जगदलपुर।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा परिणाम को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप को भारतीय जनता युवा मोर्चा सरगीपाल मंडल उपाध्यक्ष आदर्श ठाकुर ने पूरी तरह भ्रामक,तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया । बिना किसी तथ्यात्मक आधार के सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाकर कांग्रेस प्रदेश के युवाओं और एक संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास कर रही है।
आदर्श ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिन चयनित अभ्यर्थियों के नामों को लेकर सोशल मीडिया में दुष्प्रचार किया जा रहा है,उस संबंध में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग स्वयं आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर चुका है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे दावे भ्रामक हैं। परीक्षा परिणाम में प्रदर्शित नाम वही हैं, जिन्हें संबंधित अभ्यर्थियों ने अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में स्वयं दर्ज कर अंतिम रूप से सत्यापित किया था। इन्हीं नामों के आधार पर दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक परीक्षण, प्रवेश पत्र जारी करने सहित पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न हुई। और अब स्वयं चयनित अभ्यर्थी सामने आकर कांग्रेस के झूठ और दुष्प्रचार की पोल खोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा तथ्य स्पष्ट किए जाने के बाद भी कांग्रेस का लगातार झूठ फैलाना यह दर्शाता है कि उसका उद्देश्य युवाओं को गुमराह करना और संवैधानिक संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाना है। कांग्रेस नेताओं को नैतिकता के आधार पार अभ्यर्थियों से माफ़ी मांगनी चहिए l
आदर्श ने कांग्रेस को उसके शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य सेवा परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे थे,जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंची। उस समय युवाओं के भविष्य के साथ हुए कथित खिलवाड़ पर कांग्रेस आज तक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई है,लेकिन अब तथ्यों को तोड़ मरोड़कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के हजारों युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और लगन के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। उनकी उपलब्धियों पर संदेह उत्पन्न करना उनके मनोबल को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे प्रदेश का युवा कभी स्वीकार नहीं करेगा।
आदर्श ठाकुर ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर प्रदेश के युवाओं को भ्रमित करना तथा संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करे। यदि किसी विषय पर सवाल उठाने हैं तो तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर उठाए जाएं, न कि अफवाहों और दुष्प्रचार के माध्यम से।

