Home Blog Page 4

*पीलूर में स्व. भूपेन्द्र मडे को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

0

*पीलूर में स्व. भूपेन्द्र मडे को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र के अति संवेदनशील ग्राम पीलूर में स्वर्गीय श्री भूपेन्द्र मडे (प्राचार्य) के क्रियाकर्म कार्यक्रम का आयोजन भावपूर्ण माहौल में किया गया। इस दौरान समाज प्रमुख, ग्राम पंचायत, जनपद एवं जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित जनों ने स्व. मडे जी की मृतात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया। वक्ताओं ने उनके जीवन एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि स्व. मडे जी एक कर्मठ, सरल एवं समाजसेवी व्यक्तित्व के धनी थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया तथा भगवान से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें और परिवार को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति दें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल होकर स्व. भूपेन्द्र मडे जी को भावभीनी विदाई दी।

*नेशनल पार्क क्षेत्र में आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष का दौरा, लंबड देवी की पूजा कर मांगी खुशहाली*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

0

*नेशनल पार्क क्षेत्र में आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष का दौरा, लंबड देवी की पूजा कर मांगी खुशहाली*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर: रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी ने नेशनल पार्क क्षेत्र के दौरे के दौरान क्षेत्र की आराध्य देवी लंबड देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

दौरे के दौरान तलांडी ने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं और आस्था के माध्यम से प्रकृति एवं देवस्थलों से जुड़ा हुआ है, और ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

उन्होंने आगे कहा कि नेशनल पार्क क्षेत्र के विकास के साथ-साथ यहां की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान उनके साथ समाज के अन्य पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

*खनिज से लेकर पर्यटन तक—आदिवासी हक पर कब्जा नहीं चलेगा: ठेकेदारी हटाओ, रूढ़ि जन्य परंपरागत ग्राम सभा/ग्राम पंचायत को सौंपो अधिकार –अशोक तलांडी , *,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

0

*खनिज से लेकर पर्यटन तक—आदिवासी हक पर कब्जा नहीं चलेगा: ठेकेदारी हटाओ, रूढ़ि जन्य परंपरागत ग्राम सभा/ग्राम पंचायत को सौंपो अधिकार  –अशोक तलांडी , *,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*

बीजापुर दिनांक, 12/04/2026

बीजापुर जिले से अशोक कुमार तलांडी रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि हाल ही प्राकृतिक संसाधनों को लेकर पक्ष विपक्ष के द्वारा तु तु मैं मैं हो रहे हैं तलांडी ने कहा कि यह गौण खनिज के संदर्भ में भारतीय संविधान के आर्टिकल 13 (3) क 244 के तहत सभी बातों का समावेश है कि अनूसूचित क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का किसी भी सूरत में व्यक्तिगत ठेकेदार को लीज में नहीं देना चाहिए यदि सरकारें ग्रामीण विकास की परिकल्पना चाहती है तो आदिवासी बहुल इलाकों में जितने भी प्राकृतिक संसाधन है कभी भी लीज या व्यक्तिगत ठेकेदार को देना अनूचित है।एक ओर सरकारें कहती है कि ग्रामीणों का विकास फिर हमारे अमूल्य संसाधनों को सरकारें ठेकेदारों को देना सरा सर गलत है।

तलांडी ने आगे कहा कि जिले में जितने भी पर्यटन स्थल व पेन गुड़िया,पेन करसाड आयोजन होता ऐसे धार्मिक स्थलों के भूमि का पट्टा,चार दीवारी, आवागमन सुलभ हेतु सड़क, बिजली, रोशनी के लिए हाई मास्क का निर्माण किया जाए तथा विगत लंबे अरसे से विभिन्न विभागों में पदस्थ स्वीपर, रसोईया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका, मितानिन, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पुलिस विभाग के प्राकृतिक आपदा बाढ, आगजनी जैसे को नियंत्रित करने वाले नगर सैनिकों को भी नियमित करते हुए समान कार्य समान वेतन दिया जाए।तलांडी यह कहा कि वर्ष 2003 में अनूसूचित क्षेत्रों के मूल निवासियों को शिक्षा ग्रहण करने के उद्देश्य से जिस भी गांव के नाम से स्कूल, आश्रम,पोटा केबिन स्वीकृत है कुछ अराजकता के कारण उन स्कूलों आश्रम, छात्रावासों ,पोटा केबिन आवासीय संस्थानों को विस्थापित कर कर अन्यत्र स्थानों पर वर्तमान में संचालित कर रहे हैं।

रुढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज बीजापुर का मांग है। जितने भी स्कूल, आश्रम, छात्रावास, आवासीय पोटा केबिनों को पूर्व में स्वीकृत यथा स्थान में संचालित किए जाने से उस गांव व वहां के बच्चों का रौनक बढ़ेगी अच्छा प्रतिसाद मिलेगा और इस वर्ष छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर महाराष्ट्र सीमा के प्रचलित गांव मट्टीमरका में शासन प्रशासन द्वारा रीवर एडवेंचर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों का दिल जीत लिया हमारे जिले में प्राकृतिक संसाधनों पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है ।

तलांडी  ने कहा कि  ऐसे पुनीत कार्यक्रमों में शासन प्रशासन द्वारा राशि इन्वेस्ट किया जाता है सार्वजनिक हो और मट्टीमरका जीतम गंडी के नाम से विख्यात है कि एक कहावत को चरितार्थ करता है कि इंटरनेशनल लांघ जंपर लंबी कूद के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वह जीतम गंडी को लंबी कूद के माध्यम से पार कर सकता है तो स्वाभाविक है जीतम गंडी का उच्च स्तरीय तकनीकी प्राक्कलन अनुसार निर्माण किया जाकर विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाया जाए और छ ग के अंतिम छोर मट्टीमरका महाराष्ट्र के अंतिम छोर बीराड घाट में इंद्रावती नदी में पुलिया निर्माण किये जाने से ब्रिटिश शासन काल के राजधानी नागपुर की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम पड़ेगी और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश उड़ीसा, और आस पास के राज्य के राहगीरों को आवाज की सुविधा आसानी से उपलब्ध होगी ।

तलांडी ने कहा कि किसी भी सूरत में गौण खनिज को ठेकेदारों को नहीं दे रूढ़ि जन्य परंपरागत ग्राम सभा या ग्राम पंचायत को हैण्ड ओवर करें ताकि ग्रामीण विकास की परिकल्पना परिभाषित हो रुढ़ि जन्य परंपरागत ग्राम सभा व ग्राम पंचायत का आय श्रोत में वृद्धि के साथ मूल भूत आवश्यकताएं पूरा हो सके ।

तलांडी यह भी कहा कि आदिवासी बहुल बीजापुर जिले के अंतर्गत तहसील गंगालूर मुख्यालय में विभिन्न पंचायतों के आम नागरिकों को नियद नेल्ला नार के योजना के तहत् पेट्रोल पंप का स्थापना किया जाकर वहां के लोगों को डीजल पेट्रोल भी उपलब्ध कराये ताकि वहां के लोगों को 25 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय बीजापुर नहीं आना पड़े यानी मावा नाटे मावा राज जहां के लोगों को वहीं सुविधा मिले

*नक्सल मुक्त बस्तर में स्थानीय व्यापार बढ़ाने मिलजुल कर काम करने पर जोर*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर , भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

0

*नक्सल मुक्त बस्तर में स्थानीय व्यापार बढ़ाने मिलजुल कर काम करने पर जोर*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर , भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*

भोपालपटनम।

बस्तर के अंतिम छोर भोपालपटनम में बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद व्यापार और उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। स्थानीय व्यापारी संघ ने अतिथियों का स्वागत कर व्यापारियों से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय विकास पर सुझाव दिए।

चेंबर अध्यक्ष श्याम सोनी ने कहा कि बस्तर अब नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुका है, जिससे व्यापार और उद्योग के नए अवसर तेजी से खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इस बदलते माहौल में व्यापारियों को एकजुट होकर संगठित शक्ति के रूप में कार्य करना होगा। आपसी सहयोग, पारदर्शिता और संगठन की मजबूती से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने व्यापारियों से नए सदस्य जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

बैठक में जीएसटी से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल तनेजा ने कहा कि जीएसटी नियमों की जटिलताओं के कारण छोटे और मध्यम व्यापारी परेशान हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए बीजापुर जिले में विशेष कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा की गई, जिसमें जीएसटी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को नियमों की जानकारी दी जाएगी और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा।

बैठक में उपाध्यक्ष राजकुमार टंडनानी, अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद खान, बीजापुर से चेंबर नेता राकेश शर्मा, भोपालपटनम व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रेम कुमार, तेज नारायण सिंह, जी. मुरली, अनिल जैनम, राम गुप्ता, मुरली चांडक, पी. श्रीनिवास, पी. राजेश, मिनाज अहमद, राजीव सिंह, पी. टंडोवार, महेंद्र देवांगन, चितापुर प्रवीण, पी. सचिन, पी. वेंकटेश सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

*निवेश, परिवहन, भंडारण की बढ़ेगी संभावनाएं*

बैठक में व्यापारियों की एकता और आपसी सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। चेंबर पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों की सामूहिक शक्ति से क्षेत्र में निवेश, परिवहन और भंडारण जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा और नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई।

*मां भद्रकाली दर्शन कर समृद्धि की कामना*

बैठक के बाद चेंबर अध्यक्ष ने मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। उन्होंने व्यापारियों से संगठन के साथ जुड़कर क्षेत्र के आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

भोपालपटनम शिव मंदिर में 108 बार हनुमान चालीसा पाठ, भक्तिमय हुआ माहौल,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

0

भोपालपटनम शिव मंदिर में 108 बार हनुमान चालीसा पाठ, भक्तिमय हुआ माहौल,,,,,,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

भोपालपटनम,,,,,,,,,

बीजापुर जिले के भोपालपटनम नगर स्थित शिव मंदिर में शनिवार को सुबह 8 बजे से हनुमान चालीसा के 108 पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में नगर सहित पूरे ब्लॉक के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद सामूहिक रूप से 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और महिला एवं पुरुषों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
बताया गया कि इस आयोजन की तैयारी पिछले कई दिनों से समिति के सदस्यों द्वारा की जा रही थी। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था और कार्यक्रम दोपहर करीब 4 बजे संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मारुति मानस रामायण मंडली का विशेष सहयोग सराहनीय रहा। इसके अलावा शिव मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया। वहीं गोल्लागुड़ा और मड्डेड क्षेत्र से पहुंचे हनुमान भक्तों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।
आयोजन के अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें पूजा के पश्चात सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
स्थानीय लोगों ने इस तरह के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों से सामाजिक एकता और आपसी मेलजोल बढ़ता है। महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी भी इस आयोजन की विशेषता रही, जहां महिलाएं सुबह से लेकर कार्यक्रम समाप्ति तक बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

न्याय की उम्मीद ,आंसुओं से मुस्कान तक का सफर पीड़ित परिवार ने बयां किया अपनो से बिछड़ने का दर्द।

0

न्याय की उम्मीद ,आंसुओं से मुस्कान तक का सफर पीड़ित परिवार ने बयां किया अपनो से बिछड़ने का दर्द।

 

सक्ती:-

छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर स्व. रामनारायण बघेल सक्ती जिले के जैजैपुर तहसील थाना बिर्रा ग्राम करही के निवासी थे जो रोजी रोटी कमाने गया हुआ था जिसकी हत्या केरल प्रदेश के वालेयर थाना क्षेत्र अट्टापलम में बांग्लादेशी समझ के वहां के लोगों द्वारा मॉब ब्लीचिंग कर हत्या कर दिए थे जिसकी सूचना केरल पुलिस ने परिजन व परिवार के चचेरे भाई शशिकांत बघेल को दिया जो वर्तमान में वही काम करता था उनको सूचना मिलने के दौरान त्रिसूर मेडिकल कॉलेज मे पोस्टमार्टम और शव को शिनाख्त किया गया उसी दौरान एक सोशल मीडिया में एक वीडियो मिला जिसमें मृतक रामनारायण बघेल को बांग्लादेशी बोलकर पीटा जा रहा है इस वीडियो के आधार पर गहराई से पूछताछ करने पर पता चला कि भीड़ के द्वारा अधिक मार के कारण रामनारायण की मृत्यु हुआ है उसके बाद पीड़ित की पत्नी ललिता बघेल और उसके दोनों बच्चे केरल पहुंचे जहां मृतक के भाई शशिकांत बघेल और केरल के साथी अब्दुल जब्बार के द्वारा एक्शन काउंसिल कमेटी केरल और अन्य संगठन के माध्यम से केरल सरकार से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजा और आरोपियों के ऊपर उचित कार्यवाही करने की मांग किया गया था जिसको केरल सरकार ने पूरा करने के आश्वाशन दिया और एक महीने के भीतर मुआवजा राशि को पीड़ित परिवार के वारिसान के खातों में ट्रांसफर कर अपनी संवेदनशीलता की परिचय दिया इस दुख के घड़ी में केरल सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने पीड़ित परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त किए

इस पूरी घटना क्रम में शशिकांत बघेल व एक्शन काउंसिल कमेटी त्रिसूर , वहां के पत्रकारों, केरल सरकार और केरल के आमजनता का सराहनीय योगदान रहा। इस दुख की घड़ी में छत्तीसगढ़ में भी प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकारों,ग्राम करही और परिवार के लोग इस कठिन समय पर पीड़िता के साथ खड़े रहे, और आगे भी इस संघर्ष में साथ है।

 

वर्जन- अभी तक छत्तीसगढ़ सरकार के द्वार घोषित मुआवजा राशि पांच लाख रुपए नहीं मिला है 4 महीने होने को है मै सरकार से निवेदन करता हु कि अपना किए घोषणा के अनुसर पीड़ित परिवार के खाते में मुआवजा राशि ट्रांसफर कर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दे

 

*शशिकांत बघेल*

वर्जन – दुख की घड़ी में मेरे परिवार ग्रामवासी, छत्तीसगढ़ सरकार, एक्शन काउंसिल कमेटी केरल, केरल सरकार, केरल वासी सहित सभी पत्रकारों का मै आभारी हु जो हमें न्याय दिलाने में अपना योगदान दिए।

*ललिता बघेल स्व. राम नारायण बघेल की पत्नी*

नक्सल मुक्त बस्तर में व्यापार-उद्योग के नए अवसर, भोपालपटनम में चेंबर पदाधिकारियों की बैठक।,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

0

नक्सल मुक्त बस्तर में व्यापार-उद्योग के नए अवसर, भोपालपटनम में चेंबर पदाधिकारियों की बैठक।,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

व्यापारियों की एकता, सदस्यता अभियान और जीएसटी समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा।

भोपालपटनम। बस्तर के अंतिम छोर भोपालपटनम में बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में नक्सल मुक्त होने के बाद व्यापार और उद्योग की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में चेंबर के अध्यक्ष श्याम सोमानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल बोथरा, उपाध्यक्ष राजकुमार दडवानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्थानीय व्यापारी संघ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए व्यापारियों से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय विकास पर सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक को संबोधित करते हुए चेंबर अध्यक्ष श्याम सोमानी ने कहा कि बस्तर अब नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुका है, जिससे व्यापार और उद्योग के नए अवसर तेजी से खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इस बदलते माहौल में व्यापारियों को एकजुट होकर संगठित शक्ति के रूप में कार्य करना होगा। आपसी सहयोग, पारदर्शिता और संगठन की मजबूती से ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने व्यापारियों से नए सदस्य जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए सदस्यता अभियान चलाने का भी संकल्प दिलाया।
इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल बोथरा ने कहा कि जीएसटी नियमों की जटिलताओं के कारण छोटे और मध्यम व्यापारी परेशान हैं। इस समस्या के समाधान के लिए बीजापुर जिले में विशेष कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा की गई, जिसमें जीएसटी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को जीएसटी नियमों की जानकारी दी जाएगी और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को नियमों की सही जानकारी मिलने से अनावश्यक परेशानियां कम होंगी।
बैठक में व्यापारियों की एकता और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। चेंबर पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों की सामूहिक शक्ति से क्षेत्र में निवेश, परिवहन, भंडारण और नए उद्योगों की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक के बाद चेंबर अध्यक्ष ने मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। उन्होंने व्यापारियों से संगठन के साथ जुड़कर क्षेत्र के आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
इस अवसर पर बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष मोहम्मद इरशाद खान, बीजापुर से चेंबर मंत्री नरेश राठी, भोपालपटनम व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रेम कुमार, तेज नारायण सिंह,जी. मुरली, अनिल जनम, रामू गुप्ता, मुरली चांडक, पी. श्रीनिवास, पी. राजेश, मिनाज अहमद, संजय सिंह, पी. नंदूकुमार, मद्देड से चित्तापुरी पुरुषोत्तम, हेमंत तिवारी, चित्तापुरी प्रवीण, पी. सचिन, पी. वेंकटेश सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

*बस्तर के विस्थापितों की घर वापसी से लेकर स्थानीय भर्ती तक, सर्व आदिवासी समाज ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,

0

*बस्तर के विस्थापितों की घर वापसी से लेकर स्थानीय भर्ती तक, सर्व आदिवासी समाज ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,

*गोट्टी कोया पुनर्वास, DMFT संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, स्थानीय भर्ती, जेलों में बंद आदिवासियों की समीक्षा सहित कई मांगें उठाईं गई*

बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,,,,सर्व आदिवासी समाज ने विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से शुक्रवार 10 अप्रैल को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में सलवा जुडूम के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विस्थापित हुए आदिवासी परिवारों की ससम्मान घर वापसी, स्वास्थ्य विभाग में डीएमएफटी के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, बस्तर-सरगुजा में स्थानीय भर्ती व्यवस्था बहाल करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गई हैं।

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि दक्षिण बस्तर के हजारों आदिवासी परिवार सलवा जुडूम और आंतरिक संघर्ष के दौरान अपना घर छोड़कर आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बस गए थे। वर्तमान में ये परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं और अपने पैतृक गांव लौटना चाहते हैं। सर्व आदिवासी समाज ने इन परिवारों का सर्वे कर सुरक्षित घर वापसी, पुनर्वास, भूमि आवंटन तथा वन अधिकार पत्र प्रदान करने की मांग की है।
संगठन ने स्वास्थ्य विभाग में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) मद से कार्यरत संविदा कर्मियों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि बस्तर जैसे दुर्गम क्षेत्र में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन सहित कई कर्मचारी वर्षों से कम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं, जो “समान कार्य-समान वेतन” के सिद्धांत के विपरीत है। सर्व आदिवासी समाज ने संविदा भर्ती समाप्त कर नियमित नियुक्ति करने तथा वर्तमान कर्मियों का अनुभव के आधार पर नियमितीकरण करने की मांग की है।
इसके साथ ही बस्तर एवं सरगुजा संभाग में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के पदों पर स्थानीय निवासियों की शत-प्रतिशत भर्ती व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग भी की गई। ज्ञापन में कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय भाषा, संस्कृति और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
संगठन ने “नक्सलवाद मुक्त बस्तर” की घोषणा के बाद जेलों में बंद विचाराधीन आदिवासियों के मामलों की विधिक समीक्षा कर निर्दोषों की रिहाई हेतु विशेष नीति बनाने की मांग भी रखी। इसके लिए उच्चस्तरीय “बस्तर शांति समीक्षा समिति” गठन, विधिक सहायता और पुनर्स्थापन योजना लागू करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा बस्तर में चार दशकों से रहे नक्सलवाद के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक कारणों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन ने कहा कि स्थाई शांति के लिए समस्या की जड़ों का वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है।
सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
ज्ञापन तहसीलदार बीजापुर पंचराम सलामे को सौंपा गया। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी, शंकर कुड़ियाम, कमलेश पैंकरा, सुशील हेमला, अमित कोरसा, कामेश्वर दुब्बा, मासा राम तेलाम, कार्तिक मांडवी, जितेंद्र हेमला, मानकुराम मरकाम, सुरेश कड़ती, हरिराम, मनीराम, लच्छिंदर हेमला, लक्ष्मण कड़ती, सतीश मांडवी, बचलू वाचम, पाकलु तेलम सहित बड़ी संख्या में समाज प्रमुख मौजूद थे।

*जगदलपुर में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत, आम जनता परेशान, सतीश वानखेड़े *,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* जगदलपुर से दीपक मरकाम की खबर*

0

*जगदलपुर में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत, आम जनता परेशान, सतीश वानखेड़े *,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* जगदलपुर से दीपक मरकाम की खबर*

जगदलपुर में पिछले कई दिनों से रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों को रात से ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर यह लाइन लगभग 1 किलोमीटर तक लंबी देखी गई है, जो अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को दर्शाती है।

एक ओर सरकार यह दावा कर रही है कि क्षेत्र में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। आम नागरिकों को घंटों नहीं बल्कि पूरी रात लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

यह स्थिति न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है। जब लोग सिलेंडर के लिए इतनी लंबी कतारों में समय बिताएंगे, तो वे अपने काम-धंधे और आजीविका पर कैसे ध्यान दे पाएंगे?

अखिल भारतीय परिसंघ इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए संबंधित प्रशासन और सरकार से निम्नलिखित मांग करता है:

*गैस सिलेंडर की आपूर्ति तत्काल सुचारु की जाए*

*वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए*

*आम जनता को हो रही परेशानी का त्वरित समाधान किया जाए*

यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो अखिल भारतीय परिसंघ जनहित में आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

 

शिवसेना के द्वारा पूरे देशभर में भगवान श्री रामचंद्र जी का जन्मोत्सव रामनवमी बड़े हर्षोल्लाह से मनाया गया, उसी कडी में आज पुरा कांकेर जिले…..।

0

शिवसेना के द्वारा पूरे देशभर में भगवान श्री रामचंद्र जी का जन्मोत्सव रामनवमी बड़े हर्षोल्लाह से मनाया गया, उसी कडी में आज पुरा कांकेर जिले…..।

 

 

कांकेर:-

शिवसेना द्वारा पूरे देशभर में भगवान श्री रामचंद्र जी का जन्मोत्सव रामनवमी बड़े हर्षोल्लाह से मनाया गया।कांकेर शहर में शिवसेना द्वारा भव्य और दिव्य रूप से भगवान श्री रामचंद्र जी के जन्मोत्सव रामनवमी के उपलक्ष में विशाल शोभायात्रा निकालकर भगवान श्री रामचंद्र जी का जन्मोत्सव मनाया गया।इस अवसर पर नगर वासियों द्वारा जगह-जगह शोभा यात्रा का स्वागत किया गया एवं भव्य रूप से आतिशबाजी कर शिव सैनिकों ने शोभायात्रा निकाला। इस अवसर पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने गाजा बाजा के साथ भगवान श्री रामचंद्र जी का रथ लेकर पूरे नगर का भ्रमण किया और जनता को भगवान श्री रामचंद्र जी का आशीर्वाद दिलाया गया ।जिससे नगर में, क्षेत्र में, देश में सुख, शांति और सौहार्द बना रहे। इस अवसर पर शिवसैनिकों ने संकल्प लिया कि जिस तरह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी ने घोर कष्ट में रहते हुए भी अपनी मर्यादाओं को बनाए रखा और अन्याय ,अत्याचार ,शोषण , दमन और भ्रष्टाचार रूपी रावण का सर्वनाश किया । और देश में रामराज स्थापित किया। इसी तरह शिवसैनिक भी क्षेत्र में चल रहे हैं अन्याय ,अत्याचार, दमन ,शोषण और भ्रष्टाचार को दूर कर भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी का राज देश पर स्थापित करेंगे।*