*राष्ट्र सेवा के साथ सेहत की अलख: CRPF की A/22 बटालियन ने संगमपल्ली में चलाया ‘फिट इंडिया’ अभियान, ग्रामीणों को दिया तंदुरुस्ती का संदेश*
बीजापुर मद्देड़, 17 अक्टूबर 2026
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने के साथ-साथ आम जनता के कल्याण और उनके स्वास्थ्य के प्रति भी पूरी तरह समर्पित हैं।
इसी कड़ी में, सीआरपीएफ की 22 वीं वाहिनी की ए/कंपनी के अधिकारियों और जवानों द्वारा बीजापुर जिले के संगमपल्ली क्षेत्र में एक विशेष और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यहाँ ‘फिट इंडिया’ अभियान के तहत ” फिटनेस को डोज आधा घंटा रोज ” कार्यक्रम चलाया गया ।
इस पहल का मुख्य मकसद सुदूर ग्रामीण अंचलों के लोगों को शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रेरित करना था।
युवाओं और बच्चों में दिखा भारी उत्साह
कार्यक्रम के दौरान संगमपल्ली के स्थानीय युवाओं और स्कूली बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
उनकी सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को बेहद सफल बना दिया ।
सीआरपीएफ जवानों के साथ कदम से कदम मिलाकर युवाओं और बच्चों ने लंबी दौड़ लगाई और विभिन्न शारीरिक व्यायाम किये ।
खेलकूद और फिटनेस के इस माहौल ने पूरे गांव में एक नया जोश भर दिया ।
जवानों ने दिए सेहत और खान-पान से जुड़े जरूरी टिप्स
व्यायाम और दौड़ के बाद, ए/22 बटालियन के सीआरपीएफ अधिकारियों ने उपस्थित युवाओं और ग्रामीणों को स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया ।
जवानों ने बल देकर निम्नलिखित बातों पर चर्चा की:
* नियमित व्यायाम: जीवन में रोजाना कसरत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी ।
* संतुलित आहार: शरीर को ऊर्जावान और मजबूत बनाए रखने के लिए पौष्टिक व संतुलित भोजन करने के लिए प्रेरित किया ।
* पर्याप्त पानी: शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की बात कही ।
* जंक फूड से बचाव: फास्ट फूड और अस्वस्थ खान-पान से दूर रहने की हिदायत दी, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं ।
सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच मजबूत हो रहे हैं प्रगाढ़ संबंध
इस अनूठी पहल में स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।
इस प्रकार के आयोजनों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, बल्कि सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच आपसी विश्वास, भाईचारा और मधुर संबंध भी और अधिक मजबूत हो रहे हैं ।
सीआरपीएफ का यह मानवीय चेहरा बस्तर अंचल में सुरक्षा के साथ-साथ सकारात्मक बदलाव की एक नई कहानी लिख रहा है ।

