Homeकोण्डागांवजल-जंगल यात्रा 2.0: निर्माणाधीन केशकाल बायपास पर होगी ऐतिहासिक पदयात्रा, विकास और...

जल-जंगल यात्रा 2.0: निर्माणाधीन केशकाल बायपास पर होगी ऐतिहासिक पदयात्रा, विकास और प्रकृति संरक्षण का अनूठा संगम

जल-जंगल यात्रा 2.0: निर्माणाधीन केशकाल बायपास पर होगी ऐतिहासिक पदयात्रा, विकास और प्रकृति संरक्षण का अनूठा संगम
राजमन नाग
केशकाल। बस्तर के प्रवेश द्वार के रूप में पहचान रखने वाली केशकाल घाटी एक बार फिर एक विशेष आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। पिछले वर्ष आयोजित जल-जंगल यात्रा की सफलता के बाद इस वर्ष केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के नेतृत्व में “जल-जंगल यात्रा 2.0” का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा आगामी 27 जून 2026, शनिवार को सुबह 6 बजे निर्माणाधीन केशकाल बायपास मार्ग से प्रारंभ होगी। आयोजन समिति ने छत्तीसगढ़ सहित बस्तर संभाग के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और प्रकृति प्रेमियों से इस यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन कराने की अपील की है।

इस वर्ष की जल-जंगल यात्रा कई मायनों में विशेष और ऐतिहासिक मानी जा रही है। पहली बार यह यात्रा उस निर्माणाधीन बायपास मार्ग पर आयोजित होगी, जो भविष्य में केशकाल घाटी की यातायात समस्याओं का स्थायी समाधान बनने जा रहा है। लंबे समय से केशकाल घाटी में भारी वाहनों की आवाजाही, जाम, दुर्घटनाओं और बरसात के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सरकार द्वारा केशकाल बायपास परियोजना को स्वीकृति दी गई है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

जानकारों के अनुसार यह बायपास मार्ग केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि बस्तर क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूर्ण होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अधिक सुगम होगा, केशकाल घाटी में वाहनों का दबाव कम होगा तथा दुर्घटनाओं की संभावना में भी कमी आएगी। साथ ही रायपुर, कांकेर, कोंडागांव और जगदलपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।

जल-जंगल यात्रा 2.0 का उद्देश्य केवल विकास कार्यों का अवलोकन करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों, जल स्रोतों और वन संपदा के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। बस्तर की पहचान उसके घने जंगलों, समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक जल स्रोतों से है। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश इस यात्रा के माध्यम से दिया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को निर्माणाधीन बायपास की प्रगति, उसकी तकनीकी विशेषताओं तथा क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और वन संरक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। यात्रा में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, छात्र-छात्राएं और विभिन्न संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

विधायक नीलकंठ टेकाम ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा है कि केशकाल बायपास आने वाले वर्षों में बस्तर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगा। यह परियोजना न केवल लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि जल-जंगल यात्रा 2.0 के माध्यम से लोग विकास के इस महत्वपूर्ण कार्य को करीब से देख सकेंगे और प्रकृति संरक्षण के संदेश को भी आगे बढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि केशकाल घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और घुमावदार मार्गों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन बढ़ते यातायात दबाव के कारण यहां अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति निर्मित होती रही है। ऐसे में निर्माणाधीन बायपास को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसी ऐतिहासिक परियोजना के बीच आयोजित होने वाली जल-जंगल यात्रा 2.0 को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

आयोजन समिति ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से समय पर पंजीयन कराने तथा निर्धारित समय पर उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनने की अपील की है। प्रकृति, विकास और जनभागीदारी के संगम के रूप में आयोजित यह यात्रा निश्चित रूप से बस्तर और केशकाल के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी। इस जल जंगल जमीन की यात्रा की जानकारी पर्यटन समिति के विधायक प्रतिनिधि श्री राजकिशोर राठी जी ने दी है जो की कोंडागांव जिला की विधायक प्रतिनिधि के रूप में पर्यटन समिति के सदस्य हैं

आपकी राय

[poll id="2"]

- Advertisment -spot_img

राशिफल

आज का मौसम

क्रिकेट लाइव स्कोर

Most Popular

RELATED ARTICLES