आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता समीर खान ने आज एक प्रेस बयान में कहा कि बस्तर संभाग, विशेषकर दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जैसे जिलों में खाद्य विभाग की लापरवाही और मिलावटखोरी की घटनाओं में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है। ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों में खाद्य सामग्री जैसे दूध, दही, पनीर आदि में मिलावट आम हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद खाद्य विभाग की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों का सीजन आते ही बाजारों में मिलावटी वस्तुओं की बाढ़ आ जाती है, लेकिन खाद्य विभाग सिर्फ खाना पूर्ति करता है। न तो होटल, रेस्टोरेंट्स में सफाई के नियमों का पालन हो रहा है और न ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी लगातार इस विषय पर शिकायत कर रही है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो रही है। समीर खान ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों की जांच कर, उन्हें हटाया जाए और उनकी जगह ईमानदार अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:
1. खाद्य अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
2. खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ‘LIP की सिस्टम’ (लाइसेंस, इंस्पेक्शन, पेनल्टी) लागू की जाए।
3. हर जिले व संभाग में जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे आम जनता मिलावटी चीजों की पहचान कर सके।
4. प्रशासन द्वारा नजरअंदाज की जा रही जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए।
5. अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो आम आदमी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
समीर खान ने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार, भाजपा के रहते भी बस्तर क्षेत्र में खाद्य अधिनियम का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
“जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन मौन रहा, तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।”
–समीर खान
नेता,आम आदमी पार्टी
बस्तर,छत्तीसगढ़

