
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बसना में शुरू हुई विशेष चाइल्ड थेरेपी सुविधा, अब एक ही छत के नीचे मिलेगा आधुनिक उपचार
बसना। बच्चों के बेहतर शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक विकास को लेकर अब अभिभावकों को बेहतर उपचार के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बसना में अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड न्यूरो डेवलपमेंट, रिहैबिलिटेशन एवं फिजियोथेरेपी सेंटर ‘संबल’ की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां बच्चों की जरूरत और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की विशेष थेरेपी की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी।
बच्चों के विकास में शुरुआती उम्र बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई बार बच्चों में बोलने में देरी, चलने-फिरने में परेशानी, व्यवहार संबंधी समस्याएं, शारीरिक कमजोरी अथवा विकास की गति धीमी होने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में समय पर समस्या की पहचान और सही मार्गदर्शन मिलने से बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
संबल चाइल्ड न्यूरो डेवलपमेंट, रिहैबिलिटेशन एवं फिजियोथेरेपी सेंटर में बच्चों के लिए पीडियाट्रिक फिजियोथेरेपी, बिहेवियर थेरेपी, न्यूरो डेवलपमेंट थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, चाइल्ड साइकोलॉजी, अर्ली इंटरवेंशन और सेंसेरी इंटीग्रेशन थेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इन थेरेपी के माध्यम से बच्चों की शारीरिक गतिविधियों, बोलने और समझने की क्षमता, व्यवहार, संवेदनात्मक विकास तथा दैनिक गतिविधियों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाता है। खास बात यह है कि बच्चों की समस्या को समझकर उनकी आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं मार्गदर्शन देने पर जोर दिया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में विकास संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जितनी जल्दी समस्या की पहचान होगी, उतनी जल्दी उचित हस्तक्षेप और सहायता शुरू की जा सकेगी। अभिभावकों को भी बच्चों के विकास से जुड़ी समस्याओं को लेकर जागरूक रहना जरूरी है।
संबल सेंटर का उद्देश्य बच्चों को बेहतर विकास का अवसर देना और अभिभावकों को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। बसना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
पता: पुरानी अशोक आयल मिल, जगदीशपुर रोड, बसना।
संपर्क नंबर: 62672 27857, 84618 11000, 80872 72710।
संबल – समय पर पहचान, सही मार्गदर्शन और बच्चों के बेहतर भविष्य की ओर एक कदम।


