*भोपालपटनम के मद्देड़ स्कूल में तबाही; घुटने भर पानी और टपकती छत ने रोकी पढ़ाई, अब पंचायत भवन में लगेंगे क्लास!*
बीजापुर,भोपाल पटनम, मद्देड़ 30 जुलाई 2026
बीजापुर जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार और झमाझम बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
इस भारी वर्षा का सबसे बुरा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
भोपालपटनम विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मद्देड़ स्थित बालक/बालिका प्राथमिक शाला मद्देड़ पूरी तरह से जलमग्न हो गया है, जिससे वहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
*घुटने तक भरा पानी, छतों से आफत का पानी*
*मौके पर ली गई तस्वीरें इस भयावह स्थिति को बयां करती हैं*
*स्कूल की बाउंड्री वॉल आधा हिस्सा पूरी तरह से पानी में डूब चुकी है*
स्कूल प्रांगण तो दूर, क्लासरूम और यहां तक कि भवन जितने भी रूम हैं सभी में घुटने तक पानी भर गया है।
तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि कैसे स्टाफ और अन्य लोग इस गंदे पानी के बीच खड़े रहने को मजबूर हैं।
पानी के स्तर ने स्कूल को एक छोटे तालाब में बदल दिया है।
भवन की स्थिति और भी दयनीय है, बारिश की वजह से पूरी छत टपक रही है।
स्कूल के किसी भी कमरे में खड़े होने लायक जगह नहीं बची है ,ऐसी स्थिति में बच्चों का बैठना और पढ़ाई करना पूरी तरह से असंभव हो गया है।
सुविधाओं की कमी और जर्जर भवन ने एक बार फिर शिक्षा विभाग के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है।
छात्रों की सुरक्षा पहले, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी (ABO) ने लिया त्वरित फैसला ।
*इस स्कूल में कुल 14 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं और एक शिक्षक /शिक्षिका कुल दो शिक्षक पदस्थ हैं*
उनकी सुरक्षा और पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी (ABO) वेंकटेश्वर दुदी ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने तत्काल फैसला लेते हुए शाला के संचालन को अस्थायी रूप से ग्राम पंचायत भवन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
उनके इस त्वरित प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित न हो।
निरीक्षण के समय मौजूद स्टाफ,निरीक्षण के दौरान मौके पर सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी (ABO) वेंकटेश्वर दुदी के साथ निम्नलिखित स्टाफ भी उपस्थित मिले:
शिक्षिका: पुप्पाल अनसूर्या ,रसोइया: सादन पल्ली अनसूर्या, राज श्री मोरला ,
इस गंभीर स्थिति ने एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में स्कूलों की बुनियादी संरचना की ओर ध्यान खींचा है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच, यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन कब तक इस स्कूल के भवन की मरम्मत और जल निकासी का स्थायी समाधान निकालता है, ताकि ये 14 बच्चे वापस अपने स्कूल में सुरक्षित माहौल में पढ़ सकें।

