मनीष कौशिक
बरारमुंडी—शिवनाथ नदी के लगातार बढ़ते कटाव से गांव को शहर से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क पर मंडरा रहे खतरे के बीच बरारमुंडी के ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय खुद मोर्चा संभाल लिया ‘प्रणव श्रमदान से धरती का श्रृंगार’ अभियान के तहत प्रणव वेलफेयर फाउंडेशन सीजी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शिवनाथ नदी के किनारे सामूहिक श्रमदान कर 1.0160 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर 525 पौधे रोपे यह महज पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि नदी के कटाव से गांव की सड़क को बचाने, नदी तट को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करने की सामूहिक पहल बनकर सामने आया। अभियान में गांव के करीब 63 परिवारों के एक-एक सदस्य ने श्रमदान किया और लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाई।
*कटाव ने बढ़ाई चिंता, ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान*
शिवनाथ नदी के किनारे बसे बरारमुंडी में लगातार हो रहे कटाव से गांव की मुख्य सड़क के अस्तित्व पर खतरा बढ़ रहा है। सड़क क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने समस्या को गंभीरता से लिया और नदी तट पर हरित पट्टी विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए प्रणव वेलफेयर फाउंडेशन के मार्गदर्शन में ग्रामीणों ने श्रमदान अभियान शुरू किया।

*एक गांव, 63 परिवार और एक संकल्प*
इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनी ग्रामीणों की एकजुटता। करीब 63 परिवारों ने सामूहिक श्रमदान कर भूमि तैयार करने से लेकर पौधे लगाने तक में भागीदारी निभाई। ग्रामीणों ने स्पष्ट संदेश दिया कि पेड़ लगाना सिर्फ फोटो खिंचाने का अभियान नहीं, बल्कि उन्हें बचाना भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है।
*बेलपत्र से अर्जुन तक, 525 पौधों से सजेगा नदी किनारा*
श्रावण मास में आयोजित इस अभियान के दौरान 108 बेलपत्र, 100 अर्जुन, 150 आंवला सहित करंज, जामुन, अनार, बेहड़ा समेत कुल 525 पौधों का रोपण किया गया। पौधों का चयन नदी तट की हरियाली, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और भविष्य में ग्रामीणों को उपयोगी प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराने को ध्यान में रखकर किया गया।
*ग्राम पंचायत के प्रस्ताव से मिली पहल को मजबूती*
शासकीय भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रणव वेलफेयर फाउंडेशन की श्रीमती प्रतिभा साहू ने ग्रामीणों के साथ पहल की। ग्रामीणों को संगठित कर ग्राम पंचायत में पौधारोपण एवं भूमि के हरित विकास संबंधी प्रस्ताव पारित कराया गया, जिसके बाद अभियान को जमीन पर उतारा गया।
*वन विभाग ने बढ़ाया सहयोग का हाथ*
अभियान को सफल बनाने में जिला प्रशासन मोहला के वन विभाग का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को पौधे नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए। फाउंडेशन ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और ग्रामीण समुदाय की साझेदारी से ही पर्यावरण संरक्षण को स्थायी जनअभियान बनाया जा सकता है।
*ग्रामीणों की पहल बनी मिसाल*
कुमार साय साहू, सोहनलाल साहू, वेश कुमार साहू, नाथूराम साहू, खेमचंद साहू, छेरकू साहू, जीवराखन साहू, राजेश निषाद, श्रवण साहू, कपूर सिंह गजभिए, प्रीतम निषाद, रामचंद निषाद एवं पोखन साहू सहित अनेक ग्रामीणों ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
*100 से अधिक लोग बने अभियान के साक्षी*
पौधारोपण कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती कुसुम लता निषाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। ग्रामीणों, प्रणव वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों, स्थानीय पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों सहित 100 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान ग्रामीणों ने पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।
*‘पौधा लगाना शुरुआत, उसकी रक्षा असली जिम्मेदारी’*
प्रणव वेलफेयर फाउंडेशन की श्रीमती प्रतिभा साहू ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल पौधे लगाकर अभियान समाप्त करना नहीं है। स्थानीय समुदाय को साथ लेकर पर्यावरण संरक्षण, नदी-जलस्रोतों की सुरक्षा और हरित क्षेत्र के विकास को जनआंदोलन का रूप देना संस्था की प्राथमिकता है।बरारमुंडी के ग्रामीणों ने अपने श्रम से यह साबित कर दिया कि बदलाव के लिए हमेशा बड़ी सरकारी योजना की जरूरत नहीं होती, सामूहिक इच्छाशक्ति और श्रमदान भी बड़ा बदलाव ला सकता है। शिवनाथ के तट पर लगाए गए ये 525 पौधे आने वाले वर्षों में सिर्फ हरियाली नहीं देंगे, बल्कि गांव की सड़क, नदी तट और पर्यावरण की सुरक्षा की उम्मीद भी बनेंगे!

