*सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर त्रिपति झाड़ी के निवास पर खिला ब्रह्मकमल, शुभता और प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का बना प्रतीक*दीपक मरकाम की खबर,,,
*जगदलपुर में खिला दुर्लभ ब्रह्मकमल, सुगंध से महका घर, सकारात्मक ऊर्जा का बना केंद्र*
जगदलपुर 6 जुलाई 2026
जगदलपुर निवासी सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर श्री त्रिपति झाड़ी के निवास पर बीती रात्रि दुर्लभ एवं दिव्य ब्रह्मकमल का फूल खिलने से पूरे परिवार में हर्ष और उत्साह का वातावरण बन गया।
रात्रि में खिलने वाले इस दुर्लभ पुष्प की मनमोहक सुगंध से घर का वातावरण देर रात तक महकता रहा और इसे देखने के लिए परिजन तथा शुभचिंतक भी बड़ी संख्या में पहुंचे।
श्री त्रिपति झाड़ी ने बताया कि ब्रह्मकमल का खिलना उनके लिए अत्यंत सुखद और अविस्मरणीय अनुभव रहा।
उन्होंने कहा कि फूल की दिव्य सुगंध से घर का वातावरण शांत, सकारात्मक और आध्यात्मिक अनुभूति से भर गया।
उनके अनुसार ऐसा दृश्य जीवन में विरले ही देखने को मिलता है।
भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं में ब्रह्मकमल को अत्यंत शुभ एवं पवित्र पुष्प माना जाता है।
मान्यता है कि इसके खिलने से घर में सुख-समृद्धि, शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कई लोग इसे सौभाग्य और ईश्वरीय कृपा का प्रतीक भी मानते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टि से ब्रह्मकमल एक दुर्लभ रात्रिकालीन पुष्प है, जो वर्ष में सीमित समय के लिए ही खिलता है।
इसकी विशेषता यह है कि यह रात में पूर्ण रूप से खिलता है और कुछ ही घंटों तक अपनी अनुपम सुंदरता एवं मनमोहक सुगंध बिखेरता है।
यही कारण है कि इसके खिलने का क्षण लोगों के लिए विशेष आकर्षण और उत्सुकता का विषय बन जाता है।
प्रकृति का यह अनमोल उपहार केवल अपनी अद्भुत सुंदरता और सुगंध के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन में आशा, शांति, सकारात्मक सोच और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देने के लिए भी जाना जाता है।
ब्रह्मकमल का खिलना लोगों को प्रकृति के अद्भुत और रहस्यमयी स्वरूप से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।

