*🛑 “चंडाल भी एक घर छोड़ देता है…” अटल परिसर की बदहाली पर वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण दत्त उपाध्याय ने जताया आक्रोश*
*केशकाल* भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में बनाए जा रहे “अटल परिसर” की बदहाल स्थिति को लेकर वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण दत्त उपाध्याय ने गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के प्रेरणास्रोत थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र, लोकतंत्र और जनसेवा को समर्पित कर दिया। उनकी स्मृति में बनने वाला परिसर भव्य, सुंदर, गरिमामय और प्रेरणादायी होना चाहिए था, लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर मन व्यथित हो जाता है।
उपाध्याय ने कहा कि यदि ऐसे पवित्र निर्माण को महज खानापूर्ति तक सीमित कर, चारों ओर कटघरा बनाकर केवल प्रतिमा स्थापित करने की औपचारिकता पूरी कर दी जाए तो यह राष्ट्रनायक के सम्मान के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता, सौंदर्य और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि यदि निर्माण में लापरवाही, अनियमितता या घटिया गुणवत्ता बरती गई है तो उसका निष्पक्ष परीक्षण कर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य निर्माण कार्यों में जो हुआ हो, लेकिन अटल जी की स्मृति से जुड़े निर्माण में ऐसी स्थिति स्वीकार करना बेहद कठिन है।
अंत में उन्होंने कहा कि अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि केवल प्रतिमा लगाना नहीं है, बल्कि उनकी गरिमा के अनुरूप एक सुंदर, भव्य और गुणवत्तापूर्ण स्मारक का निर्माण करना है, जिसे देखकर आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों और राष्ट्रसेवा को याद करें।

