आयु सीमा में विशेष छूट, वर्ष 2023 में वंचित पात्र कार्यकर्ताओं को नियुक्ति और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर नई भर्ती की मांग

भोपालपटनम। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं विगत कई वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल विकास सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रस्तावित/रिक्त 218 पर्यवेक्षक पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति दिए जाने की प्रमुख मांग रखी है। उनका कहना है कि वर्षों से विभाग में कार्यरत कार्यकर्ताओं के पास विभागीय योजनाओं और मैदानी कार्यों का व्यापक अनुभव है, इसलिए पर्यवेक्षक पदों पर पदोन्नति में उनके अनुभव एवं सेवाकाल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ये हैं प्रमुख मांगें
1. पर्यवेक्षक के सभी 218 पदों पर शीघ्र पदपूर्ति की जाए।
विभाग में प्रस्तावित/रिक्त सभी 218 पर्यवेक्षक पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विभागीय योजनाओं की निगरानी एवं संचालन सुचारू रूप से हो सके।
2. सभी 218 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति दी जाए।
वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके अनुभव एवं सेवाकाल के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर शत-प्रतिशत पदोन्नति का अवसर दिया जाए।
3. आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए।
लंबे समय से विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पर्यवेक्षक पद की भर्ती/पदोन्नति में आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए, ताकि केवल अधिक आयु होने के कारण अनुभवी कार्यकर्ता अवसर से वंचित न हों।
4. वर्ष 2023 में वंचित पात्र कार्यकर्ताओं को न्याय दिया जाए।
वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा में शामिल होने के बावजूद आयु सीमा के कारण नियुक्ति/ज्वाइनिंग से वंचित किए गए पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों की पुनः समीक्षा की जाए तथा उन्हें न्यायोचित नियुक्ति/ज्वाइनिंग प्रदान करने पर विचार किया जाए।
5. पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले कार्यकर्ता पदों पर सहायिकाओं को पदोन्नति दी जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद रिक्त होने वाले कार्यकर्ता पदों पर पात्र एवं अनुभवी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को पदोन्नति देकर कार्यकर्ता बनाए जाने की व्यवस्था की जाए।
6. रिक्त सहायिका पदों पर आवश्यकता अनुसार नई नियुक्तियां की जाएं।
सहायिकाओं के कार्यकर्ता पद पर पदोन्नत होने के बाद जो सहायिका पद रिक्त होंगे, उन पदों पर आवश्यकता के अनुसार नई नियुक्तियां की जाएं, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन एवं विभागीय कार्य प्रभावित न हो।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वे वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे में पदोन्नति एवं नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव, सेवाकाल और विभागीय योगदान को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।
कार्यकर्ताओं ने शासन से मांग की है कि उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायोचित निर्णय लिया जाए, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनके अनुभव और सेवा का उचित लाभ मिल सके तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी सुचारू रूप से जारी रहे।

