

राहुल भोई महासमुंद..
पैरा एथलेटिक्स में लक्की यादव को शहीद राजीव पांडेय पुरस्कार, सुखदेव और निखिल यादव को शहीद कौशल यादव पुरस्कार.
तीरंदाजी में चांदनी साहू को दो वर्षों की मुख्यमंत्री ट्रॉफी, महिला आरक्षक प्रियंका ठाकुर को मिला शहीद पंकज विक्रम सम्मान..
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में महासमुंद जिले के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। समारोह में जिले के पैरा एथलेटिक्स, तीरंदाजी और वुशु खेल से जुड़ी चार प्रतिभाओं को विभिन्न राज्य स्तरीय खेल सम्मान से नवाजा गया।
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के लिए प्रदेश के 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव सहित प्रदेश के अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
पैरा एथलेटिक्स में महासमुंद की तीन प्रतिभाओं का सम्मान..
महासमुंद जिले के फार्च्यून नेत्रहीन विद्यालय करमापटपर, बागबाहरा के तीन पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों लक्की यादव, सुखदेव और निखिल यादव को उनके शानदार खेल प्रदर्शन के लिए राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया गया।
लक्की यादव, पिता कुमार यादव को वर्ष 2025-26 के लिए शहीद राजीव पांडेय पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें अलंकरण फलक, प्रमाण पत्र के साथ 3 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। लक्की यादव ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया था। वहीं सुखदेव, पिता छत्रपाल को वर्ष 2024-25 के लिए शहीद कौशल यादव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें अलंकरण फलक, प्रमाण पत्र एवं 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सुखदेव ने 23वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप चेन्नई में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके अलावा बेंगलुरु में आयोजित 13वीं जूनियर नेशनल एवं सब जूनियर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप तथा गुजरात में आयोजित 12वीं जूनियर नेशनल एवं सब जूनियर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
निखिल यादव, पिता दाऊ लाल यादव को वर्ष 2025-26 के लिए शहीद कौशल यादव पुरस्कार प्रदान किया गया। निखिल को भी अलंकरण फलक, प्रमाण पत्र एवं 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। उन्होंने ग्वालियर में आयोजित 14वीं जूनियर नेशनल एवं सब जूनियर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया था।
तीरंदाजी में चांदनी साहू को दो वर्षों की मुख्यमंत्री ट्रॉफी…
महासमुंद की बेटी चांदनी साहू, पिता बलदेव साहू को तीरंदाजी की सीनियर महिला टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
चांदनी की इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों और तीरंदाजी से जुड़े खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही जिले की इस प्रतिभा ने महासमुंद को राज्य स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
महिला आरक्षक प्रियंका ठाकुर को शहीद पंकज विक्रम सम्मान..
महासमुंद जिले के थाना तुमगांव में पदस्थ महिला आरक्षक प्रियंका ठाकुर को भी उनके खेल क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शहीद पंकज विक्रम सम्मान वर्ष 2023-24 से सम्मानित किया गया। प्रियंका ठाकुर वर्ष 2016 से लगातार राष्ट्रीय सीनियर वुशु चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य को दो बार कांस्य पदक दिलाया है। खेल के साथ पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
खेल अलंकरण प्राप्त करने के बाद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने खिलाड़ियों एवं उनके परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जिले में खेल गतिविधियों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही जिले में खेल अकादमी खोले जाने के लिए प्रयास करने की बात कही।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे, निरंजन साहू, खिलाड़ियों के गुरुजन एवं पालक उपस्थित रहे।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर राज्य पैरा एथलेटिक्स संघ के सचिव डीकेश टंडन, जिला पैरा स्पोर्ट्स संघ के सचिव तोरण यादव एवं पदाधिकारियों सहित जिला तीरंदाजी संघ बागबाहरा के अध्यक्ष डॉ. विकास अग्रवाल, सचिव एवं एनआईएस तीरंदाजी प्रशिक्षक एवन कुमार साहू, अरविंद छाबड़ा, रिंकल बग्गा, सोमनाथ साहू तथा अन्य खेल संगठनों और खिलाड़ियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
महासमुंद के इन खिलाड़ियों की उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि प्रतिभा को सही मंच और अवसर मिले तो जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।




