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महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, जिले का बढ़ाया मान..एनसीसी कैडेट नवैद्य कुमार बोयर राज्य स्तरीय शिक्षा पुरस्कार से होंगे सम्मानित..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, शिक्षा और एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला सम्मान

महासमुंद। जिले के लिए गौरव का विषय है कि शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के छात्र एवं 27 सीजी बटालियन एनसीसी के जूनियर अंडर ऑफिसर (जेयूओ) नवैद्य कुमार बोयर को शिक्षा एवं एनसीसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिष्ठित “शिक्षा पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

नवैद्य कुमार बोयर ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया है। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण को देखते हुए राज्य स्तर पर यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

नवैद्य ने एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शिविरों और सामाजिक जागरूकता गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे महाविद्यालय और एनसीसी इकाई के प्रतिभाशाली एवं अनुशासित कैडेटों में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार, एनसीसी अधिकारी, साथी कैडेटों तथा पूरे महासमुंद जिले में खुशी का माहौल है।

महाविद्यालय प्रबंधन एवं एनसीसी अधिकारियों ने नवैद्य को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नवैद्य भविष्य में भी शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

नवैद्य के पिता मिथिलेश कुमार बोयर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके पुत्र की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी समाजजनो, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, एनसीसी अधिकारियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

इस मौके पर नवैद्य कुमार बोयर का कहना है की

“यह सम्मान मेरे लिए बेहद गर्व और प्रेरणा का विषय है। मैं इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, एनसीसी अधिकारियों समाजजनो और साथियों को देना चाहता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। यह पुरस्कार मुझे भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा शिक्षा एवं राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।”

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, जिले का बढ़ाया मान..एनसीसी कैडेट नवैद्य कुमार बोयर राज्य स्तरीय शिक्षा पुरस्कार से होंगे सम्मानित..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद के नवैद्य कुमार बोयर को मिलेगा शिक्षा पुरस्कार, शिक्षा और एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला सम्मान

महासमुंद। जिले के लिए गौरव का विषय है कि शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के छात्र एवं 27 सीजी बटालियन एनसीसी के जूनियर अंडर ऑफिसर (जेयूओ) नवैद्य कुमार बोयर को शिक्षा एवं एनसीसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिष्ठित “शिक्षा पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

नवैद्य कुमार बोयर ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया है। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण को देखते हुए राज्य स्तर पर यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

नवैद्य ने एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शिविरों और सामाजिक जागरूकता गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे महाविद्यालय और एनसीसी इकाई के प्रतिभाशाली एवं अनुशासित कैडेटों में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार, एनसीसी अधिकारी, साथी कैडेटों तथा पूरे महासमुंद जिले में खुशी का माहौल है।

महाविद्यालय प्रबंधन एवं एनसीसी अधिकारियों ने नवैद्य को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नवैद्य भविष्य में भी शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

नवैद्य के पिता मिथिलेश कुमार बोयर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके पुत्र की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी समाजजनो, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, एनसीसी अधिकारियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

इस मौके पर नवैद्य कुमार बोयर का कहना है की

“यह सम्मान मेरे लिए बेहद गर्व और प्रेरणा का विषय है। मैं इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, एनसीसी अधिकारियों समाजजनो और साथियों को देना चाहता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। यह पुरस्कार मुझे भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा शिक्षा एवं राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।”

प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों के शोषण का आरोप, उचित भुगतान की मांग तेज।जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सिरों कोमरे ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग।

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प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों के शोषण का आरोप, उचित भुगतान की मांग तेज।जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सिरों कोमरे ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग।

 

दुर्गूकोंदल।

क्षेत्र में चल रहे प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों और वाहन चालकों को पर्याप्त भुगतान नहीं मिलने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सिरों कोमरे ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर परिवहन दरों की समीक्षा करने तथा वास्तविक लागत के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

सिरों कोमरे ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में लगे स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को मात्र 500 मीटर दूरी तक सामग्री परिवहन के लिए 130 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जो वर्तमान परिस्थितियों में बेहद कम और अव्यावहारिक है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई, डीजल-पेट्रोल की कीमतों, वाहनों के रखरखाव खर्च तथा श्रमिकों की मजदूरी को देखते हुए यह दर किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं कही जा सकती। उनका कहना है कि स्थानीय वाहन मालिक निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत और संसाधनों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक प्राप्त हो। यदि परिवहन दरें वास्तविक लागत से काफी कम रहेंगी तो इसका सीधा असर स्थानीय वाहन मालिकों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। सिरों कोमरे ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन दरों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और सभी वाहन मालिकों को उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

 

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रभावित ट्रैक्टर मालिकों, वाहन चालकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाना है।

 

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित पक्ष ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को निर्धारित कार्य के अनुरूप उचित भुगतान नहीं मिल रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार की मंशा केवल आधारभूत संरचना का विकास करना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर और उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना भी है।

 

उन्होंने कहा कि मामले की वस्तुस्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से जानकारी प्राप्त की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी तथा नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप उचित दर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थानीय वाहन मालिक के साथ अन्याय न हो।

 

क्षेत्र के ट्रैक्टर मालिकों और ग्रामीणों को अब प्रशासन की पहल का इंतजार है। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान किया जाता है तो न केवल निर्माण कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा और उन्हें उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सकेगा।

सुकड़ीगुहान में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़, ग्रामीणों को मिल रहा शुद्ध पेयजल।सोलर जलप्रदाय योजना, बोरवेल, आईआरपी एवं स्टॉपडेम निर्माण से बढ़ी सुविधा.. आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

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सुकड़ीगुहान में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़, ग्रामीणों को मिल रहा शुद्ध पेयजल।सोलर जलप्रदाय योजना, बोरवेल, आईआरपी एवं स्टॉपडेम निर्माण से बढ़ी सुविधा.. आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

बालोद।

विकासखंड डौंडी अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में ग्रामीणों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन एवं पंचायत द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है। लगभग 70 परिवारों एवं 250 की आबादी वाले इस गांव में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

जनपद पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में सोलर पैनल आधारित पेयजल प्रणाली संचालित है, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा एक बड़ी सिंटेक्स टंकी तथा एक आईआरपी (आयरन रिमूवल प्लांट) भी क्रियाशील है। पंचायत द्वारा अतिरिक्त व्यवस्था के रूप में दो अन्य बोरवेल में मोटर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे पानी की उपलब्धता और बेहतर हुई है।

हाल ही में अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में गांव में पर्याप्त पेयजल स्रोत उपलब्ध पाए गए। निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा नलों में नई टोंटियां (टैप) लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई, जिससे पानी की बर्बादी को रोका जा सके।

ग्रामीणों की निस्तारी एवं दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा एक नए स्टॉपडेम का निर्माण भी कराया जा रहा है। निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में जल उपलब्धता और मजबूत होगी।

ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कौशिल्या बाई ठाकुर ग्रामीणों के साथ लगातार संपर्क में रहकर पेयजल व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। वहीं किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सिंघोला मुख्यालय में एक पानी का टैंकर भी आरक्षित रखा गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुकड़ीगुहान भेजा जा सकता है।

प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से गांव में पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

✍️ आर. एल. कुलदीप मो. 6267855263 / 9479083919 📧 kuldeeprama80@gmail.com

 

मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता और बचाव की सीएमएचओ ने की अपील।आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

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मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता और बचाव की सीएमएचओ ने की अपील।आर एल कुलदीप की रिपोर्ट:-

उत्तर बस्तर कांकेर, 03 जून 2026 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने जिले के नागरिकों से आगामी मानसून में मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता एवं बचाव की अपील करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में उल्टी दस्त, मलेरिया, पीलिया, व अन्य संक्रामक रोग होने का अंदेशा बना रहता है, जिससे पूर्व में उचित रोकथाम के लिए प्रबंध नहीं होने पर जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि दस्त में बार-बार शौच जाना पड़ता है या मल ढीला व तरल होता है, दस्त ज्यादातर 02 से 03 दिन तक या इससे अधिक समय तक रहता है, तो यह अन्य समस्याओं की निशानी हो सकती है। यदि दस्त 03 दिन में ठीक नहीं होता है या आपकी तबियत और खराब हो जाती हैं तो प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द से निःशुल्क परामर्श लिया जावे या निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जरूरी सलाह लिया जाए। उन्होंने बताया कि संक्रमण जैसे वायरस बैक्टिरिया, दूषित भोजन, जल एवं अस्वच्छता, अधपके भोजन के सेवन, आंत की बीमारियां इत्यादि इसका मुख्य कारण है ।

बचाव के उपाय

खाने-पीने की वस्तुओं और पानी को ढंककर रखें।

बासी भोजन, सड़े गले फलांे का सेवन न करें व हमेशा ताजा भोजन करें।

दस्त होने पर ओ.आर.एस. (जीवन रक्षक घोल) बनाकर थोड़ी-थोड़ी देर में पीते रहे।

पानी को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर ही पीने के लिए उपयोग में लायें।

भोजन से पूर्व और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोयंे।

प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द से निःशुल्क परामर्श लिया जावे या निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जरूरी सलाह लिया जावें । दस्त होने ही तुरन्त घरेलू उपचार आरंभ करें:-नारियल का पानी, नमकीन लस्सी, नींबू की शिकंजी, चावल का मांड, हल्की चाय, दाल का पानी आदि शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते है, इनका सेवन लगातार करते रहना चाहिए।

 

स्टेट हाईवे पर जाम – 68 गांवों का आक्रोश, कोयलीबेड़ा से ट्रैक्टरों में अंतागढ़ पहुंचे, चारों तरफ से किया चक्काजाम,,,,,,,, कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

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स्टेट हाईवे पर जाम – 68 गांवों का आक्रोश, कोयलीबेड़ा से ट्रैक्टरों में अंतागढ़ पहुंचे, चारों तरफ से किया चक्काजाम,,,,,,,, कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

कोयलीबेड़ा /

विकासखंड मुख्यालय के सरकारी दफ्तरों को वापस लाने 8 दिनों से चल रहा आंदोलन को नजरअंदाज करने से गुस्साए ग्रामीण कोयलीबेड़ा से 25 _ 30 किमी दूर – अंतागढ़ पहुंच गए। सभी मार्गों में चक्काजाम कर दिया। अंतागढ़ को चारों ओर से सील कर दिया। स्टेट हाइवे समेत सभी रास्ते बंद होने से नगरवासियों की दिक्कतें बढ़ गईं। किसी भी वाहन को गुजरने नहीं दिया जा रहा है। 5 आंदोलनकारियों का कहना है, यह प्रदर्शन अनिश्चितकालीन है। जब तक मांग पूरी नहीं होती, चक्काजाम जारी रहेगा।

कोयलीबेड़ा के 18 ग्राम पंचायतों के 68 गांव के ग्रामीण 26 मई से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन व मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बार-बार ध्यानाकर्षण के बाद भी जब ध्यान नहीं दिया गया, तो मंगलवार सुबह 9 बजे सभी ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर अंतागढ़ पहुंचे। छोटे बच्चों के साथ महिलाएं, पुरुष, युवक-युवतियां बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। गांव के बुजुर्गों को गांव कोयलीबेड़ा में ही छोड़ दिया गया। उद्वेलित ग्रामीणों ने पहले नगर के दो मुख्य मार्गों पर चक्काजाम किया। अंतागढ़-नारायणपुर स्टेट हाईवे पर कुहचे मोड़ में बैठे। अंतागढ़-भानुप्रतापपुर मार्ग पर इमलीपदर मोड़ में भी बैठ गए। इसके बाद अंतागढ़-आमाबेड़ा व अन्य सभी छोटे-बड़े गांवों की ओर जाने वाले मागों में भी चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर यात्री बसों, ट्रकों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। शाम 5 बजे तक कुहचे मोड़ स्थित प्रदर्शन स्थल पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी चर्चा करने नहीं पहुंचा। आंदोलनरत ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा, इस बार किसी भी तरह के आश्वासन को मानने तैयार नहीं हैं। शाम 5 बजे तक प्रदर्शन स्थल पर कोई भी अधिकारी चर्चा करने नहीं पहुंचा कांकेर। अंतागढ़ के कुहचे मोड़ में सड़क पर टेंट लगाकर चक्काजाम करते ग्रामीण। प्रदर्शनकारियों ने चार दिन पहले दफ्तरों में लगाए थे ताले चार दिन पहले,

*29 मई को प्रदर्शनकारियों ने* कोयलीबेड़ा में जनपद पंचायत कार्यालय, बीईओ व कृषि कार्यालय में घुसकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी दफ्तरों में बाहर से ताला जड़ दिया। इस दौरान कर्मचारी व अफसर अंदर थे। काफी समझाइश के बाद भी नहीं माने। बातचीत भी विफल रही। प्रशासन को चाबी मिलने के बाद ताला खोला गया। अंदर बंद कर्मचारियों व अधिकारियों को बाहर निकाला गया। सड़क पर उतरने प्रशासन ने मजबूर किया आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सहदेव उसेंडी, बसंत ध्रुव, स्त्तीराम दुग्गा, मोहन हुपेंडी, पीलू उसेंडी, समलू उसेंडी, कमलूराम मंडावी, दिनेश आंचला ने कहा,

कोयलीबेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है। यहां का विकासखंड मुख्यालय भी पखांजूर में लगाया जा रहा है। कोयलीबेड़ा पिछड़ गया है। अपनी मांग को लेकर वे शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे। प्रशासन को जगाने के लिए हर संभव प्रयास किया। हमारे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को नजरअंदाज कर दिया गया। हमें मजबूरीवश यह कदम उठाना पड़ा। अब यह आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं। प्रशासन का जिम्मेदार अधिकारी आए। हमसे चर्चा करे। सांसद के खिलाफ लगाए नारे-नींबू काटना बंद करो आंदोलन के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर जमकर फूटा। ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद व विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद नेता क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को भूल चुके हैं। नींबू काटना बंद करो जैसे स्थानीय,,,,,,

 

✍️हर खबर पर नजर

आर एल कुलदीप

6267855263/9479083919

हर खबर पर नजर डौंडी-बालोद 49.70 लाख का स्टॉपडेम 2 साल से अधूरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल।

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हर खबर पर नजर

डौंडी-बालोद 49.70 लाख का स्टॉपडेम 2 साल से अधूरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल

नाला की रेत, 8MM सरिया और 10 लाख से अधिक भुगतान का मामला, ग्रामीणों ने मांगी जांच

डौंडी। आदिवासी विकासखंड डौंडी के वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत सिंगोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में जल संरक्षण के लिए स्वीकृत 49 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बन रहा स्टॉपडेम कम रपटा निर्माण कार्य दो वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। मनरेगा एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के कन्वर्जेन्स से संचालित इस निर्माण कार्य की प्रगति बेहद धीमी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। उपलब्ध निर्माण स्थल में केवल दीवारें खड़ी दिखाई दे रही हैं, जबकि पूरा ढांचा अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।

गुणवत्ता पर गंभीर आरोप

ग्रामीण जागेश्वर ठाकुर, तुलाराम मडावी, अमित नेताम सहित अन्य लोगों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। उनके अनुसार दीवार निर्माण में 8 एमएम सरिया का उपयोग किया गया है तथा सरियों के बीच कहीं 1 फीट तो कहीं डेढ़ फीट तक की दूरी रखी गई है। साथ ही कंक्रीट मिश्रण के लिए नाले की रेत का उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पहली ही बारिश में संरचना को नुकसान पहुंच सकता है। उनका आरोप है कि सामग्री के उपयोग में मनमानी की जा रही है और निर्माण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।

भुगतान का खेल भी सवालों के घेरे में

आरईएस बालोद के कार्यपालन अभियंता जी. मार्कण्डेय के अनुसार जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से मनरेगा और आरईएस के 50-50 प्रतिशत कन्वर्जेन्स से यह कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण कार्य में विलंब हुआ है।

वहीं एसडीओ जेपी चंद्राकर ने बताया कि यह चेकडेम कम रपटा है तथा दीवार निर्माण के बाद स्लैब ढलाई की जानी है।

जानकारी के अनुसार अब तक सामग्री आपूर्तिकर्ता एजेंसी को लगभग 6 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है तथा 4 लाख रुपये का अतिरिक्त बिल लंबित है। वहीं मनरेगा मद से मजदूरी के नाम पर 4 लाख 11 हजार रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।

कलेक्टर से जांच की मांग

सरपंच श्रीमती कौशल्या ठाकुर सहित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी टीम द्वारा सरिया, सीमेंट और रेत की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए भुगतान की रिकवरी की जाए।

RKBHARATNEWS

हर खबर पर नजर

✍️ आर. एल. कुलदीप

मो. 6267855263 / 9479083919

*कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज*,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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*कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज*,,,

,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

*कोण्डापल्ली के स्कूल पहुंचे मुख्यमंत्री, नन्हे छात्र ने कहा— “बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा”*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/ कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में रहने वाला बीजापुर का सुदूर ग्राम कोण्डापल्ली अब विकास, शिक्षा और नई उम्मीदों की मिसाल बन रहा है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जब कोण्डापल्ली के प्राथमिक शाला पहुंचे तो वहां का दृश्य बदलते बस्तर की नई तस्वीर बयां कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने स्कूल का निरीक्षण कर बच्चों और शिक्षकों से आत्मीय बातचीत की। उन्हें बताया गया कि विद्यालय में वर्तमान में 56 छात्र अध्ययनरत हैं तथा 3 शिक्षक पदस्थ हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा, “स्कूल में यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब और पेन मिल रहा है न?” इस पर बच्चों ने मुस्कुराते हुए एक स्वर में कहा, “हां सर, सब मिल रहा है।”

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने एक छात्र से पूछा, “बड़े होकर क्या बनोगे?” नन्हे छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “डॉक्टर बनूंगा।” बच्चे का यह जवाब सुनकर मुख्यमंत्री ने उसकी पीठ थपथपाई और मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।

*बदलते बस्तर की नई तस्वीर*

कोण्डापल्ली जैसे गांव कभी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और संचार सुविधाओं का अभाव यहां के लोगों की बड़ी चुनौती थी। लेकिन आज हालात तेजी से बदल रहे हैं। गांव में स्कूल, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

*डर नहीं, सपनों का भविष्य गढ़ रहा है बस्तर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि बस्तर के अंतिम गांव तक विकास और शिक्षा की रोशनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपने ही विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नींव हैं।

कोण्डापल्ली के इस छोटे से स्कूल में मुख्यमंत्री और बच्चों के बीच हुई यह बातचीत केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि उस बदलते बस्तर की कहानी थी, जहां कभी बंदूकों की गूंज सुनाई देती थी और आज बच्चों के सपने, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की बातें सुनाई दे रही हैं।

कोण्डापल्ली का यह दृश्य स्पष्ट संदेश देता है— अब बस्तर भय से नहीं, शिक्षा, विकास और नई पीढ़ी के सपनों से पहचाना जाएगा।

कल 04 जून को रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, रायपुर एवं अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के संयुक्त तत्वावधान द्वारा आयोजित होगी गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण जांच परामर्श ओपीडी सेवाएं..।

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रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, रायपुर

एवं अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के संयुक्त तत्वावधान द्वारा आयोजित

गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण

जांच परामर्श ओपीडी सेवाएं

डॉ. संदीप सिंघल

MBBS, MD General Medicine,

DrNB Nephrology (MPUH Nadiad)

Consultant Nephrologist & Kidney Transplant Physician

04 जून 2026

दिन गुरुवार को बसना में ओपीडी सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

समय : सुबह 11 से 02 बजे तक

स्थान : अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, महासमुंद (छ.ग.)

क्या आप निम्नलिखित समस्याओं से पीड़ित हैं?

• चेहरे और पैरों में सूजन आना।

• बार-बार पेशाब आना विशेष कर रात में।

• कम उम्र में उच्च रक्त चाप होना।

• पेशाब कम मात्रा में आना।

• पैदल चलने पर सांस फूलना, जल्दी थक जाना।

• पेशाब करने में तकलीफ होना, बूंद-बूंद पेशाब उतरना।

• मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग से ग्रसित मरीजों में यह समस्या होना आम बात है।

स्मार्ट कार्ड / राशन कार्ड से

किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है

सभी बीमा (इंश्योरेंस) कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें :

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल

बसना, जिला- महासमुंद (छ.ग.)

📞 9303623130, 7773086100, 7770868473

* भीषण गर्मी का प्रकोप,बार बार बिजली गुल की समस्या व जियो मरो जियो नेटवर्क से त्रस्त जनता,भाजपा नेतृत्व केवल वाहवाही लूटने में मस्त व्यस्त- अशोक तलांडी *दीपक मरकाम की खबर,

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* भीषण गर्मी का प्रकोप,बार बार बिजली गुल की समस्या व जियो मरो जियो नेटवर्क से त्रस्त जनता,भाजपा नेतृत्व केवल वाहवाही लूटने में मस्त व्यस्त- अशोक तलांडी *दीपक मरकाम की खबर,

बीजापुर जिला, भोपाल पटनम दिनांक 02 जून 2026

बीजापुर : भाजपा के जनप्रतिनिधि ले रहे AC की ठंडी हवा और जियो मरो प्राइवेट लिमिटेड जियो व नामी गिरामी भारतीय दुर संचार विभाग बी एस एन एल नेटवर्क से जनता की तकलीफों व समस्या के समाधान के प्रति इन्हें कोई सरोकार नहीं जबकि यहां के नियमित उपभोक्ता हैं।

जियो,बी एस एन एल बिजली विभाग को जनता गरीबों का खून पसीने का पैसा लेना आता है समस्या का समाधान तो धूर भला जियो,बी,एस,एन.एल कम से कम जनता का तो ध्यान रखें ,

 

जब कभी भी जनता द्वारा तीनों संस्थानों के संदर्भ में शिकवा शिकायत दर्ज करने पर अधिकारी बिजली मेंटेनेंस या मोबाइल से तकनीकी खाराबी का हवाला देकर पल्ला झाड़ते है।

हम शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि  जनता का खून पसीने का पैसा को आप नियमित सेवा नहीं दे सकते ओर गरीब जनता से सेवा निरंतर महीने या छः महीने साल भर के पैसे रिचार्ज करा कर नहीं देना मानवीयता का शर्मसार कर रहे हो ।

आप को समझना होगा कि जब आप नियमित बिजली या मोबाइल सेवा का पैसा ले रहे हो तो नियमित सेवा दो या जब जब जनता के लिए आपके मोबाइल सेवाओं से वंचित किए उसका तथि बढ़ाओ या अगला रिचार्ज में जोड़कर संदेश भेजिए जैसे आप नेटवर्क नहीं रहने के स्थिति में भी आपका मोबाइल रिचार्ज जल्द खत्म हो रहा है,

 

आप पुनः नेटवर्क का आनंद लेने रिचार्ज करिए वहां तक ठीक है।

भोपाल पटनम क्षेत्र में नेटवर्क का अता पता नहीं है कम से कम जियो,बी एस एन एल नेटवर्क वाले  जनता द्वारा बिजली बिल या मोबाइल नेटवर्क की अदायगी नहीं करने पर नोटिस पे नोटिस वाट्सएप या मोबाइल सन्देश पर सन्देश देते हैं ।

बिजली कटौती, के बावजूद व्यवस्था में कोई भी सुधार न होना विद्युत विभाग व सरकार की निष्क्रियता का प्रमाण

 

भोपाल पटनम। बीजापुर जिला के रुढ़ी जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष अशोक तलांडी ने भोपाल पटनम ब्लॉक में बार बार बिजली गुल की समस्या को लेकर विद्युत विभाग व भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा शहर में पड़ रही भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच चरमराई विद्युत व्यवस्था ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।

 

एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ अघोषित बिजली कटौती और बार-बार बिजली गुल ने नागरिकों को दोहरे संकट में डाल दिया है।

 

आज भोपाल पटनम का हर पंचायत हर गांव के ग्रामीणजन भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रही है रात-रात भर बिजली गायब रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का बुरा हाल है।

 

तलांडी ने कहा जनता की सुध लेने के बजाय भाजपा के जनप्रतिनिधि और नेतागण अपने AC कमरों में बैठकर ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं।

 

भाजपाइयों को धरातल पर तड़पती जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है।

 

सरकार के कुर्सी पर आसन जिम्मेदार लोग जमीनी समस्याओं का समाधान ढूंढने के बजाय सिर्फ झूठी वाहवाही लूटने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।

 

तलांडी ने कहा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा गया कि विद्युत विभाग द्वारा साल के बारह महीने ‘मेंटेनेंस’ के नाम पर घंटों बिजली कटौती की जाती है।

 

जनता इस उम्मीद में उस कटौती को सहती है कि शायद गर्मी के दिनों में उन्हें निर्बाध बिजली मिलेगी।

 

लेकिन जैसे ही गर्मी का सीजन आया, विभाग के सारे दावे और तैयारियां ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं।

 

साल भर मेंटेनेंस के नाम पर की गई कटौती के बावजूद आज व्यवस्था में रत्ती भर भी सुधार न होना, सीधे तौर पर विद्युत विभाग की घोर लापरवाही और राज्य की भाजपा सरकार की प्रशासनिक निष्क्रियता का जीता-जागता प्रमाण है।

 

बिजली की इस आंख-मिचौली के कारण न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, बल्कि छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों और रोज कमाने-खाने वालों का धंधा भी चौपट हो गया है।

 

अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान पर बन आई है।

 

लगातार हो रहे पावर कट से पानी की सप्लाई भी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है, जिससे शहर में जल संकट भी गहरा गया है।

 

 

तलांडी ने आगे कहा हमारी मांग है कि अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए।

जनता को इस भीषण गर्मी में चौबीस घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।