Tuesday, May 12, 2026

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*सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा शिवभक्ति का स्वर*,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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*सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा शिवभक्ति का स्वर*,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

*पेरमापारा के प्राचीन शिव मंदिर में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का भव्य आयोजन*

बीजापुर,,,,,,,,,
भारत की सांस्कृतिक एकता, धार्मिक गौरव और सनातन आस्था के प्रतीक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026” के तहत बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित पेरमापारा के प्राचीन शिव मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिवभक्तों एवं ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की तथा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।

*सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास का स्मरण*

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में गुजरात के प्रभास पाटन स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी द्वारा किए गए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता, आत्मगौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है।
सोमनाथ मंदिर 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रतिष्ठित है, जिसका उल्लेख शिवपुराण, स्कंदपुराण, श्रीमद्भागवत तथा ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। यह वही पावन स्थल है, जहां से भगवान श्रीकृष्ण ने निजधाम प्रस्थान किया था।

*राष्ट्रीय पुनरुत्थान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर*

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में किया गया था। देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने वर्ष 1947 में इसके पुनर्निर्माण की पहल की थी, जबकि 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई थी। महान चिंतक स्वामी विवेकानंद ने भी सोमनाथ को भारत की अमर सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया था।

*शिवभक्ति में लीन हुए श्रद्धालु*

पेरमापारा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भजन, पूजा-अर्चना और शिव आराधना में लीन नजर आए। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धर्म और आस्था को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।

*प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित*

कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय प्रशासन के एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे। आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।

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