मनीष कौशिक
मोहला–: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नगर के दुर्गा चौक में भक्ति, शक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिलेगा। मोहला मां दुर्गा सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित नवरात्रि महोत्सव को यादगार बनाने के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला तैयार की गई है। पंचमी के पावन अवसर पर जहां भव्य जस झांकी के माध्यम से माता रानी की महिमा का गुणगान होगा, वहीं षष्ठी एवं सप्तमी पर गरबा महोत्सव की धूम रहेगी। इन आयोजनों से पूरा दुर्गा चौक भक्तिमय वातावरण और उत्साह के रंगों से सराबोर होगा। नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत 19 अक्टूबर को सुबह 8 बजे विधि-विधान के साथ हवन-पूजन का आयोजन किया जाएगा। हवन के माध्यम से मां दुर्गा से नगर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की जाएगी। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे से भव्य भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु माता रानी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे के माध्यम से सेवा, समर्पण और सामूहिक सद्भाव का संदेश दिया जाएगा।वहीं,20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन अवसर पर रात्रि 8 बजे रावण वध का भव्य आयोजन किया जाएगा। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक इस आयोजन को लेकर नगरवासियों में विशेष उत्साह रहेगा। इसके पश्चात रात्रि 9 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कला, संस्कृति और मनोरंजन की रंगारंग प्रस्तुतियां महोत्सव की रौनक बढ़ाएंगी। मोहला मां दुर्गा सेवा संस्थान का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जस झांकी में गूंजते माता रानी के जयकारे, गरबा की लयबद्ध थाप, हवन की पवित्र आहुतियां, भंडारे की सेवा भावना और विजयादशमी पर रावण वध का आयोजन नवरात्रि महोत्सव को विशेष गरिमा प्रदान करेंगे।
मोहला मां दुर्गा सेवा संस्थान के अध्यक्ष कन्हैया सिंह राजपूत ने उक्त जानकारी देते हुए नगरवासियों, श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से सभी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में नगरवासियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी से माता रानी के इस पावन उत्सव में सहभागी बनकर धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान किया।
*जय माता दी! जय मां दुर्गा!*

