जगदलपुर। सर्व शैक्षिक संगठन, जिला बस्तर के प्रतिनिधिमंडल ने आज कलेक्टर महोदय से भेंट कर शिक्षकों पर लगातार बढ़ते ऑनलाइन एवं गैर-शिक्षकीय कार्यों के बोझ से उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराया।
चर्चा पश्चात कलेक्टर ने दी कुछ राहत।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि शिक्षकों को प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन पोर्टल, एप एवं अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रखा जा रहा है। कई कार्यों की पुनरावृत्ति होने के कारण शिक्षकों का बहुमूल्य समय प्रशासनिक एवं ऑनलाइन गतिविधियों में व्यतीत हो रहा है, जिसके चलते वे विद्यालय में बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव बच्चों के मूलभूत शैक्षणिक एवं सीखने-सिखाने की प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
संगठन ने कलेक्टर महोदय से मांग की कि शिक्षकों को अनावश्यक एवं दोहराए जाने वाले ऑनलाइन तथा गैर-शिक्षकीय कार्यों से राहत प्रदान की जाए, ताकि शिक्षक अपना अधिकतम समय बच्चों की पढ़ाई एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में लगा सकें।
कलेक्टर महोदय ने संगठन की बातों को गंभीरता से सुना और बिनोभा ऐप में दोहराये कार्य उपस्थिति, MDM, वीडियो अपलोड की जगह फोटो, OMR शिट माध्यम से अटेंडेंस में फिलहाल रोक , कलेक्टर महोदय का निर्देश की बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा व्यवहारिक ज्ञान भी होना चाहिए।
सर्व शैक्षिक संगठन ने कलेक्टर महोदय के सकारात्मक रुख के लिए आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के अनावश्यक बोझ से राहत मिलेगी और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने का अवसर प्राप्त होगा।
आज के भेंट कार्यक्रम में सर्व शैक्षिक संघ के गजेंद्र श्रीवास्तव, देवराज खूंटे, संजय चौहान, लुदर्शन कश्यप, अखिलेश त्रिपाठी, तुलादास मानिकपुरी, गणेश्वर नायक, काशीनाथ बघेल,एस एस जान, राम प्रभाकर मिश्रा, प्रमोद पांडे,श्रीमती नीलम मिश्रा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
गजेन्द्र श्रीवास्तव
प्रदेश महामंत्री

