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 * नक्सल मुक्त पिनकोंडा में विकास की नई पहल, महिलाओं से आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर हुई सीधी चर्चा ,,,,,,,,,,,,,दीपक मरकाम की खबर*

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* नक्सल मुक्त पिनकोंडा में विकास की नई पहल, महिलाओं से आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर हुई सीधी चर्चा ,,,,,,,,,,,,,दीपक मरकाम की खबर*

 

*NID दिल्ली की टीम ने ग्रामीणों से जाना गांव की जरूरतों का हाल, स्वरोजगार बढ़ाने पर दिया जोर*

 

दक्षिण बस्तर सम्भाग,

बीजापुर जिला दिनांक 30 2026,

 

बीजापुर जिले के नक्सल प्रभाव से बाहर निकल रहे गांवों में विकास और आजीविका गतिविधियों को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को ग्राम पंचायत पिनकोंडा स्थित सीआरपीएफ कैंप में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें एन आई डी दिल्ली से पहुंचे अधिकारियों ने महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

बैठक में गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वरोजगार गतिविधियों को मजबूत करने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में कलेक्टर विश्वदीप, जनपद पंचायत सीईओ अभिषेक तंबोली तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक रोहित शोरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि नक्सल मुक्त होने के बाद गांवों में किस प्रकार आजीविका के नए साधन विकसित किए जा सकते हैं।

महिलाओं और ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित कार्य, हस्तशिल्प, लघु उद्योग और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है।

इसके लिए महिला समूहों को प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में गांव की मूलभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि गांवों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि नक्सल मुक्त गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही।

NID दिल्ली के विशेषज्ञों ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया।”

 

महिलाओं ने रखीं रोजगार और सुविधाओं से जुड़ी मांगें

पिनकोंडा में आयोजित बैठक के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने, हस्तशिल्प और कृषि आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देने की मांग रखी।

ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत भी अधिकारियों के सामने रखी ,अधिकारियों ने सभी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।

 

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