*राष्ट्रीय मंच पर चमका बस्तर, शिमला में प्रज्ञा दुबे ने जीता प्रथम पुरस्कार, बीजापुर जिले की बेटी को राज्यपाल ने किया सम्मानित*दीपक मरकाम की खबर,
*71 वीं अखिल भारतीय नृत्य प्रतियोगिता में *
*बीजापुर जिले के संगमपल्ली (भोपालपटनम) की बेटी प्रज्ञा दुबे ने बिखेरा लोक संस्कृति का जलवा,*
जगदलपुर, बीजापुर,
बस्तर अंचल की समृद्ध लोक कला और सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित 71 वीं अखिल भारतीय नाट्य एवं नृत्य प्रतियोगिता में बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत संगमपल्ली की बेटी प्रज्ञा दुबे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल बस्तर सम्भाग, बीजापुर जिला, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित हुआ है।
ऑल इंडिया आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (AIAA) द्वारा शिमला के खूबसूरत वादियों में आयोजित इस 5 दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों कलाकारों ने हिस्सा लिया था।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक वेशभूषा और मनमोहक बस्तरिया लोक नृत्य शैली से सजी छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति ने दर्शकों और निर्णायकों का दिल जीत लिया।
इस प्रतिष्ठित आयोजन के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता रहे।
उन्होंने बस्तर की टीम की कला और ऊर्जा की सराहना करते हुए कलाकारों की जमकर हौसला अफजाई की और उन्हें विजेता ट्रॉफी से नवाजा।
विजेता टीम में रहीं शामिल
राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर का डंका बजाने वाली इस प्रतिभावान टीम में पूनम भारती, रितु शोरी, रामेश्वरी कश्यप, संतोषी कश्यप, देवकी नेताम, प्रज्ञा दुबे, नीलावती भवानी और कृति मौर्य शामिल हैं।
बस्तर की बेटियों की इस बड़ी सफलता पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिलेंवासियों, लोककला प्रेमियों और बस्तरवासियों ने पूरी टीम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। बस्तर सम्भाग के बीजापुर जिले के क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

