

4 सितंबर को पिता स्वर्गीय श्री रामायण लाल कहार की 8वी पुण्यतिथि पर महासमुंद भोई पारा मे भोई (सोनवानी परिवार ) ने दलदली रोड स्थित वृद्धा आश्रम में परिवारजनों संग पहुंचकर बुजुर्गो को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया और भगवान गणेश की आरती कर उन्हें विदा किया…भोई परिवार के बड़े बेटे श्री काजल कहार ने बताया की पिता एवं अन्यों की पुण्यतिथि पर वृद्धाश्रम में भोजन कराना एक नेक काम है, जिसे करके आप अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं..और जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं..यह बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी ला सकता है, जिससे उन्हें प्यार और अपनापन महसूस होता है..हमारे पिता जी को स्वर्गवास हुए 8 साल हो गए जिसके बाद हम प्रत्येक वर्ष घर पर ही पूजा अर्चना कथा और श्रृद्धांजली कार्यक्रम किया करते थे परन्तु उन्हें उतनी खुशी नहीं होती थी जितनी खुशी आज वृद्धा आश्रम में बुजुर्गो के साथ रहकर उन्हें भोजन कराकर हुई हैं..उन्होंने आगे कहा सभी लोगों को गरीब, निसहाय विकलांग और वृद्धजनो की सेवा और अपनी क्षमतानुसार सहायता कर इस प्रकार का पुनीत कार्य करना चाहिए..ना की भगवान स्वरुप माँ बाप को वृद्ध आश्रम मे छोड़ना चाहिए…।


इस अवसर पर स्वर्गीय रामायण लाल के तीनो पुत्र व बहु,नाती पोते,भतीजे,दामाद सहित परिजन व शुभ चिंतकगण मौजूद रहे…।

