कांकेर जिला के विभागीय अधिकारीयों पर कमीनखोरी का गंभीर आरोप।
दुर्गूकोंदल
जनपद सदस्य, संचार संचार एवं सकर्म सभापति जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल विकास राजू नायक ने
कहा कि ग्राम पंचायत के सरपंच अपने पंचायत के विकास के लिए प्रस्ताव लेकर जिला पंचायत पहुंचते हैं, फिर भी स्वीकृति नहीं मिलती है, लेकिन वही पंचायत के प्रस्ताव को बाहरी ठेकेदार लेकर जिला कार्यालय पहुंचकर कर निर्माण कार्य स्वीकृत करा लेते हैं। विकासखंड दुर्गूकोंदल में टीना शेड निर्माण कार्य अंतागढ़, कोरर, कांकेर, बालोद, रायपुर के ठेकेदार कर रहे हैं। निर्माण कार्य घटिया स्तर की है, अधिकारी सरपंचों की नहीं सुनते हैं, हमारी बात नहीं सुनते हैं, और बाहरी ठेकेदार की बात और मांग को मानकर कार्यादेश देते हैं। ये कमीशननखोरी है। खनिज न्यास निधि प्रभावित क्षेत्र के लिए है। प्रभावित क्षेत्र की जनता और सरपंचों के मांग आधार पर स्वीकृत होनी चाहिए। लेकिन स्वीकृति ठेकेदारों के माध्यम से होती है। इसका विरोध करता हूं। अधिकारी निर्वाचित सरपंचों को महत्व दें। कमीशनखोर ठेकेदारों से सांठगांठ का खेल नहीं चलेगी।*

