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*ग्रामसभा की अनुमति बगैर ,न हो रामायण-महाभारत और यीशु का प्रचार*,,,,,,,,,*दीपक मरकाम की रिपोर्ट*

*ग्रामसभा की अनुमति बगैर ,न हो रामायण-महाभारत और यीशु का प्रचार*,,,,,,,,,*दीपक मरकाम की रिपोर्ट*

रायपुर:::::::सर्व आदिवासी समाज सोहन पोटाई धड़े के कार्यकारी अध्यक्ष बीएस रावटे और गोंडवाना गोंड महासभा के अध्यक्ष अकबर राम कोर्राम की अगुवाई में कई जिलों और आदिवासी समुदायों के पदाधिकारी राजभवन पहुंचे थे। इस दौरान समाज की ओर से राज्यपाल अनुसूईया उइके को एक मांगपत्र सौंपा गया।

इसमें कहा गया कि धर्मांतरण की वजह से बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के बीच वैचारिक मतभेद बढ़ रहा है। हिंदू समाज और ईसाई समाज द्वारा हिंदुओं का लगातार धर्मांतरण किया जा रहा है। यह आदिवासियों के हित में उचित नहीं है। राजभवन में अपनी बात रखते हुए कांकेर गोंडवाना समाज के अध्यक्ष मानक दरपट्टी ने कहा, बस्तर एक अजीब स्थिति से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा, नारायणपुर में धर्मांतरण के नाम पर जैसा वातावरण बना है वह किसी से छिपा नहीं है। धार्मिक उन्माद बढ़ रहा है। आदिवासी को ईसाई बनाने का काम हो चाहे हिंदू लोगों को आदिवासी को अपने पक्ष में करने की कोशिश, इन दोनों की वजह से वहां आदिवासी मर रहा है।

वहां बाहरी लोग जाकर आदिवासियों को अपने मत में डाइवर्ट करने की कोशिश में हैं। इसकी वजह से समाज का माहौल खराब हो रहा है। दरपट्टी ने कहा, राज्यपाल पांचवी अनुसूची प्रशासित क्षेत्रों की संरक्षक हैं। ऐसे में वे वहां स्थिति संभालें। उनकी मांग है, ग्राम सभा की अनुमति के बिना रामायण, महाभारत अथवा यीशु मसीह का प्रचार नहीं होना चाहिए।

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