
HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका, अफवाहों पर नहीं वैज्ञानिक जानकारी पर करें भरोसा: डॉ. युगल चंद्राकर
महासमुंद। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, लेकिन समय पर HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगवाकर इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके बावजूद समाज में वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और अफवाहें फैली हुई हैं, जिनके कारण कई अभिभावक अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण नहीं करवा पाते।
सोहम मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, महासमुंद के डॉ. युगल चंद्राकर ने कहा कि HPV वैक्सीन पूरी तरह वैज्ञानिक शोध और परीक्षणों के बाद उपयोग में लाई गई सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन है। यह सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण HPV संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को सोशल मीडिया या अपुष्ट जानकारी के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर भरोसा करना चाहिए।
डॉ. चंद्राकर ने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु में बेटियों को HPV वैक्सीन लगवाना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। इस उम्र में शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता बेहतर प्रतिक्रिया देती है, जिससे भविष्य में संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर का जोखिम काफी कम हो जाता है। आवश्यकता पड़ने पर अधिक उम्र की महिलाओं को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार वैक्सीन दी जा सकती है।
उन्होंने कहा, “सर्वाइकल कैंसर ऐसा कैंसर है जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है। समय पर HPV वैक्सीन, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता इसके बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं। किसी भी अफवाह या गलत जानकारी पर विश्वास करने के बजाय योग्य चिकित्सक से सलाह लें और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराएं। आज उठाया गया यह छोटा कदम भविष्य में उन्हें एक गंभीर बीमारी से बचा सकता है।”
डॉ. युगल चंद्राकर ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और HPV वैक्सीन को लेकर किसी भी तरह की झिझक या भ्रम न रखें। सही समय पर लिया गया यह निर्णय उनकी सुरक्षित और स्वस्थ जिंदगी की मजबूत नींव बन सकता है।

