*प्राकृतिक खेती के प्रति जन-जागरूकता अभियान*,,,,,
,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,
बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,/प्राकृतिक खेती कर फसलों का रसायन मुक्त अधिक से अधिक उत्पादन करने हेतु भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार व उपसंचालक कृषि के मार्गदर्शन में बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के जैवारम, केसकुतुल, जांगला, नेलसनार, गुडसाकल,कोडोली, फूलगट्टा, कौशलनार, व मंगनार में चयनीत कृषकों व कृषि सखियों को तीन चरणों में प्रशिक्षित किया जाना है जिसके प्रथम चरण में 26 जून को ग्राम – केशकुतुल, व जैवारम में चयनित किसानो व कृषि सखियों तथा स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्राकृतिक खेती में उपयोग करने हेतु प्राकृतिक खाद- जीवामृत, घनजीवामृत बीज उपचार हेतु- बिजामृत कीटनाशक- निमास्त्र, ब्रह्मास्त्र बनाने व उसके फसलों में उपयोग का तरीका बताया गया। उपरोक्त सभी प्राकृतिक खाद व प्राकृतिक कीटनाशक ग्रामीण परिवेश में मिलने वाले वनस्पति जैसे करंज के पत्ते, नीम के पत्ते, धतूरा के पत्ते, अमरूद के पत्ते, पपीते के पत्ते, आंक के पत्ते, देसी गाय के ताजा गोबर, गोमूत्र, पेड़ के नीचे की मिट्टी, बेसन, व गुड़ से बनाए जाने की जानकारी विस्तृत रूप में प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से बताया गया। उपरोक्त प्रशिक्षण में ग्राम के सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधि गण तथा चयनित किसान,कृषि सखी कृषक मित्र,स्व सहायता समूह की महिलाएं तथा कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।






