न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) क्या है?
न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) नवजात शिशु के जन्म के शुरुआती दिनों में किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण जांच समूह है, जिससे कई गंभीर बीमारियों का समय पर पता चलाकर इलाज किया जा सकता है और बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
जल्द जांच, सुरक्षित भविष्य
छोटी सी जांच, बड़ी बीमारियों से सुरक्षा की गारंटी
NBS में कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
1. ब्लड ग्रुप (Blood Group)
बच्चे का ब्लड ग्रुप जानना आवश्यक है, जो आपात स्थिति में जीवनरक्षक हो सकता है।
2. बिलुरुबिन (Serum Bilirubin / TCB)
पीलिया शुरुआती दिनों में सामान्य है, लेकिन अधिक मात्रा में बढ़ने पर ब्रेन डैमेज का खतरा होता है। समय पर जांच और इलाज से बच्चे को सुरक्षित रखा जा सकता है।
3. थायराइड फंक्शन टेस्ट (TFT)
जन्म के तीसरे दिन किया जाने वाला यह टेस्ट बच्चे के थायराइड हार्मोन की जांच करता है। इसकी कमी से मानसिक व शारीरिक विकास प्रभावित होकर मंदबुद्धि होने का खतरा रहता है।
4. ओएई (OAE – Autoacoustic Emission Test)
यह टेस्ट बच्चे की सुनने की क्षमता की जांच करता है और सुनिश्चित करता है कि बच्चा सुन पा रहा है। सुनने में कमी होने पर बच्चे के बोलने और भाषा विकास पर असर पड़ सकता है।
5. मेटाबोलिक स्क्रीनिंग (TMS Test)
यह टेस्ट रक्त से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का पता लगाता है जैसे –
G6PD Deficiency, Phenylketonuria, Sickle Cell, और अन्य मेटाबोलिक विकार।
NBS के फायदे
✔ बीमारी का जल्दी पता चलता है
✔ समय पर इलाज शुरू होता है
✔ ब्रेन डैमेज, मानसिक विकास में रुकावट और गंभीर बीमारियों से बचाव
✔ बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित होता है
हर स्वस्थ शुरुआत
एक खुशहाल भविष्य की
पहली सीढ़ी है।
डॉ. अमित अग्रवाल
नवजात शिशु एवं बच्चों के विशेषज्ञ
MBBS, DCH
सभी माताओं एवं पिताओं से अनुरोध है कि
न्यूबॉर्न स्क्रीनिंग टेस्ट (NBS) जल्द से जल्द कराएं
और अपने बच्चे को सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य दें।
📍 बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)
📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100



