मनीष कौशिक मोहला
मोहला -सड़क हादसे में मौत, आक्रोश में चक्का जाम के बाद 11 ग्रामीणों पर 17 संगीन धाराओं में दर्ज एफआईआर से नाम हटाने 5 लाख रुपए का रिश्वत मांगने वाले चिल्हाटी थानेदार रविशंकर डहरिया के कर्मकांड के छिटे अब मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के एसपी वाईपी सिंह के दामन तक पहुंच गया हैं। आज मोहला मानपुर के विधायक इंद्र शाह मंडावी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक्सीडेंट में हुई मौत के बाद चक्काजाम की वारदात मे बढा चढा के खिंचे गए एफआईआर को लेकर लाखों रुपए रिश्वत मांगने के आरोप मे थानेदार के खिलाफ विफल हुए एसीबी के छापे मे एसपी की भूमिका समेत पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग विधायक ने उठाया है। इधर आज फिर चार ग्रामीण न्यायिक अभिरक्षा में जेल पहुंच गए हैं
पत्रकार वार्ता में विधायक इंद्र शाह मंडावी ने खुलकर पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि 20अक्टूबर 2024 को चिल्हाटी मुडपार सड़क पर सड़क हादसे में एक 25 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई मौत के बाद 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र स्टेट हाइवे में परिजन तथा चिल्हाटी क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने हादसे मे पुलिसिया कार्रवाई के साथ उचित मुआवजा के लिए चक्काजाम किया था उक्त आंदोलन में वह स्वयं उपस्थित थे और मामले को शांत कराया। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में चिल्हाटी थानेदार रविशंकर डहरिया ने बढा चढा कर 11 आम निर्दोष ग्रामीणों पर गैरजमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करतें हुए थाने मे दर्ज धाराओं से नाम हटाने 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी जिसकी शिकायत 4 अप्रैल को एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर से पीड़ितों ने किया है मामले मे संज्ञान लेते हुए एसीबी की टीम सब इंस्पेक्टर रविशंकर डहरिया को रंगे हाथ हिरासत में लेने 21 अप्रैल को चिल्हाटी पहुंची थी परंतु विभागीय अफसरों ने थानेदार को अगाह करते हुए उसे मानपुर भगवा दिये पुलिस प्रशासन पर लगे गंभीर आरोपों के साथ विधायक ने कहा कि चक्का जाम के मामले में बड़े-बड़े धाराओं के तहत दर्ज किए गए मामले के साथ रिश्वत मांगने, थानेदार के खिलाफ एसबी कि टीम के पहुंचने के बाद थाने से फरार कराने, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कथन के नाम पर 11 लोगों को बुलाने के दौरान पुलिसिया धमकी चमकी लगाने मे एसपी वाईपी सिंह की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग रखी है।
चक्का जाम के आरोपी ग्रामीण, व्यापारी एवं शिक्षक-
उक्त चक्काजाम में विधायक इंद्रशाह मंडावी, तत्कालीन कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल मानिकपुरी, भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव भी मौके पर मौजूद थे। परन्तु पुलिस ने स्थानीय व्यापारी, शिक्षक एवं ग्रामीणों के ऊपर कार्रवाई जारी रखा है। 21 अक्टूबर को किए गए चक्काजाम में चिन्हित ग्रामीणों के ऊपर अपराध क्रमांक 85/2024 अंतर्गत धारा 49,56,57,61, 121 (1), 126 (1), 132, 189 (2), 190, 191 (2), 192, 195 (1), 221, 223 (ख), 224, 285, 352 बी एन एस की धारा लगाई गई है। ये जो धारा लगाई गई है उसमें पुलिस के साथ मारपीट, गाली गलौज, उकसाने, सरकारी व्यक्ति को चोट पहुंचाने, शासकीय कार्य में बाधा, दूसरों को भड़काना जैसे आरोप पुलिस ने दर्ज किए है।






