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*भाजपा के वादे का सच: पीएससी में सही-गलत एक समान, युवाओं का भविष्य दांव पर- विक्रम मंडावी *

*भाजपा के वादे का सच: पीएससी में सही-गलत एक समान, युवाओं का भविष्य दांव पर- विक्रम मंडावी *

 

 

*पीएससी और भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है- विक्रम मंडावी *

 

 

*सही-गलत उत्तर पर बराबर नंबर, कहीं गलत जवाब पर ज्यादा अंक; साक्षात्कार में 1:3 नियम का पालन नहीं- विक्रम मंडावी *

 

 

बीजापुर  16  सितम्बर 2026

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला मुख्यालय बीजापुर में प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस ने कि राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। विधायक विक्रम मंडावी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एक ही प्रश्न के सही और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को बराबर अंक दिए गए हैं, कुछ मामलों में गलत उत्तर लिखने वाले को सही उत्तर वाले से ज्यादा नंबर मिले हैं। आयोग साक्षात्कार में 1:3 के निर्धारित नियम का पालन भी नहीं कर रहा है। उन्होंने आगे कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने वादा किया था कि यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा आयोजित कराई जाएगी, लेकिन पिछले दो वर्षों से परीक्षाओं में गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही हैं।

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा वर्ष 2025 में पीएससी ने कुल 265 पद निकाले थे। मुख्य परीक्षा के बाद पदों की संख्या के तीन गुना, यानी 265 × 3 = 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। लेकिन मात्र 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू तक पहुंच सके। आयोग का तर्क है कि 187 बच्चे न्यूनतम अंक नहीं ला सके। उन्होंने आयोग से मांग की है कि वह साबित करे कि इन 187 अभ्यर्थियों ने न्यूनतम अंक नहीं प्राप्त किए। अभ्यर्थियों का दावा है कि उनका न्यूनतम अंक आया ही होगा। इसलिए आयोग साक्षात्कार से पहले सभी बच्चों की उत्तर-पुस्तिका उपलब्ध कराए।

विधायक विक्रम मंडावी ने 2024 की मुख्य परीक्षा की दो अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा, प्रश्न क्रमांक 5(i) में दोनों अभ्यर्थियों के उत्तर सही और समान थे, फिर भी एक छात्र को 2 में से 0 अंक और दूसरे को 2 में से 2 अंक दिए गए।

“भक्तिन माता राजिम” वाले प्रश्न में सही उत्तर लिखने वाले छात्र को 8 में से 3.5 अंक मिले, जबकि गलत उत्तर (कोण्डागांव व आदिवासी समाज की देवी) लिखने वाले को 1.5 अंक दिए गए। गलत उत्तर पर शून्य मिलना चाहिए था।

छत्तीसगढ़ में होमरूल लीग की स्थापना पर सही उत्तर लिखने वाले को 4 में से 2.5 अंक मिले। दूसरे छात्र ने वर्ष 1923 और स्वराज दल लिखा, जो पूरी तरह गलत था, फिर भी उसे भी 2.5 अंक दिए गए।

घरेलू हिंसा से व्यथित व्यक्ति वाले प्रश्न में गलत उत्तर (पुरुष) लिखने वाले को 2 में से 0.5 अंक मिले और सही उत्तर लिखने वाले को भी 0.5 अंक ही दिए गए।

बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण का दोनों ने सही उत्तर लिखा। एक को 2 में से 0.5 और दूसरे को 1.5 अंक मिले।

उन्होंने कहा कि सही और गलत उत्तर को बराबर नंबर देना मूल्यांकन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

विधायक विक्रम मंडावी का आरोप है कि 2024 में पीएससी अध्यक्ष रीता सांडिल्य के कार्यकाल में गड़बड़ी हुई थी और 2025 में भी उनकी अध्यक्षता में वही स्थिति बनी हुई है। 2024 में उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई। मूल्यांकनकर्ताओं के नाम और नंबर भी सार्वजनिक हो गए, जो भर्ती परीक्षा की गोपनीयता का उल्लंघन है। गोपनीयता भंग करने वालों को सजा देने के बजाय रीता सांडिल्य को कार्यकारी अध्यक्ष से प्रमोट कर अध्यक्ष बना दिया गया। विधायक विक्रम मंडावी कहा कि इन गड़बड़ियों को भारतीय जनता पार्टी और सरकार का संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य सेवा परीक्षा 2024 में भी मुख्य परीक्षा परिणाम के बाद साक्षात्कार के लिए 95 अभ्यर्थी कम लिए गए थे। उस समय भी 1:3 के नियम का पालन नहीं किया गया था।

विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार और आयोग से 1- मामले के निराकरण तक साक्षात्कार स्थगित किए जाने। 2- सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले सार्वजनिक की जाएं; ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कापियां सही जांची गई हैं। 3- इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों के अलावा शेष सभी की कापियां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। 4- मूल्यांकनकर्ताओं के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए जाएं तथा मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी किए जाएं। 5- सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए और साक्षात्कार के लिए 1:3 के नियम का पालन किए जाने, आदि मांगे की है।

विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर है। आयोग और सरकार को इन आरोपों का संतोषजनक जवाब देना चाहिए तथा परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाना चाहिए। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, आर. वेणुगोपाल राव, इम्तियाज खान, बेनहूर रावतिया, प्रवीण डोंगरे, पुरुषोत्तम सल्लूर, राजकुमार गुप्ता, गुड्डू कोरसा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

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