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ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े सोलर पैनलों की मरम्मत एवं नियमित रखरखाव की मांग को लेकर युवा कांग्रेस आदिवासी नेता हेमंत कश्यप ने सौंपा ज्ञापन

पूर्व जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस बस्तर एवं आदिवासी नेता हेमंत कश्यप के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) के परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े सोलर पैनलों की मरम्मत एवं नियमित साफ-सफाई की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि बस्तर जिले के अनेक गांवों में पूर्व वर्षों में सोलर लाइट, सोलर पंप एवं अन्य सोलर सिस्टम स्थापित किए गए थे, लेकिन वर्तमान में अधिकांश सोलर पैनल खराब स्थिति में हैं। कई स्थानों पर बैटरियां खराब हो चुकी हैं, तकनीकी खराबियों के कारण सिस्टम बंद पड़े हैं तथा समय पर साफ-सफाई नहीं होने से उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है।

हेमंत कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि इन सोलर प्रणालियों की समय रहते मरम्मत एवं नियमित रखरखाव नहीं किया गया, तो शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा।

🛑 युवा कांग्रेस ने मांग की है कि—

▪️ जिले में स्थापित पुराने सोलर पैनलों का सर्वे कराया जाए।

▪️ खराब एवं बंद पड़े सोलर सिस्टम की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।

▪️ सोलर पैनलों की नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

आवश्यकतानुसार नई बैटरी एवं तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

ज्ञापन प्राप्त करते हुए क्रेड़ा विभाग के सहायक अभियंता श्री गोपी कश्यप जी ने शीघ्र मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया।

युवा कांग्रेस ने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

इस दौरान लचीराम भारती, घासीराम बघेल, देवनाथ मौर्य, अमन बघेल, धर्म बघेल, सोहनलाल, संदीप, लाजवान, चिकन फाल्गुनी, श्रवण, हेमलाल एवं छोटूराम उपस्थित रहे।

*मोहला—-मोहला जनपद पंचायत अंतर्गत कंदाड़ी पंचायत में फर्जी बिल घोटाले का भंडाफोड़ सचिव भूषण लाल जुरेशिया निलंबित, सरपंच पर ₹99,600 की रिकवरी पढ़े पुरी खबर*

मनीष कौशिक

मोहला—दैनिक छत्तीसगढ़ राजधानी रिपोर्टर खबर का बड़ा असर जनपद पंचायत मोहला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रांजल प्रजापति से प्राप्त प्रतिवेदन ने कंदाड़ी पंचायत में फर्जी बिल भुगतान के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया है जांच में सामने आया कि पंचायत में वित्तीय अनियमितताएँ, संदिग्ध भुगतान और महत्वपूर्ण अभिलेखों को जांच के दौरान प्रस्तुत न करने जैसी गंभीर लापरवाहियाँ हुईं। इतना ही नहीं जारी किए गए कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब भी सचिव द्वारा नहीं दिया गया, जिसके बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है तुरंत प्रभाव से निलंबन पंचायत विभाग ने सचिव भूषण लाल जुरेशिया को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम 4(1) के तहत लोकहित में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।निलंबन के दौरान जुरेशिया का मुख्यालय जनपद पंचायत मोहला रहेगा और उन्हें नियम अनुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

सरपंच पर भी कार्रवाई — ₹99,600 की रिकवरी

जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी बिल भुगतान प्रकरण में सरपंच की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उपलब्ध अभिलेखों और जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच पर ₹99,600 की रिकवरी निर्धारित की गई है।यह रिकवरी आदेश स्पष्ट संकेत है कि विभाग अब किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी को छोड़ने के मूड में नहीं है।

*सीईओ प्रांजल प्रजापति का सख्त रुख*

सीईओ प्रांजल प्रजापति ने साफ कहा है “पंचायतों में वित्तीय अनुशासन से खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा यह मामला केवल एक कार्रवाई नहीं पूरे सिस्टम को चेतावनी है विस्तृत जांच जारी है और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई और भी कठोर होगी।”उनके इस बयान से साफ है कि मामला यहीं खत्म नहीं होगा, बल्कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और भारी कार्रवाई की गूंज सुनाई दे सकती है।

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*भैरमगढ़ ब्लॉक के बिरयाभूमि से इंदेर सड़क निर्माण कार्य के भुगतान को लेकर कार्यपालन अभियंता ने दी तथ्यात्मक जानकारी*,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

*भैरमगढ़ ब्लॉक के बिरयाभूमि से इंदेर सड़क निर्माण कार्य के भुगतान को लेकर कार्यपालन अभियंता ने दी तथ्यात्मक जानकारी*,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- बिरियाभूमि से इंदेर सड़क निर्माण कार्य के भुगतान के संदर्भ में कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाय बीजापुर ने बताया कि कार्य का नाम एल 067 -एल047 बिरयाभूमि से इदेर, पैकेज क्रमांक सीजी 17-280, लम्बाई 14 किमी, अनुबंधित राशि 373.06 लाख, ठेकेदार द्वारा उक्त सडक हेतु 4 नवम्बर 2019 को अनुबंध किया गया तथा अनुबंधनुसार 20 अगस्त 2020 तक कार्य पुर्ण किया जाना था, किन्तु ठेकेदार द्वारा आज दिनांक तक कार्य पुर्ण नहीं किया गया है।
ठेकेदार द्वारा 20 मार्च 2021 को 1400 मीटर मिटटी एवं जीएसबी कार्य हेतु 12.78 लाख एवं 950 मीटर मिटटी कार्य हेतु 27 जुलाई 2022 को 9.79 लाख कुल 22.57 लाख का भुगतान प्राप्त कर लिया गया है। जबकि सड़क गलत जगह बनाया गया है जिस संबंध में मुख्यालय स्तर से भी सड़क का जांच कारवाया गया एवं जांच में सड़क सही जगह में बनना नहीं पाया गया।
ठेकेदार को जब इस बात की जानकारी हुई तो आनन-फानन में विभाग को बिना सुचना दिऐ सही जगह में कार्य प्रारंभकरवाया गया। कार्य के बिल भुगतान के संबंध में स्पष्ट नियम है कि बिल बनाने पुर्व स्थल पे किये गए कार्य का लेबल बुक एवं गुणवत्ता परीक्षण कराया जाना आवश्यक है किन्तु ठेकेदार द्वारा आज दिनांक तक प्रायोगशाला कि स्थापना नहीं किया गया जिससे गुणवत्ता का परीक्षण किया जाना सभंव नहीं है साथ ही उक्त सड़क में पानी डालकर Rolling Compation का कार्य भी नहीं किया गया जिस कारण Earthwork layer का पुर्ण नहीं हुआ है मापदण्डानुसार कार्य पुर्णताः पश्चात ठेकेदार द्वारा सड़क का Level QCR एवं अन्य दस्तावेज देने के बाद ही बिल कि कार्यवाही की जा सकती है।
साथ ही 14 मई 2026 को कलेक्टर महोदय अनुमोदन पश्चात कार्य आदेश क्रमांक 876 से कार्य को निरस्त किया जा चुका है एवं ठेकेदार पर 72.60 लाख राशि अधिरोपित किया गया है जिस कारण ठेकेदार से 72.60 लाख कि वसूली किया जाना है पत्र के मध्यम से 07 दिवस के भीतर 21 मई 2026 तक अंतिम मुल्यांकन हेतु अपने तकनीकी अमला के साथ बुलाया गया है तत्पश्चात ही कार्य का अंतिम मुल्यांकन किया जा सकता है।
मजदूरी एवं अन्य भुगतान के संबंध में बताया कि विभागीय स्तर से निराधार ठेकेदार द्वारा पुर्व में ही 22.57 लाख का भुगतान गलत । Alingment में कार्य दिखाकर प्राप्त कर लिया गया है और वर्तमान में सही Alingment में किया जा रहा कार्य गुणवत्तापूर्वक नहीं है जिस कारण कार्य का भुगतान नहीं हुआ है।

अमित शाह के दौरे के बीच सर्व आदिवासी समाज ने उठाए बस्तर विकास मॉडल पर सवाल,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

अमित शाह के दौरे के बीच सर्व आदिवासी समाज ने उठाए बस्तर विकास मॉडल पर सवाल,,,,,,,,,

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मुलाकात नहीं होने पर प्रेस नोट जारी कर रखीं मांगें, जल-जंगल-जमीन और ग्रामसभा अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

बीजापुर।,,,,,,,,,, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग ने प्रेस नोट जारी कर बस्तर विकास मॉडल को लेकर अपनी चिंता और मांगें सार्वजनिक की हैं। समाज ने कहा कि गृह मंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हो पाने के कारण बस्तर की जनता की भावनाओं और सुझावों को प्रेस नोट के माध्यम से सामने रखा जा रहा है।

सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया कि बस्तर में विकास की कोई भी प्रक्रिया स्थानीय आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप तथा ग्रामसभा की सहमति के आधार पर संचालित होनी चाहिए। समाज का कहना है कि ऐसा कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा जिससे स्थानीय लोगों का विस्थापन हो, प्राकृतिक संसाधनों पर उनका नियंत्रण समाप्त हो या सामाजिक-सांस्कृतिक असंतुलन पैदा हो।

*“विकास के नाम पर स्थानीय अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं”*

सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि बस्तर लंबे समय से संघर्ष और हिंसा का दंश झेलता आया है। ऐसे में शांति और विकास आवश्यक है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय समाज के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

*निजी खनन, बोधघाट और नए कैंपों का विरोध*

समाज ने अपनी मांगों में लौह अयस्क उत्खनन परियोजनाओं में निजी कंपनियों की भागीदारी समाप्त करने, बोधघाट एवं नदी जोड़ो परियोजनाओं को निरस्त करने, आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को पट्टे पर देने संबंधी प्रावधान समाप्त करने तथा अबूझमाड़ क्षेत्र में नए सैन्य एवं अर्द्धसैनिक शिविर स्थापित नहीं करने की मांग उठाई है।
इसके अलावा स्थानीय युवाओं को शासकीय सेवाओं और परियोजनाओं में प्राथमिकता देने, नियमित स्कूलों एवं महाविद्यालयों को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में शिक्षा की विशेष व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।

*पेसा और वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग*

सर्व आदिवासी समाज ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों को प्राथमिकता देने की बात कही है। साथ ही जिला खनिज न्यास की राशि का हिस्सा सीधे ग्रामसभाओं एवं पंचायतों को देने तथा बैलाडीला एवं नगरनार जैसी परियोजनाओं में प्रभावित स्थानीय लोगों को हिस्सेदार बनाए जाने की मांग भी रखी गई है।

*जगदलपुर सीट को पुनः एसटी आरक्षित करने की मांग*

समाज ने परिसीमन प्रक्रिया में जगदलपुर विधानसभा सीट को पुनः अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित करने, स्थानीय भाषा-संस्कृति एवं पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के संरक्षण के लिए विशेष नीति बनाने तथा वन विभाग द्वारा व्यावसायिक पेड़ कटाई पर रोक लगाने की मांग भी दोहराई है।
प्रकाश ठाकुर ने कहा कि बस्तर का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब यहां विकास के साथ-साथ आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

*अमित शाह के दौरे के बीच सर्व आदिवासी समाज ने उठाए बस्तर विकास मॉडल पर सवाल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

*अमित शाह के दौरे के बीच सर्व आदिवासी समाज ने उठाए बस्तर विकास मॉडल पर सवाल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक 18  मई 2026

*मुलाकात नहीं होने पर प्रेस नोट जारी कर रखीं मांगें, जल-जंगल-जमीन और ग्रामसभा अधिकारों की सुरक्षा पर जोर*

 

बीजापुर:  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग ने प्रेस नोट जारी कर बस्तर विकास मॉडल को लेकर अपनी चिंता और मांगें सार्वजनिक की हैं।

समाज ने कहा कि गृह मंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हो पाने के कारण बस्तर की जनता की भावनाओं और सुझावों को प्रेस नोट के माध्यम से सामने रखा जा रहा है।

 

सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया कि बस्तर में विकास की कोई भी प्रक्रिया स्थानीय आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप तथा ग्रामसभा की सहमति के आधार पर संचालित होनी चाहिए।

समाज का कहना है कि ऐसा कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा जिससे स्थानीय लोगों का विस्थापन हो, प्राकृतिक संसाधनों पर उनका नियंत्रण समाप्त हो या सामाजिक-सांस्कृतिक असंतुलन पैदा हो।

 

*“विकास के नाम पर स्थानीय अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं”*

 

सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि बस्तर लंबे समय से संघर्ष और हिंसा का दंश झेलता आया है। ऐसे में शांति और विकास आवश्यक है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय समाज के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

 

*निजी खनन, बोधघाट और नए कैंपों का विरोध*

 

समाज ने अपनी मांगों में लौह अयस्क उत्खनन परियोजनाओं में निजी कंपनियों की भागीदारी समाप्त करने, बोधघाट एवं नदी जोड़ो परियोजनाओं को निरस्त करने, आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को पट्टे पर देने संबंधी प्रावधान समाप्त करने तथा अबूझमाड़ क्षेत्र में नए सैन्य एवं अर्द्धसैनिक शिविर स्थापित नहीं करने की मांग उठाई है।

इसके अलावा स्थानीय युवाओं को शासकीय सेवाओं और परियोजनाओं में प्राथमिकता देने, नियमित स्कूलों एवं महाविद्यालयों को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में शिक्षा की विशेष व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।

 

*पेसा और वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग*

 

सर्व आदिवासी समाज ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों को प्राथमिकता देने की बात कही है। साथ ही जिला खनिज न्यास की राशि का हिस्सा सीधे ग्रामसभाओं एवं पंचायतों को देने तथा बैलाडीला एवं नगरनार जैसी परियोजनाओं में प्रभावित स्थानीय लोगों को हिस्सेदार बनाए जाने की मांग भी रखी गई है।

 

*जगदलपुर सीट को पुनः एसटी आरक्षित करने की मांग*

 

समाज ने परिसीमन प्रक्रिया में जगदलपुर विधानसभा सीट को पुनः अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित करने, स्थानीय भाषा-संस्कृति एवं पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के संरक्षण के लिए विशेष नीति बनाने तथा वन विभाग द्वारा व्यावसायिक पेड़ कटाई पर रोक लगाने की मांग भी दोहराई है।

प्रकाश ठाकुर ने कहा कि बस्तर का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब यहां विकास के साथ-साथ आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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बस्तर-भानपुरी मार्ग पर बड़ा हादसा: अनियंत्रित रॉयल बस पलटी, महिला यात्री की मौत

रायपुर-कोंटा रूट पर दर्दनाक हादसा: बस्तर-भानपुरी के बीच पलटी रॉयल बस, महिला यात्री की मौत; SDRF ने रेस्क्यू कर शव निकाला

गत रात्रि में लगभग साढ़े तीन बजे रायपुर से कोंटा जा रही यात्री रॉयल की बस बस्तर और भानपुरी के बीच मे अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें लगभग 34 यात्री एवं एक ड्राइवर एक कंडक्टर मौजूद थे।

 जिसमें एक महिला यात्री की बस में दब गई । मृतक महिला का नाम पदमनी चंद्रवंशी बताया जा रहा है। एस डीआर एफ के जवानों द्वारा स्प्रेडर, कटर बोल्ड कटर से बस के टुकड़ों को काटकर बाहर निकाला गया।

*: केन्द्रीय गृह मंत्री शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर हुआ नक्सली हिंसा से मुक्त : देव* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बस्तर सम्भाग जगदलपुर हैडिंग से दीपक मरकाम की खबर*

*: केन्द्रीय गृह मंत्री शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर हुआ नक्सली हिंसा से मुक्त : देव* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बस्तर सम्भाग जगदलपुर हैडिंग से दीपक मरकाम की खबर*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 17 मई 2026

*मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर अब ‘बंदूक‘ नहीं, ‘विकास’ और ‘खुशहाली‘ की राह पर अग्रसर*

 

जगदलपुर  : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर आगमन प्रदेश और विशेषकर बस्तर संभाग की जनता के लिए ऐतिहासिक होगा।

श्री देव ने कहा कि श्री शाह का बस्तर दौरा इस क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए मील के पत्थर के समान है।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह के रणनीतिक कौशल की चर्चा करते हुए कहा कि जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री के रूप में श्री शाह ने कमान संभाली है, तब से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

श्री देव ने कहा कि श्री शाह ने देश से वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का जो संकल्प लिया था, उसका सबसे सकारात्मक असर हमारे बस्तर में देखने को मिल रहा है।

बस्तर जो कभी नक्सली हिंसा के साये में जीने को मजबूर था, आज वहां भय का माहौल खत्म हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनते ही नक्सलियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है।

श्री शाह के कुशल मार्गदर्शन और राज्य पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों के आपसी तालमेल के कारण आज देश में नक्सलवाद बैकफुट पर है।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि बस्तर के सुदूर अंचलों में नए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है।

भाजपा की राज्य सरकार केवल सुरक्षा के मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि बस्तर के सर्वांगीण और सर्वतोमुखी विकास के लिए चौतरफा कार्य कर रही है।

बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्लानार’ के माध्यम से बस्तर के प्रभावित और अंदरूनी गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं।

सुरक्षा कैम्पों के आसपास के गाँवों में सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, स्कूल, अस्पताल और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएँ युद्ध स्तर पर मुहैया कराई जा रही हैं।

इसी तरह भाजपा सरकार आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है।

तेंदूपत्ता संग्रहण दर में ऐतिहासिक वृद्धि कर इसे 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा करना और चरण पादुका जैसी योजनाओं को पुनर्जीवित करना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

इसके साथ ही स्थानीय आदिम संस्कृति, देवगुड़ियों और पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण के लिए विशेष बजट और संसाधन आवंटित किए गए हैं।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है और मोबाइल कनेक्टिविटी को सुदूर गाँवों तक पहुँचाया जा रहा है ताकि बस्तर का युवा भी डिजिटल इण्डिया का हिस्सा बन सके।

इसी प्रकार अंदरूनी क्षेत्रों में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू किया जा रहा है।

बस्तर के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने के लिए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और कौशल विकास केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है।

श्री देव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा बस्तर के नागरिकों और हमारे सुरक्षा बलों के जवानों में एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। बस्तर अब ‘लाल आतंक’ के दौर से बाहर निकलकर ‘हरी-भरी खुशहाली’ और ‘अमृत काल’ के विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब बस्तर देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में गिना जाएगा।