Sunday, April 19, 2026

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*जनपद पंचायत सारंगढ़ में आया फर्जी नौकरी का मामला, एवं फर्जी कार्यों में लाखों रूपयों की बंदरबांट, ग्राम वासी ने की शिकायत*,,,,,,,,,,,,,,,,*आर, एल,कुलदीप की रिपोर्ट*

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*जनपद पंचायत सारंगढ़ में आया फर्जी नौकरी का मामला, एवं फर्जी कार्यों में लाखों रूपयों की बंदरबांट, ग्राम वासी ने की शिकायत*,,,,,,,,,,,,,,,,*आर, एल,कुलदीप की रिपोर्ट*

*सारंगढ़-बिलाईगढ़ ::::::::फर्जी नौकरी फर्जी दस्तावेज का मामला जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा है इसी के मद्देनजर देखने को नया मामला सामने आया जिसमें फर्जी तरीके से जनपद पंचायत सारंगढ़ अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रींवापर के आश्रित ग्राम डंगनिया के ग्राम वासी ने शिकायत जनपद पंचायत में की है ।

रोजगार सहायक निर्मला अनंत के नाम पर उसके चाचा गेंदराम अनंत के द्वारा फर्जी तरीके से नौकरी किया जा रहा है, शिकायतकर्ता ने यह भी स्पष्ट रूप से लिखित दिया है कि ग्राम पंचायत रींवापार की रोजगार सहायक निर्मला अनंत लगभग 5 वर्ष पूर्व शादी होकर बिलासपुर अपने ससुराल में पति के साथ रहती है, शिकायत कर्ता ने यह भी लिखित किया है कि फर्जी रोजगार सहायक के द्वारा डबरी निर्माण के पैसों का बंदर बांट किया जाता है 15000 स्वयं के द्वारा लिया है और उपअभियंता के नाम पर ₹10000 लिए है एवं गेंदराम अनंत अनंत के द्वारा आवास योजना के नाम पर प्रति आवास के हिसाब से ₹10000 लिए जाते हैं।

*आईए जानते हैं शिकायत कर्ता ने अपने आवेदन में क्या लिखा है* मै नाम लखन लाल अनन्त, पिता खुबूराम, उम्र 58 वर्ष जो कि मै आपके जनपद पंचायत सारंगढ के अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रिवापार के आश्रित ग्राम डंगनिया का निवासी हूँ, जो हमारे ग्राम पंचायत रिवांपार में रोजगार सहायक निर्मला अनन्त के नाम पर उसका चाचा गेंदराम अनन्त फर्जी तरीके से लगभग 5 वर्षो से नौकरी कर रहा है, जो कि निर्मला शादी हो कर अपने ससुराल बिलासपुर में रहती है।

जिसका फायदा उठाकर पंचायत के अनेक कार्यों को फर्जी तरीके से पैसे निकाल लिया जाता है। और हितग्राहीयों को लाखों का नुक्सान होता है।

इस विषय में यह भी है कि मेरे पिता जी के नाम पर डबरी निर्माण की 40,000 रूपये का भुगतान कराया और बाकी रकम स्वयं ले लिया जिसमे 15,000 रूपये स्वयं लिया एवं उपअभियंता के नाम पर 10,000 रूपये ले लिया एवं ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर 10 हजार प्रति आवास के नाम पर वसूली की जाती है।

अब आगे यह देखना होगा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक बैनर्जी इस शिकायत के पश्चात किस प्रकार की कार्यवाही करते हैं।

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