Thursday, April 16, 2026

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क्षेत्र के दबंग भृत्य ने ,ब्लॉक प्रेस क्लब के सदस्य पर ,,मुखबीर का आरोप लगाते हुए ,गाली गलौज कर, जान से मारने की धमकी दी,,,,, भोपाल पटनम से जर खान की रिपोर्ट,,,,,,

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क्षेत्र के दबंग भृत्य ने ,ब्लॉक प्रेस क्लब के सदस्य पर ,,मुखबीर का आरोप लगाते हुए ,गाली गलौज कर, जान से मारने की धमकी दी,,,,, भोपाल पटनम से जर खान की रिपोर्ट,,,,,,

भोपालपटनम:- क्षेत्र के दबंग भृत्य ने ब्लॉक प्रेस क्लब के सदस्य पर मुखबीर का आरोप लगाते हुए गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी. फर्जी अंक सूची पर नौकरी पाने वाले भृत्य के कुकृत्य से सभी वाकिफ है. लेकिन प्रशासन भी जानकर अंजान बना है. गत कुछ माह पूर्व दैनिक नव प्रदेश में “पहले भृत्य से बना बाबू, अब बाबू से भृत्य” छपा किन्तु विभाग द्वारा कार्यवाई न करने से विभाग के अधिकारी पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगना संभव है या तो कहे की अदने से भृत्य के आगे “प्रशासन बौना “है.

*साथी पत्रकार पी संतोष कुमार पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए गाली गलौज और देख लेने की धमकी के खिलाफ प्रेस क्लब के सदस्यों ने थाना भोपालपटनम में एफआईआर दर्ज करवाई।*

*बताया गया की भोपालपट्टनम निवासी रवि रापर्ती देर रात पिक अप वाहन से ककड़ी की सप्लाई जगदलपुर से हैदराबाद कर रहा था। संदेह के आधार पर अंत तरर्राजीय जांच नाका तिमेड़ में उसके वाहन को रोक दिए जाने से वह और उसके साथी नाके में मौजूद कर्मियों के साथ गाली गलौज कर रहे थे। जिससे आस पास के काफी लोग वहां इकट्ठे हो गए थे। भीड़ जमा देख कर पत्रकार पी संतोष भी वहां पहुंचे थे। पी संतोष को वहां देख कर उनपर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए अपमान जनक गालियां देते हुए जान से मरने की धमकी रवि रापर्ति द्वारा दी गई।*

*पत्रकार पी संतोष कुमार के लिखित शिकायत के बाद भोपालपट्टनम थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव ने मामले पर अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।*

*भोपालपट्टनम के वन परिक्षेत्र अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया की जांच नाके के कर्मचारी पिक अप को पूरा खाली कर चेक किया गया. उसमें किसी प्रकार का कोई गैरकानूनी सामान नहीं पाया गया. अगर वहाँ वाद- विवाद हुआ है तो जब तक कर्मचारी नहीं बोलेगा तब- तक किसी भी प्रकार कि एफआईआर दर्ज नही करेंगे. उल्टा पत्रकारों को ही कहने लगे कि आप गवाही दोगे तो मैं एफआईआर करुंगा.जिसके कारण रवि रापर्ति के साथ विवाद की स्थिति बनी थी। पुष्पेंद्र सिंह ने बताया की जांच नाके के कर्मचारी स्थानीय होने तथा रवि रापर्ति के साथ दोस्ती होने के कारण उनके साथ हंसी ठिठोली चल रही थी। नाके में जांच के बाद वाहन को छोड़ दिया गया था।*सूत्रों पता है कि कर्मचारी पर अधिकारी द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, जिससे विभाग के कर्मचारी सहमे है. अधिकारी के उलट एक कर्मचारी ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि जैसे ही गाड़ी से आधी ककड़ी खाली किया वैसे ही रवि रापर्ती और उसके धक्का मुक्की , गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे.।
ज्ञात हो कि अंतरराज्यीय जांच नाका गौतस्कर, अवैध शराब जो कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में प्रतिबंधित है, गुड़, महुआ बेशकीमती लठ्ठे और नशीले पदार्थों आदि को रोकने के लिए बनाया है. अगर जांच कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित है और जान जोखिम में डालकर सेवा दे रहा है और अधिकारी,कर्मचारी को हतोत्साहित करे तो तस्कर आसानी से अपना काम धड़ल्ले से करेंगे. संदेह यह हो रहा है कि जगदलपुर की ककड़ी हैदराबाद में प्रसिद्ध है या ककड़ी के आड़ में अन्य पदार्थों की तस्करी की जा रहीहै? जिससे कर्मचारी और रवि रापर्ती से विवाद हुआ. प्रत्यक्षदर्शी टी. गोवर्धन राव, के. पी. राजेन्द्र, एस. माधव के अनुसार रवि रापर्ती द्वारा कर्मचारियों के साथ गाली गलौज और धक्का मुक्की किया गया. अब प्रश्न ये है कि वन परिक्षेत्र अधिकारी अपने कर्मचारियों को बचाने के बजाय एक गुनाहगार का साथ दे रहे हैं या ” दाल में, कुछ काला है “?
सनद रहे की रवि रापर्ती के द्वारा फर्जी अंक सूची से नौकरी प्राप्त किया . पदोन्नति के समय भी प्रशासन को गुमराह कर दस्तावेज मेंकुट रचना कर बाबू का पद पाया. जिसकी शिकायत छ: बिन्दुओं में किया गया. जांच में तत्कालीनअनु विभागीय अधिकारी ( राजस्व) , और एसडीओपी भोपालपटनम ने शिकायत को सही पाया और उक्त बाबू को पदावनत कर भृत्य बनाया लेकिन विभाग के उच्च अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही न करना अनेकों संदेह को देता है. उक्त भृत्य नौकरी के समय लगभग तीन दिन जेल में रहाहै. वह अपना नौकरी छोड़ सदा गैर कानूनी कार्य में संलिप्त रहता है और थाने में उसके ऊपर कुछ मामले लंबित है.

*रवि रापर्ती के खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जब पी संतोष और साथी थाना पहुंचे ही थे कुछ राजनीतिक दल प्रमुखों के फोन आने शुरू हो गए थे। जो रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने का भावनात्मक दबाव बना रहे थे।*

*तमाम दबावों के बाद भी एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस दौरान भोपालपट्टन्म के सभी पत्रकार साथी साथ रहे।*

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