मोहला :—-मोहला-मानपुर-चौकी- पंद्रह दिनों पहले क्षेत्र में हाथियों का दल पहुंचा हुआ है, बालोद जिले के दल्ली राजहरा से होकर राजनांदगांव जिले के वनांचलों में पहुंच कर गांव में तांडव मचा रहा है। खडगांव के कमकासुर एरिया में कई घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों दल दीघवाड़ी के मांडरी में फसलों को नुकसान पहुँचाया, बाद हाथियों का दल पानाबरस की ओर रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र की ओर जाने के लिए रास्ता तय कर रहे थे। संभावित पानाबरस वन परिक्षेत्र- परियोजना क्षेत्र के बीच ग्राम भैंसबोड़ में दल पहुचने विचरण करते पाया गया था..! शाम पांच बजे के दरमियान भैसबोड़ के जंगलों में हाथियों के दल के लीडर ने एक युवक को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया,सूत्रों के मुताबिक मृतक संतलाल मंडावी वही दूसरा व्यक्ति रामभरोस कचलाम भैसबोड निवासी जंगल की ओर गया था ,हाथियों के दल का लीडर मृतक को कुचलकर मार डाला जिससे उसकी मौके पर मौत । मामले की जानकारी मिलते ही मोहला पुलिस के आला अधिकारी, फारेस्ट अमला मौके मौजूद रहे । मोहला पुलिस शव को जंगल से निकालकर गांव में लाया गया,बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोहला लाया गया । ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है कि दल में लगभग बीस से तीस की संख्या है वही लीडर काफी विशाल है ।
*जिले में आने के बाद है हाथियों का दल है काफी आक्रमक*
पंद्रह दिन पहले जिले वनांचल क्षेत्र में रूख करने के बाद हाथियों का दल काफी आक्रमक हो गया है, लीडर के साथ विचरण करते दलों की चिंघाड़ और घरों फसलों की नुकसान से अंदाजा लगाया जा सकता है ।फारेस्ट अमला लगातार गांव में लोगो को घरों में रहने हिदायत देते हुए थे,शांति पसन्द करने वाले हाथी शोरशराबा से आक्रमक होकर घरों और इंसानों पर हमला कर सकते हैं ।विधायक मोहला मानपुर इंद्र शाह मंडावी ने प्रशासन से पूरा मदद दिलाने का भरोसा दिया है। साथ ही प्रशासन की पूरी टीम को दिशा निर्देश दिए है कि ग्रामीणों का सुरक्षा हेतु विशेष उपाय किया जाय। जिससे जान माल की हानि ना हो। साथ में दिनेश शाह मंडावी जनपद अध्यक्ष मानपुर , फॉरेस्ट रेंजर मोहला जागेश्वर गोड, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चौकी अर्जुन कुर्रे सब इंस्पेक्टर कमलेश बंजारे मौका स्थिति पर जायजा लेने उपस्थित थे।
ब्रेकिंग न्यूज़ *मोहला मानपुर में हाथियों ने पानाबरस क्षेत्र के भैसबोड़ में दूसरी घटना एक युवक को फिर हाथी ने कुचला एक ही दिन में दो घटना*
*महिलाओं ने बीएसएफ कैंप के जवानों को बांधी राखी….पढ़े पूरी खबर…..राजेंद्र टेंबुकर की रिपोर्ट*
*महिलाओं ने बीएसएफ कैंप के जवानों को बांधी राखी*
दुर्गुकोंडल 11 अगस्त 2022भाजपा महिला मोर्चा के अगुवाई पर, प्रगति लेडीज ग्रुप की महिलाएं रक्षाबंधन पर्व पर 167 वीं बटालियन के कैंप पहुँचे और अधिकारी व कार्मिकों को रक्षा सूत्र बांधा । हजारों किमी . दूर रहने वाली बहन की कमी को रक्षाबंधन के अवसर पर पूरा होता देख 167 वीं बटालियन के अधिकारी व जवान भावुक हो उठे । महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शकुंतला नरेटी , प्रगति ग्रुप उत्तरा वस्त्रकार, रीता वस्त्रकार , सरस्वती कंवर आदि की अगुवाई में 167 वी बटालियन दुर्गुकोंदल परिसर में समारोह आयोजित किया गया । समारोह में बड़ी तादाद में 167 वी बटालियन के अधिकारी , अधीनस्थ अधिकारी व कार्मिक शामिल हुए । शकुंतला नरेटी , रीता वस्त्रकार , उत्तरा वस्त्रकार , उज्जवी वस्त्रकार सहित बड़ी तादाद में उपस्थित महिलाओं ने अधिकारियों , अधीनस्थ अधिकारियों व जवानों का थाल सजाकर आरती उतारी , टीका लगाया फिर कलाइयों पर राखी बांधी ।167 वीं बटालियन के कमांडेंट श्री राजीव कुमार ने कहा कि सैनिकों की बहनें हमेशा हजारों किमी की दूरी पर होती हैं , लेकिन जब कोई हमारे भी मर्म को समझकर उस कमी को पूरी कर देता है , तो हमारे बाजुओं की ताकत और बढ़ जाती है । यह रक्षा का संकल्प केवल कलाई पर राखी बांधने वाली बहनों का नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष की बहनों की रक्षा का संकल्प है । इस स्नेह से हमारी ताकत दुगनी हो जाती है । इस कार्यक्रम में श्री विशाल जोशी द्वितीय कमान अधिकारी, श्री सुनील कुमार उप कमांडेंट, श्री एस के सुकला उप कमांडेंट, अधीनस्थ अधिकारी व जवान उपस्थित थे ।
*भाई बहनों के स्नेह व सामाजिक समरसता का प्रमुख आधार रक्षाबंधन पर्व…..पढ़े पूरी खबर…..राजेंद्र टेंबुकर की रिपोर्ट*
दुर्गुकोंदल:भारत पर्वों के देश माना जाता है ,जिसमे प्रमुख त्योहारों में भाई बहनों के स्नेह व सामाजिक समरसता का प्रमुख आधार रक्षाबंधन पर्व है।भारतीय हिंदू संस्कृति में सभी रिश्तो को महत्व देने के लिए कई पर्व मनाए जाते हैं ।भाई दूज के साथ रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के अनूठे संबंध को और गहरा करने का पर्व है। भारत में रक्षाबंधन को लेकर पौराणिक और ऐतिहासिक परंपरा रही है। कहा जाता है की असुर देवता संग्राम में इंद्र को उनकी पत्नी इंद्राणी ने अभिमंत्रित रेशम का धागा बांधा था जिसकी शक्ति से वे विजयी हुए। भगवान श्री कृष्ण को द्रौपदी द्वारा उनके घायल उंगली में साड़ी की पट्टी बांधने को भी रक्षाबंधन से जोड़कर देखा जाता है। इन्हीं मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए दुर्गुकोंदल क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ गुरुवार को बहनों ने सुबह से उपवास रखकर स्नान और श्रृंगार किया। खुद सज धज कर बहनों ने थाल सजाई। जिसमें राखियों के साथ रोली हल्दी चावल दीपक मिठाई आदि रखा। भाइयों को टीका लगाकर उनकी आरती उतारी गई और उनकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधी गई। भाइयों ने रक्षा का वचन देते हुए बहनों को उपहार प्रदान किए। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में रक्षाबंधन को लेकर एक सा उत्साह नजर आया। तमाम आधुनिकताओं के बावजूद आज भी भारतीय परंपराओं पर अटूट विश्वास की झलक ऐसे ही पर्व पर नजर आती है।दुर्गुकोंदल से लेकर गांव देहात तक मिठाई की दुकानें सज गईं थीं। बहनों ने मिठाई और राखी की दुकान पर खरीदारी जमकर की। सुबह बाइक से बहनें भाई के घर गईं। कहीं-कहीं भाइयों ने बहनों के घर जाकर राखी बंधवाया। पूरे दिन रक्षा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बच्चाें में भी रक्षाबंधन का उल्लास देखने को मिला। भाइयों ने बहनों की लंबी उम्र की कामना की।
*विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2022 को बिलासपुर में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा शेरसिह आचला को उनके गोडी धर्म संस्कृति भाषा के संरक्षण संवर्धन हेतु सम्मानित किया गया….पढ़े पूरी खबर…..राजेंद्र टेंबुकर की रिपोर्ट*
: *विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2022 को बिलासपुर में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा शेरसिह आचला को उनके गोडी धर्म संस्कृति भाषा के संरक्षण संवर्धन हेतु सम्मानित किया गया* दुर्गुकोंडल 11 अगस्त 2022 विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2022 अखिल भारती गोंडवाना गोंड महासभा के तत्वाधान में विश्व आदिवासी दिवस बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया था कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी थे इस दौरान देश के कोने-कोने से जनजाति समुदाय के पदाधिकारी अधिकारी जन प्रतिनिधि समाज के प्रमुख उपस्थित हुए विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के द्वारा विभिन्न समुदाय के अंतर्गत सम्मेलन में वही अखिल भारतीय गोंडवाना महासभा के आयोजित कार्यक्रम में ख्याति प्राप्त नवरत्नों का सम्मान किया गया जिसमें दुर्गुकोंडल दमकसा के शेर सिंह आचला गोंडी धर्म संस्कृति भाषा के ज्ञानी एवं सरल स्वभाव के धनी आदिवासी समाज के पुरोधा को सम्मानित करना अखिल भारतीय गोंडवाना महासभा के लिए अत्यंत गर्व का विषय है उनके विशेष और धर्म संस्कृति भाषा संरक्षण संवर्धन हेतु सम्मान दिया गया इसके अलावा अलग-अलग विषयों में नवरत्नों को प्रदान की गई महा सम्मेलन कार्यक्रम में शिशुपाल सिंह सोरी अध्यक्ष अखिल भारतीय महासभा एवं प्रांत अध्यक्ष नीलकंठ टेकाम आईएएस प्रांत अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना महासभा एवं अन्य समाज के प्रमुख उपस्थित थे । श्री शेर सिंह आचला गोंडी धर्म संस्कृति भाषा संरक्षण संवर्धन के अलावा
द्वारा पर्यावरण सामाजिक सेवा जैव विविधता शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक सांस्कृतिक नशा पान के विरोध विदय केतुल शिक्षण संस्थान एवं नैसर्गिक पर्यावरण शिक्षा निकेतन ज्ञान बड़ा दमकसा का संचालन 1992से संचालित कर अन्य विषयों पर विशेष रूप से क्षेत्र में कार्य करते हैं जो कि समाज के लिए उपयोगी है सम्मानित होने पर क्षेत्र के सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जगतराम दुग्गा गोंड समाज के अध्यक्ष झाडूराम उयका सरकल अध्यक्ष धर्म सिंह नरेटी बैजनाथ नरेटी अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ सेवक संघ महासचिव बाबूलाल कोमरे संयोजक कर्मचारी संघ फेडरेशन कमल सिंह को राम सुकलाल नाग संरक्षक सर्व आदिवासी समाज धनीराम ध्रुव जनपद सदस्य कुबेर दरों युवा प्रभाव एवं अन्य सर्व आदिवासी समाज आदिवासी समाज के पदाधिकारी सदस्य गणों ने विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2022 को बिलासपुर में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा सम्मेलन में सम्मान पत्र प्राप्त होने पर बधाई दी है।
*मोहला मानपुर में हाथियों का ताण्डव- पानाबरस क्षेत्र के भैसबोड़ में युवक को हाथी ने कुचला* *▶️रक्षाबंधन पर गांव में छाया मातम,परिवार है सदमे में राखी त्यौहार के बीच तुरंत मृतक के घर पहुंचे इंद्र शाह मंडावी विधायक मोहला मानपुर एवं संसदीय सचिव*
*मोहला पानाबरस पंचायत के भैंसबोड गांव में हाथियों का क़हर*
*जंगल मे युवक को कुचलकर उतारा मौत के घाट*
*राखी त्योहार के बीच तुरंत मृतक के घर पहुंचे संसदीय सचिव*
*मृतक के परिवार को बंधाया ढांढस, प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का दिया भरोसा*
मानपुर विकासखंड में बदस्तूर हाथियों का आतंक पखवाड़ा भर से चल रहा है। इसी दौरान एक बड़ी घटना भैंसबोड़ गांव में हुआ है जहां हाथियों के दल ने ग्रामीण संतराम मंडावी को कुचल दिया है जिससे उनका दर्दनाक मौत हो गया है।
यह क्षेत्र में इस तरह का पहला मामला है। हाथियों से दुर्घटना के मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के विधायक एवम संसदीय सचिव छ ग इंद्र शाह मंडावी तुरंत राखी के कार्यक्रम के बीच सीधे भैंसबोड गांव पहुंचे एवं मृतक के परिवार से मुलाकात किए, परिवार को ढांढस बंधाया एवं प्रशासन से पूरा मदद दिलाने का भरोसा दिया है। साथ ही प्रशासन की पूरी टीम को दिशा निर्देश दिए है की ग्रामीणों का सुरक्षा हेतु विशेष उपाय किया जाय। जिससे जान माल की हानी ना हो। साथ में दिनेश शाह मंडावी जनपद अध्यक्ष मानपुर, फॉरेस्ट रेंजर मोहला जागेश्वर गोड, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चौकी अर्जुन कुर्रे सब इंस्पेक्टर कमलेश बंजारे मौका स्तिथि पर जायजा लेने उपस्थित थे।
*मोहला मानपुर में हाथियों का ताण्डव- पानाबरस क्षेत्र के भैसबोड़ में युवक को हाथी ने कुचला* *▶️रक्षाबंधन पर गांव में छाया मातम,परिवार है सदमे में*
मोहला :—-मोहला-मानपुर-चौकी- पंद्रह दिनों पहले क्षेत्र में हाथियों का दल पहुंचा हुआ है, बालोद जिले के दल्ली राजहरा से होकर राजनांदगांव जिले के वनांचलों में पहुंच कर गांव में तांडव मचा रहा है। खडगांव के कमकासुर एरिया में कई घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों दल दीघवाड़ी के मांडरी में फसलों को नुकसान पहुँचाया, बाद हाथियों का दल पानाबरस की ओर रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र की ओर जाने के लिए रास्ता तय कर रहे थे। संभावित पानाबरस वन परिक्षेत्र- परियोजना क्षेत्र के बीच ग्राम भैंसबोड़ में दल पहुचने विचरण करते पाया गया था..! शाम पांच बजे के दरमियान भैसबोड़ के जंगलों में हाथियों के दल के लीडर ने एक युवक को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया,सूत्रों के मुताबिक मृतक संतलाल मंडावी भैसबोड निवासी जंगल की ओर गया था ,हाथियों के दल का लीडर मृतक को कुचलकर मार डाला जिससे उसकी मौके पर मौत । मामले की जानकारी मिलते ही मोहला पुलिस के आला अधिकारी, फारेस्ट अमला मौके मौजूद रहे । मोहला पुलिस शव को जंगल से निकालकर गांव में लाया गया,बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोहला लाया गया । ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है कि दल में लगभग बीस से तीस की संख्या है वही लीडर काफी विशाल है ।
*जिले में आने के बाद है हाथियों का दल है काफी आक्रमक*पद्रह दिन पहले जिले वनांचल क्षेत्र में रूख करने के बाद हाथियों का दल काफी आक्रमक हो गया है, लीडर के साथ विचरण करते दलों की चिंघाड़ और घरों फसलों की नुकसान से अंदाजा लगाया जा सकता है ।फारेस्ट अमला लगातार गांव में लोगो को घरों में रहने हिदायत देते हुए थे,शांति पसन्द करने वाले हाथी शोरशराबा से आक्रमक होकर घरों और इंसानों पर हमला कर सकते हैं ।
अंबागढ़ चौकी:—- अंबागढ़ चौकी दो अलग-अलग मामलों में 03 शराब कोचिए गिरफ्तार थाना अंबागढ़ चौकी पुलिस की तूफानी कार्यवाही
अंबागढ़ चौकी:—- थाना अंबागढ़ चौकी पुलिस की तूफानी करवाई श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय राजनांदगांव श्री प्रफुल्ल ठाकुर, OSD पुलिस मोहला मानपुर चौकी श्री अक्षय कुमार, अति0 पुलिस अधीक्षक मानपुर श्री पुपलेश कुमार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अंबागढ चौकी श्री अर्जून कुर्रे के दिशा निर्देशन में चलाए जा रहे अवैध शराब परिवहन करने वालों के विरुद्ध धरपकड़ विशेष अभियान के कड़ी में थाना प्रभारी थाना अंबागढ़ चौकी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े एवं थाना स्टाफ द्वारा विशेष मुहिम चलाकर तीन शराब कोचियों को शराब परिवहन करते रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपीगणों के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर न्यायालय पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया|
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10.8.2022 को रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पतासाजी हेतु रवाना हुए थे दौरान ग्राम भ्रमण के अलग-अलग 2 प्रकरणों में क्रमश: तीन आरोपियों 01. मनराखन सहारे पिता स्वर्गीय श्री सुखदेव सहारे उम्र 40 साल निवासी ग्राम कौड़ीकसा के कब्जे से 35 पव्वा देसी प्लेन शराब मात्रा 6.300 मिली मीटर कीमती ₹2800,
इसी प्रकार आरोपी (2) हरि ओम यदु पिता संतोष लाल यादव उम्र 52 साल निवासी कौड़ीकसा, और (03) गजराज सहारे पिता मालिक राम सहारे उम्र 30 साल निवासी भगवान टोला थाना अंबागढ़ चौकी जिला राजनांदगांव के कब्जे से 50 पौवा देसी प्लेन शराब कुल मात्रा 9.00 बल्क लीटर कीमती लगभग ₹4000 को आरोपीगणों के कब्जे से कब्जे जप्त कर आरोपी गणों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 106/22 एवं 107/22 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही कर माननीय न्यायालय पेश कर जेल भेजा गया|

उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी थाना अंबागढ़ चौकी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक बिसेलाल कंवर, प्रधान आरक्षक 350 जनक लाल उमरिया, आरक्षक 454 सुशील रावत , 1366 ललित कुंजाम की सराहनीय योगदान रहा|
*थाना खडगांव पुलिस की अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब को बिक्री करने वालों के विरुद्ध एक और कारवाही… पढ़े पूरी खबर….राजेंद्र टेंबुकर की रिपोर्ट*
थाना खडगांव पुलिस की अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब को बिक्री हेतु सर ग्रहण करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही
आरोपी राकेश कुमार पुराने के विरुद्ध 34.2 आबकारी एक्ट के तहत की गई कार्यवाही
आरोपी राकेश कुमार पुराने से जब तक हुआ करीबन 30 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब कीमती करीबन ₹3500 रूपये
आरोपी प्लास्टिक की बोरी के अंदर छुपा के रखा था अवैध कच्ची महुआ शराब
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय राजनादगांव श्री प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश एवं ओ एस डी भा.पु.से. श्री अक्षय कुमार व अति.पुलिस अधीक्षक मानपुर पपलेश कुमार एवं अनुविभागीय अधिकारी मानपुर श्री हरीश पाटिल के मार्गदर्शन में थाना खडगांव प्रभारी उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दिनांक 9/8/2022 को मुखबीर की सूचना पर बाजू पारा सिवनी निवासी राकेश कुमार पुरामें अपने पास मैं बिक्री करने हेतु अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब संग्रहण कर रखा हुआ है कि सूचना पर कार्रवाई हेतु रवाना हुआ था जो आरोपी के घर के पहुंचने पर आरोपी भागने लगा जिसे पकड़कर नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम राकेश कुमार पुरामें पिता स्व. रामसिंह पुरामे उम्र 23 साल सकिन बाजों पारा सिवनी निवासी होना बताया जिन्हें कब्जे से उसके बाड़ी से एक सफेद रंग के प्लास्टिक बोरी के अंदर हरे रंग के पॉलिथीन में रखे करीबन 30 लीटर ₹3500 रूपये को अवैध सा ग्रहण करते पकड़ा गया जिस संबंध में नोटिस देने पर कच्ची महुआ शराब बिक्री हेतु रखा परिवहन करने के संबंध में कोई वैध लाइसेंस आरोपी के पास नहीं होने से उक्त कच्ची महुआ शराब को विधिवत जब तक आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 88/2022 धारा 34/2 आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया भविष्य में भी श्रीमान पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अवैध शराब निर्माण परिवहन व बिक्री के विरुद्ध खडगांव पुलिस के द्वारा करवा ही जारी रहेगी
उक्त अवैध शराब रेड कारवाही में थाना प्रभारी उप. निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा आर. 1291 संतोष कुमार ठाकुर आर.1262 रामनारायण चंदेल आर 1635 क्लेश नेताम आर 1748 सुमित संडे की सरहनीय भूमिका रही
*शिक्षा के लिए एक सच्ची सेवा….पढ़े पूरी खबर…..राजेंद्र टेंबुकर की रिपोर्ट*
शिक्षा के लिए एक सच्ची सेवा
मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा पूरे भारत में शिक्षा में सुधार हेतु मिशन एजुकेशन का कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं इसी के तहत मानव उत्थान सेवा समिति रायपुर शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा गरीब बच्चों तक स्टेशनरी पहुंचाने का काम किया जा रहा है मिशन एजुकेशन में संपन्न स्कूल के बच्चे के द्वारा दिए हुए स्टेशनरी को आवश्यकता वाले स्कूलों में पढ़ रहे हैं गरीब बच्चों तक जिनके पास स्टेशनरी का अभाव होता है स्टेशनरी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
संस्था से जुड़े लोग जो अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी जीते हैं समाज सेवा की एक ऐसी मिसाल खड़ी करते हैं जो शिक्षा के लिए अलख जगा रहे हैं इसके लिए गरीब बच्चों का भविष्य संवारने के लिए संपन्न स्कूलों में बॉक्स लगाकर वह आम जनता से समाज सेवकों से एवं संपन्न परिवार के छात्रों से स्टेशनरी मांगते हैं उसके बाद मिली कॉपियों पेंसिल को आवश्यकता वाले बच्चों में बाटने जाते हैं इससे ऐसे बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रहे संस्था में जुड़े लोग अपनी पढ़ाई और नौकरी को ध्यान में रखते हुए समय निकालकर जरूरतमंद बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का अभियान चला रहे हैं इसी के तहत रायपुर जिला में ज्ञानाश्रय नर्सरी स्कूल ,होली मदर स्कूल ,आरके सिंधी स्कूल ,केंद्रीय विद्यालय ,और कई स्कूल, कालोनी , कार्यालयों में मिशन एजुकेशन का बॉक्स लगाया गया जहां से प्राप्त स्टेशनरी को
प्राथमिक शाला धर्म नगर में 61 बच्चों को
बढ़ई पारा प्राथमिक शाला में 52 बच्चों को
सरोना प्राथमिक शाला में 259 बच्चों को
चांगोरा भाटा प्राथमिक शाला में 115 बच्चों को
नवीन चांगोरा भाटा अयोध्या नगर में 101 बच्चों को
स्टेशनरी दान किया गया।
इस अवसर पर महात्मा दीप्ति भाई जी महात्मा विलक्षण आ भाई जी जिला प्रधान डॉक्टर तारक ,कार्यकर्ता,सत्य प्रकाश साहू विजयलक्ष्मी साहू मानवसेवा दल जिलाप्रधान ,स्टेट कॉर्डिनेटर सीमा गंजेर ,यूथ विंग सरिता साहू ,प्रेरणा विनायक ,अनिल रेगे, योगेंद्र देवांगन हेमंत साहू का सहयोग सराहनीय रहा।
*वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत आदिवासियों को प्राप्त अधिकारों को खत्म कर रही है मोदी सरकार……पढ़े पूरी खबर….राजेंद्र टेंबुकर की रिपोर्ट*
*वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत आदिवासियों को प्राप्त अधिकारों को खत्म कर रही है मोदी सरकार*
रायपुर/10 अगस्त 2022। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि हाल ही में मोदी सरकार द्वारा पारित अध्यादेश में वन भूमि को किसी अन्य उपयोग के लिए इस्तेमाल के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कांग्रेस के मनमोहन सिंह सरकार द्वारा पारित वन अधिकार अधिनियम-2006 के उद्देश्य और अर्थ को ही खंडित कर दिया है। केंद्र सरकार के नए प्रावधान के तहत एक बार वन मंजूरी दे देने के बाद बाकी सभी चीजें महज औपचारिकता रह जाएंगी और यह लगभग तय है कि आदिवासियों के किसी भी दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा व उनका समाधान नहीं होगा।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने पांचवी अनुसूची के क्षेत्र बस्तर और सरगुजा में स्थानीय आदिवासियों को अधिकार संपन्न बनाने पेसा कानून के नियम को लागू किया हैं, राज्य में 4 लाख 54 हजार से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 45,847 सामुदायिक वन तथा 3731 ग्रामसभाओं को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित कर 96 लाख एकड़ से अधिक की भूमि आवंटित की गई है, जो 5 लाख से अधिक वनवासियों के जीवन-यापन का आधार बनी है। 6 से बढ़ाकर 65 वनोपजों की खरीदी की जा रही है, न केवल वनोपजों के दाम बढ़े हैं बल्कि वहीं प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन का लाभ भी स्थानीय आदिवासी महिला समूहों को मिल रहा है, दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार चंद पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने व्यापार सुगमता के नाम पर जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के अधिकार को खत्म कर रही है। मोदी सरकार का यह फैसला करोड़ों आदिवासियों और वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शक्तिविहीन बनाएगा। मोदी सरकार आदिवासियों और वनवासियों की सहमति के बिना जंगलों को काटने की मंजूरी दे रही है। अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006, जिसे वन अधिकार अधिनियम, 2006 के रूप में जाना जाता है, एक ऐतिहासिक कानून है जिसे यूपीए सरकार में संसद द्वारा व्यापक बहस और चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आदिवासी हित में पारित किया गया है। यह देश के वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी, दलित और अन्य परिवारों को, व्यक्तिगत और समुदाय दोनों को भूमि और आजीविका के अधिकार प्रदान करता है। यूपीए सरकार ने अगस्त 2009 में, इस कानून के पूर्ण कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, तत्कालीन पर्यावरण और वन मंत्रालय ने निर्धारित किया कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत वन भूमि के अन्य किसी इस्तेमाल के लिए किसी भी मंजूरी पर तब तक विचार नहीं किया जाएगा जब तक कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के पहले उनका निपटारा नहीं कर दिया जाता है। लेकिन विगत 7 वर्षों में लगातार इस प्रकार से श्रम कानूनों सहित आम जनता के अधिकारों को प्रभावित करने वाले तमाम कानून अधिनायकवादी तरीके से बिना चर्चा, बिना बहस के देश पर जबरिया थोप रहे हैं। अधिनायकवादी मोदी सरकार इतने बड़े फैसले लेने से पहले ना प्रभावितों से चर्चा करना जरूरी समझती है, ना विशेषज्ञों की राय ली जाती है, न संसद की कमेटी के पास भेजा जाता है और ना ही उन्हें सदन के भीतर चर्चा मंजूर है। प्रमाणित है कि मोदी सरकार का फोकस केवल चंद पूंजीपति मित्रों के मुनाफे पर केंद्रित है।










