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*बीजापुर जिले के अंतिम छोर पर ,विकास का ‘अंधेरा’ न सड़क, न बिजली, 2 दिन पैदल सफर ,82 की. मि, मूल भूत सुविधा का दर्द कलेक्ट्रेट में गूंजा* दीपक मरकाम की खबर,

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*बीजापुर जिले के अंतिम छोर पर ,विकास का ‘अंधेरा’ न सड़क, न बिजली, 2 दिन पैदल सफर ,82 की. मि, मूल भूत सुविधा का दर्द कलेक्ट्रेट में गूंजा* दीपक मरकाम की खबर,

 

*सड़क-बिजली सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

जिला बीजापुर दिनांक 10/06/2026

बीजापुर : जिले के सुदूर एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्र उसूर विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम कोत्तापल्ली (ग्राम पंचायत पुजारी कांकेर) के ग्रामीण वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

 

सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

 

ग्रामीणों के अनुसार कोतापल्ली गांव से बीजापुर जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 82 किलोमीटर है। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण 9 जून को गांव से निकले और लंबी यात्रा के बाद शाम को बीजापुर जिला पहुंचे।

 

ग्रामीण जन रात में अपने रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां रुकने के बाद अगले दिन कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचकर कलेक्टर विश्वदीप से मुलाकात की तथा अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

 

 

सड़क और बिजली के अभाव में परेशान ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम कोत्तापल्ली बीजापुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित है।

 

क्षेत्र में वर्षों से सड़क एवं बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

 

सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को प्रति माह राशन एवं दैनिक उपयोग की सामग्री लेने के लिए आवापल्ली अथवा तेलंगाना अन्य राज्य जाना पड़ता है।

 

ग्रामीणों को बरसात के मौसम में आवागमन और भी कठिन हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और बिजली नहीं होने से शासन की अनेक योजनाओं का लाभ गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में शीघ्र सड़क एवं बिजली सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

 

जिला पंचायत अध्यक्ष पहुंचीं ग्रामीणों से मिलने

ग्रामीणों के कलेक्ट्रेट पहुंचने की जानकारी मिलने पर जानकी कोरसा भी ग्रामीणों से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचीं।

 

ग्रामीणों से चर्चा के बाद उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि गांव में बिजली सुविधा के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा।

“आजादी के इतने वर्षों बाद भी विकास से वंचित”

 

वहीं दूसरी ओर कर्रेगुट्टा पहुंच हीन क्षेत्र पहुंच पहुंच गया प्रशासन कोत्तापल्ली आख़िर पहुंच क्यों नहीं पा रहा है।

 

 

गांव के पूर्व शिक्षक मज्जी धमोदर ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव विकास की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य क्षेत्रों में विकास कार्य पहुंच चुके हैं, तो कोत्तापल्ली अब तक सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं से क्यों वंचित है।

 

महिला ग्रामीणों ने बताई पीड़ा

ग्रामीण महिला सवंती मज्जी ने बताया कि गांव में न तो अच्छी सड़क है और न ही नियमित रूप से अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है।

 

सड़क नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती।

 

इससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

 

प्रशासन से बड़ी उम्मीद

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम कोत्तापल्ली में सड़क, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि गांव के लोग भी शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

 

कलेक्टर द्वारा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान अब संभव हो सकेगा।

 

धमोदर मज्जी , नागेश मज्जी,स्वामी वासम, जगपति मज्जी, रमेश मज्जी, गजेन्द्र झाड़ी, सर्वेश इरपा, रगुत हनमैया, मज्जी नागर्जून, बीरा नारायाण, जगन‌ मज्जी, सागर एटटी, कलूर तिरुपति अम्मा, सुटटी विनोद, सुशीला, कलूर सीता, दूधी जयराम, मडकम देवा, माडवी बैतूल, माडवी जोगा, बीरा पुष्पा, कलूर नरसिंह राव, मज्जी तिरूपतिअम्मा, मज्जी विजया, गौरराफ तिरुपति, बाडसे लालू इत्यादि मौजूद थे।

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*कर्मचारी संगठन बीजापुर ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा *दीपक मरकाम की खबर,

*प्रदेश के कर्मचारियों की मांगों एवं ज्वलंत समस्याओं के निराकरण हेतु किया ध्यानाकर्षण*

बीजापुर दिनांक 10/06/2026

बीजापुर :         छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर जिला बीजापुर के माध्यम से 6 सूत्रीय मांग पत्र ज्ञापन आज दिनांक 10 जून को भोजन अवकाश में डिप्टी कलेक्टर शमुकेश देवांगन को दिया।

संघ की प्रबंधकारणी द्वारा लिए निर्णय एवं संघों की सहमति अनुसार मोदी की गारंटी के नाम से कर्मचारियों के लिए की गई घोषणा को लागू करने के लिए यह ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपा गया।

प्रमुख जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के राज्य विद्युत मंडल न्यायिक सेवा अधिकारी एवं अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को केंद्र की तिथि 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है किंतु प्रदेश के लगभग 4:50 लाख अधिकारी एवं कर्मचारियों को उक्त लाभ से वंचित रखा गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारी एवं पेंशनरों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति देय तिथि से महंगाई भत्ता तथा पेंशनरों को महंगाई राहत दिया जावे एवं डी ए एरियस की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित किया जावे ।

दुसरी मांग है विधानसभा के बजट सत्र में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी द्वारा कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई है किंतु अभी तक नियम निर्देश जारी नहीं किए गए हैं ।

कर्मचारी हित में आदेश तत्काल जारी किया जाए।

तीसरी मांग केंद्रीय कर्मचारी एवं अविभाजित मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की भांति सेवानिवृत्ति पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी 240 दिन के स्थान पर 300 दोनों का अवकाश नगदीकरण आदेश दिया जावे।

चौथी मांग संविदा, दैनिक वेतन भोगी,अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जावे तथा मध्य प्रदेश की भांति सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किया जावे।

पांचवा मांग है प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए शिक्षक एलबी संवर्ग को समस्त सेवा का लाभ दिया जावे।

छठवीं मांग प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति की 10% सेलिंग समाप्त करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के सभी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जावे इस प्रकार 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष बीरा राजबाबू के नेतृत्व में लिपिक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी पवन ठाकुर , राजस्व निरीक्षक संघ के अध्यक्ष सुभाष कुड़ियम एवं संगठन के महामंत्री के जी भुनेश्वर ज्ञापन सौंपने उपस्थित रहे।

डॉ. योगेश बारापात्रे.यूरो सर्जन द्वारा यूरोलॉजी कैंप मे मूत्र, पथरी जांच परामर्श एवं ऑपरेशन 12 जून को अग्रवाल नर्सिंग होम मे

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यूरोलॉजी कैंप मूत्र एवं पथरी जांच परामर्श एवं ऑपरेशन…

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• पुरुषों में बाँझपन एवं नपुंसकता का उपचार

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• किडनी, प्रोस्टेट और टेस्टिस के कैंसर का इलाज

• पेशाब का रुक-रुक कर आना, लीक करना या खून आने का उपचार

• पीडियाट्रिक यूरोलॉजी की सेवाएं

• इमरजेंसी यूरोलॉजी की सेवाएं, ट्रॉमा से लेकर किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक

शुक्रवार 12 जून 2026

शाम 5 बजे से

डॉ. योगेश बारापात्रे

MBBS, MS, MCh

यूरो सर्जन

जांच फीस मात्र ₹700

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किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट एवं पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध

ऑपरेशन के इच्छुक मरीज अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ 11 जून को भर्ती हो जाएं।

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मानसिक रोग के लक्षण..डॉ. वी. त्रिवेदी मनोरोग एवं यौन रोग विशेषज्ञ अग्रवाल नर्सिंग होम मे कल रहेंगे उपलब्ध..।

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मानसिक रोग के लक्षण
• घबराहट, बेचैनी, एक ही विचार बार-बार मन में आना, फोबिया, तनाव, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक क्रोध।
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• अकेले में बड़बड़ाना, अनावश्यक डर लगना, भीड़ या अन्य जगहों पर भयभीत होना। भूल जाना, याददाश्त में कमी, डिमेंशिया, स्वयं की देखभाल न कर पाना, मिर्गी, सिरदर्द, शराब, गांजा, तंबाकू, सिगरेट, मद्यपान एवं अन्य नशायुक्त पदार्थों का सेवन।
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डॉ. वी. त्रिवेदी
मनोरोग एवं यौन रोग विशेषज्ञ
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दिनांक 11 जून 2026 (गुरुवार)
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हरा सोना, व शादी सीजन खत्म होने के बाद अब टोरा संग्रहण में जुटे लोग।

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हरासोना व शादी सीजन खत्म होने के बाद अब टोरा संग्रहण में जुटे लोग।

स्थान: बस्तर, जगदलपुर

बस्तर। शादी-विवाह का सीजन समाप्त होते ही बस्तर अंचल के ग्रामीण अब जंगलों में मिलने वाले टोरा (स्थानीय वन उपज) के संग्रहण में जुट गए हैं। इन दिनों गांव-गांव में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे टोरा एकत्रित कर उसे सुखाने और बीज निकालने के कार्य में लगे हुए हैं।

टोरा बस्तर क्षेत्र की महत्वपूर्ण लघु वनोपजों में से एक है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। संग्रहण के बाद टोरा को स्थानीय व्यापारियों के माध्यम से बाजारों तक पहुंचाया जाता है, जहां इसकी अच्छी मांग रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती के साथ-साथ टोरा संग्रहण उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन है।

ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक तरीके से टोरा के बीज निकालकर उन्हें सुखाती हैं। इसके बाद बीजों को विक्रय के लिए तैयार किया जाता है। टोरा से प्राप्त आय का उपयोग परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में किया जाता है।

वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में टोरा संग्रहण का कार्य बड़े पैमाने पर किया जाता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ-साथ आर्थिक मजबूती भी मिलती है।

विशेषज्ञों के अनुसार टोरा का उपयोग विभिन्न औषधीय एवं अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिसके कारण इसकी बाजार में मांग लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी टोरा का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।

✍️ आर. एल. कुलदीप

संपादक, RKBHARATNEWS

मो. 6267855263 / 9479083919

 

*नदी पार कर नुगुर पहुंचे कलेक्टर-एसपी, ग्रामीणों से सीधा संवाद, सुदूर वनांचल में चौपाल लगाकर सुनी समस्याएं, सड़क, धान खरीदी और आजीविका योजनाओं पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश*दीपक मरकाम की खबर

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*नदी पार कर नुगुर पहुंचे कलेक्टर-एसपी, ग्रामीणों से सीधा संवाद, सुदूर वनांचल में चौपाल लगाकर सुनी समस्याएं, सड़क, धान खरीदी और आजीविका योजनाओं पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश*दीपक मरकाम की खबर,

 

बीजापुर, 10 जून 2026

बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र भैरमगढ़ विकासखंड के नुगुर गांव (हुर्रगुवाली पंचायत) में कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे ने पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी समीक्षा की।

विशेष बात यह रही कि अधिकारियों ने गांव तक पहुंचने के लिए नदी को पैदल पार किया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

 

*ग्रामीणों की चौपाल में सुनी गईं समस्याएं*

 

गांव में आयोजित चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, आवास, धान खरीदी, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें रखीं।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया तथा कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

*पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश*

 

दौरे के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

 

*धान खरीदी और उपार्जन केन्द्र निर्माण पर हुई चर्चा*

 

ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केतूलनार में धान खरीदी केंद्र हेतु दान उपार्जन केन्द्र के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बैठक में नदी के इस पार से प्रशासन द्वारा धान उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ।

 

किसानों को बिचौलियों से सावधान रहने की सलाह देते हुए अधिकारियों ने कहा कि धान को समर्थन मूल्य पर ही बेचें। किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शासन द्वारा किए जाने वाले भुगतान की जानकारी दी गई।

 

*कृषि और तकनीकी नवाचारों का लिया जायजा*

 

अधिकारियों ने सोलर ड्यूल पंप का अवलोकन किया तथा किसानों को समय पर उर्वरक उठाव और एग्रीस्टैक पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

 

*स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों का निरीक्षण*

 

दौरे के दौरान स्कूल भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं तथा आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने शिक्षा एवं पोषण सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।

 

*आवास, शौचालय और आजीविका गतिविधियों पर जोर*

 

ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के सर्वे में शामिल होकर पात्रता अनुसार मकान निर्माण कराने की जानकारी दी गई। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण, मनरेगा के तहत डबरी निर्माण तथा गाय शेड निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया गया।

 

अधिकारियों ने ग्रामीणों से सूअर पालन, बकरी पालन तथा अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

 

प्रशासन को अपने बीच पाकर बढ़ा ग्रामीणों का आत्मविश्वास,

 

कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ सहित वरिष्ठ अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

ग्रामीणों ने बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं और मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं। कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सभी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने तथा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के समुचित विस्तार के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।

 

शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।

दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।” — कलेक्टर श्री विश्वदीप

अमर्यादित भाषा का उपयोग करने वाले जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई को पद से देना चाहिए इस्तीफा – स भाषा का उपयोग करने वाले जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई को पद से देना चाहिए इस्तीफा – संतो दुग्गा

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अमर्यादित भाषा का उपयोग करने वाले जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई को पद से देना चाहिए इस्तीफा – स भाषा का उपयोग करने वाले जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई को पद से देना चाहिए इस्तीफा – संतो दुग्गा

दुर्गुकोंदल। दुर्गुकोंदल मुख्यालय में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई द्वारा सार्वजनिक मंच से कर्मचारियों के प्रति कथित रूप से अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किए जाने पर भाजपा नेता संतो दुग्गा ने कड़ी आपत्ति जताई है।

संतो दुग्गा ने कहा कि सुशासन तिहार जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। ऐसे मंच से किसी जनप्रतिनिधि द्वारा कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का उपयोग करना न केवल अनुचित है, बल्कि जनप्रतिनिधि पद की गरिमा के भी विपरीत है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करना होता है। यदि किसी विभागीय कार्य को लेकर असहमति या शिकायत है तो उसे उचित मंच पर रखा जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से कर्मचारियों का अपमान किया जाए।

संतो दुग्गा ने कहा कि कर्मचारियों के प्रति अमर्यादित व्यवहार और भाषा का उपयोग करने वाले जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए तथा कर्मचारियों और जनता से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन मर्यादा और सम्मान की सीमा का पालन करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों के आचरण से समाज में सकारात्मक संदेश जाना चाहिए, न कि विवाद और कटुता का वातावरण निर्मित होना चाहिए।

महासमुंद में चर्चित ‘चाऊरवाले बाबा’ गिरफ्तार दुष्कर्म मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, क्षेत्र में मचा हड़कंप।

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RKBHARATNEWS – हर खबर पर नजर मुख्य समाचार | 10 जून 2026 | बुधवार

✍️ संपादक: आर. एल. कुलदीप

📱 6267855263 | 9479083919

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ महासमुंद में चर्चित ‘चाऊरवाले बाबा’ गिरफ्तार दुष्कर्म मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, क्षेत्र में मचा हड़कंप।

 

गिरफ्तारी के बाद मीडिया से चर्चा करते ‘चाऊरवाले बाबा’ तथा पुलिस कार्रवाई का दृश्य।

 

महासमुंद ब्यूरो

महासमुंद जिले में ‘चाऊरवाले बाबा’ के नाम से चर्चित आचार्य नरेंद्र नयन को दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्राप्त शिकायत एवं जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

 

पुलिस जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आवश्यक साक्ष्य संकलित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र में चर्चा का विषय

गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद जिले भर में इस मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

 

अन्य प्रमुख समाचार ▪ बस्तर में महुआ फूल संग्रहण का सीजन चरम पर

▪ कापसी क्षेत्र में नेटवर्क समस्या से लोग परेशान

▪ सुशासन तिहार कार्यक्रमों का आयोजन जारी आज होगी अंतिम।

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🌐 RKBHARATNEWS “हर खबर पर नजर”

✍️ संपादक: आर. एल. कुलदीप 📱 6267855263 | 9479083919

 

*प्रधानमंत्री आवास के नाम पर  ,सचिव द्वारा 80 हजार की वसूली, गरीब आदिवासि आज भी खपरैल झोपडी में निवास रथ है*, दीपक मरकाम की खबर,

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*प्रधानमंत्री आवास के नाम पर  ,सचिव द्वारा 80 हजार की वसूली, गरीब आदिवासि आज भी खपरैल झोपडी में निवास रथ है*, दीपक मरकाम की खबर,

*दम्मूर पंचायत में निगरानी के अभाव में एक वर्ष से दबा रहा मामला, हितग्राही सचिव के पीछे भटकते रहे और जिम्मेदार अधिकारी बने रहे अनजान*

 

बीजापुर – प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच ग्राम पंचायत दम्मूर में सामने आया एक मामला ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

पंचायत के तत्कालीन सचिव ओम प्रकाश कोरम पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वीकृत दो आदिवासी हितग्राहियों से मकान बनवाने के नाम पर 40-40 हजार रुपये कुल 80 हजार रुपये लिए लेकिन न तो मकान बनवाया गया और न ही अब तक राशि वापस की गई।

 

पीड़ित हितग्राही सुरेश चिडे़म का कहना है कि उन्होंने पक्के मकान बनाकर देने की उम्मीद में सचिव को राशि दी थी। इसके बाद आवास निर्माण कार्य शुरू तो हुआ लेकिन केवल गड्ढे खोदकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। समय बीतता गया, लेकिन न मकान बन पाया और न ही हितग्राहियों को उनकी राशि वापस मिली।

 

मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बीते एक वर्ष से अधिक समय के दौरान न तो इंजीनियर ने स्थल का निरीक्षण किया और न ही जनपद पंचायत के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यदि समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी की जाती तो हितग्राहियों की परेशानी सामने आ सकती थी और कथित अनियमितता की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को पहले ही मिल जाती।

 

जून 2025 से अब तक एक वर्ष का लंबे समय हो गया मामला पूरी तरह दबा रहा और गरीब आदिवासी परिवार अपने हक के लिए भटकते रहे। हितग्राहियों ने कई बार सचिव से आवास बनाकर देने या राशि वापस की मांग की लेकिन अब तक न आवास बना और न ही राशि वापस करने की कोई पहल की गई।

 

इस पूरे मामले को लेकर जनपद पंचायत भोपालपटनम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आदित्य कुंजाम से बात की गई तो उन्होंने बयान देने के लिए अधिकृत नहीं होने और जिला पंचायत के सीईओ से बयान लेने की बात कही। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन, निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और गरीब हितग्राहियों को न्याय कब तक मिल पाता है।

जिले के युवाओं के लिए इजराइल में रोजगार का सुनहरा अवसर, होम-केयर गिवर पद हेतु आवदेन आमंत्रित,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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जिले के युवाओं के लिए इजराइल में रोजगार का सुनहरा अवसर, होम-केयर गिवर पद हेतु आवदेन आमंत्रित,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,- जिले के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार प्राप्त करने का सुनहरा अवसर उपलब हुआ है। राज्य शासन के निर्देशानुसार इजराइल मंे होम-केयर गिवर पदों पर भर्ती की जा रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत बीजापुर जिले के योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस पद के लिए ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, नर्स असिंस्टेंट या जनरल ड्यूटी असिस्टेंट जैसी योग्यताओं वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अभ्यर्थी की आयु 25 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उर्त्तीण निर्धारित की गई है। तथा इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी विषय का अध्ययन किया होना अनिवार्य है।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एनएसडीसी के जरिए भारत-इजराइल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत होम बेस्ड केयर गिवर पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को इजराइल में कार्य करने का अवसर मिलेगा जहां चिकित्सा बीमा, आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही 6 दिनों का राष्ट्रीय अवकाश तथा 16 दिनों का वार्षिक अवकाश भी दिया जाएगा। सभी कटौतियों के पश्चात लगभग 2 लाख रूपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त होगा।
इच्छुक अभ्यर्थी 09 जून 2026 से 12 जून 2026 तक निर्धारित अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बीजापुर में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,जिले के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार प्राप्त करने का सुनहरा अवसर उपलब हुआ है। राज्य शासन के निर्देशानुसार इजराइल मंे होम-केयर गिवर पदों पर भर्ती की जा रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत बीजापुर जिले के योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस पद के लिए ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, नर्स असिंस्टेंट या जनरल ड्यूटी असिस्टेंट जैसी योग्यताओं वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अभ्यर्थी की आयु 25 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उर्त्तीण निर्धारित की गई है। तथा इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी विषय का अध्ययन किया होना अनिवार्य है।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एनएसडीसी के जरिए भारत-इजराइल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत होम बेस्ड केयर गिवर पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को इजराइल में कार्य करने का अवसर मिलेगा जहां चिकित्सा बीमा, आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही 6 दिनों का राष्ट्रीय अवकाश तथा 16 दिनों का वार्षिक अवकाश भी दिया जाएगा। सभी कटौतियों के पश्चात लगभग 2 लाख रूपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त होगा।
इच्छुक अभ्यर्थी 09 जून 2026 से 12 जून 2026 तक निर्धारित अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बीजापुर में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।

*आजादी के 78 साल बाद विकास की दस्तकः अबुझमाड़ के मयूरीपारा तक पहुंची सड़क*,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*आजादी के 78 साल बाद विकास की दस्तकः अबुझमाड़ के मयूरीपारा तक पहुंची सड़क*,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/ भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील एवं पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत वर्ष 2016-17 के तहत किया जा रहा है। परियोजना के तहत अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि मुरूमीकरण एवं 6 पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य इसी माह जून में पूरा कर लिया जाएगा।
ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने बताया कि यह क्षेत्र लंबे समय तक दुर्गम और पहुंचविहीन रहा है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था। बरसात के दिनों में स्थिति और भी कठिन हो जाती थी, जब नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था और घंटों का समय लग जाता था। उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं। गांव के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने लगी है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को भी राहत मिली है। स्वास्थ्य सेवाएं अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से उपलब्ध हो रही हैं और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बनकर आई है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

मद्देड नगर पंचायत का दर्जा: नागरिकों के लिए संभावित नुकसान, दीपक मरकाम की खबर,,

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मद्देड नगर पंचायत का दर्जा: नागरिकों के लिए संभावित नुकसान, दीपक मरकाम की खबर,,

 

बीजापुर जिले के विकास खण्ड  भोपाल पटनम अंतर्गत ग्राम पंचायत को बड़ा पंचायत क्षेत्र होने के कारण नगर पंचायत की मांग उठी थी मगर नगर पंचायत बनने पर कर, , पानी, हाउस, ठेलों, विकास कार्य, टैक्स सहित अन्य अन्य शुल्क लागू हो जाएंगे।

 

1 ,करों का बढ़ता बोझ,

नगर पंचायत बनने के बाद हाउस टैक्स, पानी टैक्स और अन्य शुल्क लागू होने से आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

 

2 ,सुविधाओं में तत्काल सुधार का अभाव,

दर्जा बदलने के बावजूद सड़क, पानी, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में तुरंत सुधार नहीं होता, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता है।

 

3 , प्रशासनिक खर्च में वृद्धि,

नए कार्यालय, कर्मचारियों और व्यवस्थाओं के कारण खर्च बढ़ता है, जिसका अप्रत्यक्ष बोझ जनता पर ही पड़ता है।

 

4 ,छोटे व्यापारियों पर असर,

नियम-कायदों की सख्ती से छोटे दुकानदारों और ठेले वालों पर कार्रवाई बढ़ सकती है, जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होती है।

 

5 , अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई,

नगर पंचायत बनने के बाद अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेज होती है, जिससे कई परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।

 

6,ग्रामीण लाभों में कमी,

पहले जो योजनाएं ग्राम पंचायत के तहत मिलती थीं, उनमें कटौती या बदलाव हो सकता है, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है।

 

7 ,योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी,

नई व्यवस्था में तालमेल की कमी के कारण विकास कार्यों में देरी होती है, जिससे जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है।

 

8 ,जनसुनवाई और पहुंच में दूरी,

ग्राम स्तर पर जो सीधी पहुंच और संवाद था, वह कम हो जाता है, जिससे आम लोगों की समस्याएं जल्दी नहीं सुलझ पातीं।

अब एक कॉल पर सुनी जाएगी जनता की हर समस्या मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा – सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी नई मजबूती.. का हुआ शुभारम्भ।

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अब एक कॉल पर सुनी जाएगी जनता की हर समस्या मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा – सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी नई मजबूती.. का शुभारम्भ।

 

 

*42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण*रायपुर, 9 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “नागरिक देवो भव” के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग श्री राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

बड़ेडोंगर में ‘मिशन कमल विकसित केशकाल कार्यशाला’ संपन्न, विकास एवं संगठन सशक्तिकरण पर हुआ मंथन*

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*बड़ेडोंगर में ‘मिशन कमल विकसित केशकाल कार्यशाला’ संपन्न, विकास एवं संगठन सशक्तिकरण पर हुआ मंथन*
राजमन, नाग

  1. फरसगांव :- क्षेत्र के बड़ेडोंगर में भाजपा द्वारा आयोजित “मिशन कमल विकसित केशकाल कार्यशाला” का सफल एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। कार्यशाला में संगठन विस्तार, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा केशकाल विधानसभा के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित केशकाल का सपना तभी साकार होगा जब संगठन की मजबूती के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसमस्याओं के समाधान एवं विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
    मंडल प्रभारी श्री प्रशांत पात्र ने भी कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति युवा जोश के साथ सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने पर जोर दिया

कार्यशाला में मंडल अध्यक्ष महेंद्र सलाम, भाजपा जिला मंत्री हेमचंद देवांगन, मंडल महामंत्री श्री परमेश्वर सेठिया श्री रामसाय नाग सहकारिता प्रकोष्ठ संयोजक विद्यासागर नायक तथा स्थानीय सरपंच श्रीमती चंद्रवती पुजारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और क्षेत्र के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने एकजुट होकर केशकाल विधानसभा को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में संगठनात्मक रणनीति, जनसंपर्क अभियान और आगामी विकास कार्यों को लेकर भी महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, संगठन सशक्तिकरण और विकसित केशकाल के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।

अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे 11 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि धर (MBBS, MD, DrNB नेफ्रोलॉजी) मरीजों की जांच एवं परामर्श देंगे।

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महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में अग्रवाल नर्सिंग होम लगातार प्रयास कर रहा है। अस्पताल में अब किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और आधुनिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में 11 जून को किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि धर मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श देंगे।

किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम में जिले के सबसे बड़े और अत्याधुनिक 8 बिस्तरों वाले डायलिसिस यूनिट का संचालन किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है।

अस्पताल में डायबिटिक किडनी रोग, किडनी फेल्योर, किडनी में सूजन एवं संक्रमण, मूत्रमार्ग संक्रमण, पथरी, प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्याएं, एक्यूट एवं क्रोनिक किडनी डिजीज सहित विभिन्न रोगों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा पेशाब संबंधी शिकायतें, पैरों में सूजन, रक्त अल्पता एवं कमजोरी जैसी समस्याओं के लिए भी विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध है।

11 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि धर (MBBS, MD, DrNB नेफ्रोलॉजी) मरीजों की जांच एवं परामर्श देंगे। अस्पताल प्रबंधन ने विशेष रूप से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से ग्रस्त लोगों से समय-समय पर किडनी की जांच कराने की अपील की है।

अस्पताल में बीजू एवं आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।

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राहुल भोई महासमुं..

महासमुंद जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग लगातार अभियान चला रहा है। विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर बड़ी मात्रा में महुआ शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने और बेचने में शामिल आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब हैँ की ताज़ा मामले मे आबकारी विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 216 लीटर महुआ शराब जब्त की। इस दौरान 5 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। मामले पर आबकारी विभाग के आला अधिकारी श्री अजय पाण्डेय ने बताया है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से शासन को राजस्व की हानि होती है, इसलिए ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही होटल, ढाबों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाकर जांच की जा रही है.. …

 

 

 

 

 

 

भानुप्रतापपुर,शिवसेना द्वारा भानुप्रतापपुर मे भाजपा काग्रेस नेताओ के फटाका फोड़ने के विवाद पर कहा है कि…।

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*भानुप्रतापपुर,शिवसेना द्वारा भानुप्रतापपुर मे भाजपा काग्रेस नेताओ के फटाका फोड़ने के विवाद पर कहा है कि भानुप्रतापपुर नगर कि जनता पिने के पानी के लिए परेशान है।नगर मे नियमित साफ-सफाई नही हो रहा है। नगर मे अनियंत्रित निर्माण कार्य होने,बेलगाम यातायात से जनता परेशान है।जनता अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य समस्या, बेरोजगारी, महगाई के विषय मे परेशान है ।उस पर ये भाजपा काग्रेस के नेता जनता कि समस्या दुर करना छोड़कर नौटंकी कर रहे है।शिवसेना छेत्र के आम जनता से आह्वान करती है कि जहा भी आम जनता को कोई समस्या हो आप छेत्र के शिवसेना कार्यकर्त्ता से संपर्क करे। शिवसैनिक आपकी हर समस्या एव छेत्र मे होने वाले किसी भी प्रकार के अन्याय, अत्याचार, शोषण, दमन,भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने तत्पर है।*

CTET 2026: शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी, तैयारी में जुटे अभ्यर्थी।

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CTET 2026: शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी, तैयारी में जुटे अभ्यर्थी

 

नई दिल्ल।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। देशभर के लाखों अभ्यर्थी शिक्षक बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं।

 

CTET परीक्षा दो स्तरों में आयोजित की जाती है। Paper-I कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए तथा Paper-II कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए निर्धारित है। परीक्षा में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP), हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन एवं सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहते हैं।

 

विशेषज्ञों के अनुसार CTET में सफलता प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को प्रतिदिन नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट तथा पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना चाहिए। खासतौर पर Child Development and Pedagogy (CDP) विषय पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि यह विषय परीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

अभ्यर्थियों को NCERT की पुस्तकों के साथ-साथ Arihant CTET Guide, Lucent GK और CTET Previous Year Papers का अध्ययन करने की सलाह दी जा रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।

 

CTET उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने का अवसर मिलता है। इसके अलावा निजी एवं सरकारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए भी CTET प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

शिक्षा जगत से जुड़े जानकारों का कहना है कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। अभ्यर्थियों को अभी से अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना चाहिए ताकि परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

 

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✍️ आर. एल. कुलदीप

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कांग्रेस के घटते जनाधार से विपक्ष में बौखलाहट, विकास कार्यों में बाधा डालने का प्रयास : बिदेसिंह कल्लो

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कांग्रेस के घटते जनाधार से विपक्ष में बौखलाहट, विकास कार्यों में बाधा डालने का प्रयास : बिदेसिंह कल्लो

*सुशासन तिहार का विरोध और अधिकारियों पर अभद्र टिप्पणी कांग्रेस की हताशा दर्शाती है : रामचंद्र कल्लो*

*भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जनता खुश, विपक्ष फैला रहा भ्रम : भाजपा नेताओं का आरोप*

 

दुर्गूकोदल, 8 जून 2026। भारतीय जनता पार्टी मंडल दुर्गूकोदल के अध्यक्ष बिदेसिंह कल्लो एवं मंडल महामंत्री रामचंद्र कल्लो ने कांग्रेस नेताओं द्वारा हाल के दिनों में किए जा रहे धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और शासन-प्रशासन के विरुद्ध दिए जा रहे बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि क्षेत्र में कांग्रेस का जनाधार लगातार घट रहा है, जिसके कारण उसके जनप्रतिनिधि बौखलाहट में इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

मंडल अध्यक्ष बिदेसिंह कल्लो ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से विकास कार्यों को गति मिली है और आम जनता के बीच सरकार की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं गांव, शहर और अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। जनता को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे विपक्ष परेशान और असहज महसूस कर रहा है।

भाजपा मंडल महामंत्री रामचंद्र कल्लो, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति देवेंद्र टेकाम,पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री विजय पटेल, जनपद सदस्य पीलम नरेटी एवं भाजपा महामंत्री एवं सरपंच शकुंतला नरेटी ने संयुक्त रूप से कहा कि सार्वजनिक मंचों से शासन की जनकल्याणकारी नीतियों का विरोध करना और अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी शासन के निर्देशों का पालन करते हुए ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, ऐसे में उनके मनोबल को गिराने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस क्षेत्र की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। लगातार आंदोलन, धरना और चक्का जाम के माध्यम से क्षेत्र का विकास बाधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को परेशान कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि भाजपा सरकार विकास और जनहित के मुद्दों पर लगातार कार्य कर रही है।

 

नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की स्थिति को भी याद रखना चाहिए। आज जब सरकार पारदर्शिता और सुशासन के साथ योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, तब विपक्ष द्वारा अनावश्यक विवाद खड़ा करना जनता के हित में नहीं है।

 

भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि क्षेत्र की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति का समर्थन करती रहेगी तथा नकारात्मक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से जनहित और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देने की अपील भी की।

आरोपों की राजनीति छोड़ प्रमाण प्रस्तुत करें, चक्काजाम से नहीं चलेगा जनहित का आंदोलन – दीपक पुड़ो

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आरोपों की राजनीति छोड़ प्रमाण प्रस्तुत करें, चक्काजाम से नहीं चलेगा जनहित का आंदोलन – दीपक पुड़ो

दुर्गूकोंदल की छवि खराब करने की साजिश बर्दाश्त नहीं, जनप्रतिनिधि पहले अपने दायित्व निभाएं

 

 

 

*कांकेर-* जनपद पंचायत दुर्गूकोदल में कथित कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर किए जा रहे चक्काजाम आंदोलन पर भाजपा युवा मोर्चा कांकेर के जिला मीडिया प्रभारी दीपक पुड़ो ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस प्रमाण के गंभीर आरोप लगाना और फिर जनता को परेशान कर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास करना पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है।

दीपक पुड़ो ने कहा कि यदि वास्तव में किसी अधिकारी द्वारा कमीशनखोरी की गई है तो उसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं और सक्षम जांच एजेंसियों को सौंपे जाएं। लोकतंत्र में आरोप लगाने का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोपों को प्रमाणित करना भी उतना ही आवश्यक है। केवल बयानबाजी और चक्काजाम से न तो भ्रष्टाचार साबित होता है और न ही समस्याओं का समाधान निकलता है।

उन्होंने कहा कि जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को पहले जनपद पंचायत की बैठक बुलाकर विषय को सभी सदस्यों के समक्ष रखना चाहिए था। जनप्रतिनिधियों का दायित्व समाधान निकालना होता है, न कि राजनीतिक प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरना।

दीपक पुड़ो ने कहा कि आज दुर्गूकोदल क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, लेकिन कुछ लोग अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए क्षेत्र की छवि को धूमिल करने में लगे हुए हैं। जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन विकास की राजनीति कर रहा है और कौन केवल विवाद पैदा कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास भ्रष्टाचार के प्रमाण हैं तो भाजपा युवा मोर्चा भी निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन करेगा, लेकिन बिना तथ्य और साक्ष्य के लगाए गए आरोप केवल राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं।

भाजपा युवा मोर्चा जिला मीडिया प्रभारी दीपक पुड़ो ने कहा कि दुर्गूकोदल की जनता विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, न कि सड़क जाम कर आम नागरिकों को परेशान करने वाली राजनीति। जनहित के मुद्दों का समाधान लोकतांत्रिक संवाद, तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है।

हर खबर पर नजर….कापसी क्षेत्र में जियो नेटवर्क से उपभोक्ता परेशान, बेहतर सेवा की मांग।

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हर खबर पर नजर….कापसी क्षेत्र में जियो नेटवर्क से उपभोक्ता परेशान, बेहतर सेवा की मांग

कापसी, कांकेर |

कापसी क्षेत्र में जियो नेटवर्क की खराब सेवाओं को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि मोबाइल कॉल नहीं लग रही है, बार-बार कॉल कट जाती है तथा इंटरनेट की गति अत्यंत धीमी हो गई है। कई गांवों में नेटवर्क पूरी तरह से गायब रहने की शिकायत भी सामने आ रही है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि वे नियमित रूप से रिचार्ज करा रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण सेवा नहीं मिल रही है। खराब नेटवर्क के कारण ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी पोर्टल तथा दैनिक संचार कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

नागरिकों ने जियो कंपनी से मांग की है कि क्षेत्र में नेटवर्क व्यवस्था को तत्काल सुधारते हुए अतिरिक्त टावर और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे उपभोक्ता मंच एवं संबंधित विभागों में सामूहिक शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे।

क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट कहा कि वे केवल बेहतर नेटवर्क, स्पष्ट कॉलिंग सुविधा और तेज इंटरनेट सेवा चाहते हैं। उपभोक्ताओं का मानना है कि नियमित भुगतान के बदले बेहतर सेवा प्राप्त करना उनका अधिकार है।

“हम उपभोक्ता हैं, भीख नहीं मांगते – हमें चाहिए बेहतर सेवा।”

✍️ संपादक: आर. एल. कुलदीप

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RKBHARATNEWS – हर खबर पर नजर

*  पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म, जिला प्रशासन ने दिए पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश* दीपक मरकाम की खबर,

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*  पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म, जिला प्रशासन ने दिए पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश* दीपक मरकाम की खबर,

बीजापुर दिनांक

जिला मुख्यालय बीजापुर में संचालित पेट्रोल पंपों में से कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन (पेट्रोल/डीजल) का स्टॉक अस्थायी रूप से समाप्त (Pump Dry) होने के कारण आज उनके संचालन में बाधा उत्पन्न हुई।

इस संबंध में जानकारी प्राप्त होते ही संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों से संपर्क कर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

 

जिला मुख्यालय में साप्ताहिक बाजार के दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आम नागरिक विभिन्न कार्यों से आते हैं, जिससे ईंधन की मांग में वृद्धि होती है।

ऐसी स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा समय पर ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया है।

 

साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी की स्थिति उत्पन्न न हो तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े।

जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है एवं आवश्यकतानुसार समन्वय स्थापित कर ईंधन आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

*जिला स्तरीय कक्षा 7वीं नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित बीआरजीएस प्रशिक्षण संपन्न हुआ*,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*जिला स्तरीय कक्षा 7वीं नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित बीआरजीएस प्रशिक्षण संपन्न हुआ*,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,/छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद शंकर नगर रायपुर के निर्देशन और डाइट प्राचार्य वेंकट रमन के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में बीजापुर जिले के चारों विकासखंड के 96 बीआरजीएस का कक्षा 7वीं नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित उच्च प्राथमिक शिक्षकों का जिला स्तर पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण 01 से 05 जून तक पांच दिवससीय प्रशिक्षण एससीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित डीआरजीएस के माध्यम से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बीजापुर में डाइट फेकल्टी एवं विकासखंडों से आए शिक्षकों की उपस्थिति में पूजा अर्चना एवं सरस्वती वंदना के साथ शुभारंभ होते हुए संपन्न हुआ।
जिले के चारों विकासखंड से चयनित सभी विषयों हिंदीं, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान एवं समाजिक विज्ञान शिक्षकों का अलग-अलग कक्षों में डीआरजीएस के माध्यम से राज्य से प्रदाय समय सारणी अनुसार, दिवसवार नवीन पाठ्यपुस्तकों का परिचय, महत्व, रूपरेखा एवं सभी विषयों की विषयगत अवधारणाओं को गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुतीकरण के साथ चर्चा-परिचर्चा करते हुए समझ विकसित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस डाइट प्राचार्य ने सभी प्रतिभागियों से चर्चा परिचर्चा करते हुए, नवीन पाठ्यपुस्तक पर आधारित बीआरजीएस प्रशिक्षण के महत्व एवं क्रियान्वयन आदि के बारे में विस्तार से बताया और शिक्षक प्रशिक्षण में बताई गई जानकारियों को विद्यालय में बेहतर रूप से संचालित करने का अनुरोध किया। प्रशिक्षण के सभी विषयों के डीआरजीएस द्वारा एससीईआरटी के निर्देशानुसार प्रशिक्षण प्रदाय कर सभी विषयगत अवधारणाओं को ब्लाकों/शालाओं में बेहतर ढंग से करवाने हेतु प्रेरित किया। प्री टेस्ट एवं पोस्ट टेस्ट का आयोजन भी हुआ। तत्पश्चात प्रमाण पत्रों का वितरण कर सभी की उपस्थिति में फोटो सेशन के साथ प्रशिक्षण का समापन हुआ।

199 वाहिनी के. रि. पु. बल ने हर्रा/ अर्रा (पीडिया) गांव के जंगल इलाके से बरामद किया आई0ई0डी और नक्सल डंप

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दिनांक 07 जून 2026 को Central Reserve Police Force (CRPF) की 199 वाहिनी की एफ/199 कंपनी ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। 199 वाहिनीं की आसूचना के आधार पर, कमांडेंट-199 वाहिनी श्री आनंद कुमार के कुशल मार्गदर्शन व श्री कुमार नीरज द्वितीय कमान अधिकारी की देखरेख में एफ/199 कंपनी द्वारा कंपनी कमांडर नि/जीडी के0बी0 पांडा की कमांड में पीडिया क्षेत्र के हर्रा/ अर्रा (पीडिया) गांव के घने जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया 03 आई0ई0डी और 02 नक्सल डंप बरामद किया गया ।

 अभियान के दौरान जवानों ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए इलाके की घेराबंदी की तथा चरणबद्ध तरीके से सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा भविष्य में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद की गई। बरामद डंप में IED बनाने की वस्तुएं जैसे गन पाउडर, जिलेटीन स्टीक, कमेशियल डेटोनेटर और 15 मेडीकल आईटमस आदि सामग्री शामिल है जो कुल मिलाकर 21 तरह की वस्तुएं बरामद की हैं । 

 उल्लेखनीय है कि हर्रा/ अर्रा (पीडिया) एवं आसपास का क्षेत्र पूर्व में नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। CRPF की 199 वाहिनी द्वारा लगातार चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के परिणामस्वरूप क्षेत्र में नक्सल प्रभाव समाप्त हो चुका है और स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है। इस सफल कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है ।

 CRPF की 199 वाहिनी आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्र में शांति एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 199 वाहिनी द्वारा भविष्य में भी आसूचना आधारित अभियानों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा, ताकि नक्सलवाद विचारधारा पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके ।

केंद्रीय जेल जगदलपुर में लगातार दो बंदियों की मृत्यु : क्या राज्य सरकार, जेल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बच सकते हैं :- नवनीत चाँद

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बस्तर संभाग की केंद्रीय जेल जगदलपुर से पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर महिला बंदी की कथित आत्महत्या और दूसरी ओर बंदी रमेश कुंजाम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने जेल प्रशासन, जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

जेल कोई दंडात्मक मृत्यु केंद्र नहीं, बल्कि कानून के शासन के अंतर्गत संचालित एक संवैधानिक संस्था है, जहां बंदियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन की रक्षा करना राज्य का दायित्व है। यदि राज्य की अभिरक्षा में रह रहे व्यक्तियों की लगातार मृत्यु हो रही है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त “जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार” पर भी गंभीर प्रश्न है।

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) यह स्पष्ट रूप से मानते हैं कि किसी भी बंदी का अपराध, विचारधारा, मुकदमा या सामाजिक पृष्ठभूमि उसके मौलिक अधिकारों को समाप्त नहीं करती। राज्य की हिरासत में प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा की संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार और जेल प्रशासन की होती है।

राज्य सरकार से हमारे सीधे सवाल

1. पांच दिनों के भीतर दो बंदियों की मृत्यु कैसे हुई?

2. क्या राज्य सरकार ने केंद्रीय जेल जगदलपुर की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था का कभी स्वतंत्र ऑडिट कराया?

3. क्या जेलों में पर्याप्त चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और सुरक्षा कर्मी उपलब्ध हैं?

4. क्या राज्य सरकार इन घटनाओं की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी स्वीकार करेगी?

जेल प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों से सवाल

1. महिला बंदी की आत्महत्या जैसी घटना जेल परिसर के भीतर कैसे हुई?

2. क्या संवेदनशील एवं मानसिक तनावग्रस्त बंदियों की पहचान और निगरानी की व्यवस्था थी?

3. रमेश कुंजाम की दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता देने में कितना समय लगा?

4. क्या घटना के समय सभी सीसीटीवी कैमरे कार्यरत थे?

5. क्या जेल मैनुअल और मॉडल प्रिजन मैनुअल 2016 का पालन किया जा रहा था?

जिला प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सवाल

1. क्या केंद्रीय जेल का नियमित निरीक्षण किया गया?

2. क्या जिला स्तरीय निगरानी समितियां सक्रिय हैं?

3. क्या क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जेल व्यवस्था की समीक्षा की?

4. क्या पीड़ित परिवारों से मिलकर न्याय दिलाने की पहल की गई?

संवैधानिक एवं कानूनी पहलू

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है। सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक निर्णयों में कहा है कि जेल में बंद व्यक्ति भी मौलिक अधिकारों से वंचित नहीं होता।

जेल अधिनियम 1894, मॉडल प्रिजन मैनुअल 2016 तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से बंदियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, निगरानी, मानसिक स्वास्थ्य सहायता तथा हिरासत में हुई मृत्यु की स्वतंत्र जांच की व्यवस्था का प्रावधान करते हैं।

यदि इन नियमों के पालन में लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई होना अनिवार्य है।

हमारी प्रमुख मांगें

1. उच्च स्तरीय न्यायिक जांच

केंद्रीय जेल जगदलपुर में हुई दोनों मौतों की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अथवा जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर की स्वतंत्र समिति से कराई जाए।

2. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

जांच पूर्ण होने तक संबंधित अधिकारियों को प्रशासनिक दायित्वों से पृथक किया जाए तथा दोष सिद्ध होने पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. पीड़ित परिवारों को न्याय एवं मुआवजा

दोनों मृतकों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता, मुआवजा तथा कानूनी सहायता प्रदान की जाए।

4. सीसीटीवी एवं दस्तावेज सुरक्षित किए जाएं

संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच दस्तावेज संरक्षित कर स्वतंत्र जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए जाएं।

5. बस्तर संभाग के सभी जेलों का विशेष ऑडिट

जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव एवं अन्य जेलों का सुरक्षा, स्वास्थ्य, मानवाधिकार एवं प्रशासनिक ऑडिट कराया जाए।

6. जेल सुधार अभियान

जेलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता, नियमित चिकित्सा परीक्षण, मानवाधिकार संरक्षण तंत्र तथा आधुनिक निगरानी व्यवस्था को अनिवार्य रूप से मजबूत किया जाए।

हमारा स्पष्ट मत

यदि राज्य की अभिरक्षा में रहने वाले व्यक्तियों का जीवन सुरक्षित नहीं है, तो लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, दोषियों की जवाबदेही तय कराने और बस्तर संभाग की जेल व्यवस्था में व्यापक सुधार हेतु जनआंदोलन एवं लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेंगे।

हम राज्य सरकार, जेल मंत्री, विभागीय सचिव, जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग करते हैं कि वे इस मामले को मात्र विभागीय औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे मानवाधिकार, संवैधानिक दायित्व और न्याय के प्रश्न के रूप में देखें।

न्याय, जवाबदेही और मानवाधिकारों की रक्षा ही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है।

— नवनीत चाँद

मुख्य संयोजक, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा

बस्तर संभाग अध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)

ज़ोरदार खर्राटे सिर्फ आदत नहीं, स्लीप एपनिया का संकेत भी हो सकते हैं! मिलिए अग्रवाल नर्सिंग होम की चेस्ट फिजिशियन डॉ श्री रजनी से…

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MULTISPECIALITY HOSPITAL

ज़ोरदार खर्राटे

सिर्फ आदत नहीं,

स्लीप एपनिया

का संकेत भी हो सकते हैं!

लक्षण:

• रात में सांस रुकना

• अचानक घुटन महसूस होना

• सुबह सिरदर्द या दिनभर थकान रहना

इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें ▲

इसे नज़रअंदाज़ करना बढ़ा सकता है:

• हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

• हृदय रोग का खतरा

• दिनभर नींद या थकान महसूस होना

• याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

डॉ. श्री रजनी

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कटहल के नीचे छिपाकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था 125 किलो गांजा, महासमुंद पुलिस ने 70 लाख से अधिक की संपत्ति के साथ दो तस्करों को दबोचा..

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राहुल भोई महासमुंद…

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के रेहटीखोल चेक पोस्ट में पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त कार्रवाई में कटहल के नीचे छिपाकर ले जाए जा रहे करीब 125.700 किलोग्राम गांजा को जब्त किया गया है। मामले में उत्तर प्रदेश के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक पिकअप वाहन क्रमांक UP-70 LT 0860 में कटहल की आड़ में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही रेहटीखोल अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। कुछ ही देर बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए की संदिग्ध पिकअप वाहन वहां पहुंची। पुलिस ने वाहन को रोककर पूछताछ की, जिसमें चालक ने अपना नाम धीरेंद्र कुमार गौतम (42 वर्ष) निवासी करछना, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) तथा उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपना नाम लवकुश गौतम (22 वर्ष) निवासी बारा, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बताया।

वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को कटहल के ढेर के नीचे छिपाकर रखी गई चार प्लास्टिक बोरियों में 125.700 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बलांगीर जिले से लाया गया था और इसे प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में खपाने की योजना थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62 लाख 85 हजार रुपये मूल्य का गांजा, 8 लाख रुपये कीमत का टाटा माजदा पिकअप वाहन तथा 8 हजार रुपये मूल्य का मोबाइल फोन जब्त किया है। इस प्रकार कुल 70 लाख 93 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी)(ii)(सी) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है तथा पुलिस गांजा तस्करी के नेटवर्क, स्रोत और गंतव्य बिंदुओं की भी जांच कर रही है।

महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि तस्कर चाहे एम्बुलेंस का सहारा लें या फिर कटहल की आड़, पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र के सामने उनके सभी हथकंडे नाकाम साबित हो रहे हैं। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

*रासायनिक उर्वरक वितरण हेतु नई ई टोकन आधारित प्रणाली पायलट जिला बीजापुर*,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*रासायनिक उर्वरक वितरण हेतु नई ई टोकन आधारित प्रणाली पायलट जिला बीजापुर*,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,भारत सरकार उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय संचालनालय उर्वरक, नई दिल्ली द्वारा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल एफ.एफ.एस. हेतु बीजापुर जिला को पायलट जिला के रूप में चयनित किया गया है। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल एफ.एफ. एस. में सही समय पर उर्वरक की उपलब्धता, समय की बचत, मेहनत की बचत, आसान मोबाइल आधारित प्रक्रिया, आधार से सुरक्षित और सरल सत्यापन, परिवार के सदस्य द्वारा खाद प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस प्रक्रिया में किसान ऐसे विक्रेता का चयन कर क्यू आर कोड जनरेट करेगा जहां उसके लिए स्टॉक उपलब्ध है एफ.एफ. एस. में जिन किसानों के पास फार्मर आईडी है वे मोबाइल आधारित आसान आवेदन कर सकते हैं व जिनके पास फार्मर आईडी नहीं है वे अपने आधार व भूमि विवरण डालकर आवेदन करेंगे । आवेदन की प्रक्रिया में सर्वप्रथम किसान लोक सेवा केंदों, सहकारी समितियों, निजी विक्रेताओं या स्वयं अपने मोबाइल से फार्मर आईडी या आधार नंबर डालकर अपना आधार से सत्यापन करेंगे, फिर फसल का चयन कर जहां उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है उस रिटेलर को चुनकर कर क्यू आर कोड जनरेट करेंगे जो की तीन दिनों के लिए वैध रहेगा, उर्वरक नहीं लेने से वह स्वतह निरस्त हो जायेगा। जनरेटेड क्यू आर कोड को दूसरे दिन चुने गए उर्वरक विक्रेता के, पोस मशीन से स्कैन या टोकन नंबर डालकर या बायोमेट्रिक सत्यापन द्वारा सत्यापित कर उर्वरक प्राप्त किया जावेगा।

*मोहला–जिला पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 75 लाख से अधिक की अवैध शराब और ट्रक जब्त*

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मनीष कौशिक

मानपुर–थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए इस जिले में अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र खपाने ले जाई जा रही लगभग 800 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा और तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया मुखबिर की सटीक सूचना पर मानपुर पुलिस ने एसडीएम कार्यालय के पास चेकिंग पॉइंट लगाकर संदिग्ध वाहन CG 15 DZ 4515 को रोका। पुलिस को देखते ही चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम की फुर्ती और रणनीति के आगे उसकी एक न चली। आरोपी बलराम सिंह डांगी को दौड़ाकर गिरफ्तार किया गया।

जांच में ट्रक से लगभग 800 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 50.28 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं जब्त ट्रक की कीमत 25 लाख रुपये है। कुल मिलाकर पुलिस ने 75.28 लाख रुपये की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि शराब मध्यप्रदेश के बैतूल-मुलताई क्षेत्र से लोड कर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली बॉर्डर क्षेत्र में खपाने ले जाई जा रही थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े तस्करों और सप्लायरों की तलाश में जुटी हुई है कभी हमने कहा था जहां कपिल देव चंद्रा रहेंगे, वहां अपराध का खत्म होना निश्चित है। मानपुर में उनकी ताबड़तोड़ कार्रवाई ने एक बार फिर इस बात पर मुहर लगा दी है। अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर लें, कानून के लंबे हाथों से बच पाना अब मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन होता जा रहा है

*मानपुर पुलिस की इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने अवैध शराब तस्करों में हड़कंप मचा दिया है और जिले में कानून व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।*

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान का आयोजन

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिनांक 05 जून 2026 को 199वीं वाहिनी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), पातुरपारा, भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) तथा इसकी अधीनस्थ कंपनियों द्वारा कमांडेंट श्री आनंद कुमार के मार्गदर्शन में व्यापक वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया।

इस अभियान के दौरान वाहिनी मुख्यालय पातुरपारा तथा विभिन्न कंपनी मुख्यालयों (पेदिया, कोप्पागुड़ा, भैरमगढ़, पिनाकोंडा, कोडोली एवं केशकुटुल) में लगभग 600 पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, बाल छात्रावासों एवं विद्यालयों के बच्चों, वाहिनी के अधिकारियों तथा जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर अधिकारियों, जवानों, स्थानीय नागरिकों एवं स्कूली बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरित आवरण बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा, देखभाल एवं उनके समुचित विकास को सुनिश्चित करने का भी प्रण किया।

जवानों, स्थानीय नागरिकों एवं स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री आनंद कुमार तथा अन्य कंपनी कमांडरों ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण को कम करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वाहिनी के अधिकारियों एवं जवानों ने स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस कार्यक्रम से वाहिनी और स्थानीय समुदाय के बीच आपसी सहयोग, भाईचारा एवं एकता को भी और अधिक मजबूती मिली।

कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र मे 4633 क्विंटल धान का हिसाब गायब,,,,,,,,,,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

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कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र मे 4633 क्विंटल धान का हिसाब गायब,,,,,,,,,,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट÷

कोयलीबेड़ा /

कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र में 4633 क्विंटल धान का हिसाब नहीं, 1.43 करोड़ रुपये की अनियमितता की आशंका

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा धान खरीदी केंद्र में बड़ी अनियमितता सामने आई है। रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के मिलान में 4633.32 क्विंटल धान गायब पाया गया है। प्रारंभिक जांच में इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 43 लाख रुपये आंकी गई है।

खरीदी केंद्र में कुल 58,642.40 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज है।

इनमें से 38,700.48 क्विंटल धान मिलरों को और 15,308.60 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया।

रिकॉर्ड के अनुसार 4,633.32 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था, लेकिन सत्यापन के दौरान मौके पर धान नहीं मिला।

जांच में कमी सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य खरीदी केंद्रों का भी सत्यापन शुरू कर दिया है।,,,,,

मौसम अलर्ट प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल, समीक्षा की आवश्यकता : रोहित सिंह आर्य

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मौसम पूर्वानुमान प्रणाली की सटीकता को लेकर लोगों में गंभीर संदेह

जगदलपुर, बस्तर। पिछले कुछ समय से बस्तर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लगातार “अत्यंत गंभीर” (Extremely Severe) अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। इन अलर्टों में तेज आंधी, बिजली गिरने, भारी वर्षा एवं अन्य आपदाजनक परिस्थितियों की चेतावनी दी जाती है। लेकिन जमीनी स्तर पर बार-बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है जिससे इन चेतावनियों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।

पब्लिक वॉइस के संयोजक रोहित सिंह आर्य ने कहा कि कई अवसरों पर अलर्ट तब जारी हुआ जब आंधी-तूफान और बारिश पहले ही गुजर चुके थे। वहीं अनेक बार “अत्यंत गंभीर” चेतावनी जारी होने के बावजूद न तो कोई विशेष मौसमीय घटना हुई और न ही वैसी परिस्थितियां निर्मित हुईं जैसा अलर्ट में बताया गया था। इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह भी है कि कई बार तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश जैसी घटनाएं घटित हो जाती हैं, लेकिन उससे पहले कोई प्रभावी चेतावनी या अलर्ट जनता तक नहीं पहुंचता। जबकि कई बार वास्तविक घटना न होने पर भी लगातार अलर्ट जारी किए जाते हैं। इस विरोधाभास ने लोगों के मन में मौसम पूर्वानुमान प्रणाली की सटीकता को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

रोहित सिंह आर्य ने कहा कि वर्तमान स्थिति में मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। कई नागरिक इन अलर्टों को लेकर मजाक करने लगे हैं और सोशल मीडिया पर भी इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि यदि जनता का भरोसा चेतावनी प्रणाली से उठ गया तो वास्तविक आपदा के समय भी लोग अलर्ट को नजरअंदाज कर सकते हैं, जिसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए समय पर चेतावनी जारी करना आवश्यक है, लेकिन चेतावनी का समय, उसकी सटीकता और विश्वसनीयता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बार-बार गलत या विलंबित अलर्ट जारी होना किसी भी आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रणाली के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए।

पब्लिक वॉइस मौसम विभाग एवं संबंधित एजेंसियों से मांग करता है कि—

बस्तर संभाग में जारी किए जा रहे अलर्टों की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।

अलर्ट जारी करने के वैज्ञानिक मानदंड सार्वजनिक किए जाएं।

यह बताया जाए कि कितने अलर्ट वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप साबित हुए।

कई मामलों में आंधी-तूफान गुजर जाने के बाद अलर्ट जारी होने के कारणों को स्पष्ट किया जाए।

ऐसी तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जाए जिससे जनता को समय पर और अधिक सटीक जानकारी मिल सके।रोहित सिंह आर्य ने कहा कि जनता को भयभीत करना नहीं, बल्कि सही समय पर सही जानकारी देकर सुरक्षित रखना शासन और प्रशासन का दायित्व है। मौसम संबंधी चेतावनियों की विश्वसनीयता बनाए रखना जनहित और जनसुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।

पब्लिक वॉइस

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण*,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण*,,,,,,,,,,,,,

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*कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) डॉ.जाधव सागर रामचंद्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा हर व्यक्ति को वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और हरित विकास के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित किया।

पोस्ट आफिस बीजापुर में 6 व 7 जून को लगेगा विशेष आधार शिविर,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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पोस्ट आफिस बीजापुर में 6 व 7 जून को लगेगा विशेष आधार शिविर,,,,,,,,,,,,,,,,,

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नया आधार पंजीयन, मोबाइल नंबर अपडेट और अन्य सुधार कार्य होंगे; रविवार को भी मिलेगी सुविधा

बीजापुर ,,,,,,,,,,,,,,,- आम नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग द्वारा बीजापुर पोस्ट ऑफिस में दो दिवसीय विशेष आधार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 6 जून एवं 7 जून को आयोजित होगा, जहां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिक आधार कार्ड बनवाने तथा उसमें आवश्यक सुधार संबंधी कार्य आसानी से करा सकेंगे।

शिविर में नया आधार पंजीयन, मोबाइल नंबर अपडेट, नाम, पता एवं अन्य विवरणों में सुधार जैसी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। विभाग ने बताया कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार को भी आधार सेवाएं जारी रहेंगी, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालों को राहत मिलेगी।

पोस्ट मास्टर वी.के. परमार ने बताया कि आधार कार्ड आज विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में जिन नागरिकों को आधार कार्ड बनवाना है अथवा उसमें किसी प्रकार का संशोधन कराना है, वे निर्धारित तिथियों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त डाकघर द्वारा बचत खाता, सुकन्या समृद्धि खाता, फिक्स डिपॉजिट (सावधि जमा) सहित विभिन्न बचत योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वहीं “हर घर सुरक्षा, हर घर बीमा” अभियान के तहत डाक जीवन बीमा योजनाओं को भी प्राथमिकता के साथ आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। डाक विभाग लोगों को वित्तीय सुरक्षा एवं बचत के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य केवल डाक सेवाएं प्रदान करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी भावना के साथ विभाग “डाक सेवा, जन सेवा” के संकल्प को साकार करने में जुटा हुआ है।

भारतीय डाक विभाग ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में शामिल होने और इस विशेष सुविधा का लाभ लेने की अपील की है। आधार संबंधी कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की भी बचत होगी।

जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,, जिला बीजापुर के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं बीजापुर, उसूर, भैरमगढ, एवं भोपालपटनम में प्रवेश हेतु संचालित व्यवसायों में एक वर्षीय व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल एवं द्विवर्षीय व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार में प्रवेश के लिये 29 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता हैं। प्रवेश के इच्छुक आवेदक स्वयं विभागीय वेबसाइट cgiti.admission.nic.in पर लॉगिन कर अथवा किसी भी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

* बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की जिम्मेदारी-अनवर खान* दीपक मरकाम की खबर 

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* बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की जिम्मेदारी-अनवर खान*

दीपक मरकाम की खबर

 

* सुशासन त्यौहार की खुली पोल प्रदेश में तहसीलदार सहित नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ढप हुआ काम… अब कैसे होगा ग्रामवासियों के समस्या का निदान….

 

सरकार की कार्य प्रणाली पर उठने लगे सवाल… एक तरफ सुशासन का ढकोसला त्यौहार… और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दुराचार….

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व सदस्य अनवर खान ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है  ।

आम जनता समस्याओं से जूझ रही है सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है मगर प्रदेश की जनता को जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के अलावा अपनी जरूरतों की आपूर्ति के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

पंचायत से सुशासन त्यौहार के लिए अवैध वसूली की जा रही है शहरी सहित पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ढप पड़े हुए हैं कई पंचायत के जनप्रतिनिधि संसाधनों एवं बजट की कमी से चिंतित व परेशान है प्रदेश भर में पंचायत व्यवस्था कमजोर हो रही है जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा सुशासन त्योहार से सरपंच परेशान व हताश होकर सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं इस पर सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं है सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए सुशासन त्योहारों के माध्यम से ध्यान भटकने का कार्य कर रही है।

,राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने में पूरी तरह विफल साबित हुई।

अनवर खान के बताया कि सीतापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट घटना के विरोध में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार से तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने भी मियादी हड़ताल शुरू कर दी है,।

अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद से राजस्व व शासकीय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

एक तरफ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार सुशासन त्यौहार मना रही है और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों का कलम बंद हड़ताल जारी है।

, सरकार की कार्य प्रणाली पर उठ रहे है सवाल एक तरफ सुशासन का ढकोसला त्यौहार और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी दुराचार के शिकार हो रहे है।

*  सुशासन तिहार भाजपा कि नाकामी छुपाने का मंच,बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रही जनता, धरातल पर चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था- रेखचंद जैन.पूर्व विधायक* दीपक मरकाम की खबर 

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*  सुशासन तिहार भाजपा कि नाकामी छुपाने का मंच,बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रही जनता, धरातल पर चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था- रेखचंद जैन.पूर्व विधायक* दीपक मरकाम की खबर

 

पंचायतों में 16वें वित्त की राशि का नहीं हुआ आज पर्यंत तक भुगतान,ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य प्रभावित,सरपंच जनपद सदस्य दे रहे इस्तीफा …

 

पंचायतों से हो रही सुशासन तिहार के लिए वसूली,राजस्व सहित हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर, भाजपा सरकार सिर्फ आयोजनों व विज्ञापनों में पीट रही सुशासन का ढोल ….

बस्तर सम्भाग जगदलपुर

जगदलपुर विधानसभा के पूर्व कांग्रेसी विधायक रेखचंद जैन ने प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत को छुपाने और अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा सरकार इस तरह के तड़क-भड़क वाले आयोजनों का सहारा ले रही है। आज धरातल पर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और आम जनता पानी, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने सीधे तौर पर सरकार की वित्तीय नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाली पंचायतों को 16वें वित्त आयोग की राशि आज पर्यंत तक जारी नहीं की गई है।राशि के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण और विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि बुनियादी काम न करा पाने के कारण जनता के प्रति जवाबदेह सरपंच और जनपद सदस्य भारी मानसिक दबाव में हैं और लगातार अपने पदों से इस्तीफे दे रहे हैं।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए फूटी कौड़ी नहीं है,वहीं दूसरी तरफ तथाकथित ‘सुशासन तिहार’ के भव्य आयोजनों का खर्च निकालने के लिए पंचायतों से जबरन वसूली की जा रही है।यह सुशासन नहीं बल्कि शासकीय तंत्र का घोर दुरुपयोग और भाजपा के कुशासन का जीता-जागता उदाहरण है।

*ठेकेदार , इंजीनियर की लापरवाही से भैरमगढ़ तालाब निर्माण कार्य में उठे रहे सवाल, किसान की 3.80 एकड़ जमीन डूबने के कगार पर*, दीपक मरकाम की खबर,

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*ठेकेदार , इंजीनियर की लापरवाही से भैरमगढ़ तालाब निर्माण कार्य में उठे रहे सवाल, किसान की 3.80 एकड़ जमीन डूबने के कगार पर*, दीपक मरकाम की खबर,

 

खेत में मेड़ बनाकर बंद किया पानी का रास्ता, कार्य का निरीक्षण हुआ या कागजों में निपट रहा काम?

 

 

बीजापुर – जल संसाधन विभाग द्वारा भैरमगढ़ में लगभग 2 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से तालाब जीर्णोद्धार एवं नहर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य 69 प्रतिशत पूरा हो चुका है और करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। लेकिन इसी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्य ने एक किसान की खेती और आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। किसान का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना सूचना और बिना सहमति के उसके पट्टे की खेत में बड़ा मेड़ का निर्माण कर दिया, जिससे वर्षों पुराना पानी निकलने का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।

 

भैरमगढ़ निवासी किसान सुखनाथ लेकामी ने बताया कि हर वर्ष पहाड़ी क्षेत्र से आने वाला बारिश का पानी उनके खेत से होकर तालाब में पहुंचता था। यह प्राकृतिक पानी निकलने का मार्ग वर्षों से बना हुआ था लेकिन ठेकेदार द्वारा खेत के किनारे मिट्टी की बड़ी मेड़ खड़ी कर देने से पानी के निकलने का रास्ता समाप्त हो गया है। अब आगामी बारिश में पूरा पानी खेत में भरने की आशंका है, जिससे उनकी लगभग 3.80 एकड़ कृषि भूमि पानी से भर जायेगी।

 

किसान का कहना है कि वह पिछले एक महीने से ठेकेदार के मुंशी को लगातार समस्या बता रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। न तो मौके पर कोई सुधार कार्य किया गया और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल की गई।

 

मामले में सबसे बड़ा सवाल जल संसाधन विभाग के देखरेख और इंजीनियर के निरीक्षण प्रक्रिया पर खड़ा हो रहा है। जिस स्थान पर मेड़ निर्माण किया गया है, वहां से पानी के निकला पूरी तरह बन्द होगा। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विभागीय इंजीनियरों ने निर्माण कार्य का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया था? यदि निरीक्षण किया गया था तो किसान के खेत और पानी निकलने के मार्ग पर पड़ने वाले प्रभाव को क्यों नहीं देखा गया? और यदि यह स्थिति निरीक्षण के दौरान नहीं दिखी, तो क्या निर्माण कार्यों का मूल्यांकन ए सी कमरें में बैठकर कागजों में किया जा रहा है?

 

करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य के कारण एक किसान की पूरी खेत डूबने की स्थिति में आ गई है तो यह ठेकेदार की लापरवाही और विभाग के जिम्मेदारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ए.ए. लाल से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि वे पहले निर्माण स्थल का निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही मामले में कोई प्रतिक्रिया देंगे।

 

अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की इस कार्य में किसानों के हितों और जमीनी वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर आखिर किस आधार पर निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और भुगतान किया जा रहा है। यदि समय रहते पानी के निकलने की व्यवस्था नहीं की गई तो बारिश शुरू होते ही एक किसान की खेत पानी में डूब सकती है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली और निरीक्षण व्यवस्था दोनों कटघरे में खड़ी नजर आ रही हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर गूंजा संदेश – “एक पेड़ माँ के नाम”, वन विद्यालय महासमुंद में हुआ वृहद वृक्षारोपण..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामान्य वन मंडल महासमुंद द्वारा वन परिक्षेत्र महासमुंद के अंतर्गत वन विद्यालय महासमुंद में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की शपथ, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा रहे। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू, पूर्व विधायक विमल चोपड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पौधरोपण कर किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सभी ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण देने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी महासमुंद, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन विद्यालय के प्रशिक्षु, वनकर्मी, सुरक्षा श्रमिक एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सामान्य वन मंडल महासमुंद ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जनभागीदारी का सशक्त संदेश देते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*दीपक मरकाम की खबर,

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*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*दीपक मरकाम की खबर,

 

बीजापुर, 05 जून 2026

बीजापुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।

 

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) डॉ.जाधव सागर रामचंद्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

 

अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा हर व्यक्ति को वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।

 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और हरित विकास के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित किया।

*माँ के नाम रोपे गए जीवन के वृक्ष, मद्देंड़ में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,

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*माँ के नाम रोपे गए जीवन के वृक्ष, मद्देंड़ में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,

 

नारा, पर्यावरण की रक्षा, मानवता की सुरक्षा,

 

*विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृहद वृक्षारोपण*

 

 

बीजापुर मद्देंड़, 5 जून 2026

 

मद्देड़ : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कार्यालय मद्देंड़ में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

 

इस विशेष अभियान के अंतर्गत उपस्थित सभी लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया।

 

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार माँ अपने बच्चों का निःस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन और पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपनी माँ के नाम कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।

 

इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय चुनौतियों, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

 

ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

 

इस अवसर पर प्रमुख जनप्रतिनिधियों में श्री मती शारदा संड्रा सरपंच, उप सरपंच चि, श्याम बाबू,मिरंजा खान सचिव, जागर मोहनराव रोजगार सहायक, वार्ड के पंच गण उपस्थित रहे।

 

वन विभाग की ओर से प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी नक्का सुरेश,  उप वनक्षेत्रपाल सुखदेव कश्यप, पी. गणपत राव , विभाग स्टाफ में वनरक्षक पी. संदीप, सुखलाल मांझी, नवल किशोर जब्बा,गोपाल यालम, वासुदेव अल्लुर, शैलेश कावटी, , कुमारी रोजारानी जब्बा कार्यक्रम में मौजूद रहे।

 

साथ जन प्रति निधि, ग्रामीण जनो,पत्रकार बंधुओं की सहभागिता रही।

 

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अग्रवाल नर्सिंग होम मे डॉ. साकेत अग्रवाल 06 जून को करेंगे पेट,आंत एवं लीवर से संबंधित सभी बीमारियों एवं समस्याओं की जांच एवं इलाज..।

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पेट, आंत एवं लीवर से संबंधित सभी बीमारियों एवं समस्याओं की जांच एवं इलाज

जांच एवं इलाज की सुविधाएं

पेट में छाले एवं घाव (अल्सर)

आमाशय एवं अग्नाशय की बीमारियां

खून की उल्टी एवं पेट में पानी भरना

पेट और आंत में कैंसर एवं टी.बी. रोग

लीवर की जटिल बीमारियों का इलाज

पित्ताशय एवं पित्त नली की पथरी

छोटी एवं बड़ी आंत की बीमारियां

फंगल इंफेक्शन एवं आंतों का सूजन

पीलिया एवं हेपेटाइटिस जनित समस्याएं

पेट में गैस एवं एसिडिटी की समस्या

एंडोस्कोपी एवं कोलोनोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध

डॉ. साकेत अग्रवाल

MD, DNB Gastroenterology

Consultant Gastroenterologist

Hepatologist, Endoscopist

Ramkrishna Care Hospital, Raipur

प्रदेश के प्रख्यात पेट एवं लीवर रोग विशेषज्ञ

उपलब्ध

06 जून 2026

दोपहर 02 बजे से

महत्वपूर्ण निर्देश

अग्रिम पंजीयन अनिवार्य

पुरानी रिपोर्ट साथ अवश्य लाएं

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

बसना, जिला- महासमुंद (छ.ग.)

📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

 

*खेत बचाओं अभियान 1 जून से 30 जून तक*,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*खेत बचाओं अभियान 1 जून से 30 जून तक*,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*गांव-गांव जायेंगे कृषि विशेषज्ञ*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, बीजापुर जिले में खेती को अधिक टिकाऊ का लागत वाली और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उददेश्य से खेत बचाओ अभियान की शुरुआत हो चुकी है। कृषि विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों को मिटटी की बिगड़ती सेहत, रासायनिक उर्वरको के बढ़ते उपयोग, कृषि जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में जागरुक कर रही है। 1 जून से 30 जून तक इस अभियान के तहत् जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान संगोष्ठियों और जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

बीजापुर जिला पूर्णतः कृषि पर आधारित है। ऐसे में कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखना और खेती को भविष्य के लिए सुरक्षित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लगातार रासायनिक उर्वरकों और कृषि दवाओं के उपयोग से मिटटी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है जिसका असर उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर प्रेषित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान आयोजित किसान संगोष्ठियों में रासायनिक उर्वरकों और कृषि आदानों के मिटटी तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर कृषि अधिकारी आकर व्याख्यान देंगे।

*इनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी*

प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का स्वरुप देने अभियान में कृषि सखी, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), बीआरसी समूह, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। किसान फील्ड स्कूलों में अनुभवी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को शामिल कर किसान से किसान सीखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटरों के माध्यम से मिटटी को उपजाऊ बनाए रखने वाले जैव-अणुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

*हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने उपाय बताएंगे*

कार्यक्रमों में हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने, मिटटी को जैविक संरचना को मजबूत करने तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र एवं अन्य जैविक और प्राकृतिक कृषि उत्पादों को प्रदर्शन कर उनके उपयोग और लाभों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उन्नत बीजों के चयन, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रो के बेहतर एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी ताकि किसान उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठा सकें।

प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।

भैरमगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रैक्टर नाली में घुसा, चालक की मौके पर मौत

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बीजापुर जिले के भैरमगढ़ नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर स्कूल के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत उत्ला का एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा घुसा। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं पुलिस एवं प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का कारण ट्रैक्टर का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

इस दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा मामले की जांच जारी है।

डौंडी..भालू के हमले के बाद सिस्टम फेल: PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं, जनपद उपाध्यक्ष भड़के।

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भालू के हमले के बाद सिस्टम फेल:

PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं, जनपद उपाध्यक्ष भड़के

 

📍 डौंडी |

 

📸 फोटो-01: भालू हमले में घायल रोहित नेताम

📸 फोटो-02: उपचार के दौरान रोहित नेताम

 

डौंडी। ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में रविवार सुबह भालू के हमले में रोहित नेताम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को प्राथमिक उपचार के लिए PHC घोठिया लाया गया, लेकिन यहां रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

 

घटना की जानकारी मिलते ही जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ने वन विभाग के अधिकारियों एवं तहसीलदार से तत्काल चर्चा कर घायल को उचित उपचार दिलाने की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भालू प्रभावित क्षेत्र में रेबीज इंजेक्शन का उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

 

🌲 वन विभाग अलर्ट, गांवों में मुनादी

 

घटना के बाद डिप्टी रेंजर अनुराग राय वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुकड़ीगुहान, सिंघोला, कंजेली, आमाँबहरा एवं परकाल क्षेत्र में मुनादी कर ग्रामीणों को सुबह-शाम जंगल में अकेले न जाने की हिदायत दी गई।

 

⚠️ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

 

✅ भालू हमले में युवक गंभीर रूप से घायल

✅ PHC घोठिया में रेबीज इंजेक्शन नहीं मिला

✅ जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ने जताई नाराजगी

✅ वन विभाग ने गांवों में अलर्ट जारी किया

✅ वनांचल क्षेत्र की सभी PHC में रेबीज इंजेक्शन रखने की मांग

 

🗣️ भोला राम नेताम ने कहा:

 

“वनांचल क्षेत्र की प्रत्येक PHC में रेबीज इंजेक्शन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

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👤 प्रधान संपादक : आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

 

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कोयलीबेड़ा क्षेत्र की 68 गांव की जनता को ऐतिहासिक एकजुटता और संघर्ष को मिली सफलता।कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट,,

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कोयलीबेड़ा क्षेत्र की 68 गांव की जनता को ऐतिहासिक एकजुटता और संघर्ष को मिली सफलता।कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट,,

कोयलीबेड़ा /

कोयलीबेडा़ क्षेत्र की 18 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं 68 ग्रामों की जनता अपनी 10 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत थी। क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर चल रहे इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, गायता, पटेल एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

जनता की एकजुटता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सकारात्मक पहल की गई। कांकेर कलेक्टर के निर्देश पर अन्तागढ़ एसडीएम श्री राहुल रजक आंदोलन स्थल पहुंचे और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 25 अगस्त 2026 तक कोयलीबेड़ा में ब्लॉक मुख्यालय का पूर्ण रूप से संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

कोयलीबेड़ा क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलन समाप्त किया है, किन्तु साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि 25 अगस्त 2026 तक आश्वासन पर अमल नहीं किया जाता है, तो 26 अगस्त 2026 को 18 पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र की जनता अपने स्वयं के संसाधनों और व्यवस्था से जनपद कार्यालय को पखांजुर से कोयलीबेड़ा लाने का कार्य करेगी।

आंदोलनकारियों ने कहा है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर उससे संबंधित समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

यह संघर्ष केवल एक कार्यालय के स्थानांतरण का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अधिकार,सम्मान,विकास और जनता की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कराने का संघर्ष है। कोयलीबेड़ा की जनता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है,तो प्रशासन को भी जनता की भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है।

*क्षेत्रीय सांसद,विधायक के आंदोलन स्थल में नही आने से ग्रामीणों में नाराजगी….*

*”जनता की एकता, संघर्ष की शक्ति और विकास का संकल्प — यही कोयलीबेड़ा आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।” ,,,,,

प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,, ,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत,,,,,,,,

,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,, कलेक्टर श्री विश्वदीप द्वारा छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत् राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरण में मृतक ओयाम विज्जा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि श्रीमती मुन्नी आयोम निवासी ग्राम तिम्मापुर तहसील उसूर को 4 लाख रुपए एवं गडढ़े के पानी में डूूबने से मृतक अर्पण कुजूर के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मनीष कुजूर निवासी ग्राम मूसालूर तहसील बीजापुर को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का भुगतान संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए है।

*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल*,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

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*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल*,,,

,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,

*डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*

बीजापुर,,,,,,

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अतिदुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 मई 2026 को विकासखंड बीजापुर के अंतर्गत डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। अभियान के तहत पहली बार जिला स्तर के अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं संचालन में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सफल संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी स्वयं स्वास्थ्य दल के साथ डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) पहुंचे। स्वास्थ्य जांच दल द्वारा ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, शुगर, गर्भवती माताओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों का उपचार किया गया। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।
इसी शिविर के दौरान डोड़ी तुमनार निवासी 10 वर्षीय सोमलू मोड़ियम की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पहचान की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चा नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया एवं मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित था तथा उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी द्वारा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कराया गया।
जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचने पर सोमलू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया, मिर्गी के दौरे, पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन, पेट में अत्यधिक पानी भरने तथा सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसी जटिल समस्याएं थीं। 10 वर्ष की आयु में उसका वजन 50 किलोग्राम तक पहुंच गया था। पेट में जमा पानी फेफड़ों पर दबाव बना रहा था, जिससे उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल, डॉ. आसिफा, डॉ. मनी, डॉ. हर्षवर्धन एवं डॉ. प्रशांत की टीम द्वारा बच्चे का गहन उपचार किया गया। उपचार के दौरान शिशुरोग विभाग एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा 24 घंटे निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की गई।
चिकित्सकीय टीम द्वारा नेफ्रोटिक सिंड्रोम के उपचार हेतु स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन एवं डाइयुरेटिक्स दिए गए, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव और सूजन को नियंत्रित किया जा सका। मलेरिया संक्रमण के उपचार के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं तथा मिर्गी के दौरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं। सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई और बच्चे को लगातार उच्च प्रोटीन युक्त आहार पर रखा गया। उपचार अवधि के दौरान फ्लूइड बैलेंस, ऑक्सीजन स्तर, वजन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की गई।
लगातार 17 दिनों तक चले गहन उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसके शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया, सांस सामान्य हो गई तथा स्वास्थ्य में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 01 जून 2026 को जब सोमलू को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था। लगभग 22 किलोग्राम अतिरिक्त सूजन एवं शरीर में जमा द्रव सफलतापूर्वक कम किया गया।
यह सफलता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के सकारात्मक प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि डोड़ी तुमनार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित शिविर के दौरान सोमलू की समय पर पहचान नहीं होती और उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर नहीं किया जाता, तो उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। अभियान के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य जांच की जा रही है, बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय बीजापुर की चिकित्सकीय टीम तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदान किया।

*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल ,डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*दीपक मरकाम की खबर,

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*मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवनदायी पहल ,डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी, गंभीर मरीज सोमलू को मिला नया जीवन*दीपक मरकाम की खबर,

 

 

 

 

बीजापुर, 04 जून 2026

 

 

 

 

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अतिदुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 मई 2026 को विकासखंड बीजापुर के अंतर्गत डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। अभियान के तहत पहली बार जिला स्तर के अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं संचालन में शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सफल संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

 

शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी स्वयं स्वास्थ्य दल के साथ डोडी तुमनार (कुयेम गमपुर) पहुंचे। स्वास्थ्य जांच दल द्वारा ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, शुगर, गर्भवती माताओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों का उपचार किया गया। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।

 

इसी शिविर के दौरान डोड़ी तुमनार निवासी 10 वर्षीय सोमलू मोड़ियम की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पहचान की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चा नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया एवं मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित था तथा उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी द्वारा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कराया गया।

 

जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचने पर सोमलू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया, मिर्गी के दौरे, पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन, पेट में अत्यधिक पानी भरने तथा सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसी जटिल समस्याएं थीं। 10 वर्ष की आयु में उसका वजन 50 किलोग्राम तक पहुंच गया था। पेट में जमा पानी फेफड़ों पर दबाव बना रहा था, जिससे उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।

 

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल, डॉ. आसिफा, डॉ. मनी, डॉ. हर्षवर्धन एवं डॉ. प्रशांत की टीम द्वारा बच्चे का गहन उपचार किया गया। उपचार के दौरान शिशुरोग विभाग एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा 24 घंटे निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की गई।

 

चिकित्सकीय टीम द्वारा नेफ्रोटिक सिंड्रोम के उपचार हेतु स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन एवं डाइयुरेटिक्स दिए गए, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव और सूजन को नियंत्रित किया जा सका। मलेरिया संक्रमण के उपचार के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं तथा मिर्गी के दौरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं। सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई और बच्चे को लगातार उच्च प्रोटीन युक्त आहार पर रखा गया। उपचार अवधि के दौरान फ्लूइड बैलेंस, ऑक्सीजन स्तर, वजन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की गई।

 

लगातार 17 दिनों तक चले गहन उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसके शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया, सांस सामान्य हो गई तथा स्वास्थ्य में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 01 जून 2026 को जब सोमलू को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था। लगभग 22 किलोग्राम अतिरिक्त सूजन एवं शरीर में जमा द्रव सफलतापूर्वक कम किया गया।

 

यह सफलता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के सकारात्मक प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि डोड़ी तुमनार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित शिविर के दौरान सोमलू की समय पर पहचान नहीं होती और उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर नहीं किया जाता, तो उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। अभियान के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य जांच की जा रही है, बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय बीजापुर की चिकित्सकीय टीम तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदान किया।