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दो वर्ष से अधिक खोदकर रख दिया बोरिंग लेकिन उपयोग के लायक नही लोग भारी गर्मी में पीने की पानी को तरस रहे है।

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दो वर्ष से अधिक खोदकर रख दिया बोरिंग लेकिन उपयोग के लायक नही लोग भारी गर्मी में पीने की पानी को तरस रहे है।

कांकेर/भानुप्रतापपुर:-

भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रहे लोग,बोरिंग बिना फिटिंग बेकार

भानुप्रतापपुर ब्लॉक ग्राम पंचायत पेवारी आश्रित ग्राम कुआंपानी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 के सामने लगाया गया बोरिंग आज तक उपयोग में नहीं आ पाया है। कारण है – बोरिंग में अब तक आवश्यक फिटिंग कार्य नहीं किया गया है।

भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोगों को पीने के पानी की सख्त जरूरत है, वहीं यह बोरिंग सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

प्रशासनिक लापरवाही कहें या चुपी आज भी बोरिंग पुरीतर फिटिंग नही अधूरा काम, लोग परेशान।

2022 का बोरिंग आज भी अधूरा।

ना फिटिंग, ना पानी — ग्रामीणों को राहत नहीं,,2022 का बोरिंग अधूरा लापरवाही से बढ़ी परेशानी सवाल उठता है कि जब बोरिंग कराया गया तो उसे चालू क्यों नहीं किया गया?

सड़क नहीं बनने से आंगनबाड़ी पारा के लोग नाराज इसी पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 (आंगनबाड़ी पारा) में सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।बरसात के समय यह रास्ता कीचड़ से भर जाता है और गर्मी में धूल उड़ती है, जिससे छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मांग करने के बाद भी अब तक सड़क निर्माण नहीं किया गया।

ग्रामीणों की मांग

बोरिंग में तत्काल फिटिंग कर पानी की व्यवस्था की जाएआंगनबाड़ी पारा में जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए।

वहीँ सरपंच डालन सिंह राना ग्राम पंचायत पेंवारी और ग्राम पटेल दान सिंह राना सेजनाथ भोयर सुरजा बाई राना कृष्णा पुजारी बाल्मीकि पुजारी ममता पुजारी दारून दिनेश पुजारी आदि ग्रामीण मौजूद थे

वर्जन

बोरिंग गोदा गया फिटिंग अभी अधुरा है यह मेरे कार्य काल का नही है इसका सामान जिसके पास है वह अभी गांव में नही है।

डालन सिंह राना

सरपंच ग्राम पंचायत पेंवारी

 

रिपोर्ट: Rkbharatnews, कांकेर

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मंडी बोर्ड उप निरीक्षक परीक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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मंडी बोर्ड उप निरीक्षक परीक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,- छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आगामी 26 अप्रैल को आयोजित होने वाली छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ व्यापंम द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया है। हालांकि यह परीक्षा प्रदेश के चुनिंदा 16 जिलों में आयोजित की जा रही है, लेकिन इसमें सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा की समय-सारणी के अनुसार यह लिखित परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12ः15 बजे तक संचालित होगी। सुरक्षा और सत्यापन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। ताकि उनकी सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) और फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से मिलान किया जा सके। समय की पाबंदी को लेकर निर्देश अत्यंत सख्त हैं। परीक्षा केंद्रों का मुख्य द्वार ठीक सुबह 9ः30 बजे बंद कर दिया जाएगा और इसके बाद पहुंचने वाले किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए परीक्षा से एक दिन पहले अपने आबंटित केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लें।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विशेष ड्रेस कोड भी लागू किया गया है, जिसके तहत परीक्षार्थियों को केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और फुटवियर में चप्पल पहनकर आने की हिदायत दी गई है। काले, गहरे नीले, जामुनी, मैरून या गहरे चॉकलेटी जैसे रंगों के कपड़े पहनकर आने पर पाबंदी रहेगी। साथ ही परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, पर्स, बेल्ट, टोपी और यहां तक कि कान के आभूषण ले जाना भी पूर्णतः वर्जित है। जो अभ्यर्थी किसी धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक में आएंगें, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच के उपरांत ही अनुमति दी जाएगी। जिसके लिए उन्हें सामान्य समय से पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। अनुचित साधनों का उपयोग करने पर अभ्यर्थी की पात्रता तत्काल समाप्त कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अतः परीक्षार्थी केवल अपने साथ नीले या काले बॉल पॉइंट पेन ही लेकर आएं।

नक्सलवाद खत्म होते ही ‘रेत माफिया राज’ शुरू! इंद्रावती में 200 मीटर सड़क, पानी रोककर तस्करी का खेल,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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नक्सलवाद खत्म होते ही ‘रेत माफिया राज’ शुरू! इंद्रावती में 200 मीटर सड़क, पानी रोककर तस्करी का खेल,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

– बिना अनुमति नदी में बांध जैसी सड़क, पंचायत पर मिलीभगत के आरोप।

– तेलंगाना के ठेकेदार सक्रिय, ग्रामीणों को भनक तक नहीं

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,, जिले में नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ही अब रेत तस्करों का नेटवर्क तेजी से पैर पसारने लगा है। भोपालपटनम ब्लॉक के अटटूकपल्ली पंचायत अंतर्गत कोंडामौसम गांव में इंद्रावती नदी के भीतर ही करीब 200 मीटर लंबी सड़क बनाकर अवैध रेत तस्करी का रास्ता तैयार कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा निर्माण बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी के बीच मुरूम और रेत डालकर सड़क बनाई गई है, साथ ही पाइप पुलिया डालकर नदी का पानी दूसरी ओर मोड़ दिया गया है, जिससे तस्करों को रेत निकालने और वाहनों की आवाजाही में आसानी हो सके। इस पूरे मामले में तेलंगाना के ठेकेदारों की सक्रिय भूमिका सामने आ रही है।

पंचायत पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों को अंधेरे में रखा।

गांव के लोगों का आरोप है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। बिना ग्रामसभा की अनुमति और बिना ग्रामीणों को जानकारी दिए सड़क निर्माण कर दिया गया। ग्रामीण मोडेम गणपत पंच ने बताया कि सिर्फ नारियल फोड़कर काम शुरू कर दिया गया, हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। विरोध करने पर भी अनसुना किया गया।
वहीं ग्रामीण तलाड़ी इरैया ने कहा कि गांव में इस विषय पर कोई बैठक नहीं हुई, किसकी अनुमति से सड़क बनी यह हमें नहीं पता।

नदी के प्रवाह से खिलवाड़, पर्यावरण पर खतरा

इंद्रावती नदी में पानी का प्रवाह रोककर पाइप के जरिए दिशा बदलना गंभीर पर्यावरणीय खतरा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

जमीन मालिकों की जमीन पर जबरन सड़क

जानकारी के अनुसार यालम शिवेया, दूबा तुलसीराम और दूबा नागेय की जमीन से होकर सड़क बनाई गई है। जमीन मालिकों को इस कार्य की पूर्व सूचना तक नहीं दी गई।

सचिव पर पुराने आरोप, फिर विवादों में नाम

ग्रामीणों ने पंचायत सचिव रवि दुर्गम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी तालाब निर्माण में भ्रष्टाचार और गबन के आरोप लग चुके हैं, और अब इस अवैध सड़क निर्माण में उनकी भूमिका सामने आ रही है।

कागजों में खदान प्रक्रिया, जमीनी स्तर पर तस्करी शुरू।

कोंडामौसम रेत खदान पंचायत को स्वीकृत जरूर है, लेकिन उसकी प्रक्रिया अभी कागजों में ही चल रही है। इसके बावजूद नदी में सड़क बनाकर पहले ही तस्करी शुरू कर दी गई है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन बोला—जांच कर होगी कार्रवाई

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व यशवंत नाग ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं थी, आपके माध्यम से पता चला है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*नक्सलवाद खत्म होते ही ‘रेत माफिया राज’ शुरू! इंद्रावती में 200 मीटर सड़क, पानी रोककर तस्करी का खेल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

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*नक्सलवाद खत्म होते ही ‘रेत माफिया राज’ शुरू! इंद्रावती में 200 मीटर सड़क, पानी रोककर तस्करी का खेल*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

* बिना अनुमति नदी में बांध जैसी सड़क, पंचायत पर मिलीभगत के आरोप*

*- तेलंगाना के ठेकेदार सक्रिय, ग्रामीणों को भनक तक नहीं*

बीजापुर, भोपाल पटनम, ग्राम पंचायत अटूक पल्ली

जिले में नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ही अब रेत तस्करों का नेटवर्क तेजी से पैर पसारने लगा है।

भोपालपटनम ब्लॉक के अटटूकपल्ली पंचायत अंतर्गत कोंडामौसम गांव में इंद्रावती नदी के भीतर ही करीब 200 मीटर लंबी सड़क बनाकर अवैध रेत तस्करी का रास्ता तैयार कर दिया गया है।

हैरानी की बात यह है कि यह पूरा निर्माण बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किया गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक नदी के बीच मुरूम और रेत डालकर सड़क बनाई गई है, साथ ही पाइप पुलिया डालकर नदी का पानी दूसरी ओर मोड़ दिया गया है, जिससे तस्करों को रेत निकालने और वाहनों की आवाजाही में आसानी हो सके।

*इस पूरे मामले में तेलंगाना के ठेकेदारों की सक्रिय भूमिका सामने आ रही है*

*पंचायत पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों को अंधेरे में रखा*

गांव के लोगों का आरोप है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है।

बिना ग्रामसभा की अनुमति और बिना ग्रामीणों को जानकारी दिए सड़क निर्माण कर दिया गया।

ग्रामीण मोडेम गणपत पंच ने बताया कि सिर्फ नारियल फोड़कर काम शुरू कर दिया गया, हमें कोई जानकारी नहीं दी गई, विरोध करने पर भी अनसुना किया गया।

वहीं ग्रामीण तलाड़ी इरैया ने कहा कि गांव में इस विषय पर कोई बैठक नहीं हुई, किसकी अनुमति से सड़क बनी यह हमें नहीं पता।

*नदी के प्रवाह से खिलवाड़, पर्यावरण पर खतरा*

इंद्रावती नदी में पानी का प्रवाह रोककर पाइप के जरिए दिशा बदलना गंभीर पर्यावरणीय खतरा माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

*जमीन मालिकों की जमीन पर जबरन सड़क*

जानकारी के अनुसार यालम शिवेया, दूबा तुलसीराम और दूबा नागेय की जमीन से होकर सड़क बनाई गई है। जमीन मालिकों को इस कार्य की पूर्व सूचना तक नहीं दी गई।

*सचिव पर पुराने आरोप, फिर विवादों में नाम*

ग्रामीणों ने पंचायत सचिव रवि दुर्गम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उनका कहना है कि पहले भी तालाब निर्माण में भ्रष्टाचार और गबन के आरोप लग चुके हैं, और अब इस अवैध सड़क निर्माण में उनकी भूमिका सामने आ रही है।

*कागजों में खदान प्रक्रिया, जमीनी स्तर पर तस्करी शुरू*

कोंडामौसम रेत खदान पंचायत को स्वीकृत जरूर है, लेकिन उसकी प्रक्रिया अभी कागजों में ही चल रही है। इसके बावजूद नदी में सड़क बनाकर पहले ही तस्करी शुरू कर दी गई है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

*प्रशासन बोला—जांच कर होगी कार्रवाई*

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व यशवंत नाग ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं थी, आपके माध्यम से पता चला है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*महिला आरक्षण पर कांग्रेस पर निशाना, जानकी कोरसा ने कहा— महिलाओं के अधिकारों पर वार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*महिला आरक्षण पर कांग्रेस पर निशाना, जानकी कोरसा ने कहा— महिलाओं के अधिकारों पर वार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक 24 अप्रैल 2026

 

*कांग्रेस याद रखें: अब नारी तुझे सलाम नहीं, अब नारी नेतृत्व का युग- जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा*

 

बीजापुर।,,,,,,,,,,,, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेसियों की नकारात्मक सोच महिलाओं के हितों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर वार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है और अब समय बदल चुका है— “नारी तुझे सलाम नहीं, अब नारी नेतृत्व का युग है।”

उन्होंने भाजपा अटल सदन कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में महिलाएं केवल समर्थन के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस के “दोहरे चरित्र” को उजागर करने के लिए एकत्र हुई हैं। जानकी कोरसा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 30 वर्षों तक महिला आरक्षण बिल को केवल चुनावी मुद्दा बनाकर रखा और इसे पास कराने में गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस अधिनियम को संसद के दोनों सदनों से पारित कराया गया।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम–2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून बना, पूरे देश की महिलाओं ने उत्सव के रूप में सरकार का अभिनंदन किया।

इस अधिनियम को 2029 से लोकसभा एवं राज्यों की विधान सभाओं में लागू करने के लिए लाया गया जिसे कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने गैर जिम्मेदाराना रवैया के साथ इसके विरोध में मतदान किया। यह महिला अधिकारों के प्रति घोर अन्याय है, देश भर की महिलाओं के मन में कांग्रेस एवं विपक्षी पार्टियों के प्रति गहरा आक्रोश है।

 

कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस बिल लाने की बात करती थी, लेकिन जब 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू हुआ तो नए बहाने सामने लाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक विरोध बताया।

कोरसा ने कांग्रेस पर महिला विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए तीन तलाक कानून, उज्ज्वला योजना और अन्य योजनाओं पर भी सवाल उठाने का उल्लेख किया। उन्होंने बीजापुर की महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सही निर्णय लें।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष माया झाड़ी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिहर सहनी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री पुष्पा सिन्हा, उपाध्याय पूजा पोदी, संगीता दासार सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

बॉक्स:

“कांग्रेस 30 साल तक बिल लटकाती रही, जबकि मोदी सरकार ने इसे तेजी से पारित कर महिलाओं को उनका अधिकार देने का काम किया।”

*भ्रष्टाचार करने के लिए ईमानदार शिक्षक की हत्या की गई! विधायक विक्रम मंडावी का बड़ा आरोप*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*भ्रष्टाचार करने के लिए ईमानदार शिक्षक की हत्या की गई! विधायक विक्रम मंडावी का बड़ा आरोप*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

 

 

*ठेकेदारों के दबाव से शिक्षक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में उजागर हुआ BJP नेता का चेहरा*

 

 

बीजापुर ,दिनांक: 24 अप्रैल 2026,

 

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय बीजापुर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम चेरपाल निवासी एवं प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ प्रधान अध्यापक स्वर्गीय श्री राजू पुजारी जी ठेकेदारों, इंजीनियर और संबंधित कर्मचारियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना एवं जबरन दबाव डाले जाने के कारण तंग आकर आत्महत्या करने को मजबूर हो गए।

 

यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। स्वर्गीय श्री राजू पुजारी जी अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे।

 

विधायक ने आरोप लगाया कि यह सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए ईमानदार शिक्षक की ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा “हत्या” है।

 

विधायक विक्रम मंडावी ने बताया कि परिवारजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शाला पालनार का निर्माण कार्य लगभग 20 लाख 30 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा था।

 

निर्माण राशि के भुगतान को लेकर स्वर्गीय राजू पुजारी जी काफी मानसिक परेशानी में थे।

 

परिवार का आरोप है कि निर्माधीन स्कूल भवन ठेकेदारों और इंजीनियर द्वारा बहुत ही घटिया तरीके से किया जा रहा था जिसकी शिकायत स्वर्गीय श्री राजू पुजारी द्वारा अधिकारियों को बार बार किया जा रहा था इसके बावजूद भी किसी अधिकारी ने शिक्षक के शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और स्कूल भवन निर्माण की राशि जबरन ठेकेदार को देने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे प्रताड़ित होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।

प्रेस वार्ता में विधायक ने कहा कि स्वर्गीय राजू पुजारी जी के सुसाइड नोट मिले हैं।

 

सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम और कर्मचारी छवितेश डोंगरे के नाम हैं, जबकि अन्य में मुख्य ठेकेदार जागर लक्ष्मैया का नाम दर्ज है।

 

जागर लक्ष्मैया भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के बीजापुर जिला अध्यक्ष हैं।

 

विधायक विक्रम मंडावी ने आशंका जताते हुए कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ता को बचाने का पूरा प्रयास कर सकती है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और भ्रष्टाचार करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार का पूरा संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ईमानदार शिक्षक को अपनी जान गंवानी पड़ी।

 

विधायक ने डबल इंजन की भाजपा सरकार से सवाल किया:

 

1- इस निर्माण कार्य का मुख्य ठेकेदार और पेटी ठेकेदार कौन था?

 

2- कार्य एजेंसी कौन थी?

 

3- प्रशासकीय स्वीकृति मात्र 20 लाख 30 हजार रुपये की थी और कार्य एजेंसी शाला प्रबंधन समिति (SMC) थी, तो ठेकेदार को यह काम कैसे सौंपा गया?

 

4- ठेकेदार को किसके इशारे पर ठेका दिया गया?

 

5- DMC/DEO की इसमें क्या भूमिका थी?

 

6- इस घोटाले में और कितने लोग शामिल हैं?

 

विधायक विक्रम मंडावी ने मांग की कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सभी दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके और स्वर्गीय श्री राजू पुजारी जी के परिवार को न्याय मिल सके।

 

उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष न्यायिक जांच नहीं कराई गई और दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया, तो परिवारजनों और ग्रामीणों के साथ मिलकर न्याय मिलने तक आंदोलन किया जाएगा।

 

प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, राजेश जैन, प्रवीण डोंगरें, ज्योति कुमार, पुरुषोत्तम खत्री, पुरुषोत्तम सल्लूर, दिनेश पुजारी, सतेंद्र पंत, राजीव सिंह, सम्माराम हेमला, इद्रीश ख़ान और जगदीश सेन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

*पोषड़ पल्ली में सजा आस्था का महासंगम, भव्य पेन करसाड़ मेले से उठी मूलभूत सुविधाओं की मांग*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

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*पोषड़ पल्ली में सजा आस्था का महासंगम, भव्य पेन करसाड़ मेले से उठी मूलभूत सुविधाओं की मांग*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

 

 

*दशकों बाद पोषण पल्ली में भव्य पेन करसाड़, हजारों श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भागीदारी*

 

बीजापुर, भोपाल पटनम,,,,

 

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पोषण पल्ली में पल्ली में भव्य तीन दिवसीय अटमपडगू पोरसूंगा पोकमुरिया एडेमर्री पेन करषाड देव मेला आयोजित किया गया जिसमें जिले भर से रूढ़ि जन्य परंपरागत आदिवासी समस्त देवी देवताओं आगमन हुआ जिसमें

रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी ने उक्त देव मेला स्थल जाकर दर्शन कर जिले वासियों को खुशहाली के लिए कामनाएं की।

तलांडी ने यह भी बताया कि विगत लंबे अरसे के बाद  ग्राम पोषण पल्ली में पहली दफा भव्य पेन करसाड कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें समाज प्रमुख, पुजारी,वडडे, गुनिया ,पेरमा पटेल हजारों की तादाद में श्रद्धालु के रूप सम्मिलित हुए।

 

तलांडी द्वारा जनहित में श्रद्धालुओं को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शासन प्रशासन से मांग की है कि पोषण पल्ली पेन करसाड स्थल पर लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति नहीं है। है भी तो जो हैण्ड पम्प खनन, हूआ पीने योग्य पानी नहीं कृपया शुद्ध पेयजल आपूर्ति करते हुए देव स्थल भूमि का पटटा प्रदान करें और चार दीवारी निर्माण के साथ बिजली लाइन विस्तार किया जाकर रोशनी के लिए हाई मास्क निर्माण किया जाए जिले में जितने भी पेन स्थलों पर पेन करसाड होता है।

उन देव देवी स्थलों को चिन्हांकित कर पेन करसाड कार्यक्रम सफल आयोजन के लिए 5.5 लाख रुपए दिया जाए

ग्राम गोल्लागुड़ा में नवनिर्मित दुर्गा मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह भव्य रूप से संपन्न,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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ग्राम गोल्लागुड़ा में नवनिर्मित दुर्गा मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह भव्य रूप से संपन्न,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

भोपालपटनम,,,,,,
बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गोल्लागुड़ा में नवनिर्मित मां दुर्गा मंदिर में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। इस भव्य धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान मंडपाच्छादन, कलश यात्रा एवं विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा जैसे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। भीषण गर्मी (40 से 42 डिग्री सेल्सियस) के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखी गई।
इंद्रावती नदी से पवित्र जल लाकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं की विशेष सहभागिता रही। लगभग 4 किलोमीटर दूर से जल लाकर श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसी पवित्र जल से मां दुर्गा का अभिषेक एवं प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर परिसर छोटा पड़ गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा भारी वाहनों का रूट को डाईवर्शन किया गया, जिससे कार्यक्रम निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सका। भोपालपटनम ब्लॉक के लगभग सभी पंचायतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए।
धार्मिक अनुष्ठान पंडित श्रीधर शर्मा, सुरेश बाबू, महिंदर शर्मा, आदित्य शर्मा, गणेश शर्मा एवं रोहित शर्मा द्वारा विधिपूर्वक संपन्न कराया गया।
तीन दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान गांव में मेले जैसा वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के लिए लगातार तीन दिनों तक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मां दुर्गा के साथ-साथ नवग्रह देवताओं की भी स्थापना की गई। आयोजन समिति ने कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
अब भोपालपटनम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को पांच प्रमुख मंदिरों के दर्शन का लाभ मिलेगा, जिनमें भगवान शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, बालाजी स्वामी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर तथा निर्माणाधीन मां बम्लेश्वरी मंदिर शामिल हैं।धार्मिक मान्यता है कि एक साथ पांच मंदिरों में दर्शन करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी संदेश देकर गया।

*आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों में गड़बड़ी, शासन ने दिए जांच व सुधार के निर्देश*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

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*आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों में गड़बड़ी, शासन ने दिए जांच व सुधार के निर्देश*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

*मापदंड से कम लंबाई और गुणवत्ता की शिकायतों पर सख्त रुख, जिलों से मांगी गई रिपोर्ट*

 

बीजापुर,

नवा रायपुर से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण पत्र के आधार पर प्रदेश भर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई यूनिफॉर्म (साड़ी) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग ने वर्ष 2024-25 के तहत वितरित साड़ियों में गुणवत्ता और मापदंड संबंधी अनियमितताओं की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए सभी जिलों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पत्र में उल्लेख है कि कुछ जिलों से प्राप्त शिकायतों में साड़ियों की लंबाई कम होने, कपड़े की गुणवत्ता ठीक नहीं होने तथा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने जैसी बातें सामने आई हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें कई मामलों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।

महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मानक के अनुरूप साड़ियां नहीं मिली हैं, उनसे उक्त साड़ियां वापस लेकर संबंधित एजेंसी के माध्यम से निर्धारित गुणवत्ता वाली साड़ियों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही, सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने जिलों से संबंधित पूरी जानकारी संचालनालय को उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। यदि समयसीमा में जानकारी नहीं मिलती है, तो यह माना जाएगा कि संबंधित जिले में कोई शिकायत या समस्या नहीं है।

विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली यूनिफॉर्म की गुणवत्ता और मानक से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह मामला न केवल शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था की भी पोल खोलता है। अब देखना होगा कि विभागीय निर्देशों के बाद संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों द्वारा कितनी तत्परता से सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।