शैक्षणिक गुणवत्ता एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर जोर, कोण्डे विद्यालय में सत्र 2026-27 की कार्ययोजना तैयार।
विद्यालय संचालन बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शत-प्रतिशत नामांकन और उत्कृष्ट परिणामों का लिया गया संकल्प।
दुर्गूकोंदल, 18 जून 2026। विकासखंड दुर्गूकोंदल अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोण्डे में सत्र 2026-27 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए विद्यालय संचालन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य श्री बाबूलाल कोमरे ने की। बैठक में नए शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रवेश उत्सव, शाला प्रवेश अभियान तथा शत-प्रतिशत नामांकन को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई। साथ ही विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बेहतर परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विद्यालय में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने, कक्षा-वार एवं विषय-वार शिक्षण योजना तैयार करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति पर सतत निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, यू-डाइस प्लस (UDISE+) में आवश्यक प्रविष्टियों के अद्यतन, प्रार्थना सभा के नियमित संचालन, मूल्यपरक शिक्षा, पुस्तकालय उपयोग तथा मावा मोदोल लाइब्रेरी के प्रभावी संचालन की समीक्षा भी की गई।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण को ध्यान में रखते हुए कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने तथा मासिक मूल्यांकन के माध्यम से उनकी शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करने पर सहमति बनी। विद्यालय स्वच्छता, हरित परिसर निर्माण तथा मध्यान्ह भोजन योजना के सुचारू संचालन की भी समीक्षा की गई।
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना रहा। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा, प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति (एनएमएमएस), नीट, जेईई तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने की रणनीति तैयार की गई।
प्राचार्य श्री बाबूलाल कोमरे ने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक विकास एवं भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी को समर्पण, अनुशासन एवं टीम भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
बैठक में विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा आगामी सत्र को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया।

