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*बीजापुर जिले में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर गौ भक्तों ने रैली निकालकर, दिया महामहिम राष्ट्रपति ,माननीय प्रधानमंत्री ,माननीय राज्यपाल छत्तीसगढ़ एवं माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*बीजापुर जिले में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर गौ भक्तों ने रैली निकालकर, दिया महामहिम राष्ट्रपति ,माननीय प्रधानमंत्री ,माननीय राज्यपाल छत्तीसगढ़ एवं माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक 27  अप्रैल 2026

जिला बीजापुर के धर्मप्रेमी राष्ट्र प्रेमी भाइयों एवं बहनों द्वारा गौ सम्मान आवाहन अभियान के तहत पूरे जिले भर में 11000 से अधिक हस्ताक्षर अभियान चलाकर गौ माता को राष्ट्र माता बनाने एवं गौ माता को सेवा,सुरक्षा, और सम्मान दिलाने हेतु बड़े ही ही संख्या में गौ भक्तों के द्वारा गायत्री शक्तिपीठ बीजापुर से रैली का आयोजन कर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्य के राज्यपाल ,मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा गया ।

पूरे देश के 5000 तहसीलों में हस्ताक्षर अभियान के तहत गौ माता के प्रति सेवा सुरक्षा सम्मान हेतु जागरूकता रैली के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जा रहा है।

इसी कड़ी में बीजापुर में भी तहसीलदार SDM एवं अन्य उच्च अधिकारियों से ज्ञापन देकर आग्रह एवं निवेदन किया गया कि हमारी बातों को सरकार तक पहुंचाए एवं गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें इस हेतु आज गायत्री शक्तिपीठ बीजापुर में गौ माता का आवाहन एवं पूजन कर पूरे नगर का भ्रमण रैली के माध्यम से किया गया।

भारत में गाय को “राष्ट्र माता” का संवैधानिक दर्जा देने और देशभर में गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर “गौ माता राष्ट्रमाता आंदोलन” और “गौ सम्मान आह्वान अभियान” चलाया जा रहा है।

समर्थकों का मानना है कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में आस्था का केंद्र और पोषण का आधार है, जिसे माँ का दर्जा मिलना चाहिए।

बीजापुर जिले के सभी तहसील में विगत 1 माह से लगभग 20000 के हस्ताक्षर अभियान घर घर, मंदिर देवालय में करवाया गया है।

आज बड़ी खुशी हुई कि हमारी गो माता हमारे गांव माता के लिए सेवा सुरक्षा सम्मन के सभी भक्तों ने आगे आए और SDM सर को प्रार्थना पत्र सौंपे।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सहयोग एवं उपस्थिति रहा जयपॉल सिंह राजपूत , श्रीमती ख़ेमिनी यादव , अर्चना सिंह, मोहिनी साहू, श्री शंकर कुड़ियम , विजय बहादुर राजभर , अर्जुन वेको ,राहुल गुप्ता , राजू गांधी  कैलाश एवं अन्य श्रद्धावान परिजनों की उपस्थिति रही जो इस कार्यक्रम को विशेष रूप से सफल बनाने में सहयोग प्रदान किए 🙏🏻 इसी क्रम में भोपालपटनम, भैरमगढ़ और उसूर तहसील में भी ज्ञापन दिया गया जिसमें सैकड़ों लोग सम्मिलित हुए।

संजीवनी कैंसर केयर अस्पताल के रक्त संबधित विकार एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आदम्य गुप्ता 29 अप्रेल को अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे रहेंगे उपलब्ध..।

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29 अप्रेल दिन गुरुवार को संजीवनी कैंसर केयर हॉस्पिटल एवं अग्रवाल नर्सिंग होम बसना के संयुक्त तत्वाधान में रक्त संबंधित विकार एवं कैंसर रोगों का जाँच एवं परामर्श होगा…जहाँ संजीवनी कैंसर केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर आदम्य गुप्ता अपनी सेवाएं सुबह 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक देंगे..

अगर आपको भी..

खून की कमी

बार बार खून चढ़ाना

प्लेटलेट्स की कमी

सिकलीन. थैलेसीमिया, ब्लड कैंसर

बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं एवं रक्त सम्बंधित समस्याएं है तो जल्द ही मिले डॉ आदम्य गुप्ता से अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे जो आपको देंगे सही जाँच सलाह एवं परामर्श…

स्थान -अग्रवाल नर्सिंग होम बसना जिला महासमुंद..

संपर्क -7773086100–8461811000-7770868473

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दुर्गूकोंदल में अवैध शराब का खेल बेखौफ: दुकान से निकलकर गांवों में बिक रही महंगी शराब, पुलिस बेखबर…?

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दुर्गूकोंदल में अवैध शराब का खेल बेखौफ: दुकान से निकलकर गांवों में बिक रही महंगी शराब, पुलिस बेखबर…?

 

दुर्गूकोंदल-

दुर्गूकोंदल क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री का मामला तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शराब दुकान से रोज बड़ी मात्रा में शराब बाहर निकल रही है, जो आसपास के गांवों में खुलेआम बेची जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल बिना किसी डर के चल रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में बीयर की कीमत 350 रुपये तक पहुंच चुकी है, जबकि “गोवा” नाम से बिकने वाली शराब 220 रुपये में बेची जा रही है। निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूल कर लोगों को खुलेआम लूटा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग को होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो प्रशासन पूरी तरह अनजान है या फिर जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध शराब बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांवों का माहौल खराब होने से बचाया जा सके।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक चलता रहेगा यह अवैध खेल और कब जागेगा प्रशासन?

 

कोया पुनेम कार्यशाला का समापन, परंपरा-संस्कृति और संवैधानिक जागरूकता पर जोर,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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कोया पुनेम कार्यशाला का समापन, परंपरा-संस्कृति और संवैधानिक जागरूकता पर जोर,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

पांच दिवसीय प्रशिक्षण में 350 प्रतिभागी हुए शामिल, युवा पीढ़ी को मूल पहचान से जोड़ने की अपील

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, मुसालूर चौक स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित पांच दिवसीय कोया पुनेम संवैधानिक कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। 22 अप्रैल से 26 अप्रैल तक आयोजित इस कार्यशाला में जिले भर से करीब 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था, संस्कृति और जीवन दर्शन को समझने के साथ-साथ युवाओं को अपनी मूल पहचान से जोड़ना रहा।

कार्यशाला के दौरान केबीकेएस (कोया बूमकाल क्रांति सेना) कांकेर के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को पारंपरिक सामाजिक संरचना, प्रकृति आधारित जीवन शैली, संगठनात्मक व्यवस्था और सामुदायिक जीवन मूल्यों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में पारंपरिक त्योहारों, बोली-भाषा, सामाजिक रीति-रिवाजों और समुदाय आधारित निर्णय प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही पेसा कानून, रूढ़िजन्य पारंपरिक ग्राम सभा की भूमिका तथा संवैधानिक अधिकारों को लेकर भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।

गोंडवाना समन्वय समिति के बीजापुर जिला अध्यक्ष अमित कोरसा ने कहा कि कोया पुनेम आदिवासी समाज की संपूर्ण जीवन पद्धति है, जिसमें प्रकृति संरक्षण, सामूहिकता, समानता और पारंपरिक न्याय व्यवस्था जैसे मूल तत्व शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना जरूरी है, ताकि सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।

समापन कार्यक्रम में बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने अनुशासन और सीखने की जो भावना दिखाई है, वह समाज को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कोया पुनेम, संवैधानिक जागरूकता, रोजगार के अवसर, जल-जंगल-जमीन और पेसा कानून को लेकर जागरूकता आवश्यक है। इस प्रशिक्षण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आयोजन समिति से जनप्रतिनिधियों के लिए भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अश्विनी कांगे, नारायण मरकाम, संदीप सलाम, जगत मरकाम, विष्णु देव पदा, धन्नू सलाम, ललित होड़ी, तुलसी ठाकुर और अंबिका कचलामे ने प्रशिक्षण दिया। वहीं कुमारी मावली बस्तर बूमकाल दल ने लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को परंपरागत मूल्यों से अवगत कराया।

समापन अवसर पर सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी, अशोक तालांडी, धीरज राना, तुलसी मांडवी, कामेश्वर दुब्बा, कुंवर सिंह मज्जी, लालू राठौर, नरेंद्र बुरका, वाल्वा मदनैया, मरपल्ली किस्टैया, कमलेश पैंकरा, शिव पुनेम, बी. नागेश, वीरैया धुर्वा, जितेंद्र कुमार वट्टी, पांडुराम तेलाम सहित बस्तर संभाग के सामाजिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

स्व. श्री राजू पुजारी की आत्महत्या की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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स्व. श्री राजू पुजारी की आत्महत्या की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर ,,,,,,,
बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि जिला-बीजापुर के अंतर्गत चेरपाल निवासी स्व. श्री राजू पुजारी, प्रधान अध्यापक, प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ थे। स्व. श्री राजू पुजारी अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के लिये पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे।
विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि परिजनो के कथनानुसार प्राथमिक शाला पालनार का निर्माण लगभग 20 लाख 30 हजार रूपये की लागत से किया जा रहा था और निर्माण एजेंसी शाला प्रबंधन समिति थी। निर्माणाधीन स्कूल भवन को ठेकदार और इंजीनियर द्वारा बहुत ही घटिया और गुणवत्ताहीन तरीके से किया जा रहा था। निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि के भुगतान को लेकर काफी मानसिक रूप से परेशान थे। जिसकी शिकायत उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से किया किन्तु अधिकारियों ने शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि जबरन ठेकेदार को देने दबाव बनाया जा रहा था और ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारी द्वारा शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन निर्माणाधीन स्कूल भवन की पूरी राशि निकालकर देने का दबाव डाले जाने के कारण तंग आकर आत्माहत्या करने को मजबूर हो गये और दिनांक 22/04/2026 को उन्होने सुसाइड नोट लिख कर आत्मघाती कदम उठाते हुए आत्महत्या कर लिया। सुसाइड नोट पर विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं पेटी ठेकेदार के नाम उल्लेखित है एवं जागर लक्ष्मैया, ठेकदार, निवासी बीजापुर का नाम सरकारी दस्तावेज (शाला प्रबंधन समिति पंजी) के अनुसार चेक देना, चेक पंजी में उल्लेखित है और ठेकेदार जागर लक्ष्मैया के कहने पर ही पेटी ठेकेदार को राशि आहरण कि लिये चेक प्रदान किया गया है जो कि अत्यन्त गंभीर प्रतीत होता है। स्व. श्री राजू पुजारी, प्रधान अध्यापक, प्राथमिक शाला पालनार के आत्महत्या में भ्रस्टाचार एवं बड़े अधिकारियों की भूमिका एवं संलिप्ता है जिसके लिये उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है। इसलिए इस मामले पर उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही किया जाए।

*कोया पुनेम कार्यशाला का समापन, परंपरा-संस्कृति और संवैधानिक जागरूकता पर जोर*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*कोया पुनेम कार्यशाला का समापन, परंपरा-संस्कृति और संवैधानिक जागरूकता पर जोर*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

*पांच दिवसीय प्रशिक्षण में 350 प्रतिभागी हुए शामिल, युवा पीढ़ी को मूल पहचान से जोड़ने की अपील*

 

बीजापुर दिनांक 26  अप्रैल 2026

बीजापुर जिले के मुसालूर चौक स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित पांच दिवसीय कोया पुनेम संवैधानिक कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ।

22 अप्रैल से 26 अप्रैल तक आयोजित इस कार्यशाला में जिले भर से करीब 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था, संस्कृति और जीवन दर्शन को समझने के साथ-साथ युवाओं को अपनी मूल पहचान से जोड़ना रहा।

कार्यशाला के दौरान केबीकेएस (कोया बूमकाल क्रांति सेना) कांकेर के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को पारंपरिक सामाजिक संरचना, प्रकृति आधारित जीवन शैली, संगठनात्मक व्यवस्था और सामुदायिक जीवन मूल्यों की जानकारी दी।

प्रशिक्षण में पारंपरिक त्योहारों, बोली-भाषा, सामाजिक रीति-रिवाजों और समुदाय आधारित निर्णय प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही पेसा कानून, रूढ़िजन्य पारंपरिक ग्राम सभा की भूमिका तथा संवैधानिक अधिकारों को लेकर भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।

गोंडवाना समन्वय समिति के बीजापुर जिला अध्यक्ष अमित कोरसा ने कहा कि कोया पुनेम आदिवासी समाज की संपूर्ण जीवन पद्धति है, जिसमें प्रकृति संरक्षण, सामूहिकता, समानता और पारंपरिक न्याय व्यवस्था जैसे मूल तत्व शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना जरूरी है, ताकि सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।

समापन कार्यक्रम में बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने अनुशासन और सीखने की जो भावना दिखाई है, वह समाज को नई दिशा देगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कोया पुनेम, संवैधानिक जागरूकता, रोजगार के अवसर, जल-जंगल-जमीन और पेसा कानून को लेकर जागरूकता आवश्यक है।

इस प्रशिक्षण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने आयोजन समिति से जनप्रतिनिधियों के लिए भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अश्विनी कांगे, नारायण मरकाम, संदीप सलाम, जगत मरकाम, विष्णु देव पदा, धन्नू सलाम, ललित होड़ी, तुलसी ठाकुर और अंबिका कचलामे ने प्रशिक्षण दिया।

वहीं कुमारी मावली बस्तर बूमकाल दल ने लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को परंपरागत मूल्यों से अवगत कराया।

समापन अवसर पर सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी, अशोक तालांडी, धीरज राना, तुलसी मांडवी, कामेश्वर दुब्बा, कुंवर सिंह मज्जी, लालू राठौर, नरेंद्र बुरका, वाल्वा मदनैया, मरपल्ली किस्टैया, कमलेश पैंकरा, शिव पुनेम, बी. नागेश, वीरैया धुर्वा, जितेंद्र कुमार वट्टी, पांडुराम तेलाम सहित बस्तर संभाग के सामाजिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

*स्व. श्री राजू पुजारी की आत्महत्या की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*स्व. श्री राजू पुजारी की आत्महत्या की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक- 26  अप्रैल 2026

बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक पत्र लिखा है।

पत्र में कहा गया है कि जिला-बीजापुर के अंतर्गत चेरपाल निवासी स्व. श्री राजू पुजारी, प्रधान अध्यापक, प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ थे।

स्व. श्री राजू पुजारी अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के लिये पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे।

विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि परिजनो के कथनानुसार प्राथमिक शाला पालनार का निर्माण लगभग 20 लाख 30 हजार रूपये की लागत से किया जा रहा था और निर्माण एजेंसी शाला प्रबंधन समिति थी।

निर्माणाधीन स्कूल भवन को ठेकदार और इंजीनियर द्वारा बहुत ही घटिया और गुणवत्ताहीन तरीके से किया जा रहा था।

निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि के भुगतान को लेकर काफी मानसिक रूप से परेशान थे।

जिसकी शिकायत उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से किया किन्तु अधिकारियों ने शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि जबरन ठेकेदार को देने दबाव बनाया जा रहा था और ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारी द्वारा शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन निर्माणाधीन स्कूल भवन की पूरी राशि निकालकर देने का दबाव डाले जाने के कारण तंग आकर आत्माहत्या करने को मजबूर हो गये ।

दिनांक 22/04/2026 को उन्होने सुसाइड नोट लिख कर आत्मघाती कदम उठाते हुए आत्महत्या कर लिया।

सुसाइड नोट पर विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं पेटी ठेकेदार के नाम उल्लेखित है एवं जागर लक्ष्मैया, ठेकदार, निवासी बीजापुर का नाम सरकारी दस्तावेज (शाला प्रबंधन समिति पंजी) के अनुसार चेक देना, चेक पंजी में उल्लेखित है ।

ठेकेदार जागर लक्ष्मैया के कहने पर ही पेटी ठेकेदार को राशि आहरण कि लिये चेक प्रदान किया गया है जो कि अत्यन्त गंभीर प्रतीत होता है।

स्व. श्री राजू पुजारी, प्रधान अध्यापक, प्राथमिक शाला पालनार के आत्महत्या में भ्रस्टाचार एवं बड़े अधिकारियों की भूमिका एवं संलिप्ता है जिसके लिये उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

इसलिए इस मामले पर उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही किया जाए।

पिछेकट्टा जलाशय में जल्द शुरू होगी बोटिंग सुविधा, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।

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पिछेकट्टा जलाशय में जल्द शुरू होगी बोटिंग सुविधा, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भानुप्रतापपुर।

विकासखंड के ग्राम मुल्ला के आश्रित ग्राम पिछेकट्टा स्थित जलाशय में क्षेत्रवासियों के लिए जल्द ही बोटिंग सुविधा शुरू की जाएगी। इस पहल से न केवल स्थानीय लोगों को मनोरंजन का नया साधन मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

जानकारी के अनुसार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह योजना अब अमल के करीब पहुंच चुकी है। बोटिंग सुविधा शुरू होने के बाद यहां आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों का आना-जाना बढ़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

 

इस योजना को साकार करने में विधायक सावित्री मंडावी, कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत सीईओ हरीश मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनाराम तेता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वहीं जनपद पंचायत सदस्य कोमल हुपेंडी एवं विष्णु कचलाम के प्रयास भी सराहनीय बताए जा रहे हैं।

बोटिंग सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आसपास के ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में पिछेकट्टा जलाशय क्षेत्र का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है।

सुरूगदोह में मरकाम परिवार में नव दम्पति को आशीर्वाद देने पहुंचे सांसद भोजराज नाग, ग्रामीणों से भी की आत्मीय मुलाकात।

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सुरूगदोह में मरकाम परिवार में नव दम्पति को आशीर्वाद देने पहुंचे सांसद भोजराज नाग, ग्रामीणों से भी की आत्मीय मुलाकात।

*दीपक पुड़ो पत्रकार दुर्गूकोंदल छत्तीसगढ़-* कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग रविवार को सुरूगदोह मरकाम परिवार के घर पहुंचे, जहां उन्होंने नव दम्पति को शुभाशीष देकर उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित इस पारिवारिक कार्यक्रम में सांसद की उपस्थिति से समारोह का महत्व और बढ़ गया। गांव के लोगों ने उनका आत्मीय स्वागत किया और स्थानीय समस्याओं सहित कई विषयों पर चर्चा भी की।

सांसद भोजराज नाग ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति का एक पवित्र संस्कार है, जो केवल दो लोगों का नहीं बल्कि दो परिवारों के मिलन का प्रतीक होता है। उन्होंने नव दम्पति से जीवन में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, विश्वास और समर्पण बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की मजबूती ऐसे ही संस्कारों से बनी रहती है।

कार्यक्रम के दौरान सांसद ने उपस्थित ग्रामीणों से भी मुलाकात की और क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कुछ मुद्दे भी रखे, जिस पर उन्होंने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और जनता के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनना उनकी प्राथमिकता है।

सुरूगदोह में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि जिसमे महामंत्री रामचंद्र कल्लो, अशोक जैन, बहादुर तुलावी, सहित परिजन मौजूद रहे। सांसद के आगमन से पूरे गांव में उत्साह का माहौल रहा और लोगों ने उनके सहज व्यवहार की सराहना की। स्थानीय लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि और जनता के बीच मजबूत संबंध का उदाहरण बताया।

अभिलंब संसद में कानून लाकर भारत देश के अंदर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दें….। चन्द्रमौली मिश्रा

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अभिलंब संसद में कानून लाकर भारत देश के अंदर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दें….। चन्द्रमौली मिश्रा

रायपुर:-

शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे प्रदेश) छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत देश में गौ हत्या बंद कर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग किया गया है। विदित हो कि भाजपा द्वारा 2014 के पहले अपने संकल्प पत्र में यह कहा गया था कि जब हम सरकार में आएंगे तो गौ हत्या बंद करेंगे और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देंगे ।आज पूरे देश भर में अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकार है। और केंद्र में भी भाजपा की सरकार बैठी हुई है। देश की अधिकांश जनता भी सरकार से मांग कर रही हैं। चाह रही हैं कि भारत देश में गौ हत्या बंद हो ।तो आखिर क्या परेशानी है कि केंद्र की सरकार देश में गौ हत्या पर रोक नहीं लगा पा रही है ।और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं दे पा रही है। शिवसेना द्वारा पूर्व में देश में गौ हत्या बंद करने। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर दिल्ली जंतर मंतर पर धरना, प्रदर्शन आंदोलन भी किया जा चुका है।शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे ) देश के प्रधानमंत्री से मांग करती है कि वह अभिलंब संसद में कानून लाकर भारत देश के अंदर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दें।