आदिवासी अधिकारों की रक्षा को लेकर कांग्रेस हुई मुखर, राजीव भवन में बनी आंदोलन की रणनीति।
रायपुर:-
जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर रायपुर में मंथन, सावित्री मंडावी सहित कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
आदिवासी समाज के हितों पर कांग्रेस का बड़ा विमर्श, सरकार के खिलाफ आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार
आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक, आंदोलन की रणनीति पर हुआ विचार
रायपुर, 12 जून 2026। राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में शुक्रवार को आदिवासी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने की। बैठक में भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, आदिवासी जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी रणनीति तैयार करना था।
बैठक में आदिवासी समुदाय के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासियों की पारंपरिक भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है, जिससे उनके सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में कथित शोषण, विस्थापन और विकास योजनाओं के नाम पर उत्पन्न चुनौतियों पर भी गंभीर मंथन किया गया।
बैठक में यह भी विचार किया गया कि आदिवासी समाज के मुद्दों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का आयोजन किया जाए। नेताओं ने कहा कि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है और इसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जनकराम ध्रुव, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश के आदिवासी विधायक, पूर्व विधायक एवं आदिवासी समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सहभागिता निभाई।
भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि समाज के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों को साझा किया।
बैठक के अंत में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने तथा सरकार के समक्ष मांगों को मजबूती से रखने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया कि आदिवासी समाज की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
