- बकावंड==। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक में एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई है। कोरटा प्राथमिक शालाओं में बोर्ड परीक्षा के दौरान खुलेआम नकल करवाई जा रही थी और इसमें कोई और नहीं बल्कि खुद शिक्षक ही शामिल थे। मीडिया की टीम ने जब इन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया, तो जो तस्वीरें सामने आईं, वो चौंकाने वाली थीं। छात्र किताब और मोबाइल से देख-देखकर उत्तर पुस्तिका पर जवाब लिख रहे थे और शिक्षक उन्हें उत्तर मुहैया करा रहे थे।
- बता दें कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से 15 वर्षों के बाद लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत अब कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा देनी अनिवार्य कर दी गई है। इस परीक्षा में यदि कोई छात्र असफल होता है, तो उसे दो महीने के भीतर पुनः परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। साथ ही संबंधित स्कूल के शिक्षकों को उन असफल छात्रों को पुनः शिक्षित करना होगा, लेकिन यहां शिक्षक अपने स्कूल का परीक्षा परिणाम बेहतर दिखाने के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
- जब मीडिया की टीम परीक्षा केंद्र पहुंची, हमने देखा कि सभी छात्र-छात्राएं किताब से उत्तर देख रहे थे, जो शिक्षिका ललिता कश्यप द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। मीडिया टीम को देखते ही शिक्षिका छात्रों के पास से तुरंत अलग हट गई और नकल करवाने की बात से इनकार कर दिया। वहीं केंद्र प्रभारी कमला देवी ने भी किसी भी प्रकार की नकल करवाने से इनकार कर दिया। स्कूल के सभी शिक्षक भी इस मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए।