*भंगाराम माई दरबार में 12 सितंबर को भव्य भादों जातरा*
केशकाल। अंचल की आराध्य देवी माँ भंगाराम के दरबार में इस वर्ष की ऐतिहासिक भादों जातरा 12 सितंबर, शनिवार को आयोजित होगी।
यह जातरा बस्तर की आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ मानी जाती है। अपनी पुरातन परंपरा का निर्वाह करते हुए नौ परगना के सैकड़ों गाँवों से हजारों श्रद्धालु अपने गाँव के देवी-देवताओं, आंगा-देव, छत्र और डोली के साथ माई के दरबार में पहुँचते हैं।
श्रद्धालु अपने घर-परिवार और गाँव को दैहिक-दैविक आपदा से बचाए रखने और सुख-समृद्धि व अच्छी फसल की कामना लेकर अगाध आस्था के साथ माता की सेवा-पूजा करते हैं। सावन माह से शुरू हुई सात शनिवार की विशेष पूजा का समापन इसी भादों जातरा के रूप में होता है।
इस जातरा का सबसे खास आकर्षण है – देवी-देवताओं की अदालत। मान्यता है कि दूसरे दिन माई के समक्ष उन देवी-देवताओं पर लगे आरोपों की सुनवाई होती है जो अपने गाँव की रक्षा में चूक गए हों। दोषी पाए जाने पर देवताओं को मंदिर से हटाकर निर्वासन की प्रतीकात्मक सजा भी दी जाती है।
अपने आप में बेहद खास, आकर्षक और रोमांचक यह जातरा देखने देश-विदेश से भी लोग पहुँचते हैं।

