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*  डब्बे-जार में डीजल नहीं मिलने से किसान परेशान, ट्रैक्टर रस्सी से खींचकर पहुंचे एसडीएम कार्यालय* दीपक मरकाम की खबर,

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*  डब्बे-जार में डीजल नहीं मिलने से किसान परेशान, ट्रैक्टर रस्सी से खींचकर पहुंचे एसडीएम कार्यालय*

दीपक मरकाम की खबर,

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 02  जून 2026

बस्तर  : खेती-किसानी के महत्वपूर्ण सीजन में डीजल, खाद और बीज की किल्लत को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

नारायणपाल, आड़ावाल एवं आसपास के गांवों के किसान डीजल नहीं मिलने से आक्रोशित होकर ट्रैक्टर के साथ एसडीएम कार्यालय बस्तर पहुंच गए।

 

किसानों का कहना है कि पेट्रोल पंपों में डब्बे या जार में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे खेतों में काम प्रभावित हो रहा है।

कई किसानों के ट्रैक्टर खेतों में खड़े हैं तो कहीं जनरेटर बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई और अन्य कृषि कार्य ठप हो गए हैं।

 

इसी बीच नारायणपाल क्षेत्र का एक मामला सामने आया, जहां खेत में काम करते समय ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो गया।

पेट्रोल पंप से डीजल नहीं मिलने पर ग्रामीणों को ट्रैक्टर को रस्सी से बांधकर करीब 5 किलोमीटर तक खींचते हुए एसडीएम कार्यालय तक लाना पड़ा।

 

इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल, खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की।

किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

*जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी*,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी*,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर*

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। जनचौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।

यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी।

मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

*बंदूक से रोजगार तक का सफर*

मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया।

उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया।

लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

*पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार*

बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया।

राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।

इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।

*अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है*

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।

उन्होंने कहा कि कभी उन्होंने नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।

*बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

कोण्डापल्ली की उस छोटी-सी दुकान पर कुछ मिनटों का यह संवाद सुशासन तिहार का सबसे भावनात्मक पल बन गया। यह दृश्य बता रहा था कि बस्तर अब भय और हिंसा की नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और नई उम्मीदों की धरती बन रहा है।

मासा तामो और जयमोती आज उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो अंधेरे से निकलकर उजाले की राह चुनना चाहते हैं। उनकी कहानी संदेश देती है कि वापसी का रास्ता हमेशा खुला होता है और एक नया जीवन हमेशा संभव होता है।

*मोहला–खाकी का हरित संकल्प: अपराधियों में सख्ती, पौधों के प्रति ममता,थाना प्रभारी संजय कुमार यादव की अनूठी पहचान*

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मनीष कौशिक

मोहला–एक ओर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की चुनौती, दूसरी ओर प्रकृति के प्रति गहरा लगाव। इन दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए पुलिस निरीक्षक संजय कुमार यादव ने यह साबित कर दिया है कि जनसेवा केवल वर्दी तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उसका अहम हिस्सा है।जनवरी 2025 से मई 2026 तक थाना खड़गांव के प्रभारी रहते हुए निरीक्षक संजय कुमार यादव ने पुलिसिंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपना मिशन बना लिया। जिले में बरगद और पीपल जैसे जीवनदायी वृक्षों के पौधे उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने स्वयं दुर्ग की नर्सरी से लगभग 20 पौधे मंगवाए और राष्ट्रीय राजमार्ग-930 के किनारे, तालाबों के पार तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर उनका रोपण कराया।खास बात यह रही कि यह अभियान केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा। पौधों को जीवित रखने और सुरक्षित करने के लिए थाना स्टाफ की मदद से प्रत्येक पौधे के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार कराया गया। हर सप्ताह पौधों को पानी दिया गया, खाद डाली गई और उनकी नियमित निगरानी की गई। यही वजह है कि आज ये पौधे स्वस्थ होकर बढ़ रहे हैं और आने वाले वर्षों में विशाल वृक्ष बनकर क्षेत्र को छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेंगे।निरीक्षक यादव ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए। उन्होंने थाना स्टाफ, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और युवाओं को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया तथा उन्हें यह संदेश दिया कि “पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसकी देखभाल करना है।”अब थाना सीतागांव का प्रभार संभालने के बाद भी उनका यह हरित अभियान जारी रहेगा। वे यहां भी पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के कार्यों को नई गति देने की तैयारी में हैं।आज जब जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, तब एक पुलिस अधिकारी का पौधों को अपने बच्चों की तरह सहेजना और उनकी रक्षा के लिए लगातार प्रयास करना समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।

विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज को मिली ऐतिहासिक सौगात* *3-3 करोड़ के बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह भवन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा* राजमन नाग

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*विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज को मिली ऐतिहासिक सौगात*
*3-3 करोड़ के बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह भवन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा*
राजमन नाग
केशकाल:- केशकाल विधानसभा क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान विधायक नीलकंठ टेकाम की दो महत्वपूर्ण मांगों पर तत्काल सहमति प्रदान करते हुए केशकाल में सर्व आदिवासी समाज के लिए बहुउद्देश्यीय काम्प्लेक्स सह विश्राम गृह तथा विश्रामपुरी में गोंडवाना समाज के लिए 3 करोड़ रुपये की लागत से गोंडवाना भवन सह कॉम्प्लेक्स के निर्माण की घोषणा की। बताया जा रहा है कि यह मांग लंबे समय से क्षेत्र की जनता एवं आदिवासी समाज द्वारा उठाई जा रही थी, लेकिन अब तक इसे मूर्त रूप नहीं मिल पाया था। विधायक नीलकंठ टेकाम के लगातार प्रयासों और पहल के परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री ने मंच से ही दोनों भवनों की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है।
*जानिए क्या है बहुउद्देश्यीय मल्टीकाम्प्लेक्स-*
इस संबंध में विधायक नीलकंठ टेकाम ने बताया कि यह कोई सामान्य सामुदायिक भवन नहीं होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स सह विश्राम गृह के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भवन के सबसे निचले तल में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं और समाज के लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके ऊपर के तल में आदिवासी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक प्रदर्शनी केंद्र तथा आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जहां विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी। भवन के तीसरे तल में विश्रामगृह एवं विशाल मीटिंग हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिसका उपयोग आदिवासी समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए कर सकेंगे। विधायक टेकाम ने कहा कि इन भवनों का उद्देश्य केवल समाज विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सर्वसमाज के उपयोग के लिए तैयार किए जाने वाले आधुनिक सामाजिक केंद्र होंगे।
*भाजपा जिलाध्यक्ष व मंडल अध्यक्षों ने भी जताया आभार-*
बता दें कि इन दोनों भवनों के लिए विधायक नीलकंठ टेकाम के साथ साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सेवकराम नेताम एवं सभी 6 मंडल अध्यक्षों ने भी सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। जिसमें केशकाल- लंबोधर सलाम, विश्रामपुरी- मनाराम मरकाम, बडेराजपुर- लालाराम मरकाम, बड़ेडोंगर- महेंद्र सलाम, फरसगांव- धनराज पांडे, धनोरा- संतोष सिन्हा शामिल हैं।
*विधायक टेकाम ने समाज की ओर से जताया आभार-*
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन भवनों के निर्माण से जहां आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का स्थायी केंद्र मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, विद्यार्थियों के लिए अध्ययन संसाधन और आम जनता के लिए सामाजिक गतिविधियों का एक बेहतर मंच उपलब्ध होगा। विधायक टेकाम ने मुख्यमंत्री के प्रति आदिवासी समाज की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का विशेष स्नेह और सहयोग केशकाल विधानसभा क्षेत्र को लगातार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी क्षेत्र को इसी प्रकार विकास कार्यों की नई-नई सौगातें मिलती रहेंगी।

जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन नोडल अधिकारी नियुक्त,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

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जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन नोडल अधिकारी नियुक्त,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,, छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में आगामी मानसून 2026 में जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसमें जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण के लिए श्री मुकेश कुमार देवांगन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनका मोबाईल नम्बर 7974547030, 7587291848 है। इसी तरह तहसील स्तर पर श्री पंचराम सलामें तहसीलदार बीजापुर मोबाईल नम्बर 9425558879, श्रीमती प्रियंका बंजारा तहसीलदार भैरमगढ़ संपर्क नम्बर 9406216885, श्री लक्ष्मण राठिया तहसीलदार भोपालपटनम संपर्क नम्बर 8871196750, श्री देवनंदन टंडन तहसीलदार उसूर संपर्क नम्बर 9131768799, श्री सूर्यकांत धरत प्रभारी तहसीलदार कुटरू संपर्क नम्बर 9479108608 एवं श्री भोज कुमार डहरिया तहसीलदार गंगालूर संपर्क नम्बर 6267323260 बाढ़ अथवा अन्य आपदा संबंधी किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

वयस्क एवं बाल्य रोग न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अर्पित अग्रवाल..अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे 04 जून रहेंगे उपलब्ध समय सुबह 10 बजे से..

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वयस्क एवं बाल्य रोग

न्यूरोलॉजिस्ट

डॉ. अर्पित अग्रवाल

• एम.बी.बी.एस एवं एम.डी. मेडिसिन, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी

• एम.डी., डी.एम. न्यूरोलॉजी एस (दिल्ली) गोल्ड मेडलिस्ट

• पूर्व सहायक प्राध्यापक (डी.के.एस. हॉस्पिटल रायपुर)

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*दिवंगत पुत्र की स्मृति में ,भैरमगढ़ को मिली एम्बुलेंस की सौगात, जनसेवा का अनूठा संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,

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*दिवंगत पुत्र की स्मृति में ,भैरमगढ़ को मिली एम्बुलेंस की सौगात, जनसेवा का अनूठा संकल्प*दीपक मरकाम की खबर,,

बीजापुर भैरमगढ़ दिनांक 02 जून 2026

भैरमगढ़ : बीजापुर जिले के  भैरमगढ़ निवासी अजय सिंह ठाकुर ने अपने दिवंगत पुत्र दिशांत सिंह ठाकुर की स्मृति में उनके 02 जून जन्मदिवस के अवसर पर जनसेवा का सराहनीय कार्य करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ को एक एम्बुलेंस भेंट की है।

इस अवसर पर अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि उनके पुत्र की स्मृतियों को समाज हित एवं जनकल्याण से जोड़ना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्वास्थ्य केंद्र को मिली इस एम्बुलेंस से क्षेत्र के ग्रामीणों एवं मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी सुविधा मिलेगी।

स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में यह एम्बुलेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पुत्र की जन्मदिन की अवसर पर अस्पताल के मरीजों को फल फुल भेंट किया गया।

 

 

“बस्तर में धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल: क्या संविधान का अनुच्छेद 25 केवल कागज़ों तक सीमित?”

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बस्तर में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता पर गंभीर प्रश्न:

आज दिनांक 31 मई 2026, ग्राम सदरापाल, ग्राम पंचायत पालेम, थाना तोंगपाल, जिला सुकमा से प्राप्त अत्यंत चिंताजनक घटना ने पूरे बस्तर को झकझोर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आदिवासी ग्रामीण घर में शांतिपूर्वक प्रार्थना कर रहे लोगों पर हिंसक हमला किया गया। यदि यह तथ्य सत्य हैं, तो यह केवल कुछ व्यक्तियों पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपनी अंतरात्मा की स्वतंत्रता तथा किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। यदि किसी व्यक्ति को केवल उसके धार्मिक विश्वास के कारण सामाजिक बहिष्कार, मारपीट, धमकी या हिंसा का सामना करना पड़ रहा है, तो यह संविधान, विधि के शासन और मानवाधिकारों की मूल भावना का खुला उल्लंघन है।

सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि आखिर बस्तर में ऐसी परिस्थितियाँ क्यों निर्मित की जा रही हैं जहाँ

– गांवों में भाईचारा टूट रहा है,

– परिवारों के बीच विभाजन बढ़ रहा है,

– और विकास के मूल मुद्दों को पीछे धकेलकर धार्मिक तनाव को हवा दी जा रही है?

बस्तर आज जिन वास्तविक चुनौतियों से जूझ रहा है, वे हैं —

जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा, खनिज संपदा पर स्थानीय अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, संचार, युवाओं के अवसर और आदिवासी स्वाभिमान की रक्षा।

यह अत्यंत चिंता का विषय है कि इन मूलभूत प्रश्नों पर गंभीर जनसंवाद और संघर्ष के बजाय कुछ शक्तियाँ गांव-गांव तक पहुँचकर धर्म और पहचान के नाम पर विभाजन की रेखाएँ खींच रही हैं।

प्रश्न यह उठता है कि:

जब बस्तर के संसाधनों की रक्षा की बात होती है तो ये संगठन मौन क्यों हो जाते हैं?

जब शिक्षा और स्वास्थ्य की दुर्दशा पर आवाज़ उठानी होती है तो ये सक्रिय क्यों नहीं दिखते?

क्यों केवल धर्म आधारित ध्रुवीकरण को ही सामाजिक जागरण का नाम दिया जा रहा है?

यह बस्तर की परंपरा नहीं है।

बस्तर की पहचान सदियों से सह-अस्तित्व, विविधता, सहिष्णुता और सामुदायिक सौहार्द रही है।

देश की आज़ादी से लेकर लंबे समय तक बस्तर ने अनेक चुनौतियाँ देखीं, लेकिन आज जिस प्रकार धार्मिक आधार पर सामाजिक तनाव और भय का वातावरण निर्मित हो रहा है, वह अत्यंत खतरनाक संकेत है।

हम छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से स्पष्ट प्रश्न पूछते हैं:

1. क्या बस्तर में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं?

2. क्या अनुच्छेद 25 ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू है?

3. ऐसे मामलों में त्वरित निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं होती?

4. पर्दे के पीछे कार्यरत उन तत्वों की पहचान कब होगी जो समाज को बाँटने का कार्य कर रहे हैं?

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की मांगें:

1. घटना की न्यायिक/स्वतंत्र जांच

2. दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी

3. पीड़ितों की सुरक्षा और उपचार

4. धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी का कड़ाई से पालन

5. बस्तर में सामाजिक सौहार्द हेतु सर्वधर्म शांति संवाद

हम स्पष्ट कहना चाहते हैं —

बस्तर को नक्सलवाद से धर्मवाद की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बस्तर को चाहिए

विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और संवैधानिक न्याय;

न कि भय, विभाजन और नफरत।

आज आवश्यकता है कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, प्रशासन और जागरूक नागरिक वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर शांति, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएँ।

बस्तर का भविष्य धार्मिक संघर्ष नहीं, संवैधानिक सह-अस्तित्व में है।

जारीकर्ता:

नवनीत चाँद

मुख्य संयोजक — बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा

बस्तर संभाग अध्यक्ष — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)

* राष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप के लिए बस्तर के खिलाड़ी देहरादून रवाना*दीपक मरकाम की खबर,

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* राष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप के लिए बस्तर के खिलाड़ी देहरादून रवाना*दीपक मरकाम की खबर,

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 02 जून 2026

 

जगदलपुर: उत्तराखंड के देहरादून में 3 से 7 जून 2026 तक आयोजित होने वाली 5 वीं KIO नेशनल सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराते चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए बस्तर जिले के खिलाड़ी छत्तीसगढ़ कराते दल के साथ रवाना हो गए हैं।

 

इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बस्तर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बालिका वर्ग में कु. अनमोल गौतम ,कु. जे. अभिन्याश्री, जबकि बालक वर्ग में शिवेश सिंह, जे. नवीन कृष्णा, परीक्षित मतवाल, नक्ष देवांगन , अभ्युदय देव शामिल हैं।

 

खिलाड़ियों के साथ श्रीमती निशा गौतम , गुरप्रीत कौर सैनी भी देहरादून के लिए रवाना हुई हैं।

खिलाड़ियों का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार मेहनत का परिणाम माना जा रहा है, जिससे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

 

रवाना होने से पहले बस्तर मार्शल आर्ट अकादमी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

अकादमी के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, सचिव भगत सोनी, संरक्षक गौतम कुंडू सहित अन्य पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

 

सभी ने विश्वास जताया कि बस्तर के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल करेंगे और छत्तीसगढ़ व बस्तर का नाम रोशन करेंगे।

*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु *”Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान* 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।

*”बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए”*
कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। *अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक* एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।

*क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ?*
1. *पहचान एवं रेस्क्यू:* सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
2. *पुनर्वास:* बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
3. *परिवार से मिलन:* संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
4. *संरक्षण:* बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।

*’चिन्हांकन की पंचशक्ति’ से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण*
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, “इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए *प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों* को ‘चिन्हांकन की पंचशक्ति’ के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।”

*जिला प्रशासन की अपील: एक कॉल बदल सकती है तकदीर*
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो *तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098* अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

*”हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही अभियान”* के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।

बकावंड विकासखंड के आश्रमों एवं छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग

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युवा कांग्रेस बस्तर के पूर्व उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज आदिवासी विकास विभाग, बस्तर के सहायक आयुक्त के नाम अपर कलेक्टर बस्तर श्री सी.पी. बघेल को ज्ञापन सौंपकर बकावंड विकासखंड अंतर्गत संचालित आश्रमों एवं छात्रावासों की जर्जर स्थिति तथा वहां व्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र के अनेक आश्रमों एवं छात्रावासों में भवनों की स्थिति अत्यंत खराब है। छात्र-छात्राओं को पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र एवं वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए इन संस्थानों में तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की आवश्यकता है।

हेमंत कश्यप ने कहा कि आदिवासी अंचल के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने के लिए आश्रमों एवं छात्रावासों पर निर्भर हैं। यदि समय रहते आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य नहीं किए गए तो विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बकावंड विकासखंड के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, विद्युत व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

अपर कलेक्टर श्री सी.पी. बघेल ने ज्ञापन प्राप्त कर विषय पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणजन एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ता विजय भारती, सुनील बिसाई, रामदास बघेल, हादमो कश्यप, सुदर कश्यप, सुखदेव कश्यप, तोरका बघेल, रामलाल मंडावी, देवनाथ ठाकुर, एकादशी बघेल, रामचंद्र बघेल एवं मुकेश देवागन उपस्थित रहे।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के अंतर्गत जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में 40 हजार 716 संग्राहकों द्वारा कुल 65,430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है।
भुगतान प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की गई है। इसमें प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुडमा के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
इसी प्रकार संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली एवं चेरपल्ली समितियों के संग्राहकों के खातों में भी लाखों रुपये की राशि ऑनलाइन जमा की गई है। शेष समितियों में संग्राहकों द्वारा संग्रहित तेन्दूपत्ता की मात्रा का ऑनलाइन सत्यापन एवं प्रविष्टि कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार सभी संग्राहकों को ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जाएगा। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग संग्राहक खेती-किसानी, घरेलू आवश्यकताओं एवं अन्य आजीविका गतिविधियों में करते हैं। मानसून पूर्व भुगतान मिलने से संग्राहकों को कृषि कार्यों की तैयारी में राहत मिलेगी।

जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

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जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- जिला बीजापुर के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं बीजापुर, उसूर, भैरमगढ, एवं भोपालपटनम में प्रवेश हेतु संचालित व्यवसायों में एक वर्षीय व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल एवं द्विवर्षीय व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार में प्रवेश के लिये 29 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता हैं। प्रवेश के इच्छुक आवेदक स्वयं विभागीय वेबसाइट cgiti.admission.nic.in पर लॉगिन कर अथवा किसी भी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

* उधारी के पैसे के लिए बोलेरो छीनकर चलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की कड़ी कार्रवाई*,,,, दीपक मरकाम की खबर,,

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* उधारी के पैसे के लिए बोलेरो छीनकर चलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की कड़ी कार्रवाई*,,,, दीपक मरकाम की खबर,,

 

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 01 जून 2026

 

जगदलपुर: उधार दिए गए पैसों की वसूली के नाम पर वाहन छीनकर जबरन उपयोग करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

आरोपियों ने प्रार्थी को डराकर उसकी नई बोलेरो गाड़ी अपने कब्जे में रख ली थी और उसका उपयोग कर रहे थे।

 

 

 

 

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने करीब चार महीने पहले वाहन खरीदने के लिए आरोपी सुमित पांडे से एक लाख रुपये उधार लिए थे, जिसमें से 30 हजार रुपये वापस कर दिए गए थे, जबकि 70 हजार रुपये शेष थे। बाकी रकम की वसूली के लिए आरोपी सुमित पांडे और धीरज ठाकुर ने प्रार्थी को धमकाकर उसकी बोलेरो वाहन अपने कब्जे में ले ली और उसे उपयोग में लाते रहे।

 

 

 

 

प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन उन्होंने विवेचना में सहयोग नहीं किया और वाहन को छुपाकर रखा। सख्ती से पूछताछ करने पर मामले का खुलासा हुआ।

 

 

 

 

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

 

 

 

 

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार डी. धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में की गई। मामले में उप निरीक्षक अरुण मरकाम, सहायक उप निरीक्षक परिमल दास तथा आरक्षक रीना अनंत, ललिता तारम, वरुण बघेल और सोमालु की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

 

 

 

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में इस प्रकार की जबरन वसूली और दबंगई करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

*आदिवासी संस्कृति , ऐरनाल मूसलोड़ जात्रा, देव समागम , वर्षा का पारंपरिक आकलन,टोटेम पेंन गोत्र व्यवस्था पर आधारित तीन दिवसीय भव्य जात्रा, कई राज्यों से पहुंचेंगे श्रद्धालु*,,,,, दीपक मरकाम की खबर,

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*आदिवासी संस्कृति , ऐरनाल मूसलोड़ जात्रा, देव समागम , वर्षा का पारंपरिक आकलन,टोटेम पेंन गोत्र व्यवस्था पर आधारित तीन दिवसीय भव्य जात्रा, कई राज्यों से पहुंचेंगे श्रद्धालु*,,,,, दीपक मरकाम की खबर,

 

 

बीजापुर जिले भोपाल पटनम दिनांक 01 जून 2026

 

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सैंड्रापल्ली में ऐरनाल मूसलोड़ (जात्रा) सैंड्रा पल्ली आदिवासी परंपरागत संस्कृति, टोटेम पेंन गौत्र व्यवस्था के आधार पर वृहद तीन दिवसीय जात्रा का आयोजन किया गया है।

 

जात्रा में विभिन्न राज्यों से समाज सगा जन हजारों की तादाद में उपस्थित रहेंगे ।

 

सेंड्रा पल्ली में ऐरनाल मुसलोड़ भव्य जात्रा मंडई का पूर्व से आमंत्रण गांव गांव राज्य राज्य में दिया गया ।

 

आदिवासी पारंपरिक एरनाल मुसलोड़ (जात्रा) का आयोजन आगामी 3 से 5 जून 2026 तक किया जाएगा।

 

आयोजन समिति द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के माध्यम से समाजजनों एवं श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होकर आंगादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।

 

 

जानकारी के अनुसार, हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छह देव परिवार (गाँव की कुल देवी-देवता) के संरक्षण में एरनाल मुसलोड़ जात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

 

आयोजन समिति ने सभी समाजजनों को सेवा जोहार करते हुए कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

 

कार्यक्रम के तहत 3 जून 2026, बुधवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जात्रा की शुरुआत होगी।

 

ऐरनाल मूसलोड़ जात्रा का 4 जून 2026, गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना एवं पारंपरिक आंगादेव एवं अन्य देवो का समागम होगा उसके पश्चात् रूढ़ि जन्य परंपरागत समाज प्रमुखों के सहयोग से इस वर्ष की बारिश का भी आंकलन किया जायेगा ।

 

जात्रा की सम्पूर्ण रस्म अदायगी के बाद मन्नतें कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे,इसके बाद 5 जून 2026, शुक्रवार को समापन कार्यक्रम संपन्न होगा।

 

 

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह जात्रा क्षेत्र की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

 

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की गई है।

 

ऐरनाल मूसलोड़ पेंन समिति पुनः अपील करता है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पेंन का आशीर्वाद प्राप्त करें।

*मोहला–डबरी निर्माण का हवाला देकर निजी भूमि से सड़क निर्माण कंपनी कर रहा मुरूम की चोरी*

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Manish Kaushik

मोहला – जिले में रेत के साथ ही अब मुरम का अवैध खनन और परिवहन बढ़ गया है। मुरम के माफिया कृषि भूमि से किसानों के खेतों को समतल करने और डबरी निर्माण का हवाला देकर मुरम निकाल रहे हैं। वनांचल में निर्माणाधीन सड़कों पर मुरम के माफिया चोरी के मुरम को ही बिछा रहे हैं। ताजा मामला मोहला विकासखंड के ग्राम जबकसा (पुजारीटोला) का, जहां लगानी भूमि से सड़क निर्माण कंपनी के वाहन बिना खनिज विभाग के अनुमति के अवैध रूप से मुरूम की खुदाई और परिवहन कर निर्माणाधीन सड़क में धड़ल्ले से बिछा रहें है।

*खनिज विभाग की अनदेखी*

राजनांदगांव से मानपुर तक निर्माणाधीन सड़क पर बेस तैयार करने ठेकेदार व निर्माण एजेंसी के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। खेतों व लगानी भूमि पर बकायदा जेसीबी लगाकर मुरम निकाली जा रही है। जिसे सड़कों पर बिछा रहे हैं। मामले को लेकर खनिज विभाग कोई भी कार्रवाई करने से परहेज कर रहा है?

*तालाब निर्माण की आड़ में मुरम की चोरी*

मोहला ब्लॉक के ग्राम जबकसा में निजी भूमि से सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा मुरम निकाली जा रही है। वही तालाब निर्माण करने की आड़ में भी सैंकड़ों ट्रक मुरम का परिवहन किया जा रहा है। इधर मामले को लेकर जब खनिज विभाग से संपर्क किए गया तो खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबकसा ग्राम से मुरूम के खनन के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और ना ही खनिज विभाग के द्वारा किसी प्रकार से अनुमति दी गई है।

*शासन को लगा रहें राजस्व का चुना*

सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा सड़क की खुदाई कर सड़क के दोनों तरफ बेस के लिए मुरम का उपयोग किया जा रहा है। कंपनी यह मुरम किसानों के भूमि से निकाल रहें,कंपनी किसानों को खेत समतलीकरण और डबरी निर्माण के आड़ में मुरम की चोरी कर शासन को लाखों रुपए राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा है।

*खनिज विभाग ने कहा होगी कार्रवाई*

मामला मीडिया के माध्यम से जब खनिज विभाग तक पहुंचा तब,खनिज विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को मौका मुआयना कर आवश्यक कार्रवाई करने की आश्वासन दिया है। अब आगे देखना है आश्वासन,आश्वासन ही रहता है या कार्रवाई में तब्दील होता है।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित,,, दीपक मरकाम की खबर,

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तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित,,, दीपक मरकाम की खबर,

 

बीजापुर 01 जून 2026

बीजापुर जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के अंतर्गत जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में 40 हजार 716 संग्राहकों द्वारा कुल 65,430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।

शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है।

भुगतान प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की गई है।

प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुडमा के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये,

कुटरू के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये,

तोयनार के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये

बरदेला के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

इसी प्रकार संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली एवं चेरपल्ली समितियों के संग्राहकों के खातों में भी लाखों रुपये की राशि ऑनलाइन जमा की गई है।

शेष समितियों में संग्राहकों द्वारा संग्रहित तेन्दूपत्ता की मात्रा का ऑनलाइन सत्यापन एवं प्रविष्टि कार्य जारी है।

अधिकारियों के अनुसार सभी संग्राहकों को ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जाएगा।

तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग संग्राहक खेती-किसानी, घरेलू आवश्यकताओं एवं अन्य आजीविका गतिविधियों में करते हैं।

मानसून पूर्व भुगतान मिलने से संग्राहकों को कृषि कार्यों की तैयारी में राहत मिलेगी।

* बूंद-बूंद को तरसा भैरमगढ़: खाली बर्तन लेकर नगर पंचायत पहुंचे आक्रोशित वार्डवासी, CMO का घेराव* दीपक मरकाम की खबर,

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*फोटो: नगर पंचायत भैरमगढ़ के सामने प्रदर्शन करते वार्डवासी*

* बूंद-बूंद को तरसा भैरमगढ़: खाली बर्तन लेकर नगर पंचायत पहुंचे आक्रोशित वार्डवासी, CMO का घेराव*

दीपक मरकाम की खबर,

तस्वीरें बयां कर रही दर्द,

खाली बर्तन लेकर नगर पंचायत पहुंची जनता,4 दिन से बूंद-बूंद को तरसे वार्ड 15-7, CMO का घेराव,

बीजापुर जिले भैरमगढ़ 01 जून 2026,

भैरमगढ़ : भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे नगर पंचायत भैरमगढ़ के वार्ड 15 और 7 के रहवासियों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा।

CMO की लापरवाही और मनमानी से परेशान सैकड़ों महिला-पुरुष खाली बाल्टी-डिब्बे लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए और घेराव कर दिया।

नगर पंचायत भवन के सामने दर्जनों खाली बर्तन रखकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घंटों धरने पर बैठे रहे।

4 दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा बूंद बूंद के लिए तरस रहे वार्ड वासी, हैंडपंप  का भी  पानी सूख चुका हैं लोग 2-3 किमी दूर से पानी ढोने या 20 से  30 रुपये प्रति डिब्बा खरीदने को मजबूर हैं।

 

जनता का आरोप:  वार्डवासियों ने कहा, “शिकायत करने पर CMO फोन तक नहीं उठाते।

हर बार मोटर खराब होने का बहाना बना दिया जाता है, बच्चे प्यासे हैं, खाना-नहाना सब बंद है टैंकर भी नहीं भेजा जा रहा जिससे कुली मजदूरी करने वालों को भारी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा हैं।

 

 

खम्हारपाली आरटीओ चेकपोस्ट की बड़ी कार्रवाई: ओवरलोड लगेज ढोने वाली बसों पर शिकंजा, 2 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला..

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राहुल भोई  महासमुंद…

खम्हारपाली आरटीओ चेकपोस्ट की बड़ी कार्रवाई: ओवरलोड लगेज ढोने वाली बसों पर शिकंजा, 2 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला

महासमुंद। परिवहन विभाग की खम्हारपाली चेकपोस्ट में नियमों के विपरीत लगेज परिवहन करने वाली बसों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ से ओडिशा और झारखंड की ओर संचालित होने वाली अखिल भारतीय पर्यटक परमिट एवं अन्य यात्री बसों की नियमित जांच के दौरान कई बसें निर्धारित क्षमता से अधिक सामान लेकर चलती पाई गईं।

विभाग द्वारा मई माह में ऐसी 15 बसों सहित अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। साथ ही बस संचालकों को भविष्य में अधिक सामान का परिवहन नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई है।

परिवहन विभाग का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है।

खम्हारपाली चेकपोस्ट में भारी और व्यावसायिक वाहनों की तेज आवाजाही के कारण पूर्व में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती थीं, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस समस्या के समाधान के लिए चेकपोस्ट के दोनों प्रवेश द्वारों पर मुख्य मार्ग में बैरिकेड्स लगाए गए हैं, जिससे वाहनों की गति नियंत्रित हुई है। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि पिछले आठ महीनों में चेकपोस्ट क्षेत्र में एक भी दुर्घटना दर्ज नहीं हुई है।

यातायात दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए मोटरसाइकिल तथा निजी चारपहिया वाहनों को चेकपोस्ट परिसर में प्रवेश न देकर बाहर से ही बाईपास कराया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिली है।

भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों और वाहन चालकों के लिए चेकपोस्ट में वाटर कूलर और मटकों के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।

उल्लेखनीय है कि गत वित्तीय वर्ष में खम्हारपाली चेकपोस्ट ने शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य को 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पूरा किया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बसों और अन्य वाहनों की जांच तथा नियम उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* दीपक मरकाम की खबर,

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*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* दीपक मरकाम की खबर,

 

दक्षिण बस्तर,बीजापुर जिला दिनांक 01 जून 2026,

 

बीजापुर 01 जून 2026/महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु *”Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान* 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।

 

 

 

*”बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए”*

 

कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। *अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक* एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।

 

 

 

*क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ?*

 

1. *पहचान एवं रेस्क्यू:* सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

 

2. *पुनर्वास:* बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

 

3. *परिवार से मिलन:* संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।

 

4. *संरक्षण:* बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।

 

 

 

*’चिन्हांकन की पंचशक्ति’ से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण*

 

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, “इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए *प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों* को ‘चिन्हांकन की पंचशक्ति’ के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।”

 

 

 

*जिला प्रशासन की अपील: एक कॉल बदल सकती है तकदीर*

 

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो *तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098* अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

 

 

 

*”हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही अभियान”* के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।

*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना*  दीपक मरकाम की खबर,

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*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना*  दीपक मरकाम की खबर,

 

 

सम्भाग दक्षिण बस्तर,

बीजापुर जिला दिनांक 01 जून 2026,

 

बीजापुर 01 जून 2026/महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु *”Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान* 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।

 

*”बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए”*

कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। *अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक* एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।

 

*क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ?*

1. *पहचान एवं रेस्क्यू:* सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

2. *पुनर्वास:* बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

3. *परिवार से मिलन:* संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।

4. *संरक्षण:* बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।

 

*’चिन्हांकन की पंचशक्ति’ से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण*

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, “इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए *प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों* को ‘चिन्हांकन की पंचशक्ति’ के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।”

 

*जिला प्रशासन की अपील: एक कॉल बदल सकती है तकदीर*

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो *तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098* अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

 

*”हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही अभियान”* के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।

अंतगढ़ में कल चक्काजाम: 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कोयलीबेड़ा की जनता करेगी 68 गांव के‘जनता आक्रोश आंदोलन ,,।कोयलीबेडा़ से लक्षमण दर्रो की रिपोर्ट:-

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*अंतगढ़ में कल चक्काजाम: 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कोयलीबेड़ा की जनता करेगी 68 गांव के‘जनता आक्रोश आंदोलन ,,,,,,,कोयलीबेडा़ से लक्षमण दर्रो की रिपोर्ट*,,,,,,,,

कोयलीबेडा़ /

क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोयलीबेड़ा की जनता कल, यानी 02 जून 2026 (मंगलवार) को एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर क्षेत्रवासी अंतगढ़ स्टेट हाईवे पर सुबह से अनिश्चितकालीन चक्काजाम और ‘जन आक्रोश आंदोलन’ करेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है।

 

 

इन 10 प्रमुख मांगों को लेकर छिड़ेगा आंदोलन:

आंदोलन के जरिए जनता ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

 

जिला सहकारी बैंक: क्षेत्र में जिला सहकारी बैंक की स्थापना की जाए।

*ब्लॉक मुख्यालय वापसी:*

 

*कोयलीबेड़ा को पुनः* ब्लॉक मुख्यालय का दर्जा देकर वहां कार्यालय बहाल किए जाएं

 

*स्वास्थ्य सुविधाएं*: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर की तत्काल नियुक्ति की जाए।

 

*स्वामी आत्मानंद स्कूल:* कोयलीबेड़ा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय खोला जाए।

 

*बिजली समस्या:* थ्री-फेस रात्रि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को शत-प्रतिशत बंद किया जाए।

किराया माफी: जरूरतमंद स्कूली छात्रों का बस किराया पूरी तरह माफ किया जाए

 

*कॉलेज भवन* स्थानीय कॉलेज के नए भवन का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो।

 

खाद्य बीज: खरीफ फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्य और बीज की व्यवस्था की जाए।

 

सड़क निर्माण: अंतगढ़ से कोयलीबेड़ा तक की मुख्य सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए।

 

*वन अधिकार पट्टा: राजस्व प्रकरणों की विसंगतियों को दूर कर कोयलीबेड़ा तहसील के अंतर्गत पात्र लोगों को वन अधिकार पट्टा दिया जाए।*

 

उलगुलान जोहार” के नारे के साथ क्षेत्र की जनता से इस बंद और चक्काजाम सफल बनाने की अपील

 

आंदोलनकारियों ने “उलगुलान जोहार” के नारे के साथ क्षेत्र की जनता से इस बंद और चक्काजाम को सफल बनाने की अपील की है। कल होने वाले इस व्यापक प्रदर्शन के कारण अंतगढ़ स्टेट हाईवे पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है, लेकिन आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, चक्काजाम जारी रहेगा।आंदोलनकारियों की इस चक्काजाम के ऐलान के बाद प्रशासन का क्या रूख रहेगा यह आने वाला समय में पता चलेगा ।,,,,

*बीजापुर में पांच दिवसीय युवा व्यक्तित्व निर्माण शिविर का हुआ समापन*दीपक मरकाम की खबर,

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*बीजापुर में पांच दिवसीय युवा व्यक्तित्व निर्माण शिविर का हुआ समापन*दीपक मरकाम की खबर,

,युवाओं ने सीखा व्यक्ति निर्माण परिवार निर्माण, समाज निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण के सूत्र,

,दक्षिण बस्तर सम्भाग

बीजापुर जिला दिनांक 01 जून 2026,

बीजापुर  अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में युवा प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में जिला बीजापुर में पांच दिवसीय आवासीय व्यक्तित्व युवा निर्माण शिविर का आयोजन दिनांक 27 से 31 मई को किया गया ।

बीजापुर जिले से 100 भाई बहन शामिल हुए साथ ही साथ इसमें 30 ऐसे आत्मसमर्पित पुनर्वास भाई बहन जो की हथियार छोड़कर मुख्य धारा में जुड़े उन्होंने भी शिविर का पूरे 5 दिनों तक लाभ लिए।

पांच दिवसीय शिवरात्रि भाई बहनों को विभिन्न विषय जैसे योग प्राणायाम, जीवन लक्ष्य एवं कैरियर निर्माण, सफलता के सूत्र ,बुद्धि बढ़ाने के वैज्ञानिक उपाय, व्यक्तित्व निर्माण के सूत्र, स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वाध्याय, संस्कारों के ज्ञान विज्ञान, कर्मफल का सिद्धांत, युग ऋषि का परिचय, गायत्री महाविज्ञान, युग निर्माण योजना के उद्देश्य गायत्री परिवार के सप्तसूत्री आंदोलन आदि विषयों पर प्रोजेक्टर के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें बताई गई साथ साथ नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताकर बीजापुर जिले के सड़कों में नशा मुक्ति जागरूकता रैली भी निकाला गया।

चतुर्थ दिवस शिवरार्थी भाई बहनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किए जिसमें सभी बच्चे अपनी प्रतिभा कौशल का प्रदर्शन के साथ ही आत्मसमर्पण नक्सली भाई बहनों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम दिया गया।

शिविर से प्रभावित होकर सभी भाई बहनों में अपने गांव स्तर पर टोली गठन कर रचनात्मक करने जैसे वृक्षारोपण ,सफाई अभियान ,नशा मुक्ति रैली करने का संकल्प लिए मांसाहार वीडियो के माध्यम से सभी भाई बहनों ने मांसाहार न करने का सामूहिक संकल्प लिए अंतिम दिवस विश्व कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु एक कुण्डीय गायत्री महायज्ञ किए जिसमे 21 भाई बहन गुरु दीक्षा और 2 भाई बहन जनेव संस्कार लिए। पांच दिनों के शिविर से प्रभावित होकर बच्चों ने शिविर से मिले लाभों की अभिव्यक्ति प्रस्तुत किया जिसमें हमारे पुनर्वास भाई बहन भी शामिल हुए।

शिविर में टोली नायक चम्पेश्वर साहू, सहायक टोली नायक लेखराम साहू, गोपाल साहू, सत्यभामा नागवंशी, संजना पटेल एवं गोंडी अनुवादक अनिल कश्यप के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

समापन दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में दिव्य जीवन संघ दंतेवाड़ा के स्वामी सदा प्रेमानंद सरस्वती, डॉक्टर बी आर पुजारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीजापुर, रविशंकर शुक्ल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला संघ प्रचारक,समाजसेवी एवं व्यापारी राजू गांधी,सर्व आदिवासी समाज के सकनी चन्द्रैया एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जमुना सकनी जी उपस्थित रहे एवं शिवरात्रियों को अपने कर कमलों से प्रमाण पत्र वितरण कर उनके उज्जवल भविष्य के लिए बारी-बारी से प्रेरक प्रसंग के माध्यम से आशीर्वचन एवं शुभकामनाएं दिया ।

शिविर को सफल बनाने के लिए युवा प्रकोष्ठ के जिला सचिव दुर्गेश साहू, खेमन यादव,अर्जुन वेको,भरत धूर्वा,तारा जेट्टी , सम्मैया पसपुल, दुर्गा, महेश पुजारी, जिला समन्वयक बीरा राजबाबू, ट्रस्टी जयपाल सिंह राजपूत, प्रमुख प्रबन्ध ट्रस्टी शंकर कुड़ियम , सहायक प्रबंध ट्रस्टी रामयश विश्वकर्मा, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष के संतोष, दुगैया गुरला जगदेव यादव अन्य परिजनों का विशेष योगदान रहा।

शिविर का केवल एक ही उद्देश्य था शिवरात्रि भाई बहनों में देवत्व का उदय कर व्यक्ति निर्माण परिवार निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण हेतु प्रेरित करना।

* पामभोई परिवार की राजनीति में वापसी,युवा चेहरे भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई ने संभाली कमान* दीपक मरकाम की खबर,

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* पामभोई परिवार की राजनीति में वापसी,युवा चेहरे भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई ने संभाली कमान* दीपक मरकाम की खबर,

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 01 जून 2026

जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित पामभोई परिवार की अगली पीढ़ी अब सक्रिय राजनीति में मजबूती से उतर चुकी है।

स्वर्गीय आदिनारायण पामभोई के बेटे और पूर्व विधायक राजेंद्र पामभोई के भतीजे,भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई के सक्रिय होने से क्षेत्रीय राजनीति में नए उत्साह का संचार हुआ है।*

 

पिछले कुछ समय से भाग्यांश लगातार क्षेत्र के कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के साथ उनकी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि वे एक नई जिम्मेदारी के साथ जनता के बीच आए हैं।

 

भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई का कहना है कि वे अपने परिवार की सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, उन्होंने युवा ऊर्जा और जनसंपर्क को अपना मुख्य आधार बनाया है, उनका लक्ष्य लोगों की समस्याओं को समझना और उन्हें दूर करने के लिए सक्रिय प्रयास करना है।

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाग्यांश का जमीनी जुड़ाव और उनकी कार्यशैली उन्हें आने वाले समय में क्षेत्र का एक प्रभावशाली युवा नेता बनाएगी।

पामभोई परिवार के समर्थकों में भी इस वापसी को लेकर खासा उत्साह है।

अग्रवाल मल्टीस्पेसलिटी अस्पताल मे नवजात शिशु एवं बच्चों के हृदय रोग जांच एवं परामर्श 05 जून 2026 को..।

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सर्वे सन्तु निरामयः

नवजात शिशु एवं बच्चों के

हृदय रोग

जांच एवं परामर्श 05 जून 2026

एक्सपर्ट डॉक्टर से 2D इको जांच की सुविधा उपलब्ध

अगर आपके बच्चों में भी इस प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें

डॉ. अमित अग्रवाल (शिशु रोग विशेषज्ञ)

बच्चों में होने वाले हृदय रोग के लक्षण

1. जन्मजात हृदय दोष (Congenital Heart Disease)

जन्म से ही दिल की संरचना में गड़बड़ी जैसे ASD, VSD, PDA, TOF आदि।

2. हृदय में छेद (ASD / VSD)

दिल की दीवार में छेद होना जिससे रक्त प्रवाह में असामान्यता होती है।

3. नलिका का खुला रह जाना (PDA)

दिल की प्रमुख नलिका (Ductus Arteriosus) का बंद न होना।

4. नीला पड़ना (Cyanosis)

शरीर, होंठ या नाखून का नीला पड़ना, जिससे ऑक्सीजन की कमी दर्शाती है।

5. दूध पीते समय थकान

थोड़ी सी मेहनत या चूसने पर जल्दी थक जाना, सांस फूलना।

6. तेज या अनियमित धड़कन

दिल की धड़कन बहुत तेज चलना या रुक-रुक कर चलना।

7. विकास में देरी

बच्चे का वजन न बढ़ना, विकास की गति धीमी होना।

8. बेहोशी आना (Fainting)

खेलते समय या अचानक बेहोशी आ जाना, चक्कर आना।

9. बार-बार संक्रमण (Infection)

फेफड़ों में बार-बार संक्रमण होना, सर्दी-खांसी का बार-बार होना।

10. अत्यधिक पसीना आना

दूध पीते समय या आराम की स्थिति में भी अत्यधिक पसीना आना।

समय पर जांच, सही उपचार – बच्चे का स्वस्थ भविष्य हमारा संकल्प

अग्रवाल मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल

📍 बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)

📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

अग्रवाल नर्सिंग होम के न्यूरो सर्जन डॉ वैभव धवली ने सफल ऑपरेशन कर गर्दन के दर्द से दी राहत! परिजनो ने कहा धन्यवाद..।

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गर्दन के दर्द से मिली राहत!

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*बीजापुर में पांच दिवसीय युवा व्यक्तित्व निर्माण शिविर का हुआ समापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,

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*बीजापुर में पांच दिवसीय युवा व्यक्तित्व निर्माण शिविर का हुआ समापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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युवाओं ने सीखा व्यक्ति निर्माण परिवार निर्माण, समाज निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण के सूत्र

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में युवा प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में जिला बीजापुर में पांच दिवसीय आवासीय व्यक्तित्व युवा निर्माण शिविर का आयोजन दिनांक 27 से 31 मई को किया गया जिसमें पूरे बीजापुर जिले से 100 भाई बहन शामिल हुए साथ ही साथ इसमें 30 ऐसे आत्मसमर्पित पुनर्वास भाई बहन जो की हथियार छोड़कर मुख्य धारा में जुड़े उन्होंने भी शिविर का पूरे 5 दिनों तक लाभ लिए। इन पांच दिनों में शिवरात्रि भाई बहनों को विभिन्न विषय जैसे योग प्राणायाम, जीवन लक्ष्य एवं कैरियर निर्माण, सफलता के सूत्र ,बुद्धि बढ़ाने के वैज्ञानिक उपाय, व्यक्तित्व निर्माण के सूत्र, स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वाध्याय, संस्कारों के ज्ञान विज्ञान, कर्मफल का सिद्धांत, युग ऋषि का परिचय, गायत्री महाविज्ञान, युग निर्माण योजना के उद्देश्य गायत्री परिवार के सप्तसूत्री आंदोलन आदि विषयों पर प्रोजेक्टर के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें बताई गई साथ साथ नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताकर बीजापुर जिले के सड़कों में नशा मुक्ति जागरूकता रैली भी निकाला गया। चतुर्थ दिवस शिवरार्थी भाई बहनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किए जिसमें सभी बच्चे अपनी प्रतिभा कौशल का प्रदर्शन के साथ ही आत्मसमर्पण नक्सली भाई बहनों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम दिया गया। शिविर से प्रभावित होकर सभी भाई बहनों में अपने गांव स्तर पर टोली गठन कर रचनात्मक करने जैसे वृक्षारोपण ,सफाई अभियान ,नशा मुक्ति रैली करने का संकल्प लिए मांसाहार वीडियो के माध्यम से सभी भाई बहनों ने मांसाहार न करने का सामूहिक संकल्प लिए अंतिम दिवस विश्व कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु एक कुण्डीय गायत्री महायज्ञ किए जिसमे 21 भाई बहन गुरु दीक्षा और 2 भाई बहन जनेव संस्कार लिए। पांच दिनों के शिविर से प्रभावित होकर बच्चों ने शिविर से मिले लाभों की अभिव्यक्ति प्रस्तुत किया जिसमें हमारे पुनर्वास भाई बहन भी शामिल हुए। उक्त शिविर में टोली नायक चम्पेश्वर साहू, सहायक टोली नायक लेखराम साहू, गोपाल साहू, सत्यभामा नागवंशी, संजना पटेल एवं गोंडी अनुवादक अनिल कश्यप के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। समापन दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में दिव्य जीवन संघ के सदा प्रेमानंद सरस्वती जी डॉक्टर बी आर पुजारी मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी बीजापुर रविशंकर शुक्ल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला संघ प्रचारक एवं समाजसेवी एवं व्यापारी राजीव गांधी सर्व आदिवासी समाज के सकती चंद्राय एन एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जमुना सकती जी उपस्थित रहे एवं शिवरात्रियों को अपने कार्यक्रमों से प्रमाण पत्र वितरण कर उनके उज्जवल भविष्य के लिए बारी-बारी से प्रेरक प्रसंग के माध्यम से आशीर्वचन दिया इस सिविल को सफल बनाने के लिए युवा प्रकोष्ठ के जिला सचिव दुर्गेश साहू,खेमन यादव,अर्जुन वेको,भरत धूर्वा,तारा जजेट्टी , सम्मैया पसपुल, दुर्गा, महेश पुजारी जिला समन्वयक बीरा राजबाबू, ट्रस्टी जयपाल सिंह राजपूत, प्रमुख प्रबन्ध ट्रस्टी शंकर कुड़ियम , सहायक प्रबंध ट्रस्टी रामयश विश्वकर्मा, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष के संतोष, दुगैया गुरला जगदेव यादव अन्य परिजनों का विशेष योगदान रहा। शिविर का केवल एक ही उद्देश्य था शिवरात्रि भाई बहनों में देवत्व का उदय कर व्यक्ति निर्माण परिवार निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण हेतु प्रेरित करना।

आंधी-तूफान से तोयनार में भारी नुकसान, भाजपा नेताओं ने लिया तत्काल संज्ञान,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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आंधी-तूफान से तोयनार में भारी नुकसान, भाजपा नेताओं ने लिया तत्काल संज्ञान,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,जेडज्ज़,,,। जिले में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने ग्राम पंचायत तोयनार में भारी तबाही मचाई। प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के लगभग 40 से 50 परिवारों के मकान एवं अन्य संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कई परिवारों को खुले आसमान के नीचे रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेताओं ने तत्काल प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। सुबह सांसद प्रतिनिधि जिलाराम राणा, जिला पंचायत सदस्य मैथियस कुजूर, भाजपा सोशल मीडिया जिला संयोजक के.जी. सुधाकर तथा ग्राम पंचायत तोयनार के उपसरपंच भीमा तेलम गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं क्षति का जायजा लिया।

नेताओं ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं एवं नुकसान की जानकारी शासन-प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी, ताकि प्रभावितों को शीघ्र राहत मिल सके। इस दौरान संबंधित पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों को भी मौके की स्थिति से अवगत कराया गया तथा तत्काल सर्वे कर राहत प्रदान करने की मांग की गई।

भाजपा नेताओं ने क्षेत्र के जनप्रिय नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश गागड़ा को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही जिला प्रशासन, तहसीलदार एवं बिजली विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं से अवगत कराया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि क्षति का सर्वे पूर्ण होने के बाद शासन के नियमानुसार प्रभावित परिवारों को राहत एवं आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी।

ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं के त्वरित दौरे एवं प्रशासन तक उनकी समस्याएं पहुंचाने के प्रयास की सराहना करते हुए शीघ्र राहत की उम्मीद जताई है।

कोयलीबेड़ा प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन ठप पांचवे दिन भी चक्काजाम जारी ,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट

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कोयलीबेड़ा प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन ठप पांचवे दिन भी चक्काजाम जारी ,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट*,,,

कोयलीबेडा / कोयलीबेडा़ विकसखण्ड के 18 पांचयत के 68 गांव के ग्रामीणों को चक्काजाम करने को मजबूर सुशासन के दावों की खुली पोल सड़कों पर उतरे आदिवासी

 

माओवाद प्रभावित और विकास से अछूते रहे इस क्षेत्र में आज भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार भले ही बस्तर में सुशासन और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के सांसद और विधायक उनकी लगातार अनदेखी कर रहे हैं।

 

डिस्ट्रीक्ट मिनरल फंड (DMF) में बंदरबांट और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) और सीएसआर (CSR) फंड की राशि का सही इस्तेमाल न करके उसमें भारी बंदरबांट की जा रही है। क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। इसके अलावा, जिला सहकारी बैंक कोयलीबेडा़ में ही हो कोयलीबेड़ा के ‘उत्कृष्ट विद्यालय’ (स्कूल) को पखांजूर शिफ्ट किए जाने के सरकारी फैसले का भी जनता द्वारा पुरजोर विरोध किया जा रहा है।

 

 

मुख्य मांग: कोयलीबेड़ा से ही संचालित हों सभी सरकारी कार्यालय

इस पूरे आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग यह है कि यदि विकासखंड का मुख्यालय कोयलीबेड़ा है, तो ब्लॉक स्तर के सभी कार्यालय के सारे सिस्टम लगाने की मांग सप्ताह के सातों दिन यहीं से संचालित होने चाहिए। वर्तमान में अधिकांश कार्यालयों का संचालन पखांजूर से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

*(सांसद-विधायक)* और जिला प्रशासन के आला अधिकारी एक साथ बैठकर हमारी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक हमारा यह आंदोलन और चक्काजाम यथावत जारी रहेगा।” — *बसंत ध्रुव, आदिवासी नेता*,,,,

हर खबर पर नजर… भीष्म गर्मी में पानी के लिए तरसे सुकड़ी गुहान के 60 आदिवासी परिवार, सरपंच बोलीं- ‘एक ही टैंकर, वाटर लेवल भी गिरा’। आर एल कुलदीप की ग्राउंड रिपोर्ट:-

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हर खबर पर नजर…

भीष्म गर्मी में पानी के लिए तरसे सुकड़ी गुहान के 60 आदिवासी परिवार, सरपंच बोलीं- ‘एक ही टैंकर, वाटर लेवल भी गिरा’। आर एल कुलदीप की ग्राउंड रिपोर्ट:-

बालोद/डौण्डी

आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय डौण्डी के वनांचल ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित गांव सुकड़ी गुहान में पेयजल संकट गहरा गया है। भीषण गर्मी के बीच यहां निवासरत लगभग 60 आदिवासी परिवार पीने के पानी व निस्तारी के लिए तरस रहे हैं।

सूखे पड़े हैंडपंप, खाली बर्तन:

गांव में लगे हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि सूखे हैंडपंप के पास खाली बर्तन रखे हैं और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए भटक रहे हैं। तालाब-डबरी भी सूख गए हैं। 250 लोग जिसमें महिला पुरूष बच्चे निवासरत जो कि पेयजल और निस्तारी जल की भयावह गुजर रहे हैं रहवासी सावित्री नेताम पार्वती नेताम चुनाबति नेताम तुलाराम मडावी अकालुराम नेताम इतवारी सोरी बिरजू राम नेताम कृपाराम मंडावी ने बताया कि वे लोग यहां पर करीब 30 साल से बसे हुए हैं तब से लेकर आज तक जल की संकट से लगातार जूझ रहे हैं हालांकि शासन की ओर से बीच-बीच में जल की व्यवस्था के लिए प्रयास किया गया है परंतु सफल नहीं हो पाया है ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल के लिए शासन की ओर से बसाहट के दो स्थानों पर पानी सप्लाई के लिए टंकी लगाई गई है जहां से गलियों में लगे स्टैंड पोस्ट से पानी आने का व्यवस्था बनाया गया है परंतु जल स्तर कम होने की वजह से टँकी नही भर पाती इस वजह से नलो मे भी पानी ठीक से नही। आता ऐसे स्थिति मे मात्रा एक या दो गुंडी ही पानी भर पाते हैं पानी कम आने की वजह से कई बार पानी भरने को लेकर विवाद की भी स्थिति निर्मित होती है नल से पानी नहीं मिलने पर नाला मे झिरिया खोद कर पानी निकाल कर पीते हैं नहाने के लिए पास के नाला का ही सहारा है वहां का पानी भी हरा रंग का हो चुका है जिसमें कई प्रकार की सकर्मक बीमारी भी होने की संभावना बनी रहती है लोगों ने बताया कि करीब 20 साल पहले नल नही था तब नाला के पानी को ही पेयजल के रूप में इस्तेमाल करते थे जिसके कारण 3 लोगों की मौत हो गई थी शासन की ओर से कुछ साल पहले एक नया बोर खनन किया गया परंतु उसमे भी पानी नही निकला ग्राम पंचायत सिंघोला के निवासी जागेश्वर ठाकुर ने बताया कि पूरे सिंघोला पंचायत में वाटर लेबल डाउन हो गया है इस लिए बोर भी सक्सेस नही होता है

सरपंच ने मानी समस्या:

इस संबंध में सरपंच कौशल्या ठाकुर ने बताया कि _”पंचायत में पानी सप्लाई के लिए मात्र एक ही टैंकर है। गर्मी के कारण वाटर लेवल काफी कम हो गया है, जिससे हैंडपंप और बोर सूख गए हैं। हम सीमित संसाधनों में गांवों तक पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।”_ उन्होंने बताया कि सुकड़ी गुहान समेत पंचायत के अन्य आश्रित गांवों में भी यही स्थिति है।

प्रशासन से मांग:

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व PHE विभाग से तत्काल अतिरिक्त टैंकर की व्यवस्था करने और गांव में नया बोर खनन कर स्थायी समाधान करने की मांग की है।

 

RKBHARATNEWS

हर खबर पर नजर

 

✍️ आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

कोत्तापल्ली व्यपवर्तन योजना हेतु भूमि अधिग्रहण पर 4 जून को जनसुनवाई,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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कोत्तापल्ली व्यपवर्तन योजना हेतु भूमि अधिग्रहण पर 4 जून को जनसुनवाई,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

बीजापुर 31 मई 2026- भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत भोपालपटनम तहसील के ग्राम कोत्तापल्ली में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संबंध में सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन हेतु जनसुनवाई का आयोजन 4 जून 2026 को प्रातः 11 बजे ग्राम कोत्तापल्ली में किया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार कोमटपल्ली (कोक्कमपल्ली) व्यपवर्तन योजना के अंतर्गत मुख्य नहर, माइनर एवं सब माइनर नहर से प्रभावित किसानों की भूमि अर्जित की जानी है। इसके लिए ग्राम कोत्तापल्ली में कुल 2.317 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से 30 परिवार प्रभावित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित परिवारों की संख्या शून्य बताई गई है।
परियोजना की अनुमानित लागत 774.57 लाख रुपये है तथा सामाजिक प्रभावों की प्रतिपूर्ति के लिए 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना पूर्ण होने पर ग्राम कोत्तापल्ली, उरकपल्ले, कोगुपल्ली एवं पामगल क्षेत्र में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
कलेक्टर एवं जिला भूमि अर्जन अधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं एवं ग्रामीणों से अपील की है कि भूमि अधिग्रहण के संबंध में यदि कोई सुझाव या जानकारी देना चाहते हैं तो निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आयोजित जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपने विचार प्रस्तुत करें।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,, सेवानिवृत्त हुए प्रधान पाठक श्री संजय कुमार कोटे एवं श्री कावटी गोपाल को जिला कार्यालय में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने आत्मीय विदाई दी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीन ने दोनो प्रधान पाठकों की दीर्घकालीन एवं कुशलतापूर्ण सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने सेवानिवृत्त प्रधान पाठकों को पेंशन प्रमाण पत्र भी भेंट किया।
कार्यक्रम में जिला कोषालय अधिकारी श्री महावीर प्रसाद टंडन जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद थे।

महासमुंद NH53 पर हुआ सडक हादसा.. हादसे मे बागबाहरा थाने मे पदस्थ सिपाही ने गवाई जान.. परिजन व पुलिस विभाग मे शोक की लहर..।

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद जिले मे नेशनल हाइवे 53 पर सांकरा थाना क्षेत्र के बल्दीडीह स्थित जोंक नदी के पास आज रविवार दोपहर 12 से 1 बजे के बिच एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक हवलदार की मौत हो गई…ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार हवलदार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया..मृतक की पहचान दयासागर भोई के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ पुलिस में हवलदार पद पर पदस्थ थे और वर्तमान में थाना बागबाहरा में अपनी सेवाएं दे रहे थे..बताया जा रहा है कि वे किसी कार्य से बल्दिडिह की ओर से सांकरा की ओर जा रहे थे, इसी दौरान बल्दीडीह के पास उनकी मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रही ट्रक की चपेट में आ गई..टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

मामले पर सांकरा थाने के थानेदार उत्तम तिवारी ने बताया की हादसे की सूचना मिलते ही सांकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के पिथौरा भेजा है..जहाँ पंचनामा तैयार कर पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा ट्रक चालक के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है…।

ईधर घटना की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई..साथी पुलिसकर्मियों और परिचितों ने दयासागर भोई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं क्षेत्र में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है..।


 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- सेवानिवृत्त हुए प्रधान पाठक श्री संजय कुमार कोटे एवं श्री कावटी गोपाल को जिला कार्यालय में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने आत्मीय विदाई दी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीन ने दोनो प्रधान पाठकों की दीर्घकालीन एवं कुशलतापूर्ण सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने सेवानिवृत्त प्रधान पाठकों को पेंशन प्रमाण पत्र भी भेंट किया।
कार्यक्रम में जिला कोषालय अधिकारी श्री महावीर प्रसाद टंडन जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद थे।

भूमि अधिग्रहण हेतु जनसुनवाई 03 को पामगल में,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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भूमि अधिग्रहण हेतु जनसुनवाई 03 को पामगल में,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,- कलेक्टर एवं पदेन उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 4 सहपठित नियम 7 के अंतर्गत अधिसूचना जारी की गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार भोपालपटनम तहसील के ग्राम पामगल में कोमटपल्ली (कोकमपल्ली) व्यपवर्तन योजना के तहत मुख्य नहर, माइनर एवं सब माइनर नहर से प्रभावित किसानों की भूमि अर्जित की जाएगी। इसके लिए कुल 4.319 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संबंध में सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन हेतु 3 जून 2026 को प्रातः 11 बजे ग्राम पामगल में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से 41 परिवार प्रभावित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित परिवारों की संख्या शून्य बताई गई है। परियोजना की कुल लागत 774.57 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके पूर्ण होने पर ग्राम कोतापल्ली, उस्कोलेड, कोमगुपल्ली एवं पामगल में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। सामाजिक प्रभाव की प्रतिपूर्ति एवं उससे संबंधित संभावित व्यय के लिए 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा अन्य पक्ष को कोई सुझाव या जानकारी प्रस्तुत करनी हो तो वह निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर जनसुनवाई में अपना पक्ष रख सकता है।

महासमुंद में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, नागपुर का संचालक गिरफ्तार ..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद जिले की सांकरा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था, जिसका मुख्य संचालन महाराष्ट्र के नागपुर से किया जा रहा था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी में नरेश निषाद की दुकान में नरेश निषाद और मनोहर मांझी रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेल और खिलवा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर दोनों के मोबाइल फोन की जांच की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे के संपर्क में रहकर आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगवाते थे। हार-जीत की रकम स्थानीय माध्यमों और PhonePe के जरिए लेन-देन की जाती थी।
जांच के दौरान मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टे से संबंधित चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट तथा PhonePe के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर नागपुर निवासी मुख्य संचालक मधुसूदन ठाकरे को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन की जांच में कई संदिग्ध नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य खाईवाल और सट्टा संचालक भी जुड़े हुए हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है।
आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी
नरेश निषाद (40), निवासी भगतदेवरी
मनोहर मांझी (38), निवासी नवागांव टुकड़ा, सांकरा
मधुसूदन ठाकरे (40), निवासी जैताला, नागपुर, महाराष्ट्र (मुख्य संचालक)
तीनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

 

*नक्सलियों का डर खत्म हुआ, लेकिन विकास अब भी नहीं पहुंचा ,बीजापुर जिले के सीमावर्ती गांव के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाओं से वंचित, 52 किमी का सफर तय कर पहुंचते हैं ब्लॉक मुख्यालय”* दीपक मरकाम की खबर 

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*नक्सलियों का डर खत्म हुआ, लेकिन विकास अब भी नहीं पहुंचा ,बीजापुर जिले के सीमावर्ती गांव के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाओं से वंचित, 52 किमी का सफर तय कर पहुंचते हैं ब्लॉक मुख्यालय”* दीपक मरकाम की खबर

 

*”विकास की राह देख रहा कोत्तापल्ली: आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार”*

बीजापुर दिनांक 31 मई 2026

बीजापुर जिले का बोर्डर सीमावर्ती इलाक में आजादी के अब तक उस गांव के लिए सरकार ने पहुंच मार्ग नहीं बना पाया है.,

अलांकि यहां मार्ग एनएच पुरानी है जो सीधे तेलंगाना को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। कई सरकारें आईं और गईं अब छग भी नक्सलमुक्त भारत हो चुका है, पहले नक्सलियों का भय हुआ करता था।

 

कोत्तापल्ली गांव का नाम भी आप ने सुना भी होगा जी हां वो गांव कोत्तापल्ली है जो उसुर ब्लाक ग्राम पंचायत पुजारी कांकेर बीजापुर जिले का आश्रित गांव है।

 

सरकारी काम-काज हेतु कोत्तापल्ली ग्रामीणों को 52 किमी का सफर तय करना पड़ता है जो बारिश के दिनों नदी नाले उफान पर होते है तब भी अपनी जान को जोखिम में डालकर ऐसे कठीन वक्त में सरकारी कार्यों को लिए ब्लाक मुख्यालय आवापल्ली आने मजबूर होना पड़ता है कोत्तापल्ली ग्रामीणों को।

 

कोत्तापल्ली गांव के लोग का हाल चाल जानने आज तक के न कोई प्राशासनिक अधिकारी गया ना को राजनीतिक दल का कोई नेता नहीं पहुंचा आज तक का। पहली बार एक शिविर हुई 25 मार्च 2017 को। अब तो छत्तीसगढ़ बस्तर नक्सली मुक्त हो चुका है।

 

मूलभूत सारी सुविधाएं उसे वंचित हैं ग्रामीण, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी आदि से वंचित है।

 

छग सरकार ने तो सड़क उसुर से सीधे तेलंगाना के पुसगुप्फा को जोड़ दिया है। पर भीमाराम और रायपुरम के बीच एक की पाइंट होता है वहीं से कोत्तापल्ली कि पहुंच मार्ग है वहां से लगभग 20-25 किमी है जो आज तक नहीं बनी है नदी नाले पथरीली है जिस सड़क से ग्रामीण आने जाने को मजबूर हैं कोत्तापल्ली के ग्रामीणों।

कंपनी के सामान की आड़ में 600 किलो गांजा तस्करी का भंडाफोड़, महासमुंद पुलिस ने महाराष्ट्र के तस्कर को किया गिरफ्तार. जप्त गांजे की कीमत 3 करोड़ रूपये..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद, 30 मई 2026। महासमुंद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के सामान की आड़ में की जा रही गांजा तस्करी का पर्दाफाश किया है। थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के मुरमुरी चौक में पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में 600 किलोग्राम (6 क्विंटल) अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया है। जब्त गांजे की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन, मोबाइल फोन और नगदी सहित कुल 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर गांजा तस्करी किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर मुरमुरी चौक में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान महाराष्ट्र नंबर की एक संदिग्ध लाल रंग की टाटा माजदा वाहन (क्रमांक MH-46 CU-6060) को रोककर जांच की गई।

वाहन चालक ने अपना नाम महबूब बादशाह शेख (65 वर्ष) निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) बताया। पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर कंपनी की मशीनरी और अन्य सामान के नीचे तथा पीछे छिपाकर रखी गई 24 प्लास्टिक बोरियां मिलीं। प्रत्येक बोरी में 25-25 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इस प्रकार कुल 600 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने गांजा को ओडिशा के बौद्ध जिले से लिया था और उसे महाराष्ट्र के ठाणे जिले में खपाने की योजना थी। तस्करी को छिपाने के लिए वाहन को काले रंग की तिरपाल से ढंका गया था ताकि किसी को शक न हो सके।

महासमुंद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 600 किलोग्राम गांजा, एक मोबाइल फोन, 10 हजार रुपये नकद तथा तस्करी में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है।

आरोपी महबूब बादशाह शेख के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (ii) (सी) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर गांजा तस्करी के स्रोत, नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद जिले में गांजा तस्करों द्वारा लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। कभी एंबुलेंस, कभी मूवर्स एंड पैकर्स वाहनों, तो कभी फल-सब्जी, खाद्य सामग्री, कपड़ा फेरी और ट्रेवल्स वाहनों की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी की कोशिश की जाती है। लेकिन महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की सतर्कता के चलते तस्करों के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय चेक पोस्टों के साथ-साथ अब अंदरूनी मार्गों पर भी लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सोर्स प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन प्वाइंट तक प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

 * नक्सल मुक्त पिनकोंडा में विकास की नई पहल, महिलाओं से आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर हुई सीधी चर्चा ,,,,,,,,,,,,,दीपक मरकाम की खबर*

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* नक्सल मुक्त पिनकोंडा में विकास की नई पहल, महिलाओं से आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर हुई सीधी चर्चा ,,,,,,,,,,,,,दीपक मरकाम की खबर*

 

*NID दिल्ली की टीम ने ग्रामीणों से जाना गांव की जरूरतों का हाल, स्वरोजगार बढ़ाने पर दिया जोर*

 

दक्षिण बस्तर सम्भाग,

बीजापुर जिला दिनांक 30 2026,

 

बीजापुर जिले के नक्सल प्रभाव से बाहर निकल रहे गांवों में विकास और आजीविका गतिविधियों को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को ग्राम पंचायत पिनकोंडा स्थित सीआरपीएफ कैंप में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें एन आई डी दिल्ली से पहुंचे अधिकारियों ने महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

बैठक में गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वरोजगार गतिविधियों को मजबूत करने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में कलेक्टर विश्वदीप, जनपद पंचायत सीईओ अभिषेक तंबोली तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक रोहित शोरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि नक्सल मुक्त होने के बाद गांवों में किस प्रकार आजीविका के नए साधन विकसित किए जा सकते हैं।

महिलाओं और ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित कार्य, हस्तशिल्प, लघु उद्योग और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है।

इसके लिए महिला समूहों को प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में गांव की मूलभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि गांवों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि नक्सल मुक्त गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही।

NID दिल्ली के विशेषज्ञों ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया।”

 

महिलाओं ने रखीं रोजगार और सुविधाओं से जुड़ी मांगें

पिनकोंडा में आयोजित बैठक के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने, हस्तशिल्प और कृषि आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देने की मांग रखी।

ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत भी अधिकारियों के सामने रखी ,अधिकारियों ने सभी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।

 

जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ बालिका टीम ने फाइनल में केरला को 55-51 से हराकर बनीं विजेता..

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*फ़ाइनल में महासमुंद की दिव्या रंगारी ने सर्वाधिक 22 अंक बनाकर छत्तीसगढ़ टीम को विजेता बनाया।*

*नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में दिव्या रंगारी को मोस्ट वॉल्यूएबल प्लेयर का मिला खिताब।*

महासमुंद – बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा पांडिचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका) का आयोजन दिनांक 22 मई से 29 मई 2026 तक राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम पांडिचेरी में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम से महासमुंद जिले से अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी इमलीभाठा शामिल हुई। इस चैंपियनशिप में दिव्या ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ टीम ने क्वार्टर फाइनल मैच में महाराष्ट्र की टीम को हराया, सेमीफाइनल मैच छत्तीसगढ़ एवं कर्नाटका के मध्य खेला गया जिसमें छत्तीसगढ़ ने कर्नाटका को 67-62 अंकों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। महासमुंद की दिव्या ने बेहतर प्रदर्शन कर 27 अंक बनाकर टीम को फ़ाइनल में पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ बालिका टीम ने केरला टीम को 55-51 से हराया जिसमें महासमुंद की दिव्या रंगारी ने सबसे ज्यादा 22 अंक बनाकर टीम को विजेता बनाया। पूरे चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मोस्ट वॉल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड मिला जिसमें दिव्या को अतिथियों द्वारा 50,000 का चेक प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ की बालिका टीम में अंजली कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान (सभी सर्वज्ञ राव बास्केटबाॅल एकेड़मी राजनांदगांव) नताशा प्रजापति (साई ट्रेनिंग सेंटर राजनांदगांव) दिव्या रंगारी (महासमुंद), पारूल वर्मा और नित्या पांडे ( रायपुर), कलश झा एवं सारा सिंह (भिलाई). टीम के कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेन्द्र साहू (एस ई सी आर), मेनेजर अनिता तिर्की (सरगुजा जिला) हैं। महासमुंद की दिव्या ने विगत वर्ष राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप जनवरी 2026 स्कूल नेशनल राजनांदगांव 17 वर्ष बालिका वर्ग में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल किया था, एशिया कप 2025 मलेशिया में दिव्या ने भारतीय टीम में शामिल होने के साथ ही स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल किया था। छत्तीसगढ़ बालिका टीम एवं महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी के बेहतर प्रदर्शन करने व स्वर्ण पदक जीतने पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष नुरेन चंद्राकर, चेयरमैन गौरव चंद्राकर, सचिव शुभम तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, पुरन साहू, बादल मक्कड़, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे, संतोष कुमार सोनी, किरण महाडीक, अभिषेक अंबिलकर, कुलेश्वर चंद्राकर, पिता विनोद रंगारी, माता सपना रंगारी, प्राचार्य मां गायत्री स्कूल महासमुंद विमला सागर, सुभाष मंडल, विवेक मंडल, निखिल चंद्राकर, विकास सोनी, आकाश सोनी, योजना रंगारी, तारणी साहू, सौम्या, श्रेया घोष, राइमा दास ने शुभकामनाएं दीं।

अग्रवाल नर्सिंग होम के दांतों के विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. अखिल द्विवेदी सरायपाली में प्रतिदिन उपलब्ध सुबह 10 से शाम 06 बजे तक

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दांतों के विशेषज्ञ डॉक्टर सरायपाली में प्रतिदिन उपलब्ध

सुबह 10 से शाम 06 बजे तक

डॉ. अखिल द्विवेदी MDS

ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी

उपलब्ध इलाज एवं सुविधाएँ…

• मुँह के छाले, मुँह में जलन होना

• मुँह में सफेद लाल पैचेस का दिखना

• मुँह का कम खुलना

• गुटखा, गुटखू एवं तम्बाकू से संबंधित समस्याओं का इलाज

• मुँह या जबड़े की हड्डी में दर्द

• मुँह का सरकना

• एडवांस एक्स-रे की मदद से हड्डियों एवं दांतों की बीमारी की जाँच

• मुँह के कैंसर की जाँच

• मुँह की बीमारियों का दवाइयों की सहायता से इलाज (नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट)

उपलब्ध सुविधाएँ:

3D Face CT Scan, डिजिटल एक्स-रे, OPG, डेंटल लेजर, डेंटल इम्प्लांट, फेशियल ट्रॉमा केयर

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अपॉइंटमेंट:

📞 9165266994

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AGRAWAL NURSING HOME

हर खबर पर नजर….शासकीय जमीन पर अर्जुन पेड़ों का अवैध भंडारण! रेस्ट हाउस के पीछे लकड़ियों का अंबार, वन विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल।आर एल कुलदीप की विषेश खबर:-

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हर खबर पर नजर….शासकीय जमीन पर अर्जुन पेड़ों का अवैध भंडारण!

रेस्ट हाउस के पीछे लकड़ियों का अंबार, वन विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल।आर एल कुलदीप की विषेश खबर

 

हसौद, जिला सक्ती

ग्राम पंचायत हसौद में शासकीय रेस्ट हाउस के पीछे भारी मात्रा में अर्जुन पेड़ों की लकड़ियों का अवैध भंडारण सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। खुलेआम पड़े लकड़ियों के विशाल ढेर यह संकेत दे रहे हैं कि लंबे समय से प्रतिबंधित वृक्षों की कटाई कर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले की जानकारी वन विभाग को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है यह खेल?

शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण

प्रतिबंधित अर्जुन वृक्षों की कटाई का आरोप

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

कार्रवाई के बजाय चुप्पी क्यों?

क्या लकड़ी माफियाओं को मिल रहा संरक्षण?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की वन संपदा को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद वन विभाग जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।

 

जनता पूछ रही है सवाल…

आखिर इतने बड़े पैमाने पर लकड़ी कहां से आई?

शासकीय जमीन पर भंडारण की अनुमति किसने दी?

क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत है?

वन विभाग कब करेगा कार्रवाई?

✍️ आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

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महासमुंद जिले में खाद का पर्याप्त भंडारण, किसानों को समय पर उपलब्ध कराई जा रही उर्वरक..

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राहुल भोई महासमुंद..

खरीफ सीजन को देखते हुए महासमुंद जिले में किसानों के लिए खाद एवं उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों एवं विक्रय केंद्रों में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर खेती कार्य के लिए आवश्यक उर्वरक मिल सके।

उपसंचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में यूरिया 16,409 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 8,881 मीट्रिक टन, पोटाश 2,207 मीट्रिक टन तथा डीएपी 6,476 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। वहीं अब तक किसानों को यूरिया 6,908 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 2,939 मीट्रिक टन, पोटाश 343 मीट्रिक टन तथा डीएपी 1,823 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि जिले में खाद की कमी नहीं है तथा आवश्यकतानुसार भंडारण किया गया है।किसानों की आवश्यकता के अनुसार निरंतर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी सहकारी समितियों एवं खाद विक्रेताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा एवं दर पर ही खाद उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य शासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ-साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो यूरिया के प्रयोग से कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे खेती की लागत कम होती है तथा मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही खाद का उठाव करें तथा अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें। डीएपी एवं यूरिया के अत्यधिक उपयोग न करते हुए जैविक खाद, सुपर फास्फेट, पोटाश एवं नैनो यूरिया का संतुलित उपयोग करें, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उत्पादन में वृद्धि हो सके।

विभाग द्वारा किसानों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें तथा पीओएस मशीन से रसीद अवश्य प्राप्त करें।

जिले में किसान खरीफ सीजन के लिए खाद का उठाव भी शुरू कर चुके हैं।

ग्राम मोंगरा के किसान रामलाल साहू ने आज झालखम्हरिया सोसायटी से खाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें नियमानुसार समय पर खाद उपलब्ध हो गया और किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। किसान अब खेती की तैयारियों में जुट गए हैं तथा समय पर खाद मिलने से वे संतुष्ट है।

*400 ग्रामीणों को मिला वनाधिकार पत्र, चेहरे पर दिखी खुशियों की चमक*दीपक मरकाम की खबर 

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*400 ग्रामीणों को मिला वनाधिकार पत्र, चेहरे पर दिखी खुशियों की चमक*दीपक मरकाम की खबर

 

*धर्माराम के सुशासन शिविर में शासन की योजनाओं से लाभान्वित हुए सैकड़ों हितग्राही*

 

बीजापुर, 29 मई 2026

विकासखंड उसूर के ग्राम पंचायत धर्माराम में आयोजित सुशासन त्योहार अंतर्गत समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का बड़ा मंच बनकर सामने आया। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया, जिसमें सबसे विशेष आकर्षण 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्रों का वितरण रहा। वनाधिकार पत्र प्राप्त करते ही हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

 

शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री पूर्णिमा तेलंम, क्षेत्र के जनपद सदस्य, सरपंचगण एवं एसडीएम श्री भूपेन्द्र गावरे सीईओ जनपद पंचायत श्री प्रभाकर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आसपास की 10 ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

 

जनसमस्या निवारण शिविर में 19 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया।

 

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों के करकमलों से विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। कृषि विभाग द्वारा 8 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं 7 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए।

 

समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग हितग्राहियों को 1 श्रवण यंत्र, 1 कान मशीन, 4 वॉकिंग स्टिक तथा 1 बैसाखी वितरित की गई। वहीं एसबीआई आरसेटी (RSETI) द्वारा 10 युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

 

शिविर का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्र वितरित किए गए। वनाधिकार पत्र मिलने से ग्रामीणों में अपने अधिकारों के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित अधिकार मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

 

शिविर में कुल 289 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी आवेदनों के समयबद्ध निराकरण का आश्वासन दिया।

 

ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन त्योहार के माध्यम से प्रशासन गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है और शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

*बीजापुर में अमित शाह का पुतला दहन, आदिवासी बनाम वनवासी विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन “वनवासी शब्द” थोपकर आरक्षण खत्म करने की साजिश” – सालिक नागवंशी* दीपक मरकाम की खबर 

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*बीजापुर में अमित शाह का पुतला दहन, आदिवासी बनाम वनवासी विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन “वनवासी शब्द” थोपकर आरक्षण खत्म करने की साजिश” – सालिक नागवंशी* दीपक मरकाम की खबर

 

बीजापुर दिनांक- 29  मई 2026

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला मुख्यालय बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आदिवासियों को “वनवासी” संबोधित किया, जो आदिवासी समुदाय की पहचान और सम्मान के विरुद्ध है। नेताओं ने कहा कि आदिवासी समुदाय हजारों वर्षों से अपनी समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और पहचान के साथ देश में रह रहा है। उन्हें “वनवासी” कहना उचित नहीं है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से इस बयान पर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की।

आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सालिक नागवंशी ने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस जानबूझकर “आदिवासी” शब्द को हटाकर “वनवासी” शब्द थोपने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य आदिवासियों की ऐतिहासिक पहचान को मिटाना और आरक्षण व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करना है।”

इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, वल्वा मदनैया, सुनील उद्दे, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मनोज यालम, अशोक मड़े, बीजापुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष पुरुषोत्तम खत्री, इदरीस ख़ान, राजीव सिंह, संजना चौहान, अरूण वासन, बलराम कोरसा, वीरेंद्र ठाकुर, जगदेव यादव, बबीता झाड़ी, ललिता झाड़ी, संगीता नाग, जगदीश सेन, माधुरी, पुष्पा गोस्वामी, पूनम भगत, राकेश पवार, वाशु सिन्हा और नामपल्ली ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

*विधायक सावित्री मनोज मंडावी की कार्यशैली से प्रभावित 25 लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन*दीपक मरकाम की खबर 

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*विधायक सावित्री मनोज मंडावी की कार्यशैली से प्रभावित 25 लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन*दीपक मरकाम की खबर

 

*कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान, दुर्गूकोंदल में 25 नए कार्यकर्ताओं का पार्टी प्रवेश*

 

*कांग्रेस संगठन की ताकत हैं ‘बब्बर शेर’ कार्यकर्ता : सावित्री मनोज मंडावी*

 

दुर्गूकोंदल, 29 मई 2026

ब्लाक कांग्रेस कमेटी दुर्गूकोंदल द्वारा आयोजित सम्मान एवं कांग्रेस प्रवेश समारोह में संगठन के नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस की रीति-नीति तथा भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी की जनहितैषी कार्यशैली से प्रभावित होकर 25 लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। विधायक सहित वरिष्ठ नेताओं ने सभी नवप्रवेशी सदस्यों को कांग्रेस का गमछा पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास त्याग, बलिदान और जनसेवा की गौरवशाली परंपरा से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब भी वह कार्यकर्ताओं के बीच आती हैं तो उन्हें उन महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण होता है जिन्होंने अपने खून-पसीने से इस संगठन को मजबूत बनाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास की विचारधारा का प्रतीक है। पार्टी की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी गांव-गांव और गली-गली जाकर कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। विधायक ने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए उन्हें कांग्रेस के “बब्बर शेर” की संज्ञा दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी तथा सामाजिक विभाजन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे जनता के बीच जाकर सच्चाई और जनहित के मुद्दों को मजबूती से रखें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सभी धर्मों, जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है और देश की एकता एवं अखंडता को सर्वोपरि मानती है।

कार्यक्रम में कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष बसंत यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धनेश नरेटी, जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपी बढ़ाई, पूर्व जिलाध्यक्ष युवक कांग्रेस अमन मंडावी, कार्यकारी जिलाध्यक्ष युवक कांग्रेस महेन्द्र नायक, विधायक प्रतिनिधि हुमन मरकाम, श्रीराम बघेल, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष शोपसिंग आंचला, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर अध्यक्ष सुनाराम तेता, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद प्रजापति, जनपद सदस्य सविता उइके, सरपंच बसंती भालेश्वर, उमेश्वरी मंडावी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस दौरान कांग्रेस में शामिल होने वालों में महेश चक्रधारी, विनय जुर्री, युवराज, चलेश्वर चक्रधारी, युवराज दर्रो, प्रमोद दुग्गा, आदित्य जुर्री, लिखेश यादव, अभय दुग्गा, निकेश नरेटी, रूस्तम कोमरा, चुम्मन नेताम, अर्जुन नेताम, मानसिंह शोरी, देवकुमार नेताम, हरि नेताम, नीरज यादव, भागीरथ रजक, समीर नरेटी, कुशल नेताम, सियाराम टेकाम, नरेश शोरी, चैन कोमरा एवं दयालु कोर्राम प्रमुख रूप से शामिल रहे।

समारोह के अंत में नवप्रवेशी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और कांग्रेस नेताओं ने इसे संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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महासमुंद में खौफनाक हत्याकांड: कोमाखान के युवक की पीट-पीटकर हत्या, महानदी किनारे रेत में दफनाया शव; गांव में पसरा मातम..

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राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद जिले में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। थाना महासमुंद अंतर्गत नादगांव महानदी घाट में युवक की बेरहमी से हत्या कर शव को रेत में दफनाने के मामले में नया मानवीय और दर्दनाक पहलू सामने आया है। मृतक की पहचान 38 वर्षीय भुवनेश्वर यादव के रूप में हुई है, जिनका पैतृक गांव कोमाखान क्षेत्र का चकचकी बताया जा रहा है। युवक पिछले करीब 15 वर्षों से गांव से बाहर रहकर नौकरी कर रहा था, जबकि उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य अब भी गांव में रहते हैं।

 

जैसे ही युवक की हत्या और रेत में दफन शव मिलने की खबर चकचकी गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि भुवनेश्वर मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति था, जो परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए वर्षों से बाहर रहकर काम कर रहा था।..

 

जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वर यादव रायपुर जिले के मंदिर हसौद क्षेत्र स्थित मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। 22 मई की शाम से वह अचानक लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने मंदिर हसौद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जांच आगे बढ़ाई, तब पता चला कि भुवनेश्वर आखिरी बार कुछ परिचितों के साथ महासमुंद क्षेत्र की ओर गए थे।

 

जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन भुवनेश्वर अपने परिचितों के साथ कार में बैठकर शराब पी रहे थे। घूमते-घूमते वे बेलसोंडा और नादगांव महानदी घाट क्षेत्र तक पहुंचे। इसी दौरान पानी को लेकर किसी बात पर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर खूनी मारपीट में बदल गई।

 

पुलिस के अनुसार निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे, अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे समेत अन्य लोगों ने भुवनेश्वर पर लात-घूंसों से बेरहमी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

हत्या के बाद आरोपी घबरा गए और मामले को छुपाने के लिए शव को महानदी किनारे सुनसान टापूनुमा इलाके में ले गए। वहां गड्ढा खोदकर शव को रेत में दबा दिया गया। बाद में रायपुर की मंदिर हसौद पुलिस और महासमुंद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद किया।

 

पुलिस ने मौके से मृतक का मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया है। बताया जा रहा है कि घटना वाली शाम भुवनेश्वर ने अपनी पत्नी से आखिरी बार फोन पर बात की थी, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया था। इसी सुराग से पुलिस हत्या तक पहुंची।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चकचकी गांव में युवक की हत्या की खबर से गहरा दुख और आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार का बेटा वर्षों तक मेहनत कर घर चला रहा था, लेकिन उसकी इस तरह हत्या कर शव को रेत में दफनाना बेहद अमानवीय घटना है। गांव में लगातार लोगों का आना-जाना लगा हुआ है और परिजनों को सांत्वना दी जा रही है।

हर खबर पर नजर एक वर्ष से भटकता रहा किसान अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भानुप्रतापपुर कार्यालय में भूमि मद परिवर्तन हेतु आवेदन एक वर्ष से अटका जवान ने सुनाई आपबीती… आर एल कुलदीप की खास खबर :-

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हर खबर पर नजर
एक वर्ष से भटकता रहा किसान
अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भानुप्रतापपुर कार्यालय में भूमि मद परिवर्तन हेतु आवेदन एक वर्ष से अटका
जवान ने सुनाई आपबीती…
आर एल कुलदीप की खास खबर :-
भानुप्रतापपुर :-
दुर्गूकोंदल तहसील अंतर्गत ग्राम खुंटगांव निवासी मनोज कुमार मरकाम ने अपनी भूमि के मद परिवर्तन के लिए आवेदन दिया है। आवेदन में बताया गया है कि वे उक्त भूमि पर स्वयं के लिए आवास निर्माण कराना चाहते हैं, जिसके लिए राजस्व अभिलेख में भूमि का मद परिवर्तन कराने की मांग की गई है।
आवेदक ने शासन के नियमों एवं शर्तों का पालन करने की बात कही है तथा आवश्यक दस्तावेज एवं शुल्क जमा करने की सहमति भी जताई है। आवेदन 15 अप्रैल 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर कार्यालय में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन आज दिनांक तक उन्हें न्याय नहीं मिला।
लाचार मनोज मरकाम ने अपनी आपबीती Rkbharatnews को बताते हुए कहा कि वे एक सशस्त्र सीमा बल के जवान हैं और बाहर रहते हैं। जब-जब वे छुट्टी लेकर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचे, उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। कर्मचारियों द्वारा बार-बार यही कहा गया कि “आपका काम अभी नहीं हुआ है।”
पीड़ित जवान ने निराशा जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत करनी पड़ेगी।
सवाल यह उठता है कि
आखिर एक वर्ष बाद भी आवेदन लंबित क्यों है?
जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही कब करेंगे?
क्या एक जवान को अपने ही घर के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?

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आर एल कुलदीप

मो. 6267855263 / 9479083919

 

*आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा* दीपक मरकाम की खबर,

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*आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा*

दीपक मरकाम की खबर,

 

*देवस्थलों और पूर्वजों की आस्था स्थलों के संरक्षण पर हुई विस्तृत चर्चा*

 

*पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान की महासभा आयोजित*

 

 

रायपुर, 28 मई 2026

मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

 

महासभा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुड़ियों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है।

 

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।