HomeKankerकोयलीबेडा़ ब्लाॅक के पंखाजूर क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों मे सुखती को...

कोयलीबेडा़ ब्लाॅक के पंखाजूर क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों मे सुखती को लेकार लैम्पस अध्यक्षों एंव प्रभारियों ने रायपुर मे विधायक और वन मंत्री से मुलाकात,..कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट:-

कोयलीबेडा़ ब्लाॅक के पंखाजूर क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों मे सुखती को लेकार लैम्पस अध्यक्षों एंव प्रभारियों ने रायपुर मे विधायक और वन मंत्री से मुलाकात,..कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट:-
कोयलीबेडा़ /
कोयलीबेडा़ ब्लाॅक के पंखाजूर क्षेत्र के धान खरीदी समाप्त होने के बाद खरीदी केंद्रों में आई भारी मात्रा में सुखती को लेकर लैम्पस अध्यक्षों और खरीदी प्रभारियों की चिंता बढ़ गई है। खाद्य विभाग और जिला पंजीयक कार्यालय द्वारा सुखती की भरपाई के लिए लैम्पसों एवं केंद्र प्रभारियों पर दबाव बनाए जाने के विरोध में क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक विक्रमदेव उसेंडी के नेतृत्व में प्रदेश के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से रायपुर में मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं।
प्रतिनिधिमंडल में पखांजूर लैम्पस अध्यक्ष रज्जूराम उसेंडी, पी.व्ही.-26 लैम्पस अध्यक्ष दिलीप मिस्त्री, विभिन्न खरीदी केंद्रों के प्रभारी तथा भाजपा संगठन के पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने मंत्री को बताया कि धान खरीदी के दौरान अधिकारियों द्वारा बफर लिमिट बढ़ा दी गई थी, जिसके कारण खरीदी केंद्रों में धान का लंबे समय तक भंडारण करना पड़ा। बफर सीमा पार होने के बाद ही परिवहन शुरू हो सका और परिवहन भी बेहद धीमी गति से हुआ।
प्रतिनिधियों के अनुसार धान खरीदी समाप्त होने के लगभग चार माह बाद तक केंद्रों से धान का उठाव जारी रहा। इस दौरान लंबे समय तक खुले भंडारण में रखे रहने से धान लगातार सूखता रहा, जिससे बड़ी मात्रा में सुखती दर्ज हुई। अब इस सुखती की भरपाई के लिए लैम्पसों और खरीदी प्रभारियों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसे उन्होंने अनुचित बताया।
खरीदी प्रभारियों ने मंत्री से कहा कि संग्रहण केंद्रों के लिए शासन द्वारा सुखती का प्रावधान किया जाता है। इस वर्ष धान खरीदी केंद्रों में ही लंबे समय तक रखा गया और वहीं से सीधे राइस मिलों तक भेजा गया। ऐसे में संग्रहण केंद्रों को मिलने वाली सुखती का लाभ लैम्पसों को भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि शासन इस मामले में संवेदनशीलता और तार्किकता के साथ निर्णय ले।
विधायक विक्रमदेव उसेंडी ने भी सहकारिता मंत्री के समक्ष धान परिवहन एवं संग्रहण को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि हर वर्ष परिवहन के बाद आने वाली सुखती को लेकर विवाद और आर्थिक नुकसान की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया किसी विवाद के चलते प्रदेश भर में लैम्पस द्वारा धान खरीदी के पहले हड़ताल कर दी थी जिसके चलते धान खरीदी में तथा किसानों को परेशान होना पड़ा । जानकारी के अनुसार इस वर्ष धान परिवहन के बाद पखांजूर लैम्पस के सात खरीदी केंद्रों में 3218 क्विंटल, पी.व्ही.-26 लैम्पस में 949 क्विंटल, कापसी के सात खरीदी केंद्रों में लगभग 3000 क्विंटल तथा बड़गांव लैम्पस के दो खरीदी केंद्रों में 2480 क्विंटल सुखती दर्ज की गई है। इनकी भरपाई को लेकर संबंधित केंद्र प्रभारियों और लैम्पसों पर लगातार दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है।
मंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष दीपांकर दत्ता, कापसी मंडल अध्यक्ष अजय बाछाड़, पखांजूर मंडल अध्यक्ष दीपांकर राय, पोल्टू कुंडू (पंकज), आनंद सेन, मनोहर कुमेटी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।,,,,

आपकी राय

[poll id="2"]

- Advertisment -spot_img

राशिफल

आज का मौसम

क्रिकेट लाइव स्कोर

Most Popular

RELATED ARTICLES