
राहुल भोई महासमुंद.
महासमुंद। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना कोमाखान पुलिस एवं साइबर टीम की तकनीकी जांच (टेक्निकल एनालिसिस) के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के बलांगीर जिले के पण्डामुंडा गांव से गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई थाना कोमाखान में दर्ज अपराध क्रमांक 75/2026, धारा 20(B)(II)(B) एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई। मामले की शुरुआत 19 मई 2026 को वाहन जांच के दौरान हुई थी, जब उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार को रोककर तलाशी ली गई। उसके पास रखे बैग से 10.190 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ था, जिसकी अनुमानित कीमत 5 लाख 9 हजार 500 रुपये आंकी गई।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार उर्फ राजू देवांगन ने बताया था कि उसने यह गांजा ओडिशा के पटनागढ़ क्षेत्र निवासी दीनबंधु कुम्हार से खरीदा था और उसे महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में छोटी-छोटी मात्रा में बेचने के लिए ला रहा था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। थाना कोमाखान पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य जानकारियों के आधार पर मुख्य सप्लायर की पहचान की और उसके गांव पण्डामुंडा, जिला बलांगीर (ओडिशा) पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस प्रकरण में पहले ही गांजा परिवहनकर्ता राजकुमार उर्फ राजू देवांगन को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस ने उसके कब्जे से 10.190 किलोग्राम गांजा, एक मोटरसाइकिल तथा एक मोबाइल फोन जब्त किया था। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 5 लाख 44 हजार 500 रुपये बताई गई है।
मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने कहा है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंड-टू-एंड जांच की रणनीति अपनाई जा रही है। केवल परिवहनकर्ताओं पर ही नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




