बस्तर विकासखंड के सभी संकुलों के बच्चे हुए शामिल, नन्हीं प्रतिभाओं ने बिखेरा हुनर का रंग

बस्तर। बच्चों की प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें मंच प्रदान करने और उनके भीतर छिपी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बस्तर विकासखंड में टैलेन्ट तिहार “प्रतिभा को पंख” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बस्तर विकासखंड के सभी संकुलों से चयनित एवं प्रतिभावान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कला, प्रतिभा और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को उनकी रुचि एवं प्रतिभा के अनुरूप मंच उपलब्ध कराना था, ताकि वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। टैलेन्ट तिहार के दौरान बच्चों ने विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर बच्चों ने गीत-संगीत, नृत्य, चित्रकला, भाषण, कविता पाठ, अभिनय, लोककला सहित विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को उत्साह, उमंग और रचनात्मकता से भर दिया। छोटे-छोटे बच्चों द्वारा पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुतियां देना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
कार्यक्रम में बस्तर विकासखंड के विभिन्न संकुलों से पहुंचे बच्चों ने अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर यह साबित किया कि ग्रामीण अंचल के बच्चों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और मंच उपलब्ध कराने की है। “प्रतिभा को पंख” जैसे आयोजन बच्चों को अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बच्चों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे के अंदर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर मिलता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
वहीं सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुशील तिवारी ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, कला, खेल एवं अन्य प्रतिभाओं का विकास भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और अधिक व्यापक रूप देने की बात कही।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं संकुल स्तर के अधिकारियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों को सराहा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षकों ने बच्चों को मंच पर प्रस्तुति देने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चों के उत्साह और उनके शानदार प्रदर्शन से कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
टैलेन्ट तिहार “प्रतिभा को पंख” ने यह संदेश दिया कि हर बच्चा प्रतिभावान है, बस उसकी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा और उचित मंच देने की आवश्यकता है। बस्तर विकासखंड में आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के लिए न केवल अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर बना, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाला एक प्रेरणादायी मंच भी साबित हुआ।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया गया। बच्चों के चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी और आत्मविश्वास ने पूरे आयोजन की सफलता को बयां किया। “प्रतिभा को पंख” के माध्यम से बस्तर विकासखंड ने बाल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर मंच प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय पहल प्रस्तुत की।

