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भीष्म गर्मी में पानी के लिए तरसे सुकड़ी गुहान के 60 आदिवासी परिवार, सरपंच बोलीं- ‘एक ही टैंकर, वाटर लेवल भी गिरा’। आर एल कुलदीप की ग्राउंड रिपोर्ट:-
बालोद/डौण्डी
आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय डौण्डी के वनांचल ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित गांव सुकड़ी गुहान में पेयजल संकट गहरा गया है। भीषण गर्मी के बीच यहां निवासरत लगभग 60 आदिवासी परिवार पीने के पानी व निस्तारी के लिए तरस रहे हैं।
सूखे पड़े हैंडपंप, खाली बर्तन:
गांव में लगे हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि सूखे हैंडपंप के पास खाली बर्तन रखे हैं और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए भटक रहे हैं। तालाब-डबरी भी सूख गए हैं। 250 लोग जिसमें महिला पुरूष बच्चे निवासरत जो कि पेयजल और निस्तारी जल की भयावह गुजर रहे हैं रहवासी सावित्री नेताम पार्वती नेताम चुनाबति नेताम तुलाराम मडावी अकालुराम नेताम इतवारी सोरी बिरजू राम नेताम कृपाराम मंडावी ने बताया कि वे लोग यहां पर करीब 30 साल से बसे हुए हैं तब से लेकर आज तक जल की संकट से लगातार जूझ रहे हैं हालांकि शासन की ओर से बीच-बीच में जल की व्यवस्था के लिए प्रयास किया गया है परंतु सफल नहीं हो पाया है ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल के लिए शासन की ओर से बसाहट के दो स्थानों पर पानी सप्लाई के लिए टंकी लगाई गई है जहां से गलियों में लगे स्टैंड पोस्ट से पानी आने का व्यवस्था बनाया गया है परंतु जल स्तर कम होने की वजह से टँकी नही भर पाती इस वजह से नलो मे भी पानी ठीक से नही। आता ऐसे स्थिति मे मात्रा एक या दो गुंडी ही पानी भर पाते हैं पानी कम आने की वजह से कई बार पानी भरने को लेकर विवाद की भी स्थिति निर्मित होती है नल से पानी नहीं मिलने पर नाला मे झिरिया खोद कर पानी निकाल कर पीते हैं नहाने के लिए पास के नाला का ही सहारा है वहां का पानी भी हरा रंग का हो चुका है जिसमें कई प्रकार की सकर्मक बीमारी भी होने की संभावना बनी रहती है लोगों ने बताया कि करीब 20 साल पहले नल नही था तब नाला के पानी को ही पेयजल के रूप में इस्तेमाल करते थे जिसके कारण 3 लोगों की मौत हो गई थी शासन की ओर से कुछ साल पहले एक नया बोर खनन किया गया परंतु उसमे भी पानी नही निकला ग्राम पंचायत सिंघोला के निवासी जागेश्वर ठाकुर ने बताया कि पूरे सिंघोला पंचायत में वाटर लेबल डाउन हो गया है इस लिए बोर भी सक्सेस नही होता है
सरपंच ने मानी समस्या:
इस संबंध में सरपंच कौशल्या ठाकुर ने बताया कि _”पंचायत में पानी सप्लाई के लिए मात्र एक ही टैंकर है। गर्मी के कारण वाटर लेवल काफी कम हो गया है, जिससे हैंडपंप और बोर सूख गए हैं। हम सीमित संसाधनों में गांवों तक पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।”_ उन्होंने बताया कि सुकड़ी गुहान समेत पंचायत के अन्य आश्रित गांवों में भी यही स्थिति है।
प्रशासन से मांग:
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व PHE विभाग से तत्काल अतिरिक्त टैंकर की व्यवस्था करने और गांव में नया बोर खनन कर स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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✍️ आर. एल. कुलदीप
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