Wednesday, May 13, 2026

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*युक्तियुक्तकरण के विरोध में एकजुट हुए विभिन्न शिक्षक संगठन,कहा मिलकर दोषपूर्ण नियमो का करेंगे विरोध*,,,,,,,,,,,,,,*दीपक मरकाम की रिपोर्ट*

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*युक्तियुक्तकरण के विरोध में एकजुट हुए विभिन्न शिक्षक संगठन,कहा मिलकर दोषपूर्ण नियमो का करेंगे विरोध*,,,,,,,,,,,,,,*दीपक मरकाम की रिपोर्ट*

*बीजापुर::::::::::::::::::::::::::::::::::: संघर्ष मोर्चा के जिला सचिव कैलाश रामटेके ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि 02 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी किए गए शाला एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण आदेश के विरोध में राज्य के चार प्रमुख शिक्षक संगठनों द्वारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन कर प्रथम चरण में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अभियान के तहत आज मोर्चा के जिला इकाई बीजापुर द्वारा माननीय मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री,सचिव स्कूली शिक्षा विभाग,संलालक लोक शिक्षण संचालनालय वा कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर श्रीमान उत्तम पंचारी को एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमान रमेश निषाद जिला बीजापुर को संघर्ष मोर्चा के संचालक प्रहलाद जैन वा राजेश मिश्रा के नेतृत्व मे ज्ञापन सौंपा गया।

मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा किये जाने वाले युक्तियुक्तकरण के तहत प्रदेश के लगभग 4000 शालाओं को अन्य शाला में मर्ज करने के नाम पर बन्द करने का प्रयास है।

विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण में 2008 के शिक्षक सेटअप को भी समाप्त करने का प्रयास है,शिक्षक विद्यार्थी अनुपात में कटौती किया जा रहा है जिससे सरकारी शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सम्भव ही नही हो पायेगा।
सरकार द्वारा कार्यरत शिक्षकों को अतिशेष माना जा रहा जिससे प्रतीत होता है कि शासन नई भर्ती नही करना चाहती।इस स्थिति में शिक्षित और प्रशिक्षित बेरोजगार जो शिक्षक बनने के लिए बीएड, डीएड,टीईटी करके नई भर्ती की तैयारी में लगे हुए है उनका भी शिक्षक बनने का सपना केवल सपना रह जायेगा।

एक ही परिसर के शालाओ को मर्ज किए जाने से वहां कार्यरत प्राथमिक प्रधानपाठक के पद औचित्यहीन हो जाएंगे।
इस तरह से जो युक्तियुक्तकरण शासन के द्वारा किये जाने की तैयारी की जा रही है वह गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से दूर रखने की साजिश ,बेरोजगारों के साथ कुठाराघात, शिक्षकों को मानिसक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से प्रेरित लगता है।

युक्तियुक्तकरण में अनेक विसंगति व्याप्त हैं जिनके विरोध में सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन,छत्तीसगढ़ टीचर्स एशोसियेशन वा शालेय शिक्षक संघ,नवीन शिक्षक संघ के संयुक्त रूप से बने शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विरोध दर्ज किया गया।यदि सरकार इस पर विचार नही करेगी तो आने वाले दिनों प्रदेश के समस्त शिक्षक तालाबंदी कर शाला बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।

*ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रुप से अब्दुल अलीम रिजवी,प्रांतीय पदाधिकारी पुरुषोत्तम झाड़ी के अलावा बीजापुर विकासखंड से सुशील हेमला,राकेश गिरी,विजय झाड़े,मनोज कावटी,विजय चापड़ी,शांति लाल वर्मा,मोहसिन खान,सुनील झाड़ी,लछिन्दर हेमला,रामचन्द्रम कुड़ियम,बुधराम हेमला विकासखंड भोपालपटनम से योगेश वासम,अनिल जाटव,अग्गी कामेश्वर,संजय चिंतुर,राजन्ना एट्टी और चंद्रशेखर वासम भैरमगढ़ से शिव पुनेम, महेन्द्र काशी, कमल नारायण कुंजाम,उसूर विकासखंड से अनिल झाडी पूर्णचंद बेहरा विनोद मडी,महेश यालम,व अन्य शिक्षक साथी उपस्थित थे। शासन – प्रशासन द्वारा माँगे नही माने जाने पर उग्र आंदोलन किया जावेगा हालाँकि मोर्चा हमेशा से वार्ता का पक्षधर रहा है।

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