा जा सकता है।

यदि आज आवाज़ नहीं उठाई गई तो कल किसी और गाँव, किसी और बस्ती और किसी अन्य गरीब परिवार की बारी हो सकती है।

आम आदमी पार्टी हमेशा प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास, न्याय और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक जनआंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

*सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर त्रिपति झाड़ी के निवास पर खिला ब्रह्मकमल, शुभता और प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का बना प्रतीक*दीपक मरकाम की खबर,,,

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*सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर त्रिपति झाड़ी के निवास पर खिला ब्रह्मकमल, शुभता और प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का बना प्रतीक*दीपक मरकाम की खबर,,,

 

*जगदलपुर में खिला दुर्लभ ब्रह्मकमल, सुगंध से महका घर, सकारात्मक ऊर्जा का बना केंद्र*

 

जगदलपुर 6 जुलाई 2026

 

जगदलपुर निवासी सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर श्री त्रिपति झाड़ी के निवास पर बीती रात्रि दुर्लभ एवं दिव्य ब्रह्मकमल का फूल खिलने से पूरे परिवार में हर्ष और उत्साह का वातावरण बन गया।

 

रात्रि में खिलने वाले इस दुर्लभ पुष्प की मनमोहक सुगंध से घर का वातावरण देर रात तक महकता रहा और इसे देखने के लिए परिजन तथा शुभचिंतक भी बड़ी संख्या में पहुंचे।

 

श्री त्रिपति झाड़ी ने बताया कि ब्रह्मकमल का खिलना उनके लिए अत्यंत सुखद और अविस्मरणीय अनुभव रहा।

 

उन्होंने कहा कि फूल की दिव्य सुगंध से घर का वातावरण शांत, सकारात्मक और आध्यात्मिक अनुभूति से भर गया।

 

उनके अनुसार ऐसा दृश्य जीवन में विरले ही देखने को मिलता है।

 

भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं में ब्रह्मकमल को अत्यंत शुभ एवं पवित्र पुष्प माना जाता है।

 

मान्यता है कि इसके खिलने से घर में सुख-समृद्धि, शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

 

कई लोग इसे सौभाग्य और ईश्वरीय कृपा का प्रतीक भी मानते हैं।

 

वैज्ञानिक दृष्टि से ब्रह्मकमल एक दुर्लभ रात्रिकालीन पुष्प है, जो वर्ष में सीमित समय के लिए ही खिलता है।

 

इसकी विशेषता यह है कि यह रात में पूर्ण रूप से खिलता है और कुछ ही घंटों तक अपनी अनुपम सुंदरता एवं मनमोहक सुगंध बिखेरता है।

 

यही कारण है कि इसके खिलने का क्षण लोगों के लिए विशेष आकर्षण और उत्सुकता का विषय बन जाता है।

 

प्रकृति का यह अनमोल उपहार केवल अपनी अद्भुत सुंदरता और सुगंध के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन में आशा, शांति, सकारात्मक सोच और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देने के लिए भी जाना जाता है।

 

ब्रह्मकमल का खिलना लोगों को प्रकृति के अद्भुत और रहस्यमयी स्वरूप से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।

*शालाओं में शिक्षा व्यवस्था पर डीईओ की सख्ती, औचक निरीक्षण में दिए सुधार के निर्देश*दीपक मरकाम की खबर,,

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*शालाओं में शिक्षा व्यवस्था पर डीईओ की सख्ती, औचक निरीक्षण में दिए सुधार के निर्देश*दीपक मरकाम की खबर,,

 

*गणवेश-पाठ्यपुस्तक वितरण, वीएसके ऐप उपस्थिति, स्वच्छता और नियमित अध्यापन का लिया जायजा*

 

बीजापुर 06 जुलाई 2026

जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने शनिवार को संकुल केंद्र दुगोली एवं नैमेड़ की विभिन्न शालाओं का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों और स्कूली व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों की वीएसके ऐप में उपस्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों के वितरण, मध्यान्ह भोजन, कक्षाओं तथा शौचालयों की साफ-सफाई का जायजा लिया।

 

प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दुगोली में डीईओ ने सभी कक्षाओं में बारहखड़ी और पहाड़ा चार्ट अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। वहीं कन्या पोर्टा केबिन नैमेड़ एवं हाई स्कूल पोर्टा केबिन नैमेड़ का निरीक्षण कर छात्रावास की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने तथा सभी बच्चों के लिए मच्छरदानी लगाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने दोनों संस्थाओं में वीएसके ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति का अवलोकन किया तथा समय-विभाग चक्र के अनुरूप नियमित अध्यापन और शिक्षक डायरी संधारित करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी तीन दिनों के भीतर विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित शिक्षकों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

 

जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय निर्देशों का कड़ाई से पालन करने पर जोर देते हुए प्रतिदिन राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र, शांति मंत्र के सामूहिक गायन तथा महापुरुषों की जीवनी के नियमित वाचन कराने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वच्छ, अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना सभी शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

*NQAS मूल्यांकन में खरा उतरा PHC चेरपाल, गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ा मजबूत कदम*दीपक मरकाम की खबर,,

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*NQAS मूल्यांकन में खरा उतरा PHC चेरपाल, गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ा मजबूत कदम*दीपक मरकाम की खबर,,

 

बीजापुर 05 जुलाई 2026,

विकासखंड बीजापुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत आयोजित बाह्य मूल्यांकन को सफलतापूर्वक पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 03 एवं 04 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने स्वास्थ्य केंद्र का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न गुणवत्ता मानकों का मूल्यांकन किया।

 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के नेतृत्व में संपन्न इस मूल्यांकन के दौरान सामान्य प्रशासन, ओपीडी, आईपीडी, प्रयोगशाला, लेबर रूम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाएं एवं अभिलेख संधारण सहित विभिन्न पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया।

 

मूल्यांकन प्रक्रिया में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला जनस्वास्थ्य नर्सिंग अधिकारी (DPHNO), विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM), BDM, BAM, STS, MTS, RBSK टीम, चिकित्सा अधिकारी, PHC प्रभारी, सेक्टर सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), RHO (पुरुष एवं महिला), स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मितानिन सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने मूल्यांकन दल को आवश्यक अभिलेख एवं जानकारी उपलब्ध कराते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पण, बेहतर समन्वय और टीमवर्क के कारण मूल्यांकन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन दल द्वारा दिए गए सुझावों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की जनता को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

 

स्वास्थ्य विभाग ने PHC चेरपाल की इस उपलब्धि को जिले में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाया जाएगा।

*उसूर ग्राम में संपन्न हुआ पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ नामकरण, अन्नप्रासन, विद्यारंभ, पुंसवन और गुरु दीक्षा से संस्कारवान बने श्रद्धालु*दीपक मरकाम की खबर,,,

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*उसूर ग्राम में संपन्न हुआ पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ नामकरण, अन्नप्रासन, विद्यारंभ, पुंसवन और गुरु दीक्षा से संस्कारवान बने श्रद्धालु*दीपक मरकाम की खबर,,,

दक्षिण बस्तर बीजापुर,05 जुलाई 2026

अखिल विश्व गायत्री परिवार बीजापुर के मार्गदर्शन एवं शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में जिला मुख्यालय के दूरस्त ग्राम उसूर में शिव मंदिर के पवित्र प्रांगण में दो दिवसीय पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ ।

प्रथम दिवस संध्या बेला पर ग्राम में माता बहनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने सर पर कलश धारण कर ग्राम भ्रमण कर ग्राम के सभी देवी देवताओं एवं ग्रामीणों को आमंत्रण दिया और सांध्यकालीन दीप यज्ञ किया जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं अन्य परिजन उपस्थित रहे।

द्वितीय दिवस प्रातः 11:00 बजे से यह पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ प्रारंभ हुआ जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की एवं लोक कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना कर आहुतियां समर्पित की।

इस कार्यक्रम में 2 पुंशवन, 29 विद्यारंभ, 3 अन्नप्रासन, 2 नामकरण, और 3 गुरु दीक्षा संस्कार से जुड़कर श्रद्धालु संस्कारवान बनें।

सभी संस्कारो का मानवीय जीवन में महत्व बताते हुए गायत्री परिवार द्वारा सभी संस्कार निशुल्क संपन्न कराए गए।

यज्ञ में भागीदार बनने आए हुए भक्तों से पूरा शिवालय भरा रहा और सभी ने यज्ञ में आहुतियां देकर क्षेत्र और परिवार की सुख शांति की कामना की।

यज्ञ में भाजपा जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा, युवा मोर्चा हरिहर साहनी, तीरथ जुमार मंडल अध्यक्ष उसूर,जिला पंचायत सदस्य शंकरैया माड़वी, जनपद अध्यक्ष पूर्णिमा तेलम, जनपद सदस्य सरोजनी सी पी,अर्चना मडी,वरिष्ठ भाजपा नेत्री रुक्मणी कावरे, रामकुमारी मोरला ने यज्ञ में अपनी उपस्थिति दी , लोकमंगल की कामना करते हुए आहुतियां समर्पित की।

सभी ने यह कहा की ऐसे कार्यक्रम क्षेत्र में समय-समय पर  लोक कल्याण के लिए लोगों को संस्कार परंपरा से जोड़ने का कार्य होते रहना चाहिए।

पूर्णाहुति के पश्चात जिला समन्वयक बीरा राजबाबू, वरिष्ठ परिजन विजय बहादुर राजभर और बैजनाथ साहू के मार्गदर्शन में युग निर्माण योजना के व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण के सूत्रों को बताया और हम बदलेंगे युग बदलेगा इस तथ्य के आधार पर विश्वास करते हुए स्वयं को बदलने का प्रयास करते हुए सत्कार्य करने और अपने जीवन को सही मार्ग पर ले जाने की बातें बताते हुए संगठित होकर गुरु कार्य करने हेतु प्रज्ञा मंडल और महिला मंडल का गठन किया गया।

गायत्री प्रज्ञा मंडल उसूर अध्यक्ष का दायित्व कृष्ण कुमार मोरला को तथा महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती संध्या शर्मा को दायित्व सर्व सम्मति से दिया गया ।

नारी जागरण, पर्यावरण संरक्षण, युवा आंदोलन के लिए भी प्रभारी बनाए गए एवं सप्ताहिक सत्संग एवं स्वाध्याय के माध्यम से जुड़कर परमपूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के सत्यसूत्रीय आंदोलन को आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

टोली में भैरमगढ़ से आए जीवन तेलामी, सरजू भास्कर, पवन तेलामी और सोनारू राम तेलामी ने बड़े सुंदर तरीके से संगीत प्रवचन के माध्यम से हारमोनियम तबला, ढोलक के सुंदर संगीतमय मिश्रण से कर्णप्रिय पोप्रज्ञा गीतों सहित यज्ञ संपन्न कराया।

भैरमगढ़ की टोली और शक्तिपीठ के परिजनों को तिलक चंदन श्रीफल और अंगवस्त्र देकर ग्राम के माता बहनों ने सम्मानित कर विदाई दिया।

आयोजन समिति की ओर से महाप्रसाद की व्यवस्था थी जिसे सभी ने ग्रहण किया और कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में संध्या शर्मा, रुक्मणी झाड़ी, कृष्ण कुमार मोरला, खेमिन यादव, सुमित राठौर, पीएम शर्मा,सुनील मयंक शर्मा, किस्टैया कट्टम, रवि किशोर,सोनी, इंदू,ज्योति, सुशीला, आशा मोरला, उर्मिला, मधु करकु, सुमित्रा, जिंतू गट्टूपल्ली, मोहित, हिशांत, रेशमा चापड़ी, ज्योति लक्ष्मी के जी, उमा, दुहिता,सरिता झाड़ी, कौशल्या, भावनी रेंगा, पद्मा नक्का, दुर्गा कट्टम, नमिता चिल्मूल सहित सैकड़ों भक्तों की भागीदारी हुई।

*  उड़ीसा से यूपी जा रही बोलेरो से 1.करोड़ का गांजा जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार*,,,, दीपक मरकाम की खबर,,,,

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*  उड़ीसा से यूपी जा रही बोलेरो से 1.करोड़ का गांजा जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार*,,,, दीपक मरकाम की खबर,,,,

 

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 02 जुलाई 2026

जगदलपुर बस्तर पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है।

नगरनार थाना पुलिस ने उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे 214.300 किलोग्राम गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ 7 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल हो रही बोलेरो पिकअप गाड़ी, मोबाइल और नगदी भी जब्त की है। हालांकि, अंधेरे और बारिश का फायदा उठाकर एक आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

 

 

मुखबिर की सूचना पर धनपुंजी नाके के पास की गई घेराबंदी,

एसपी शलभ कुमार सिन्हा, एएसपी महेश्वर नाग और सीएसपी सुमीत कुमार के मार्गदर्शन में नगरनार थाना प्रभारी संतोष सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी।

शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक सफेद रंग की महिंद्रा पिकअप (क्रमांक UP-52-T-2094) में भारी मात्रा में गांजा लेकर दो तस्कर धनपुंजी के रास्ते जगदलपुर की ओर आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम धनपुंजी फॉरेस्ट नाके के पास घेराबंदी कर नाकेबंदी कर दी।

बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर एक आरोपी फरार, पिकअप से बरामद हुआ गांजा,

चेकिंग के दौरान जब संदिग्ध पिकअप को रोका गया, तो गाड़ी में बैठा एक आरोपी सोनू यादव (निवासी गोरखपुर, यूपी) बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी से कूदकर उड़ीसा के चांदली जंगल की तरफ भाग निकला।

पुलिस ने मौके पर वाहन चालक को दबोच लिया, जिसने अपना नाम विजय पाण्डेय (34 वर्ष) निवासी राजेंद्र नगर, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) बताया।

जब पिकअप की तलाशी ली गई, तो डाला के अंदर प्लास्टिक की 9 बोरियों में छिपाकर रखे गए कुल 105 पैकेट गांजा बरामद हुआ।

*क्या-क्या हुआ जब्त?,,गांजा: 214.300 किलोग्राम (कीमत ₹1,07,15,000)

वाहन महिंद्रा बोलेरो पिकअप (कीमत ₹2,50,000)

अन्य एक सैमसंग मोबाइल और ₹700 नगद।

 

आरोपी भेजा गया जेल, टीम को मिली शाबाशी,

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) ii (ग) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार आरोपी सोनू यादव की तलाश की जा रही है।

इस पूरी कार्रवाई में नगरनार थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह, उपनिरीक्षक सतीश यदुराज, प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक अजय साहू, तुलसीदास कश्यप, आरक्षक दशरू नाग, विक्रम उरांव, यशवंत ध्रुव, डीएसएफ आरक्षक भास्कर भारद्वाज और चालक अविनाश मांझी की मुख्य भूमिका रही।

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद पुलिस ने उड़ीसा से गुजरात गांजा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। कोमाखान थाना पुलिस ने टेमरी चेकपोस्ट पर कार्रवाई करते हुए ट्रक से 32.070 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत 16.03 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी ओडिशा के निवासी हैं और वह बेगुनियापड़ा (गंजाम) से गांजा लेकर सूरत (गुजरात) जा रहे थे। तस्करों ने ट्रक के खाली डाले में तिरपाल की दोहरी परत के बीच गांजा छिपाया था, ताकि वाहन खाली दिखाई दे।

कार्रवाई में गांजा के अलावा एक ट्रक, दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, दो मोबाइल और 17 हजार रुपये नकद सहित कुल 28 लाख 37 हजार 500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

* बस्तर में मनाया गया “सलवा जुडुम स्मृति दिवस”, माओवादी हिंसा में मारे गए निर्दोष ग्रामीणों , वीर सुरक्षा बलों के बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि*दीपक मरकाम की खबर,,,

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* बस्तर में मनाया गया “सलवा जुडुम स्मृति दिवस”, माओवादी हिंसा में मारे गए निर्दोष ग्रामीणों , वीर सुरक्षा बलों के बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि*दीपक मरकाम की खबर,,,

बस्तर सम्भाग जगदलपुर 05 जुलाई 2026

बस्तर शांति समिति द्वारा आज सिरहासार चौक, जगदलपुर में “सलवा जुडुम स्मृति दिवस” के अवसर पर एक गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, नक्सल हिंसा से पीड़ितों, पूर्व सैनिक एवं जनजाति समाज के प्रतिनिधियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर माओवादी हिंसा में अपने प्राण गंवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों तथा राष्ट्र की सुरक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि अर्पण के साथ हुई, उपस्थित नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर माओवादी हिंसा में दिवंगत हुए निर्दोष ग्रामीणों एवं वीर सुरक्षा कर्मियों को नमन किया।

 

इस अवसर पर नक्सल विषय की विशेषज्ञ एवं लेखिका श्रीमती रचना नायडू ने बस्तर में माओवादी आतंक की पृष्ठभूमि, उसके सामाजिक प्रभाव तथा आम ग्रामीणों पर पड़े उसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा ने बस्तर के हजारों परिवारों का जीवन प्रभावित किया तथा इसके वास्तविक इतिहास को समाज के सामने लाना आवश्यक है।

 

बस्तर शांति समिति के जयराम दास ने अपने संबोधन में कहा कि 05 जुलाई, 2011 को सलवा जुडुम पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बस्तर में माओवादी हिंसा का दायरा बढ़ा और अनेक निर्दोष ग्रामीणों को अपने प्राणों से इसकी कीमत चुकानी पड़ी।

उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक जनचर्चा एवं गंभीर अध्ययन की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी की भूमिका तथा उससे जुड़े कथित नेक्सस के विभिन्न पहलुओं को भी सार्वजनिक विमर्श के दायरे में लाया जाना चाहिए, ताकि बस्तर के इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को समग्रता से समझा जा सके।

इस मौके पर नक्सल हिंसा से पीड़ित हिड़मु राम भी मौजूद रहे।

 

नारायणपुर से आये बस्तर शांति समिति के मंगऊ राम कावड़े ने कहा कि सलवा जुडुम स्मृति दिवस किसी संगठन या व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन हजारों निर्दोष ग्रामीणों एवं वीर सुरक्षा बलों के बलिदान को स्मरण करने का दिवस है, जिन्होंने माओवादी हिंसा के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

 

वरिष्ठ पत्रकार एवं जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री मनीष गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सलवा जुडुम नक्सलियों के विरुद्ध जनजाति समाज का महान स्वतंत्रता संग्राम था।

उन्होंने कहा कि बस्तर के इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय का निष्पक्ष अध्ययन और दस्तावेजीकरण आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ वास्तविक घटनाक्रम से परिचित हो सकें।

 

इस अवसर पर श्वेताम्बर जैन समाज के श्री किशोर पारख ने माओवादी हिंसा में दिवंगत हुए निर्दोष ग्रामीणों एवं वीर सुरक्षा बलों के बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समाज को हिंसा के सभी पीड़ितों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।

 

जनजाति समाज के प्रमुख श्री दशरथ कश्यप ने भी माओवादी हिंसा में अपने प्राण गंवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।

 

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर माओवादी हिंसा में दिवंगत हुए निर्दोष ग्रामीणों एवं वीर सुरक्षा बलों के बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा बस्तर में स्थायी शांति, सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए सामूहिक संकल्प लिया।

बसना में मातृत्व सेवाओं को नई सौगात, अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में किफायती प्रसव सुविधा शुरू

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बसना में मातृत्व सेवाओं को नई सौगात, अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में किफायती प्रसव सुविधा शुरू

बसना। क्षेत्र के अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के उद्देश्य से किफायती प्रसव सुविधा की शुरुआत की है। अस्पताल में 24 घंटे प्रसव सुविधा उपलब्ध रहेगी, जहाँ नॉर्मल डिलीवरी मात्र ₹5,100 तथा सिजेरियन डिलीवरी ₹11,000 में कराई जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह पैकेज केवल डिलीवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मरीज की भर्ती, पूरी प्रसव प्रक्रिया, आवश्यक ऑपरेशन एवं उपचार, दवाइयाँ, अनुभवी डॉक्टरों का परामर्श तथा माँ और नवजात शिशु की सम्पूर्ण देखभाल भी शामिल है।

अस्पताल में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती अग्रवाल प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक मरीजों को परामर्श देंगे। साथ ही, जन्म के बाद यदि नवजात शिशु को किसी प्रकार की चिकित्सकीय परेशानी होती है, तो आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उसका उपचार निःशुल्क किए जाने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अग्रिम पंजीयन अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए 77730-86100, 90396-45760 एवं 94242-42209 पर संपर्क किया जा सकता है।

*नव निर्मित शिव मंदिर में गूंजेगा “हर-हर महादेव”, कलश यात्रा, रुद्राभिषेक, प्राण-प्रतिष्ठा, महाआरती एवं महाप्रसाद के साथ श्रद्धा का 7 दिवसीय महासंगम*, दीपक मरकाम की खबर,,

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*नव निर्मित शिव मंदिर में गूंजेगा “हर-हर महादेव”, कलश यात्रा, रुद्राभिषेक, प्राण-प्रतिष्ठा, महाआरती एवं महाप्रसाद के साथ श्रद्धा का 7 दिवसीय महासंगम*, दीपक मरकाम की खबर,,

भक्ति, आस्था और जनकल्याण का बनेगा महापर्व: मद्देड में 7 दिवसीय शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव  5 से  11जुलाई तक*

बीजापुर, भोपाल पटनम मद्देड 04 जुलाई 2026

धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा की अनुपम छटा से सराबोर ग्राम मद्देड आगामी 5 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा का साक्षी बनने जा रहा है।

 

नव निर्मित श्री शिव मंदिर में आयोजित होने वाला प्राण-प्रतिष्ठा एवं कलश स्थापना महोत्सव पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करेगा।

 

इस पावन अवसर पर ग्रामवासियों सहित दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव के दिव्य दर्शन एवं पूजन का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।

 

सात दिवसीय इस महोत्सव के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश पूजन, कलश स्थापना, नगर भ्रमण, रुद्राभिषेक, विविध अधिवास, नित्य पूजा, महाआरती, शिखर एवं ध्वज स्थापना सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

 

अंतिम दिवस पूर्णाहुति, महाप्रसाद वितरण तथा शिव नामकरण विधि के साथ यह दिव्य आयोजन पूर्ण होगा।

 

मंदिर समिति एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।

 

आकर्षक सजावट, धार्मिक ध्वजों और रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित किया जा रहा है।

 

वातावरण में गूंजते “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक चेतना का संचार करेंगे।

 

आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा धर्म, संस्कृति और जनकल्याण के इस महापर्व को सफल बनाने की भावपूर्ण अपील की है।

 

यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे, सेवा, सद्भाव और लोककल्याण का भी संदेश देगा। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव की प्राण-प्रतिष्ठा एवं दर्शन से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का वास होता है।

 

“आइए… भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा के सहभागी बनें, धर्म और संस्कृति के इस दिव्य महोत्सव में शामिल होकर अपने जीवन को पुण्यमय बनाएं।”

*मद्देड में सहकारिता विभाग का वृहद वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,,,

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*मद्देड में सहकारिता विभाग का वृहद वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,,,

 

“एक पेड़–एक जीवन” के संदेश के साथ सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत समिति परिसर में किया गया पौधरोपण, स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने का दिया संदेश,

 

 

बीजापुर, भोपाल पटनम,मद्देड, 03 जुलाई 2026

पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, मद्देड के तत्वावधान में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम सहकारिता सप्ताह की गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें समिति के पदाधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हुई।

 

सहकारी समिति ने सभी उपस्थित लोगों को पौधों का वितरण किया तथा समिति परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

 

इस अवसर पर सभी ने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने तथा अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने का भी संदेश दिया।

 

 

कार्यक्रम के दौरान जन प्रतिनिधि बीरा महेश, श्याम बाबू चित्तापुरी ने कहा कि आज बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित रखे।

 

वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, पर्याप्त वर्षा, जल संरक्षण और स्वस्थ जीवन का आधार भी हैं।

 

सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।

 

उपस्थित ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने घरों, गांव और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई रखें तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हरित वातावरण के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

 

इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का भी सशक्त मंच है।

 

इसी भावना के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता के ऐसे कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने “एक पेड़–एक जीवन” का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में उपस्थित अध्यक्ष बीरा महेश सहकारी समिति लैंप्स मददेड , बीजेपी मण्डल उपाध्यक्ष चिकूड गणपत, ग्राम पंचायत मद्देड़  सरपंच श्याम बाबू चित्तापुरी, एवं सुंकर राघवंमा, वासम शंकर, पी नारायण, बट्टल वेंकटेश, किसान समिति प्रबंधक जी प्रसाद आपरेटर अशोक पेरे सहित पत्रकार संघ जिला उपाध्यक्ष दीपक मरकाम, मुक्ति नाथ सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।

 

वृक्षारोपण अभियान ने क्षेत्रवासियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और हरित भविष्य के निर्माण का प्रेरक संदेश दिया।

शासकीय सेवा के बदले 60 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,

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शासकीय सेवा के बदले 60 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,- छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सली पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के तहत नक्सली हिंसा में आम नागरिकों के हत्या के ऐसे प्रकरणों में जिसमें किसी कारणवश शासकीय सेवा प्रदान नहीं की जा सकती है, ऐेसे नक्सलवाद पीड़ित परिवारों को शासकीय सेवा के एवज में 15 लाख रूपये प्रत्येक मृतकों के परिजनों को
जिसमें 4 प्रकरणों में कुल 60 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।