चैतराई और मरका पंडूम के बाद ही होगा आम का सेवन, परंपरा के साथ प्रकृति का संगम,,क्षेत्र में फलों के राजा आम की फसल प्रचुर मात्रा में देखने को मिल रही है, जिससे किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह है।
दुर्गूकोंदल क्षेत्र में आम की बंपर पैदावार के संकेत, किसानों में उत्साह
चैतराई और मरका पंडूम के बाद ही होगा आम का सेवन, परंपरा के साथ प्रकृति का संगम
दुर्गूकोंदल:- इस वर्ष दुर्गूकोंदल क्षेत्र में फलों के राजा आम की फसल प्रचुर मात्रा में देखने को मिल रही है, जिससे किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह है। पेड़ों पर आम के बौर और फल अच्छी संख्या में दिखाई दे रहे हैं, जिससे बंपर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय जानकारों के अनुसार, इस बार मौसम ने आम की फसल का भरपूर साथ दिया है। तेज आंधी, तूफान, अंधड़ और असमय बारिश नहीं होने के कारण पेड़ों पर लगे बौर सुरक्षित रहे और फल बनने की प्रक्रिया बेहतर हुई। यदि आने वाले दिनों में भी मौसम अनुकूल बना रहता है, तो क्षेत्र में आम की रिकॉर्ड पैदावार देखने को मिल सकती है।
आदिवासी समाज के संरक्षक जगत राम दुग्गा ने बताया कि इस वर्ष आम की फसल विशेष रूप से अच्छी नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मौसम की अनुकूलता के कारण पेड़ों में फल प्रचुर मात्रा में लगे हैं और यह क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी फलों की उपलब्धता बढ़ेगी।
दुर्गूकोंदल क्षेत्र में आम का महत्व केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और परंपरागत रूप से भी बहुत विशेष है। आदिवासी समाज में आम के फल का सेवन सीधे पेड़ से तोड़कर नहीं किया जाता, बल्कि इसके लिए पारंपरिक नियमों का पालन किया जाता है।
यहां चैतराई पर्व मनाने के बाद और मरका पंडूम पर्व के आयोजन के पश्चात ही आम का सेवन शुरू किया जाता है। इस परंपरा के पीछे प्रकृति के प्रति सम्मान और आस्था की भावना निहित है। समाज के लोग पहले प्रकृति और अपनी आराध्य शक्तियों को अर्पण करते हैं, उसके बाद ही फलों का उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बार आम की भरपूर फसल से न केवल घरेलू उपयोग बढ़ेगा, बल्कि बाजार में भी इसकी अच्छी मांग रहेगी। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।कुल मिलाकर, अनुकूल मौसम और पारंपरिक मान्यताओं के बीच इस वर्ष दुर्गूकोंदल क्षेत्र में आम की बंपर पैदावार की संभावना ने लोगों के चेहरे पर खुशी ला दी है।

