Homeछत्तीसगढ़*बीजापुर जिले में शारदीय नवरात्रि की पंचमी पर गूंजे जयकारे: मां स्कंदमाता...

*बीजापुर जिले में शारदीय नवरात्रि की पंचमी पर गूंजे जयकारे: मां स्कंदमाता की आराधना के साथ जगह-जगह भव्य दीप यज्ञ संपन्न*  *नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम *

*बीजापुर जिले में शारदीय नवरात्रि की पंचमी पर गूंजे जयकारे: मां स्कंदमाता की आराधना के साथ जगह-जगह भव्य दीप यज्ञ संपन्न*  *नवरात्रि विशेष रिपोर्ट दीपक मरकाम *

बीजापुर 15 अक्टूबर 2026

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के पांचवें दिन, जो कि जगत जननी के मातृ स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित है, जिले के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसी क्रम में पंचमी तिथि के पावन अवसर पर जगह-जगह भव्य दीप यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मां स्कंदमाता और पंचमी तिथि पर ‘दीप यज्ञ’ का विशेष महत्व,

धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की पूजा और दीप यज्ञ का अत्यंत खास महत्व है:

* सूर्य मंडल की अधिष्ठात्री का स्वरूप: मां स्कंदमाता सूर्य मंडल की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं, जिनका तेज सूर्य के समान दैदीप्यमान है। अग्नि और प्रकाश (दीपक) को सूर्य का ही लघु रूप माना गया है, इसलिए इस दिन दीप यज्ञ करने से सीधे तौर पर मां की दिव्य ऊर्जा और सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

* अज्ञान अंधकार का नाश: मां स्कंदमाता अपने भक्तों को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती हैं। दीप यज्ञ के माध्यम से प्रज्वलित होने वाली हजारों ज्योतियां साधक के भीतर की नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता और चेतना का संचार करती हैं।

* कार्तिकेय की शक्ति का प्रतीक: मां स्कंदमाता की गोद में उनके बाल रूप में विराजमान भगवान कार्तिकेय (स्कंद) वीरता, तेज और पराक्रम के प्रतीक हैं। जीवन के हर क्षेत्र में विजय और आरोग्यता पाने के लिए पंचमी तिथि पर अग्नि की आहुति व दीप यज्ञ का विधान है।

वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ दीप यज्ञ,

बीजापुर जिले के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में पंचमी के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों और अनुष्ठान स्थलों पर कुशल पुरोहितों के मार्गदर्शन में पूरी पवित्रता और वैदिक विधि-विधान के साथ दीप यज्ञ का शुभारंभ किया गया।

* संकल्प और शुद्धिकरण: पुरोहितों द्वारा वेदमंत्रों के उच्चारण के बीच यजमानों और श्रद्धालुओं ने हाथ में जल व अक्षत लेकर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्यता के लिए दीप यज्ञ का संकल्प लिया।

* मुख्य दीप और दीप श्रृंखला प्रज्वलन: सबसे पहले मां स्कंदमाता के समक्ष मुख्य अखंड दीप प्रज्वलित किया गया। इसके बाद मंदिर परिसरों में कतारबद्ध तरीके से 11, 21 और 51 दीपों को सजाकर पुरोहितों की उपस्थिति में एक-एक कर प्रज्वलित किया गया, जिससे पूरा परिसर दीपों की जगमगाहट से जगमगा उठा।

* मंत्र जाप व आरती: दीप यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता के मूल मंत्र ‘ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः’ का सामूहिक जाप किया। अंत में विधि-विधान से मां की भव्य आरती कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई और भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया।

इस पावन और भव्य आयोजन से पूरा बीजापुर जिला मां दुर्गा के जयकारों और दीपों के दिव्य प्रकाश से गूंज उठा। मां स्कंदमाता की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और यश का संचार हो।

आपकी राय

[poll id="2"]

- Advertisment -spot_img

राशिफल

आज का मौसम

क्रिकेट लाइव स्कोर

Most Popular

RELATED ARTICLES