
अस्पताल मे Neonatal & Pidiatric care अनुभवी स्टॉफ की अवश्यकता है…
👉🏻 अनुभव के अनुसार सैलरी..
संपर्क करे या अस्पताल मे खुद आकर मिल सकते है
📳7773086100 पर।
दोपहर 12 बजे से दोपहर 01 बजे तक
केवल अनुभवी स्टॉफ ही संपर्क करे..।


अस्पताल मे Neonatal & Pidiatric care अनुभवी स्टॉफ की अवश्यकता है…
👉🏻 अनुभव के अनुसार सैलरी..
संपर्क करे या अस्पताल मे खुद आकर मिल सकते है
📳7773086100 पर।
दोपहर 12 बजे से दोपहर 01 बजे तक
केवल अनुभवी स्टॉफ ही संपर्क करे..।


MDS डाक्टर्स के साथ अंचल के सबसे भरोसेमंद डेंटल की टीम अब पीड़ितों के सेवा मे 24*7 उपलब्ध है..l

जहाँ मिलता है दांतो से जुडा हर समस्याओ का ईलाज. और आधुनिक सुविधा और सर्जरी..
जहाँ मिलता है दांतो से जुडा हर समस्याओ का ईलाज. और आधुनिक सुविधा और सर्जरी..


MDS डाक्टर्स के साथ अंचल के सबसे भरोसेमंद डेंटल की टीम अब पीड़ितों के सेवा मे 24*7 उपलब्ध है..l
जहाँ मिलता है दांतो से जुडा हर समस्याओ का ईलाज. और आधुनिक सुविधा और सर्जरी..

जनगणना 2026 में ‘आदिवासी धर्म’ दर्ज कराने सर्व आदिवासी समाज का आह्वान,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,
संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और महासचिव तिमोथी लकड़ा ने सभी समाजों से जागरूकता अभियान चलाने की अपील की
जगदलपुर/ बीजापुर। सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और महासचिव तिमोथी लकड़ा ने वर्ष 2026 की प्रस्तावित जनगणना में आदिवासी समुदाय की विशिष्ट पहचान दर्ज कराने को लेकर सभी समाजों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इस संबंध में बस्तर संभाग के बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के पदाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
जारी पत्र में गोंड, कोया, ध्रुव गोंड, हल्बा (18गढ़, 32गढ़, 36गढ़), मुरिया, भतरा, धुरवा, दोरला, गदबा, परजा, परधान, उरांव, कंवर, सौरा, ओझा, माड़िया, अबुझमाड़िया, दण्डामी माड़िया, पारधी, कंडरा, मुंडा, कमार, सोनझर और नागरची समाज के अध्यक्षों एवं सचिवों से विशेष सहयोग की अपेक्षा की गई है।
प्रकाश ठाकुर और तिमोथी लकड़ा ने कहा कि आगामी जनगणना आदिवासी समाज के अस्तित्व, पहचान और भविष्य के अधिकारों के निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। समाज लंबे समय से अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपरा और प्रकृति-पूजक जीवन शैली के अनुरूप पृथक ‘आदिवासी धर्म’ दर्ज कराने की मांग करता रहा है।
पत्र में समाज के पदाधिकारियों से अपील की गई है कि वे ग्राम स्तर पर बैठकों का आयोजन कर लोगों को जागरूक करें और जनगणना प्रपत्र के धर्म कॉलम में किसी अन्य धर्म के बजाय स्पष्ट रूप से ‘आदिवासी धर्म’ दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। साथ ही पढ़े-लिखे युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में तैयार कर गणना के दौरान बुजुर्गों एवं कम पढ़े-लिखे लोगों की सहायता करने पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की विशिष्ट पहचान ही जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा का आधार है। इसलिए सभी समाजों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और जनगणना 2026 में ‘आदिवासी धर्म’ दर्ज कराने के लिए व्यापक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया है।


राहुल भोई महासमुंद…
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय कुमार लहरे पर परीक्षा प्रश्नपत्र विवाद, विभागीय कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे कई गंभीर आरोप लगे है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
दरअसल, 8 जनवरी 2026 को एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसमें चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने का मामला सामने आया। प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प में भगवान राम का नाम शामिल किया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।
इन कारणों से हुई कार्रवाई
परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही
आपत्तिजनक सवाल से धार्मिक भावनाओं को ठेस
हाईकोर्ट से जुड़े मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना
विभागीय आदेशों की अवहेलना
लेखा परीक्षण (ऑडिट) में गंभीर अनियमितताएं उजागर
शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए, सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में विजय लहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय तय किया गया है। निलंबन के बाद अब बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पूरे मामले को शासन ने विभाग की छवि धूमिल करने वाला और गंभीर कदाचार मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

*छत्तीसगढ सनातन गोस्वामी समाज ने संतों के आतिथ्य में शंकराचार्य जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया *,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*रायपुर,बीजापुरसे दीपक मरकाम की खबर*
*प्रादेशिक आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया*
रायपुर 26 अप्रेल 2026
रविवार को शहीद स्मारक भवन, रायपुर में छ.ग. सनातन गोस्वामी समाज ने आद्य जगद्गुरु श्री आद्य शंकराचार्य की जयंती समारोह का कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया |
कार्यक्रम में अतिथि सवरूप दंडी स्वामी श्री ज्योतिर्मयानंद सरस्वती, श्री शंकराचार्य आश्रम सलधा, जिला बेमेतरा तथा श्री विवेक गिरी जी महाराज, श्री श्री 1008 श्री थानापति गौर कापा आश्रम, जिला मुंगेली तथा डॉ. महंत रामसुन्दर दास, दूधाधारी मठ, रायपुर एवं श्री सच्चिदानंद गिरी जी राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय गोस्वामी महासभा दिल्ली मंच पर विराजमान रहे |
कार्यक्रम में गोस्वामी समाज के प्रांतीय अध्यक्ष मोहनपुरी गोस्वामी , वीरेंद्र पुरी जी राष्ट्रीय अध्यक्ष, संरक्षक चित्रसेन गिरी जी एवं लिल्लार पुरी जी , महंत श्री हरभूषण गिरी कंकाली मठ रायपुर, महंत श्री सुरेन्द्र पुरी सोरर, महंत श्री किशोर पुरी मुंगेली, संस्थापक गण ओंकार पुरी , प्रभाकर बन , योगेंद्र पुरी, नारायण गिरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रितम गिरी , कुबेर प्रकाश गिरी , कोमल पुरी ,जिलाध्यक्ष वेदपुरी गोस्वामी रायपुर, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र भारती बिलासपुर,संतोष पुरी बेमेतरा, पप्पुपुरी मुंगेली, आंनद गिरी महासमुंद, नीलम बन एवं विजय पुरी धमतरी , डॉ संजय गिरी ,सुधीर बन योगेंद्र पुरी ,रमेश पुरी ,सुरेंद्र गिरी ,अश्वनी बन ,अशोक गिरी ,महेश पुरी ,डॉ हस्तजीत हेमंत बन ,टेकेश्वर पुरी, राजपुरी प्रचार समिति एवं कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र पुरी जी के द्वारा किया गया साथ ही समाज के मातृ शक्ति की विशाल उपस्थिति रही l
मंच पर गोस्वामी समाज के भागवत कथा व्यास श्री दिनेश भारती जी पामगढ़ भी उपस्थित थे |
कार्यक्रम का शुभारंभ आद्य जगद्गुरु श्री शंकराचार्य जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प माल्यार्पण, मंत्रोचारण एवं आरती से किया गया ।
तदोपरांत समाज के युवाओं ने बैनर पोस्टर के साथ बाइक रैली द्वारा शोभायात्रा निकाली, जो रायपुर के विभिन्न चौक चौराहों से होकर शहीद स्मारक आकर संपन्न हुई।
कार्यक्रम में गोस्वामी समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं तथा कला एवं साहित्य के क्षेत्र में उभरती हुई प्रतिभाओं का सम्मान किया गया तथा शासकीय सेवा से सेवानिवृत हुए बंधुओं एवं भगिनियों का अभिनंदन किया गया |
इसके अलावा विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय प्राप्त किया गया |
अतिथि उद्बोधन के पश्चात अतिथियों का सम्मान किया गया तथा प्रत्येक जिले के अध्यक्षों को भी सम्मानित किया गया |
समाज मे आये अतिथियों का आभार वेदपुरी गोस्वामी जिलाध्यक्ष रायपुर द्वारा किया गया l
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने कहा है कि बस्तर की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा केवल संसाधन नहीं, बल्कि यहां की जनता के भविष्य, अधिकार और क्षेत्रीय विकास की आधारशिला है। इन संसाधनों की रक्षा के लिए केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, संवैधानिक प्रतिबद्धता और कानून सम्मत प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि शासन चाहे तो अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग, रॉयल्टी चोरी, दस्तावेजी अनियमितता, वेब्रिज गड़बड़ी, निजी एवं शासकीय रेक पॉइंटों से संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल रोक लग सकती है। आवश्यकता केवल निष्पक्ष नीयत और सख्त अमल की है।
नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर अनुसूचित क्षेत्र है, इसलिए यहां संविधान की पाँचवीं अनुसूची, PESA कानून, वनाधिकार अधिनियम, MMDR Act, पर्यावरण संरक्षण कानून, मोटरयान अधिनियम तथा अन्य लागू प्रावधानों का पालन करना शासन-प्रशासन की बाध्यकारी जिम्मेदारी है। ग्रामसभा की सहमति, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और पारदर्शिता के बिना किसी भी संसाधन उपयोग को जनहित नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने शासन से मांग की कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में खनिज परिवहन, रॉयल्टी रिकॉर्ड, चालान, ई-वे बिल, GPS रिकॉर्ड, वजन पर्ची, रेलवे साइडिंग, वेब्रिज, स्टॉक यार्ड एवं लोडिंग-अनलोडिंग केंद्रों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों पर FIR, जब्ती, दंडात्मक कार्यवाही और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि वर्षों से यदि शिकायतें सामने आ रही हैं तो यह केवल प्रशासनिक कमजोरी नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी का संकेत है। अब समय आ गया है कि सरकार स्पष्ट करे—वह बस्तर की जनता के साथ है या संसाधनों की लूट करने वाले तंत्र के साथ।
नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर की संपदा का पहला अधिकार स्थानीय जनता, आदिवासी समाज, क्षेत्रीय विकास और पर्यावरण संतुलन का है। यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से जनजागरण अभियान, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और जनसंवाद कार्यक्रम चलाएंगे।

उन्होंने अंत में कहा कि बस्तर बिकाऊ नहीं है, बस्तर की संपदा पर पहला हक बस्तरवासियों का है और इसका उपयोग कानून, संविधान और जनहित के अनुरूप ही होना चाहिए। इस दौरान बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के बस्तर जिला पदाधिकारी के रूप में मेहताब सिंह नीलांबर भद्रे बनमली बघेल संतु कश्यप शिव कश्यप निहारिका सिंह प्रिया यादव आकाश जॉन बलिराम बघेल कमल गुड्डू अलका नादान हिमांशु आनंद श्रीमती सरकार आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे
गोटा परिवार के शादी समारोह का नेवता देने पहुंचे सांसद के निज निवास अंतागढ़ पहुंचे,राजेश गोटा और जिला मीडिया प्रभारी भाजयुमो दीपक पुड़ो।
अंतागढ़:-
गोटा परिवार के शादी समारोह का नेवता देने पहुंचे सांसद के निज निवास अंतागढ़।से राजेश गोटा और जिला मीडिया प्रभारी भाजयुमो दीपक पुड़ो ने की आत्मीय मुलाकात।
इस दौरान आगामी विवाह कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई और सांसद जी को ससम्मान आमंत्रित किया गया। मुलाकात के दौरान स्थानीय विषयों पर भी संक्षिप्त बातचीत हुई।
ग्राम गुरवंडी में परिणय उत्सव में पहुंचीं विधायक सावित्री मनोज मंडावी, नवदंपति को दिया आशीर्वाद
राजेश्वरी गोटा के विवाह समारोह में शामिल होकर विधायक ने दी सुखमय जीवन की शुभकामनाएं
*जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ समारोह*
दुर्गूकोंदल, 27 अप्रैल 2026। विकासखंड दुर्गूकोंदल अंतर्गत ग्राम गुरवंडी में आयोजित परिणय उत्सव में उस समय खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी विशेष रूप से समारोह में शामिल हुईं। ग्राम गुरवंडी निवासी राजेश गोटा की बहन राजेश्वरी गोटा के विवाह समारोह में पहुंचकर विधायक ने नववधु राजेश्वरी को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
विवाह समारोह में विधायक श्रीमती मंडावी का ग्रामीणों एवं परिजनों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों और आत्मीय स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। विधायक ने कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति का सबसे पवित्र संस्कार है, जो केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कारों और रिश्तों का मिलन होता है। उन्होंने नवदंपति को जीवन में प्रेम, विश्वास, सहयोग और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में आज भी पारिवारिक परंपराएं, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को जिस प्रकार संजोकर रखा गया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा, सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
समारोह स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा, लोकरीति और उल्लासपूर्ण वातावरण ने सभी का मन मोह लिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। विवाह आयोजन में सामाजिक सहभागिता और पारिवारिक आत्मीयता की सुंदर झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर गोपी बढ़ाई अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल, धनेश नरेटी अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्गूकोंदल, शोपसिंग आंचला पूर्व अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्गूकोंदल, हुमन मरकाम विधायक प्रतिनिधि, सियाराम पोटाई, रसालू राम गावड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
अतिथियों ने राजेश गोटा एवं परिवारजनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे पारिवारिक आयोजन सामाजिक संबंधों को सुदृढ़ करने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का सशक्त माध्यम हैं। ग्राम गुरवंडी का यह परिणय उत्सव लंबे समय तक लोगों के स्मरण में रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में परिवारजनों ने विधायक सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ समारोह को सफल बनाया।
रिपोर्ट
Rkbharatnews