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महासमुंद मे वन अमले पर हमला: रेंजर समेत दो अधिकारियों को पांच घंटे बनाया बंधक, पुलिस ने कराया मुक्त..

राहुल भोई महासमुंद..

महासमुंद/बागबाहरा। बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण के आरोपियों ने वन अमले को घेरकर मारपीट और अधिकारियों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। घटना में वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। दोनों अधिकारियों को करीब पांच घंटे तक एक छोटे मकान में बंधक बनाकर रखा गया। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

वन विभाग के मुताबिक, 6 अक्टूबर की रात वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा अपने स्टाफ के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस के अवैध विक्रय की सूचना पर रात्रि गश्त कर रहे थे। इसी दौरान तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ लोगों ने वन अमले के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी और लाठी-डंडे लेकर उन्हें घेर लिया।

बताया गया कि संख्या अधिक होने के कारण कुछ वनकर्मी सुरक्षित स्थान की ओर चले गए, जबकि रेंजर नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा मौके पर रह गए। आरोप है कि इसके बाद दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें चोटें आईं और रक्तस्राव हुआ। इस दौरान रेंजर का पर्स और उपवनक्षेत्रपाल का मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है।

इसके बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे खेत में स्थित एक छोटे मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया। वन विभाग के अनुसार, दोनों अधिकारियों को रात करीब 7:30 बजे से 12:30 बजे तक लगभग पांच घंटे बंधक बनाकर रखा गया।

घटना के दौरान रेंजर ने व्हाट्सऐप के माध्यम से उच्च अधिकारियों के साथ-साथ बागबाहरा और खल्लारी थाना प्रभारी को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस और वन अमले ने अधिकारियों को छोड़ने के लिए समझाइश दी, लेकिन आरोपियों ने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया और टीम के साथ भी विवाद किया।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और वन अमले ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। वन विभाग ने घटना को गंभीर बताते हुए शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी, अभद्र व्यवहार, सामान छीनने और अधिकारियों को बंधक बनाने जैसे आरोपों में वैधानिक कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले

वन विभाग के अनुसार, तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण और विभागीय कार्य में बाधा डालने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 25 मार्च 2026 को अतिक्रमण के प्रयासों को लेकर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/12 से 19940/16 तक दर्ज किए गए थे।

वहीं 13 मई 2026 को वृक्षारोपण के लिए क्षेत्र तैयार करने के दौरान वन अमले के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और शासकीय कार्य में बाधा के आरोप में खल्लारी थाने में FIR क्रमांक 0055/2026 दर्ज कराई गई थी।

इसके अलावा 20 जुलाई 2026 को वनभूमि पर दोबारा जुताई कर खेती करने और रोपित बांबू एवं सागौन के पौधों को नुकसान पहुंचाने के प्रयास के मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/17 से 19940/21 तक दर्ज किए गए।

वन विभाग का कहना है कि वनभूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग ने आम लोगों से वन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना वन विभाग या पुलिस को देने की अपील की है।

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