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आंधी-तूफान से तोयनार में भारी नुकसान, भाजपा नेताओं ने लिया तत्काल संज्ञान,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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आंधी-तूफान से तोयनार में भारी नुकसान, भाजपा नेताओं ने लिया तत्काल संज्ञान,,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

बीजापुर,,,,,,,,,,जेडज्ज़,,,। जिले में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने ग्राम पंचायत तोयनार में भारी तबाही मचाई। प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के लगभग 40 से 50 परिवारों के मकान एवं अन्य संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कई परिवारों को खुले आसमान के नीचे रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेताओं ने तत्काल प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। सुबह सांसद प्रतिनिधि जिलाराम राणा, जिला पंचायत सदस्य मैथियस कुजूर, भाजपा सोशल मीडिया जिला संयोजक के.जी. सुधाकर तथा ग्राम पंचायत तोयनार के उपसरपंच भीमा तेलम गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं क्षति का जायजा लिया।

नेताओं ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं एवं नुकसान की जानकारी शासन-प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी, ताकि प्रभावितों को शीघ्र राहत मिल सके। इस दौरान संबंधित पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों को भी मौके की स्थिति से अवगत कराया गया तथा तत्काल सर्वे कर राहत प्रदान करने की मांग की गई।

भाजपा नेताओं ने क्षेत्र के जनप्रिय नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश गागड़ा को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही जिला प्रशासन, तहसीलदार एवं बिजली विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं से अवगत कराया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि क्षति का सर्वे पूर्ण होने के बाद शासन के नियमानुसार प्रभावित परिवारों को राहत एवं आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी।

ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं के त्वरित दौरे एवं प्रशासन तक उनकी समस्याएं पहुंचाने के प्रयास की सराहना करते हुए शीघ्र राहत की उम्मीद जताई है।

कोयलीबेड़ा प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन ठप पांचवे दिन भी चक्काजाम जारी ,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट

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कोयलीबेड़ा प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन ठप पांचवे दिन भी चक्काजाम जारी ,,कोयलीबेडा़ से लक्ष्मण दर्रो रिपोर्ट*,,,

कोयलीबेडा / कोयलीबेडा़ विकसखण्ड के 18 पांचयत के 68 गांव के ग्रामीणों को चक्काजाम करने को मजबूर सुशासन के दावों की खुली पोल सड़कों पर उतरे आदिवासी

 

माओवाद प्रभावित और विकास से अछूते रहे इस क्षेत्र में आज भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार भले ही बस्तर में सुशासन और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के सांसद और विधायक उनकी लगातार अनदेखी कर रहे हैं।

 

डिस्ट्रीक्ट मिनरल फंड (DMF) में बंदरबांट और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) और सीएसआर (CSR) फंड की राशि का सही इस्तेमाल न करके उसमें भारी बंदरबांट की जा रही है। क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। इसके अलावा, जिला सहकारी बैंक कोयलीबेडा़ में ही हो कोयलीबेड़ा के ‘उत्कृष्ट विद्यालय’ (स्कूल) को पखांजूर शिफ्ट किए जाने के सरकारी फैसले का भी जनता द्वारा पुरजोर विरोध किया जा रहा है।

 

 

मुख्य मांग: कोयलीबेड़ा से ही संचालित हों सभी सरकारी कार्यालय

इस पूरे आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग यह है कि यदि विकासखंड का मुख्यालय कोयलीबेड़ा है, तो ब्लॉक स्तर के सभी कार्यालय के सारे सिस्टम लगाने की मांग सप्ताह के सातों दिन यहीं से संचालित होने चाहिए। वर्तमान में अधिकांश कार्यालयों का संचालन पखांजूर से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

*(सांसद-विधायक)* और जिला प्रशासन के आला अधिकारी एक साथ बैठकर हमारी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक हमारा यह आंदोलन और चक्काजाम यथावत जारी रहेगा।” — *बसंत ध्रुव, आदिवासी नेता*,,,,

हर खबर पर नजर… भीष्म गर्मी में पानी के लिए तरसे सुकड़ी गुहान के 60 आदिवासी परिवार, सरपंच बोलीं- ‘एक ही टैंकर, वाटर लेवल भी गिरा’। आर एल कुलदीप की ग्राउंड रिपोर्ट:-

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हर खबर पर नजर…

भीष्म गर्मी में पानी के लिए तरसे सुकड़ी गुहान के 60 आदिवासी परिवार, सरपंच बोलीं- ‘एक ही टैंकर, वाटर लेवल भी गिरा’। आर एल कुलदीप की ग्राउंड रिपोर्ट:-

बालोद/डौण्डी

आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय डौण्डी के वनांचल ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित गांव सुकड़ी गुहान में पेयजल संकट गहरा गया है। भीषण गर्मी के बीच यहां निवासरत लगभग 60 आदिवासी परिवार पीने के पानी व निस्तारी के लिए तरस रहे हैं।

सूखे पड़े हैंडपंप, खाली बर्तन:

गांव में लगे हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि सूखे हैंडपंप के पास खाली बर्तन रखे हैं और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए भटक रहे हैं। तालाब-डबरी भी सूख गए हैं। 250 लोग जिसमें महिला पुरूष बच्चे निवासरत जो कि पेयजल और निस्तारी जल की भयावह गुजर रहे हैं रहवासी सावित्री नेताम पार्वती नेताम चुनाबति नेताम तुलाराम मडावी अकालुराम नेताम इतवारी सोरी बिरजू राम नेताम कृपाराम मंडावी ने बताया कि वे लोग यहां पर करीब 30 साल से बसे हुए हैं तब से लेकर आज तक जल की संकट से लगातार जूझ रहे हैं हालांकि शासन की ओर से बीच-बीच में जल की व्यवस्था के लिए प्रयास किया गया है परंतु सफल नहीं हो पाया है ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल के लिए शासन की ओर से बसाहट के दो स्थानों पर पानी सप्लाई के लिए टंकी लगाई गई है जहां से गलियों में लगे स्टैंड पोस्ट से पानी आने का व्यवस्था बनाया गया है परंतु जल स्तर कम होने की वजह से टँकी नही भर पाती इस वजह से नलो मे भी पानी ठीक से नही। आता ऐसे स्थिति मे मात्रा एक या दो गुंडी ही पानी भर पाते हैं पानी कम आने की वजह से कई बार पानी भरने को लेकर विवाद की भी स्थिति निर्मित होती है नल से पानी नहीं मिलने पर नाला मे झिरिया खोद कर पानी निकाल कर पीते हैं नहाने के लिए पास के नाला का ही सहारा है वहां का पानी भी हरा रंग का हो चुका है जिसमें कई प्रकार की सकर्मक बीमारी भी होने की संभावना बनी रहती है लोगों ने बताया कि करीब 20 साल पहले नल नही था तब नाला के पानी को ही पेयजल के रूप में इस्तेमाल करते थे जिसके कारण 3 लोगों की मौत हो गई थी शासन की ओर से कुछ साल पहले एक नया बोर खनन किया गया परंतु उसमे भी पानी नही निकला ग्राम पंचायत सिंघोला के निवासी जागेश्वर ठाकुर ने बताया कि पूरे सिंघोला पंचायत में वाटर लेबल डाउन हो गया है इस लिए बोर भी सक्सेस नही होता है

सरपंच ने मानी समस्या:

इस संबंध में सरपंच कौशल्या ठाकुर ने बताया कि _”पंचायत में पानी सप्लाई के लिए मात्र एक ही टैंकर है। गर्मी के कारण वाटर लेवल काफी कम हो गया है, जिससे हैंडपंप और बोर सूख गए हैं। हम सीमित संसाधनों में गांवों तक पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।”_ उन्होंने बताया कि सुकड़ी गुहान समेत पंचायत के अन्य आश्रित गांवों में भी यही स्थिति है।

प्रशासन से मांग:

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व PHE विभाग से तत्काल अतिरिक्त टैंकर की व्यवस्था करने और गांव में नया बोर खनन कर स्थायी समाधान करने की मांग की है।

 

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✍️ आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

कोत्तापल्ली व्यपवर्तन योजना हेतु भूमि अधिग्रहण पर 4 जून को जनसुनवाई,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,

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कोत्तापल्ली व्यपवर्तन योजना हेतु भूमि अधिग्रहण पर 4 जून को जनसुनवाई,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर 31 मई 2026- भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत भोपालपटनम तहसील के ग्राम कोत्तापल्ली में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संबंध में सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन हेतु जनसुनवाई का आयोजन 4 जून 2026 को प्रातः 11 बजे ग्राम कोत्तापल्ली में किया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार कोमटपल्ली (कोक्कमपल्ली) व्यपवर्तन योजना के अंतर्गत मुख्य नहर, माइनर एवं सब माइनर नहर से प्रभावित किसानों की भूमि अर्जित की जानी है। इसके लिए ग्राम कोत्तापल्ली में कुल 2.317 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से 30 परिवार प्रभावित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित परिवारों की संख्या शून्य बताई गई है।
परियोजना की अनुमानित लागत 774.57 लाख रुपये है तथा सामाजिक प्रभावों की प्रतिपूर्ति के लिए 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना पूर्ण होने पर ग्राम कोत्तापल्ली, उरकपल्ले, कोगुपल्ली एवं पामगल क्षेत्र में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
कलेक्टर एवं जिला भूमि अर्जन अधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं एवं ग्रामीणों से अपील की है कि भूमि अधिग्रहण के संबंध में यदि कोई सुझाव या जानकारी देना चाहते हैं तो निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आयोजित जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपने विचार प्रस्तुत करें।

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,, सेवानिवृत्त हुए प्रधान पाठक श्री संजय कुमार कोटे एवं श्री कावटी गोपाल को जिला कार्यालय में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने आत्मीय विदाई दी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीन ने दोनो प्रधान पाठकों की दीर्घकालीन एवं कुशलतापूर्ण सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने सेवानिवृत्त प्रधान पाठकों को पेंशन प्रमाण पत्र भी भेंट किया।
कार्यक्रम में जिला कोषालय अधिकारी श्री महावीर प्रसाद टंडन जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद थे।

महासमुंद NH53 पर हुआ सडक हादसा.. हादसे मे बागबाहरा थाने मे पदस्थ सिपाही ने गवाई जान.. परिजन व पुलिस विभाग मे शोक की लहर..।

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद जिले मे नेशनल हाइवे 53 पर सांकरा थाना क्षेत्र के बल्दीडीह स्थित जोंक नदी के पास आज रविवार दोपहर 12 से 1 बजे के बिच एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक हवलदार की मौत हो गई…ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार हवलदार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया..मृतक की पहचान दयासागर भोई के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ पुलिस में हवलदार पद पर पदस्थ थे और वर्तमान में थाना बागबाहरा में अपनी सेवाएं दे रहे थे..बताया जा रहा है कि वे किसी कार्य से बल्दिडिह की ओर से सांकरा की ओर जा रहे थे, इसी दौरान बल्दीडीह के पास उनकी मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रही ट्रक की चपेट में आ गई..टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

मामले पर सांकरा थाने के थानेदार उत्तम तिवारी ने बताया की हादसे की सूचना मिलते ही सांकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के पिथौरा भेजा है..जहाँ पंचनामा तैयार कर पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा ट्रक चालक के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है…।

ईधर घटना की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई..साथी पुलिसकर्मियों और परिचितों ने दयासागर भोई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं क्षेत्र में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है..।


 

कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,

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कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सेवानिवृत्त दो प्रधान पाठकों को दी आत्मीय विदाई,,,,,,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,- सेवानिवृत्त हुए प्रधान पाठक श्री संजय कुमार कोटे एवं श्री कावटी गोपाल को जिला कार्यालय में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने आत्मीय विदाई दी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीन ने दोनो प्रधान पाठकों की दीर्घकालीन एवं कुशलतापूर्ण सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने सेवानिवृत्त प्रधान पाठकों को पेंशन प्रमाण पत्र भी भेंट किया।
कार्यक्रम में जिला कोषालय अधिकारी श्री महावीर प्रसाद टंडन जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद थे।

भूमि अधिग्रहण हेतु जनसुनवाई 03 को पामगल में,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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भूमि अधिग्रहण हेतु जनसुनवाई 03 को पामगल में,,,,,,,,

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बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,- कलेक्टर एवं पदेन उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 4 सहपठित नियम 7 के अंतर्गत अधिसूचना जारी की गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार भोपालपटनम तहसील के ग्राम पामगल में कोमटपल्ली (कोकमपल्ली) व्यपवर्तन योजना के तहत मुख्य नहर, माइनर एवं सब माइनर नहर से प्रभावित किसानों की भूमि अर्जित की जाएगी। इसके लिए कुल 4.319 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संबंध में सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन हेतु 3 जून 2026 को प्रातः 11 बजे ग्राम पामगल में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से 41 परिवार प्रभावित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित परिवारों की संख्या शून्य बताई गई है। परियोजना की कुल लागत 774.57 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके पूर्ण होने पर ग्राम कोतापल्ली, उस्कोलेड, कोमगुपल्ली एवं पामगल में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। सामाजिक प्रभाव की प्रतिपूर्ति एवं उससे संबंधित संभावित व्यय के लिए 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा अन्य पक्ष को कोई सुझाव या जानकारी प्रस्तुत करनी हो तो वह निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर जनसुनवाई में अपना पक्ष रख सकता है।

महासमुंद में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, नागपुर का संचालक गिरफ्तार ..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद जिले की सांकरा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था, जिसका मुख्य संचालन महाराष्ट्र के नागपुर से किया जा रहा था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी में नरेश निषाद की दुकान में नरेश निषाद और मनोहर मांझी रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेल और खिलवा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर दोनों के मोबाइल फोन की जांच की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे के संपर्क में रहकर आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगवाते थे। हार-जीत की रकम स्थानीय माध्यमों और PhonePe के जरिए लेन-देन की जाती थी।
जांच के दौरान मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टे से संबंधित चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट तथा PhonePe के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर नागपुर निवासी मुख्य संचालक मधुसूदन ठाकरे को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन की जांच में कई संदिग्ध नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य खाईवाल और सट्टा संचालक भी जुड़े हुए हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है।
आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी
नरेश निषाद (40), निवासी भगतदेवरी
मनोहर मांझी (38), निवासी नवागांव टुकड़ा, सांकरा
मधुसूदन ठाकरे (40), निवासी जैताला, नागपुर, महाराष्ट्र (मुख्य संचालक)
तीनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

 

*नक्सलियों का डर खत्म हुआ, लेकिन विकास अब भी नहीं पहुंचा ,बीजापुर जिले के सीमावर्ती गांव के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाओं से वंचित, 52 किमी का सफर तय कर पहुंचते हैं ब्लॉक मुख्यालय”* दीपक मरकाम की खबर 

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*नक्सलियों का डर खत्म हुआ, लेकिन विकास अब भी नहीं पहुंचा ,बीजापुर जिले के सीमावर्ती गांव के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाओं से वंचित, 52 किमी का सफर तय कर पहुंचते हैं ब्लॉक मुख्यालय”* दीपक मरकाम की खबर

 

*”विकास की राह देख रहा कोत्तापल्ली: आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार”*

बीजापुर दिनांक 31 मई 2026

बीजापुर जिले का बोर्डर सीमावर्ती इलाक में आजादी के अब तक उस गांव के लिए सरकार ने पहुंच मार्ग नहीं बना पाया है.,

अलांकि यहां मार्ग एनएच पुरानी है जो सीधे तेलंगाना को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। कई सरकारें आईं और गईं अब छग भी नक्सलमुक्त भारत हो चुका है, पहले नक्सलियों का भय हुआ करता था।

 

कोत्तापल्ली गांव का नाम भी आप ने सुना भी होगा जी हां वो गांव कोत्तापल्ली है जो उसुर ब्लाक ग्राम पंचायत पुजारी कांकेर बीजापुर जिले का आश्रित गांव है।

 

सरकारी काम-काज हेतु कोत्तापल्ली ग्रामीणों को 52 किमी का सफर तय करना पड़ता है जो बारिश के दिनों नदी नाले उफान पर होते है तब भी अपनी जान को जोखिम में डालकर ऐसे कठीन वक्त में सरकारी कार्यों को लिए ब्लाक मुख्यालय आवापल्ली आने मजबूर होना पड़ता है कोत्तापल्ली ग्रामीणों को।

 

कोत्तापल्ली गांव के लोग का हाल चाल जानने आज तक के न कोई प्राशासनिक अधिकारी गया ना को राजनीतिक दल का कोई नेता नहीं पहुंचा आज तक का। पहली बार एक शिविर हुई 25 मार्च 2017 को। अब तो छत्तीसगढ़ बस्तर नक्सली मुक्त हो चुका है।

 

मूलभूत सारी सुविधाएं उसे वंचित हैं ग्रामीण, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी आदि से वंचित है।

 

छग सरकार ने तो सड़क उसुर से सीधे तेलंगाना के पुसगुप्फा को जोड़ दिया है। पर भीमाराम और रायपुरम के बीच एक की पाइंट होता है वहीं से कोत्तापल्ली कि पहुंच मार्ग है वहां से लगभग 20-25 किमी है जो आज तक नहीं बनी है नदी नाले पथरीली है जिस सड़क से ग्रामीण आने जाने को मजबूर हैं कोत्तापल्ली के ग्रामीणों।