*नारायणपुर जिले के लालसुरहनार में 6 साल बाद पहुंचे विधायक, गुट्ठा मांदरी नृत्य से हुआ स्वागत*
*नारायणपुर।* नारायणपुर जिला अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत लालसुरहनार में मंगलवार को सामुदायिक वन अधिकार को लेकर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस ग्राम सभा में केशकाल विधानसभा के विधायक नीलकंठ टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
ग्रामीणों के अनुसार यह पल गांव के लिए ऐतिहासिक रहा। 2020 में तत्कालीन विधायक चंदन कश्यप के दौरे के बाद करीब 6 साल के लंबे अंतराल के बाद गांव में किसी विधायक का आगमन हुआ है। इस लिहाज से यह गांव में किसी बड़े नेता का दूसरा दौरा है। सुदूर और पहुंच विहीन क्षेत्र होने के कारण यहां जनप्रतिनिधियों का आना कम होता है, इसलिए विधायक के आने पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा।
ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर प्रसिद्ध गुट्ठा मांदरी नृत्य प्रस्तुत कर विधायक टेकाम का आत्मीय और भव्य स्वागत किया।
ग्राम सभा में सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों, तेंदूपत्ता, महुआ समेत अन्य लघु वनोपज पर ग्राम सभा के अधिकार और पेसा कानून 1996 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। विधायक टेकाम ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 वनवासियों को जल, जंगल और जमीन पर अधिकार देता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सरकार हर पात्र वनवासी को इसका लाभ दिलाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि लालसुरहनार के सभी पात्र परिवारों के सामुदायिक पट्टे से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निराकरण किया जाएगा। ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपसरपंच, गायता, पटेल, वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

