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कंपनी के सामान की आड़ में 600 किलो गांजा तस्करी का भंडाफोड़, महासमुंद पुलिस ने महाराष्ट्र के तस्कर को किया गिरफ्तार. जप्त गांजे की कीमत 3 करोड़ रूपये..

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राहुल भोई महासमुंद…

महासमुंद, 30 मई 2026। महासमुंद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के सामान की आड़ में की जा रही गांजा तस्करी का पर्दाफाश किया है। थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के मुरमुरी चौक में पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में 600 किलोग्राम (6 क्विंटल) अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया है। जब्त गांजे की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन, मोबाइल फोन और नगदी सहित कुल 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर गांजा तस्करी किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर मुरमुरी चौक में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान महाराष्ट्र नंबर की एक संदिग्ध लाल रंग की टाटा माजदा वाहन (क्रमांक MH-46 CU-6060) को रोककर जांच की गई।

वाहन चालक ने अपना नाम महबूब बादशाह शेख (65 वर्ष) निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) बताया। पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर कंपनी की मशीनरी और अन्य सामान के नीचे तथा पीछे छिपाकर रखी गई 24 प्लास्टिक बोरियां मिलीं। प्रत्येक बोरी में 25-25 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इस प्रकार कुल 600 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने गांजा को ओडिशा के बौद्ध जिले से लिया था और उसे महाराष्ट्र के ठाणे जिले में खपाने की योजना थी। तस्करी को छिपाने के लिए वाहन को काले रंग की तिरपाल से ढंका गया था ताकि किसी को शक न हो सके।

महासमुंद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 600 किलोग्राम गांजा, एक मोबाइल फोन, 10 हजार रुपये नकद तथा तस्करी में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है।

आरोपी महबूब बादशाह शेख के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (ii) (सी) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर गांजा तस्करी के स्रोत, नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद जिले में गांजा तस्करों द्वारा लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। कभी एंबुलेंस, कभी मूवर्स एंड पैकर्स वाहनों, तो कभी फल-सब्जी, खाद्य सामग्री, कपड़ा फेरी और ट्रेवल्स वाहनों की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी की कोशिश की जाती है। लेकिन महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की सतर्कता के चलते तस्करों के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय चेक पोस्टों के साथ-साथ अब अंदरूनी मार्गों पर भी लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सोर्स प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन प्वाइंट तक प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

 * नक्सल मुक्त पिनकोंडा में विकास की नई पहल, महिलाओं से आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर हुई सीधी चर्चा ,,,,,,,,,,,,,दीपक मरकाम की खबर*

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* नक्सल मुक्त पिनकोंडा में विकास की नई पहल, महिलाओं से आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर हुई सीधी चर्चा ,,,,,,,,,,,,,दीपक मरकाम की खबर*

 

*NID दिल्ली की टीम ने ग्रामीणों से जाना गांव की जरूरतों का हाल, स्वरोजगार बढ़ाने पर दिया जोर*

 

दक्षिण बस्तर सम्भाग,

बीजापुर जिला दिनांक 30 2026,

 

बीजापुर जिले के नक्सल प्रभाव से बाहर निकल रहे गांवों में विकास और आजीविका गतिविधियों को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को ग्राम पंचायत पिनकोंडा स्थित सीआरपीएफ कैंप में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें एन आई डी दिल्ली से पहुंचे अधिकारियों ने महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

बैठक में गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वरोजगार गतिविधियों को मजबूत करने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में कलेक्टर विश्वदीप, जनपद पंचायत सीईओ अभिषेक तंबोली तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक रोहित शोरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि नक्सल मुक्त होने के बाद गांवों में किस प्रकार आजीविका के नए साधन विकसित किए जा सकते हैं।

महिलाओं और ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित कार्य, हस्तशिल्प, लघु उद्योग और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है।

इसके लिए महिला समूहों को प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में गांव की मूलभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि गांवों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि नक्सल मुक्त गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही।

NID दिल्ली के विशेषज्ञों ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया।”

 

महिलाओं ने रखीं रोजगार और सुविधाओं से जुड़ी मांगें

पिनकोंडा में आयोजित बैठक के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने, हस्तशिल्प और कृषि आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देने की मांग रखी।

ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत भी अधिकारियों के सामने रखी ,अधिकारियों ने सभी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।

 

जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ बालिका टीम ने फाइनल में केरला को 55-51 से हराकर बनीं विजेता..

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*फ़ाइनल में महासमुंद की दिव्या रंगारी ने सर्वाधिक 22 अंक बनाकर छत्तीसगढ़ टीम को विजेता बनाया।*

*नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में दिव्या रंगारी को मोस्ट वॉल्यूएबल प्लेयर का मिला खिताब।*

महासमुंद – बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा पांडिचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका) का आयोजन दिनांक 22 मई से 29 मई 2026 तक राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम पांडिचेरी में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम से महासमुंद जिले से अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी इमलीभाठा शामिल हुई। इस चैंपियनशिप में दिव्या ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ टीम ने क्वार्टर फाइनल मैच में महाराष्ट्र की टीम को हराया, सेमीफाइनल मैच छत्तीसगढ़ एवं कर्नाटका के मध्य खेला गया जिसमें छत्तीसगढ़ ने कर्नाटका को 67-62 अंकों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। महासमुंद की दिव्या ने बेहतर प्रदर्शन कर 27 अंक बनाकर टीम को फ़ाइनल में पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ बालिका टीम ने केरला टीम को 55-51 से हराया जिसमें महासमुंद की दिव्या रंगारी ने सबसे ज्यादा 22 अंक बनाकर टीम को विजेता बनाया। पूरे चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मोस्ट वॉल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड मिला जिसमें दिव्या को अतिथियों द्वारा 50,000 का चेक प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ की बालिका टीम में अंजली कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान (सभी सर्वज्ञ राव बास्केटबाॅल एकेड़मी राजनांदगांव) नताशा प्रजापति (साई ट्रेनिंग सेंटर राजनांदगांव) दिव्या रंगारी (महासमुंद), पारूल वर्मा और नित्या पांडे ( रायपुर), कलश झा एवं सारा सिंह (भिलाई). टीम के कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेन्द्र साहू (एस ई सी आर), मेनेजर अनिता तिर्की (सरगुजा जिला) हैं। महासमुंद की दिव्या ने विगत वर्ष राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप जनवरी 2026 स्कूल नेशनल राजनांदगांव 17 वर्ष बालिका वर्ग में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल किया था, एशिया कप 2025 मलेशिया में दिव्या ने भारतीय टीम में शामिल होने के साथ ही स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल किया था। छत्तीसगढ़ बालिका टीम एवं महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी के बेहतर प्रदर्शन करने व स्वर्ण पदक जीतने पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष नुरेन चंद्राकर, चेयरमैन गौरव चंद्राकर, सचिव शुभम तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, पुरन साहू, बादल मक्कड़, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे, संतोष कुमार सोनी, किरण महाडीक, अभिषेक अंबिलकर, कुलेश्वर चंद्राकर, पिता विनोद रंगारी, माता सपना रंगारी, प्राचार्य मां गायत्री स्कूल महासमुंद विमला सागर, सुभाष मंडल, विवेक मंडल, निखिल चंद्राकर, विकास सोनी, आकाश सोनी, योजना रंगारी, तारणी साहू, सौम्या, श्रेया घोष, राइमा दास ने शुभकामनाएं दीं।

अग्रवाल नर्सिंग होम के दांतों के विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. अखिल द्विवेदी सरायपाली में प्रतिदिन उपलब्ध सुबह 10 से शाम 06 बजे तक

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दांतों के विशेषज्ञ डॉक्टर सरायपाली में प्रतिदिन उपलब्ध

सुबह 10 से शाम 06 बजे तक

डॉ. अखिल द्विवेदी MDS

ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी

उपलब्ध इलाज एवं सुविधाएँ…

• मुँह के छाले, मुँह में जलन होना

• मुँह में सफेद लाल पैचेस का दिखना

• मुँह का कम खुलना

• गुटखा, गुटखू एवं तम्बाकू से संबंधित समस्याओं का इलाज

• मुँह या जबड़े की हड्डी में दर्द

• मुँह का सरकना

• एडवांस एक्स-रे की मदद से हड्डियों एवं दांतों की बीमारी की जाँच

• मुँह के कैंसर की जाँच

• मुँह की बीमारियों का दवाइयों की सहायता से इलाज (नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट)

उपलब्ध सुविधाएँ:

3D Face CT Scan, डिजिटल एक्स-रे, OPG, डेंटल लेजर, डेंटल इम्प्लांट, फेशियल ट्रॉमा केयर

अग्रवाल डेंटल & पॉलीक्लिनिक

मेन रोड, IDBI बैंक के पास, सरायपाली

अपॉइंटमेंट:

📞 9165266994

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हर खबर पर नजर….शासकीय जमीन पर अर्जुन पेड़ों का अवैध भंडारण! रेस्ट हाउस के पीछे लकड़ियों का अंबार, वन विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल।आर एल कुलदीप की विषेश खबर:-

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हर खबर पर नजर….शासकीय जमीन पर अर्जुन पेड़ों का अवैध भंडारण!

रेस्ट हाउस के पीछे लकड़ियों का अंबार, वन विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल।आर एल कुलदीप की विषेश खबर

 

हसौद, जिला सक्ती

ग्राम पंचायत हसौद में शासकीय रेस्ट हाउस के पीछे भारी मात्रा में अर्जुन पेड़ों की लकड़ियों का अवैध भंडारण सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। खुलेआम पड़े लकड़ियों के विशाल ढेर यह संकेत दे रहे हैं कि लंबे समय से प्रतिबंधित वृक्षों की कटाई कर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले की जानकारी वन विभाग को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है यह खेल?

शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण

प्रतिबंधित अर्जुन वृक्षों की कटाई का आरोप

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

कार्रवाई के बजाय चुप्पी क्यों?

क्या लकड़ी माफियाओं को मिल रहा संरक्षण?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की वन संपदा को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद वन विभाग जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।

 

जनता पूछ रही है सवाल…

आखिर इतने बड़े पैमाने पर लकड़ी कहां से आई?

शासकीय जमीन पर भंडारण की अनुमति किसने दी?

क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत है?

वन विभाग कब करेगा कार्रवाई?

✍️ आर. एल. कुलदीप

📞 6267855263 / 9479083919

Rkbharatnews

हर खबर पर नजर

महासमुंद जिले में खाद का पर्याप्त भंडारण, किसानों को समय पर उपलब्ध कराई जा रही उर्वरक..

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राहुल भोई महासमुंद..

खरीफ सीजन को देखते हुए महासमुंद जिले में किसानों के लिए खाद एवं उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों एवं विक्रय केंद्रों में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर खेती कार्य के लिए आवश्यक उर्वरक मिल सके।

उपसंचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में यूरिया 16,409 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 8,881 मीट्रिक टन, पोटाश 2,207 मीट्रिक टन तथा डीएपी 6,476 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। वहीं अब तक किसानों को यूरिया 6,908 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 2,939 मीट्रिक टन, पोटाश 343 मीट्रिक टन तथा डीएपी 1,823 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि जिले में खाद की कमी नहीं है तथा आवश्यकतानुसार भंडारण किया गया है।किसानों की आवश्यकता के अनुसार निरंतर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी सहकारी समितियों एवं खाद विक्रेताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा एवं दर पर ही खाद उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य शासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ-साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो यूरिया के प्रयोग से कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे खेती की लागत कम होती है तथा मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही खाद का उठाव करें तथा अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें। डीएपी एवं यूरिया के अत्यधिक उपयोग न करते हुए जैविक खाद, सुपर फास्फेट, पोटाश एवं नैनो यूरिया का संतुलित उपयोग करें, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उत्पादन में वृद्धि हो सके।

विभाग द्वारा किसानों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें तथा पीओएस मशीन से रसीद अवश्य प्राप्त करें।

जिले में किसान खरीफ सीजन के लिए खाद का उठाव भी शुरू कर चुके हैं।

ग्राम मोंगरा के किसान रामलाल साहू ने आज झालखम्हरिया सोसायटी से खाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें नियमानुसार समय पर खाद उपलब्ध हो गया और किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। किसान अब खेती की तैयारियों में जुट गए हैं तथा समय पर खाद मिलने से वे संतुष्ट है।

*400 ग्रामीणों को मिला वनाधिकार पत्र, चेहरे पर दिखी खुशियों की चमक*दीपक मरकाम की खबर 

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*400 ग्रामीणों को मिला वनाधिकार पत्र, चेहरे पर दिखी खुशियों की चमक*दीपक मरकाम की खबर

 

*धर्माराम के सुशासन शिविर में शासन की योजनाओं से लाभान्वित हुए सैकड़ों हितग्राही*

 

बीजापुर, 29 मई 2026

विकासखंड उसूर के ग्राम पंचायत धर्माराम में आयोजित सुशासन त्योहार अंतर्गत समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का बड़ा मंच बनकर सामने आया। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया, जिसमें सबसे विशेष आकर्षण 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्रों का वितरण रहा। वनाधिकार पत्र प्राप्त करते ही हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

 

शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री पूर्णिमा तेलंम, क्षेत्र के जनपद सदस्य, सरपंचगण एवं एसडीएम श्री भूपेन्द्र गावरे सीईओ जनपद पंचायत श्री प्रभाकर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आसपास की 10 ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

 

जनसमस्या निवारण शिविर में 19 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया।

 

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों के करकमलों से विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। कृषि विभाग द्वारा 8 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं 7 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए।

 

समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग हितग्राहियों को 1 श्रवण यंत्र, 1 कान मशीन, 4 वॉकिंग स्टिक तथा 1 बैसाखी वितरित की गई। वहीं एसबीआई आरसेटी (RSETI) द्वारा 10 युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

 

शिविर का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्र वितरित किए गए। वनाधिकार पत्र मिलने से ग्रामीणों में अपने अधिकारों के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित अधिकार मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

 

शिविर में कुल 289 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी आवेदनों के समयबद्ध निराकरण का आश्वासन दिया।

 

ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन त्योहार के माध्यम से प्रशासन गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है और शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

*बीजापुर में अमित शाह का पुतला दहन, आदिवासी बनाम वनवासी विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन “वनवासी शब्द” थोपकर आरक्षण खत्म करने की साजिश” – सालिक नागवंशी* दीपक मरकाम की खबर 

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*बीजापुर में अमित शाह का पुतला दहन, आदिवासी बनाम वनवासी विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन “वनवासी शब्द” थोपकर आरक्षण खत्म करने की साजिश” – सालिक नागवंशी* दीपक मरकाम की खबर

 

बीजापुर दिनांक- 29  मई 2026

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला मुख्यालय बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आदिवासियों को “वनवासी” संबोधित किया, जो आदिवासी समुदाय की पहचान और सम्मान के विरुद्ध है। नेताओं ने कहा कि आदिवासी समुदाय हजारों वर्षों से अपनी समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और पहचान के साथ देश में रह रहा है। उन्हें “वनवासी” कहना उचित नहीं है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से इस बयान पर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की।

आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सालिक नागवंशी ने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस जानबूझकर “आदिवासी” शब्द को हटाकर “वनवासी” शब्द थोपने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य आदिवासियों की ऐतिहासिक पहचान को मिटाना और आरक्षण व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करना है।”

इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, वल्वा मदनैया, सुनील उद्दे, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मनोज यालम, अशोक मड़े, बीजापुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष पुरुषोत्तम खत्री, इदरीस ख़ान, राजीव सिंह, संजना चौहान, अरूण वासन, बलराम कोरसा, वीरेंद्र ठाकुर, जगदेव यादव, बबीता झाड़ी, ललिता झाड़ी, संगीता नाग, जगदीश सेन, माधुरी, पुष्पा गोस्वामी, पूनम भगत, राकेश पवार, वाशु सिन्हा और नामपल्ली ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

*विधायक सावित्री मनोज मंडावी की कार्यशैली से प्रभावित 25 लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन*दीपक मरकाम की खबर 

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*विधायक सावित्री मनोज मंडावी की कार्यशैली से प्रभावित 25 लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन*दीपक मरकाम की खबर

 

*कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान, दुर्गूकोंदल में 25 नए कार्यकर्ताओं का पार्टी प्रवेश*

 

*कांग्रेस संगठन की ताकत हैं ‘बब्बर शेर’ कार्यकर्ता : सावित्री मनोज मंडावी*

 

दुर्गूकोंदल, 29 मई 2026

ब्लाक कांग्रेस कमेटी दुर्गूकोंदल द्वारा आयोजित सम्मान एवं कांग्रेस प्रवेश समारोह में संगठन के नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस की रीति-नीति तथा भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी की जनहितैषी कार्यशैली से प्रभावित होकर 25 लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। विधायक सहित वरिष्ठ नेताओं ने सभी नवप्रवेशी सदस्यों को कांग्रेस का गमछा पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास त्याग, बलिदान और जनसेवा की गौरवशाली परंपरा से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब भी वह कार्यकर्ताओं के बीच आती हैं तो उन्हें उन महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण होता है जिन्होंने अपने खून-पसीने से इस संगठन को मजबूत बनाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास की विचारधारा का प्रतीक है। पार्टी की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी गांव-गांव और गली-गली जाकर कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। विधायक ने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए उन्हें कांग्रेस के “बब्बर शेर” की संज्ञा दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी तथा सामाजिक विभाजन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे जनता के बीच जाकर सच्चाई और जनहित के मुद्दों को मजबूती से रखें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सभी धर्मों, जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है और देश की एकता एवं अखंडता को सर्वोपरि मानती है।

कार्यक्रम में कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष बसंत यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धनेश नरेटी, जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपी बढ़ाई, पूर्व जिलाध्यक्ष युवक कांग्रेस अमन मंडावी, कार्यकारी जिलाध्यक्ष युवक कांग्रेस महेन्द्र नायक, विधायक प्रतिनिधि हुमन मरकाम, श्रीराम बघेल, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष शोपसिंग आंचला, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर अध्यक्ष सुनाराम तेता, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद प्रजापति, जनपद सदस्य सविता उइके, सरपंच बसंती भालेश्वर, उमेश्वरी मंडावी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस दौरान कांग्रेस में शामिल होने वालों में महेश चक्रधारी, विनय जुर्री, युवराज, चलेश्वर चक्रधारी, युवराज दर्रो, प्रमोद दुग्गा, आदित्य जुर्री, लिखेश यादव, अभय दुग्गा, निकेश नरेटी, रूस्तम कोमरा, चुम्मन नेताम, अर्जुन नेताम, मानसिंह शोरी, देवकुमार नेताम, हरि नेताम, नीरज यादव, भागीरथ रजक, समीर नरेटी, कुशल नेताम, सियाराम टेकाम, नरेश शोरी, चैन कोमरा एवं दयालु कोर्राम प्रमुख रूप से शामिल रहे।

समारोह के अंत में नवप्रवेशी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और कांग्रेस नेताओं ने इसे संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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डॉ. अमित अग्रवाल

शिशु रोग विशेषज्ञ