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हर खबर पर नजर डौंडी-बालोद 49.70 लाख का स्टॉपडेम 2 साल से अधूरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल।

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डौंडी-बालोद 49.70 लाख का स्टॉपडेम 2 साल से अधूरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल

नाला की रेत, 8MM सरिया और 10 लाख से अधिक भुगतान का मामला, ग्रामीणों ने मांगी जांच

डौंडी। आदिवासी विकासखंड डौंडी के वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत सिंगोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में जल संरक्षण के लिए स्वीकृत 49 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बन रहा स्टॉपडेम कम रपटा निर्माण कार्य दो वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। मनरेगा एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के कन्वर्जेन्स से संचालित इस निर्माण कार्य की प्रगति बेहद धीमी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। उपलब्ध निर्माण स्थल में केवल दीवारें खड़ी दिखाई दे रही हैं, जबकि पूरा ढांचा अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।

गुणवत्ता पर गंभीर आरोप

ग्रामीण जागेश्वर ठाकुर, तुलाराम मडावी, अमित नेताम सहित अन्य लोगों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। उनके अनुसार दीवार निर्माण में 8 एमएम सरिया का उपयोग किया गया है तथा सरियों के बीच कहीं 1 फीट तो कहीं डेढ़ फीट तक की दूरी रखी गई है। साथ ही कंक्रीट मिश्रण के लिए नाले की रेत का उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पहली ही बारिश में संरचना को नुकसान पहुंच सकता है। उनका आरोप है कि सामग्री के उपयोग में मनमानी की जा रही है और निर्माण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।

भुगतान का खेल भी सवालों के घेरे में

आरईएस बालोद के कार्यपालन अभियंता जी. मार्कण्डेय के अनुसार जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से मनरेगा और आरईएस के 50-50 प्रतिशत कन्वर्जेन्स से यह कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण कार्य में विलंब हुआ है।

वहीं एसडीओ जेपी चंद्राकर ने बताया कि यह चेकडेम कम रपटा है तथा दीवार निर्माण के बाद स्लैब ढलाई की जानी है।

जानकारी के अनुसार अब तक सामग्री आपूर्तिकर्ता एजेंसी को लगभग 6 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है तथा 4 लाख रुपये का अतिरिक्त बिल लंबित है। वहीं मनरेगा मद से मजदूरी के नाम पर 4 लाख 11 हजार रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।

कलेक्टर से जांच की मांग

सरपंच श्रीमती कौशल्या ठाकुर सहित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी टीम द्वारा सरिया, सीमेंट और रेत की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए भुगतान की रिकवरी की जाए।

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✍️ आर. एल. कुलदीप

मो. 6267855263 / 9479083919

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