
राहुल भोई महासमुंद..
राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को शहीद वीर नारायण सिंह कोडार डेम में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास करना, आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना और आम नागरिकों को बचाव एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।


मॉक ड्रिल का कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दिनेश रावटे के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ और नगर सेना की संयुक्त टीम ने बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
नाव और रस्सी के जरिए किया रेस्क्यू का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने नाव, मोटरबोट और रस्सियों की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीक का प्रदर्शन किया। तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब और रस्सी के माध्यम से सुरक्षित निकालने का अभ्यास भी कराया गया। मॉक ड्रिल के जरिए यह प्रदर्शित किया गया कि आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग किस तरह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई कर सकते हैं।
स्वास्थ्य से लेकर बिजली सुरक्षा तक विभागों ने दिखाई तैयारी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ के दौरान घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। पशुपालन विभाग ने बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
विद्युत विभाग ने बाढ़ के समय विद्युत आपूर्ति बंद करने तथा बिजली के खंभों और तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की। वहीं पीएचई विभाग ने सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
बाढ़ आने पर इन बातों का रखें ध्यान
मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को बताया गया कि बाढ़ आने की स्थिति में तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें तथा केवल सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। आवश्यकता पड़ने पर पानी को उबालकर पीने की सलाह दी गई।
प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आपदा प्रबंधन दल एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।

मॉक ड्रिल में अपर कलेक्टर रवि साहू, उप पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, एसडीएम अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह ध्रुव, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल सहित स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। अभ्यास के माध्यम से जिले में बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों और विभागों के बीच समन्वय को परखा गया।

