*राजधानी में कवरेज करने गये पत्रकारो पर पिस्टल लहराया आरोपी गिरफ्तार।मुंडन कराकर सडको में निकाली रैली*

रायपुर:-
कहते है ये पिस्टल वाला नया छपरी डॉन है रायपुर का। नाम है “वसीम” टारगेट में मेरे जैसे पत्रकार हैं। कह रहा था गोली मार देगा, मार देना भाई वैसे भी क्या करेंगे हम लाेग जीकर, रिपोर्टिंग करने गए थे हम लोग रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में। वहां चाकूबाजी की वारदात में एक घायल को लाया गया था। ये पिस्टल वाले डॉन की बाउंसर एजेंसी है जो अस्पताल में रिपोर्टर्स को घुसने से रोकने को अधिकृत है, तो वही किया गया। रिपोटर्स ने कहा हम जनता से जुड़ा काम करने आए हैं, तो धकिया के पीटने लगे पिस्टल वाले डॉन के बाउंसर। सरकारी अस्पताल जहा गरीब आदमी जाता है इलाज करवाने वहां बाउंसर प्राइवेट गन मैन का क्या उपयोग है। यही उपयोग होता होगा शायद, खैर शहर के जिंदा पत्रकार अंबेडकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस भी पहुंची पुलिस ने पत्रकारों को कहा कि सब लोग बाहर रुकिए, हम लोग रुक गए। डॉन को रोका नहीं गया, हो सकता है पुलिस भी इससे डरती हो, खैर ये अंदर गया और वहां से मारपीट करने वाले बाउंसर को बाहर लाकर वीडियो बनाने लगा रिपोटर्स के खिलाफ, पिस्टल खुद लटकाए थे कह रहा था रिपोर्टर गुंडे हैं। फिर महिला सुरक्षाकर्मियों को बाहर निकालकर लाया, ध्यान रहे कि पुलिस वहीं है सब देख रही है। मेरा हाथ पकड़ा और महिला को टच करवाने लगा, गनीमत रही हमारे कैमरे सब रिकॉर्ड कर रहे थे। दो घंटा घक्का-मुक्की, बहस गालीयां सब चलता रहा। पुलिस मुस्तैदी से पत्रकारों को रोके हुए ही थी, डॉन को कुछ नहीं किया गया। समय बीत रहा था, इसके बाद नाराज पत्रकार बड़ी उम्मीद लेकर CM आवास के बाहर जाकर बैठ गए, तब अस्पताल के अधीक्षक आए उन्होंने माफी मांगी, SSP साब ने बताया कि डॉन और उसके राइट लेफ्ट हैंड बाउंसर को पकड़ लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि ऐसे लोगों को मिट़्टी में मिला देंगे।
पत्रकारों को मार देना आसान है न पब्लिक को फर्क पड़ता है न सरकारों को, कल को हम मेंसे कोई मर-मरा गया तो आप लोग IPL देखते रहिएगा, सड़क पर चलने से डरते रहिएगा, गंदगी करते रहिएगा, टैक्स चुराते रहिएगा, बिना मीडिया के देश में बेवकूफ बनते रहिएगा।






