*जिले में चल रहे 300 से ज्यादा अवैध शराब बिक्री सेंटर और उनको संरक्षण देने वाले जिम्मेदार आबकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करे सरकार – जेसीसीजे *
*बीजापुर जिले में ओवररेटिंग और अवैध शराब बिक्री की निष्पक्ष जांच की मांग*
बीजापुर 21अगस्त 2026
बीजापुर::: बीजापुर जिले के अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी शराब दुकानों से कथित रूप से अवैध तरीके से शराब की बिक्री एवं कोचियों के माध्यम से शराब पहुंचाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि जिले में 300 से अधिक अवैध शराब बिक्री केंद्र (कोचियों) संचालित हो रहे हैं।
इन गतिविधियों को लेकर जिला आबकारी अधिकारी, दो आबकारी निरीक्षकों तथा चार सरकारी शराब दुकानों के प्रबंधकों की कथित मिलीभगत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों की जवाबदेही तय हो।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) की मांग है कि बीजापुर जिले की सभी सरकारी शराब दुकानों की बिक्री, स्टॉक, बिलिंग एवं मूल्य निर्धारण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही अंदरूनी क्षेत्रों में संचालित बताए जा रहे अवैध शराब बिक्री केंद्रों की भी जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सरकारी शराब दुकानों में यदि ओवररेटिंग की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों पर आबकारी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जनता को निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराना प्रशासन और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है।
जेसीसीजे ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी अथवा जांच दल से कराई जाए, जांच पूरी होने तक शिकायतों से जुड़े रिकॉर्ड एवं बिक्री विवरण सुरक्षित रखे जाएं तथा दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
सवाल यह है कि यदि 300 से अधिक अवैध बिक्री केंद्र लंबे समय से संचालित होने के आरोप सही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? विभागीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) अध्यक्ष विजय झाड़ी ने कहा कि इस पूरे मामले में जनता के हित में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करती रहेगी।

