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स्कूल- स्वास्थ्य केंद्र की हालत बदहाल पढ़ाई और इलाज दोनों संकट में भोंगापाल गांव की चीख पहुंची कलेक्टर जनदर्शन*राजमन नाग

*स्कूल- स्वास्थ्य केंद्र की हालत बदहाल
पढ़ाई और इलाज दोनों संकट में भोंगापाल गांव की चीख पहुंची कलेक्टर जनदर्शन*
*राजमन नाग*

भोंगापाल के ग्रामीणों ने मंगलवार को सरपंच के नेतृत्व में कोडागांव में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर अपनी मूलभूत समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं। गांव के दर्जन से अधिक की संख्या जनदर्शन में शामिल हुए और शिक्षा, स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी से जुड़ी तीन प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा।

. *हाई स्कूल में शिक्षक नहीं, जर्जर भवन में पढ़ने मजबूर 70-75 बच्चे**
ग्रामीणों का कहना है कि भोंगापाल हाई स्कूल में पिछले लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी है। स्कूल में 70 से 75 बच्चे दर्ज हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि एक ही शिक्षक को 2-2 कक्षाएं एक साथ संभालनी पड़ती हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऊपर से स्कूल भवन भी जर्जर हालत में है। बारिश में छत से पानी टपकता है।
*मांग:* तुरंत 5-6 विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति और स्कूल भवन की मरम्मत या नया भवन स्वीकृत किया जाए।

*. उप स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ 2 स्टाफ, 5 गांवों की जिम्मेदारी*
भोंगापाल उप स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत भोंगापाल सहित कुल 5 गांव आते हैं। लेकिन केंद्र में केवल 2 स्टाफ पदस्थ हैं।
ग्रामीणों ने जनदर्शन में बताया कि टीकाकरण, प्रसव, शिविर के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र को बंद रखना पड़ता है दोनो स्वास्थ्य कार्यकर्ता पर पूरा भार होता है। आपातकाल में मरीजों को 20-25 किमी दूर जाना पड़ता है।
मांग: स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए और केंद्र में डॉक्टर की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

*3. बुद्धदेव पारा में नया आंगनबाड़ी केंद्र की मांग*
बुद्धदेव पारा में 30-35 बच्चे हैं, लेकिन यहां कोई आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है। बच्चों को आंगनबाड़ी के लिए 3 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। बरसात और गर्मी में छोटे बच्चे इतनी दूर नहीं जा पाते, जिससे पोषण आहार और प्री-स्कूल शिक्षा से वे वंचित रह जाते हैं।
मांग: बुद्धदेव पारा में नया आंगनबाड़ी केंद्र खोला जाए ताकि बच्चों को घर के पास ही सुविधा मिल सके।

*कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*
सरपंच ने कलेक्टर से कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़ेगा। कलेक्टर ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को 15 दिन में जांच कर प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य गांव के विकास की रीढ़ हैं। सरकार अगर समय रहते ध्यान नहीं देगी तो बच्चों का भविष्य और गांव की सेहत दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।

*जनदर्शन में मौजूद रहे*: सरपंच, रामसाय श्री नाग श्री भानू राम नाग श्री लक्ष्मण सिंह दीवान श्री दिनेश सोरी श्री फुलसिहं कोर्राम श्री रैनू राम सलाम श्री ,राजमन नाग श्री जयसिहं मण्डावी श्री पिसाडू कोर्राम, श्री सियाराम दुग्गा मौजूद रहे

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